Tuesday, July 14th, 2026

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बीकेटीसी अध्यक्ष का बहस की चुनौती देकर भागना बताता है कि भाजपा के पास जवाब नहीं — गणेश गोदियाल

Category Archives: राजनीति

बीकेटीसी अध्यक्ष का बहस की चुनौती देकर भागना बताता है कि भाजपा के पास जवाब नहीं — गणेश गोदियाल

देहरादून। उत्तराखंड कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने कहा कि बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति (बीकेटीसी) के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने सार्वजनिक रूप से उन्हें बहस की चुनौती दी थी। कांग्रेस ने इस चुनौती को पूरी गंभीरता से स्वीकार किया और आज निर्धारित समय पर दोपहर 12:30 बजे प्रेस क्लब पहुँचकर तथ्यों के साथ अपनी बात रखने के लिए उपस्थित रही। लेकिन चुनौती देने वाले स्वयं नहीं पहुँचे। यह स्पष्ट करता है कि उनके पास अपने आरोपों के समर्थन में कोई तथ्य नहीं थे।

गणेश गोदियाल ने कहा कि जो व्यक्ति सार्वजनिक रूप से बहस की चुनौती देता है और फिर निर्धारित समय पर उपस्थित नहीं होता, वह स्वयं अपनी विश्वसनीयता पर प्रश्नचिह्न लगा देता है। इससे यही संदेश जाता है कि सच्चाई का सामना करने का साहस उनके पास नहीं है।

उन्होंने कहा कि भाजपा और बीकेटीसी के पदाधिकारी जानबूझकर तथ्यों को तोड़-मरोड़कर जनता को भ्रमित करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रमोद नौटियाल वर्ष 2003 में बीकेटीसी में नियुक्त हुआ था। वर्ष 2010 में भाजपा सरकार में उसके नियमितीकरण का प्रस्ताव शासन को भेजा गया और वर्ष 2014 में शासन द्वारा उसकी स्वीकृति दी गई। उस समय वह प्रक्रिया पूरी हो चुकी थी और नियमितीकरण का निर्णय शासन स्तर पर लिया गया था।

गणेश गोदियाल ने कहा कि वास्तविक प्रश्न यह नहीं है कि प्रमोद नौटियाल की नियुक्ति कब हुई या उसका नियमितीकरण कब हुआ। असली सवाल यह है कि बदरीनाथ धाम में दानराशि की कथित चोरी आखिर किसके कार्यकाल में हुई? यदि आज मंदिर की दानराशि की सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं, सीसीटीवी फुटेज में नोटों की गड्डियों के गायब होने की बातें सामने आ रही हैं और मंदिर समिति की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्न उठ रहे हैं, तो इसकी जवाबदेही वर्तमान प्रबंधन और वर्तमान सरकार की बनती है।

उन्होंने कहा कि भाजपा की पुरानी कार्यशैली रही है कि जब भी उसके शासनकाल में कोई गंभीर मामला सामने आता है, वह अपने दायित्व से बचने के लिए कांग्रेस के नेताओं को अनावश्यक रूप से विवाद में घसीटने का प्रयास करती है। लेकिन इस बार भी जनता तथ्यों को देख रही है और समझ रही है कि वास्तविक जवाबदेही किसकी है।

गणेश गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस न तो किसी तथ्य से भागती है और न ही किसी बहस से। यदि बीकेटीसी अध्यक्ष में साहस है तो वे किसी भी सार्वजनिक मंच पर आकर तथ्यों के आधार पर चर्चा करें। कांग्रेस हर प्रश्न का उत्तर देने के लिए तैयार है, लेकिन भाजपा को भी अपने कार्यकाल में हुई घटनाओं का जवाब जनता को देना होगा।गोदियाल ने कहा कि 9 वर्ष भाजपा की पूर्ण बहुमत और प्रचंड बहुमत की सरकार है यदि उनके(गोदियाल के) कार्यकाल में कुछ गलत हुआ तो आज तक एक्शन क्यों नहीं लिया गया?

