Tuesday, August 18th, 2026

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

तमक नाले में लापता हवलदार पंकज की तलाश तेज, SDRF-NDRF समेत कई टीमें रेस्क्यू में जुटीं

Monthly Archives: August 2026

तमक नाले में लापता हवलदार पंकज की तलाश तेज, SDRF-NDRF समेत कई टीमें रेस्क्यू में जुटीं

50 से ज्यादा जवान रेस्क्यू में तैनात

चमोली। ज्योतिर्मठ तहसील के ग्राम लोंग सेगड़ी के पास तमक नाले में अतिवृष्टि के बाद आए तेज बहाव और मलबे की चपेट में आकर लापता हुए हवलदार पंकज की तलाश में रेस्क्यू अभियान तेज कर दिया गया है। जिला प्रशासन की निगरानी में पुलिस, SDRF, NDRF, सीमा सड़क संगठन और गढ़वाल राइफल्स की टीमें संयुक्त रूप से सर्च ऑपरेशन चला रही हैं।

जानकारी के अनुसार, सीमा सड़क संगठन की 123 इकाई में तैनात चालक पंकज तमक नाले में अचानक बढ़े पानी के तेज बहाव की चपेट में आने के बाद लापता हो गए। घटना के बाद से ही रेस्क्यू टीमें नाले के आसपास मलबे, जलधाराओं, नदी के किनारों और अन्य संभावित स्थानों पर लगातार खोजबीन कर रही हैं।

50 से ज्यादा जवान और तीन एक्सकेवेटर जुटे

लापता हवलदार की तलाश में 123 इकाई और गढ़वाल राइफल्स के 50 से अधिक जवानों के साथ तीन एक्सकेवेटर लगाए गए हैं। इसके अलावा SDRF और NDRF की टीमें भी अभियान में सक्रिय हैं। दुर्गम इलाकों में सर्चिंग के लिए दो प्रशिक्षित सर्च एंड रेस्क्यू डॉग और ड्रोन की मदद ली जा रही है।

मलबा हटाकर खंगाले जा रहे संभावित स्थान

रेस्क्यू टीमों द्वारा भारी बोल्डर और मलबे को एक्सकेवेटर की सहायता से हटाया जा रहा है। इसके बाद उन स्थानों की बारीकी से जांच की जा रही है, जहां लापता व्यक्ति के होने की संभावना हो सकती है। आधुनिक तकनीक का इस्तेमाल करते हुए Ground Penetrating Radar (GPR) समेत अन्य सर्च और डिटेक्शन उपकरणों से भी संभावित स्थानों की जांच की जा रही है।

नाले से आगे नदी के दोनों किनारों पर भी सर्च अभियान का दायरा बढ़ाया गया है। टीमें व्यवस्थित तरीके से एक-एक संभावित स्थान को चिन्हित कर उसकी जांच कर रही हैं, ताकि कोई क्षेत्र छूट न जाए।

प्रशासन की निगरानी में जारी है अभियान

जिला प्रशासन पूरे सर्च ऑपरेशन की लगातार निगरानी कर रहा है। मौके पर मौजूद रेस्क्यू टीमों को जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के साथ अभियान में तेजी लाने के निर्देश दिए गए हैं। तमक नाले से लेकर नदी के किनारों तक लगातार सघन खोजबीन की जा रही है। प्रशासन की प्राथमिकता लापता हवलदार पंकज का जल्द से जल्द पता लगाना है।


उत्तराखंड में सितंबर से शुरू होगा खेल महाकुंभ-2026, न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होंगी प्रतियोगिताएं

खेल महाकुम्भ-2026 की विस्तृत कार्ययोजना जारी

देहरादून। उत्तराखंड में खेल प्रतिभाओं को मंच देने के लिए खेल महाकुंभ-2026 की तैयारियां शुरू हो गई हैं। युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल विभाग ने वित्तीय वर्ष 2026-27 के तहत ‘खेल महाकुंभ-2026- मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी’ के आयोजन का कार्यक्रम तय कर दिया है। प्रतियोगिताएं न्याय पंचायत से लेकर विधानसभा, संसदीय क्षेत्र और राज्य स्तर तक आयोजित की जाएंगी।

