Friday, March 6th, 2026

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चारधाम यात्रा-2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू

Monthly Archives: March 2026

चारधाम यात्रा-2026 के लिए ऑनलाइन पंजीकरण आज से शुरू

19 अप्रैल से शुरू होगी चारधाम यात्रा

देहरादून। उत्तराखंड में चारधाम यात्रा 2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। यात्रा के लिए ऑनलाइन पंजीकरण प्रक्रिया आज सुबह सात बजे से शुरू कर दी गई है। श्रद्धालु अब आधिकारिक वेबसाइट और मोबाइल ऐप के माध्यम से घर बैठे पंजीकरण कर सकेंगे।

राज्य सरकार के अनुसार चारधाम यात्रा पर आने वाले सभी श्रद्धालुओं के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य किया गया है। इसके तहत श्रद्धालुओं को यात्रा पर आने से पहले ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा, ताकि यात्रा को व्यवस्थित और सुरक्षित तरीके से संचालित किया जा सके।

इस वर्ष चारधाम यात्रा की शुरुआत 19 अप्रैल से होगी। सबसे पहले 19 अप्रैल को यमुनोत्री और गंगोत्री धाम के कपाट श्रद्धालुओं के लिए खोले जाएंगे। इसके बाद 22 अप्रैल को केदारनाथ धाम और 23 अप्रैल को बदरीनाथ धाम के कपाट खुलेंगे।

सरकार ने उन श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए ऑफलाइन पंजीकरण की व्यवस्था भी की है, जो ऑनलाइन पंजीकरण नहीं कर पा रहे हैं। ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया 17 अप्रैल से शुरू की जाएगी।

राज्य सरकार का कहना है कि चारधाम यात्रा को सुचारू और सुरक्षित बनाने के लिए पंजीकरण अनिवार्य किया गया है। इससे यात्रियों की संख्या का सही आकलन करने और व्यवस्थाओं को बेहतर ढंग से संचालित करने में मदद मिलेगी।


पशुलोक बैराज के निकट टापू पर फंसे युवक को एसडीआरएफ ने किया सकुशल रेस्क्यू

ऋषिकेश। ऋषिकेश में गंगा नदी के बीच बने टापू पर फंसे एक युवक को राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ) की टीम ने देर रात सफल रेस्क्यू अभियान चलाकर सुरक्षित बाहर निकाल लिया। युवक के सुरक्षित मिलने पर परिजनों और स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली।

मिली जानकारी के अनुसार 5 मार्च की रात ऋषिकेश कंट्रोल रूम से एसडीआरएफ पोस्ट ढालवाला को सूचना मिली कि पशुलोक बैराज के पास नदी के बीच बने एक टापू पर एक युवक फंसा हुआ है। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ पोस्ट ढालवाला से निरीक्षक कविंद्र सजवाण के नेतृत्व में रेस्क्यू टीम आवश्यक उपकरणों के साथ तत्काल मौके के लिए रवाना हो गई।

घटनास्थल पर पहुंचने के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने पशुलोक बैराज से कुनाऊ गांव की ओर करीब डेढ़ से दो किलोमीटर तक युवक की तलाश की, लेकिन उसका पता नहीं चल सका। इसके बाद एसडीआरएफ टीम ने तेज बहाव, अंधेरा और दुर्गम नदी तटों के बीच सघन सर्च अभियान शुरू किया।

लगातार प्रयास के बाद टीम ने कुनाऊ गांव से लगभग दो किलोमीटर आगे नदी के बीच बने एक टापू पर फंसे युवक का पता लगाया। कठिन परिस्थितियों के बावजूद एसडीआरएफ के जवानों ने जोखिम उठाते हुए युवक तक पहुंच बनाई और उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

रेस्क्यू किए गए युवक की पहचान आयुष ममगई (20) निवासी इंद्र नगर, ऋषिकेश के रूप में हुई है, जो बीटेक का छात्र है। एसडीआरएफ टीम ने युवक को सकुशल रेस्क्यू कर उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया।


श्री दरबार साहिब में संगतों का पहुंचना हुआ तेज, सजने लगा श्री झण्डे जी का मेला

देहरादून। आस्था, श्रद्धा और भक्ति के अद्भुत संगम के रूप में प्रसिद्ध श्री झण्डे जी मेले की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसके साथ ही श्री दरबार साहिब परिसर में आध्यात्मिक उल्लास का माहौल दिन-प्रतिदिन बढ़ता जा रहा है। देश-विदेश से बड़ी संख्या में संगतों के पहुंचने का क्रम भी तेज हो गया है, जिससे पूरा परिसर भक्ति भाव से सराबोर दिखाई दे रहा है।