उन्होंने दोहराया कि देवभूमि की आस्था सर्वोपरि है। मंदिरों की दानराशि, व्यवस्था और श्रद्धालुओं के विश्वास की रक्षा करना सरकार और मंदिर समिति की सर्वोच्च जिम्मेदारी है। इस मामले में दोषियों के विरुद्ध निष्पक्ष एवं कठोर कार्रवाई होनी चाहिए और पूरे प्रकरण की पारदर्शी जांच कराई जानी चाहिए।


NMC से मान्यता न मिलने पर सरकार पर बरसे यशपाल आर्य, बोले- भाजपा की बड़ी प्रशासनिक विफलता

देहरादून। नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने रुद्रपुर एवं पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेजों को राष्ट्रीय चिकित्सा आयोग (NMC) द्वारा शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए मान्यता देने से इनकार किए जाने को राज्य की भाजपा सरकार की गंभीर प्रशासनिक विफलता बताया है।

आर्य ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि करोड़ों रुपये खर्च करने के दावे करने वाली सरकार मेडिकल कॉलेजों में न्यूनतम मानकों के अनुरूप फैकल्टी, प्रयोगशालाएं और आवश्यक संसाधन तक उपलब्ध नहीं करा सकी। इसका सीधा नुकसान उत्तराखंड के हजारों युवाओं और प्रदेश की स्वास्थ्य सेवाओं को उठाना पड़ेगा।

उन्होंने कहा कि मीडिया रिपोर्टों के अनुसार रुद्रपुर मेडिकल कॉलेज में आवश्यक फैकल्टी के मुकाबले केवल 13 फैकल्टी उपलब्ध हैं, जबकि पिथौरागढ़ मेडिकल कॉलेज में लगभग 85 फैकल्टी की आवश्यकता के सापेक्ष मात्र 6 फैकल्टी कार्यरत हैं। निर्माण कार्य और आधारभूत सुविधाएं भी अधूरी हैं। यह स्थिति भाजपा सरकार के खोखले दावों की पोल खोलती है।

नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार हर मंच से उत्तराखंड को स्वास्थ्य के क्षेत्र में मॉडल राज्य बनाने का दावा करती है, लेकिन वास्तविकता यह है कि मेडिकल कॉलेज ही मानकों पर खरे नहीं उतर पा रहे हैं। यदि समय रहते नियुक्तियां और संसाधनों की व्यवस्था की जाती, तो आज यह शर्मनाक स्थिति पैदा नहीं होती।

आर्य ने सरकार से पूछा कि-
मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी की भर्ती वर्षों से लंबित क्यों रखी गई?
निर्माण कार्य समय पर पूरा क्यों नहीं कराया गया?
NMC के निरीक्षण से पहले कमियों को दूर करने की कोई ठोस कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
इस गंभीर लापरवाही के लिए कौन जिम्मेदार है और उसके खिलाफ क्या कार्रवाई होगी?

उन्होंने कहा कि यह केवल दो मेडिकल कॉलेजों का मामला नहीं है, बल्कि उत्तराखंड के स्वास्थ्य ढांचे और युवाओं के भविष्य से जुड़ा प्रश्न है। सरकार की अकर्मण्यता के कारण प्रदेश के विद्यार्थियों को मेडिकल शिक्षा के अवसरों से वंचित होना पड़ रहा है और राज्य में डॉक्टरों की कमी और अधिक बढ़ेगी।

नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि दोनों मेडिकल कॉलेजों में तत्काल युद्धस्तर पर फैकल्टी की नियुक्ति की जाए। सभी अधूरे निर्माण कार्य और आवश्यक संसाधनों की व्यवस्था समयबद्ध तरीके से पूरी की जाए।इस पूरे प्रकरण की उच्चस्तरीय जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाए। राज्य के सभी मेडिकल कॉलेजों का स्वतंत्र ऑडिट कर उनकी वास्तविक स्थिति सार्वजनिक की जाए।


चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस पर बरसे हेमंत द्विवेदी, बोले- राजनीति कर रहे गणेश गोदियाल

‘आरोपी मेरा निजी सचिव नहीं, समिति का स्थायी कर्मचारी’, हेमंत द्विवेदी का कांग्रेस को जवाब

