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पहाड़ में बागवानी से संवर रही जिंदगी, दीपक नौटियाल की पहल से 120 महिलाओं को मिला रोजगार

Daily Archives: 11/10/2026

पहाड़ में बागवानी से संवर रही जिंदगी, दीपक नौटियाल की पहल से 120 महिलाओं को मिला रोजगार

कीवी से लेकर माल्टा तक की खेती; महिला स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद देश-विदेश तक पहुंच रहे

पौड़ी गढ़वाल। पहाड़ों में स्वरोजगार की संभावनाओं को तलाशते हुए पौड़ी जिले के क्यार्क गांव निवासी दीपक नौटियाल ने बागवानी को आजीविका और ग्रामीण रोजगार का माध्यम बनाया है। दिल्ली और यूरोप में नौकरी करने के बाद उन्होंने वर्ष 2021 में बैंजवाड़ी में 30 नाली भूमि पर फल उत्पादन का फार्म शुरू किया। आज उनका यह प्रयास फल उत्पादन तक सीमित नहीं है, बल्कि स्थानीय महिला स्वयं सहायता समूहों को रोजगार से जोड़ने और पहाड़ी उत्पादों को बाजार तक पहुंचाने की दिशा में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।

30 नाली भूमि पर उगा रहे कई तरह के फल

दीपक नौटियाल ने शुरुआत में कीवी के 50 पौधे लगाए और वर्ष 2022 में इसका विस्तार किया। वर्तमान में उनके फार्म में करीब 250 कीवी, 400 सेब और 150 नींबू-माल्टा के पौधे हैं। इसके अलावा पुलम और एप्रिकॉट सहित अन्य फलों का भी उत्पादन किया जा रहा है। फार्म में एक सीजन के दौरान लगभग 18 क्विंटल कीवी का उत्पादन होता है, जिसकी तुड़ाई अक्टूबर में की जाती है।

बागवानी को बढ़ावा देने के लिए उद्यान विभाग की ओर से 80 प्रतिशत सब्सिडी के तहत सहयोग मिला। सिंचाई के लिए विभाग ने टैंक उपलब्ध कराया, जबकि कृषि विभाग की ओर से फार्म में घेरबाड़ कराई गई। विभागीय सहयोग और अपने प्रयासों से दीपक ने पहाड़ में फल उत्पादन की संभावनाओं को आगे बढ़ाया है।

महिला समूहों के उत्पादों को मिल रहा बाजार

दीपक की पहल की खास बात यह है कि उन्होंने स्थानीय महिलाओं को भी इस कार्य से जोड़ा है। फार्म में उत्पादित फलों की सफाई और प्रसंस्करण से लेकर विभिन्न उत्पाद तैयार करने तक महिला स्वयं सहायता समूहों की भागीदारी सुनिश्चित की गई है। फलों को महिला समूहों तक पहुंचाया जाता है, जहां महिलाएं बुरांश से जुड़े उत्पादों के साथ जैम, चटनी, अचार और बिस्किट सहित कई तरह के उत्पाद तैयार करती हैं।

इसके बाद इन उत्पादों की पैकेजिंग दिल्ली में की जाती है और उन्हें बाजार तक पहुंचाया जाता है। इस पूरी प्रक्रिया से पौड़ी क्षेत्र के करीब 10 से 12 महिला स्वयं सहायता समूह जुड़े हैं। इनके माध्यम से लगभग 120 महिलाओं को रोजगार और आजीविका के अवसर मिल रहे हैं।

दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु तक पहुंच रहे पहाड़ी उत्पाद

उत्पादों की बिक्री और मार्केटिंग के लिए दीपक ने ‘रंगीलो छबीलो ग्रुप’ के माध्यम से ऑनलाइन मांग की व्यवस्था विकसित की है। दिल्ली, मुंबई और बेंगलुरु सहित देश के विभिन्न शहरों से उत्पादों की मांग आती है। वहीं, कुछ उत्पाद यूरोप तक भी पहुंचाए जा रहे हैं। मार्केटिंग के कार्यों में करीब 22 लोगों की टीम जुड़ी हुई है।

इस पहल के जरिए स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने के साथ ही पहाड़ी क्षेत्र में तैयार होने वाले उत्पादों की पहुंच भी बढ़ रही है। इससे ग्रामीण महिलाओं को अपने उत्पादों के माध्यम से आय अर्जित करने का अवसर मिल रहा है।

