Monday, March 23rd, 2026

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पूरा हो रहा देवभूमि का गौरव पुनर्स्थापित करने का संकल्प- सीएम धामी

Monthly Archives: March 2026

पूरा हो रहा देवभूमि का गौरव पुनर्स्थापित करने का संकल्प- सीएम धामी

सरकार के चार वर्ष पूरे होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम में बोले सीएम पुष्कर सिंह धामी

विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास, लोकार्पण के साथ ही विकास प्रदर्शनी का भी किया अवलोकन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सरकार के चार वर्ष पूरा होने पर परेड ग्राउंड में आयोजित 4 साल बेमिसाल कार्यक्रम को संबोधित किया। इस मौके पर उन्होने विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण एवं शिलान्यास भी किया।

मुख्यमंत्री ने प्रदेशवासियों को नवरात्र की शुभकामनाओं देने के साथ अपनी बात रखते हुए कहा कि आज से चार वर्ष पूर्व प्रदेश की जनता ने सभी मिथकों तोड़कर, उन्हें पुन: राज्य की सेवा का अवसर प्रदान किया था। इसके बाद इसी मैदान में शपथ ग्रहण के दौरान उन्होंने राज्य आंदोलनकारियों के सपनों के अनुसार देवभूमि के गौरव को पुनर्स्थापित करने का संकल्प लिया था। अब चार साल के बाद वो गर्व से कह सकते हैं कि वो संकल्प तेजी से सिद्धि की ओर बढ़ रहा है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्ष 2021 में बाबा केदारनाथ की दिव्य धरा से कहा था कि “21वीं सदी का तीसरा दशक उत्तराखंड का दशक होगा। इसलिए प्रदेश सरकार प्रधानमंत्री के मुख से निकले इन शिवोमयी शब्दों को चरितार्थ करने के संकल्प को लेकर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री जी के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार ने बीते चार वर्षों में जहां सड़क, शिक्षा, स्वास्थ्य, रेल एवं हवाई कनेक्टिविटी को मजबूत कर नागरिकों के जीवन स्तर को ऊँचा उठाने का प्रयास किया है। वहीं, विभिन्न नीतियों और योजनाओं के माध्यम से प्रदेश के समग्र विकास का विजन प्रस्तुत किया है। इन्हीं प्रयासों से बीते चार वर्षों में राज्य ऐसी कई ऐतिहासिक उपलब्धियों का साक्षी बना है जो किसी भी छोटे राज्य के लिए असंभव समझी जाती थीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पहली बार राज्य में जी-20 जैसे वैश्विक सम्मेलन की बैठकों का सफल आयोजन किया गया, वहीं राष्ट्रीय खेलों का भी भव्य आयोजन किया गया। इतना ही नहीं, पहली बार उत्तराखंड में ग्लोबल इन्वेस्टमेंट समिट का आयोजन किया गया, जिसमें 3.76 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश प्रस्ताव प्राप्त हुए, जिसमें से 1 लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश को धरातल पर उतारा जा चुका है।

रखी सरकार की प्रगति रिपोर्ट
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि बीते चार साल में राज्य की आर्थिकी में डेढ़ गुना से अधिक की वृद्धि हुई है और बीते एक वर्ष में राज्य की जीएसडीपी में 7.23 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई, साथ ही प्रतिव्यक्ति आय में भी 41 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। इस दौरान राज्य में 20 हजार से अधिक नए उद्योग स्थापित हुए हैं, वहीं स्टार्टअप की संख्या 7 सौ से बढ़कर साढ़े 17 सौ हो गई है। यही नहीं इस दौरान 2 लाख 65 हजार से अधिक माताएं-बहनें लखपति दीदी बनी हैं। राज्य सरकार के सतत प्रयासों से रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की है।