न्याय पंचायत स्तर की स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताएं 1 से 10 सितंबर तक होंगी। इसके बाद 11 से 20 सितंबर के बीच विधानसभा स्तर पर विधायक चैंपियनशिप ट्रॉफी, 21 से 30 सितंबर तक संसदीय क्षेत्र स्तर पर सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी और 10 सितंबर से 30 अक्टूबर तक राज्य स्तर पर मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

इन खेलों में प्रतिभाग करेंगे खिलाड़ी

न्याय पंचायत स्तर पर अंडर-14 और अंडर-19 बालक-बालिका वर्ग में कबड्डी, एथलेटिक्स, खो-खो और मुर्गा झपट जैसी प्रतियोगिताएं होंगी। विधानसभा स्तर पर वॉलीबाल और पिट्टू सीधे तथा न्याय पंचायत स्तर से चयनित खिलाड़ियों के लिए प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

संसदीय क्षेत्र स्तर पर मलखंभ, रस्साकशी, गोली-कंचा, फुटबाल और बैडमिंटन की प्रतियोगिताएं होंगी। इनमें कुछ प्रतियोगिताओं में सीधे प्रतिभागिता होगी, जबकि अन्य में विधानसभा स्तर से चयनित खिलाड़ी हिस्सा लेंगे।

राज्य स्तर पर इन खेलों पर रहेगा फोकस

राज्य स्तर पर जूडो, बॉक्सिंग, टेबल टेनिस, ताइक्वांडो, कराटे, बास्केटबाल, हॉकी, हैंडबाल, योगासन, तैराकी, तीरंदाजी, फेंसिंग, कुश्ती, पेंचक सिलाट, पावरलिफ्टिंग, वेटलिफ्टिंग, बेसबाल और लॉन टेनिस समेत कई खेलों की प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।

इसके अलावा महिला ओपन वर्ग और दिव्यांगजन महिला-पुरुष ओपन वर्ग के लिए भी विभिन्न खेल प्रतियोगिताएं निर्धारित की गई हैं। निदेशक युवा कल्याण एवं प्रांतीय रक्षक दल दीप्ति सिंह की ओर से आयोजन को लेकर विस्तृत कार्ययोजना जारी की गई है। उन्होंने संबंधित विभागों से प्रतियोगिताओं के सफल आयोजन में सहयोग की अपेक्षा की है।

ग्रामीण प्रतिभाओं को मिलेगा मंच

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि खेल महाकुंभ का उद्देश्य प्रदेश के युवाओं की खेल प्रतिभा को प्रोत्साहित करना है। इसके जरिए ग्रामीण और दूरस्थ क्षेत्रों में छिपी प्रतिभाओं को बेहतर मंच उपलब्ध कराने के साथ ही खिलाड़ियों को राज्य और राष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं में आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा।


रूम फ्रेशनर की खुशबू के पीछे छिपा खतरा? ज्यादा इस्तेमाल से हो सकती हैं ये परेशानियां

घर, ऑफिस या कार में ताजगी और अच्छी खुशबू के लिए एयर फ्रेशनर का इस्तेमाल आम बात है। स्प्रे, डिफ्यूजर और दूसरे फ्रेगरेंस प्रोडक्ट्स कुछ ही समय में कमरे की गंध बदल देते हैं। हालांकि, इनका जरूरत से ज्यादा या लंबे समय तक इस्तेमाल करने से कुछ संवेदनशील लोगों को परेशानी हो सकती है। इसलिए कमरे को महकाने के साथ-साथ वेंटिलेशन और फ्रेगरेंस प्रोडक्ट के इस्तेमाल का ध्यान रखना भी जरूरी है।

सिर्फ बदबू को छिपाता है रूम फ्रेशनर?

एयर फ्रेशनर का मुख्य काम कमरे में खुशबू फैलाना है। यह जरूरी नहीं कि बदबू पैदा करने वाले स्रोत को खत्म कर दे। कई फ्रेगरेंस प्रोडक्ट्स से अलग-अलग वाष्पशील कार्बनिक यौगिक यानी VOCs हवा में फैल सकते हैं। कुछ परिस्थितियों में इनके अलावा अन्य उत्सर्जन भी बढ़ सकते हैं।

हर व्यक्ति पर इसका प्रभाव एक जैसा नहीं होता, लेकिन संवेदनशील लोगों में तेज खुशबू या ऐसे उत्पादों के संपर्क से कुछ परेशानियां महसूस हो सकती हैं।

किन समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है?