सीजन में 10 से 15 लोगों को मिलता है काम

दीपक नौटियाल के अनुसार, फार्म में सामान्य दिनों में चार लोग काम करते हैं, जबकि सीजन के दौरान 10 से 15 लोगों को रोजगार मिलता है। फार्म में बिना दवाइयों के उत्पादन पर भी जोर दिया जा रहा है। उनका मानना है कि यदि खेती और बागवानी को सही बाजार, प्रसंस्करण और मार्केटिंग से जोड़ा जाए तो पहाड़ों में रोजगार के नए अवसर पैदा किए जा सकते हैं।

दीपक नौटियाल की यह पहल बताती है कि स्थानीय संसाधनों का बेहतर उपयोग कर ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत बनाया जा सकता है। फल उत्पादन से शुरू हुआ उनका प्रयास आज महिला स्वयं सहायता समूहों, उत्पाद प्रसंस्करण, पैकेजिंग और ऑनलाइन मार्केटिंग को जोड़ते हुए स्वरोजगार की एक ऐसी राह बना रहा है, जिससे पहाड़ की महिलाओं और स्थानीय लोगों को अपने क्षेत्र में ही आजीविका के अवसर मिल रहे हैं।


एसजीआरआर की ऑन्कोलॉजी टीम ने राष्ट्रीय सम्मेलन में हासिल की बड़ी उपलब्धि, जीते शीर्ष पुरस्कार

देहरादून स्थित श्री गुरु राम राय इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एंड हेल्थ साइंसेज (SGRR) के लिए यह गौरव का क्षण है। लखनऊ में आयोजित इंडियन एसोसिएशन ऑफ सर्जिकल ऑन्कोलॉजी (IASO) के वार्षिक राष्ट्रीय सम्मेलन में संस्थान के ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रशिक्षुओं ने उत्कृष्ट प्रदर्शन कर संस्थान का मान बढ़ाया।

डॉ. दिव्या सेंगर ने क्विज प्रतियोगिता में प्रथम और डॉ. तेजा ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। दोनों प्रतिभाशाली प्रशिक्षुओं को पदक प्रदान कर सम्मानित किया गया। वहीं, डॉ. कनिका को सम्मेलन में सर्वश्रेष्ठ समीक्षक के सम्मान से नवाजा गया।

इसके अतिरिक्त, ऑन्कोलॉजी विभाग के प्रोफेसर एवं विभागाध्यक्ष डॉ. पंकज गर्ग को आईएएसओ के स्वर्ण जयंती समारोह में सोसाइटी की पत्रिका में उनके उल्लेखनीय योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

इस गौरवपूर्ण उपलब्धि पर एसजीआरआर के अध्यक्ष श्री महंत देवेंद्र दास जी महाराज ने सभी पुरस्कार विजेताओं एवं विभाग को आशीर्वाद और बधाई दी।यह सफलता संस्थान की उत्कृष्ट चिकित्सा शिक्षा, शोध एवं प्रतिभाशाली चिकित्सकों के समर्पण का प्रतीक है। एसजीआरआर की ऑन्कोलॉजी टीम की यह उपलब्धि चिकित्सा जगत में संस्थान की प्रतिष्ठा को और मजबूत करती है।

 


दून अस्पताल में चापड़ लहराकर डॉक्टरों और कर्मचारियों को धमकाने वाला आरोपी गिरफ्तार

छोटे भाई के विवाद की सूचना पर शराब के नशे में चापड़ लेकर पहुंचा था आरोपी, पुलिस ने हथियार किया बरामद

लूट और हत्या के प्रयास समेत कई आपराधिक मुकदमे पहले से दर्ज

देहरादून। राजकीय दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी में चापड़ लेकर घुसने और चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ व सुरक्षाकर्मियों को डराने-धमकाने के मामले में देहरादून पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल किया गया चापड़ भी बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान रौनक मल्होत्रा (29 वर्ष) निवासी कैंट क्षेत्र, देहरादून के रूप में हुई है।

पुलिस के अनुसार, 9 अक्टूबर 2026 को दून मेडिकल कॉलेज अस्पताल की इमरजेंसी विभाग की मेडिकल सुपरिटेंडेंट डॉ. शोभा ने कोतवाली नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि एक अज्ञात व्यक्ति हाथ में चापड़ लेकर इमरजेंसी वार्ड में घुस आया और हथियार लहराते हुए ड्यूटी पर तैनात चिकित्सकों, नर्सिंग स्टाफ तथा सुरक्षाकर्मियों के बीच भय और असुरक्षा का माहौल पैदा किया। इस दौरान सरकारी कार्य में भी बाधा पहुंचाई गई।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी देहरादून के निर्देश पर आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई। पुलिस ने अस्पताल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपी की पहचान की। इसके बाद 11 अक्टूबर को कोतवाली नगर क्षेत्र से रौनक मल्होत्रा को गिरफ्तार कर लिया गया। चापड़ बरामद होने के बाद मामले में आर्म्स एक्ट की धारा 4/25 भी बढ़ाई गई है।

