Tuesday, March 10th, 2026

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गैस संकट के बीच कमर्शियल सिलेंडरों की सामान्य सप्लाई पर रोक

Monthly Archives: March 2026

गैस संकट के बीच कमर्शियल सिलेंडरों की सामान्य सप्लाई पर रोक

होटल-ढाबों को फिलहाल नहीं मिलेंगे कमर्शियल गैस सिलेंडर

देहरादून। देहरादून में रसोई गैस की आपूर्ति प्रभावित होने से उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सप्लाई में आई रुकावट के कारण शहर में करीब दो दिन का बैकलॉग बन गया है। हालात को देखते हुए फिलहाल कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सामान्य सप्लाई अस्थायी रूप से रोक दी गई है, ताकि घरेलू उपभोक्ताओं और आवश्यक सेवाओं को प्राथमिकता दी जा सके।

जानकारी के मुताबिक गैस आपूर्ति में व्यवधान के चलते कई इलाकों में सिलेंडर की डिलीवरी समय पर नहीं हो पा रही है। इससे उपभोक्ताओं को अपने बुक किए गए सिलिंडरों के लिए इंतजार करना पड़ रहा है। वहीं गैस बुकिंग के लिए इस्तेमाल होने वाला नंबर भी सही तरीके से काम नहीं कर रहा है, जिससे लोगों की दिक्कतें और बढ़ गई हैं।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए गैस एजेंसियों को निर्देश दिए गए हैं कि कमर्शियल गैस सिलेंडरों की सप्लाई फिलहाल केवल आवश्यक सेवाओं तक सीमित रखी जाए। इसके तहत अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों को ही कमर्शियल सिलिंडर उपलब्ध कराए जाएंगे, ताकि जरूरी व्यवस्थाएं प्रभावित न हों।

इस निर्णय के चलते फिलहाल शहर के होटल, ढाबे और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को कमर्शियल गैस सिलिंडर नहीं मिल पाएंगे। इससे व्यापारियों और होटल कारोबारियों को परेशानी होने की संभावना जताई जा रही है।

गैस एजेंसियों से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सप्लाई व्यवस्था को सामान्य करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। जैसे ही बैकलॉग खत्म होगा, शहर में गैस की नियमित आपूर्ति फिर से शुरू कर दी जाएगी।

जिला पूर्ति अधिकारी केके अग्रवाल ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे घबराएं नहीं और अनावश्यक रूप से गैस सिलिंडर की बुकिंग न करें। उन्होंने भरोसा दिलाया कि अगले दो दिनों के भीतर सप्लाई व्यवस्था को सामान्य करने की कोशिश की जा रही है।


ट्रंप की ईरान को सख्त चेतावनी, तेल आपूर्ति रोकने पर होगी बड़ी कार्रवाई

पश्चिम एशिया में तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान को दी धमकी

वॉशिंगटन। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका ने ईरान को कड़ा संदेश दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने चेतावनी दी है कि यदि ईरान ने हॉर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाली वैश्विक तेल आपूर्ति को बाधित करने की कोशिश की, तो अमेरिका की प्रतिक्रिया बेहद कठोर होगी। उन्होंने कहा कि ऐसी किसी भी कार्रवाई का जवाब पहले से कहीं अधिक सख्ती के साथ दिया जाएगा।

सोशल मीडिया पर जारी अपने बयान में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि हॉर्मुज जलडमरूमध्य में तेल आपूर्ति को रोकने या बाधित करने की किसी भी कोशिश को अमेरिका बर्दाश्त नहीं करेगा। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि यदि ईरान ऐसा कदम उठाता है तो अमेरिका सैन्य कार्रवाई करने से पीछे नहीं हटेगा।

ट्रंप ने चेतावनी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ने पर अमेरिका ऐसे रणनीतिक ठिकानों को निशाना बना सकता है, जिनसे ईरान की सैन्य और रणनीतिक क्षमता को गंभीर नुकसान पहुंच सकता है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि वह उम्मीद करते हैं कि हालात इतने खराब नहीं होंगे और तनाव को टाला जा सकेगा।

वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अहम मार्ग

Strait of Hormuz को दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री तेल मार्गों में गिना जाता है। खाड़ी देशों से निर्यात होने वाले बड़े हिस्से का कच्चा तेल इसी रास्ते से अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचता है। ऐसे में यदि यहां किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न होती है तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा बाजार और तेल की कीमतों पर पड़ सकता है।

कई देशों की निर्भरता

ट्रंप ने अपने बयान में कहा कि इस समुद्री मार्ग की सुरक्षा केवल अमेरिका ही नहीं बल्कि उन सभी देशों के लिए महत्वपूर्ण है जो इस रास्ते से बड़े पैमाने पर तेल आयात करते हैं। इनमें एशिया की कई बड़ी अर्थव्यवस्थाएं भी शामिल हैं, जिनकी ऊर्जा जरूरतें काफी हद तक इसी मार्ग पर निर्भर करती हैं।

ऑपरेशन ‘मिडनाइट हैमर’ का भी जिक्र

अपने बयान में ट्रंप ने अमेरिका की ओर से चलाए गए कथित अभियान ‘मिडनाइट हैमर’ का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि इस कार्रवाई से ईरान के परमाणु कार्यक्रम को बड़ा झटका लगा है और इससे क्षेत्र में संभावित बड़े खतरे को टालने में मदद मिली है।

उन्होंने कहा कि अमेरिका क्षेत्र में स्थिरता बनाए रखने और वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को सुरक्षित रखने के लिए हर जरूरी कदम उठाने को तैयार है।


बीते चार साल में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण व पुननिर्माण किया गया- महाराज

प्रदेश में सात हजार किमी से अधिक सड़कें हुईं गड्डा मुक्त

गैरसैंण। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दूसरे कार्यकाल के बीते चार साल में प्रदेश में 819 पंचायत भवनों का निर्माण पुननिर्माण किया गया है। प्रदेश में पंचायत भवनों की संख्या 5867 है। इसमें से 1134 पंचायत भवन लंबे समय से जीर्णशीर्ण चल रहे थे। इसी क्रम में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने पंचायतीराज विभाग को अभियान चलाकर जीर्ण- शीर्ण भवनों का पुनर्निमाण करने के निर्देश दिए थे। इसके बाद गत चार वर्ष में विभाग ने 819 पंचायत भवनों का निर्माण- पुननिर्माण कर लिया है। शेष भवनों पर भी कार्य किया जा रहा है। मंगलवार को विभागीय मंत्री सतपाल महाराज ने विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान यह जानकारी सदन के सामने रखी।

7 हजार किमी से अधिक सड़कें गड्डा मुक्त
प्रदेश में लोकनिर्माण विभाग नवंबर के प्रथम सप्ताह तक सात हजार से अधिक किमी सडकों को गड्डा मुक्त कर चुका है। सदन में विभाग की ओर से प्रस्तुत जानकारी के अनुसार प्रदेश की सड़कों को गड्डा मुक्त करने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सख्त निर्देशों के क्रम में विभाग ने वर्ष 2025-26 में मानसून काल से पूर्व 3134 किमी लंबी सड़कों को गड्डा मुक्त किया। जबकि मानसून के बाद 10 नवंबर 2025 तक 4149.17 किमी लंबी सड़कों को गड्डा मुक्त किया। इस दौरान अकेले हरिद्वार जनपद में 313 किमी से अधिक लंबी सड़कों को गड्डामुक्त किया गया।