गुरुवार को दरबार श्री गुरु राम राय जी महाराज के सज्जादे गद्दीनशीन श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज ने संगतों के साथ लंगर सेवा की। होली पर्व के बाद श्री दरबार साहिब की रौनक और बढ़ गई है। संगतों की बढ़ती संख्या के साथ ही मेले की चहल-पहल भी तेज होती जा रही है और पूरा वातावरण “श्री गुरु राम राय जी महाराज की जय जयकार” के जयकारों से गूंजने लगा है।

बाजार और झूलों की तैयारियां पूरी

श्री दरबार साहिब परिसर को इन दिनों विशेष रूप से सजाया जा रहा है। मेला बाजार में दुकानों की साज-सज्जा को अंतिम रूप दिया जा रहा है। वहीं मेले में लगने वाले आकर्षक झूले भी कारीगरों द्वारा लगभग तैयार कर लिए गए हैं। कुल मिलाकर श्री झण्डे जी मेले की रौनक अब साफ नजर आने लगी है।

कई राज्यों से पहुंच रहे श्रद्धालु

उत्तर प्रदेश, पंजाब, उत्तराखंड, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश और राजस्थान समेत देश के विभिन्न राज्यों से श्रद्धालु गुरुवार देर शाम तक श्री दरबार साहिब पहुंचते रहे। मेला प्रबंधन समिति के अनुसार पवित्र श्री झण्डे जी (ध्वज दण्ड) के दर्शन के लिए इस बार भी लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। यह ऐतिहासिक और आस्था का महापर्व 26 मार्च 2026 को रामनवमी के दिन संपन्न होगा।

मेले में सुरक्षा और चिकित्सा के विशेष इंतजाम

श्री झण्डा जी मेला आयोजन समिति द्वारा तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। संगतों के लिए लंगर हॉल में विशेष लंगर प्रसाद की व्यवस्था की गई है और इस समय तीन बड़े लंगर लगातार चल रहे हैं।

मेला अधिकारी विजय गुलाटी के अनुसार मेला स्थल पर सुरक्षा के लिए 42 सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। वहीं श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की टीम शुक्रवार से मेला अस्पताल में उपलब्ध रहेगी। श्रद्धालुओं के लिए निःशुल्क दवाइयों की व्यवस्था भी की गई है और दो एम्बुलेंस भी तैनात रहेंगी।

इसके अलावा अग्नि सुरक्षा के लिए 25 फायर एक्सटिंग्विशर लगाए गए हैं। मेला व्यवस्था को सुचारु रूप से चलाने के लिए 35 वर्दीधारी सुरक्षा गार्ड और लगभग 500 संगत स्वयंसेवक तैनात रहेंगे।

शुक्रवार को निकलेगी पवित्र ध्वज दण्ड की यात्रा

शुक्रवार 6 मार्च 2026 को एक महत्वपूर्ण धार्मिक परंपरा का निर्वहन किया जाएगा। एसजीआरआर पब्लिक स्कूल, बॉम्बे बाग से संगतें नए ध्वज दण्ड को अपने कंधों पर उठाकर श्री दरबार साहिब लेकर जाएंगी।

श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज की अगुवाई में सुबह 7:30 बजे संगतें एसजीआरआर पब्लिक स्कूल बॉम्बे बाग से प्रस्थान करेंगी। यह यात्रा टीएचडीसी चौक, श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल, पटेल नगर, लाल पुल चौक और मातावाला बाग मार्ग से होते हुए श्री दरबार साहिब पहुंचेगी।

इस दौरान पूरा मार्ग “श्री गुरु राम राय जी महाराज की जय जयकार” के जयकारों से गूंज उठेगा और श्रद्धालुओं की भक्ति का अद्भुत दृश्य देखने को मिलेगा।


टी20 विश्व कप 2026- भारत ने इंग्लैंड को हराकर फाइनल में बनाई जगह

लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप के फाइनल में पहुंची टीम इंडिया