छोटे भाई के विवाद के बाद अस्पताल पहुंचा था आरोपी

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि घटना वाले दिन उसके छोटे भाई का दून अस्पताल में कुछ लोगों के साथ विवाद हो गया था। इसकी जानकारी मिलने पर वह शराब के नशे में चापड़ लेकर अस्पताल पहुंचा और वहां मौजूद डॉक्टरों व अन्य लोगों को डराने-धमकाने लगा।

पहले से दर्ज हैं कई आपराधिक मुकदमे

पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी का पूर्व में भी आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने का इतिहास रहा है। उसके खिलाफ लूट, हत्या के प्रयास, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं।देहरादून पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले में आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस टीम: उपनिरीक्षक मयंक ममगाईं, कांस्टेबल अरविंद, मान सिंह, लोकेन्द्र, एसओजी के हेड कांस्टेबल किरण कुमार तथा पीआरडी जवान प्रदीप कुमार शामिल रहे।


टिहरी में पर्यटन के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के विकास को दी जा रही प्राथमिकता : मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री धामी ने किया श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले की स्वर्ण जयंती का शुभारंभ

नवरात्रि के प्रथम दिवस पर ध्वजारोहण कर नौ दिवसीय मेले का उद्घाटन, सांस्कृतिक झांकियों का किया अवलोकन

नरेंद्रनगर:मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को नरेंद्रनगर में 50वें सिद्धपीठ श्री कुंजापुरी पर्यटन एवं विकास मेले का ध्वजारोहण कर शुभारंभ किया। उन्होंने सांस्कृतिक झांकियों का अवलोकन तथा विकास प्रदर्शनी का उद्घाटन कर विभागीय स्टॉलों का निरीक्षण किया। मुख्यमंत्री ने शहीद स्थल पर अमर शहीदों की प्रतिमाओं एवं स्वतंत्रता संग्राम शहीद स्मारक पर माल्यार्पण कर श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने मां कुंजापुरी के चित्र के सम्मुख दीप प्रज्वलित कर पूजा-अर्चना भी की।

मुख्यमंत्री ने शारदीय नवरात्रि और मेले की स्वर्ण जयंती की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि नवरात्रि पर मेले का शुभारंभ सुखद संयोग है। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर बेटियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उन्होंने कहा कि भारतीय संस्कृति में कन्याओं को मां भगवती का स्वरूप माना गया है। उन्होंने कहा कि 50वां श्री कुंजापुरी मेला लोक आस्था, सांस्कृतिक विरासत और गौरवशाली परंपराओं का प्रतीक है। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को संस्कृति से जोड़ने और व्यापार, पर्यटन को बढ़ावा देते हैं। उन्होंने मेले के संस्थापक श्री सुरेंद्र सिंह पांगती और आयोजन समिति के योगदान की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सांस्कृतिक एवं धार्मिक विरासत का संवर्धन हो रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम और केदारनाथ-बदरीनाथ धाम में विकास कार्य इसके उदाहरण हैं। राज्य सरकार केदारखंड और मानसखंड के प्रमुख मंदिरों में सुविधाओं के विस्तार के लिए कार्य कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि पलायन रोकना और युवाओं को स्थानीय रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। ‘एक जनपद-दो उत्पाद’ और ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के माध्यम से स्थानीय उत्पादों को देश-विदेश में बाजार मिल रहे हैं। ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड की बिक्री 6 करोड़ रुपये से अधिक हो चुकी है। स्टेट मिलेट मिशन, एप्पल मिशन, फार्म मशीनरी बैंक, होमस्टे, पर्यटन एवं फिल्म नीति तथा ‘वेड इन उत्तराखंड’ जैसी पहलों से स्वरोजगार को बढ़ावा मिल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में रिवर्स पलायन में 44 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान के संरक्षण के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने समान नागरिक संहिता, सशक्त भू-कानून, धर्मांतरण विरोधी कानून, दंगा रोधी कानून और नकल विरोधी कानून का उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि 13 हजार एकड़ से अधिक सरकारी भूमि अतिक्रमण मुक्त कराई गई है। उन्होंने ऑपरेशन कालनेमि और अवैध मदरसों के विरुद्ध कार्रवाई का उल्लेख करते हुए कहा कि पारदर्शी भर्ती प्रक्रियाओं से 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी सेवाओं में नियुक्तियां दी गई हैं।