रोपवे परियोजनाओं पर काम तेज

प्रदेश में विभिन्न तीर्थ स्थलों को रोपवे से जोड़ने की प्रक्रिया गतिमान है। पर्यटन मंत्री ने मंगलवार को विधानसभा में बताया कि विभाग ने कद्दूखाल से सुरकंडा देवी मंदिर के लिए पीपीपी मोड़ में रोपवे का संचालन शुरु कर दिया है। इसके अलावा जनपद चम्पावत में ठुलीगाड़ से पूर्णागिरी रोपवे भी पीपीपी मोड में निर्माणाधीन है। साथ ही जनपद उत्तरकाशी में जानकी चट्टी से यमुनोत्री मंदिर तक के लिए भी रोपवे पीपीपी मोड में विकसित किया जा रहा है। साथ ही साथ गौरीकुंड से केदारनाथ धाम, गोविंदघाट से हेमकुंड साहिब के लिए भी रोपवे निर्माण की प्रक्रिया गतिमान है।


बदलती जीवनशैली और अनियमित खान-पान से बढ़ रहा किडनी रोग का खतरा, डॉक्टरों ने दी चेतावनी

हर साल मार्च महीने के दूसरे गुरुवार को विश्व किडनी दिवस मनाया जाता है। इस वर्ष यह दिन 12 मार्च को मनाया जाएगा। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को किडनी से जुड़ी बीमारियों के प्रति जागरूक करना और समय रहते बचाव के उपायों की जानकारी देना है। विशेषज्ञों के अनुसार बदलती जीवनशैली, अनियमित खान-पान और बढ़ते तनाव के कारण किडनी रोगों के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ रही है।

किडनी हमारे शरीर का बेहद महत्वपूर्ण अंग है, जो खून को फिल्टर करने के साथ-साथ शरीर से विषैले तत्वों को बाहर निकालने का काम करती है। कुशीनगर के चिकित्सक डॉ. रवि कुशवाहा बताते हैं कि किडनी शरीर के ‘नेचुरल फिल्टर’ की तरह काम करती है और इलेक्ट्रोलाइट्स के संतुलन को बनाए रखने में अहम भूमिका निभाती है।

डॉ. कुशवाहा के अनुसार अधिकतर लोग किडनी की सेहत को तब तक गंभीरता से नहीं लेते, जब तक इसकी कार्यक्षमता काफी हद तक प्रभावित नहीं हो जाती। किडनी से जुड़ी शुरुआती समस्याओं के लक्षण अक्सर सामान्य थकान, पाचन संबंधी परेशानी या शरीर में हल्की सूजन के रूप में दिखाई देते हैं, जिन्हें लोग नजरअंदाज कर देते हैं। उन्होंने बताया कि डायबिटीज और हाई ब्लड प्रेशर किडनी खराब होने के प्रमुख कारणों में शामिल हैं।

पानी और नमक के सेवन पर रखें नियंत्रण

डॉ. कुशवाहा का कहना है कि दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पीना किडनी को स्वस्थ रखने के लिए जरूरी है, क्योंकि इससे शरीर के टॉक्सिन्स बाहर निकलने में मदद मिलती है। हालांकि जरूरत से ज्यादा पानी पीना भी किडनी पर दबाव डाल सकता है। सामान्य रूप से एक व्यक्ति को दिनभर में लगभग 2.5 से 3 लीटर पानी पीना चाहिए। इसके अलावा नमक का अत्यधिक सेवन भी किडनी के लिए नुकसानदायक हो सकता है। डॉक्टरों के मुताबिक रोजाना करीब 5 ग्राम नमक का सेवन ही पर्याप्त माना जाता है।

बिना डॉक्टर की सलाह के दवाएं लेने से बचें

डॉ. कुशवाहा ने चेतावनी देते हुए कहा कि सिरदर्द या शरीर दर्द होने पर लोग अक्सर बिना सलाह के पेनकिलर दवाओं का सेवन कर लेते हैं, जो किडनी को नुकसान पहुंचा सकती हैं। इन दवाओं के अधिक और लगातार उपयोग से किडनी में रक्त प्रवाह प्रभावित होता है और ‘एक्यूट किडनी इंजरी’ का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए किसी भी दवा का सेवन डॉक्टर की सलाह के बिना नहीं करना चाहिए।

