Wednesday, August 12th, 2026

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खाने के बाद सौंफ-मिश्री क्यों खाते हैं? जानिए इसके फायदे और किन लोगों को रखनी चाहिए सावधानी

Monthly Archives: August 2026

खाने के बाद सौंफ-मिश्री क्यों खाते हैं? जानिए इसके फायदे और किन लोगों को रखनी चाहिए सावधानी

खाने के बाद सौंफ और मिश्री परोसने की परंपरा भारतीय खान-पान का हिस्सा रही है। घर हो या रेस्टोरेंट, भोजन खत्म होने के बाद अक्सर लोग इसे माउथ फ्रेशनर के तौर पर लेते हैं। हालांकि, इसका इस्तेमाल केवल मुंह की ताजगी तक सीमित नहीं है। सौंफ में मौजूद कुछ पोषक तत्व और प्राकृतिक यौगिक इसे भोजन के बाद लेने वाली एक उपयोगी चीज बनाते हैं। वहीं, मिश्री को लेकर यह समझना जरूरी है कि यह भी मूल रूप से चीनी ही है, इसलिए इसका सेवन सीमित मात्रा में ही करना चाहिए।

सौंफ खाने से क्या फायदे हो सकते हैं?

1. पाचन में मिल सकती है मदद
भोजन के बाद थोड़ी सौंफ चबाने की आदत काफी पुरानी है। माना जाता है कि यह पेट से जुड़ी हल्की असहजता और पाचन संबंधी परेशानी में कुछ लोगों को राहत दे सकती है। हालांकि, इसका असर हर व्यक्ति में एक जैसा होना जरूरी नहीं है।

2. सांसों की दुर्गंध कम करने में सहायक
सौंफ की खुशबू और इसका स्वाद मुंह को ताजगी देने में मदद कर सकता है। इसी कारण इसे खाने के बाद प्राकृतिक माउथ फ्रेशनर के रूप में इस्तेमाल किया जाता है।

3. फाइबर भी होता है मौजूद
सौंफ के बीजों में फाइबर पाया जाता है। हालांकि, भोजन के बाद खाई जाने वाली थोड़ी मात्रा से मिलने वाला फाइबर सीमित होता है। इसलिए रोजाना की फाइबर जरूरत पूरी करने के लिए केवल सौंफ पर निर्भर रहना सही नहीं है।

4. एंटीऑक्सीडेंट गुणों वाले तत्व
सौंफ में कई प्राकृतिक यौगिक पाए जाते हैं, जिनमें एंटीऑक्सीडेंट गुण देखे गए हैं। लेकिन इसे किसी बीमारी की रोकथाम या इलाज का विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।

मिश्री खाने के क्या फायदे हैं?

सौंफ के साथ मिश्री खाने से इसका स्वाद बेहतर हो जाता है और मुंह में मिठास भी बनी रहती है। लेकिन मिश्री को सामान्य चीनी से अलग या ज्यादा हेल्दी मानना सही नहीं है। इसमें मुख्य रूप से शुगर होती है और अधिक मात्रा में खाने से शरीर में अतिरिक्त कैलोरी और चीनी की मात्रा बढ़ सकती है।

इसलिए अगर आप सौंफ के साथ मिश्री लेते हैं तो इसकी मात्रा छोटी रखना बेहतर है, खासकर उन लोगों के लिए जो अपनी शुगर या कैलोरी की मात्रा नियंत्रित करना चाहते हैं।

सौंफ और मिश्री साथ खाने का क्या असर होता है?

सौंफ और मिश्री का मेल मुख्य रूप से भोजन के बाद स्वाद और ताजगी के लिए लिया जाता है। सौंफ का स्वाद कुछ लोगों को तीखा या तेज लग सकता है, ऐसे में थोड़ी मिश्री इसके स्वाद को संतुलित कर देती है। इसे किसी बीमारी का इलाज या स्वास्थ्य संबंधी समस्या का समाधान समझना उचित नहीं है।

कितनी मात्रा में खानी चाहिए?