नई दिल्ली। टी20 विश्व कप 2026 के सेमीफाइनल मुकाबले में भारतीय टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए इंग्लैंड को सात रन से हराकर फाइनल में जगह बना ली है। मुंबई के वानखेड़े स्टेडियम में गुरुवार को खेले गए इस रोमांचक मुकाबले में संजू सैमसन की विस्फोटक बल्लेबाजी और भारतीय गेंदबाजों के सधे हुए प्रदर्शन ने टीम इंडिया को यादगार जीत दिलाई।

टॉस जीतकर पहले गेंदबाजी करने उतरी इंग्लैंड की टीम के सामने भारत ने बड़ा लक्ष्य रखा। भारतीय टीम ने निर्धारित 20 ओवर में सात विकेट खोकर 253 रन बनाए। इस दौरान संजू सैमसन ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 89 रनों की तूफानी पारी खेली और टीम को मजबूत स्कोर तक पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई। उनके अलावा अन्य बल्लेबाजों ने भी तेज गति से रन बनाकर स्कोर को मजबूत बनाया।

254 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी इंग्लैंड की टीम ने भी कड़ी टक्कर दी। इंग्लैंड के बल्लेबाज जैकब बेथेल ने शानदार शतक जड़ते हुए 105 रन बनाए और टीम को जीत के करीब पहुंचाने की कोशिश की। हालांकि भारतीय गेंदबाजों ने निर्णायक क्षणों में विकेट लेकर मैच पर अपनी पकड़ बनाए रखी। निर्धारित 20 ओवर में इंग्लैंड की टीम सात विकेट पर 246 रन ही बना सकी और भारत ने यह मुकाबला सात रन से अपने नाम कर लिया।

भारतीय गेंदबाजी की बात करें तो हार्दिक पांड्या ने दो विकेट हासिल किए, जबकि अर्शदीप सिंह, जसप्रीत बुमराह, वरुण चक्रवर्ती और अक्षर पटेल को एक-एक विकेट मिला।

इस जीत के साथ ही भारतीय टीम लगातार दूसरी बार टी20 विश्व कप के फाइनल में पहुंच गई है। इससे पहले पाकिस्तान (2007, 2009) और श्रीलंका (2012, 2014) की टीमें लगातार दो बार फाइनल में पहुंच चुकी हैं। भारत अब 2024 और 2026 में लगातार दो बार फाइनल खेलने वाली दुनिया की तीसरी टीम बन गयी है।

टीम इंडिया अब 8 मार्च, रविवार को अहमदाबाद के नरेंद्र मोदी स्टेडियम में होने वाले फाइनल मुकाबले में न्यूजीलैंड का सामना करेगी। भारतीय टीम इस बार लगातार दूसरा टी20 विश्व कप खिताब जीतने के इरादे से मैदान में उतरेगी।

इसके साथ ही भारत चौथी बार टी20 विश्व कप का फाइनल खेलेगा। इससे पहले भारतीय टीम 2007, 2014 और 2024 में फाइनल में पहुंच चुकी है।

सेमीफाइनल मुकाबले में इंग्लैंड के जैकब बेथेल ने भी शानदार प्रदर्शन करते हुए 48 गेंदों में आठ चौकों और सात छक्कों की मदद से 105 रन बनाए। 218.75 के स्ट्राइक रेट से खेली गई इस पारी के साथ ही वह टी20 विश्व कप के नॉकआउट मुकाबलों में सबसे बड़ा स्कोर बनाने वाले बल्लेबाज बन गए हैं। इससे पहले न्यूजीलैंड के फिन एलन ने दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ सेमीफाइनल में नाबाद 100 रन की पारी खेली थी।


​भौगोलिक बाधाओं के कारण कोई भी पीड़ित महिला न्याय की मुख्यधारा से वंचित न रहे- कुसुम कंडवाल

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा समस्त जनपदों में शुरू होगा ‘महिला जनसुनवाई’ अभियान

​जन-सुनवाई में निर्भीक होकर प्रतिभाग करें मातृशक्ति, समस्याओं व लंबित प्रकरणों को आयोग के समक्ष करें प्रस्तुत : कुसुम कंडवाल

देहरादून। राष्ट्रीय महिला आयोग के अभियान “महिला आयोग आपके द्वार” के अंतर्गत अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस 2026 के अवसर पर उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा महिलाओं के सशक्तिकरण और उनके अधिकारों के संरक्षण हेतु वृहद प्रदेशव्यापी अभियान का आयोजन किया जा रहा है। आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि आगामी 09 मार्च 2026 से 13 मार्च 2026 के मध्य प्रदेश के सभी 13 जनपदों में ‘महिला जनसुनवाई’ कार्यक्रमों का विशेष आयोजन सुनिश्चित किया गया है।