नियमित जांच और बीपी-शुगर पर रखें नियंत्रण

किडनी को स्वस्थ बनाए रखने के लिए नियमित जांच कराना भी जरूरी है। डॉ. रवि कुशवाहा के अनुसार हर साल कम से कम एक बार किडनी फंक्शन टेस्ट (KFT) और यूरिन टेस्ट जरूर कराना चाहिए, खासकर उन लोगों को जो डायबिटीज या हाई ब्लड प्रेशर से पीड़ित हैं।

इसके साथ ही नियमित व्यायाम, संतुलित आहार और वजन को नियंत्रित रखना भी किडनी की सेहत के लिए बेहद जरूरी है। विशेषज्ञों का कहना है कि स्वस्थ जीवनशैली अपनाकर किडनी से जुड़ी कई गंभीर बीमारियों से बचाव किया जा सकता है।

(साभार)


पौड़ी के जामलाखाल क्षेत्र में गुलदार के हमले से एक व्यक्ति की मौत

ग्रामीणों ने गुलदार को मारने की उठाई मांग

पौड़ी। पौड़ी जिले के जामलाखाल क्षेत्र में गुलदार के हमले से एक व्यक्ति की मौत के बाद इलाके में भय और आक्रोश का माहौल बन गया है। घटना के बाद ग्रामीणों में भारी दहशत फैल गई, वहीं गुस्साए लोगों ने वन विभाग और प्रशासन के कर्मचारियों को पंचायत घर में रोककर गुलदार को मारने की मांग उठाई है।

घर लौटते समय गुलदार ने किया हमला

जानकारी के अनुसार घटना सोमवार शाम की है। पौड़ी वन प्रभाग से सटे घुड़दौड़ी क्षेत्र के जामलाखाल निवासी 47 वर्षीय प्रकाश लाल इंटरलॉकिंग का काम करके शाम को अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान रास्ते में घात लगाए बैठे गुलदार ने उन पर हमला कर दिया और उन्हें अपना शिकार बना लिया।

सुबह खोजबीन में हुआ घटना का खुलासा

रात तक घर नहीं पहुंचने पर परिजनों और ग्रामीणों ने उनकी तलाश शुरू की। मंगलवार सुबह खोजबीन के दौरान पता चला कि गुलदार ने प्रकाश लाल को मार डाला है। इस दर्दनाक घटना की खबर फैलते ही पूरे गांव में दहशत का माहौल बन गया।

गुस्साए ग्रामीणों ने अधिकारियों को बनाया बंधक

घटना से नाराज ग्रामीणों ने तहसीलदार, पटवारी और वन विभाग के करीब 15 कर्मचारियों को पंचायत घर में रोक लिया। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में लगातार गुलदार की गतिविधियां बढ़ रही हैं, जिससे लोगों की जान को खतरा बना हुआ है। उन्होंने गुलदार को मारने या जल्द पकड़ने की मांग की है।


रणवीर सिंह की फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का नया पोस्टर जारी

निर्देशक आदित्य धर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ (धुरंधर 2) को लेकर दर्शकों में उत्साह बढ़ता जा रहा है। हाल ही में फिल्म का नया पोस्टर जारी किया गया है, जिसने रिलीज से पहले ही फैंस के बीच हलचल मचा दी है। पोस्टर में अभिनेता रणवीर सिंह के दो अलग-अलग लुक दिखाई दे रहे हैं, जिन्हें देखकर दर्शकों में फिल्म की कहानी को लेकर उत्सुकता और बढ़ गई है।

पोस्टर में दिखे रणवीर सिंह के दो दमदार किरदार

फिल्म के नए पोस्टर में रणवीर सिंह दो अलग-अलग किरदारों—जसकिरत सिंह रंगी और हमजा अली मजारी—के रूप में नजर आ रहे हैं। दोनों ही किरदारों में उनका अंदाज काफी अलग और प्रभावशाली दिख रहा है। पोस्टर के साथ एक रहस्यमयी संदेश भी साझा किया गया है, जिससे फिल्म को लेकर दर्शकों की दिलचस्पी और बढ़ गई है।