खाने के बाद थोड़ी मात्रा में सौंफ लेना पर्याप्त माना जा सकता है। इसके साथ मिश्री लेते हैं तो उसकी मात्रा कम रखना बेहतर है। खासकर रोजाना सौंफ-मिश्री खाने की आदत है तो मिश्री की मात्रा पर ध्यान देना जरूरी है।

किन लोगों को रखनी चाहिए सावधानी?
डायबिटीज या ब्लड शुगर की समस्या वाले लोगों को मिश्री की मात्रा पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
वजन कम करने या नियंत्रित करने वालों को मिश्री से मिलने वाली अतिरिक्त कैलोरी का ध्यान रखना चाहिए।
सौंफ खाने के बाद एलर्जी, पेट में परेशानी या कोई असामान्य प्रतिक्रिया महसूस हो तो इसका सेवन रोककर डॉक्टर से सलाह लें।
किसी बीमारी के इलाज के लिए केवल सौंफ या मिश्री पर निर्भर नहीं रहना चाहिए।

डिस्क्लेमर: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए है। किसी बीमारी, दवा या विशेष स्वास्थ्य स्थिति में डॉक्टर या योग्य स्वास्थ्य विशेषज्ञ की सलाह को प्राथमिकता दें।

(साभार)


बॉलीवुड की दो फिल्मों की रिलीज डेट आई सामने, जानिए ‘उड़ता तीर’ और ‘ईठा’ कब होंगी रिलीज

बॉलीवुड में आने वाले महीनों में कई बड़ी फिल्में दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं। इसी बीच आयुष्मान खुराना-सारा अली खान स्टारर ‘उड़ता तीर’ और श्रद्धा कपूर की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘ईठा’ की रिलीज डेट को लेकर बड़ा अपडेट सामने आया है। एक फिल्म की रिलीज डेट तय कर दी गई है, जबकि दूसरी को नई तारीख मिल गई है। ऐसे में दोनों फिल्मों के सिनेमाघरों में दस्तक देने की तारीख जानना फैंस के लिए खासा दिलचस्प है।

9 अक्टूबर को रिलीज होगी ‘उड़ता तीर’

आयुष्मान खुराना और सारा अली खान की जोड़ी फिल्म ‘उड़ता तीर’ में पहली बार स्क्रीन शेयर करती नजर आएगी। यह फिल्म स्पाई-कॉमेडी जॉनर की बताई जा रही है और अब इसकी रिलीज डेट भी तय हो गई है। फिल्म 9 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी।

फिल्म का निर्देशन आकाश ए. कौशिक कर रहे हैं। इसके प्रोडक्शन की जिम्मेदारी करण जौहर, अदार पूनावाला, अपूर्व मेहता, गुनीत मोंगा कपूर और अचिन जैन जैसे निर्माता संभाल रहे हैं।

परिवार के साथ देखने को मिलेगी एंटरटेनमेंट से भरपूर कहानी

रिपोर्ट्स के मुताबिक, ‘उड़ता तीर’ को फैमिली एंटरटेनर के तौर पर तैयार किया गया है। फिल्म में कॉमेडी के साथ स्पाई एलिमेंट्स भी देखने को मिलेंगे। बताया जा रहा है कि मेकर्स ने पहले इसे सितंबर में रिलीज करने की योजना बनाई थी, लेकिन बाद में रिलीज शेड्यूल में बदलाव करते हुए अक्टूबर की तारीख तय की गई।

‘ईठा’ की रिलीज दिसंबर तक टली

वहीं श्रद्धा कपूर की फिल्म ‘ईठा’ की रिलीज डेट को आगे बढ़ा दिया गया है। यह फिल्म लावणी कलाकार विठाबाई नारायणगावकर के जीवन और उनके कला सफर से प्रेरित है। उन्होंने अपना जीवन लावणी लोककला को समर्पित किया था।

पहले ‘ईठा’ को 28 अगस्त 2026 को रिलीज किया जाना था। इसी दौरान 26 अगस्त को रिलीज होने वाली मल्टीस्टारर फिल्म ‘टॉक्सिक’ के साथ इसकी रिलीज डेट का क्लैश हो रहा था। अब मेकर्स ने फिल्म को आगे बढ़ाते हुए 4 दिसंबर 2026 को रिलीज करने का फैसला किया है।

लक्ष्मण उतेकर ने किया है निर्देशन

‘ईठा’ का निर्देशन लक्ष्मण उतेकर कर रहे हैं। फिल्म में श्रद्धा कपूर के अलावा रणदीप हुड्डा और मोहम्मद जीशान अय्यूब भी अहम भूमिकाओं में नजर आएंगे। फिल्म की कहानी और श्रद्धा का किरदार दर्शकों के बीच पहले से ही चर्चा का विषय बना हुआ है।