​इस महत्वपूर्ण अभियान के विषय में जानकारी साझा करते हुए अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि, “हमारा संकल्प प्रदेश की प्रत्येक महिला को सुरक्षित और गरिमापूर्ण वातावरण प्रदान करना है। अक्सर भौगोलिक बाधाओं के कारण ग्रामीण क्षेत्रों की बहनें मुख्यालय तक नहीं पहुँच पातीं, इसलिए आयोग स्वयं उनके द्वार तक पहुँचकर उन्हें त्वरित न्याय दिलाने का प्रयास कर रहा है। महिला आयोग हर उस महिला के साथ मजबूती से खड़ा है जो अपने सम्मान के लिए आवाज उठाना चाहती है। हमारा उद्देश्य है कि कोई भी पीड़ित महिला न्याय की मुख्यधारा से वंचित न रहे।”

कुसुम कंडवाल ने विशेष रूप से स्पष्ट किया कि इस जनसुनवाई का उद्देश्य केवल नई शिकायतों को प्राप्त करना ही नहीं है, बल्कि विभिन्न सरकारी विभागों में महिलाओं से संबंधित लंबित पड़े पुराने मामलों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा करना भी है।

​जनसुनवाई के दौरान संबंधित विभागों के अधिकारियों से जवाबदेही तय की जाएगी और यह सुनिश्चित किया जाएगा कि लंबे समय से अटके हुए प्रकरणों का प्राथमिकता के आधार पर निस्तारण हो। इसमें पुलिस, समाज कल्याण, स्वास्थ्य और राजस्व जैसे महत्वपूर्ण विभागों के साथ समन्वय कर लंबित मामलों की सुनवाई भी की जाएगी।

​आयोग द्वारा जारी प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार, जनसुनवाई की शुरुआत 09 मार्च से होगी, जिसमें आयोग की अध्यक्ष, उपाध्यक्ष एवं आयोग के सदस्यगण विभिन्न जनपदों में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर कार्यक्रमों की अध्यक्षता करेंगे। जनसुनवाई में घरेलू हिंसा, मानसिक, शारीरिक व दहेज उत्पीड़न/ हत्या, संपत्ति विवाद और कार्यस्थल पर मानसिक एवं यौन उत्पीड़न, मानव तस्करी, मातृत्व लाभ न मिलने वाले जैसे गंभीर विषयों पर प्राप्त शिकायतों को प्राथमिकता दी जाएगी। प्रत्येक जनपद में आयोजित होने वाली इन जनसुनवाई में जिलाधिकारी, पुलिस प्रशासन और विधिक सेवा प्राधिकरण के अधिकारी भी मौजूद रहेंगे, ताकि प्रकरणों पर तत्काल वैधानिक कार्यवाही सुनिश्चित की जा सके।

​अंत में अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने प्रदेश की समस्त महिलाओं से अपील की है कि वे निर्धारित तिथियों पर आयोजित होने वाली इन जनसुनवाई में निर्भीक होकर प्रतिभाग करें और अपनी समस्याओं व लंबित प्रकरणों को आयोग के समक्ष रखें।


अवैध निर्माणों पर एमडीडीए की सख्त कार्रवाई, दो व्यावसायिक निर्माण सील

नियम विरूद्व निर्माण कार्यों पर सख्त कार्रवाई जारी रहेगी – बंशीधर तिवारी

देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) द्वारा प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई जारी रखते हुए दो स्थानों पर सीलिंग की कार्रवाई की गई। प्राधिकरण की टीम ने निर्धारित मानकों और स्वीकृत मानचित्रों का उल्लंघन कर किए जा रहे व्यवसायिक निर्माणों पर कार्रवाई करते हुए उन्हें सील कर दिया।

प्राधिकरण से प्राप्त जानकारी के अनुसार मै0 के0एस0 फर्नीचर हाउस, श्रीराम टावर्स, बंजारावाला रोड, निकट वृंदा गार्डन, देहरादून में बिना स्वीकृति के किए जा रहे व्यवसायिक निर्माण को चिन्हित किया गया था। संबंधित निर्माण प्राधिकरण के मानकों के विपरीत पाए जाने पर एमडीडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर उक्त परिसर को सील कर दिया।