कुछ लोगों को एयर फ्रेशनर या तेज खुशबू वाले उत्पादों के इस्तेमाल के बाद सिरदर्द, आंख-नाक या गले में जलन, छींक, खांसी, मतली अथवा चक्कर जैसी दिक्कत महसूस हो सकती है। संवेदनशील व्यक्तियों में सांस से जुड़ी परेशानी भी बढ़ सकती है।

एयर फ्रेशनिंग प्रोडक्ट्स पर हुए अध्ययनों में स्प्रे और डिफ्यूजर के इस्तेमाल के दौरान VOCs, कार्बोनिल्स और PM2.5 जैसे उत्सर्जनों को मापा गया है। सामान्य परिस्थितियों में लगातार स्वास्थ्य जोखिम को लेकर निष्कर्ष स्पष्ट नहीं हैं, जबकि कुछ परिस्थितियों में प्रदूषकों का स्तर बढ़ने की चिंता सामने आई है। इस विषय पर शोध अभी जारी है।

इन लोगों को रखनी चाहिए ज्यादा सावधानी

अस्थमा से परेशान लोग: तेज खुशबू कुछ लोगों में अस्थमा के लक्षणों को बढ़ा सकती है।

सांस की बीमारी वाले लोग: COPD या अन्य श्वसन संबंधी समस्याओं से जूझ रहे लोगों को फ्रेगरेंस से खांसी या सांस लेने में परेशानी हो सकती है।

एलर्जी से संवेदनशील लोग: कुछ व्यक्तियों में सुगंधित उत्पादों के संपर्क से एलर्जिक प्रतिक्रिया हो सकती है।

माइग्रेन या खुशबू से सिरदर्द होने वाले लोग: अगर किसी खास फ्रेगरेंस के इस्तेमाल के बाद बार-बार सिरदर्द होता है, तो उसका इस्तेमाल कम करना या बंद करना बेहतर है।

क्या एयर फ्रेशनर का इस्तेमाल पूरी तरह बंद कर दें?

ऐसा कहना सही नहीं होगा कि हर व्यक्ति के लिए एयर फ्रेशनर नुकसानदायक है। इसका प्रभाव व्यक्ति की संवेदनशीलता, उत्पाद की संरचना और एक्सपोजर की मात्रा पर निर्भर कर सकता है। एयर फ्रेशनर से फेफड़ों को सीधे नुकसान पहुंचने की बात अभी पूरी तरह स्थापित नहीं है और इस दिशा में अध्ययन जारी हैं।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कमरे की खराब गंध को केवल खुशबू से ढकने के बजाय उसके स्रोत को दूर करना ज्यादा बेहतर तरीका है।

कमरे को प्राकृतिक तरीके से रखें फ्रेश

कमरे की हवा बेहतर रखने के लिए कुछ आसान उपाय अपनाए जा सकते हैं—

खिड़की और दरवाजे खोलकर पर्याप्त वेंटिलेशन रखें।
कमरे में ताजी हवा का आवागमन बनाए रखें।
कूड़ा समय पर बाहर निकालें।
नमी और फफूंदी को नियंत्रित करें।
बेडशीट, पर्दे और कालीन नियमित रूप से साफ करें।
जरूरत न होने पर एयर फ्रेशनर और खुशबूदार मोमबत्तियों का इस्तेमाल कम करें।
फ्रेगरेंस प्रोडक्ट इस्तेमाल करते समय पैकेज पर दिए निर्देशों का पालन करें।

डिस्क्लेमर: यह लेख उपलब्ध स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और अध्ययनों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी खास स्वास्थ्य समस्या या लक्षण की स्थिति में डॉक्टर की सलाह लेना उचित है।

(साभार)


