Saturday, October 10th, 2026

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हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर कसा तंज, दिल्ली आंदोलन को बताया तमाशा

Daily Archives: 10/10/2026

हिमंत बिस्वा सरमा ने राहुल गांधी पर कसा तंज, दिल्ली आंदोलन को बताया तमाशा

असम के मुख्यमंत्री हेमंत बिस्वा ने सरमा ने हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध नारायणी शिला मंदिर में की पूजा-अर्चना

हरिद्वार। असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने हरिद्वार स्थित प्रसिद्ध नारायणी शिला मंदिर में पूजा-अर्चना कर परिवार और प्रदेश की सुख-समृद्धि की कामना की। मंदिर में दर्शन के बाद उन्होंने अपनी धार्मिक आस्था साझा की और राजनीतिक मुद्दों पर भी विपक्ष को घेरा। मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर तंज कसा। वहीं, दिल्ली में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को पद से हटाने की मांग को लेकर हो रहे आंदोलन को भी उन्होंने निशाने पर लिया।

12 वर्षों से नारायणी शिला मंदिर आ रहे हैं हिमंत बिस्वा सरमा

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने बताया कि वह पिछले 12 वर्षों से लगातार नारायणी शिला मंदिर में पूजा-अर्चना के लिए आ रहे हैं। उनके मुताबिक, इस मंदिर में पहुंचकर उन्हें असीम शांति का अनुभव होता है। इस बार भी उन्होंने विधि-विधान के साथ पूजा की और अपने परिवार सहित प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की।

राहुल गांधी पर टिप्पणी कर कसा तंज

मीडिया से बातचीत के दौरान राहुल गांधी के राष्ट्रपति और सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से मिलने से जुड़े सवाल पर हिमंत बिस्वा सरमा ने कटाक्ष किया। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति पूरे देश के राष्ट्रपति हैं और उनसे कोई भी व्यक्ति मिल सकता है। इसी तरह सुप्रीम कोर्ट में भी प्रतिदिन हजारों लोग पहुंचते हैं।

उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि जब राहुल गांधी चंद्रयान और मंगलयान में जाएंगे, तब उनसे पूछा जाए कि उन्होंने कौन-सा चमत्कार किया है। उनके इस बयान को कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा राजनीतिक हमला माना जा रहा है।

सीजेपी पर भी साधा निशाना

दिल्ली में प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर पूछे गए सवाल पर असम के मुख्यमंत्री ने कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जो लोग खुद को कॉकरोच कहते हैं, उनके बारे में बात करने का कोई फायदा नहीं है। उन्होंने कहा कि चर्चा उन लोगों की होनी चाहिए, जो खुद को युवा शक्ति बताते हैं।

दिल्ली आंदोलन को बताया तमाशा, बोले- जनता पीएम मोदी के साथ

मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार को हटाने की मांग को लेकर दिल्ली में जारी आंदोलन पर प्रतिक्रिया देते हुए हिमंत बिस्वा सरमा ने विपक्षी दलों पर हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि देश की जनता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ खड़ी है और 140 करोड़ की आबादी वाले देश में आंदोलन में शामिल होने के लिए दिल्ली पहुंचने वाले लोगों की संख्या बेहद कम है।

उन्होंने प्रदर्शन को तमाशा करार देते हुए कहा कि आंदोलन में शामिल लोगों की तुलना में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के समर्थन में खड़े लोगों की संख्या कहीं अधिक है। सरमा ने दावा किया कि विपक्षी दल सरकार पर दबाव बनाने और उसे ब्लैकमेल करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन वे अपने मकसद में सफल नहीं होंगे।

विपक्ष के आरोपों से नहीं डरेगी सरकार

असम के मुख्यमंत्री ने भाजपा की चुनावी सफलता का जिक्र करते हुए कहा कि पार्टी लगातार चुनावों में बेहतर प्रदर्शन कर रही है। उन्होंने विपक्ष पर राजनीतिक दबाव बनाने का आरोप लगाया और कहा कि सरकार विपक्ष के आरोपों से डरने वाली नहीं है।

उन्होंने दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था और घेराबंदी को लेकर भी टिप्पणी की। सरमा के मुताबिक, प्रदर्शनकारियों के दिल्ली पहुंचने पर हंगामा होने की आशंका के चलते ऐसी व्यवस्था की गई है। उनके इस बयान से साफ है कि दिल्ली में चल रहे राजनीतिक विवाद को लेकर भाजपा और विपक्ष के बीच जुबानी जंग तेज बनी हुई है।


मेरठ में 3.63 करोड़ रुपये के बैंक ऋण घोटाले में भगोड़ी महिला गिरफ्तार, 2017 से थी फरार

मेरठ। पंजाब एंड सिंध बैंक से जुड़े 3.63 करोड़ रुपये के कथित ऋण घोटाले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) को बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से फरार चल रही महिला आरोपित कविता को सीबीआई ने हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। वह वर्ष 2017 से अदालत में पेश नहीं हो रही थी। गिरफ्तारी के बाद उसे गाजियाबाद की सक्षम अदालत में पेश किया गया, जहां से 21 अक्टूबर तक न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया गया।

सीबीआई के अनुसार, इस मामले में 30 मार्च 2012 को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोप है कि 10 अगस्त 2010 से 24 मई 2011 के बीच मेरठ में दीवान पब्लिक स्कूल स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक की शाखा के तत्कालीन प्रबंधक ने अन्य लोगों के साथ मिलकर कथित तौर पर फर्जी पहचान और आय प्रमाणपत्रों के आधार पर 24 आवास ऋण मंजूर किए। इसके अलावा संपत्ति के बदले दो ओवरड्राफ्ट ऋण भी स्वीकृत किए गए। इन सभी ऋणों की कुल रकम लगभग 3.63 करोड़ रुपये बताई गई है।

जांच पूरी होने के बाद सीबीआई ने 26 नवंबर 2014 को 59 आरोपितों के खिलाफ आरोपपत्र दाखिल किया था। कविता का नाम भी इसमें शामिल था, लेकिन वह अदालत में पेश नहीं हुई। उसे हाजिर कराने के लिए कई बार समन भेजे गए। इसके बावजूद अदालत में उपस्थित नहीं होने पर उसके खिलाफ जमानती और गैर-जमानती वारंट जारी किए गए।

लगातार अनुपस्थित रहने के कारण अदालत ने 14 अप्रैल 2017 को कविता को भगोड़ा घोषित कर दिया था। इसके बाद 11 मई 2017 को उसके खिलाफ स्थायी गैर-जमानती वारंट जारी किया गया और उसका मामला अन्य आरोपितों से अलग कर दिया गया।

सीबीआई ने लंबे समय तक तलाश जारी रखी। आखिरकार तकनीकी सुरागों की मदद से महिला का पता हरिद्वार में लगाया गया और 9 अक्टूबर 2026 को उसे गिरफ्तार कर लिया गया। अब अदालत के आदेश के अनुसार वह न्यायिक हिरासत में रहेगी। मामले में ऋण स्वीकृति के दौरान कथित अनियमितताओं की जांच पहले ही पूरी की जा चुकी है और आरोपितों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।


बांका में राकेश शर्मा हत्याकांड का आरोपित गिरफ्तार, छह महीने से चल रहा था फरार

बांका। बिहार के बांका जिले में बल्लीकित्ता गांव के राकेश शर्मा के अपहरण और हत्या के मामले में करीब छह महीने से फरार चल रहे आरोपित नीतीश कुमार उर्फ बिट्टू ने पुलिस के बढ़ते दबाव के बीच न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया। खगड़िया जिले के परबत्ता का रहने वाला आरोपित पुलिस रिमांड पर था। पूछताछ पूरी होने के बाद उसे अदालत में पेश कर दिया गया।

पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान आरोपित ने बताया कि राकेश शर्मा पर देसी पिस्तौल खरीदने के करीब 60 हजार रुपये बकाया थे। यह पिस्तौल उसने अपने एक सहयोगी से खरीदी थी। रकम चुकाने को लेकर विवाद होने पर 17 जनवरी 2026 को वह राकेश के बल्लीकित्ता स्थित घर पहुंचा था।

पुलिस के अनुसार, वहां दोनों के बीच कहासुनी हुई, जिसके बाद आरोपित राकेश को चारपहिया वाहन से लौंगाय ले गया। वहां फिर विवाद होने पर कथित तौर पर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी गई। इसके बाद शव को लौंगाय गांव के उत्तर बहियार में स्थित आम के बगीचे की झाड़ियों में फेंक दिया गया।

पुलिस अब पूछताछ के दौरान सामने आई जानकारियों की जांच कर रही है। इस मामले में पुलिस ने घटना के अगले ही दिन एक नाबालिग को हिरासत में लेकर जांच आगे बढ़ाई थी और हत्याकांड का खुलासा करने का दावा किया था।

थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि आरोपित की तलाश में लगातार छापेमारी की जा रही थी। पुलिस की कार्रवाई और दबाव के चलते उसने अदालत में आत्मसमर्पण किया। रिमांड पर पूछताछ पूरी होने के बाद उसे न्यायालय भेज दिया गया है।


फरीदाबाद में 1.04 करोड़ रुपये की डकैती का खुलासा, क्राइम ब्रांच ने चार आरोपियों को दबोचा

फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद में पूर्व सरपंच और प्रॉपर्टी डीलर अब्दुल कदीम के घर हुई 1.04 करोड़ रुपये की डकैती के मामले में क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने जांच के बाद चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि बदमाशों ने पिस्टल के बल पर अब्दुल कदीम को बंधक बनाया और घर में रखी करोड़ों रुपये की नकदी लूटकर फरार हो गए थे।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों को अदालत में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया है। अब उनसे वारदात में शामिल अन्य लोगों और लूटी गई नकदी के बारे में पूछताछ की जा रही है।

सहायक पुलिस आयुक्त वरुण कुमार दहिया के अनुसार, जांच में सामने आया कि फतेहपुर तगा गांव के साहुन खान को जानकारी थी कि अब्दुल कदीम ने अपनी जमीन बेची है और उससे मिली नकदी घर में रखी हुई है। आरोप है कि साहुन ने यह जानकारी अपने परिचित लियाकत को दी, जिसके बाद डकैती की योजना बनाई गई।

पुलिस के मुताबिक, लियाकत ने अपने साथियों के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देने की तैयारी की। आरोपियों ने पहले मकान की रेकी की और घर तक पहुंचने वाले रास्तों की जानकारी जुटाई, ताकि वारदात के दौरान आसानी से भाग सकें।

पुलिस की जांच के अनुसार, लियाकत के कहने पर सात लोग आर्टिगा कार से फतेहपुर तगा पहुंचे थे। साहुन ने इनमें से दो लोगों को मोटरसाइकिल पर बैठाकर मकान की रेकी कराई। इसके बाद आरोपियों ने वारदात को अंजाम देने के लिए समय और रास्ते तय किए।

पुलिस के मुताबिक, 26 सितंबर की रात करीब दो बजे आरोपी गांव पहुंचे। इनमें से पांच लोग मकान के अंदर दाखिल हुए, जबकि दो अन्य कार लेकर अलग चले गए।

अब्दुल कदीम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 25 सितंबर को उन्होंने अपने पुराने मकान से नए घर में सामान शिफ्ट किया था। इसके बाद रात करीब 2:10 बजे चार-पांच युवक घर में घुस आए। सभी ने अपने चेहरे कपड़े से ढक रखे थे।

शिकायत के अनुसार, एक आरोपी ने उनकी कनपटी पर पिस्टल लगाकर कमरे की चाबी मांगी। इसके बाद बदमाशों ने उनके हाथ पीछे की ओर बांध दिए और मुंह व पैर भी बांध दिए। आरोपियों ने लोहे की रॉड से कमरे और संदूक के ताले तोड़े तथा घर में रखी 1.04 करोड़ रुपये की नकदी लेकर फरार हो गए।

घटना की शिकायत मिलने पर 26 सितंबर को धौज थाने में मामला दर्ज किया गया था। इसके बाद क्राइम ब्रांच सेक्टर-30 ने जांच शुरू की और आरोपियों की तलाश में कार्रवाई की।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों की पहचान साहुन खान निवासी फतेहपुर तगा, फरीदाबाद; हैदर अली उर्फ इमामुद्दीन निवासी मढ़ेपुर; मोहम्मद आरिफ निवासी डिडौली और मोसीब आलम निवासी फतेहपुर माफी, जिला अमरोहा, उत्तर प्रदेश के रूप में की है।

पुलिस के अनुसार, साहुन को फरीदाबाद से गिरफ्तार किया गया, जबकि हैदर अली, मोहम्मद आरिफ और मोसीब आलम को उत्तर प्रदेश के मुरादाबाद जिले के समथला से पकड़ा गया।

चारों आरोपियों को अदालत से चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पूछताछ के दौरान पुलिस वारदात में शामिल अन्य संदिग्धों की भूमिका, लूटी गई नकदी और घटना से जुड़े दूसरे पहलुओं की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। डकैती की पूरी साजिश और नकदी की बरामदगी को लेकर आगे की जांच की जा रही है।


सीजेपी के प्रदर्शन को संबित पात्रा ने बताया ‘फ्लॉप शो’, विपक्ष पर लगाए अराजकता फैलाने के आरोप

राष्ट्रपति को सड़क की लड़ाई में घसीटने की कोशिश! राहुल गांधी पर संबित पात्रा का तीखा हमला

नई दिल्ली। दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। प्रदर्शन से पहले अभिजीत दिपके समेत कई नेताओं को हिरासत में लिए जाने और प्रदर्शनकारियों को निर्धारित स्थल तक पहुंचने से रोके जाने के बाद मामला गरमा गया। इस बीच भाजपा सांसद संबित पात्रा ने प्रदर्शन को पूरी तरह विफल बताते हुए विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदर्शन की आड़ में राजधानी में अराजकता फैलाने, आगजनी कराने और सड़कों पर टकराव की स्थिति पैदा करने की कोशिश की गई। पात्रा ने कहा कि लोकतंत्र के सामने भीड़तंत्र की एक नहीं चली और फिलहाल दिल्ली में हालात नियंत्रण में हैं।

राष्ट्रपति को राजनीतिक टकराव में घसीटने का आरोप
भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और सांसद संबित पात्रा ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पिछले कुछ दिनों से अलग-अलग राजनीतिक समूहों की ओर से प्रदर्शन और बंद का आह्वान किया जा रहा है। उन्होंने सवाल उठाया कि आखिर देश में लगातार तनावपूर्ण माहौल बनाने की कोशिश क्यों हो रही है। पात्रा के मुताबिक, विपक्षी दलों और उनके नेताओं के बीच प्रदर्शन का श्रेय लेने की होड़ भी मची हुई है।

उन्होंने आम आदमी पार्टी और कांग्रेस के बीच जारी राजनीतिक खींचतान का जिक्र करते हुए राहुल गांधी पर भी हमला बोला। पात्रा ने आरोप लगाया कि राष्ट्रपति भवन से लौटने के बाद राहुल गांधी ने जिस तरह की टिप्पणी की, वह राजनीतिक मर्यादाओं के अनुरूप नहीं थी। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति को सड़क पर होने वाली राजनीतिक लड़ाई में खींचने का प्रयास पहले कभी इस तरह नहीं देखा गया। भाजपा सांसद ने इसे विपक्ष की गैर-जिम्मेदाराना राजनीति करार दिया।

प्रदर्शन स्थल की सुविधाओं पर भी उठाए सवाल
संबित पात्रा ने प्रदर्शन स्थल पर डॉक्टर और शौचालय जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने वाले लोगों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जब इन सुविधाओं को लेकर अदालत में याचिका दायर की गई थी, तब कथित वोट चोरी का मुद्दा क्यों नहीं उठाया गया। पात्रा ने विपक्ष से पूछा कि यदि चुनाव में वास्तव में गड़बड़ी हुई थी, तो संबंधित तथ्यों और सबूतों को अदालत के सामने क्यों नहीं रखा गया।

भाजपा सांसद ने हालिया उपचुनावों के नतीजों का उल्लेख करते हुए भी विपक्ष की आलोचना की। उन्होंने दावा किया कि चार सीटों पर आए नतीजों के बाद भाजपा सभी सीटों पर जीती है। इसके साथ ही उन्होंने पश्चिम बंगाल के रेजिनगर में मतदाताओं की संख्या को लेकर उठे विवाद पर अपनी बात रखी।

रेजिनगर में वोटों की संख्या को लेकर क्या बोले पात्रा?
पश्चिम बंगाल के रेजिनगर में मतदाताओं और प्राप्त वोटों की संख्या को लेकर विपक्ष की ओर से उठाए गए सवालों पर संबित पात्रा ने सफाई दी। उन्होंने कहा कि अभिषेक बनर्जी ने वहां कुल 772 वोट होने का दावा किया था, जबकि भाजपा को 909 वोट मिलने की बात कही गई। वहीं, अरविंद केजरीवाल ने भी इस मामले में कथित गड़बड़ी और ईवीएम से छेड़छाड़ की आशंका जताई थी।

पात्रा ने इन आरोपों को खारिज करते हुए दावा किया कि रेजिनगर में कुल 1,109 मतदाता पंजीकृत हैं। उन्होंने विपक्ष पर तथ्यों को गलत तरीके से पेश करने और लोगों के बीच भ्रम फैलाने का आरोप लगाया। भाजपा सांसद के मुताबिक, इस तरह के बयानों के जरिए राजनीतिक अस्थिरता पैदा करने की कोशिश की जा रही है।

एक साल से वोट चोरी के आरोप लगा रहा विपक्ष: पात्रा
संबित पात्रा ने कहा कि विपक्षी नेता पिछले एक साल से लगातार वोट चोरी के आरोप लगा रहे हैं, लेकिन अब तक इन दावों को साबित करने वाले ठोस प्रमाण सामने नहीं रखे गए हैं। उन्होंने विपक्षी नेताओं से अपने आरोपों के समर्थन में सबूत पेश करने की मांग की। पात्रा ने आरोप लगाया कि लोकतंत्र को नुकसान पहुंचाने वाले लोग ही आज लोकतंत्र की रक्षा की बात कर रहे हैं।

प्रधानमंत्री मोदी का जिक्र कर विपक्ष पर साधा निशाना
भाजपा सांसद ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए भी विपक्ष पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि यदि प्रधानमंत्री यह कह दें कि सांस लेना जरूरी है, तो विपक्ष इसका भी विरोध करने लगेगा। पात्रा ने आरोप लगाया कि विपक्ष देश में अशांति का माहौल बनाने का प्रयास कर रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि एक ओर सरकार नक्सलवाद को समाप्त करने की दिशा में काम कर रही है, वहीं दूसरी ओर विपक्षी दलों की राजनीति देश में अस्थिरता पैदा करने की कोशिश कर रही है।


THSTI Recruitment 2026: फरीदाबाद में 33 पदों पर भर्ती, 38,500 रुपये तक मिलेगी सैलरी

नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए ट्रांसलेशनल हेल्थ साइंस एंड टेक्नोलॉजी इंस्टीट्यूट (THSTI) में भर्ती का अवसर सामने आया है। संस्थान ने प्लेसेंटा हेल्थ परियोजना के तहत रिसर्च नर्स, टेक्नीशियन और फील्ड वर्कर के कुल 33 पदों को भरने के लिए अधिसूचना जारी की है। इन पदों पर संविदा के आधार पर नियुक्तियां की जाएंगी। योग्य उम्मीदवारों का चयन वॉक-इन-इंटरव्यू के माध्यम से किया जाएगा।

इस भर्ती में पद के अनुसार 25,000 रुपये से लेकर 38,500 रुपये प्रतिमाह तक वेतन निर्धारित किया गया है। इच्छुक अभ्यर्थियों को इंटरव्यू में शामिल होने से पहले अपनी शैक्षणिक योग्यता और जरूरी दस्तावेजों की जांच कर लेनी चाहिए।

किस पद पर कितनी वैकेंसी?

THSTI की इस भर्ती में तीन अलग-अलग पदों के लिए रिक्तियां निर्धारित की गई हैं।

रिसर्च नर्स: 18 पद, 38,500 रुपये प्रतिमाह।

टेक्नीशियन: 12 पद, 30,000 रुपये प्रतिमाह।

फील्ड वर्कर: 3 पद, 25,000 रुपये प्रतिमाह।

इस तरह कुल 33 पदों पर नियुक्तियां की जानी हैं। उम्मीदवारों को ध्यान रखना होगा कि वेतन और अन्य शर्तें संबंधित पद की आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार लागू होंगी।

कब होगा वॉक-इन-इंटरव्यू?

भर्ती के लिए पद के अनुसार अलग-अलग तारीखें निर्धारित की गई हैं। अभ्यर्थी इंटरव्यू की तारीख नोट कर लें।

रिसर्च नर्स: 24 अक्टूबर 2026।

टेक्नीशियन: 26 अक्टूबर 2026।

फील्ड वर्कर: 26 अक्टूबर 2026।

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, उम्मीदवारों को निर्धारित दिन सुबह 9 बजे तक इंटरव्यू स्थल पर पहुंचना होगा। यात्रा शुरू करने से पहले संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट पर समय और स्थान की पुष्टि जरूर कर लें।

शैक्षणिक योग्यता क्या होनी चाहिए?

रिसर्च नर्स: इस पद के लिए नर्सिंग में डिग्री या डिप्लोमा होना जरूरी है। सामान्य नर्सिंग एवं मिडवाइफरी (GNM), बीएससी नर्सिंग या समकक्ष योग्यता रखने वाले उम्मीदवार संबंधित अधिसूचना के अनुसार पात्र हो सकते हैं।

टेक्नीशियन: अभ्यर्थियों के पास मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी में बीएससी या समकक्ष योग्यता होनी चाहिए। संबंधित अधिसूचना में एक वर्ष के अनुभव के साथ मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा रखने वाले उम्मीदवारों के लिए भी पात्रता का उल्लेख है।

फील्ड वर्कर: इस पद के लिए दसवीं या बारहवीं पास के साथ संबंधित क्षेत्र का अनुभव, मेडिकल लेबोरेटरी टेक्नोलॉजी में डिप्लोमा अथवा किसी विषय में स्नातक जैसी योग्यताओं का उल्लेख किया गया है।

उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे अपनी योग्यता, अनुभव और अन्य पात्रता शर्तों की अंतिम पुष्टि आधिकारिक विज्ञापन से करें।

कहां आयोजित होगा इंटरव्यू?

वॉक-इन-इंटरव्यू का निर्धारित स्थान एनसीआर बायोटेक साइंस क्लस्टर, तीसरा मील का पत्थर, फरीदाबाद-गुरुग्राम एक्सप्रेसवे, फरीदाबाद, हरियाणा बताया गया है।

इंटरव्यू में पहुंचने वाले अभ्यर्थियों को अपने शैक्षणिक प्रमाणपत्र, पहचान पत्र, अनुभव प्रमाणपत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज साथ रखने चाहिए। मूल दस्तावेजों के साथ उनकी प्रतियां भी तैयार रखें, ताकि दस्तावेजों के सत्यापन के दौरान परेशानी न हो।

आवेदन और भर्ती की जानकारी कहां मिलेगी?

इस भर्ती से जुड़ी विस्तृत जानकारी THSTI की आधिकारिक वेबसाइट thsti.res.in पर उपलब्ध अधिसूचना में देखी जा सकती है। उपलब्ध विवरण में अधिसूचना संख्या THS/RN/02/2026/10-I दी गई है।

चूंकि यह भर्ती वॉक-इन-इंटरव्यू के आधार पर है, इसलिए उम्मीदवारों को आवेदन प्रक्रिया, जरूरी प्रारूप, आयु सीमा और दस्तावेजों से संबंधित निर्देश ध्यान से पढ़ने चाहिए। सही पद के लिए निर्धारित तारीख पर पहुंचना जरूरी है।


बांका में छह दिन से लापता महिला का बांध में मिला शव, पति समेत आठ लोगों के खिलाफ FIR

बेलहर। बिहार के बांका जिले में छह दिनों से लापता एक महिला का शव शुक्रवार को तरौना बांध से बरामद होने के बाद इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान हरदिया गांव निवासी प्रदीप यादव की पत्नी उषा देवी (35) के रूप में हुई है। महिला के मायके पक्ष ने उसके पति समेत आठ लोगों पर हत्या का आरोप लगाते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच के साथ नामजद आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।

जानकारी के अनुसार, जरलाही गांव की ओर जाने वाली पुलिया के पास लोगों ने बांध के पानी में महिला का हाथ दिखाई देने पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकलवाया। इसके बाद मायके पक्ष के लोगों ने उसकी पहचान की। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल, बांका भेज दिया है।

मृतका के पिता नरेश यादव, जो फुल्लीडुमर थाना क्षेत्र के ललबामोड़ गांव के निवासी हैं, ने अपने दामाद प्रदीप यादव सहित आठ लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। अन्य नामजद आरोपितों में प्रवेश यादव, भोला यादव, अकलू यादव, सुलेखा देवी, कौशल्या देवी, वीना देवी और भवेश यादव शामिल हैं।

पुलिस के मुताबिक, सभी नामजद आरोपितों की तलाश की जा रही है। खबर लिखे जाने तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हो सकी थी।

नरेश यादव ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि उन्होंने करीब 20 वर्ष पहले अपनी बेटी उषा की शादी प्रदीप यादव से की थी। उनका आरोप है कि शादी के बाद से ही उषा को दहेज के लिए परेशान किया जाता था और उसके साथ मारपीट भी होती थी।

पिता के अनुसार, विवाद सुलझाने के लिए कई बार ग्रामीणों की मौजूदगी में पंचायत हुई, लेकिन इसके बावजूद उनकी बेटी अपनी सुरक्षा को लेकर आशंकित रहती थी। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

नरेश यादव के मुताबिक, तीन अक्टूबर को उन्हें फोन पर सूचना मिली थी कि उनकी बेटी ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या करने का प्रयास किया है। इसके बाद जब वह हरदिया गांव जाने के लिए निकले, तो उनके दामाद ने फोन कर बताया कि उषा को इलाज के लिए जमुई ले जाया जा रहा है।

पिता का आरोप है कि गांव पहुंचने पर उन्हें कई परिजन वहां नहीं मिले और उनके दोनों नाती भी नहीं दिखाई दिए। इसके बाद मामले को लेकर उनकी चिंता बढ़ गई।

महिला के लापता होने के बाद पुलिस ने उसकी तलाश के लिए अभियान चलाया था। पुलिस अधीक्षक अमितेश कुमार के निर्देश पर बेलहर एसडीपीओ डॉ. रविंद्रमोहन प्रसाद के नेतृत्व में टीम ने बांका-जमुई सीमा के आसपास नदी, जोर, जंगल और झाड़ियों में खोजबीन की। तकनीकी और वैज्ञानिक जांच के लिए स्वान दस्ते की भी मदद ली गई थी।

थानाध्यक्ष बिजयेंद्र कुमार ने बताया कि नामजद आरोपितों को पकड़ने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। उन्होंने कहा कि मामले में हत्या के आरोपों समेत सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

फिलहाल पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इस घटना में किसकी क्या भूमिका रही।


देवरिया में शराब के लिए पैसे नहीं देने पर पिता की हत्या का आरोप, वारदात के बाद बेटा फरार

देवरिया। उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। रुद्रपुर क्षेत्र के बहोरवा गांव में शराब पीने के लिए रुपये नहीं देने पर एक बेटे द्वारा अपने पिता पर डंडे से हमला करने का आरोप है। सिर में गंभीर चोट लगने के बाद पिता को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है।

मृतक की पहचान बहोरवा गांव निवासी रामअवतार राय के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, शुक्रवार शाम उनके बेटे सुनील उर्फ सत्तू ने शराब खरीदने के लिए रुपये मांगे थे। पिता के इनकार करने पर विवाद बढ़ गया और आरोप है कि बेटे ने घर में रखे डंडे से उनके सिर पर वार कर दिया।

डंडे से सिर पर चोट लगने के कारण रामअवतार राय गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। घटना के बाद शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस घटनास्थल पर पहुंची। घायल रामअवतार को एंबुलेंस की मदद से महर्षि देवरहा बाबा मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, लेकिन वहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम की प्रक्रिया के लिए मोर्चरी में रखवाया गया।

घटना को अंजाम देने के बाद सुनील उर्फ सत्तू के फरार होने की जानकारी सामने आई है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर तलाश कर रही है। मामले में घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों की जांच भी की जा रही है।

क्षेत्राधिकारी बरहज रंजना सचान ने बताया कि घटना के समय आरोपी नशे में था। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल को तत्काल अस्पताल भिजवाया, जहां उनकी मौत हो गई। उन्होंने बताया कि आरोपी को पकड़ने के प्रयास जारी हैं और मामले में नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। पुलिस अब आरोपी की गिरफ्तारी और घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच में जुटी हुई है।


नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर भड़के ट्रंप, बोले- अमेरिका इस अपमान को नहीं भूलेगा

ट्रंप का बड़ा दावा- 8 युद्ध सुलझाए तो 8 नोबेल पुरस्कार मिलने चाहिए थे

वाशिंगटन। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार नहीं मिलने पर एक बार फिर नाराजगी जाहिर की है। उनका कहना है कि उन्होंने दुनिया में आठ युद्धों को सुलझाने में भूमिका निभाई, ऐसे में उन्हें आठ नोबेल शांति पुरस्कारों से सम्मानित किया जाना चाहिए था। सिरैक्यूज में आयोजित एक रैली के दौरान ट्रंप ने पुरस्कार नहीं दिए जाने को लेकर नॉर्वे की आलोचना की। उन्होंने इसे अमेरिका के लिए शर्मिंदगी बताते हुए कहा कि यह ऐसा दाग है, जिसे कभी मिटाया नहीं जा सकेगा।

ट्रंप बोले- नोबेल शांति पुरस्कार की साख खत्म हो गई

रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने नोबेल शांति पुरस्कार की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े किए। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कट्टरपंथी विचारधारा वाले लोगों ने इस प्रतिष्ठित पुरस्कार की साख को नुकसान पहुंचाया है। ट्रंप ने कहा कि अमेरिका यह बात नहीं भूलेगा कि उसे नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित नहीं किया गया। उन्होंने एक बार फिर अपने कार्यकाल और कूटनीतिक प्रयासों का हवाला देते हुए कहा कि आठ युद्धों को सुलझाने के लिए उन्हें आठ पुरस्कार मिलने चाहिए थे।

भारत-पाकिस्तान के बीच युद्ध रुकवाने का किया दावा

ट्रंप ने अपने संबोधन में दावा किया कि उन्होंने परमाणु हथियारों से लैस भारत और पाकिस्तान के बीच युद्ध होने से रोका। उनके मुताबिक, इस प्रयास से करीब पांच करोड़ लोगों की जान बचाई जा सकी। इसके अलावा उन्होंने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोककर उन्होंने मध्य पूर्व को बड़े विनाश से बचाया। ट्रंप ने आशंका जताई कि यदि ऐसा नहीं होता तो इसके गंभीर परिणाम यूरोप और अमेरिका तक पहुंच सकते थे। हालांकि, ये ट्रंप के अपने दावे हैं।

नवी पिल्लई को पुरस्कार मिलने पर भी कसा तंज

इस साल नोबेल शांति पुरस्कार दक्षिण अफ्रीका की पूर्व संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख नवी पिल्लई को दिया गया है। ट्रंप ने पुरस्कार विजेता पर टिप्पणी करते हुए कहा कि संयुक्त राष्ट्र में काम करने वाली एक उदारवादी विचारों की व्यक्ति को यह सम्मान मिला है, जिनके बारे में उन्होंने पहले कभी नहीं सुना था। हालांकि, आलोचना के बीच उन्होंने पिल्लई को पुरस्कार मिलने पर बधाई भी दी।

बराक ओबामा को नोबेल मिलने पर भी उठाते रहे हैं सवाल

नोबेल शांति पुरस्कार को लेकर ट्रंप की नाराजगी नई नहीं है। वह पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा को वर्ष 2009 में मिले नोबेल शांति पुरस्कार पर भी कई बार सवाल उठा चुके हैं। ओबामा को राष्ट्रपति बनने के पहले ही साल यह सम्मान दिया गया था। ट्रंप का तर्क रहा है कि ओबामा को बिना कोई उल्लेखनीय काम किए ही यह पुरस्कार मिल गया।

अमेरिका के कई पूर्व राष्ट्रपति नोबेल शांति पुरस्कार से सम्मानित हो चुके हैं। इनमें थियोडोर रूजवेल्ट, वुडरो विल्सन, जिमी कार्टर और बराक ओबामा के नाम शामिल हैं। ट्रंप लगातार अपने कूटनीतिक प्रयासों को इस सम्मान के योग्य बताते रहे हैं और पुरस्कार नहीं मिलने पर असंतोष जाहिर करते रहे हैं।


आरा में दिनदहाड़े हार्डवेयर कारोबारी की गोली मारकर हत्या, स्कूल से बच्चे को छोड़कर लौट रहे थे घर

आरा (भोजपुर)। बिहार के आरा में शनिवार सुबह अपराधियों ने एक हार्डवेयर कारोबारी को निशाना बनाकर उनकी हत्या कर दी। नवादा थाना क्षेत्र में बिहारी मिल ओवरब्रिज के पास सूर्य मंदिर के नजदीक हुई इस वारदात से इलाके में हड़कंप मच गया। कारोबारी स्कूटी से अपने घर लौट रहे थे, तभी बाइक सवार तीन हमलावरों ने उन पर गोली चला दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

मृतक की पहचान 35 वर्षीय उपेंद्र सिंह के रूप में हुई है। वह संदेश थाना क्षेत्र के बड़िहा गांव निवासी स्वर्गीय बैजू सिंह के पुत्र थे और बहीरो इलाके में हार्डवेयर की दुकान चलाते थे। उनका घर आरा के गोढ़ना रोड स्थित गौतम बुद्ध नगर में बताया गया है।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, उपेंद्र सिंह शनिवार सुबह करीब छह बजे अपने बच्चे को स्कूल छोड़ने गए थे। इसके बाद वह स्कूटी से घर लौट रहे थे। जब वह बिहारी मिल ओवरब्रिज के पास सूर्य मंदिर के नजदीक पहुंचे, तभी तीन हमलावरों ने उन्हें घेरकर गोली मार दी।

गोली लगने से उनकी मौत हो गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, हमलावर अपाचे बाइक पर सवार थे। वारदात के बाद तीनों आरोपी तेजी से मौके से निकल गए।

हत्या की जानकारी मिलने के बाद नवादा थाना पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और जांच शुरू की। थानाध्यक्ष कुमार रजनीकांत समेत अन्य पुलिस पदाधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस मृतक के परिजनों और आसपास मौजूद लोगों से पूछताछ कर रही है, ताकि घटना से जुड़े सुराग जुटाए जा सकें।

हमलावरों की पहचान के लिए घटनास्थल और आसपास के इलाकों में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।

पुलिस हत्या के पीछे की वजह का पता लगाने में जुटी है। शुरुआती जांच में भूमि विवाद और रुपये के लेन-देन समेत विभिन्न संभावित कारणों को ध्यान में रखकर पड़ताल की जा रही है। हालांकि, अभी तक हत्या की वास्तविक वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।

सुबह-सुबह हुई इस वारदात के बाद स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। पुलिस के सामने अब फरार हमलावरों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने और हत्या के कारणों का खुलासा करने की चुनौती है।


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