इसी क्रम में गिरीश चन्द चौधरी द्वारा बैंक कॉलोनी, मोथरोवाला रोड, देहरादून में किए जा रहे अवैध व्यवसायिक निर्माण पर भी प्राधिकरण ने कार्रवाई की। जांच के दौरान पाया गया कि निर्माण कार्य बिना स्वीकृत मानचित्र के किया जा रहा था, जिसके बाद नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई करते हुए निर्माण को बंद करा दिया गया।

एमडीडीए द्वारा लगातार ऐसे निर्माणों की निगरानी की जा रही है जो प्राधिकरण के नियमानुसार स्वीकृत नहीं हैं। प्राधिकरण की टीम क्षेत्र में नियमित निरीक्षण कर रही है ताकि अनियमित और अवैध निर्माणों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके और शहर के सुव्यवस्थित विकास को सुनिश्चित किया जा सके। इस कार्रवाई के दौरान संयुक्त सचिव गौरव वटवाल के आदेशों के क्रम में प्राधिकरण की प्रवर्तन टीम मौके पर मौजूद रही। टीम में सहायक अभियंता निशांत कुकरेती, अवर अभियंता नेहा बर्थवाल और जयदीप राणा सहित सुपरवाइजर तथा पुलिस बल भी मौजूद रहा, जिनकी उपस्थिति में पूरी प्रक्रिया को नियमानुसार संपन्न कराया गया।

एमडीडीए ने स्पष्ट किया है कि प्राधिकरण क्षेत्र में बिना स्वीकृति के किसी भी प्रकार का निर्माण या भूमि उपयोग परिवर्तन नियमों के विरुद्ध है और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही नागरिकों से अपील की गई है कि किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य शुरू करने से पहले प्राधिकरण से स्वीकृत मानचित्र प्राप्त करना अनिवार्य रूप से सुनिश्चित करें, ताकि भविष्य में किसी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से बचा जा सके।

उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि देहरादून और आसपास के क्षेत्रों का नियोजित और व्यवस्थित विकास सुनिश्चित करना प्राधिकरण की प्राथमिक जिम्मेदारी है। इसके लिए लगातार निरीक्षण अभियान चलाया जा रहा है और जहां भी बिना स्वीकृति के निर्माण या नियमों का उल्लंघन पाया जा रहा है, वहां तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि भवन निर्माण से पहले प्राधिकरण से स्वीकृत मानचित्र अवश्य प्राप्त करें और निर्धारित मानकों का पालन करें, अन्यथा नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सचिव मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ प्रवर्तन अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि प्रवर्तन टीम नियमित रूप से क्षेत्र का निरीक्षण कर रही है और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सीलिंग, ध्वस्तीकरण सहित आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। नागरिकों से नियमों का पालन करने की अपील की गई है।


आंगनबाड़ी राशन में गड़बड़ी पर डीएम का बड़ा एक्शन, रुड़की के सेंट्रल गोदाम पर मारा छापा

आंगनबाड़ी राशन में एक्सपायरी और गुणवत्ता पर सवाल, गोदाम में मिले बाल श्रमिक

देहरादून। आंगनबाड़ी केंद्रों पर आपूर्ति की जा रही खाद्य सामग्री की खराब गुणवत्ता की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल ने बड़ा एक्शन लेते हुए रुड़की के माड़ी चौक स्थित सेंट्रल गोदाम पर छापेमारी की। यह गोदाम राज्य के गढ़वाल और कुमाऊं मंडल के आंगनबाड़ी केंद्रों को राशन सामग्री की आपूर्ति करता है।

निरीक्षण के दौरान कई गंभीर अनियमितताएं सामने आईं। गोदाम में खजूर और केले के चिप्स के पैकेटों पर मैन्युफैक्चरिंग और एक्सपायरी तिथि संदिग्ध पाई गई, जबकि कई पैकेटों पर इन तिथियों का कोई उल्लेख नहीं था। कई पैकेटों पर छपी हुई मैन्युफैक्चरिंग व एक्सपायरी तिथि के स्थान पर स्टैंप से तिथि अंकित मिली, जिससे सामग्री की गुणवत्ता पर संदेह उत्पन्न हुआ।

जांच में यह भी पाया गया कि दिसंबर और जनवरी माह के अंडे तथा अन्य खाद्य सामग्री मार्च माह में वितरित की जा रही थी। अंडों की गुणवत्ता भी संदिग्ध पाई गई। इसके अलावा गोदाम में तापमान बनाए रखने की कोई समुचित व्यवस्था नहीं मिली और गोदाम का संचालन भी निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया।