केंद्र ने भी सराहा
मुख्यमंत्री ने कहा कि नीति आयोग द्वारा जारी वर्ष 2023-24 के सतत् विकास लक्ष्य इंडेक्स में उत्तराखंड को प्रथम स्थान प्राप्त होने से राज्य सरकार के प्रयासों पर मुहर लगी है। ईज ऑफ डूइंग बिजनेस में भी उत्तराखंड को एचीवर्स तथा स्टार्टअप रैंकिंग में लीडर्स की श्रेणी भी प्राप्त हुई है। नीति आयोग द्वारा जारी इंडिया इनोवेशन इंडेक्स रिपोर्ट में हिमालयी राज्यों की श्रेणी में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ। बीते चार वर्षों से लगातार देश में “मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट” होने का गौरव प्राप्त हो रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड को नेशनल लॉजिस्टिक्स इंडेक्स, स्टेट स्टार्टअप इकोसिस्टम, स्टेट एनर्जी एंड ग्रीन इंडेक्स जैसे कई राष्ट्रीय सूचकांकों में भी विभिन्न पुरुस्कार प्राप्त हुए हैं। राज्य को खनन क्षेत्र में किए गए सुधारों के लिए केंद्र सरकार द्वारा जारी “राज्य खनन तत्परता सूचकांक’’ में देशभर में दूसरा स्थान प्राप्त हुआ है, साथ ही, इसके लिए राज्य को 200 करोड़ रुपये का पुरस्कार भी प्रदान किया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा लिए गए सख्त और पारदर्शी निर्णयों का ही परिणाम है कि आबकारी और खनन जैसे विभागों से राज्य को पहले की तुलना में कई गुना अधिक राजस्व प्राप्त हो रहा है।

नई कार्य संस्कृति विकसित
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि प्रदेश सरकार देहरादून को एक आधुनिक और विकसित शहर बनाने के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रहे हैं। आज देहरादून में लगभग 14 सौ करोड़ रुपये से अधिक लागत की विभिन्न विकास परियोजनाओं पर काम कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकारों के समय केवल घोषणाएं होती थी, तब केंद्र से भेजा गए 1 रुपए में से 15 पैसे ही लोगों तक पहुंच पाते थे। परंतु आज प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में नई कार्य संस्कृति का सूत्रपात कर शासन व्यवस्था से दलालों और बिचौलियों का सफाया करने का काम किया। इसलिए आज प्रदेश सरकार जिस कार्य का शिलान्यास करती है उसे तय समय में पूर्ण कर उसका लोकार्पण भी करती है।

30 हजार युवाओं को मिली सरकारी नौकरी
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि पहले प्रदेश में नकल और पेपर लीक के कारण प्रतिभावान युवाओं के सपने चूर-चूर हो जाते थे। इसलिए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वालों पर अंकुश लगाने के लिए प्रदेश सरकार सख्त नकल विरोधी कानून लेकर आई। जिसके परिणामस्वरूप पिछले साढ़े 4 चार वर्षों में राज्य के 30 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी प्राप्त हुई है। आज 100 से अधिक नकल माफिया जेल की हवा खा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने कहा कि पूर्व में प्रदेश में भ्रष्टाचार के मामलों में केवल छोटी मछलियों पर ही कार्रवाई होती थी। लेकिन आज प्रदेश में बड़े आरोपियों को भी गिरफ्तार किया जा रहा है।

देवभूमि के देवत्व बचाने का प्रयास
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार देवभूमि के दैवत्व की रक्षा के लिए डेमोग्राफी को भी संरक्षित रखने का प्रयास कर रही है। इसके लिए जहां एक ओर प्रदेश में सख्त धर्मांतरण विरोधी और दंगा विरोधी कानूनों को लागू किया। उन्होने कहा कि प्रदेश सरकार ने सख्त कार्रवाई करते हुए 12 हजार एकड़ से अधिक की सरकारी भूमि को मुक्त कराया है। साथ ही छद्म भेष धारण कर लोगों को ठगने वालों के खिलाफ ऑपरेशन कालनेमि संचालित किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार ने समान नागरिक संहिता कानून लागू कर सभी धर्मों के नागरिकों के लिए एक समान कानून लागू किया है, जिसे देशभर के राष्ट्रवादी सोच के लोगों ने सराहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इसी वर्ष से जुलाई से उत्तराखंड में सभी मदरसों में सरकारी बोर्ड द्वारा मान्यता प्राप्त पाठ्यक्रम ही पढ़ाया जाएगा।