मुख्यमंत्री ने टिहरी के विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि टिहरी झील के चारों ओर रिंग रोड और पर्यटन मार्ग विकसित किए जा रहे हैं। झील क्षेत्र में जलक्रीड़ा, साहसिक पर्यटन और होमस्टे को बढ़ावा दिया जा रहा है, जिससे रोजगार बढ़ रहा है। उन्होंने नरेंद्रनगर में राजकीय पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, केंद्रीय विद्यालय, विधि महाविद्यालय, सभागार निर्माण, गजा अस्पताल के उच्चीकरण तथा लगभग 50 करोड़ रुपये की सीवर लाइन परियोजना का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा, स्वास्थ्य और आधारभूत सुविधाओं के विस्तार को प्राथमिकता दी जा रही है।

मेले में छोलिया नृत्य, गाडू घड़ा (तेल कलश) की परंपरा, महिषासुर मर्दिनी, प्रह्लाद की भक्ति पर आधारित नरसिंह अवतार, मां कुंजापुरी, भारत की गौरवशाली बेटियां तथा बदलता एवं बढ़ता नरेंद्रनगर सहित विषयों पर आकर्षक झांकियां प्रस्तुत की गईं। इनमें विद्यार्थियों और सांस्कृतिक दलों ने भाग लिया।

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने मेले की स्वर्ण जयंती की बधाई देते हुए कहा कि यह आयोजन लोक संस्कृति के संरक्षण के साथ खेल, पर्यटन और स्थानीय प्रतिभाओं को मंच प्रदान करता है। उन्होंने पॉलिटेक्निक के उच्चीकरण, विधि महाविद्यालय के लिए बजट एवं पदों के सृजन और सीवर लाइन सहित विभिन्न विकास कार्यों के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। संस्थापक श्री सुरेंद्र सिंह पांगती ने अनुभव साझा किए। नगर पालिका परिषद नरेंद्रनगर के अध्यक्ष श्री राजेंद्र विक्रम पंवार ने भी शुभकामनाएं दीं।

11 से 19 अक्टूबर तक चलने वाले इस राज्यस्तरीय मेले में खेलकूद एवं विद्यालय स्तरीय प्रतियोगिताओं के साथ सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। पद्मश्री डॉ. बसंती बिष्ट, नरेंद्र सिंह नेगी, मीना राणा, संगीता ढौंडियाल, किशन महिपाल, पांडवाज बैंड तथा अन्य कलाकार प्रस्तुतियां देंगे। मेले का समापन पद्मश्री जागर सम्राट प्रीतम भरतवाण के जागर गायन के साथ होगा।

इस अवसर पर ब्लॉक प्रमुख नरेंद्रनगर दीक्षा राणा, नगर पंचायत अध्यक्ष तपोवन विनीता बिष्ट, ऋषिकेश के महापौर शंभू पासवान, नगर पंचायत अध्यक्ष गजा कुंवर सिंह चौहान, भाजपा जिलाध्यक्ष उदय रावत, जिलाधिकारी नितिका खण्डेलवाल, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्वेता चौबे, मुख्य विकास अधिकारी वरुणा अग्रवाल, अपर जिलाधिकारी शैलेंद्र सिंह नेगी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।


बाथरूम में करंट लगने से अवर अभियंता अनिल कुमार की मौत, गीजर से करंट लीक होने की आशंका

रविवार को थी ड्यूटी, कार्यालय नहीं पहुंचे तो कर्मचारियों ने किया फोन; जवाब नहीं मिलने पर पड़ोसी को भेजा

देहरादून/कालागढ़। सिंचाई विभाग के शिविर प्रबंध खंड में तैनात अवर अभियंता अनिल कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में करंट लगने से मौत हो गई। रविवार को वह अपने आवास के बाथरूम में बेहोशी की हालत में मिले। प्रारंभिक जांच में बाथरूम में लगे गीजर से करंट लीक होने की आशंका जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, अनिल कुमार कालागढ़ की नई कॉलोनी में रहते थे। रविवार को उनकी ड्यूटी थी, लेकिन वह कार्यालय नहीं पहुंचे। इस पर विभागीय कर्मचारियों ने उन्हें फोन किया। कई बार कॉल करने के बावजूद जवाब नहीं मिलने पर कर्मचारियों ने उनके पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति से संपर्क किया और घर जाकर उनकी कुशलक्षेम जानने का अनुरोध किया।

पड़ोसी जब उनके आवास पर पहुंचा तो अनिल कुमार बाथरूम में बेहोश पड़े मिले। इसकी सूचना तत्काल विभाग को दी गई। इसके बाद विभागीय कर्मचारी और पुलिस मौके पर पहुंचे। जांच के दौरान अनिल कुमार की मौत की पुष्टि हुई। उनके दाएं हाथ पर करंट लगने का निशान भी मिला।

थानाध्यक्ष संजीव कुमार ममगाईं के अनुसार, अनिल कुमार की घटनास्थल पर ही मौत हो चुकी थी। प्रारंभिक तौर पर बाथरूम में लगे गीजर से करंट लीक होने की आशंका है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी।

काशीपुर में रहता है परिवार

अनिल कुमार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के नहटौर थाना क्षेत्र के ग्राम रूखुड़ियों के निवासी थे। उनका परिवार काशीपुर में रहता है। उनकी पत्नी और बेटी जसपुर, ऊधमसिंह नगर में रहते हैं, जहां उनकी बेटी पढ़ाई कर रही है। वहीं, उनका बेटा लक्ष्य दिल्ली में रहकर पढ़ाई करता है।

घटना की सूचना मिलने के बाद परिवार में शोक छा गया। अचानक हुई इस घटना से परिचितों और विभागीय कर्मचारियों में भी दुख का माहौल है।


समृद्ध किसान, सशक्त उत्तराखण्ड अभियान के तहत हल्द्वानी पहुँचा कृषक रथ

किसानों को कृषि एवं संबंधित विभागों की योजनाओं की दी गई जानकारी

हल्द्वानी : सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत संचालित ‘समृद्ध किसान, सशक्त उत्तराखण्ड’ कार्यक्रम के तहत विभिन्न जनपदों में भ्रमण कर रहा कृषक रथ रविवार को हल्द्वानी पहुँचा। इस अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बंशीधर भगत ने किसानों को प्राकृतिक खेती अपनाने के लिए प्रेरित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए बंशीधर भगत ने किसानों से प्राकृतिक एवं रसायनमुक्त खेती को बढ़ावा देने की अपील की। उन्होंने कहा कि प्राकृतिक खेती से भूमि की उर्वरता बनाए रखने और किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

उन्होंने किसानों से अपनी फार्मर रजिस्ट्री कराने तथा मतदाता सूची में अपना नाम दर्ज होने की पुष्टि करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में सरकारी योजनाओं का लाभ प्राप्त करने की प्रक्रिया डिजिटल हो रही है। ऐसे में किसानों के लिए आवश्यक पंजीकरण एवं अभिलेखों को अद्यतन रखना महत्वपूर्ण है।

कार्यक्रम में कृषि विभाग, पशुपालन विभाग, मत्स्य विभाग सहित अन्य संबंधित विभागों की ओर से स्टॉल लगाए गए। इनके माध्यम से किसानों एवं लाभार्थियों को विभिन्न विभागीय योजनाओं की जानकारी दी गई।

उन्होंने बताया कि कृषक रथों के माध्यम से गढ़वाल एवं कुमाऊँ मंडल के विभिन्न जनपदों में भ्रमण कर किसानों तक कृषि एवं संबंधित विभागों की योजनाओं की जानकारी पहुँचाई गई।

कार्यक्रम के अंत में मुख्य अतिथि बंशीधर भगत ने कृषक रथ को हरी झंडी दिखाकर देहरादून के लिए रवाना किया।

कार्यक्रम में विधायक बंशीधर भगत, जिला विकास अधिकारी संतोष पंत, मुख्य कृषि अधिकारी संतोषी, खण्ड विकास अधिकारी तनवीर असगर, कृषि विज्ञान केन्द्र के वैज्ञानिक डॉ. कंचन नैनवाल, उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. अरविंद हयांकी, कृषि रक्षा अधिकारी रितु टम्टा, कृषि एवम् भूमिसंरक्षण अधिकारी डॉ. गीतांजलि बंगारी, हिमांशु जोशी, सहायक निदेशक मत्स्य रजनी, प्रगतिशील किसान नरेंद्र मेहरा, वैज्ञानिक कृषि विज्ञान केन्द्र डॉ.सुधा ज़ुकारिया, आईएफएफओ के प्रबंधक दीपक आर्या, जिला उपाध्यक्ष भाजपा प्रताप सिंह बोहरा, मंडल अध्यक्ष संदीप सनवाल, जीएस मेहरा आदि उपस्थित थे


अतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्यमंत्री ने 149 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन प्रदान कर किया सम्मानित

कन्या पूजन तभी सार्थक, जब बेटियों को मिले सम्मान, सुरक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर : मुख्यमंत्री

देहरादून : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने रविवार को देहरादून स्थित आईआरटीडी प्रेक्षागार में अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर आयोजित ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम’ में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाली 149 मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन प्रदान कर सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने सभी मेधावी बालिकाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

मुख्यमंत्री ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस और शारदीय नवरात्रि का प्रथम दिवस एक साथ होना विशेष संयोग है। भारतीय संस्कृति में सदियों से कन्याओं को शक्ति का स्वरूप मानकर उनका पूजन किया जाता रहा है। उन्होंने कहा कि कन्या पूजन की वास्तविक सार्थकता तभी है, जब हम बेटियों को सम्मान, सुरक्षा, शिक्षा और आगे बढ़ने के समान अवसर प्रदान करें। बेटियां केवल परिवार की खुशियां ही नहीं, बल्कि समाज की शक्ति और राष्ट्र के उज्ज्वल भविष्य की आधारशिला भी हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तीकरण की दिशा में अनेक महत्वपूर्ण पहल की गई हैं। बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ, सुकन्या समृद्धि योजना, नारी शक्ति वंदन अधिनियम और लखपति दीदी जैसी पहलों से महिलाओं एवं बेटियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिल रहे हैं। राज्य सरकार भी बेटियों के जन्म से लेकर उनकी शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार तक प्रत्येक स्तर पर सहयोग प्रदान कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में सरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण दिया जा रहा है। नंदा गौरा योजना के अंतर्गत बेटी के जन्म पर 11 हजार रुपये तथा 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने पर 51 हजार रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। इस योजना से अब तक चार लाख से अधिक बेटियां लाभान्वित हो चुकी हैं। मुख्यमंत्री महालक्ष्मी योजना के माध्यम से माताओं एवं नवजात शिशुओं के स्वास्थ्य और पोषण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मुख्यमंत्री वात्सल्य योजना के माध्यम से कठिन परिस्थितियों में जीवनयापन करने वाले बच्चों को आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का प्रयास है कि कोई भी बेटी आर्थिक अभाव के कारण शिक्षा से वंचित न रहे। राजकीय एवं सहायता प्राप्त विद्यालयों में कक्षा एक से 12वीं तक निःशुल्क पाठ्य पुस्तकें उपलब्ध कराई जा रही हैं। मुख्यमंत्री मेधावी छात्र प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उच्च शिक्षा प्रोत्साहन छात्रवृत्ति योजना और गार्गी संस्कृत बालिका छात्रवृत्ति योजना के माध्यम से विद्यार्थियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है। निःशुल्क साइकिल योजना तथा महिला छात्रावासों के निर्माण जैसी पहलों से भी बालिका शिक्षा को बढ़ावा दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान समय में डिजिटल शिक्षा और आधुनिक तकनीक का विशेष महत्व है। बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम के अंतर्गत मेधावी बालिकाओं को स्मार्टफोन उपलब्ध कराने का उद्देश्य उन्हें तकनीक से जोड़कर ज्ञान और कौशल विकास के नए अवसर प्रदान करना है। उन्होंने कहा कि राजकीय विद्यालयों में अध्ययनरत कक्षा 10वीं और 12वीं के छात्र-छात्राओं को टैबलेट उपलब्ध कराने के लिए डीबीटी के माध्यम से धनराशि देने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इससे विद्यार्थियों को डिजिटल शिक्षा के बेहतर अवसर मिलेंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों को शिक्षा के साथ कौशल विकास, नवाचार और स्वरोजगार से जोड़ने के लिए भी निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। ड्रोन दीदी योजना के माध्यम से ड्रोन संचालन का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। आलम्बन आर्ट, आलम्बन गांव और आलम्बन कैफे जैसी पहलों से जरूरतमंद महिलाओं और किशोरियों को आजीविका के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। इसके साथ ही नव्या 2.0 के माध्यम से हरिद्वार और ऊधम सिंह नगर की किशोरियों एवं युवतियों को कौशल विकास तथा उद्यमिता का प्रशिक्षण दिया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेटियों की शिक्षा के साथ उनकी सुरक्षा भी राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। बाल विवाह और अन्य सामाजिक बुराइयों की रोकथाम के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। अनाथ बच्चों के लिए राजकीय सेवाओं में पांच प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण तथा पॉक्सो पीड़ित बच्चों को कानूनी सहायता एवं मानसिक देखभाल उपलब्ध कराने के लिए प्रत्येक जनपद में सपोर्ट पर्सन की व्यवस्था की गई है। उन्होंने कहा कि प्रत्येक बेटी को भयमुक्त वातावरण में शिक्षा प्राप्त करने और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए।

मुख्यमंत्री ने कहा कि युवाओं की मेहनत और प्रतिभा के साथ किसी प्रकार का अन्याय न हो, इसके लिए राज्य में कठोर नकल विरोधी कानून लागू किया गया है। पिछले पांच वर्षों में 35 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरियां प्राप्त हुई हैं। मुख्यमंत्री ने बालिकाओं से बड़े सपने देखने, निरंतर परिश्रम करने और आत्मविश्वास के साथ अपने लक्ष्य की ओर आगे बढ़ने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड को देश का श्रेष्ठ राज्य बनाने के संकल्प के साथ राज्य सरकार प्रत्येक बेटी को आगे बढ़ने के अवसर उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है।

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्य ने कहा कि मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता के लिए निरंतर कार्य कर रही है। बालिका शिक्षा प्रोत्साहन कार्यक्रम के माध्यम से मेधावी बालिकाओं को सम्मानित करने का उद्देश्य उनकी उपलब्धियों को प्रोत्साहन देने के साथ अन्य बेटियों को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने कहा कि बेटियों को समान अवसर प्रदान करना और उन्हें आत्मनिर्भर बनाना समाज के समग्र विकास के लिए आवश्यक है। उन्होंने सभी सम्मानित बालिकाओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, अपर सचिव कर्मेंद्र सिंह, निदेशक महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास बंशीलाल राणा एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक: देहरादून में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, शराब पीकर वाहन चलाने वाले 27 गिरफ्तार

देर रात होटल, बार और पब में औचक छापेमारी, निर्धारित समय के बाद खुला मिला D3 बार; लाइसेंस निरस्त करने की संस्तुति

61 युवक पूछताछ के लिए थाने लाए गए, 39 वाहन सीज और 97 वाहन चालकों के चालान

देहरादून। अपराधियों और संदिग्ध व्यक्तियों के विरुद्ध कार्रवाई के लिए दून पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार के तहत ऑपरेशन नाइट स्ट्राइक चलाया। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर 10 और 11 अक्टूबर की मध्यरात्रि में पुलिस की अलग-अलग टीमों ने शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों में सघन चेकिंग अभियान चलाते हुए होटल, बार, पब और रेस्टोरेंट में औचक छापेमारी की।

अभियान के दौरान पुलिस ने शराब पीकर वाहन चलाने वाले 27 व्यक्तियों को गिरफ्तार किया। वहीं, देर रात अनावश्यक रूप से घूम रहे 61 व्यक्तियों और युवकों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया। पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की।

निर्धारित समय के बाद खुला मिला D3 बार

पुलिस की छापेमारी के दौरान धोरन रोड स्थित D3 बार निर्धारित समयावधि के बाद भी खुला मिला। इसके साथ ही बार में लाइसेंस की शर्तों का उल्लंघन भी पाया गया। पुलिस ने बार संचालक के विरुद्ध पुलिस अधिनियम की धारा 83 के तहत कार्रवाई की और बार का लाइसेंस निरस्त करने के लिए जिला प्रशासन को रिपोर्ट भेजी।

नशे में वाहन चलाने वालों पर सख्ती

नाइट स्ट्राइक के दौरान शराब पीकर वाहन चलाने वाले 27 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर संबंधित वाहनों को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 185 के तहत सीज किया गया। यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 97 वाहन चालकों के चालान किए गए, जबकि 39 वाहनों को सीज किया गया।

इसके अतिरिक्त नियमों का उल्लंघन करने वाले 78 व्यक्तियों के विरुद्ध पुलिस अधिनियम की धारा 81 के तहत चालान की कार्रवाई की गई।

रात में हुड़दंग और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर

एसएसपी देहरादून ने सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में प्रभावी चेकिंग अभियान चलाने के निर्देश दिए हैं। विशेष रूप से देर रात अनावश्यक रूप से सड़कों पर घूमने वाले व्यक्तियों, हुड़दंग करने वालों और निर्धारित समय के बाद संचालित होने वाले बार व रेस्टोरेंट पर कार्रवाई करने को कहा गया है।

पुलिस अधिकारियों के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारियों के नेतृत्व में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य जनपद में कानून-व्यवस्था बनाए रखना, सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाना और आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध प्रभावी कार्रवाई करना है।

 


देहरादून में पुलिस का व्यापक सत्यापन अभियान, 147 भवन स्वामियों पर 14.70 लाख रुपये का जुर्माना

मलिन बस्तियों से पॉश कॉलोनियों और हॉस्टल-पीजी तक पहुंची पुलिस, 1500 से अधिक बाहरी व्यक्तियों का सत्यापन

संदिग्ध गतिविधियों के चलते 23 लोगों को पूछताछ के लिए थाने लाया गया

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देशों पर दून पुलिस ने रविवार को नगर से लेकर देहात तक व्यापक सत्यापन अभियान चलाया। अभियान के तहत मलिन बस्तियों, पॉश कॉलोनियों, हॉस्टल, पीजी और होम स्टे में रहने वाले 1500 से अधिक किरायेदारों, बाहरी व्यक्तियों और छात्रों का सत्यापन किया गया।

अभियान के दौरान पुलिस ने पूर्व में आपराधिक घटनाओं में संलिप्त रहे, प्रकाश में आए तथा जमानत पर चल रहे 28 अभियुक्तों का भी भौतिक सत्यापन किया।

147 भवन स्वामियों पर कार्रवाई

सत्यापन अभियान के दौरान किरायेदारों और घरेलू नौकरों का सत्यापन नहीं कराने तथा अन्य अनियमितताएं पाए जाने पर पुलिस ने 147 भवन स्वामियों के खिलाफ धारा 83 पुलिस अधिनियम के तहत चालान की कार्रवाई की। इन भवन स्वामियों पर कुल 14 लाख 70 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया।

23 संदिग्धों से पूछताछ

अलग-अलग थाना क्षेत्रों में अभियान के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में घूम रहे 23 व्यक्तियों को पुलिस आवश्यक पूछताछ के लिए थाने लेकर आई। पुलिस द्वारा इन व्यक्तियों से पूछताछ करने के साथ ही उनके सत्यापन की कार्रवाई की गई।

अपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्तियों पर पुलिस की नजर

एसएसपी देहरादून ने अधीनस्थ अधिकारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में आपराधिक पृष्ठभूमि वाले बाहरी व्यक्तियों की तलाश करने और संदिग्ध व्यक्तियों का सत्यापन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध वैधानिक कार्रवाई करने को कहा गया है।

दून पुलिस का कहना है कि जनपद में कानून-व्यवस्था मजबूत बनाए रखने और आपराधिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए सत्यापन अभियान आगे भी जारी रहेगा।


बेटियों की प्रतिभा को सम्मान देना और उन्हें सशक्त बनाने की दिशा में सरकार कर रही लगातार कार्य-रेखा आर्या

समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं का रहा है सदैव उल्लेखनीय योगदान-रेखा आर्या

अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन’ कार्यक्रम में शामिल हुईं कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या, मेधावी छात्राओं को स्मार्ट फोन देकर किया सम्मानित

देहरादून : आज अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के साथ देहरादून स्थित आईआरडीटीटी सभागार , सर्वे चौक में आयोजित ‘बालिका शिक्षा प्रोत्साहन’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया।कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया।

कार्यक्रम में उत्तराखंड बोर्ड की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में जनपद स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय तथा विकासखंड स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली मेधावी बालिकाओं को स्मार्ट फोन देकर सम्मानित किया गया। इस वर्ष कुल 149 मेधावी बालिकाओं को पुरस्कृत किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बालिकाओं को शिक्षा के प्रति प्रोत्साहित करना, उनकी प्रतिभा को सम्मान देना और डिजिटल संसाधनों के माध्यम से उनकी शैक्षिक प्रगति को बढ़ावा देना है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बालिकाओं को संबोधित करते हुए कहा कि समाज और राष्ट्र के निर्माण में महिलाओं का सदैव उल्लेखनीय योगदान रहा है। अंतरराष्ट्रीय बालिका दिवस केवल बालिकाओं के सशक्तिकरण का ही नहीं, बल्कि उनके भीतर छिपी प्रतिभा, क्षमता और सामर्थ्य को पहचानने तथा सम्मान देने का भी अवसर है।

उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था, जब समाज में बेटियों के जन्म को अभिशाप के रूप में देखा जाता था, लेकिन समय के साथ शिक्षा के बढ़ते अवसरों और सामाजिक जागरूकता ने इस सोच को बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। आज बेटियां अपनी मेहनत, प्रतिभा और दृढ़ संकल्प के बल पर प्रत्येक क्षेत्र में सफलता के नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं। वे न केवल अपने परिवार और प्रदेश का नाम रोशन कर रही हैं, बल्कि अन्य लोगों के लिए भी प्रेरणास्रोत बन रही हैं।

मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि बेटियों को बेहतर शिक्षा, समान अवसर और प्रोत्साहन उपलब्ध कराना आवश्यक है, ताकि वे आत्मनिर्भर बनकर अपने सपनों को साकार कर सकें और विकसित भारत के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं।उन्होंने मेधावी छात्राओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि वे अपनी उपलब्धियों को अंतिम मंजिल नहीं, बल्कि आगे बढ़ने की शुरुआत मानें,साथ ही अपने सपनों को ऊंची उड़ान दें और चुनौतियों का सामना करें।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री खजान दास, अपर सचिव कर्मेंद्र सिंह, निदेशक बी.एल. राणा, उपनिदेशक विक्रम सिंह, राज्य परियोजना अधिकारी मोहित चौधरी सहित विभागीय अधिकारी, कर्मचारी एवं बड़ी संख्या में मेधावी बालिकाएं उपस्थित रहीं।


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