मुख्य सचिव ने की चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने मंगलवार को सचिवालय में चिकित्सा स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण तथा चिकित्सा शिक्षा विभाग की समीक्षा की। इस दौरान उन्होंने प्रदेश में स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा की वर्तमान स्थिति की जानकारी लेते हुए आमजन को गुणवत्तापरक उपचार एवं बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।

जिला एवं बड़े उप जिला अस्पतालों का 31 मार्च, 2027 तक एनएबीएच प्रत्यायन कराने के दिए निर्देश

मुख्य सचिव ने अस्पतालों में उपचार एवं स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने के लिए प्रदेश के सभी चिकित्सालयों को नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फॉर हॉस्पिटल्स एंड हेल्थकेयर प्रोवाइडर्स (एनएबीएच) से प्रत्यायन कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रथम चरण में प्रदेश के सभी जिला अस्पतालों एवं बड़े उप जिला अस्पतालों का 31 मार्च, 2027 तक एनएबीएच प्रत्यायन सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को इसकी प्रक्रिया तत्काल शुरू करने के निर्देश दिए, ताकि अस्पतालों को निर्धारित मानकों को पूरा करने के लिए पर्याप्त समय मिल सके। उन्होंने कहा कि अस्पतालों में गुणवत्ता बनाए रखने के लिए एनएबीएच के माध्यम से नियमित निरीक्षण की व्यवस्था भी की जा सकती है।

स्वास्थ्य सेवाओं के डिजिटलीकरण एवं ई-हॉस्पिटल पर जोर

मुख्य सचिव ने प्रदेश के अस्पतालों को डिजिटाइज करते हुए ई-हॉस्पिटल की दिशा में तेजी से कदम बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने एकीकृत स्वास्थ्य प्रबंधन प्रणाली को प्रदेश में तत्काल लागू करने को कहा। उन्होंने प्रणाली के प्रभावी संचालन के लिए आवश्यक प्रशिक्षण, तकनीकी सहयोग तथा वार्षिक रखरखाव अनुबंध (एएमसी) की व्यवस्था सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए।

रिक्त चिकित्सकीय पदों को शीघ्र भरने पर दिया जोर

मुख्य सचिव ने चिकित्सकों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के साथ ही गुणवत्तापरक स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित करने के लिए विभिन्न विकल्पों पर कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे चिकित्सक जो सेवानिवृत्ति के बाद भी सेवाएं देने के इच्छुक हों, उनके संबंध में सेवानिवृत्ति से पूर्व ही आवश्यक औपचारिकताएं एवं पेपर वर्क पूरा किया जाए, ताकि पद रिक्त होने की स्थिति में उन्हें उनकी इच्छानुसार स्थान पर सेवाएं देने का अवसर दिया जा सके। इसके साथ ही निजी अस्पतालों में कार्यरत विशेषज्ञ चिकित्सकों को विजिटिंग डॉक्टर के रूप में जोड़ने की संभावनाओं पर भी कार्य करने को कहा।

डायलिसिस सुविधा 24×7 एवं किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा शीघ्र शुरू करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने प्रदेश के सरकारी अस्पतालों में वर्तमान में संचालित डायलिसिस सुविधा को 24×7 संचालित किए जाने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रदेश में किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा भी शीघ्र शुरू करने को कहा। बैठक में बताया गया कि किडनी ट्रांसप्लांट के लिए आवश्यक बुनियादी ढांचा तैयार कर लिया गया है तथा विशेषज्ञ की व्यवस्था भी कर ली गई है। इस पर मुख्य सचिव ने अगले तीन माह के भीतर किडनी ट्रांसप्लांट सुविधा शुरू करने के निर्देश दिए।

जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र की प्रक्रिया को सरल बनाने के निर्देश

मुख्य सचिव ने आमजन को जन्म एवं मृत्यु प्रमाण पत्र सहजता से उपलब्ध कराने के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जन्म प्रमाण पत्र के लिए माता-पिता को अस्पताल, नगर निगम अथवा अन्य कार्यालयों के अनावश्यक चक्कर न लगाने पड़ें। ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिसके माध्यम से माता-पिता को जन्म प्रमाण पत्र स्वतः उपलब्ध हो सके। इसी प्रकार मृत्यु प्रमाण पत्र प्राप्त करने के लिए भी मृतक के परिजनों को अनावश्यक रूप से परेशान न होना पड़े। उन्होंने प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक समस्याओं को चिह्नित कर उनका तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। उन्होंने अधिक से अधिक जनसेवाओं को सेवा का अधिकार अधिनियम के अंतर्गत लाए जाने पर भी जोर दिया।