उपस्थिति
इससे पहले मुख्यमंत्री ने कनक चौक से कार्यक्रम स्थल तक रोड शो में प्रतिभाग किया, साथ ही विभिन्न विभागों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनियों का भी अवलोकन किया। समारोह में कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल, गणेश जोशी, खजान दास, राम सिंह कैडा, राज्य सभा सांसद नरेश बंसल, मेयर सौरथ थपलियाल, विधायक सहदेव पुंडीर, उमेश शर्मा काऊ, विनोद चमोली, सविता कपूर, मुन्ना सिंह चौहान, बृजभूषण गैरोला, मुख्य सचिव आनंद वदर्धन, पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ, प्रमुख सचिव डॉ आरके सुधांशु, श्री एल. फैनई,डॉ. आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव एसएन पांडेय और आयुक्त गढ़वाल विनय शंकर पांडेय, जिलाधिकारी देहरादून सविन बंसल उपस्थित रहे।


ईरान का बड़ा कदम, होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों से वसूलेगा 20 लाख डॉलर

अलाएद्दीन बोरोजेर्दी बोले—“युद्ध की एक कीमत होती है”

तेहरान। पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच ईरान ने बड़ा कदम उठाते हुए वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति के प्रमुख मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर भारी शुल्क लगाने का फैसला किया है। इस निर्णय से अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में नई हलचल तेज होने की आशंका है।

ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों पर करीब 20 लाख डॉलर (लगभग 18 करोड़ रुपये) का शुल्क लगाने की घोषणा की है। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरानी संसद की राष्ट्रीय सुरक्षा समिति से जुड़े अलाएद्दीन बोरोजेर्दी ने इस फैसले की पुष्टि करते हुए इसे देश की संप्रभुता और रणनीतिक ताकत का प्रतीक बताया है।

बोरोजेर्दी ने कहा कि मौजूदा हालात में इस तरह का कदम उठाना जरूरी है और “युद्ध की एक कीमत होती है”, इसलिए जहाजों से शुल्क वसूला जाएगा। यह बयान ऐसे समय आया है जब क्षेत्र में तनाव लगातार बढ़ रहा है और समुद्री मार्गों की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो रहे हैं।

इस बीच, डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को चेतावनी देते हुए होर्मुज मार्ग को पूरी तरह खोलने की बात कही है। उन्होंने कहा कि अगर ऐसा नहीं किया गया तो कड़ी कार्रवाई की जा सकती है। वहीं, ईरान की ओर से पहले यह कहा गया था कि यह रास्ता उसके विरोधियों को छोड़कर अन्य देशों के लिए खुला है, लेकिन अब शुल्क लगाने के फैसले ने स्थिति को और जटिल बना दिया है।

गौरतलब है कि होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे अहम समुद्री मार्गों में शामिल है, जहां से करीब 20 प्रतिशत वैश्विक तेल और गैस आपूर्ति गुजरती है। ऐसे में यहां किसी भी तरह की पाबंदी या अतिरिक्त शुल्क का सीधा असर अंतरराष्ट्रीय बाजार पर पड़ सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि अगर तनाव और बढ़ता है तो तेल की कीमतों में तेज उछाल आ सकता है और वैश्विक ऊर्जा संकट गहरा सकता है।


प्रोटीन शेक फायदेमंद या नुकसानदायक? जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

स्वस्थ शरीर के लिए संतुलित आहार बेहद जरूरी है और इसमें प्रोटीन की अहम भूमिका होती है। आजकल फिटनेस के प्रति बढ़ती जागरूकता के चलते लोग प्रोटीन शेक का ज्यादा इस्तेमाल करने लगे हैं, लेकिन क्या ये वास्तव में सेहत के लिए फायदेमंद हैं या नुकसानदायक—इसे समझना जरूरी है।