निरीक्षण के दौरान गोदाम में बाल श्रमिक काम करते हुए मिले, जिस पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी जताते हुए गोदाम स्वामी के विरुद्ध मुकदमा दर्ज करने के निर्देश दिए।

डीएम ने आंगनबाड़ी केंद्रों के लिए राशन लेकर टिहरी, उत्तरकाशी और डोईवाला जाने वाले वाहनों को मौके पर रुकवाकर सामग्री के सैंपल भी लिए। जांच में यह भी सामने आया कि गोदाम के रजिस्टर अद्यतन नहीं थे और आपूर्तिकर्ता द्वारा जारी गुणवत्ता प्रमाण पत्र भी उपलब्ध नहीं कराए गए।

छापेमारी के दौरान उप जिलाधिकारी सदर हरी गिरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी (बाल विकास) जितेंद्र कुमार, तहसीलदार सुरेंद्र देव तथा कानूनगो रुड़की संजय कुमार सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।

जिलाधिकारी ने कहा कि राज्य के नौनिहालों और धात्री महिलाओं के स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।


17 लाख से अधिक मरीजों ने कराया आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क उपचार- डाॅ. धन सिंह रावत

योजना के तहत निःशुल्क उपचार पर खर्च हो चुके हैं 3300 करोड़

देहरादून। सूबे में आयुष्मान योजना के अंतर्गत अबतक 17 लाख से अधिक मरीजों का मुफ्त इलाज किया जा चुका है। जिस पर राज्य सरकार द्वारा 3300 करोड़ रूपये से अधिक की धनराशि खर्च की जा चुकी है। प्रधानमंत्री वय वंदना योजना के तहत राज्य में 25 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के कार्ड बनाये गये हैं। उक्त योजना के तहत 11000 से अधिक वरिष्ठ नागरिकों द्वारा मुफ्त उपचार का लाभ उठाया गया है।

सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री डाॅ. धन सिंह रावत ने मीडिया को जारी बयान में बताया कि आम लोगों के स्वास्थ्य को लेकर राज्य सरकार संजीदा है। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य सेवाओं की आसान उपलब्धता के कारण अधिक से अधिक लोग विभिन्न स्वास्थ्य योजनाओं का लाभ उठा रहे हैं। यही वजह है कि राज्य में अबतक 17 लाख से अधिक मरीजों ने आयुष्मान योजना के तहत निःशुल्क उपचार कराया है, जिस पर सरकार ने 3300 करोड़ से अधिक की धनराशि खर्च कर दी है। उन्होंने बताया कि अल्मोड़ा जनपद में 57862 लाभार्थियों ने योजना के तहत मुफ्त उपचार कराया। इसी प्रकार बागेश्वर में 25133, चमोली 66005, चम्पावत 33274, देहरादून 418295, हरिद्वार 321509, नैनीताल 159242, पौड़ी 130701, पिथौरागढ़ 58786, रूद्रप्रयाग 39989, टिहरी 99191, ऊधमसिंह नगर 281995 तथा उत्तरकाशी में 55882 लाभार्थियों ने निःशुल्क उपचार कराया।

डाॅ. रावत ने बताया कि आयुष्मान योजना के अलावा राज्य व स्वायतशासी निकायों के कार्मिकों व पेंशनरों के लिये राज्य सरकार स्वास्थ्य योजना संचालित की जा रही है। जिसके अंतर्गत 4 लाख से अधिक लाभार्थियों ने कैशलेस उपचार का लाभ उठाया है। जिसमें 1.73 लाख लोगों ने आईपीडी व 2.31 लाख लोगों ने ओपीडी की कैशलेस सुविधाएं ली। उन्होंने बताया कि इस सुविधा पर सरकार द्वारा 641 करोड़ की धनराशि खर्च की जा चुकी है। विभागीय मंत्री ने बताया कि आयुष्मान योजना के तहत राज्य में 57 लाख जबकि एसजीएचएस के तहत 5 लाख से अधिक कार्ड बनाये जा चुके हैं। इसके अलावा 70 वर्ष या उससे अधिक आयु वर्ग के 25 हजार से अधिक वरिष्ठ नागरिकों के वय वंदना योजना के तहत कार्ड बनाये गये हैं। जिसके तहत 11000 लाभार्थियों ने मुफ्त उपचार का फायदा उठाया है। उक्त योजना पर सरकार ने करीब 30 करोड़ से अधिक की धनराशि व्यय की है।