मेडिकल कॉलेजों में फैकल्टी एवं सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश

मुख्य सचिव ने प्रदेश के मेडिकल कॉलेजों को और अधिक सुदृढ़ किए जाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों में पर्याप्त फैकल्टी की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेजों के वार्डों की गुणवत्ता में सुधार लाने तथा सरकारी मेडिकल कॉलेजों में सुपर स्पेशियलिटी सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करने को कहा।

मुख्य सचिव ने मेडिकल कॉलेजों में इवनिंग ओपीडी शुरू किए जाने के भी निर्देश दिए, ताकि अधिक से अधिक लोग स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ उठा सकें।

बैठक में सचिव विनय शंकर पाण्डेय, सीईओ स्टेट हेल्थ अथॉरिटी श्रीमती रीना जोशी, अपर सचिव रोहित मीणा, सौरभ गहरवार एवं महानिदेशक स्वास्थ्य श्रीमती सुनीता टम्टा सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


‘जन नायकन’ की OTT रिलीज डेट तय, 21 अगस्त से ZEE5 पर होगी स्ट्रीम

साउथ सुपरस्टार विजय की फिल्म ‘जन नायकन’ अब सिनेमाघरों के बाद ओटीटी प्लेटफॉर्म पर दस्तक देने जा रही है। एच. विनोद के निर्देशन में बनी इस फिल्म को लेकर विजय के फैंस के बीच खास उत्साह है, क्योंकि इसे उनके एक्टिंग करियर की आखिरी फिल्म माना जा रहा है। फिल्म 21 अगस्त से ZEE5 पर स्ट्रीम की जाएगी।

इस दिन OTT पर देख सकेंगे ‘जन नायकन’

कई बार रिलीज डेट में बदलाव के बाद ‘जन नायकन’ 23 जुलाई को सिनेमाघरों में रिलीज हुई थी। थिएटर रिलीज के करीब एक महीने बाद अब फिल्म डिजिटल प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध होगी। 21 अगस्त से दर्शक इसे घर बैठे ZEE5 पर देख सकेंगे।

बॉक्स ऑफिस पर ऐसा रहा प्रदर्शन

‘जन नायकन’ ने बॉक्स ऑफिस पर भी अच्छी कमाई की। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, फिल्म ने भारत में करीब 227.14 करोड़ रुपये का कारोबार किया, जबकि दुनियाभर में इसका कलेक्शन लगभग 320.34 करोड़ रुपये रहा। हालांकि फिल्म को दर्शकों और समीक्षकों से मिली-जुली प्रतिक्रिया मिली, लेकिन विजय के प्रशंसकों के लिए इसका महत्व अलग रहा।

विजय के फिल्मी सफर का आखिरी पड़ाव

‘जन नायकन’ को विजय के फिल्मी करियर की अंतिम फिल्म के तौर पर देखा जा रहा है। फिल्मों के बाद विजय ने राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाने का फैसला किया है। ऐसे में उनके फैंस के लिए यह फिल्म इसलिए भी खास है, क्योंकि इसके बाद वह बड़े पर्दे से दूरी बनाकर राजनीतिक सफर पर फोकस कर रहे हैं।

फिल्म में नजर आए ये कलाकार

फिल्म का निर्देशन और लेखन एच. विनोद ने किया है। विजय के साथ फिल्म में पूजा हेगड़े, बॉबी देओल, ममिता बैजू, गौतम वासुदेव मेनन, प्रियामणि और प्रकाश राज अहम भूमिकाओं में नजर आए हैं। फिल्म का संगीत अनिरुद्ध रविचंदर ने तैयार किया है, जबकि इसके गाने विवेक ने लिखे हैं। फिल्म का निर्माण वेंकट के नारायण ने केवीएन प्रोडक्शंस के बैनर तले किया है।