देहरादून। बद्री केदार मंदिर समिति के अध्यक्ष हेमंत द्विवेदी ने चढ़ावा चोरी मामले में कांग्रेस पर राजनीति करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गणेश गोदियाल पर निशाना साधते हुए कहा कि गणेश गोदियाल का बद्री केदार समिति में सबसे लंबा कार्यकाल रहा। इस दौरान उन्होंने कई कारगुजारियों को अंजाम दिया।

उन्होंने कहा कि चंदा चोरी की घटना में आरोपित प्रमोद नौटियाल को कांग्रेस अध्यक्ष मेरा निजी सचिव बता रहे हैं जबकि हकीकत तो ये है कि गोदियाल के कार्यकाल में ही नौटियाल को व्यक्तिगत सहायक के पद पर नियुक्ति दी गई। वो कोई निजी सचिव नहीं है बल्कि समिति का स्थाई कर्मचारी है।

उन्होंने कहा कि व्यक्तिगत सहायक एक विभागीय पद है और आरोपित पहले यहां इंटरनेट कॉर्डिनेटर था जिसकी गलत तरीके से व्यक्तिगत सहायक के पद पर नियुक्ति भी गणेश गोदियाल द्वारा की गई।

उन्होंने कहा कि चोरी की घटना का खुलासा होने पर आरोपित को समिति की ओर से नोटिस जारी करने के साथ ही जांच समिति गठित कर दी गई थी। आरोपी को निलंबित करने के साथ ही उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज करा दिया गया। उन्होंने की सरकार इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है और मामले में शामिल किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा।


‘टीएमसी को खत्म करना है तो पहले मुझे मारना होगा’- ममता बनर्जी

‘टीएमसी के नेताओं को डराया जा रहा है’—ममता बनर्जी ने भाजपा पर साधा निशाना

कोलकाता।  तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) में जारी राजनीतिक हलचल के बीच पश्चिम बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शुक्रवार को एक वीडियो संदेश जारी कर भाजपा पर जोरदार हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा उनकी पार्टी के नेताओं और कार्यकर्ताओं को लगातार निशाना बना रही है। ममता ने कहा कि अगर कोई उन्हें चुप कराना चाहता है या टीएमसी को खत्म करने की कोशिश करेगा, तो पहले उसे उन्हें खत्म करना होगा।

भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप

अपने वीडियो संदेश में ममता बनर्जी ने टीएमसी नेताओं के खिलाफ कथित कार्रवाई और पार्टी पर बढ़ते दबाव का मुद्दा उठाया। उन्होंने दावा किया कि भाजपा सुनियोजित तरीके से टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं को डराने-धमकाने का प्रयास कर रही है, ताकि पार्टी को कमजोर किया जा सके।

ममता ने कहा कि उनकी पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को लगातार निशाना बनाया गया है। उन्होंने महुआ मोइत्रा, अभिषेक बनर्जी और कल्याण बनर्जी का नाम लेते हुए आरोप लगाया कि इन नेताओं पर राजनीतिक हमले किए गए। उन्होंने कहा, “आपने किसे नहीं निशाना बनाया? महुआ, अभिषेक बनर्जी, कल्याण बनर्जी पर हमला किया और यहां तक कि मेरे घर तक को नहीं छोड़ा।”

हिरासत में सहयोगियों के साथ दुर्व्यवहार का दावा

टीएमसी प्रमुख ने आरोप लगाया कि उनके कई सहयोगियों के साथ पुलिस हिरासत में अमानवीय व्यवहार किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि कई नेताओं को जेल में फर्श पर सोने के लिए मजबूर किया गया, कुछ को कमर में रस्सी और पैरों में हथकड़ी लगाकर घुमाया गया, जबकि कुछ का सिर मुंडवा दिया गया। ममता ने यह भी दावा किया कि कुछ लोगों के साथ ऐसा व्यवहार किया गया, जिसका जिक्र करना भी शर्मनाक है।

पार्टी में बढ़ी अंदरूनी चुनौती

ममता बनर्जी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब तृणमूल कांग्रेस अंदरूनी असंतोष और बगावत जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। पार्टी के भीतर मतभेद खुलकर सामने आ रहे हैं और संगठन में टूट की अटकलें तेज हैं। बताया जा रहा है कि बागी विधायक ऋतब्रत बनर्जी को करीब 60 विधायकों का समर्थन हासिल है।