डाॅ. रावत ने कहा कि आयुष्मान योजना के सूचीबद्ध अस्पतालों में सड़क दुर्घटना में घायल लोगों को भी निःशुल्क उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। दुर्घटना में घायलों के उपचार हेतु 1.50 लाख रुपये तक की कैशलेस सुविधा केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के सहयोग से दी जा रही है, जो पीड़ितों के लिए बड़ी राहत है।


देहरादून में ट्रैफिक व्यवस्था का एसएसपी ने लिया जायजा, प्रमुख चौराहों का किया निरीक्षण

यातायात के दबाव को कम करते हुए यातायात के सुगम संचालन हेतु अधीनस्थ अधिकारियों को दिए आवश्यक निर्देश

देहरादून। शहर में बढ़ते ट्रैफिक दबाव को देखते हुए गुरुवार को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने प्रमुख चौराहों और व्यस्त मार्गों का निरीक्षण कर यातायात व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान अधिकारियों को ट्रैफिक को सुचारू बनाने और अव्यवस्था दूर करने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने Rispana Chowk, Kargi Chowk और ISBT Dehradun सहित शहर के प्रमुख ट्रैफिक पॉइंट्स का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने इन स्थानों पर यातायात के बढ़ते दबाव को कम करने और वाहनों के सुचारू आवागमन के लिए अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के निर्देश दिए।

रिस्पना चौक पर निरीक्षण के दौरान पाया गया कि रिस्पना पुल के पास बने ऑटो स्टैंड और सामने बने डिवाइडर के कारण ट्रैफिक जाम की स्थिति बन रही है। इस पर एसएसपी ने संबंधित विभाग से समन्वय स्थापित कर डिवाइडर को थोड़ा पीछे करने के निर्देश दिए, ताकि सड़क चौड़ी होने से यातायात का दबाव कम किया जा सके।

आईएसबीटी क्षेत्र में निरीक्षण के दौरान अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सभी वाहनों को निर्धारित पार्किंग स्थलों पर ही खड़ा कराया जाए। सड़क किनारे नो-पार्किंग जोन में खड़े वाहनों को क्रेन के माध्यम से हटाने और सड़क पर सवारी उतारने-चढ़ाने वाली बसों व अन्य वाहनों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश भी दिए गए। साथ ही आईएसबीटी चौकी के बाहर खड़े सीज वाहनों के लिए अलग स्थान चिन्हित कर उन्हें वहां शिफ्ट करने के निर्देश दिए गए, जिससे क्षेत्र में यातायात सुचारू रूप से चल सके।

निरीक्षण के दौरान एसएसपी ने आईएसबीटी चौकी में पहुंचे शिकायतकर्ताओं से भी बातचीत कर उनकी समस्याएं सुनीं और संबंधित अधिकारियों को आमजन की शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ त्वरित कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

वहीं, कारगी चौक पर ट्रैफिक व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए चौक पर बने पुलिस बूथ को थोड़ा पीछे करने और सड़क पर अनावश्यक रूप से खड़े वाहनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों को खासतौर पर सड़क किनारे अवैध रूप से वाहन खड़ा कर ट्रैफिक बाधित करने वाले चालकों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई करने को कहा गया।

इस दौरान पुलिस अधीक्षक नगर, क्षेत्राधिकारी यातायात, संबंधित थाना प्रभारी और यातायात निरीक्षक भी मौके पर मौजूद रहे।


बिना सिम और इंटरनेट के मोबाइल-टीवी पर दिखेंगी फिल्में, ग्राफिक एरा और फ्रीस्ट्रीम के बीच एमओयू

नई ‘डायरेक्ट टू मोबाइल’ तकनीक से दूरदराज के छात्रों तक पहुंचेगी शिक्षा और मनोरंजन

देहरादून। बिना सिम और इंटरनेट के टीवी व मोबाइल पर फ़िल्में और मनोरंजन कार्यक्रम देखे जा सकेंगे। देश में इस नई टेक्नोलॉजी की शुरुआत करने वाली फ्रीस्ट्रीम के साथ ग्राफिक एरा ने एमओयू किया है। राज्य के शिक्षा व चिकित्सा मंत्री डॉ धन सिंह रावत ने इसे शिक्षा और मनोरंजन के क्षेत्र में एक बड़ी छलांग करार दिया है।

ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी में आज यह एमओयू किया गया। फ्रीस्ट्रीम ने आईआईटी कानपुर के स्टार्टअप के रूप में यह खोज की है। दुनिया में यह नई टेक्नोलॉजी है। इसके अंतर्गत डायरेक्ट टू मोबाइल तकनीक के माध्यम से फिल्में, मनोरंजन कार्यक्रम, शिक्षण सामग्री, पाठ्यक्रम और कौशल आधारित मॉड्यूल सीधा मोबाइल और टीवी पर देखे जा सकेंगे। दूरस्थ व इंटरनेट विहीन क्षेत्र के विद्यार्थियों को उच्च गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त हो सकेगी। साथ आई जैसी उभरती तकनीक के प्रति जागरूकता बढ़ाकर उन्हें भविष्य के लिए सक्षम बनाया जाएगा।

यह एमओयू राज्य के शिक्षा एवं चिकित्सा मंत्री डॉ धन सिंह रावत की मौजूदगी में किया गया। इस मौके पर डॉ धन सिंह रावत ने कहा कि यह पहल ग्रामीण और पर्वतीय क्षेत्रों में शिक्षा को सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। इसके माध्यम से शिक्षा हर छात्र तक पहुंचाई जा सकेगी। यह पहल मेक इन इंडिया को मजबूती देते हुए शिक्षा प्रणाली और मनोरंजन क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाएगी। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के इस सबसे बड़े विश्वविद्यालय ने अपनी शिक्षा की गुणवत्ता और सर्वाधिक प्लेसमेंट के कारण देश में अपनी अलग पहचान बनाई है। बिना इंटरनेट और सिम के टीवी और मोबाइल पर मनोरंजन व शिक्षाप्रद कार्यक्रम दिखाने की यह नई टेक्नोलॉजी उन छात्रों के लिए बहुत महत्वपूर्ण है जहां इंटरनेट की सुविधा नहीं है या डाटा पैक पर लोग खर्च नहीं कर सकते।

ग्राफिक एरा ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूशन के अध्यक्ष प्रो. डा. कमल घनशाला ने कहा कि भारत की बड़ी कंपनियां भी शोध कार्यों पर बहुत कम खर्च कर रही है, इससे देश को नहीं तकनीकी देने का कार्य प्रभावित हो रहा है। शोध कार्यों को बढ़ाने की उन्नति के लिए क्रांतिकारी हो सकता है। जो शोध और पेटेंट हो रहा है उन्हें व्यावसायिक उपयोग में लाना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि शोध से हम अपनी कमियों को पहचान कर शिक्षा के क्षेत्र में नवाचार लाकर विद्यार्थियों के लिए उज्जवल और सशक्त भविष्य का निर्माण कर सकते हैं।

ग्राफिक एरा की तरफ से एग्जीक्यूटिव काउंसिल के सदस्य और 5G टेक्नोलॉजी से जुड़े प्रख्यात वैज्ञानिक पराग नायक ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि डायरेक्ट टू मोबाइल तकनीक मोबाइल सिग्नल से बेहतर तकनीक साबित होगी और दूर दराज के विद्यार्थियों को शिक्षा से जोड़ने में अहम कड़ी बनेगी।

फ्रीस्ट्रीम की ओर से सीनियर एडवाइजर सी के जैन ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए। उन्होंने कहा कि इस पहल के माध्यम से लोगों को तकनीक से जुड़ने, बेहतर कंटेंट तक पहुंचे और शिक्षा व मनोरंजन के अवसर प्राप्त होंगे।

ब्रॉडकास्ट इंजीनियरिंग सोसाइटी ऑफ इंडिया के चेयरमैन सुनील ने कहा कि यह तकनीक सिम, डाटा और इंटरनेट पर निर्भर नहीं है। जिन क्षेत्रों में इंटरनेट की कनेक्टिविटी नहीं है यह उन क्षेत्रों के छात्रों को शिक्षा और मनोरंजन के साथ जोड़ने का माध्यम बनेगा। यह एक बड़ी ऐतिहासिक उपलब्धि है।

इस कार्यक्रम में ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी के प्रो. वाइस चांसलर डॉ संतोष एस सर्राफ, डीन इंटरनेशनल अफेयर्स डॉ डी. आर गंगोडकर, डीन इंटरनेशनल कोलैबोरेशन डॉ मांगेराम, डीन मैनेजमैंट डॉ विशाल सागर, विभिन्न विभागों के अध्यक्ष और पदाधिकारी शामिल हुए।


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