अब सिनेमाघरों में फिल्म नहीं देख पाए विजय के प्रशंसकों के पास इसे घर बैठे देखने का मौका है। ‘जन नायकन’ 21 अगस्त से ZEE5 पर स्ट्रीम होगी।

 


सोमेश्वर के धौलाघाट में श्रम विभाग का विशाल किट वितरण कार्यक्रम आयोजित

280 पात्र महिला श्रमिकों, पुरुषों एवं बच्चों को वितरित की गईं पोषण, स्वच्छता व शैक्षणिक किट

अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के धौलाघाट स्थित रामलीला मैदान में मंगलवार को श्रम विभाग की ओर से श्रमिक कल्याण कार्यक्रम आयोजित किया गया। उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के तत्वावधान में हुए कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बतौर मुख्य अतिथि शिरकत की और दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया।

कार्यक्रम के दौरान श्रम विभाग की विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के तहत 280 पंजीकृत पात्र लाभार्थियों को आवश्यक सामग्री वितरित की गई। इनमें महिला और पुरुष श्रमिकों के साथ बच्चे भी शामिल रहे। लाभार्थियों को पोषण किट, स्वच्छता किट और शैक्षणिक सामग्री किट प्रदान की गई।

इस मौके पर कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि प्रदेश के विकास और निर्माण कार्यों में श्रमिकों का योगदान बेहद महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि श्रमिक अपने परिश्रम से राज्य के विकास की आधारशिला मजबूत कर रहे हैं, ऐसे में उनके हितों की सुरक्षा और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाना सरकार की प्राथमिकता है।

रेखा आर्या ने बताया कि उत्तराखंड भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड के माध्यम से निर्माण श्रमिकों के लिए कई योजनाएं संचालित की जा रही हैं। इनमें विवाह सहायता, प्रसूति सहायता, मृत्यु के बाद आर्थिक सहायता, छात्रवृत्ति, कौशल विकास और श्रमिक स्वास्थ्य से जुड़ी योजनाएं शामिल हैं। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन योजनाओं का लाभ दूरस्थ क्षेत्रों में रहने वाले पात्र श्रमिकों तक भी पारदर्शी तरीके से पहुंचाना है।

कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी पात्र श्रमिक को सरकारी योजनाओं से वंचित न रहना पड़े। साथ ही उन्होंने श्रमिकों के पंजीकरण की प्रक्रिया को सरल और सुगम बनाने पर भी जोर दिया।

कार्यक्रम में भाजपा जिलाध्यक्ष महेश नयाल, जिला श्रम अधिकारी आशा पुरोहित, मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी सहित गोपाल खोलिया, विपिन पाठक, हरीश रौतेला, जगदीश आर्य, कैलाश गोस्वामी, नरेंद्र बिष्ट, देवेंद्र मेहरा और प्रीती जोशी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।


पीपलकोटी टनल हादसा: लापता दोनों श्रमिकों के शव बरामद, मृतकों की संख्या हुई 10

चमोली। पीपलकोटी में विष्णुगाड-पीपलकोटी जल विद्युत परियोजना की निर्माणाधीन टीएचडीसी टनल में 13 अगस्त को हुए हादसे के बाद जारी रेस्क्यू अभियान में बड़ी सफलता मिली है। मंगलवार को सुरंग के भीतर सर्च ऑपरेशन के दौरान लापता दोनों श्रमिकों के शव बरामद कर लिए गए। शवों को जिला चिकित्सालय गोपेश्वर भेजा गया है।

हादसे के बाद से ही SDRF समेत अन्य रेस्क्यू एजेंसियां टनल के अंदर लगातार खोजबीन में जुटी थीं। सुरंग में जमा पानी को बाहर निकालने के साथ ही मलबे और अन्य बाधाओं के बीच श्रमिकों की तलाश की जा रही थी। चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमों ने अभियान जारी रखा।

बरामद शवों में एक की पहचान 31 वर्षीय लुकास टोपनो पुत्र बोयसा टोपनो के रूप में हुई है। वह ग्राम सीमरटोली, पोस्ट कामरा, जिला खूंटी, झारखंड के निवासी थे। दूसरे श्रमिक की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