टीएमसी छोड़ भाजपा में शामिल हुए तीन पूर्व सांसद

इसी बीच गुरुवार को टीएमसी के तीन पूर्व सांसद—सुष्मिता देव, सुखेंदु शेखर राय और प्रकाश चिक बराइक—भाजपा में शामिल हो गए। कोलकाता के साल्ट लेक स्थित भाजपा कार्यालय में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। इससे पहले ममता बनर्जी ने बागी नेताओं पर निशाना साधते हुए उन्हें पार्टी के साथ विश्वासघात करने वाला बताया था। उन्होंने कहा था कि जनता को ऐसे नेताओं को माफ नहीं करना चाहिए, जो टीएमसी छोड़कर भाजपा का दामन थाम चुके हैं। साथ ही उन्होंने नेताओं से दोहरी राजनीति से बचने और अपने फैसलों पर गंभीरता से विचार करने की अपील भी की।


आरोपियों से जुड़े लोगों को जांच समिति में शामिल करना गलत- गोदियाल

बदरीनाथ चढ़ावा विवाद- जांच समिति पर कांग्रेस ने उठाए सवाल

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गणेश गोदियाल ने बद्रीनाथ धाम में श्रद्धालुओं के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले को अत्यंत गंभीर बताते हुए राज्य सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि जिन लोगों पर दान में अनियमितता और चोरी के आरोप लग रहे हैं, उन्हीं से जुड़े अधिकारियों और कर्मचारियों को जांच समिति में शामिल करना न्याय और पारदर्शिता के सिद्धांतों के विपरीत है। यह स्थिति “बिल्ली को ही दूध की रखवाली सौंपने” जैसी है।

गोदियाल ने कहा कि इस प्रकार गठित जांच समिति से निष्पक्ष और विश्वसनीय जांच की उम्मीद नहीं की जा सकती। उन्होंने मांग की कि पूरे प्रकरण की जांच विधानसभा की संयुक्त समिति (जॉइंट कमेटी) से कराई जाए, जिसकी अध्यक्षता नेता प्रतिपक्ष करें, ताकि आम जनता और करोड़ों श्रद्धालुओं का विश्वास कायम रह सके। यदि सरकार इस पर सहमत नहीं है, तो जांच प्रक्रिया की निगरानी उच्च न्यायालय के किसी न्यायाधीश से कराई जानी चाहिए।

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के पास इस मामले में निष्पक्ष और कठोर कार्रवाई करने का अवसर था, लेकिन जिस प्रकार केदारनाथ स्वर्ण प्रकरण में प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, उसी तरह इस मामले में भी सरकार की मंशा संदेह के घेरे में दिखाई दे रही है।

उन्होंने कहा कि जब बदरीनाथ-केदारनाथ मंदिर समिति के अध्यक्ष के निजी सहायकों पर ही आरोप लग रहे हों और उसी तंत्र से जुड़े लोगों को जांच समिति का हिस्सा बनाया जाए, तो ऐसी जांच की विश्वसनीयता स्वतः समाप्त हो जाती है। गोदियाल ने कहा कि कांग्रेस पार्टी ऐसी समिति की रिपोर्ट स्वीकार नहीं करेगी और इस मामले में स्वतंत्र, पारदर्शी एवं निष्पक्ष जांच की अपनी मांग पर कायम रहेगी।


बदरीनाथ धाम के चढ़ावा चोरी पर जवाब दे सरकार- कांग्रेस

आखिर भाजपा किस उपलब्धि का जश्न मना रही-कांग्रेस

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष एवं एआईसीसी सदस्य सूर्यकांत धस्माना ने प्रदेश सरकार और भाजपा पर तीखा हमला बोलते हुए बद्रीनाथ एवं केदारनाथ मंदिरों में चढ़ावे की कथित अनियमितताओं की संयुक्त संसदीय समिति (जेपीसी) की निगरानी में उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। साथ ही उन्होंने महिला अपराध, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, पेपर लीक, अवैध खनन और आपदा प्रबंधन जैसे मुद्दों पर सरकार को कठघरे में खड़ा करते हुए पूछा कि आखिर भाजपा किस उपलब्धि का जश्न मना रही है।

प्रदेश कांग्रेस मुख्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में धस्माना ने कहा कि देशभर के करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था से जुड़े बद्रीनाथ और केदारनाथ मंदिरों में चढ़ावे को लेकर उठे आरोप बेहद गंभीर हैं। कांग्रेस नेता ने कहा कि केदारनाथ मंदिर में सोने से जुड़े विवाद का सच आज तक सामने नहीं आया और अब बद्रीनाथ धाम में चढ़ावे की कथित चोरी के आरोप भी सामने आ रहे हैं। उन्होंने इन मामलों की निष्पक्ष जांच जेपीसी की निगरानी में कराने की मांग करते हुए दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की आवश्यकता बताई। धस्माना ने आरोप लगाया कि प्रदेश में महिला अपराध लगातार बढ़ रहे हैं, बेरोजगारी चरम पर है और भर्ती परीक्षाओं में पेपर लीक की घटनाओं ने युवाओं का विश्वास तोड़ा है।

उन्होंने स्मार्ट सिटी परियोजना में कथित अनियमितताओं, अवैध खनन और आपदा प्रभावित क्षेत्रों में पुनर्वास कार्यों में देरी का भी मुद्दा उठाया। उनके अनुसार इन गंभीर समस्याओं के बावजूद सरकार उत्सव मनाने में व्यस्त है।उन्होंने दावा किया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गणेश गोदियाल के नेतृत्व में चल रही परिवर्तन संकल्प यात्रा को जनता का व्यापक समर्थन मिल रहा है और आने वाले समय में जनता भाजपा को इन मुद्दों पर जवाब देगी। पत्रकार वार्ता में प्रदेश कांग्रेस श्रम प्रकोष्ठ के अध्यक्ष दिनेश कौशल, वरिष्ठ नेता सुशील डोभाल तथा आनंद सिंह पुंडीर भी उपस्थित रहे।


हिमंत बिस्वा सरमा दूसरी बार बने असम के मुख्यमंत्री, राज्यपाल ने दिलाई शपथ

इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र समेत कई दिग्गज नेता रहे मौजूद 

गुवाहाटी। असम विधानसभा चुनाव में प्रचंड जीत दर्ज करने के बाद हिमंत बिस्वा सरमा ने मंगलवार को लगातार दूसरी बार मुख्यमंत्री पद की शपथ ली। गुवाहाटी के खानापारा स्थित वेटरनरी ग्राउंड में आयोजित भव्य समारोह में राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह समेत भाजपा और एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के साथ चार विधायकों ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इनमें भाजपा के रामेश्वर तेली और अजंता नियोग, असम गण परिषद (AGP) के अतुल बोरा तथा बोडोलैंड पीपुल्स फ्रंट (BPF) के चरण बोरो शामिल हैं। नई सरकार में सहयोगी दलों को भी प्रतिनिधित्व देकर एनडीए ने गठबंधन की मजबूती का संदेश दिया है।

शपथ ग्रहण समारोह में केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, सर्बानंद सोनोवाल, पवित्र मार्घेरिटा, कई भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री भी शामिल हुए। समारोह को लेकर पूरे गुवाहाटी में उत्साह का माहौल देखने को मिला।

असम विधानसभा चुनाव में एनडीए ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 126 में से 101 सीटों पर जीत दर्ज की। भाजपा गठबंधन को 81 सीटें मिलीं, जबकि सहयोगी दल AGP और BPF ने 10-10 सीटों पर कब्जा जमाया। मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने भी अपनी सीट रिकॉर्ड मतों से जीतकर राजनीतिक मजबूती दिखाई।

नई सरकार में शामिल रामेश्वर तेली को जनजातीय समुदाय का बड़ा चेहरा माना जाता है। वह केंद्र सरकार में राज्य मंत्री रह चुके हैं और लंबे राजनीतिक अनुभव के चलते उन्हें अहम जिम्मेदारी मिल सकती है। वहीं अजंता नियोग लगातार छठी बार विधायक चुनी गई हैं और पिछली सरकार में वित्त मंत्री की जिम्मेदारी संभाल चुकी हैं।

