मानव सभ्यता की शुरुआत से ही ऐसे लोग रहे हैं जो भीड़ से अलग दिखते हैं। थोड़ा हटकर सोचना, अलग अंदाज़ में जीना और सामान्य से अलग रहना ही उन्हें ‘वीर्डो’ बनाता है। हालांकि हर दौर में इन्हें सराहा नहीं गया। लेकिन सन 2000 में अमेरिका के टेक्सास राज्य के ऑस्टिन शहर के कुछ नागरिकों ने ठाना कि इन अनोखे और अजीबोगरीब लोगों के लिए भी एक दिन मनाया जाना चाहिए। वहीं से शुरुआत हुई “Wonderful Weirdos Day” की। इसका मूल नारा था,“Keep Austin Weird”। इस पहल को टॉम रॉय का भी सहयोग मिला और धीरे-धीरे यह दिन अमेरिका ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में लोकप्रिय हो गया।
कैसे बनाए वंडरफुल डे?
यह दिन खासतौर पर उन लोगों के लिए है, जिनकी परिभाषा में ‘नॉर्मल’ थोड़ा अलग होता है। इसे मनाने के कुछ मज़ेदार तरीके हो सकते हैं, अनोखे बनें इस दिन ज़रा हटके कपड़े पहनें, कुछ अजीब बोलें या फिर अलग अंदाज़ में चलें। जैसे नाचते-नाचते दफ़्तर पहुँचना या दोस्तों के साथ कोई अजीबोगरीब एक्ट करना।
ड्रेस कोड में बदलाव
धारीदार शर्ट के साथ पोल्का डॉट्स वाली स्कर्ट पहनना हो या किसी कॉमिक बुक कैरेक्टर जैसा लुक अपनाना, आज सब माफ है, आप शूट के साथ जूता पहने, शर्ट के साथ शोर्ट पहने, कुछ भीजो फैशन ट्रेंड से हटकर हो और आपको लगे कुछ तो अलग है।
कुछ अजीबोगरीब फ़िल्में देखे
अजीबोगरीब किरदारों पर बनी फ़िल्में देखें, जैसे सस्ती दुल्हन महंगा दूल्हा ,जवानी की भूल, दो लड़के दोनों कड़के , एक से मेरा क्या होगा, अरविंद देसाई की अजीब दास्तां , लेडी किलर , उधार का सिंदूर, मुर्दे की जान खतरे में।
वीर्ड म्यूज़िक सुनें
व्हाई दिस कोलावेरी, कैंदी पो, ठा ठा करके, मेरे हसबैंड मुझे प्यार नहीं करते, क्या बनेंगे पोहे बनेंगे, मैं लड़की पो पो पो, तू लड़का पो पो पो, ‘जैसे संगीत इस दिन को आपके लिए और परफेक्ट बना सकते है।
अनोखा खाना खाए
मेनू कार्ड में हमेशा ऐसी बहुत सारी डिश होती है जिसे आप मंगवाने से पहले थोड़ा सोचते है तो कभी-कभी स्वाद में भी कुछ हटकर हो जाए। वैसे तो भारतीय बहुत कुछ अनोखा बनाते हैं पर कुछ एक्सपेरिमेंटल डिश आप ट्राइ कर सकते है जो आपने पहले कभी खाई न हो।
दूसरे वीर्डोज़ को सराहे, किसी दोस्त को कार्ड दें, नोट लिखें या सोशल मीडिया पर उन्हें टैग करके बताएं कि उनकी अजीबो गरीब हरकते ही उन्हें खास बनाती है। “वंडरफुल वीर्डो डे’ हमें याद दिलाता है कि ‘अलग होना’ ही हमें वाकई में अनोखा और खास बनाता हैं।