जानकारी के मुताबिक, हादसे के समय टनल के भीतर कुल 22 श्रमिक मौजूद थे। इनमें से 12 श्रमिकों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया था, जबकि आठ श्रमिकों की पहले ही मौत हो चुकी थी और दो श्रमिक लापता थे। मंगलवार को दोनों लापता श्रमिकों के शव मिलने के बाद हादसे में मृतकों की संख्या बढ़कर 10 हो गई है।


कृषि यंत्र सब्सिडी की फाइल बढ़ाने के नाम पर 10 हजार की रिश्वत, सहायक कृषि अधिकारी गिरफ्तार

हरिद्वार। कृषि यंत्र खरीदने के लिए मिलने वाली सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के बदले रिश्वत मांगना सहायक कृषि अधिकारी को भारी पड़ गया। सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने कार्रवाई करते हुए सहायक कृषि अधिकारी हरिओम यादव को 10 हजार रुपये की कथित रिश्वत लेते रंगे हाथ गिरफ्तार किया।

जानकारी के अनुसार, हरिओम यादव प्रतापनगर, नजीबाबाद रोड कोटद्वार निवासी हैं और वर्तमान में हरिद्वार जिले के खानपुर विकासखंड में सहायक कृषि अधिकारी के पद पर तैनात थे। आरोप है कि उन्होंने शिकायतकर्ता के भाई को कृषि यंत्र खरीदने के लिए मिलने वाली सब्सिडी की फाइल आगे बढ़ाने के एवज में 10 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी।

शिकायत मिलने के बाद सतर्कता अधिष्ठान की ट्रैप टीम ने मामले की जांच की और आरोपी को पकड़ने के लिए जाल बिछाया। तय योजना के तहत टीम ने सहायक कृषि अधिकारी को रिश्वत की रकम लेते हुए मौके पर गिरफ्तार कर लिया।


सीओ नीरज-निहारिका सेमवाल की मुसीबतें बढ़ी

हाईकोर्ट ने निहारिका से अनुसूचित जनजाति प्रमाणपत्र तलब किया

विजिलेंस कोर्ट ने सीओ नीरज सेमवाल को आय से अधिक संपत्ति मामले में नोटिस जारी किया

देहरादून। ऊधम सिंह नगर में तैनात सर्किल आफिसर (सीओ) नीरज सेमवाल और चम्पावत में तैनात उनकी पत्नी निहारिका सेमवाल की मुसीबतें बढ़ गयी हैं। नैनीताल हाईकोर्ट ने क्यू वारंटो के तहत दाखिल की गयी एक याचिका की सुनवाई करते हुए निहारिका सेमवाल से अनुसूचित जनजाति का प्रमाणपत्र दो सप्ताह में तलब किया है। याचिका में यह चुनौती दी गयी है कि निहारिका ब्राह्मण हैं और उन्होंने गलत तरीके से अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र हासिल किया है। इसके अलावा विजिलेंस कोर्ट ने सीओ नीरज सेमवाल को आय से अधिक संपत्ति के मामले में दाखिल एक शिकायत के आधार पर नोटिस जारी कर दिया है। इसके साथ ही निहारिका सेमवाल द्वारा सरोजबाला के खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले में नया मोड़ आ गया है।

उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत एक महिला सरोजबाला रावत ने हाईकोर्ट में क्यू वारंटो के तहत याचिका दाखिल कर चुनौती दी कि सीओ निहारिका सिंबल सेमवाल अनुसूचित जनजाति की नहीं हैं और वो ब्राह्मण हैं। ऐसे में उन्होंने जौनसार क्षेत्र से जो अनुसूचित जनजाति का सर्टिफिकेट हासिल किया है वह अवैध है। उसने चुनौती दी है कि इसी अवैध प्रमाणपत्र के आधार पर निहारिका को पुलिस में नौकरी मिली है। इस मामले की सुनवाई सीजे मनोज कुमार गुप्ता और जस्टिस सुभाष उपाध्याय की अदालत में हो रही है। हाईकोर्ट ने इस मामले में निहारिका सेमवाल से जनजातीय प्रमाणपत्र तलब किया है। यह उत्तराखंड का इस तरह का पहला मामला है जिसकी हाईकोर्ट में सुनवाई चल रही है।