असम गण परिषद के अध्यक्ष अतुल बोरा भी एक बार फिर मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हैं। छात्र राजनीति से उभरे बोरा लंबे समय से राज्य की राजनीति में सक्रिय हैं। वहीं चरण बोरो बोडोलैंड क्षेत्र के प्रभावशाली नेता माने जाते हैं और भाजपा-बीपीएफ गठबंधन को मजबूत करने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही है।

मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने चुनावी जीत का श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और डबल इंजन सरकार की विकास नीतियों को दिया। नई सरकार से राज्य में विकास परियोजनाओं को और गति मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।


सुवेंदु अधिकारी होंगे पश्चिम बंगाल के नए मुख्यमंत्री, कल होगा शपथ ग्रहण

अमित शाह की मौजूदगी में सुवेंदु अधिकारी के नाम पर लगी मुहर

कोलकाता। पश्चिम बंगाल में भाजपा विधायक दल की बैठक के बाद राज्य के नए मुख्यमंत्री के नाम पर मुहर लग गई है। वरिष्ठ भाजपा नेता सुवेंदु अधिकारी को सर्वसम्मति से विधायक दल का नेता चुना गया। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह की मौजूदगी में हुई इस अहम बैठक में भाजपा विधायकों ने एकमत होकर उनके नाम का समर्थन किया। अब शनिवार को कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में नई भाजपा सरकार का शपथ ग्रहण समारोह आयोजित होगा।

बैठक में भाजपा प्रदेश अध्यक्ष समिक भट्टाचार्य ने सुवेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा, जिसे सभी विधायकों ने समर्थन दिया। इसके बाद अमित शाह ने औपचारिक रूप से उनके नाम की घोषणा की। शाह ने कहा कि विधायक दल की बैठक में कई प्रस्ताव आए, लेकिन अंततः सभी विधायक एक ही नाम पर सहमत दिखे और सर्वसम्मति से नेता का चयन किया गया।

मुख्यमंत्री पद के लिए भाजपा के आठ विधायकों ने सुवेंदु अधिकारी के नाम का प्रस्ताव रखा था। विधायक दल का नेता चुने जाने के बाद अब वह पश्चिम बंगाल के नौवें मुख्यमंत्री के रूप में शपथ लेंगे।

शपथ ग्रहण समारोह को भाजपा ऐतिहासिक आयोजन के रूप में पेश करने की तैयारी में है। कोलकाता के ब्रिगेड परेड ग्राउंड में होने वाले कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह समेत कई केंद्रीय मंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री शामिल हो सकते हैं। समारोह में करीब 50 हजार लोगों के पहुंचने की संभावना जताई जा रही है। तृणमूल शासन के दौरान मारे गए 200 से अधिक कार्यकर्ताओं के परिवारों को भी विशेष रूप से आमंत्रित किया गया है।

बैठक से पहले अमित शाह ने कोलकाता स्थित दक्षिणेश्वर काली मंदिर में पूजा-अर्चना की और इसके बाद पार्टी नेताओं के साथ सरकार गठन तथा मंत्रिमंडल को लेकर चर्चा की। बताया जा रहा है कि नई सरकार की प्राथमिकताओं और विभागों के बंटवारे पर भी मंथन हुआ।

भाजपा सांसद राहुल सिन्हा ने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने भाजपा नेताओं के बंगाल नहीं आने के दावे किए थे, उन्हें जनता ने जवाब दे दिया है। उन्होंने कहा कि विधायक दल की बैठक के बाद नेतृत्व को लेकर तस्वीर पूरी तरह साफ हो गई है।

इस विधानसभा चुनाव में भाजपा ने पश्चिम बंगाल में रिकॉर्ड प्रदर्शन किया है। 294 सदस्यीय विधानसभा में पार्टी ने 206 सीटों पर जीत दर्ज कर पूर्ण बहुमत हासिल किया, जबकि तृणमूल कांग्रेस 80 सीटों तक सिमट गई। 2021 के चुनाव में भाजपा को 77 सीटें मिली थीं, लेकिन इस बार पार्टी ने ऐतिहासिक बढ़त बनाते हुए पहली बार बंगाल में सरकार बनाने का रास्ता साफ कर लिया है।


महिला आरक्षण बिल के खिलाफ विपक्षी वोटिंग शर्मनाक- भट्ट

बिल के खिलाफ वोटिंग वाले विपक्ष को महिलाएं, वोट लायक नहीं छोड़ेंगी- भाजपा

मातृशक्ति अपमान वाले विपक्ष को जनता चुनाव में सिखाएगी सबक

बिल विरोध से कांग्रेसी महिला विरोधी चेहरा फिर उजागर- भट्ट

देहरादून। भाजपा ने लोकसभा में महिला आरक्षण बिल को बाधित करने और उसे अपनी जीत बताने वाले विपक्षी दावों पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। भाजपा ने विपक्ष के इस कृत्य को ‘महिला विरोधी मानसिकता’ का परिचायक और बेहद शर्मनाक करार दिया है।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष एवं राज्यसभा सांसद महेंद्र भट्ट ने इस पर गहरा आक्रोश जताते हुए कहा कि कांग्रेस और उसके सहयोगी दलों ने वर्ष 2029 में महिला आरक्षण लागू होने के करोड़ों महिलाओं के सपने को अपने नकारात्मक वोटों से चोट पहुँचाई है। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि कांग्रेस और उसके साथियों ने भले ही सदन में वोट की राजनीति कर महिलाओं के अधिकारों का रास्ता रोकने का प्रयास किया हो, लेकिन वे देश की मातृशक्ति के हौसलों को नहीं तोड़ पाए हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश की महिलाएं जागृत हैं और आने वाले सभी चुनावों में जनता इस विपक्ष को संसद और विधानसभाओं में वोट देने के लायक भी नहीं छोड़ेगी।

उन्होंने कहा कि इस घटनाक्रम ने कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन की महिला अधिकारों को लेकर पोल खोलकर रख दी है। ये दल पिछले 70 वर्षों से महिलाओं को छलते आए हैं और आज एक बार फिर सदन के भीतर उन्होंने वही पुराना इतिहास दोहराया है। विपक्ष की इस घृणित सोच ने यह सिद्ध कर दिया है कि उनके लिए महिला सशक्तिकरण केवल एक नारा है। उन्होंने 2023 में 2024 चुनाव की मजबूरी में इस बिल का समर्थन कर मातृ शक्ति को धोखा दिया था।

प्रदेश अध्यक्ष ने सबसे दुर्भाग्यपूर्ण स्थिति विपक्षी महिला सांसदों के रुख को बताया। उन्होंने कहा कि यह बेहद अफसोसजनक है कि विपक्ष की महिला सांसदों ने भी अपनी ही साथी महिलाओं के अधिकारों की रक्षा करने के बजाय दलगत राजनीति को ऊपर रखा। अब ये नेता अपने घरों और समाज में माताओं-बहनों से किस प्रकार नजरें मिलाएंगे?

भट्ट ने राहुल गांधी और विपक्षी नेताओं द्वारा इसे ‘अपनी जीत’ बताए जाने पर हमला बोलते हुए कहा कि महिलाओं के अधिकारों की हार को अपनी जीत बताना विपक्ष के मानसिक दिवालियेपन को दर्शाता है। भाजपा ने संकल्प दोहराया कि मातृशक्ति के सम्मान और अधिकार की इस लड़ाई को पीएम मोदी के नेतृत्व में अंतिम अंजाम तक पहुँचाया जाएगा और जनता लोकतंत्र के जरिए इस अपमान का बदला लेगी।


नारी शक्ति अधिनियम के समर्थन में भाजपा का जागरूकता अभियान

देहरादून। भाजपा ने नारी शक्ति वंदन अधिनियम के लिए जन जागरूकता की दृष्टि से पदयात्रा, स्कूटी रैली एवं मानव श्रृंखला आदि कार्यक्रमों का आयोजन किया है।