‘ईठा’ का प्रभास की ‘फौजी’ से होगा मुकाबला

‘टॉक्सिक’ के साथ क्लैश से बचने के बाद ‘ईठा’ के सामने एक और बड़ी चुनौती है। 4 दिसंबर को श्रद्धा कपूर की फिल्म का मुकाबला प्रभास स्टारर ‘फौजी’ से होने की संभावना है। फिलहाल ‘फौजी’ की रिलीज डेट 3 दिसंबर 2026 तय है।

‘फौजी’ का निर्देशन हनु राघवपुडी कर रहे हैं। फिल्म में प्रभास के साथ मिथुन चक्रवर्ती, जया प्रदा और अनुपम खेर जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में दिखाई देंगे।

(साभार)


रक्षाबंधन को लेकर खाद्य सुरक्षा विभाग का सघन अभियान, रामनगर में लिए गए 06 खाद्य नमूने

रामनगर। रक्षाबंधन पर्व के दृष्टिगत उपभोक्ताओं को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा विभाग ने रामनगर क्षेत्र में सघन निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान चलाया। आयुक्त, खाद्य संरक्षा एवं औषधि प्रशासन, उत्तराखंड तथा जिलाधिकारी नैनीताल के निर्देशों के क्रम में मंगलवार को विभागीय टीम ने विभिन्न खाद्य प्रतिष्ठानों का आकस्मिक निरीक्षण किया।

अभियान के दौरान ढिकुली, लखनपुर चुंगी, मेन मार्केट एवं तहसील लाइन क्षेत्र में दूध एवं दुग्ध उत्पादों की बिक्री करने वाले लगभग आधा दर्जन प्रतिष्ठानों की जांच की गई। टीम ने दूध, दही, पनीर, घी सहित अन्य दुग्ध उत्पादों की गुणवत्ता, खाद्य सुरक्षा मानकों और लेबलिंग की पड़ताल की।

निरीक्षण के दौरान 02 पनीर, 01 दूध, 01 देशी घी, 01 दही तथा 01 स्वीट कन्डेन्स्ड मिल्क समेत कुल 06 खाद्य नमूने लिए गए। सभी नमूनों को जांच के लिए खाद्य प्रयोगशाला भेजा जा रहा है। जांच रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

अभियान के दौरान 07 अगस्त 2026 को आयुक्त, खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन द्वारा जारी प्रतिबंधात्मक आदेश के अनुपालन की भी जांच की गई। इसके तहत ऐसे अमानकीकृत डेयरी एनालॉग अथवा गैर-दुग्ध उत्पादों के निर्माण, भंडारण, परिवहन, वितरण एवं विक्रय पर प्रतिबंध है, जो वास्तविक दुग्ध उत्पाद होने का आभास कराते हैं।

विभाग ने स्पष्ट किया कि पर्व के दौरान खाद्य पदार्थों की बढ़ती मांग को देखते हुए निरीक्षण एवं प्रवर्तन अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य की सुरक्षा, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तथा अमानकीकृत एवं भ्रामक डेयरी/गैर-दुग्ध उत्पादों पर प्रभावी कार्रवाई करना है।


मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना-2026 का जल्द होगा शुभारंभ

युवाओं को मिलेगी प्रतियोगी परीक्षाओं की निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग

सीएम पुष्कर सिंह धामी जल्द करेंगे इसकी विधिवत शुरुआत

देहरादून। उत्तराखंड के युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए बेहतर अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में राज्य सरकार की महत्वपूर्ण पहल ‘मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना-2026’ अब धरातल पर उतरने जा रही है। योजना को मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी पहले ही अनुमोदन प्रदान कर चुके हैं। योजना का शीघ्र ही मुख्यमंत्री द्वारा विधिवत शुभारंभ किया जाएगा।

युवाओं को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए गुणवत्तापूर्ण मार्गदर्शन एवं अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराने तथा इस दिशा में एक समर्पित योजना शुरू करने का निर्णय लिया गया था। इसी निर्णय के क्रम में मुख्यमंत्री युवा भविष्य निर्माण योजना-2026 को स्वीकृति दी गई है।

योजना के तहत राज्य के विश्वविद्यालयों तथा शासकीय एवं अशासकीय सहायता प्राप्त महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा प्राप्त कर रहे विद्यार्थियों को विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराई जाएगी।