प्रोटीन शरीर के लिए जरूरी पोषक तत्वों में से एक है, जो मांसपेशियों के निर्माण, त्वचा और बालों की मजबूती के साथ-साथ एंजाइम और हार्मोन बनाने में मदद करता है। विशेषज्ञों के अनुसार, एक स्वस्थ व्यक्ति को अपने वजन के अनुसार रोजाना पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन लेना चाहिए। इसकी कमी से कमजोरी, मांसपेशियों में गिरावट और इम्युनिटी कमजोर होने जैसी समस्याएं हो सकती हैं।

फिटनेस और जिम करने वालों के बीच प्रोटीन शेक काफी लोकप्रिय हैं, क्योंकि ये मांसपेशियों की रिकवरी और ग्रोथ में मदद करते हैं। इसके अलावा, प्रोटीन लंबे समय तक पेट भरा होने का एहसास कराता है, जिससे वजन नियंत्रण में भी मदद मिल सकती है। साथ ही, यह शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत करने में भी सहायक होता है।

हालांकि, प्रोटीन शेक दो तरह के होते हैं—एक बाजार में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर और दूसरा घर पर बनाए गए प्राकृतिक शेक। आहार विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आपकी डाइट में दाल, दूध, अंडा, पनीर, सोया और नट्स जैसे स्रोत पर्याप्त हैं, तो अलग से प्रोटीन शेक लेने की जरूरत नहीं होती। वहीं, एथलीट या ज्यादा शारीरिक मेहनत करने वाले लोग डॉक्टर या डाइटिशियन की सलाह से इसका सेवन कर सकते हैं।

बाजार में मिलने वाले प्रोटीन पाउडर को लेकर कई चिंताएं भी सामने आई हैं। कुछ अध्ययनों में इनमें भारी धातुएं, केमिकल्स और हानिकारक तत्व पाए जाने की बात कही गई है। इसके अलावा, इनमें शुगर, आर्टिफिशियल फ्लेवर और प्रिजर्वेटिव्स भी होते हैं, जो पाचन से जुड़ी समस्याएं बढ़ा सकते हैं। जरूरत से ज्यादा प्रोटीन लेने से किडनी पर भी दबाव पड़ सकता है, खासकर उन लोगों के लिए जिन्हें पहले से कोई समस्या हो।

ऐसे में विशेषज्ञ प्राकृतिक स्रोतों से प्रोटीन लेना ज्यादा सुरक्षित मानते हैं। दूध, दही, पनीर, दालें, चना, राजमा, सोयाबीन और मूंगफली जैसे खाद्य पदार्थ बेहतर विकल्प हैं। घर पर भी हेल्दी प्रोटीन शेक तैयार किए जा सकते हैं, जिसमें दूध या दही के साथ फल, नट्स और बीज मिलाकर पोषण बढ़ाया जा सकता है।

कुल मिलाकर, प्रोटीन शेक का सेवन जरूरत और विशेषज्ञ की सलाह के अनुसार ही करना चाहिए, जबकि संतुलित और प्राकृतिक आहार को प्राथमिकता देना ही सेहत के लिए सबसे बेहतर विकल्प है।

(साभार)


पश्चिम एशिया संकट के बीच भारत को राहत, अमेरिका से मंगलूरू पहुंचा एलपीजी कार्गो जहाज

इससे एक दिन पहले ही रूसी तेल टैंकर एक्वा टाइटन एक लाख टन से अधिक क्रूड ऑयल लेकर मंगलूरू पहुंचा 

नई दिल्ली। पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच वैश्विक ऊर्जा संकट गहराता जा रहा है, लेकिन भारत ने अपनी रणनीतिक कूटनीति के दम पर राहत हासिल की है। अमेरिका और रूस से तेल और गैस की आपूर्ति देश की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती दे रही है।

पश्चिम एशिया में बढ़ते संकट और स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास हालात बिगड़ने से वैश्विक तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है। ऐसे में भारत ने अपनी ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने के लिए बड़े कदम उठाए हैं। अमेरिका से एलपीजी लेकर कार्गो जहाज ‘पिक्सिस पायनियर’ मंगलूरू बंदरगाह पहुंचा, जिससे देश में गैस आपूर्ति को राहत मिली है।

इससे एक दिन पहले ही रूसी तेल टैंकर एक्वा टाइटन एक लाख टन से अधिक क्रूड ऑयल लेकर मंगलूरू पहुंच चुका है। लगातार मिल रही इन आपूर्तियों से भारत की ऊर्जा जरूरतों को पूरा करने में मदद मिल रही है।

दरअसल, स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के आसपास कई जहाजों के फंसे होने से वैश्विक स्तर पर तेल सप्लाई प्रभावित हुई है। यह क्षेत्र अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की आपूर्ति का अहम मार्ग माना जाता है। सप्लाई बाधित होने से कच्चे तेल और एलपीजी की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।

इसी बीच मंगलूरू का रणनीतिक महत्व भी बढ़ गया है। यहां देश की सबसे बड़ी भूमिगत एलपीजी स्टोरेज सुविधा मौजूद है, जो आपात स्थिति में गैस भंडारण के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और रूस से मिल रही आपूर्ति भारत की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूत बनाए रखेगी।

कुल मिलाकर, वैश्विक संकट के बावजूद भारत अपनी कूटनीतिक सक्रियता और रणनीतिक तैयारियों के जरिए ऊर्जा आपूर्ति को संतुलित बनाए रखने में सफल होता दिख रहा है।


‘धुरंधर 2’ ने बॉक्स ऑफिस पर मचाया तहलका, चार दिन में पार किया 400 करोड़ का आंकड़ा

बॉक्स ऑफिस पर इन दिनों फिल्म धुरंधर 2 का जबरदस्त दबदबा देखने को मिल रहा है। वीकेंड का पूरा फायदा उठाते हुए फिल्म ने कमाई के नए कीर्तिमान स्थापित कर दिए हैं। महज चार दिनों में ही 400 करोड़ क्लब में शामिल होकर इसने कई बड़ी फिल्मों के रिकॉर्ड पीछे छोड़ दिए हैं।

फिल्म धुरंधर 2 ने रिलीज के बाद से ही शानदार ओपनिंग के साथ अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। पहले दिन 100 करोड़ से ज्यादा की कमाई के बाद फिल्म ने लगातार तीन दिनों तक शानदार प्रदर्शन किया। खास बात यह रही कि रविवार को फिल्म ने अपने अब तक के सबसे ज्यादा कलेक्शन के साथ नया रिकॉर्ड बनाया। चार दिनों में फिल्म की कुल कमाई 450 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है, जो इसे साल की सबसे बड़ी हिट फिल्मों में शामिल कर रही है।

इस फिल्म की सबसे बड़ी उपलब्धि यह है कि इसने बेहद कम समय में 400 करोड़ क्लब में एंट्री कर ली। इससे पहले पुष्पा 2, जवान, पठान और एनिमल जैसी फिल्मों को इस आंकड़े तक पहुंचने में ज्यादा समय लगा था। ऐसे में ‘धुरंधर 2’ ने तेजी से कमाई कर एक नया बेंचमार्क सेट कर दिया है।

वर्ल्डवाइड कलेक्शन की बात करें तो फिल्म को विदेशों में भी शानदार रिस्पॉन्स मिल रहा है। महज चार दिनों में फिल्म ने दुनियाभर में करीब 700 करोड़ रुपये की कमाई कर ली है और बॉर्डर 2 के लाइफटाइम कलेक्शन को भी पीछे छोड़ दिया है।

हालांकि, सिनेमाघरों में उस्ताद भगत सिंह भी रिलीज हुई है, लेकिन ‘धुरंधर 2’ के मुकाबले इसका प्रदर्शन फीका नजर आ रहा है। चौथे दिन इस फिल्म की कमाई में गिरावट देखी गई और इसका कुल कलेक्शन अभी 60 करोड़ रुपये के आसपास ही पहुंच पाया है।