परेड ग्राउंड स्थित पार्टी महानगर कार्यालय से महिला और युवा मोर्चा के नेतृत्व में इन कार्यक्रमों का आयोजनों किया गया। जिसमें जनता विशेषकर महिलाओं को कानून के फायदे और अधिकारों को लेकर जागरूक किया गया। कार्यक्रमों का उद्देश्य है कि समाज के प्रत्येक वर्ग तक इस महत्वपूर्ण अधिनियम की जानकारी पहुंचाना एवं महिलाओं में बढ़ती भागीदारी के प्रति जागरूकता फैलाना रहा। इस अवसर पर परैड ग्राउंड में महानगर कार्यालय से पद यात्रा, स्कूटी रैली एवं मानव श्रृंखला का आयोजन किया गया। जिसका शुभारंभ परैड ग्राउंड से हुआ, जहां एक विशेष हस्ताक्षर अभियान भी चलाया गया। जिसमें उपस्थित लोगों ने हस्ताक्षर कर नारी शक्ति वंदन अधिनियम के प्रति अपना समर्थन व्यक्त किया।

इस अवसर महिला मोर्चा की राष्ट्रीय महामंत्री और भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रीमती दीप्ति रावत ने कहा कि यह अधिनियम एक लंबे समय से महिलाओं की मांग रहा है और ये बहुत ही हर्ष की बात है कि मोदी सरकार द्वारा अब इस मांग को पूरा किया जा रहा है। अब पार्टी कार्यकर्ताओं, समाजसेवियों और बुद्धिजीवी आदि सभी जागरूक लोगों की जिम्मेदारी है कि जन जन में कानून की जानकारी पहुंचाएं। ताकि संविधान निर्माण में मातृ शक्ति की भागेदारी का संदेश देश में नई ऊर्जा का सृजन करे।

वहीं कार्यक्रम में उपस्थित महिला मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती रूचि भट्ट ने कहा कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम देश की महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम है। यह अधिनियम केवल आरक्षण का प्रावधान नहीं, बल्कि महिलाओं को निर्णय लेने की मुख्यधारा में लाने का सशक्त माध्यम है प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिलाओं को जो सम्मान और अवसर मिला है, वह अभूतपूर्व है। उसपर यह अधिनियम उसी सोच का विस्तार है, जिसके लिए हम उनका हार्दिक आभार व्यक्त करते हैं। पार्टी का महिला मोर्चा जनजागरण अभियान के माध्यम से हर घर तक मातृ शक्ति के इस संदेश को पहुंचाने का कार्य कर रहा है।

मोर्चा प्रदेश मीडिया प्रभारी डाक्टर दिव्या नेगी ने जानकारी दी कि इस जनजागरण कार्यक्रम में बड़ी संख्या में महिलाओं, युवतियों, महिला सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्वयं सहायता समूह की बहनों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और महिला सशक्तिकरण के इस अभियान को मजबूती प्रदान की। रैली में हजारों वाहनों और पदयात्रियों ने मिलकर हस्ताक्षर अभियान से अधिनियम के पक्ष में समर्थन जुटाया। कार्यक्रम में सभी नागरिकों से आह्वान किया गया कि वे इस प्रकार के जनजागरण अभियानों में सक्रिय भागीदारी निभाकर महिला सशक्तिकरण के इस महायज्ञ को सफल बनाएं।

कार्यक्रम में प्रदेश एवं जिला स्तर के अनेक पदाधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से प्रदेश महामंत्री दीप्ति रावत, प्रदेश अध्यक्ष महिला मोर्चा श्रीमती रुचि भट्ट, प्रदेश मंत्री नेहा जोशी, महिला मोर्चा से प्रदेश महामंत्री हिमानी वैष्णव, प्रदेश मंत्री नेहा शर्मा, प्रदेश मंत्री कविता शाह, मोर्चा प्रदेश मीडिया प्रभारी डाक्टर दिव्या नेगी, कार्यालय सह प्रभारी बबली चौहान, गढ़वाल सह संयोजक अर्चना बागड़ी, प्रदेश प्रवक्ता जानकी नोटियाल, युवा मोर्चा प्रदेश अध्यक्ष विपुल मेंदोली, प्रदेश उपाध्यक्ष प्रगति, महानगर अध्यक्ष सिद्धार्थ उमेश अग्रवाल, महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष सुमन सिंह, युवा मोर्चा जिलाध्यक्ष कुलदीप पंत, मंडल अध्यक्ष सुषमा कुकरेती, मंडल अध्यक्ष पूनम शर्मा एवं महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष वैजयंती माला प्रमुख रूप से उपस्थित रहे।


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