इसमें सिविल सर्विसेज (UPSC/PSC), रक्षा सेवाओं (CDS), बैंकिंग, रेलवे, SSC सहित अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं तथा प्रतिष्ठित उच्च शिक्षण संस्थानों में प्रवेश और पात्रता निर्धारण के लिए आयोजित होने वाली CAT, MAT, GATE, NET और CSIR-NET जैसी परीक्षाओं की तैयारी शामिल है।

योजना के माध्यम से राज्य के युवाओं को घर बैठे गुणवत्तापूर्ण कोचिंग और मार्गदर्शन उपलब्ध हो सकेगा। विशेष रूप से दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों में अध्ययन कर रहे विद्यार्थियों के लिए यह पहल महत्वपूर्ण साबित होगी। इससे आर्थिक संसाधनों की कमी के कारण महंगी कोचिंग का लाभ नहीं उठा पाने वाले विद्यार्थियों को भी प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी का अवसर मिलेगा।

मुख्यमंत्री धामी द्वारा योजना के विधिवत शुभारंभ के लिए जल्द ही तिथि निर्धारित की जाएगी। शुभारंभ के साथ ही योजना के तहत विद्यार्थियों को ऑनलाइन कोचिंग उपलब्ध कराने की प्रक्रिया प्रारंभ होगी।


मुख्यमंत्री धामी से मिले शेफ केशव नेगी, सहयोग के लिए जताया आभार

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मुख्यमंत्री आवास में दिल्ली के मालवीय नगर स्थित होटल अग्निकांड प्रकरण में कानूनी प्रक्रियाओं का सामना कर रहे उत्तराखण्ड निवासी शेफ केशव नेगी ने शिष्टाचार भेंट कर उन्हें सहयोग एवं संवेदनशीलता के लिए आभार व्यक्त किया।

मुख्यमंत्री धामी ने नेगी का कुशलक्षेम जाना और उन्हें आश्वस्त किया कि प्रदेश सरकार उनके साथ पूरी मजबूती से खड़ी है। उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार राज्य के प्रत्येक नागरिक के हितों की रक्षा के लिए सदैव प्रतिबद्ध है तथा आवश्यकता पड़ने पर हरसंभव सहायता उपलब्ध कराई जाएगी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि संकट की घड़ी में सरकार का दायित्व है कि वह अपने नागरिकों का मनोबल बढ़ाए और उन्हें न्यायोचित सहायता उपलब्ध कराए। उन्होंने अधिकारियों को भी ऐसे मामलों में आवश्यक समन्वय बनाए रखते हुए यथासंभव सहयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

उल्लेखनीय है कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इससे पूर्व केशव नेगी से दूरभाष पर वार्ता कर उनका हालचाल जाना था तथा उन्हें भरोसा दिलाया था कि प्रदेश सरकार उनके साथ खड़ी है और उन्हें हरसंभव सहायता प्रदान की जाएगी। मुख्यमंत्री धामी ने इस संबंध में दिल्ली की मुख्यमंत्री से भी बात की थी | मुख्यमंत्री के इस सहयोग और संवेदनशील पहल के प्रति नेगी ने परिवार सहित भेंट कर पुनः अपना आभार व्यक्त किया।


दावे-आपत्तियों के निस्तारण में तेजी लाएं ईआरओ- डीएम

13 अगस्त की रात्रि तक फार्म-6, 7 एवं 8 अनिवार्य रूप से अपलोड करें

देहरादून। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने ऋषिपर्णा सभागार कलेक्ट्रेट से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्वाचन नामावलियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के अंतर्गत प्राप्त दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण के सम्बन्ध में वर्चुअल बैठक करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जनपद के समस्त निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्राप्त दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण की प्रक्रिया में तेजी लाते हुए कार्य को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अुनरूप पूर्ण करें।

जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि फार्म-6, फार्म-7 एवं फार्म-8 को 13 अगस्त 2026 की रात्रि तक अनिवार्य रूप से अपलोड करना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि इस कार्य में किसी भी स्तर पर शिथिलता न बरती जाए तथा आवश्यकता के अनुसार अधिकारी एवं कार्मिक दिन-रात कार्य करते हुए निर्धारित लक्ष्य प्राप्त करें। उन्होंने विशेष रूप से फार्म-6 की जांच पूरी सावधानी एवं गंभीरता से करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने कहा कि फार्म-6 अपलोड करने से पूर्व संबंधित विवरण एवं अभिलेखों का ठीक प्रकार से परीक्षण कर लिया जाए, ताकि निर्वाचन नामावली में किसी प्रकार की त्रुटि की संभावना न रहे। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक स्तर पर गुणवत्ता एवं शुद्धता सुनिश्चित करते हुए ही प्रकरणों का निस्तारण किया जाए।