19 मार्च 2026 को होगी रिलीज

एक्शन और रोमांच से भरपूर यह फिल्म 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। फिल्म को हिंदी के साथ-साथ तेलुगु, तमिल, कन्नड़ और मलयालम भाषाओं में भी दुनियाभर के सिनेमाघरों में प्रदर्शित किया जाएगा।

ट्रेलर में दिखा दमदार एक्शन

फिल्म का ट्रेलर पहले ही जारी किया जा चुका है, जिसमें पहले भाग की तुलना में ज्यादा बड़ा और रोमांचक एक्शन देखने को मिल रहा है। कहानी में रणवीर सिंह एक भारतीय गुप्त जासूस की भूमिका निभा रहे हैं, जो दुश्मन देशों के खतरनाक अपराधियों और राजनीतिक गिरोहों के बीच घुसकर भारत के खिलाफ रची जा रही साजिशों को नाकाम करने की कोशिश करता है। बताया जा रहा है कि फिल्म की कहानी वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है और दूसरे भाग में पहले से ज्यादा ड्रामा और एक्शन देखने को मिलेगा।

कई दिग्गज कलाकार आएंगे नजर

फिल्म में रणवीर सिंह के अलावा संजय दत्त, अर्जुन रामपाल, आर. माधवन, सारा अर्जुन, राकेश बेदी, गौरव गेरा और दानिश पंडोर जैसे कलाकार भी अहम भूमिकाओं में दिखाई देंगे। दमदार स्टारकास्ट और एक्शन से भरपूर कहानी के कारण फिल्म को लेकर दर्शकों में खासा उत्साह देखने को मिल रहा है। अब सभी को 19 मार्च 2026 को इसके सिनेमाघरों में रिलीज होने का इंतजार है।

(साभार)


महिला सशक्तिकरण और सामाजिक सुरक्षा पर विशेष फोकस वाला बजट- रेखा आर्या

गैरसैंण। उत्तराखंड विधानसभा के भराड़ीसैंण स्थित भवन में चल रहे बजट सत्र के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने वित्तीय वर्ष 2026–27 का बजट सदन में पेश किया। करीब 1,11,703 करोड़ रुपये के इस बजट को प्रदेश के समग्र और संतुलित विकास की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने बजट का स्वागत करते हुए कहा कि सरकार ने महिलाओं, बच्चों और समाज के कमजोर वर्गों के कल्याण को प्राथमिकता दी है। उन्होंने कहा कि बजट में ‘सक्षम आंगनबाड़ी एवं पोषण 2.0’ के लिए 598 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है, वहीं मुख्यमंत्री महालक्ष्मी किट योजना, आंचल अमृत योजना और वात्सल्य योजना जैसी योजनाओं के लिए भी बजट में व्यवस्था की गई है।

रेखा आर्या ने कहा कि सामाजिक सुरक्षा पेंशन के लिए 1,327 करोड़ रुपये का प्रावधान सरकार की संवेदनशील सोच को दर्शाता है। इसके अलावा ग्रामीण विकास, सड़क निर्माण, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार, तकनीकी विकास और युवाओं के स्वरोजगार को बढ़ावा देने के लिए भी महत्वपूर्ण बजट प्रावधान किए गए हैं।


ऐतिहासिक और समावेशी बजट से प्रदेश के विकास को मिलेगी नई गति- कृषि मंत्री गणेश जोशी

देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं ग्राम्य विकास मंत्री गणेश जोशी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा गैरसैंण विधानसभा में वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए लगभग ₹1,11,703.21 करोड़ का ऐतिहासिक और समावेशी बजट प्रस्तुत करने पर मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों, युवाओं, किसानों (अन्नदाताओं) और नारीशक्ति के उत्थान के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है और प्रदेश के सतत विकास की दिशा में एक मजबूत कदम साबित होगा।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह बजट केवल एक वित्तीय दस्तावेज नहीं, बल्कि प्रदेश के प्रत्येक नागरिक की आशाओं और आकांक्षाओं का प्रतिबिंब है। उन्होंने कहा कि पिछले चार वर्षों में केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं का जो सकारात्मक प्रभाव धरातल पर दिखाई दे रहा है, यह बजट उन प्रयासों को और अधिक विस्तार देने का कार्य करेगा। साथ ही उन्होंने कहा कि यह बजट ‘विकसित भारत 2047’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।

उन्होंने कहा कि बजट में विकसित भारत रोजगार गारंटी एवं आजीविका मिशन (ग्रामीण) के तहत पारदर्शी और समयबद्ध भुगतान, परिसंपत्तियों के निर्माण तथा आजीविका से जुड़े कार्यों के माध्यम से स्थायी आय बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया गया है। इस योजना के अंतर्गत VB-GRAM G के लिए लगभग ₹705.25 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है। इसके अतिरिक्त ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत पूंजीगत मद में लगभग ₹1642.20 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

कृषि मंत्री जोशी ने कहा कि कृषि और उद्यान क्षेत्र को मजबूत बनाने के लिए बजट में कई महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। महक क्रांति योजना के लिए ₹10 करोड़, फसलों की सुरक्षा के लिए घेरबाड़ हेतु ₹20 करोड़, मिशन एप्पल के लिए ₹42 करोड़, उच्च मूल्य वाले फलों जैसे कीवी और ड्रेगन फ्रूट के उत्पादन को बढ़ावा देने के लिए ₹30.70 करोड़, राज्य में चाय विकास योजना के लिए ₹25.93 करोड़, सगंध पौधा केंद्र को अनुदान एवं सगंध पौधों के क्लस्टर विकास के लिए ₹24.75 करोड़, उद्यान बीमा योजना के लिए ₹40 करोड़ तथा मुख्यमंत्री राज्य कृषि विकास योजना के लिए ₹20 करोड़ का बजट प्रावधान किया गया है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने कहा कि यह बजट कृषि, ग्रामीण विकास और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा देने वाला बजट है, जिससे प्रदेश के किसानों, युवाओं और ग्रामीण क्षेत्रों के समग्र विकास को नई दिशा मिलेगी।


अवैध निर्माण पर एमडीडीए की बड़ी कार्रवाई, ऋषिकेश में बहुमंजिला भवन किया सील

स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप नहीं हो रहा था निर्माण, शिकायत के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर रोका काम

देहरादून। मसूरी–देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) ने अवैध निर्माण के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत ऋषिकेश में एक बहुमंजिला भवन को सील कर दिया। मनीराम मार्ग स्थित गली नंबर-10 में बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माण पर यह कार्रवाई की गई। प्राधिकरण को निर्माण की शिकायत मिलने के बाद अधिकारियों की टीम ने मौके पर पहुंचकर निरीक्षण किया और नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर तत्काल भवन को सील कर दिया।

जानकारी के अनुसार सरला अग्रवाल और रेनू गोयल द्वारा मनीराम मार्ग क्षेत्र में बहुमंजिला भवन का निर्माण कराया जा रहा था। प्राधिकरण को इस निर्माण के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई थी, जिसके बाद संबंधित अधिकारियों को मौके पर जांच के लिए भेजा गया। निरीक्षण के दौरान पाया गया कि भवन निर्माण न तो स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप था और न ही इसके लिए प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति ली गई थी। नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होने के बाद एमडीडीए की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए भवन को सील कर दिया और निर्माण कार्य पूरी तरह से रोक दिया गया। सीलिंग की कार्रवाई के दौरान भवन परिसर को बंद कर दिया गया और किसी भी प्रकार की गतिविधि पर रोक लगा दी गई। प्राधिकरण अधिकारियों का कहना है कि शहर में बिना अनुमति के हो रहे निर्माण न केवल शहरी नियोजन को प्रभावित करते हैं, बल्कि इससे यातायात, सुरक्षा और आधारभूत ढांचे पर भी अतिरिक्त दबाव पड़ता है। इसलिए ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई की जा रही है।

प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों की लगातार निगरानी की जा रही है। इसके लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया गया है, जो समय-समय पर विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण कर रही हैं। जहां भी बिना स्वीकृति या मानचित्र से अलग निर्माण की सूचना मिलती है, वहां तत्काल कार्रवाई की जाती है। प्राधिकरण का मानना है कि शहर के संतुलित और नियोजित विकास के लिए निर्माण नियमों का पालन करना बेहद जरूरी है। इस कार्रवाई के दौरान सहायक अभियंता अभिषेक भारद्वाज, अवर अभियंता पूनम सकलानी, अवर अभियंता अमित भारद्वाज, सुपरवाइजर तथा पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा। टीम ने पूरे क्षेत्र का निरीक्षण करने के बाद निर्माण स्थल को सील किया और संबंधित दस्तावेजी कार्रवाई भी पूरी की। प्राधिकरण का कहना है कि अवैध निर्माण के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।

उपाध्यक्ष एमडीडीए बंशीधर तिवारी का बयान
एमडीडीए के उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माण किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने कहा कि शहर के सुव्यवस्थित विकास और सुरक्षित शहरी ढांचे के लिए निर्माण नियमों का पालन अनिवार्य है। बिना स्वीकृत मानचित्र के बहुमंजिला भवनों का निर्माण गंभीर उल्लंघन है और प्राधिकरण इस पर लगातार निगरानी बनाए हुए है। ऋषिकेश में की गई सीलिंग कार्रवाई इसी दिशा में उठाया गया कदम है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नियमों के विपरीत निर्माण करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और आवश्यकता पड़ने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई भी की जा सकती है।

सचिव एमडीडीए मोहन सिंह बर्निया का बयान
एमडीडीए के सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि प्राधिकरण क्षेत्र में अवैध निर्माणों के खिलाफ नियमित अभियान चलाया जा रहा है। ऋषिकेश के मनीराम मार्ग में बिना अनुमति बहुमंजिला भवन का निर्माण किया जा रहा था, जिस पर नियमानुसार सीलिंग की कार्रवाई की गई है। उन्होंने कहा कि निरीक्षण टीमें लगातार क्षेत्र का भ्रमण कर रही हैं और जहां भी नियमों का उल्लंघन सामने आता है, वहां तुरंत कार्रवाई की जाती है। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी निर्माण से पहले प्राधिकरण से आवश्यक अनुमति अवश्य लें।


कृषि विभाग में अनियमितताओं के प्रकरण में कृषि मंत्री गणेश जोशी ने दिए जांच के आदेश

देहरादून। प्रदेश के कृषि एवं कृषक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने विगत दिनों दैनिक समाचार पत्रों में प्रकाशित समाचारों का गंभीरता से संज्ञान लिया है, जिनमें कृषि विभाग के अंतर्गत निर्धारित कानूनों का पालन न किए जाने तथा इससे किसानों, आमजन, पर्यावरण और जनस्वास्थ्य को खतरा उत्पन्न होने की बात कही गई है।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने प्रकाशित समाचार के अनुसार विभाग द्वारा नियमों के विरुद्ध अपात्र व्यक्तियों एवं फर्मों को पेस्ट कंट्रोल के लाइसेंस जारी करने तथा कुछ दुकानों पर प्रतिबंधित कीटनाशकों की अवैध बिक्री किए जाने के प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए उन्होंने विभागीय सचिव को पूरे प्रकरण की विस्तृत जांच करने के निर्देश दिए हैं।

कृषि मंत्री गणेश जोशी ने स्पष्ट किया कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर शीघ्र रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए और यदि किसी भी स्तर पर दोषी पाए जाते हैं तो उनके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार किसानों के हितों की सुरक्षा, पर्यावरण संरक्षण तथा जनस्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता देती है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।


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