कुल मिलाकर, ‘धुरंधर 2’ इस समय बॉक्स ऑफिस पर एकतरफा राज कर रही है और आने वाले दिनों में इसके कई और बड़े रिकॉर्ड तोड़ने की उम्मीद जताई जा रही है।

(साभार)


शहीद भगत सिंह, सुखदेव और राजगुरु का साहस और त्याग आने वाली पीढ़ियों को देता रहेगा प्रेरणा- सीएम

मुख्यमंत्री धामी ने अमर क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु के बलिदान दिवस पर किया उन्हें याद 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अमर क्रांतिकारी भगत सिंह, सुखदेव थापर और शिवराम राजगुरु के बलिदान दिवस पर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में कहा कि इन महान क्रांतिकारियों ने माँ भारती की स्वतंत्रता के लिए अपने प्राणों की आहुति दी, जिसे देश कभी भुला नहीं सकता। उन्होंने कहा कि इन वीरों का साहस, त्याग और राष्ट्र के प्रति समर्पण आने वाली पीढ़ियों को सदैव देशभक्ति, कर्तव्यनिष्ठा और बलिदान की प्रेरणा देता रहेगा।


शाहिद कपूर की ‘ओ रोमियो’ ओटीटी पर दस्तक देने के लिए तैयार, इस प्लेटफ़ॉर्म पर होगी स्ट्रीम

शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी की फिल्म ओ रोमियो अब सिनेमाघरों के बाद डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दस्तक देने के लिए तैयार है। थिएटर में रिलीज के बाद इस फिल्म की ओटीटी रिलीज का बेसब्री से इंतजार कर रहे दर्शकों के लिए राहत भरी खबर सामने आई है। निर्देशक विशाल भारद्वाज की यह क्राइम-रोमांस फिल्म जल्द ही ऑनलाइन स्ट्रीम होगी।

फिल्म ओ रोमियो को ओटीटी प्लेटफॉर्म Amazon Prime Video पर रिलीज किया जाएगा। हालांकि, दर्शकों को इसे देखने के लिए शुरुआत में भुगतान करना होगा। जानकारी के मुताबिक, 27 मार्च 2026 से इस फिल्म को प्लेटफॉर्म के स्टोर सेक्शन के जरिए रेंट पर उपलब्ध कराया जाएगा।

वहीं, उम्मीद की जा रही है कि अप्रैल के दूसरे सप्ताह तक यह फिल्म सभी प्राइम सब्सक्राइबर्स के लिए बिना अतिरिक्त शुल्क के स्ट्रीमिंग के लिए उपलब्ध हो जाएगी। हालांकि, मेकर्स की ओर से इसकी फाइनल ओटीटी रिलीज डेट का आधिकारिक ऐलान अभी बाकी है।

बॉक्स ऑफिस पर फिल्म को कुछ खास सफलता नहीं मिली थी, लेकिन अब निगाहें इसके डिजिटल प्रदर्शन पर टिकी हैं। ओटीटी प्लेटफॉर्म पर कई फिल्में नया जीवन पाती हैं, ऐसे में देखना दिलचस्प होगा कि यह फिल्म दर्शकों के बीच कितना असर छोड़ पाती है।

फिल्म की कहानी एक खतरनाक गैंगस्टर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसकी जिंदगी प्यार के बाद पूरी तरह बदल जाती है। क्राइम, इमोशन और रोमांस का मिश्रण इस फिल्म को खास बनाता है।

स्टारकास्ट की बात करें तो फिल्म में शाहिद कपूर और तृप्ति डिमरी के अलावा अविनाश तिवारी, नाना पाटेकर, फरीदा जलाल, तमन्ना भाटिया, दिशा पटानी और विक्रांत मैसी जैसे कलाकार नजर आते हैं।

यह फिल्म साजिद नाडियाडवाला के प्रोडक्शन में बनी है और इसमें दर्शकों को एक अलग तरह की प्रेम कहानी देखने को मिलती है, जिसमें अपराध और भावनाओं का गहरा मेल है।

(साभार)


केकेआर को लगा एक और झटका, आकाश दीप आईपीएल 2026 के पूरे सीजन से हुए बाहर

चोटों से जूझ रही KKR, हर्षित राणा के बाद आकाश दीप भी बाहर

नई दिल्ली। आईपीएल 2026 से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। टीम को एक के बाद एक झटके लग रहे हैं, जिससे टूर्नामेंट से पहले ही उसकी तैयारियों पर असर पड़ता दिख रहा है। तेज गेंदबाजी आक्रमण में लगातार हो रही कमी ने टीम मैनेजमेंट की चिंता बढ़ा दी है।

इंडियन प्रीमियर लीग 2026 के शुरू होने से पहले कोलकाता नाइट राइडर्स को बड़ा झटका लगा है। पहले हर्षित राणा चोट के चलते पूरे सीजन से बाहर हो गए थे, और अब आकाश दीप भी चोट के कारण इस सीजन में नहीं खेल पाएंगे। लगातार चोटों ने टीम की गेंदबाजी लाइनअप को कमजोर कर दिया है।

इसके अलावा, श्रीलंका के तेज गेंदबाज मथीशा पथिराना को अभी तक अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) नहीं मिला है, जिससे उनके शुरुआती मैचों में खेलने पर भी संशय बना हुआ है। ऐसे में टीम को सीजन के शुरुआती मुकाबलों में चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है।

आईपीएल 2026 की शुरुआत 28 मार्च से हो रही है, जबकि केकेआर अपना पहला मैच 29 मार्च को मुंबई इंडियंस के खिलाफ खेलेगी। इस अहम मुकाबले से पहले टीम की तैयारियां खिलाड़ियों की कमी से प्रभावित हो रही हैं।

गेंदबाजी विभाग की बात करें तो फिलहाल केकेआर के पास भारतीय तेज गेंदबाजों के तौर पर वैभव अरोड़ा, उमरान मलिक और कार्तिक त्यागी ही उपलब्ध हैं। इसके अलावा, ऑलराउंडर कैमरन ग्रीन कुछ ओवरों की जिम्मेदारी संभाल सकते हैं, लेकिन विशेषज्ञ तेज गेंदबाजों की कमी टीम के लिए चिंता का विषय बनी हुई है।

अगर आकाश दीप के आईपीएल करियर पर नजर डालें तो उन्होंने 2022 में डेब्यू किया था और अब तक 14 मुकाबलों में 10 विकेट हासिल किए हैं। पिछले सीजन वह लखनऊ सुपर जायंट्स का हिस्सा थे, लेकिन बाद में रिलीज कर दिए गए। इसके बाद केकेआर ने उन्हें मिनी ऑक्शन में उनके बेस प्राइस पर टीम में शामिल किया था, लेकिन चोट के चलते अब वह इस सीजन में टीम का हिस्सा नहीं बन पाएंगे।


पेट से जुडी सामान्य समस्याओं को न करें नजरअंदाज, हो सकते हैं पेट के कैंसर के शुरुआती लक्षण

दुनियाभर में कैंसर के मामलों में लगातार बढ़ोतरी चिंता का विषय बनती जा रही है। बदलती जीवनशैली और खानपान की आदतों के बीच अब पेट का कैंसर भी तेजी से फैलने वाली बीमारियों में शामिल हो गया है। विशेषज्ञों का मानना है कि इसके शुरुआती लक्षण अक्सर सामान्य पाचन समस्याओं जैसे दिखाई देते हैं, जिससे लोग इन्हें नजरअंदाज कर देते हैं और समय पर इलाज नहीं हो पाता।

स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार पेट से जुड़े कैंसर, जिसे गैस्ट्रिक कैंसर भी कहा जाता है, के मामलों में लगातार इजाफा हो रहा है। यह बीमारी पेट की अंदरूनी परत से शुरू होती है और धीरे-धीरे गंभीर रूप ले लेती है। शुरुआती दौर में इसके लक्षण बहुत हल्के होते हैं, जिससे इसकी पहचान मुश्किल हो जाती है।

डॉक्टरों का कहना है कि पेट का कैंसर धीरे-धीरे विकसित होता है और शुरुआत में सामान्य गैस, अपच या एसिडिटी जैसा महसूस हो सकता है। यही कारण है कि अधिकांश लोग इसे आम समस्या समझकर नजरअंदाज कर देते हैं, जो आगे चलकर खतरनाक साबित हो सकता है।

पेट के कैंसर के प्रमुख संकेत

1. बिना कारण वजन घटना
अगर बिना डाइटिंग या एक्सरसाइज के अचानक वजन कम हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें। शरीर में कैंसर कोशिकाएं तेजी से बढ़कर पोषक तत्वों का उपयोग करती हैं, जिससे वजन कम होने लगता है।

2. लगातार अपच और जलन
लंबे समय तक अपच, पेट में जलन या खाने के बाद भारीपन महसूस होना सामान्य नहीं है। यह पेट की अंदरूनी परत में हो रहे बदलाव का संकेत हो सकता है।

3. पेट में लगातार दर्द
पेट में बार-बार दर्द, दबाव या असहजता महसूस होना भी एक महत्वपूर्ण संकेत है। शुरुआत में यह हल्का हो सकता है, लेकिन समय के साथ बढ़ सकता है।

अन्य लक्षण जिन्हें नजरअंदाज न करें
अचानक भूख कम लगना या थोड़े खाने में ही पेट भर जाना
बार-बार उल्टी आना या उल्टी में खून दिखना
मल का रंग काला या असामान्य होना

विशेषज्ञों की सलाह है कि यदि ये लक्षण लंबे समय तक बने रहें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए। समय रहते पहचान और इलाज से इस गंभीर बीमारी से बचाव संभव है।

नोट: यह जानकारी विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों के सुझावों के आधार पर तैयार की गई है।

(साभार)


बीजिंग-दिल्ली के बीच सीधी उड़ान सेवाएं होंगी फिर से शुरू, चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने दी जानकारी

गलवान घाटी झड़प के बाद अब सामान्य हो रहे संबंध

नई दिल्ली। भारत और चीन के बीच हवाई संपर्क को लेकर एक अहम अपडेट सामने आया है। एयर चाइना जल्द ही बीजिंग और दिल्ली के बीच अपनी सीधी उड़ान सेवाएं फिर से शुरू करने जा रही है। इस कदम को दोनों देशों के बीच बढ़ते सहयोग और रिश्तों में सुधार के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।

सीधी उड़ानों से व्यापार और पर्यटन को बढ़ावा
भारत में चीनी दूतावास की प्रवक्ता यू जिंग ने जानकारी देते हुए कहा कि बीजिंग-दिल्ली के बीच उड़ानों की बहाली केवल यात्रा सुविधा तक सीमित नहीं है, बल्कि इससे व्यापार, पर्यटन और आपसी भरोसे को भी मजबूती मिलेगी। उन्होंने इसे शंघाई सहयोग संगठन और ब्रिक्स देशों के बीच सहयोग के लिहाज से भी सकारात्मक बताया।

बीते वर्षों में धीरे-धीरे बहाल हो रही सेवाएं
करीब पांच साल के अंतराल के बाद भारत और चीन के बीच हवाई सेवाएं दोबारा शुरू होने लगी हैं। इससे पहले Air India ने शंघाई-दिल्ली रूट पर सीधी उड़ान शुरू करने की घोषणा की थी। वहीं China Eastern Airlines ने भी शंघाई से दिल्ली के लिए उड़ानें शुरू कर दी हैं।

गलवान के बाद बिगड़े थे रिश्ते
साल 2020 में गलवान घाटी झड़प के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव आ गया था। इस घटना में भारतीय सैनिकों के बलिदान के बाद कूटनीतिक और सैन्य स्तर पर रिश्तों में खटास देखी गई।

राजनयिक स्तर पर बढ़ी बातचीत
हालांकि, हाल के वर्षों में दोनों देशों के बीच संवाद बढ़ा है। नरेंद्र मोदी और शी जिनपिंग की मुलाकातों के बाद रिश्तों को सामान्य करने के प्रयास तेज हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि उड़ानों की बहाली इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।


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