जिलाधिकारी ने सभी ईआरओ को अपने-अपने क्षेत्र में चल रहे कार्य की नियमित मॉनिटरिंग करने तथा अधीनस्थ कार्मिकों से प्रतिदिन की प्रगति रिपोर्ट प्राप्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जहां भी कार्य की गति अपेक्षाकृत कम है, वहां तत्काल आवश्यक कार्रवाई करते हुए प्रगति में तेजी लाई जाए। उन्होंने नोटिस की कार्यवाही भी तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए तथा कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप प्रत्येक प्रकरण में आवश्यक प्रक्रिया का पालन सुनिश्चित किया जाए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि दावे एवं आपत्तियों के निस्तारण में पारदर्शिता, शुद्धता एवं निष्पक्षता का विशेष ध्यान रखा जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण का उद्देश्य निर्वाचन नामावलियों को अधिक शुद्ध, अद्यतन एवं त्रुटिरहित बनाना है। इसलिए सभी अधिकारी इस कार्य को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए समयबद्ध ढंग से पूर्ण करें। उन्होंने कहा कि किसी भी स्तर पर लंबित प्रकरण न रहें और निर्धारित समयसीमा के भीतर सभी आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, उप जिलाधिकारी मुख्यालय रविन्द्र ज्वांठा कलेक्ट्रेट सभागार से उपस्थित रहे, जबकि मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह एवं जनपद के अन्य समस्त ईआरओ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से जुड़े रहे।


मसूरी में मेडिकल स्टोरों पर संयुक्त औचक निरीक्षण, तीन प्रतिष्ठानों में दवा बिक्री पर रोक

फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति, एक्सपायर दवाइयां और लाइसेंस संबंधी अनियमितताएं मिलीं; कार्रवाई के निर्देश

देहरादून – आमजन को सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण औषधियां उपलब्ध कराने तथा औषधि विक्रय से संबंधित वैधानिक प्रावधानों का अनुपालन सुनिश्चित करने के उद्देश्य से उत्तराखण्ड राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, नैनीताल एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून के निर्देशों के क्रम में मंगलवार को मसूरी क्षेत्र के विभिन्न मेडिकल स्टोरों का संयुक्त औचक निरीक्षण किया गया।

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून सीमा डुंगराकोटी के नेतृत्व में ‘सेफ ड्रग्स-सेफ लाइफ’ अभियान के तहत किए गए निरीक्षण में वरिष्ठ औषधि निरीक्षक मानेन्द्र सिंह राणा एवं औषधि निरीक्षक विनोद जुगलान शामिल रहे। टीम ने मेडिकल स्टोरों में औषधियों के रखरखाव, लाइसेंस, फार्मासिस्ट की उपलब्धता, अभिलेखों के संधारण, एक्सपायर दवाओं के निस्तारण, नारकोटिक्स दवाओं के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड, फ्रिज एवं तापमान व्यवस्था तथा सीसीटीवी आदि की जांच की।

हैमर्स मेडिकोज में फार्मासिस्ट अनुपस्थित मिला। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी मिलीं। मेडिकल स्टोर में दवाइयों के अतिरिक्त दैनिक उपभोग की विभिन्न वस्तुएं भी विक्रय के लिए रखी गई थीं। सीसीटीवी कैमरे नहीं मिले तथा रैक में साफ-सफाई का अभाव पाया गया। अनियमितताओं को गंभीरता से लेते हुए टीम ने स्टोर में दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाते हुए नोटिस का जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। संतोषजनक स्पष्टीकरण न मिलने पर लाइसेंस निरस्त करने की कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

पायनियर मेडिकल स्टोर में फार्मासिस्ट एवं स्टोर मालिक उपस्थित मिले। एक्सपायर दवाइयों का रखरखाव व्यवस्थित नहीं पाया गया। स्टोर में दवाइयों के साथ अन्य सामान भी विक्रय किया जा रहा था। फ्रिज चालू अवस्था में था, लेकिन तापमान प्रदर्शित करने की व्यवस्था नहीं थी। स्टोर संचालक ने बताया कि एक्सपायर दवाइयां संबंधित कंपनी को वापस कर दी गई हैं। नारकोटिक्स दवाइयों के क्रय-विक्रय का रिकॉर्ड प्रस्तुत किया गया। टीम ने संचालक को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

अग्रवाल मेडिकोज में स्टोर मालिक उपस्थित मिला, जबकि फार्मासिस्ट अवकाश पर थी। फार्मासिस्ट की अनुपस्थिति में दवाइयों की बिक्री किए जाने की बात सामने आई। फ्रिज में रखी वैक्सीन निर्धारित तापमान पर नहीं मिली। अन्य दवाइयों के साथ एक्सपायर दवाइयां भी पाई गईं। कई दवाइयां कटी हुई अवस्था में मिलीं तथा स्टोर में साफ-सफाई का भी अभाव था। गंभीर अनियमितताओं के चलते स्टोर को बंद कराते हुए दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई।

ऑप्टिशियन मेडिकल स्टोर में भी फार्मासिस्ट अनुपस्थित पाई गई। निरीक्षण के दौरान एक्सपायर दवाइयों का रखरखाव अव्यवस्थित मिला तथा फ्रिज खराब अवस्था में पाया गया। टीम ने फ्रिज बदलने के निर्देश दिए। अनियमितताओं के कारण स्टोर को तत्काल बंद कराते हुए दवाइयों के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई।

ए. जेम्स एंड कंपनी मेडिकल स्टोर में निरीक्षण के दौरान फार्मासिस्ट एवं स्टोर मालिक उपस्थित मिले। लाइसेंस मांगे जाने पर संचालक लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। जांच में लाइसेंस की अवधि समाप्त होना पाया गया तथा नवीनीकरण से संबंधित आवश्यक दस्तावेज भी प्रस्तुत नहीं किए गए। एक्सपायर दवाइयां अन्य दवाओं के साथ रखी मिलीं और क्रय-विक्रय संबंधी अभिलेख भी व्यवस्थित नहीं पाए गए। रैक में साफ-सफाई का भी अभाव था। टीम ने स्टोर की सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप पूर्ण होने तक दवाओं के क्रय-विक्रय पर रोक लगाने के निर्देश दिए।

जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने कहा कि इस प्रकार के निरीक्षणों का उद्देश्य केवल नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कार्रवाई करना नहीं, बल्कि आमजन के स्वास्थ्य और उनके वैधानिक अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित करना भी है। औषधियों की गुणवत्ता एवं सुरक्षित वितरण का सीधा संबंध नागरिकों के स्वास्थ्य से है, इसलिए इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार्य नहीं होगी।

सचिव, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, देहरादून सीमा डुंगराकोटी ने कहा कि प्राधिकरण जनहित से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर निरंतर निगरानी एवं जागरूकता के लिए कार्य कर रहा है। आमजन के स्वास्थ्य एवं मूलभूत अधिकारों की सुरक्षा प्राधिकरण की प्राथमिकताओं में शामिल है। विशेषकर दूरस्थ एवं पर्यटन क्षेत्रों में संचालित स्वास्थ्य एवं औषधि संबंधी प्रतिष्ठानों में निर्धारित मानकों का पालन सुनिश्चित किया जाना आवश्यक है।


दिव्यांगजनों की समस्याओं के समाधान को सितंबर में लगेगा संयुक्त मोबाइल कोर्ट

शिकायतों के त्वरित निस्तारण के साथ अधिकारों एवं सरकारी योजनाओं का मिलेगा लाभ

देहरादून – दिव्यांगजनों की शिकायतों एवं समस्याओं के त्वरित निस्तारण तथा उन्हें उनके अधिकारों और विधिक संरक्षण का लाभ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सितंबर 2026 में जनपद में संयुक्त मोबाइल कोर्ट आयोजित किया जाएगा। इसका आयोजन मुख्य आयुक्त दिव्यांगजन, भारत सरकार एवं राज्य आयुक्त दिव्यांगजन, उत्तराखण्ड के संयुक्त तत्वावधान में प्रस्तावित है।

मुख्य आयुक्त दिव्यांगजन कार्यालय की ओर से प्रदेश के सभी जनपदों में संयुक्त मोबाइल कोर्ट के संबंध में व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए हैं, ताकि अधिक से अधिक दिव्यांगजन अपनी समस्याएं एवं शिकायतें मोबाइल कोर्ट के समक्ष प्रस्तुत कर सकें।

जिला समाज कल्याण अधिकारी, देहरादून दीपांकर घिल्डियाल ने सभी सहायक समाज कल्याण अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में दिव्यांगजनों, दिव्यांगजन संगठनों एवं संबंधित हितधारकों को कार्यक्रम की जानकारी उपलब्ध कराएं। साथ ही दिव्यांगजनों की शिकायतों एवं समस्याओं से संबंधित आवश्यक जानकारी मोबाइल नंबर सहित एकत्रित की जाए।

संयुक्त मोबाइल कोर्ट में दिव्यांगजन दिव्यांग अधिकारों, सरकारी योजनाओं, सुविधाओं, दिव्यांग प्रमाण-पत्र, पेंशन, सहायक उपकरण, पुनर्वास सहित अन्य संबंधित विषयों पर अपनी शिकायतें एवं समस्याएं प्रस्तुत कर सकेंगे। प्राप्त प्रकरणों के निस्तारण के लिए सक्षम स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

जिला समाज कल्याण अधिकारी ने जनपद के दिव्यांगजनों से अपील की है कि मोबाइल कोर्ट की तिथि एवं स्थान निर्धारित होने पर अधिक से अधिक संख्या में इसमें प्रतिभाग कर अपनी समस्याएं प्रस्तुत करें। शिकायत पत्र के साथ दिव्यांगता प्रमाण-पत्र संलग्न करना अनिवार्य होगा। शिकायत पत्र संबंधित खंड विकास अधिकारी कार्यालय अथवा जिला समाज कल्याण विभाग के कार्यालय में भी जमा किए जा सकते हैं।

संयुक्त मोबाइल कोर्ट की तिथि, स्थान एवं अन्य आवश्यक विवरण निर्धारित होने के बाद पृथक रूप से व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से जानकारी उपलब्ध कराई जाएगी।


देहरादून में दलहन उत्पादन को बढ़ाने को क्लस्टर आधारित माइक्रोप्लानिंग पर जोर

कृषि विभाग को वर्ष 2030-31 तक पैदावार तीन गुना करने का लक्ष्य

एग्रीस्टैक के माध्यम से किसानों की भूमि व फसल संबंधी जानकारी होगी डिजिटल-डीएम

देहरादून। जिला प्रशासन ने दलहनों में आत्मनिर्भरता और डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत एग्रीस्टैक योजना को धरातल पर उतारने की तैयारी तेज कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट में समीक्षा बैठक लेते हुए अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनपद में अरहर, उड़द और मसूर के उत्पादन व क्षेत्रफल को बढ़ाने के लिए तुरंत माइक्रोप्लानिंग के तहत क्लस्टर चिन्हित किए जाएं।

बैठक में जिलाधिकारी ने कृषि सेवाओं को पारदर्शी और त्वरित बनाने के लिए किसानों व उनकी कृषि भूमि के आंकड़ों को डिजिटल रूप में व्यवस्थित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि किसानों को उन्नत बीज वितरण, बीज उत्पादन और आधुनिक तकनीकों का प्रशिक्षण देकर दलहन का रकबा बढ़ाया जाए।

दलहन उत्पादन को गति देने के लिए जिलाधिकारी ने इंटर-क्रॉपिंग और बंजर भूमि को उपयोग में लाने के निर्देश दिए। कहा कि किसानों को गन्ने की पंक्तियों के बीच खाली पड़ी जगह में दालों की खेती के लिए प्रोत्साहित किया जाए। जो कृषि भूमि बिना उपयोग के खाली छूटी है, उसे तैयार कर दलहन उत्पादन का क्षेत्रफल विस्तार किया जाए। धान-गेहूं के पारंपरिक फसल चक्र के बीच दलहन को शामिल करें। कहा कि इससे मिट्टी की प्राकृतिक उर्वरता भी बढ़ेगी और किसानों को अच्छे उत्पादन के साथ अधिक लाभ प्राप्त होगा।

मुख्य कृषि अधिकारी देवेंद्र राणा ने जनपद में दलहन उत्पादन के वर्तमान आंकड़ों और आगामी लक्ष्यों का विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उड़द वर्तमान में 470 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 274 मीट्रिक टन उत्पादन हो रहा है। वर्ष 2030-31 तक इसका क्षेत्रफल बढ़ाकर 754 हेक्टेयर और उत्पादन लक्ष्य 765 एमटी रखा गया है।

अरहर वर्तमान में 286 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 367 एमटी उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर 457 हेक्टेयर और उत्पादन लक्ष्य 686 एमटी तय किया गया है। वही मसूर वर्तमान में 242 हेक्टेयर क्षेत्रफल से 146 एमटी उत्पादन हो रहा है। इसे बढ़ाकर 427 हेक्टेयर और उत्पादन लक्ष्य 453 एमटी निर्धारित किया गया है।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (प्रशा) स्मृता परमार, मुख्य कृषि अधिकारी देवेन्द्र राणा, मुख्य उद्यान अधिकारी डीके तिवारी सहित वर्चुअल माध्यम से अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


मुख्यमंत्री से विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने की भेंट

मुख्यमंत्री ने संगठनों की समस्याओं एवं मांगों के परीक्षण कर उचित समाधान के दिए निर्देश

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से मंगलवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधिमंडलों ने भेंट की। प्रतिनिधिमंडलों ने अपने-अपने विभागों एवं संवर्गों से संबंधित विभिन्न समस्याओं एवं मांगों से मुख्यमंत्री को अवगत कराया। मुख्यमंत्री ने सभी प्रतिनिधिमंडलों की समस्याओं एवं मांगों को गंभीरता से सुनते हुए शासन के वरिष्ठ अधिकारियों को नियमानुसार परीक्षण कर यथोचित कार्यवाही एवं समस्याओं के उचित समाधान के निर्देश दिए।

शिक्षा अधिकारी प्रशासनिक संवर्ग एसोसिएशन, उत्तराखंड के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों ने गोविंद राम जायसवाल के नेतृत्व में मुख्यमंत्री से भेंट की।प्रतिनिधिमंडल ने निदेशक, अपर निदेशक, संयुक्त निदेशक एवं खंड शिक्षा अधिकारियों के रिक्त पदों पर विभागीय पदोन्नति किए जाने तथा कार्मिकों की परिवीक्षा अवधि पूर्ण होने के उपरांत स्वतः स्थायीकरण की व्यवस्था सहित विभिन्न समस्याओं के समाधान का अनुरोध किया।

उत्तराखंड डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ, जल संस्थान के प्रतिनिधिमंडल ने उत्तराखंड जल संस्थान के राजकीयकरण की मांग मुख्यमंत्री के समक्ष रखी। वहीं, उत्तराखंड विश्वविद्यालय कर्मचारी महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने राज्य के विभिन्न विश्वविद्यालयों में गैर-शैक्षणिक कार्मिकों के रिक्त पदों को भरे जाने, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय में गैर-शिक्षण कार्मिकों के पदों के पुनर्गठन तथा गोविंद बल्लभ पंत कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय में कार्यरत प्रयोगशाला सहायकों को राज्य के अन्य विश्वविद्यालयों में कार्यरत प्रयोगशाला सहायकों के समान वेतनमान प्रदान किए जाने का अनुरोध किया।

उत्तराखंड जूनियर हाईस्कूल शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने 25 अक्टूबर 2005 से पूर्व विज्ञापित पदों पर नियुक्त शिक्षकों को पुरानी पेंशन योजना में सम्मिलित किए जाने तथा वर्ष 2010 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों को टीईटी परीक्षा में शिथिलता प्रदान किए जाने का अनुरोध किया।

इसके अतिरिक्त राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन कर्मचारी संगठन, उत्तराखंड, उत्तराखंड एएनएम संवर्ग संगठन, लैब टेक्निशियन संगठन, राज्य निगम कर्मचारी अधिकारी महासंघ उत्तराखंड, माध्यमिक अतिथि शिक्षक संघ उत्तराखंड, अंशकालिक शिक्षक संघ तथा उत्तराखंड राज्य आबकारी निरीक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडलों ने भी मुख्यमंत्री से भेंट कर अपने-अपने संवर्गों से संबंधित विभिन्न मांगों एवं समस्याओं से अवगत कराया।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रमुख सचिव  आर.के. सुधांशु को निर्देश दिए कि विभिन्न संगठनों द्वारा रखी गई मांगों एवं समस्याओं का संबंधित विभागों के माध्यम से नियमानुसार परीक्षण कराते हुए उचित समाधान की दिशा में आवश्यक कार्यवाही सुनिश्चित की जाए।

इस अवसर पर प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, सचिव शैलेश बगोली, दिलीप जावलकर, आयुक्त गढ़वाल आनंद स्वरूप, आईजी गढ़वाल राजीव स्वरूप, अपर सचिव जे.सी. काण्डपाल सहित मुख्यमंत्री कार्यालय के अन्य अधिकारी उपस्थित थे।


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