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हिमंत बिस्वा सरमा दूसरी बार बने असम के मुख्यमंत्री, राज्यपाल ने दिलाई शपथ

Category Archives: राजनीति

हिमंत बिस्वा सरमा दूसरी बार बने असम के मुख्यमंत्री, राज्यपाल ने दिलाई शपथ

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र समेत कई दिग्गज नेता रहे मौजूद 

गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत भाजपा और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ चार विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें भाजपा के रामेश्वर तेली और अजंता नियोग, असम गण परिषद (AGP) के अतुल बोरा तथा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के चरण बोरो शामिल हैं। नई सरकार में सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व देकर एनडीए ने गठबंधन की मजबूती का संदेश दिया है।

शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, सर्बानंद सोनोवाल, पवित्र मार्घेरिटा, कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल हुए। समारोह को लेकर पूरे गुवाहाटी में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

असम विधानसभा चुनाव में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 126 में से 101 सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा गठबंधन को 81 सीटें मिलीं, जबकि सहयोगी दल AGP और BPF ने 10-10 सीटों पर कब्जा जमाया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी अपनी सीट रिकॉर्ड मतों से जीतकर राजनीतिक मजबूती दिखाई।

नई सरकार में शामिल रामेश्वर तेली को जनजातीय समुदाय का बड़ा चेहरा माना जाता है। वह केंद्र सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं और लंबे राजनीतिक अनुभव के चलते उन्हें अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं अजंता नियोग लगातार छठी बार विधायक चुनी गई हैं और पिछली सरकार में वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।

असम गण परिषद के अध्यक्ष अतुल बोरा भी एक बार फिर मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हैं। छात्र राजनीति से उभरे बोरा लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय हैं। वहीं चरण बोरो बोडोलैंड क्षेत्र के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं और भाजपा-बीपीएफ गठबंधन को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चुनावी जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार की विकास नीतियों को दिया। नई सरकार से राज्य में विकास परियोजनाओं को और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


सुवेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, कल होगा शपथ ग्रहण

अमित शाह की मौजूदगी में सुवेंदु अधिकारी के नाम पर लगी मुहर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई इस अहम बैठक में भाजपा विधायकों ने एकमत होकर उनके नाम का समर्थन किया। अब शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नई भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा।

बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सुवेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने समर्थन दिया। इसके बाद अमित शाह ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की। शाह ने कहा कि विधायक दल की बैठक में कई प्रस्ताव आए, लेकिन अंततः सभी विधायक एक ही नाम पर सहमत दिखे और सर्वसम्मति से नेता का चयन किया गया।

मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा के आठ विधायकों ने सुवेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा था। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अब वह पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा ऐतिहासिक आयोजन के रूप में पेश करने की तैयारी में है। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं। समारोह में करीब 50 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। तृणमूल शासन के दौरान मारे गए 200 से अधिक कार्यकर्ताओं के परिवारों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।

बैठक से पहले अमित शाह ने कोलकाता स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद पार्टी नेताओं के साथ सरकार गठन तथा मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा की। बताया जा रहा है कि नई सरकार की प्राथमिकताओं और विभागों के बंटवारे पर भी मंथन हुआ।

भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने भाजपा नेताओं के बंगाल नहीं आने के दावे किए थे, उन्हें जनता ने जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि विधायक दल की बैठक के बाद नेतृत्व को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है।

इस विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। 294 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी ने 206 सीटों पर जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत हासिल किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई। 2021 के चुनाव में भाजपा को 77 सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार पार्टी ने ऐतिहासिक बढ़त बनाते हुए पहली बार बंगाल में सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है।


महिला आरक्षण बिल के खिलाफ विपक्षी वोटिंग शर्मनाक- भट्ट

बिल के खिलाफ वोटिंग वाले विपक्ष को महिलाएं, वोट लायक नहीं छोड़ेंगी- भाजपा

मातृशक्ति अपमान वाले विपक्ष को जनता चुनाव में सिखाएगी सबक

बिल विरोध से कांग्रेसी महिला विरोधी चेहरा फिर उजागर- भट्ट

देहरादून। भाजपा ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को बाधित करने और उसे अपनी जीत बताने वाले विपक्षी दावों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा ने विपक्ष के इस कृत्य को ‘महिला विरोधी मानसिकता’ का परिचायक और बेहद शर्मनाक करार दिया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इस पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने वर्ष 2029 में महिला आरक्षण लागू होने के करोड़ों महिलाओं के सपने को अपने नकारात्मक वोटों से चोट पहुँचाई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस और उसके साथियों ने भले ही सदन में वोट की राजनीति कर महिलाओं के अधिकारों का रास्ता रोकने का प्रयास किया हो, लेकिन वे देश की मातृशक्ति के हौसलों को नहीं तोड़ पाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की महिलाएं जागृत हैं और आने वाले सभी चुनावों में जनता इस विपक्ष को संसद और विधानसभाओं में वोट देने के लायक भी नहीं छोड़ेगी।

उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन की महिला अधिकारों को लेकर पोल खोलकर रख दी है। ये दल पिछले 70 वर्षों से महिलाओं को छलते आए हैं और आज एक बार फिर सदन के भीतर उन्होंने वही पुराना इतिहास दोहराया है। विपक्ष की इस घृणित सोच ने यह सिद्ध कर दिया है कि उनके लिए महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा है। उन्होंने 2023 में 2024 चुनाव की मजबूरी में इस बिल का समर्थन कर मातृ शक्ति को धोखा दिया था।

प्रदेश अध्यक्ष ने सबसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति विपक्षी महिला सांसदों के रुख को बताया। उन्होंने कहा कि यह बेहद अफसोसजनक है कि विपक्ष की महिला सांसदों ने भी अपनी ही साथी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय दलगत राजनीति को ऊपर रखा। अब ये नेता अपने घरों और समाज में माताओं-बहनों से किस प्रकार नजरें मिलाएंगे?

भट्ट ने राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं द्वारा इसे ‘अपनी जीत’ बताए जाने पर हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की हार को अपनी जीत बताना विपक्ष के मानसिक दिवालियेपन को दर्शाता है। भाजपा ने संकल्प दोहराया कि मातृशक्ति के सम्मान और अधिकार की इस लड़ाई को पीएम मोदी के नेतृत्व में अंतिम अंजाम तक पहुँचाया जाएगा और जनता लोकतंत्र के जरिए इस अपमान का बदला लेगी।


नारी शक्ति अधिनियम के समर्थन में भाजपा का जागरूकता अभियान

देहरादून। भाजपा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जन जागरूकता की दृष्टि से पदयात्रा, स्कूटी रैली एवं मानव श्रृंखला आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया है।

परेड ग्राउंड स्थित पार्टी महानगर कार्यालय से महिला और युवा मोर्चा के नेतृत्व में इन कार्यक्रमों का आयोजनों किया गया। जिसमें जनता विशेषकर महिलाओं को कानून के फायदे और अधिकारों को लेकर जागरूक किया गया। कार्यक्रमों का उद्देश्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक इस महत्वपूर्ण अधिनियम की जानकारी पहुंचाना एवं महिलाओं में बढ़ती भागीदारी के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। इस अवसर पर परैड ग्राउंड में महानगर कार्यालय से पद यात्रा, स्कूटी रैली एवं मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ परैड ग्राउंड से हुआ, जहां एक विशेष हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। जिसमें उपस्थित लोगों ने हस्ताक्षर कर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

इस अवसर महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री और भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत ने कहा कि यह अधिनियम एक लंबे समय से महिलाओं की मांग रहा है और ये बहुत ही हर्ष की बात है कि मोदी सरकार द्वारा अब इस मांग को पूरा किया जा रहा है। अब पार्टी कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों और बुद्धिजीवी आदि सभी जागरूक लोगों की जिम्मेदारी है कि जन जन में कानून की जानकारी पहुंचाएं। ताकि संविधान निर्माण में मातृ शक्ति की भागेदारी का संदेश देश में नई ऊर्जा का सृजन करे।

वहीं कार्यक्रम में उपस्थित महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रूचि भट्ट ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह अधिनियम केवल आरक्षण का प्रावधान नहीं, बल्कि महिलाओं को निर्णय लेने की मुख्यधारा में लाने का सशक्त माध्यम है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को जो सम्मान और अवसर मिला है, वह अभूतपूर्व है। उसपर यह अधिनियम उसी सोच का विस्तार है, जिसके लिए हम उनका हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। पार्टी का महिला मोर्चा जनजागरण अभियान के माध्यम से हर घर तक मातृ शक्ति के इस संदेश को पहुंचाने का कार्य कर रहा है।

मोर्चा प्रदेश मीडिया प्रभारी डाक्टर दिव्या नेगी ने जानकारी दी कि इस जनजागरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवतियों, महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूह की बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और महिला सशक्तिकरण के इस अभियान को मजबूती प्रदान की। रैली में हजारों वाहनों और पदयात्रियों ने मिलकर हस्ताक्षर अभियान से अधिनियम के पक्ष में समर्थन जुटाया। कार्यक्रम में सभी नागरिकों से आह्वान किया गया कि वे इस प्रकार के जनजागरण अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाकर महिला सशक्तिकरण के इस महायज्ञ को सफल बनाएं।

कार्यक्रम में प्रदेश एवं जिला स्तर के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा श्रीमती रुचि भट्ट, प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, महिला मोर्चा से प्रदेश महामंत्री हिमानी वैष्णव, प्रदेश मंत्री नेहा शर्मा, प्रदेश मंत्री कविता शाह, मोर्चा प्रदेश मीडिया प्रभारी डाक्टर दिव्या नेगी, कार्यालय सह प्रभारी बबली चौहान, गढ़वाल सह संयोजक अर्चना बागड़ी, प्रदेश प्रवक्ता जानकी नोटियाल, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विपुल मेंदोली, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रगति, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुमन सिंह, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष कुलदीप पंत, मंडल अध्यक्ष सुषमा कुकरेती, मंडल अध्यक्ष पूनम शर्मा एवं महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष वैजयंती माला प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


भाजपा का 47वां स्थापना दिवस, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने किया ध्वजारोहण

भाजपा अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण की भावना से कार्य करने वाली विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है- महेंद्र भट्ट 

देहरादून। भारतीय जनता पार्टी के 47वें स्थापना दिवस के अवसर पर प्रदेश कार्यालय, देहरादून में भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस मौके पर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट ने ध्वजारोहण कर कार्यक्रम की शुरुआत की और कार्यकर्ताओं को स्थापना दिवस की शुभकामनाएं दीं।

अपने संबोधन में उन्होंने कहा कि भाजपा अंत्योदय और राष्ट्र निर्माण की भावना से कार्य करने वाली विश्व की सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी है। उन्होंने कहा कि एक विचार को जनआंदोलन में बदलने का श्रेय पार्टी के समर्पित कार्यकर्ताओं को जाता है, जिन्होंने निरंतर परिश्रम से संगठन को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया है।

प्रदेश अध्यक्ष ने कहा कि भाजपा केवल एक राजनीतिक दल नहीं, बल्कि राष्ट्र सर्वोपरि के सिद्धांत पर चलने वाला एक संस्कार है, जो विकास और सुशासन के प्रति प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि पार्टी के संस्थापकों, वरिष्ठ नेताओं, करोड़ों कार्यकर्ताओं और जनता के विश्वास ने भाजपा को आज इस मुकाम तक पहुंचाया है।

उन्होंने नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में पार्टी निरंतर जनकल्याण के कार्यों में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही है।

कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, सांसद माला राज्य लक्ष्मी शाह, मंत्री खजान दास, संगठन महामंत्री अजय कुमार सहित पार्टी के वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।


‘मुस्लिम-विरोधी’ आरोपों पर ई. के. पलानीस्वामी का पलटवार, डीएमके की नीतियों पर उठाए सवाल

महिला योजना से लेकर पेंशन तक, ई. के. पलानीस्वामी ने गिनाईं सरकार की कमियां

वेल्लोर। तमिलनाडु की सियासत में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। ई. के. पलानीस्वामी ने एम. के. स्टालिन पर तीखा हमला बोलते हुए उनकी सरकार और नीतियों पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं। खासतौर पर अल्पसंख्यकों और शासन व्यवस्था को लेकर दोनों नेताओं के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर तेज हो गया है।

अन्नाद्रमुक के महासचिव ई. के. पलानीस्वामी ने द्रमुक प्रमुख और मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन पर निशाना साधते हुए कहा कि उनकी पार्टी को भाजपा से गठबंधन के आधार पर ‘मुस्लिम-विरोधी’ बताना पूरी तरह राजनीतिक रणनीति है। उन्होंने आरोप लगाया कि द्रमुक ने अल्पसंख्यकों के भरोसे को तोड़कर सत्ता हासिल की है।

पलानीस्वामी ने तिरुनेलवेली की एक घटना का जिक्र करते हुए कानून-व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एक पुलिस उप-निरीक्षक ने अपनी सुरक्षा को लेकर शिकायत की थी, लेकिन समय पर कार्रवाई नहीं हुई और बाद में उसकी हत्या कर दी गई। उन्होंने सरकार से पूछा कि क्या यही अल्पसंख्यकों की सुरक्षा का मॉडल है।

अपने कार्यकाल का हवाला देते हुए ई. के. पलानीस्वामी ने कहा कि अन्नाद्रमुक सरकार ने मुसलमानों के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं लागू की थीं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि द्रमुक ने भी पहले भाजपा के साथ गठबंधन किया था, ऐसे में अब उनके आरोप राजनीतिक द्वंद्व का हिस्सा हैं।

चुनावी रैली के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री एम. के. स्टालिन के बयानों को अहंकारपूर्ण बताते हुए कहा कि द्रमुक को अपने पिछले चुनावी प्रदर्शन पर नजर डालनी चाहिए। उन्होंने 2011 से 2021 के बीच अन्नाद्रमुक की चुनावी सफलताओं का जिक्र करते हुए अपनी पार्टी की मजबूती पर जोर दिया।

इसके साथ ही पलानीस्वामी ने द्रमुक सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि किसानों, कर्मचारियों और अन्य वर्गों से किए गए कई वादे अब तक पूरे नहीं हुए हैं। पुरानी पेंशन योजना और अन्य घोषणाओं को लेकर भी उन्होंने सरकार को घेरा।

महिलाओं को दी जाने वाली मासिक सहायता योजना का जिक्र करते हुए उन्होंने दावा किया कि यह फैसला भी अन्नाद्रमुक के दबाव के कारण लागू किया गया। कुल मिलाकर, तमिलनाडु की राजनीति में दोनों दलों के बीच टकराव और बयानबाजी आने वाले चुनावों से पहले और तेज होने के संकेत दे रही है।


नीतीश कुमार का बड़ा फैसला, एमएलसी पद से दिया इस्तीफा

पटना। बिहार की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। नीतीश कुमार ने विधान परिषद (एमएलसी) की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। राज्यसभा के लिए निर्वाचित होने के बाद संवैधानिक प्रावधानों के तहत उन्हें 14 दिनों के भीतर एक सदन की सदस्यता छोड़ना अनिवार्य था, जिसकी समयसीमा आज समाप्त हो रही थी।

मुख्यमंत्री का इस्तीफा स्वीकार करते हुए विधान परिषद के सभापति अवधेश नारायण सिंह ने बताया कि त्यागपत्र मात्र 29 शब्दों में लिखा गया था। मंत्री विजय कुमार चौधरी और एमएलसी संजय गांधी इस्तीफा लेकर पहुंचे थे।

हालांकि, नीतीश कुमार फिलहाल बिहार के मुख्यमंत्री बने रहेंगे। उनके मुख्यमंत्री पद छोड़ने को लेकर अभी कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन सियासी हलकों में अटकलें तेज हैं कि राज्यसभा सदस्य के रूप में शपथ लेने के बाद वे यह पद भी छोड़ सकते हैं। उनका राज्यसभा कार्यकाल 10 अप्रैल से शुरू होगा।

इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। माना जा रहा है कि बिहार में जल्द नेतृत्व परिवर्तन हो सकता है। 2005 से सत्ता में सहयोगी रही भाजपा को इस बार मुख्यमंत्री पद मिलने की संभावना जताई जा रही है।

सीएम रेस में आगे सम्राट चौधरी
डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी को मुख्यमंत्री पद की दौड़ में सबसे आगे माना जा रहा है। पार्टी में उनका तेजी से उभार और कुशवाहा समुदाय में उनकी मजबूत पकड़ उनके पक्ष में मानी जा रही है।

नित्यानंद राय भी दावेदार
केंद्रीय मंत्री नित्यानंद राय का नाम भी संभावित उम्मीदवारों में शामिल है। हालांकि उनका यादव समुदाय से होना, जो पारंपरिक रूप से राष्ट्रीय जनता दल के साथ जुड़ा रहा है, उनके लिए चुनौती बन सकता है।

फिलहाल भाजपा और जदयू की ओर से मुख्यमंत्री पद को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। ऐसे में आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में हलचल और तेज होने की संभावना है।


लोगों के मतदान का अधिकार छीनने की कोशिश कर रही केंद्र सरकार- ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भाजपा और केंद्र सरकार पर बोला जोरदार हमला

कोलकाता/मयनागुड़ी। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर चुनावी अभियान की शुरुआत करते हुए मयनागुड़ी से भाजपा और केंद्र सरकार पर जोरदार हमला बोला। अपनी पहली जनसभा में उन्होंने मतदाता सूची और चुनाव प्रक्रिया की पारदर्शिता को लेकर गंभीर सवाल उठाए।

ममता बनर्जी ने कहा कि मतदाता सूची से वास्तविक मतदाताओं के नाम हटाए जाने की आशंका जताई जा रही है, जो लोकतंत्र के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने चुनाव आयोग और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि संविधान के प्रावधानों का सही तरीके से पालन नहीं किया जा रहा है।

उन्होंने नागरिकता और पहचान के मुद्दे को भी उठाते हुए पूछा कि किस आधार पर किसी को वैध मतदाता माना जाएगा। टीएमसी प्रमुख ने कहा कि लोगों के वोट देने के अधिकार को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है और भविष्य में एनआरसी जैसे कदमों के जरिए नागरिकता पर भी असर पड़ सकता है।

रैली के दौरान ममता बनर्जी ने भाजपा को बंगाल विरोधी बताते हुए आरोप लगाया कि अन्य राज्यों में बंगालियों के साथ भेदभाव और हिंसा की घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने असम में नामांकन रद्द होने के मामलों का जिक्र करते हुए कहा कि उनके प्रत्याशी नामांकन के समय कानूनी तैयारी के साथ जाएं।

उन्होंने भाजपा पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पार्टी चुनाव से पहले बड़े-बड़े वादे करती है, लेकिन चुनाव के बाद जनता को निराश करती है। ममता बनर्जी ने अपने समर्थकों से सतर्क रहने और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट रहने का आह्वान किया।


बंगाल में नहीं चलेगी विभाजन की राजनीति- ममता बनर्जी

राज्य में किसी भी नागरिक का वोट देने का अधिकार छीना नहीं जाएगा- ममता बनर्जी

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में चुनावी सरगर्मी के बीच ईद के मौके पर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के रेड रोड पर ईद की नमाज के बाद जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्र सरकार और भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राज्य में किसी भी नागरिक का वोट देने का अधिकार छीना नहीं जाएगा और इसके खिलाफ उनकी पार्टी पूरी ताकत से संघर्ष करेगी।

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि चुनाव से पहले मतदाता सूची में बदलाव के जरिए लोगों के अधिकारों को प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट कहा कि लोकतंत्र में हर वोट की अहमियत है और इसे कमजोर करने वाली किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

दरअसल, तृणमूल कांग्रेस ने विशेष पुनरीक्षण प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए दावा किया है कि इस दौरान बड़ी संख्या में लोगों के नाम मतदाता सूची से हटाए जा रहे हैं। पार्टी का आरोप है कि यह प्रक्रिया खासतौर पर कुछ क्षेत्रों को प्रभावित कर रही है। इस पर प्रतिक्रिया देते हुए ममता बनर्जी ने चेतावनी दी कि इस तरह के कदमों का कड़ा विरोध किया जाएगा।

अपने संबोधन में उन्होंने सामाजिक एकता पर भी जोर देते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल हमेशा से भाईचारे और सौहार्द की मिसाल रहा है। उन्होंने कहा कि राज्य में धर्म और जाति के नाम पर विभाजन की राजनीति को सफल नहीं होने दिया जाएगा।

वहीं, तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने भी ईद के मौके पर लोगों को संबोधित करते हुए एकता का संदेश दिया। उन्होंने कहा कि समाज को बांटने की कोशिशें कामयाब नहीं होंगी और देश की असली ताकत आपसी भाईचारा है।


रसोई गैस के दाम बढाकर मोदी सरकार ने गरीब का चूल्हा बुझाने का किया है काम- ज्योति रौतेला

देहरादून। प्रदेश कांग्रेस कमेटी कार्यालय देहरादून में आयोजित पत्रकार वार्ता को संबोधित करते हुए प्रदेश महिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्योति रौतेला ने कहा कि आज महंगाई लगातार बढ़ती जा रही है। जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमत सबसे निम्न स्तर पर थी तब भाजपा सरकार ने सस्ता पेट्रोल-डीजल करके जनता को क्यों नहीं दी?

ज्योति रौतेला ने कहा कि जब समूचा विपक्ष संसद के दोनों सदनों में पश्चिम एशिया की स्थिति और उसके भारत पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा की मांग कर रहा है। तब भी मोदी सरकार ऐसी बहस की अनुमति देने से हठपूर्वक इनकार कर रही है। सरकार साफ तौर पर भयभीत दिख रही है। उसकी विदेश नीति पहले ही बुरी तरह से एक्सपोज हो चुकी है। उन्होंने कहा कि जब अमेरिका के प्रतिनिधि ये कह रहे है कि भारत को 30 दिन की अनुमति है रूस से तेल खरीदने की तो हमारे प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री ने सामने आकर इस बात का खंडन क्यों नहीं किया कि हमे किसी देश से अनुमति की जरूरत नहीं है। इसका खंडन ना करके भाजपा सरकार ने ये बता दिया कि वो ट्रम्प के अनुसार चल रहे हैं। उन्हें देश की 140 करोड़ जनता से कोई मतलब नहीं है।

प्रदेश महिला अध्यक्ष ने कहा कि आज जब देश में रसोई गैस सिलिंडर को लेकर हाहाकार मचा है, तब सरकार सूत्रों के हवाले से क्यों बयानबाजी कर रही है? प्रधानमंत्री जिन्हें बोलने का बहुत शौक है वो सामने आकर क्यों नहीं देश की जनता से संवाद कर रहे हैं? प्रधानमंत्री का सामने आकर संवाद ना करना स्पष्ट बता रहा है कि समस्या बहुत गंभीर है। समस्या इतनी गंभीर है कि दिल्ली हाईकोर्ट में किचन बंद हो गयी है। कर्नाटक में होटल एसोसिएशन ने पत्र लिखकर सिलेंडर ना होने की वजह से होटल बंद करने का ऐलान कर दिया है। इन सबके बीच प्रधानमंत्री प्रचार मंत्री बनकर केरल और तमिलनाडु में चुनाव प्रचार में व्यस्त हैं। देश में लगातार बढ़ती महंगाई और रसोई गैस के दामों में हो रही भारी बढ़ोतरी ने आम जनता की कमर तोड़ दी है। केंद्र की मोदी सरकार की गलत आर्थिक नीतियों का सीधा असर गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों पर पड़ रहा है। पिछले 12 सालों से रसोई गैस जैसी आवश्यक वस्तु के दाम लगातार बढ़ने से गृहिणियों का घरेलू बजट पूरी तरह बिगड़ गया है।

ज्योति रौतेला ने यह भी कहा कि देश और प्रदेश में बेरोजगारी, महंगाई एवं भ्रष्टाचार अपने चरम पर है तथा भाजपा साम्प्रदायिक मुद्दों की ओर जनता का ध्यान भटका रही है। जहां एक ओर देश की जनता विगत कई वर्षों से लगातार महंगाई की मार झेल रही है, अन्तर्राष्ट्रीय बाजार में पेट्रोलियम उत्पादों की कीमतों में भारी गिरावट होने के बावजूद केन्द्र की मोदी सरकार ने अपने 12 वर्ष के कार्यकाल में रसोई गैस के सिलेण्डर की कीमत 450 रू0 से बढ़ाकर 1100 रू0 तक पहुंचाकर गरीब और अल्प आय वर्ग के परिवारों के बच्चों के पेट पर चोट करने का काम किया है।

ज्योति रौतेला ने कहा कि आश्चर्यजनक बात तो यह है कि रसोई गैस, पेट्रोल, डीजल एवं आम जरूरत के सामानों के दामों में विगत वर्षों में केन्द्र सरकार द्वारा दोगुने से अधिक की वृद्धि करने पर लोग मौन हैं। मोदी सरकार द्वारा अपने मित्र औद्योगिक घरानों को निजी लाभ पहुंचाने के लिए विगत 12 वर्षों में रसोई गैस के सिलेण्डर की कीमत में लगभग 700 रू0 से अधिक की भारी वृद्धि की है जिससे कुछ निजी औद्योगिक घरानों को होने वाले लाभांश का फायदा करोड़ों नहीं बल्कि अरबों रूपये प्रतिमाह मे हो रहा है तथा देश का आम आदमी महंगाई की मार झेलने का मजबूर है। ये वही तेल कम्पनियां व औद्योगिक घराने हैं जिनके द्वारा भारतीय जनता पार्टी को चुनावी बॉड के माध्यम से कई हजार करोड़ रूपये का चंदा प्राप्त हुआ है। चुनिंदा औद्योगिक घरानों को अनधिकृत रूप से पहुंचाया गया लाभ ही चुनाव में भारतीय जनता पार्टी के धन के प्रवाह का स्रोत रहा है। मोदी सरकार एक ओर महंगाई को नियंत्रित करने के बड़े-बड़े दावे करती है, लेकिन हकीकत यह है कि रोजमर्रा की जरूरत की चीजें आम आदमी की पहुंच से दूर होती जा रही हैं। रसोई गैस के बढ़ते दामों के कारण गरीब और निम्न मध्यम वर्ग के परिवारों को भारी आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज जरूरत की सभी चीजें फल, सब्जी, दालें दोगुने दाम पर मिल रहे हैं। पेट्रोल, डीजल व रसोई गैस के बेतहाशा बढ़ते दाम आम आदमी का जीना दूभर कर रहे हैं। भाजपा की केन्द्र व राज्य सरकारें महंगाई पर काबू पाने में असफल साबित हुई हैं। रसोई गैस सिलेंडर के दाम इतने बढ चुके हैं कि गरीब आदमी के घर का चूल्हा बुझने की कगार पर है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी सहित सभी भाजपा नेताओं ने अपनी सभी चुनावी जनसभाओं में महंगाई कम करने का ढिंढोरा पीटते थे परन्तु उनके 12 साल के कार्यकाल में मंहगाई अपने चरम पर पहुंच गई है तथा आम आदमी उसके बोझ को सहन करने में असमर्थ हो गया है।

ज्योति रौतेला ने कहा कि कांग्रेस पार्टी सरकार से मांग करती है कि रसोई गैस की कीमतों में तत्काल कमी की जाए और महंगाई पर नियंत्रण के लिए ठोस कदम उठाए जाएं, ताकि आम जनता को राहत मिल सके। यदि सरकार जल्द ही इस दिशा में प्रभावी कदम नहीं उठाती है, तो जनता के हितों की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करने को बाध्य होना पड़ेगा।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष नजमा खान, महानगर अध्यक्ष उर्मिला थापा ढौंडियाल, उपाध्यक्ष चन्द्रकला नेगी, जिलाध्यक्ष पूनम सिंह, प्रदेश महासचिव अनुराधा तिवाडी आदि उपस्थित थे।


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