DocScanner 17 Aug 2026 12-39

567f1bf96c44ca3a1317805c3bdebc69

गौरतलब है कि नीरज और निहारिका सेमवाल पति पत्नी हैं। सीओ निहारिका ने सरोजबाला के खिलाफ देहरादून में एससी-एसटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया है। इस मामले में सरोजबाला को जेल भी जाना पड़ा। सरोजबाला ने अदालत में कहा कि निहारिका चूंकि अनुसूचित जनजाति से नहीं हैं, इसलिए उसके खिलाफ एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मुकदमा रद्द किया जाए और निहारिका ने गलत प्रमाणपत्र के आधार पर नौकरी हासिल की है तो उसे नौकरी से हटाया जाएं। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट ने इस मामले में 28 नवम्बर 2000 के बाद अनुसूचित जनजाति के तहत जारी किये गये सभी प्रमाणपत्र अवैध हैं। इस प्रमाण पत्र के आधार पर हासिल की गयी नौकरी और अन्य लाभ शून्य हैं।

एससी-एसटी एक्ट के तहत दर्ज मामले की सुनवाई देहरादून की जिला अदालत में चल रही है। वहीं, सीओ नीरज सेमवाल के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में गढ़वाल क्षेत्र भ्रष्टाचार रोधी स्पेशल जज अंजलि बेंजवाल ने नोटिस जारी कर 9 सितम्बर को अदालत में अपने समर्थन में साक्ष्य जमा करने के आदेश दिये हैं। सीओ नीरज सेमवाल को भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 संशोधित की धारा 13 एक बी और 13 दो के तहत यह नोटिस जारी किया है।


अजमेरी बाजार में कई दुकानों लगी भीषण आग, करीब 20 मिनट बाद पहुंची दमकल टीम

दमकल ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पाया काबू

कलियर। साबिर पाक के सालाना उर्स के दौरान देर रात कलियर के अजमेरी बाजार में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया। दरगाह पहाड़ी गेट के पास आर्टिफिशियल ज्वैलरी और खिलौनों की दुकानों में लगी आग देखते ही देखते तेज हो गई। बाजार में धुआं और ऊंची लपटें उठने से वहां मौजूद लोगों में अफरा-तफरी का माहौल बन गया।

घटना रात करीब एक बजे की बताई जा रही है। आग की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने पुलिस के साथ मिलकर आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। सूचना मिलने पर कोतवाली प्रभारी निरीक्षक कमल मोहन भंडारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने तत्काल भीड़ को नियंत्रित किया और लोगों को आग वाले क्षेत्र से दूर किया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक, दमकल विभाग की टीम सूचना मिलने के करीब 20 मिनट बाद मौके पर पहुंची। तब तक आग कई दुकानों को अपनी चपेट में ले चुकी थी और आसपास की दुकानों तक आग पहुंचने का खतरा बना हुआ था। दमकल कर्मियों ने पहुंचते ही मोर्चा संभाला और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया।

उर्स के चलते इन दिनों कलियर में जायरीनों की भारी भीड़ है। बाजार में आग लगने की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित करते हुए लोगों को घटनास्थल से हटाया, जिससे राहत एवं बचाव कार्य में किसी तरह की बाधा न आए।

आग की चपेट में आने से दुकानों में रखा आर्टिफिशियल ज्वैलरी, खिलौने और अन्य सामान जलकर राख हो गया। दुकानदारों ने आग से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई है। हालांकि, वास्तविक नुकसान का आकलन अभी नहीं किया गया है। आग लगने के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल पाया है। शॉर्ट सर्किट समेत अन्य संभावित कारणों की जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।

लोगों की सूझबूझ से बची खानकाह में रखे कबूतरों की जान

आग के बीच स्थानीय लोगों ने इंसानियत और सूझबूझ की मिसाल भी पेश की। दुकानों के पीछे स्थित खानकाह में पिंजरे के अंदर कई कबूतर रखे हुए थे। आग फैलने का खतरा देखते ही लोगों ने तत्काल पिंजरे को बाहर निकाला और कबूतरों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया। समय रहते उठाए गए इस कदम से कबूतर आग की चपेट में आने से बच गए।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp