Tuesday, August 18th, 2026

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SDRF ने बीन नदी में फंसे दो यात्रियों और जंगल में फंसे छह छात्रों को सकुशल निकाला

Monthly Archives: August 2026

SDRF ने बीन नदी में फंसे दो यात्रियों और जंगल में फंसे छह छात्रों को सकुशल निकाला

6 किलोमीटर पैदल चलकर SDRF ने किया रेस्क्यू, बारिश में जंगल में फंसे थे UPES के छात्र

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच नदियों का जलस्तर बढ़ने से रेस्क्यू अभियान तेज हो गए हैं। ऋषिकेश और देहरादून में SDRF की टीमों ने अलग-अलग घटनाओं में नदी के तेज बहाव और दुर्गम जंगल क्षेत्र में फंसे आठ लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला।

ऋषिकेश में सोमवार देर रात एक मैक्स वाहन बीन नदी के तेज बहाव में फंस गया। वाहन में सवार दो यात्री अचानक बढ़े जलस्तर के कारण नदी के बीच फंस गए और उनके सामने बाहर निकलने का कोई सुरक्षित रास्ता नहीं था। सूचना मिलने के बाद रात करीब 10 बजे SDRF की टीम मौके पर पहुंची। जवानों ने चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में रेस्क्यू ऑपरेशन चलाकर दोनों यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

वहीं, देहरादून के मिसरास पट्टी स्थित थान गांव क्षेत्र में स्वारना नदी के आसपास ट्रैकिंग के लिए गए UPES के छह छात्र अचानक तेज बारिश के बाद जंगल में फंस गए। 17 अगस्त को ट्रैकिंग के दौरान बारिश तेज होने से स्वारना नदी का जलस्तर तेजी से बढ़ गया, जिसके चलते छात्रों ने जंगल में ही रुकना पड़ा।

सूचना मिलते ही SDRF डाकपत्थर की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके के लिए रवाना हुई। दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और नदी के बढ़े जलस्तर के बीच जवानों ने करीब छह किलोमीटर पैदल ट्रैकिंग कर छात्रों तक पहुंच बनाई। इसके बाद सभी छह छात्रों को सुरक्षित रेस्क्यू कर जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। सभी छात्रों की हालत सामान्य बताई गई है।

SDRF सेनानायक अर्पण यदुवंशी ने बारिश के मौसम में पर्यटकों और छात्रों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। उन्होंने कहा कि नदी-नालों के आसपास जाने से बचना चाहिए और ट्रैकिंग या पर्यटन पर निकलने से पहले मौसम का पूर्वानुमान जरूर देख लेना चाहिए। खराब मौसम के दौरान जोखिम वाले इलाकों में जाने से बचना ही सबसे सुरक्षित विकल्प है।


मतदाता पुनरीक्षण को लेकर राजनीतिक दलों के साथ डीएम की अहम बैठक

राजनीतिक दलों को उपलब्ध कराई गई प्रारूप-9, 10, 11ए व 11 बी की सूचियां

मतदाता सूची में नाम जोड़ने और संशोधन के लिए 49743 आवेदन, 10235 नामों पर आपत्तियां

15 सितंबर को प्रकाशित होगी फाइनल निर्वाचक नामावली-डीएम

देहरादून- जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने  ऋषिपर्णा सभागार में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारियों और निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों के साथ महत्वपूर्ण बैठक की। इस दौरान विशेष गहन पुनरीक्षण कार्यक्रम की प्रगति साझा की गई तथा राजनीतिक दलों को प्रारूप-9, 10, 11ए और 11बी की सूचियां भी सौंपी गईं।

जिलाधिकारी ने बताया कि 13 अगस्त तक जिले में मतदाता सूची में नाम शामिल कराने के लिए 39,025 नागरिकों ने प्रारूप-6 में आवेदन किया है। वहीं, मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए प्रारूप-7 में 10,235 दावे/आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, जबकि मतदाता सूची में विवरण संशोधन के लिए 10,718 नागरिकों ने प्रारूप-8 में आवेदन प्रस्तुत किए हैं।

उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रारूप-7 के तहत प्राप्त सभी आपत्तियों पर संबंधित बीएलओ द्वारा संबंधित व्यक्ति को व्यक्तिगत रूप से नोटिस तामील कराया जाएगा। नोटिस प्राप्त होने के सात दिन बाद ही सुनवाई शिविर आयोजित किया जाएगा। जिलेभर में बूथवार आयोजित होने वाले इन शिविरों में जिस मतदाता के विरुद्ध आपत्ति दर्ज की गई है और आपत्तिकर्ता, दोनों को अपना पक्ष रखने का पूरा अवसर दिया जाएगा।

जिला निर्वाचन अधिकारी ने कहा कि निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुसार, आपत्तिकर्ता द्वारा ठोस आधार अथवा प्रमाण प्रस्तुत नहीं किए जाने की स्थिति में किसी भी व्यक्ति का नाम मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा। उन्होंने कहा कि एसआईआर कार्यक्रम अब अपने अंतिम एवं अत्यंत महत्वपूर्ण चरण में है, ऐसे में सभी राजनीतिक दलों की सक्रिय एवं रचनात्मक भागीदारी आवश्यक है।

उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि जिन नागरिकों को नोटिस तामील किए जाएंगे, उन्हें अपने बूथ लेवल एजेंट (बीएलए) के माध्यम से संबंधित बूथ तक पहुंचाने में सहयोग करें, ताकि सभी दावे एवं आपत्तियों का निष्पक्ष, प्रभावी एवं पारदर्शी ढंग से निस्तारण सुनिश्चित किया जा सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि प्रारूप-7 में मिथ्या घोषणा प्रस्तुत करने वालों के विरुद्ध लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के प्रावधानों के तहत दंडनीय कार्रवाई की जाएगी।

डॉ. चौहान ने बताया कि 14 जुलाई को प्रकाशित ड्राफ्ट मतदाता सूची के अनुसार जिले में अब तक 11,90,805 मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है। वर्ष 2003 एवं 2026 की मतदाता सूचियों के मिलान के दौरान विवरण में विसंगति, अपूर्ण जानकारी अथवा डेटा का सही मिलान न होने के कारण 5.47 लाख मतदाताओं को व्यक्तिगत नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें 3,95,772 मतदाताओं के विवरण में विसंगति तथा 1,52,170 मतदाताओं की मैपिंग नहीं होने के कारण नोटिस जारी किए गए हैं।

बैठक में उप जिला निर्वाचन अधिकारी/मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, एसडीएम अपर्णा ढौंडियाल, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी नरेंद्र प्रसाद देवली सहित कांग्रेस के डॉ. जसविंदर सिंह, प्रशांत खंडूड़ी एवं सुनील जायसवाल, आम आदमी पार्टी के कमल राणा सहित वर्चुअल माध्यम से विभिन्न मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के पदाधिकारी एवं निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी उपस्थित रहे।


सीएम हेल्पलाइन की लंबित शिकायतों का प्राथमिकता से करें निस्तारणः जिलाधिकारी

180 दिन से अधिक लंबित शिकायतों पर अधिकारियों को चेतावनी, निस्तारण संभव न होने वाले प्रकरण स्पेशल क्लोज में उच्चस्तर पर भेजने के निर्देश

देहरादून- जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने कलेक्ट्रेट सभागार में सीएम हेल्पलाइन एवं मुख्यमंत्री घोषणाओं की प्रगति की समीक्षा करते हुए संबंधित विभागीय अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन शिकायतों का निस्तारण सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए तथा लंबित प्रकरणों में किसी भी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।

सीएम हेल्पलाइन की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने विशेष रूप से 180 दिन से अधिक समय से लंबित शिकायतों की विभागवार स्थिति की जानकारी लेते हुए संबंधित अधिकारियों को चेतावनी के साथ इन शिकायतों का प्राथमिकता से निस्तारण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जनसामान्य की शिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत का गुणवत्तापूर्ण एवं समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करते हुए शिकायतकर्ता को भी निस्तारण की जानकारी उपलब्ध कराई जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जिन शिकायतों का निस्तारण विभागीय स्तर पर संभव नहीं है, ऐसे प्रकरणों को स्पेशल क्लोज के अंतर्गत आवश्यक विवरण एवं स्पष्ट आख्या सहित उच्चस्तर पर हस्तांतरित किया जाए, ताकि ऐसे मामलों का उचित स्तर पर समाधान किया जा सके। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने अथवा बिना ठोस कारण के अग्रसारित करने की प्रवृत्ति पर प्रभावी अंकुश लगाया जाए।

मुख्यमंत्री घोषणाओं को समयबद्ध पूर्ण करने के निर्देश
जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने मुख्यमंत्री घोषणाओं की विभागवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों से घोषणाओं की वर्तमान प्रगति, लंबित कार्यों तथा आ रही बाधाओं की जानकारी ली। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मुख्यमंत्री द्वारा की गई घोषणाओं का क्रियान्वयन निर्धारित समयसीमा के भीतर पूर्ण किया जाए। उन्होंने कहा कि जिन मुख्यमंत्री घोषणाओं के क्रियान्वयन के लिए भूमि का चयन किया जाना है, संबंधित विभाग ऐसे प्रकरणों में आवश्यक प्रस्ताव तैयार कर सीधे जिलाधिकारी को प्रस्तुत करें, ताकि भूमि चयन एवं अन्य आवश्यक कार्यवाही में अनावश्यक विलंब न हो।

जिलाधिकारी ने चेतावनी दी कि मुख्यमंत्री की घोषणाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही अथवा अनावश्यक विलंब पाए जाने पर संबंधित विभागी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घोषणाओं से संबंधित कार्यों की नियमित रूप से विभागीय स्तर पर समीक्षा करें तथा प्रगति में आ रही समस्याओं का समय रहते समाधान सुनिश्चित करें।

उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री घोषणाएं शासन की प्राथमिकताओं से जुड़ी हैं और इनके प्रभावी क्रियान्वयन से आमजन को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचता है। इसलिए सभी विभागीय अधिकारी आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए घोषणाओं को धरातल पर उतारना सुनिश्चित करें।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मिता परमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी शशिकांत गिरी, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


आईएसबीटी की व्यवस्थाएं होंगी दुरुस्त, सुरक्षा और सुविधाओं पर फोकस – : बंशीधर तिवारी

आईएसबीटी के कायाकल्प को मिलेगी रफ्तार, यात्री सुविधाओं से लेकर सुरक्षा व्यवस्था होगी मजबूत

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) में सोमवार को उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी की अध्यक्षता में आयोजित समीक्षा बैठक में आईएसबीटी परिसर के रेनोवेशन, संचालन, यात्री सुविधाओं, सुरक्षा, विद्युत व्यवस्था और व्यावसायिक गतिविधियों को बेहतर बनाने से जुड़े विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में सामने आए सभी प्रस्तावों पर सहमति बनाते हुए संबंधित कार्यों को आगे बढ़ाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही मॉल परिसर में हार्टिकल्चर और इंजीनियरिंग से जुड़े कार्यों को भी प्राथमिकता के आधार पर कराने पर सहमति बनी। बैठक में सचिव मोहन सिंह बर्निया सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे।

किराये का होगा पुनर्निर्धारण
बैठक में आईएसबीटी परिसर की सभी दुकानों, कार्यालयों, रेस्टोरेंट और कियोस्क के किराये का पुनर्निर्धारण करने तथा लंबे समय से लंबित अनुबंधों का नवीनीकरण करने पर सहमति बनी। अधिग्रहण के बाद से लंबित इस प्रक्रिया को अब आगे बढ़ाया जाएगा। पुराने कियोस्क के स्थान पर नए कियोस्क का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है। ऐसे में पुराने लाइसेंसधारियों को नए कियोस्क में स्थानांतरित करने की प्रक्रिया भी शुरू की जाएगी। बैठक में तय किया गया कि यदि टेंडर प्रक्रिया में समय लगता है तो किराये की नई दरों के आधार पर पुराने लाइसेंसधारियों को अस्थायी रूप से नए कियोस्क में स्थानांतरित किया जा सकेगा। साथ ही नए अनुबंधों में कड़े नियम और शर्तें शामिल की जाएंगी, ताकि कियोस्क किसी अन्य व्यक्ति को किराये पर देने अथवा व्यवसाय की प्रकृति बदलने जैसी स्थिति पर रोक लगाई जा सके।

भूतल पर बढ़ेंगी यात्रियों के लिए सुविधाएं
आईएसबीटी के भूतल का बेहतर उपयोग करने के लिए यूटीसी ऑफिस, यूनियन ऑफिस और हिमाचल रेस्ट रूम को प्रथम तल पर शिफ्ट करने पर भी सहमति बनी। इन कार्यालयों को ऊपर शिफ्ट किए जाने के बाद खाली होने वाले भूतल के स्थान का उपयोग यात्रियों की सुविधाओं को बढ़ाने के लिए किया जाएगा। वहीं प्रशासनिक कार्यालय में अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए पर्याप्त स्थान उपलब्ध नहीं होने के कारण इसे सामने स्थित रेस्टोरेंट नंबर-2 में शिफ्ट करने का निर्णय लिया गया। वर्तमान प्रशासनिक कार्यालय को सर्वर रूम और रिकॉर्ड रूम के रूप में उपयोग किए जाने की योजना पर भी बैठक में सहमति बनी।

आधुनिक होंगे शौचालय, बदलेगा प्लेटफार्म का फर्श
आईएसबीटी परिसर के शौचालयों का उच्च गुणवत्ता और तकनीकी मानकों के अनुरूप पुनर्निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जाएगा। ए-ब्लॉक स्थित शौचालय का कार्य अंतिम चरण में है। शौचालयों के दुरुपयोग, तोड़फोड़ और चोरी को रोकने के लिए न्यूनतम उपयोग शुल्क निर्धारित करने पर भी सहमति बनी है। बैठक में आईएसबीटी के प्लेटफार्म का फर्श चरणबद्ध तरीके से बदलने का निर्णय लिया गया। इस कार्य के दौरान आवश्यकतानुसार व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को खाली कराया जाएगा। निर्माण अवधि में प्रतिष्ठान बंद रहने के समय का किराया समायोजित अथवा निर्धारित नियमों के अनुसार कम करने पर भी सहमति बनी।

आईएसबीटी में बनेगा ओला-ऊबर बूथ, कैब संचालन होगा व्यवस्थित
यात्रियों की सुविधा और सुरक्षित आवागमन को बेहतर बनाने के लिए आईएसबीटी परिसर में ओला-ऊबर सहित अन्य ऑनलाइन कैब सेवाओं के लिए निर्धारित बूथ विकसित किए जाएंगे। बैठक में इस व्यवस्था को लागू करने पर सहमति बनी। इसके लिए यात्री सुविधाओं और यातायात व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए उपयुक्त स्थान चिन्हित किया जाएगा। निर्धारित बूथ बनने से कैब बुक करने वाले यात्रियों को वाहन तलाशने में परेशानी नहीं होगी। साथ ही परिसर में अनावश्यक भीड़, जाम और अव्यवस्था की स्थिति को नियंत्रित करने में भी मदद मिलेगी। संबंधित अधिकारियों को इस व्यवस्था के लिए आवश्यक प्रक्रिया जल्द पूरी करने के निर्देश दिए गए।

पुलिस गश्त बढ़ेगी, पुरानी लाइट और केबल बदली जाएंगी
आईएसबीटी परिसर में शराबियों, जुआरियों और चोरी की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए नियमित पुलिस गश्त सुनिश्चित कराने पर सहमति बनी। परिसर में कानून व्यवस्था बेहतर रखने के लिए पुलिस चौकी से नियमित सहयोग लिया जाएगा। इसके साथ ही आईएसबीटी परिसर में पुरानी हो चुकी स्ट्रीट लाइट, लाइट पोल और पावर केबल को चरणबद्ध तरीके से बदलने का निर्णय लिया गया। एसटीपी की निर्बाध विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए डीजी रूम से एसटीपी तक करीब 415 मीटर 35 एमएम² x 3.5 कोर आर्मर्ड एल्यूमिनियम एलटी पावर केबल और 400 मीटर 75 एमएम एचडीपीई पाइप उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जाएगी।

निष्प्रयोज्य सामग्री का चरणबद्ध निस्तारण होगा
आईएसबीटी में चल रहे रेनोवेशन और पुनरुद्धार कार्य के दौरान निकल रही लोहा, टिनशेड सहित अन्य निष्प्रयोज्य सामग्री के निस्तारण पर भी बैठक में सहमति बनी। परिसर में सामग्री रखने के लिए पर्याप्त जगह नहीं होने से यात्रियों के आवागमन में परेशानी हो रही है। ऐसे में निष्प्रयोज्य सामग्री का चरणबद्ध तरीके से निस्तारण किया जाएगा, ताकि निर्माण कार्य के साथ यात्री आवागमन भी सुचारू बना रहे।

सौंदर्यीकरण को भी मिलेगी रफ्तार
बैठक के दूसरे चरण में मॉल परिसर में हार्टिकल्चर और इंजीनियरिंग से जुड़े कार्यों की समीक्षा की गई। मॉल परिसर के बाहर एनएचएआई कार्यालय हटाए जाने और नाले का निर्माण पूरा होने के बाद खाली हुए स्थल पर तारबाड़ और सौंदर्यीकरण कराने पर सहमति बनी। इससे अनावश्यक कब्जे, पार्किंग और गंदगी की समस्या को रोकने में मदद मिलेगी। इसके अलावा मॉल की तकनीकी व्यवस्थाओं की समीक्षा करते हुए चिलर सिस्टम को दुरुस्त करने का निर्णय लिया गया। चिलर सिस्टम में लगे कंडेनसर और इवापोरेटर मोटर पैनल की भी मरम्मत की जाएगी। वर्तमान में कार्यरत मोटरों के अलावा अन्य मोटरों के स्टार्टर पैनल में आवश्यक सामग्री और रिपेयरिंग का काम कराया जाएगा।

ड्रिंकिंग वाटर और पंप रूम की समस्या होगी दूर
मॉल परिसर में लगे आठ ड्रिंकिंग वाटर पैनलों को दुरुस्त करने पर सहमति बनी। खराब पैनलों को बदला जाएगा और संबंधित मोटरों की ओवरहॉलिंग कराई जाएगी। वहीं पंप रूम में जमीन से पानी आने और जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए डी-वाटरिंग पंप लगाया जाएगा। इसके साथ ही आवश्यक मरम्मत कार्य भी कराया जाएगा।

विद्युत कक्षों में जलभराव से मिलेगी निजात
मॉल में स्थित 11 केवी वैक्यूम सर्किट ब्रेकर रूम और रिंग मेन यूनिट रूम में तकनीशियनों की सुरक्षा को देखते हुए जलभराव की समस्या को दूर करने के लिए आवश्यक तकनीकी और सुरक्षा उपाय किए जाएंगे। इसके लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्यवाही आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए।

आईएसबीटी-मॉल का होगा कायाकल्प : बंशीधर तिवारी
एमडीडीए उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने बताया कि आईएसबीटी और मॉल परिसर एमडीडीए की महत्वपूर्ण परिसंपत्तियां हैं। इन दोनों परिसरों में यात्रियों, आमजन और व्यवसायियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के साथ व्यवस्थाओं को आधुनिक और व्यवस्थित करना हमारी प्राथमिकता है। बैठक में सभी महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा कर कार्यों को आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। आईएसबीटी में रेनोवेशन, शौचालय, प्लेटफार्म, प्रकाश व्यवस्था, सुरक्षा और विद्युत व्यवस्था से जुड़े कार्यों में तेजी लाई जाएगी। दुकानों, कियोस्क और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के किराये एवं अनुबंध भी नियमानुसार व्यवस्थित किए जाएंगे। मॉल परिसर की तकनीकी खामियां दूर करने और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।

समयबद्ध होंगे सभी कार्य : मोहन सिंह बर्निया
एमडीडीए सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि बैठक में आईएसबीटी और मॉल परिसर से जुड़े सभी चिन्हित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर आगे बढ़ाने पर सहमति बनी है। आईएसबीटी में यात्री सुविधाओं, शौचालय, प्लेटफार्म, प्रकाश और विद्युत व्यवस्था के साथ सुरक्षा को बेहतर किया जाएगा। ओला-ऊबर बूथ, कियोस्क और कार्यालयों की व्यवस्थाओं को भी व्यवस्थित किया जाएगा। मॉल में चिलर सिस्टम, पंप रूम, ड्रिंकिंग वाटर पैनल और विद्युत व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। संबंधित अधिकारियों को सभी स्वीकृत कार्यों की प्रक्रिया तेजी से पूरी करने और उन्हें समयबद्ध तरीके से धरातल पर उतारने के निर्देश दिए गए हैं।


अतिक्रमण, अवैध फैक्ट्री और आपदा कार्यों में अनियमितता पर डीएम सख्त, अधिकारियों को दिए जांच के निर्देश

समाधान दिवस में 150 से अधिक शिकायतें प्राप्त, डीएम ने दिए समयबद्ध एवं गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश

ग्राम पंचायत पापड़ियांन में आपदा मद में अनियमितता की शिकायत पर डीएम ने बिठाई जांच

गांव के बीच अवैध रूप से संचालित हैवी वेल्डिंग फैक्ट्री अब होगी सील

सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं 4 मंजिला निर्माण की शिकायत पर डीएम ने दिए जांच के निर्देश

विशेष बच्चे विशेष आवासीय देखभाल गृह में प्रवेश न देने पर डीएम ने दिए जांच के निर्देश

देहरादून-  प्रत्येक सोमवार की भांति आज कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी डॉ0 आशीष चौहान की अध्यक्षता में जन समाधान दिवस आयोजित किया गया। जन समाधान दिवस में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से आए नागरिकों ने अपनी समस्याएं एवं शिकायतें जिलाधिकारी के समक्ष प्रस्तुत कीं। इस दौरान 150 से अधिक शिकायतें प्राप्त हुईं। जिनमें कई शिकायतों का मौके पर ही निस्तारण किया गया।
जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि जन समस्याओं का निस्तारण प्राथमिकता एवं संवेदनशीलता के साथ करना सुनिश्चित करें तथा शिकायतकर्ता को भी कार्रवाई से अवगत कराया जाए।

शिकायतकर्ता प्रस्तुत शिकायत में तहसील विकासनगर अंतर्गत ग्राम पंचायत पापड़ियांन में ग्राम प्रधान द्वारा वर्ष 2023 से 2026 तक आपदा के अंतर्गत किए गए कार्यों में कथित फर्जीवाड़े एवं अनियमितता की शिकायत पर जिलाधिकारी ने गंभीरता से संज्ञान लेते हुए जिला विकास अधिकारी एवं जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी को संयुक्त रूप से प्रकरण की जांच करते हुए 7 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने निर्देशित किया कि उपलब्ध अभिलेखों, कराए गए कार्यों एवं संबंधित मद में हुए व्यय का परीक्षण करते हुए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाए।

शिकायतकर्ता मोहम्मद शाहिद राव, खुर्शीदा बेगम एवं इकराम, मिहूवाला निवासी द्वारा अपनी पैतृक भूमि पर भूमाफियाओं द्वारा मारपीट कर कब्जा करने का प्रयास किए जाने की शिकायत प्रस्तुत की गई। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए पुलिस विभाग को कार्रवाई करने के निर्देश दिए। उन्होंने प्रकरण में कानून-व्यवस्था बनाए रखने तथा शिकायतकर्ता की शिकायत पर तथ्यात्मक जांच कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

ग्राम झीवरहेड़ी, विकासनगर क्षेत्र में आबादी के बीच अवैध रूप से हैवी वेल्डिंग मशीनें लगाकर फैक्ट्री संचालित किए जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी विकासनगर एवं महाप्रबंधक, जिला उद्योग केंद्र (जीएमडीआईसी) को संबंधित फैक्ट्री को तत्काल सील करने के निर्देश दिए। प्रकरण में जिला उद्योग केंद्र द्वारा पूर्व में किए गए निरीक्षण में पाया गया था कि संबंधित स्थल औद्योगिक उपयोग के लिए वर्गीकृत नहीं है। साथ ही, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड एवं अग्निशमन विभाग की आवश्यक एनओसी भी प्राप्त नहीं की गई थी। जिलाधिकारी ने इस स्थिति के बावजूद फैक्ट्री संचालन तथा सुरक्षा मानकों के उल्लंघन की शिकायत पर अपेक्षित कार्रवाई न किए जाने को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों को नियमानुसार तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
शिकायतकर्ता सूर्य प्रकाश द्वारा दोनों पैरों में कृत्रिम अंग लगवाने हेतु आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के संबंध में प्रस्तुत शिकायत पर जिलाधिकारी ने तत्काल संज्ञान लिया। उन्होंने जिला समाज कल्याण अधिकारी को प्रकरण में आवश्यक कार्रवाई करते हुए 15 दिन के भीतर शिकायतकर्ता को नियमानुसार सहायता उपलब्ध कराने की कार्रवाई सुनिश्चित करने तथा की गई कार्रवाई से अवगत कराने के निर्देश दिए।

नगर निगम एवं ग्राम समाज की सरकारी भूमि पर अवैध अतिक्रमण एवं अवैध निर्माण किए जाने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने उप जिलाधिकारी सदर एवं तहसीलदार सदर को प्रकरण की जांच के निर्देश दिए। शिकायत में चार मंजिला मकान के निर्माण का भी आरोप लगाया गया है। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि मौके का स्थलीय निरीक्षण करते हुए भूमि एवं निर्माण से संबंधित अभिलेखों की जांच की जाए तथा यदि अतिक्रमण अथवा अवैध निर्माण पाया जाता है तो नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित करते हुए रिपोर्ट प्रस्तुत की जाए।

विशेष बच्चे प्रिंस अग्रवाल के लतिका राय फांउडेशन में प्रवेश के संबंध में प्राप्त शिकायत का जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। शिकायतकर्ता बच्चे के पिता एवं एकमात्र अभिभावक द्वारा बताया गया कि फाउंडेशन में प्री-एडमिशन प्रक्रिया सफलतापूर्वक पूर्ण किए जाने के बावजूद प्रवेश प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ाई गई तथा बार-बार अनुरोध के बाद भी उचित समाधान नहीं हो पाया। शिकायतकर्ता ने जिलाधिकारी से मामले में हस्तक्षेप करते हुए बच्चे के हित में आवश्यक कार्रवाई किए जाने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने प्रकरण को गंभीरता से लेते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी एवं जिला प्रोबेशन अधिकारी को संयुक्त रूप से मामले की जांच कर 7 दिन के भीतर जांच रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। डीएम ने प्रकरण के सभी तथ्यों की निष्पक्षता से जांच की जाए तथा बच्चे के हित एवं उसके सर्वांगीण विकास को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जन समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों को केवल औपचारिक रूप से निस्तारित न किया जाए, बल्कि शिकायत की वास्तविक समस्या का समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने समयबद्ध निस्तारण, पारदर्शिता एवं जवाबदेही पर विशेष जोर दिया।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व के.के. मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन स्मृता परमार, मुख्य शिक्षा अधिकारी जायसवाल, अपर पुलिस अधीक्षक, जिला विकास अधिकारी सुनील कुमार, जिला कार्यक्रम अधिकारी बाल विकास जितेन्द्र कुमार सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


जनता मिलन बना समस्याओं के समाधान का प्रभावी मंच, शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई से लोगों को मिल रही राहत

एक दशक से लंबित सड़क सुधारीकरण की मांग पूरी होने पर मुख्यमंत्री तथा जिलाधिकारी को धन्यवाद देने कलेक्ट्रेट पहुंचे ग्रामीण

पौड़ी-  जनता की समस्याओं के त्वरित समाधान को प्राथमिकता देते हुए जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने सोमवार को कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित जनता मिलन कार्यक्रम में विभिन्न विभागों से संबंधित 25 शिकायतों की सुनवाई की। उन्होंने अधिकारियों को प्रत्येक शिकायत का प्रभावी एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनता मिलन में प्राप्त शिकायतों के प्रभावी समाधान की कड़ी में करीब एक दशक से लंबित कांसखेत- असगढ़- घंडियालधार -अलासू-कुनकुली मोटर मार्ग के सुधारीकरण के लिए धनराशि स्वीकृत होने पर स्थानीय ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया।

इस दौरान जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, ई-ऑफिस तथा अन्य माध्यमों से प्राप्त लंबित शिकायतों की भी विभागवार समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि जनशिकायतों के निस्तारण में अनावश्यक विलंब न होने पाए तथा प्रत्येक प्रकरण का निर्धारित समयावधि में निस्तारण करें।

जनता मिलन कार्यक्रम में विकासखंड कोट के श्रीखोन, स्यालंगी व कठूड़ गांवों को घुड़दौड़ी ग्राम समूह पेयजल पंपिंग योजना से नहीं जोड़े जाने की पूर्णिमा नेगी की शिकायत पर जिलाधिकारी ने जल निगम के अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर सर्वमान्य समाधान निकालने के निर्देश दिए। ग्राम थली की महिला मंगल दल की अध्यक्ष उमा देवी ने चौपड़ा का गंदा पानी पेयजल स्रोत में मिलने से पेयजल दूषित होने की शिकायत की, जिस पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान के अधिकारियों को तत्काल मौके पर जाकर जांच एवं आवश्यक उपचारात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। वहीं, कल्जीखाल विकासखंड के नौली के ग्रामीणों द्वारा पेयजल की नियमित आपूर्ति न होने की शिकायत पर जिलाधिकारी ने जल संस्थान एवं जल निगम के अधिकारियों को अगले ही दिन मौके पर पहुंचकर शिकायत का स्थायी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनता मिलन कार्यक्रम में पौड़ीगांव की महिलाओं ने वाल्मिकी बस्ती के पालतू सुअरों से फसल को हो रही क्षति की शिकायत की। जिलाधिकारी ने मामले का संज्ञान लेते हुए अधिशासी अधिकारी, नगर पालिका को निर्देशित किया कि ऐसी शिकायतों की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित पशुपालकों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए तथा प्रभावित किसानों को फसल क्षति का उचित मुआवजा दिलाया जाए। विकासखण्ड धुमाकोट के ग्राम सुकरौं निवासी शिव सिंह बिष्ट ने अपनी शिकायत में कहा कि बीएसएनएल द्वारा उनकी निजी भूमि पर लगाया गये टावर का 2017 से किराये का भुगतना नहीं किया जा रहा है और टावर खराब स्थिति में पडा है। जिसपर जिलाधिकारी ने ई डिस्ट्रिक्ट मैनेजर को बीएसएनएल के माध्यम से प्रकरण की जॉचकरवाने के निर्देश दिये है। इसके अलावा जिलाधिकारी ने अन्य शिकायतों पर सम्बन्धित अधिकारियों प्रभावी कार्यवाही के करने को कहा है।

जनता मिलन कार्यक्रम सहित विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों का स्थायी व प्रभावी समाधान किया जा रहा है, इसी क्रम में कांसखेत-असगढ़-घंडियालधार -अलासू-कुनकुली मोटर मार्ग के किलोमीटर 13 से 17 के मध्य संपर्क मार्ग के डामरीकरण को लेकर ग्राम सभा बड़कोट के प्रधान नवीन कुमार एवं सामाजिक कार्यकर्ता अर्जुन सिंह नेगी सहित ग्रामीणों द्वारा जिलाधिकारी को शिकायत दी गई थी। शिकायत का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी द्वारा प्रस्ताव शासन को भेजा गया, जिस पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा वित्तीय स्वीकृति प्रदान किए जाने पर ग्रामीणों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर मुख्यमंत्री तथा जिलाधिकारी का आभार व्यक्त किया।

जनता मिलन कार्यक्रम में अंकित कुमार भटगांई निवासी ग्राम पोखरी खड़खोला, द्वारा नव निर्मित भवन में विद्युत संयोजन स्थापित न होने की शिकायत का त्वरित संज्ञान लेते हुए विद्युत विभाग द्वारा आवश्यक विद्युत पोल स्थापित कर एबी केबल बिछाने का कार्य तत्काल कार्य शीघ्र पूर्ण कर भवन में विद्युत संयोजन उपलब्ध कराया गया। विकासखण्ड कोट के नौगांव में स्वच्छ पेयजल की समस्या की शिकायत का संज्ञान लेते हुए जल संस्थान द्वारा पेयजल स्रोत की सफाई कर बाधित आपूर्ति को तत्काल सुचारू कर दिया गया। वहीं रिखणीखाल वेलफेयर सोसायटी पौड़ी के महासचिव भगवान सिंह रावत द्वारा क्षेत्र में बाघ एवं तेंदुओं के बढ़ते आतंक की शिकायत का त्वरित संज्ञान लेते हुए वन विभाग द्वारा संवेदनशील क्षेत्रों में गश्त एवं निगरानी बढ़ाई गई तथा आवश्यकता के अनुसार पिंजरे लगाए गए। ग्रामीणों को वन्यजीवों से बचाव के प्रति जागरूक करने के साथ पशुहानि की घटनाओं में नियमानुसार मुआवजा कार्रवाई भी की गई। इसके अलावा क्षेत्र में निगरानी एवं गश्त निरंतर जारी है। जनता मिलन कार्यक्रम में अनीता देवी जमोत्री देवी आदि ग्राम थापली द्वारा अनुसूचित जाति बस्ती में पेयजल आपूर्ति बाधित होने की शिकायत का त्वरित संज्ञान लेते हुए पेयजल निगम के अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण किया। पाइपलाइन में कपड़ा एवं पॉलिथीन फंसे होने के कारण बाधित पेयजल आपूर्ति को तत्काल दुरुस्त कर वर्तमान में पेयजल व्यवस्था सुचारू कर दी गई है।

बैठक में सीडीओ अशोक जोशी, एडीएम एफ आर चौहान, संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, सीएमओ डॉ मेघना असवाल, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ विशाल शर्मा, अधीक्षण अभियंता जल संस्थान प्रवीण सैनी, डीएसटीओ राम सलोने, डीपीआरओ जितेंद्र कुमार, अधिशासी अभियंता जल संस्थान टी एस रावत, जल निगम नवनीत कटारिया, विद्युत अभिनव रावत, सीओ तपेश कुमार चंद, जिला शिक्षाधिकारी (प्राथमिक) अंशुल बिष्ट, जिला कार्यक्रम अधिकारी देवेंद्र थपलियाल, मुख्य कृषि अधिकारी ऋतु कुकरेती जुयाल, जिला पर्यटन अधिकारी कमल किशोर जोशी, जिला उद्यान अधिकारी मनोरंजन सिंह भंडारी, जिला खनन अधिकारी अनिल मुयाल, एसडीओ वन आयशा बिष्ट, जिला समाज कल्याण अधिकारी रोहित दुबड़िया, एसीएमओ डॉ अमित मेहरा, एलडीएम किशन रावत, ईडीएम सचिन भट्ट सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे।


मुख्यमंत्री धामी ने एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी का किया शुभारंभ

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स, देहरादून में आयोजित एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 के शुभारंभ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस अवसर पर उन्होंने देश-विदेश से प्रतियोगिता में प्रतिभाग करने आए खिलाड़ियों, प्रशिक्षकों एवं अधिकारियों का देवभूमि उत्तराखंड में हार्दिक स्वागत एवं अभिनंदन किया तथा सभी खिलाड़ियों को प्रतियोगिता के लिए शुभकामनाएं दीं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के लिए यह गौरव का विषय है कि प्रदेश को एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी जैसे प्रतिष्ठित अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेजबानी का अवसर मिला है। उन्होंने कहा कि इस आयोजन से उत्तराखंड की पहचान अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शीतकालीन एवं आइस स्पोर्ट्स के लिए एक अनुकूल गंतव्य के रूप में और मजबूत होगी। खेल दुनिया को जोड़ने का माध्यम हैं और ऐसे अंतरराष्ट्रीय आयोजन विभिन्न देशों के बीच मित्रता, सद्भाव और खेल भावना को मजबूत करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि खिलाड़ियों के लिए जीत और हार खेल के दो पहलू हैं, लेकिन वास्तविक सफलता खेल भावना, अनुशासन, समर्पण और कभी हार न मानने वाली दृढ़ इच्छाशक्ति में निहित है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि प्रतियोगिता में प्रतिभाग कर रहे खिलाड़ी अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन करने के साथ खेल भावना की भी मिसाल पेश करेंगे और यहां से शानदार अनुभव एवं मधुर स्मृतियां लेकर लौटेंगे।

मुख्यमंत्री ने आयोजन से जुड़े सभी आयोजकों, प्रशिक्षकों, तकनीकी अधिकारियों और सहयोगियों को अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिता के सफल आयोजन के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन प्रदेश के युवाओं को खेलों की ओर प्रेरित करने के साथ ही उत्तराखंड में खेल पर्यटन की संभावनाओं को भी नई गति प्रदान करते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में खेलों को लेकर सोच और वातावरण में व्यापक बदलाव आया है। ‘खेलो इंडिया’ और ‘फिट इंडिया मूवमेंट’ जैसे अभियानों ने देशभर में खेल संस्कृति को मजबूत किया है। आज भारतीय खिलाड़ी ओलंपिक, एशियन गेम्स और विभिन्न अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन कर देश का गौरव बढ़ा रहे हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार भी उत्तराखंड को खेलों के क्षेत्र में अग्रणी राज्य बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। पिछले वर्ष प्रदेश में 38वें राष्ट्रीय खेलों का सफल एवं भव्य आयोजन किया गया। राष्ट्रीय खेलों के माध्यम से प्रदेश में आधुनिक एवं विश्वस्तरीय खेल अवस्थापना का मजबूत आधार तैयार हुआ है। इसी का परिणाम है कि उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं की मेजबानी के लिए भी सक्षम हो रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में स्पोर्ट्स लेगेसी प्लान लागू करने की दिशा में तेजी से कार्य किया जा रहा है। इसके तहत आठ प्रमुख शहरों में 23 खेल अकादमियां स्थापित की जाएंगी, जहां खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण की सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। हल्द्वानी में प्रदेश के पहले खेल विश्वविद्यालय की स्थापना पर भी तेजी से कार्य चल रहा है, जबकि लोहाघाट में महिला स्पोर्ट्स कॉलेज प्रारंभ हो चुका है।

उन्होंने कहा कि राज्य की नई खेल नीति के माध्यम से राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक प्राप्त करने वाले खिलाड़ियों को सरकारी सेवा में अवसर प्रदान किए जा रहे हैं। प्रतिभावान खिलाड़ियों को खेल छात्रवृत्तियों के साथ ही आवासीय स्पोर्ट्स कॉलेजों में निःशुल्क शिक्षा एवं प्रशिक्षण की सुविधा उपलब्ध कराई जा रही है। मुख्यमंत्री खेल विकास निधि, मुख्यमंत्री खिलाड़ी प्रोत्साहन योजना, मुख्यमंत्री उदीयमान खिलाड़ी योजना और खेल किट योजना जैसी विभिन्न पहलों के माध्यम से भी खिलाड़ियों को प्रोत्साहित किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार पारंपरिक खेलों के साथ-साथ वॉटर स्पोर्ट्स, एडवेंचर स्पोर्ट्स, विंटर स्पोर्ट्स और आइस स्पोर्ट्स को भी बढ़ावा दे रही है। हमारा प्रयास है कि उत्तराखंड देश ही नहीं, बल्कि दुनिया भर के खिलाड़ियों के लिए पसंदीदा खेल प्रशिक्षण केंद्र के रूप में विकसित हो।

एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी 2026 का आयोजन 17 से 20 अगस्त तक महाराणा प्रताप स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में किया जा रहा है।

इस अवसर पर विधायक उमेश शर्मा काऊ, एशियन स्केटिंग यूनियन के अध्यक्ष म्योंग ही चांग, आइस स्केटिंग एसोसिएशन ऑफ़ इंडिया के अध्यक्ष अमिताभ शर्मा, विशेष प्रमुख सचिव खेल अमित सिन्हा, निदेशक खेल सुश्री दीप्ति सिंह एवं अन्य गणमान्य उपस्थित थे।


सुराज और जन-जन का विकास ही हमारी राजनीति का आधार- रेखा आर्या

अल्मोड़ा के ताकुला में किया पार्टी कार्यकर्ताओं से संवाद

अल्मोड़ा। ताकुला मंडल स्थित बिनसर घाटी क्लब महिंद्रा में आयोजित भारतीय जनता पार्टी के कार्यकर्ता सम्मेलन में मंत्री ने पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ क्षेत्र के विकास कार्यों तथा संगठनात्मक गतिविधियों पर विस्तृत चर्चा की। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने भाग लिया।

सम्मेलन को संबोधित करते हुए मंत्री ने कहा कि प्रदेश और केंद्र की भाजपा सरकारें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्य कर रही हैं। उन्होंने कहा कि पिछले वर्षों में जनसुविधाओं के क्षेत्र में उल्लेखनीय परिवर्तन देखने को मिला है और सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

मंत्री ने क्षेत्र में चल रहे विकास कार्यों की समीक्षा करते हुए कहा कि जिन परियोजनाओं का कार्य अभी पूर्ण नहीं हो पाया है, उन्हें तेजी से पूरा किया जाएगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को भरोसा दिलाया कि जनता की अपेक्षाओं के अनुरूप विकास कार्यों को गति देने में कोई कमी नहीं रहने दी जाएगी।

उन्होंने कहा, “आगामी चुनाव से पहले हम सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है कि सरकार की उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी जन-जन तक पहुंचाएं। साथ ही विभिन्न सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने में सहयोगी की भूमिका निभाएं, ताकि अधिक से अधिक लोग इन योजनाओं से लाभान्वित हो सकें।”

कार्यक्रम के दौरान ग्राम भकुना निवासी नारायण सिंह भाकुनी तथा चुराड़ी निवासी गंगा सिंह बिष्ट सहित कई सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भारतीय जनता पार्टी की सदस्यता ग्रहण की। वहीं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं को सम्मानित भी किया गया।

इस अवसर पर मंडल अध्यक्ष जगदीश डंगवाल, मंडल महामंत्री वीरेंद्र बिष्ट, भूधर भाकुनी, पूर्व मंडल अध्यक्ष प्रताप सिंह, गोविंद सिंह चौहान, बालम सिंह सुयाल, भूपाल सिंह रावत, प्रदीप नगरकोटी, महिला मोर्चा अध्यक्ष सरिता सुयाल, वरिष्ठ कार्यकर्ता लाल सिंह बजेठा, व्यापार मंडल अध्यक्ष दीपक सुयाल, ओबीसी मोर्चा जिला मंत्री विजय वर्मा, युवा मोर्चा जिला अध्यक्ष पंकज भाकुनी, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष मनोज भाकुनी, लक्ष्मण प्रसाद, राहुल कुमार सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


विकासनगर में ज्वैलरी शॉप चोरी का खुलासा, चार नेपाली आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। विकासनगर क्षेत्र में न्यू राणा ज्वैलर्स की दुकान में हुई चोरी की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी अंतरराज्यीय गिरोह से जुड़े हैं और मूल रूप से नेपाल के रहने वाले हैं। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई सोने-चांदी की ज्वैलरी और अन्य सामान बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब चार से पांच लाख रुपये बताई गई है।

पुलिस के मुताबिक न्यू राणा ज्वैलर्स के संचालक संजीव राणा ने 9 अगस्त को कोतवाली विकासनगर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 7 अगस्त की रात दुकान बंद कर घर चले गए थे। 9 अगस्त की सुबह दुकान खोलने पर अंदर रखे सोने-चांदी के आभूषण गायब मिले। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की।

घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीमों ने घटनास्थल और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। संदिग्धों की जानकारी जुटाने के साथ ही पूर्व में नकबजनी के मामलों में सामने आए आरोपियों का सत्यापन भी किया गया।

इसी दौरान 16 अगस्त की रात मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने कुल्हाल हाईवे पुल के पास कच्चे रास्ते पर चेकिंग के दौरान चार संदिग्धों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नैना शाही उर्फ विनोद, दीपक कुमार ठाकुर उर्फ भोटिया, शंकर बहादुर शाही और निश्चल योगी उर्फ रमेश के रूप में हुई। पूछताछ में आरोपियों ने अपने एक अन्य साथी भीम बहादुर के साथ मिलकर ज्वैलरी शॉप में चोरी करने की बात स्वीकार की।

काम तलाशने के बहाने करते थे रेकी

पूछताछ में पुलिस को पता चला कि आरोपी अलग-अलग राज्यों में मजदूरी करने के बहाने जाते थे और इसके बाद सुनियोजित तरीके से चोरी की घटनाओं के लिए जगहों की रेकी करते थे। विकासनगर की घटना से पहले आरोपी हिमाचल प्रदेश के बंजार क्षेत्र में मजदूरी कर रहे थे। इसके बाद काम की तलाश के बहाने विकासनगर पहुंचे और कई स्थानों की रेकी करने के बाद न्यू राणा ज्वैलर्स को निशाना बनाया।

आरोपियों के अनुसार 7 अगस्त की रात उन्होंने दुकान का ताला तोड़कर अंदर रखे सोने-चांदी के आभूषण चोरी किए। वारदात के बाद वे देहरादून और हरिद्वार होते हुए बस से हिमाचल प्रदेश चले गए। बाद में नेपाल भागने की योजना के तहत वे देहरादून लौट रहे थे, लेकिन उत्तराखंड-हिमाचल सीमा के पास पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया।

फर्जी आधार कार्ड से सिम लेने का आरोप

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी निश्चल योगी उर्फ रमेश के पास से हिमाचल प्रदेश के पते पर बना फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ। आरोप है कि इसी पहचान पत्र का इस्तेमाल कर सिम कार्ड खरीदे जाते थे और वारदात के दौरान उनका इस्तेमाल किया जाता था। घटना के बाद आरोपी सिम को तोड़कर नष्ट कर देते थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई ज्वैलरी बरामद कर ली है। वहीं, मामले में सामने आए फरार आरोपी भीम बहादुर शाही की तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है। पूछताछ में उनके पूर्व में कर्नाटक, तमिलनाडु और अन्य राज्यों में चोरी व नकबजनी के मामलों में जेल जाने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और उनकी पुरानी वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।


कोटद्वार हाईवे पर हाथियों का आतंक, तीन वाहन क्षतिग्रस्त; सड़क पर लगा लंबा जाम

कोटद्वार। कोटद्वार में सिद्धबली मंदिर और लालपुल के बीच पौड़ी हाईवे पर सोमवार सुबह हाथियों के एक झुंड ने अचानक दस्तक दे दी, जिससे यात्रियों और राहगीरों के बीच हड़कंप मच गया। सुबह करीब 7:45 बजे हुए इस घटनाक्रम में गजराज ने सड़क पर चल रहे वाहनों का पीछा किया और तीन गाड़ियों को तोड़फोड़ कर क्षतिग्रस्त कर दिया। हाथियों के हाईवे पर आ जाने से कोटद्वार से पर्वतीय इलाकों के स्कूल-कॉलेजों की ओर जाने वाले शिक्षकों और कर्मचारियों की आवाजाही ठप हो गई और सड़क के दोनों ओर गाड़ियों का लंबा जाम लग गया।

सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। वनकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद हाथियों को खदेड़कर वापस जंगल की ओर भेजा। प्रत्यक्षदर्शियों द्वारा बनाए गए घटना के वीडियो अब सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहे हैं। हालांकि हाथियों को जंगल में ढकेल दिया गया है, लेकिन वे अब भी आसपास के इलाके में मंडरा रहे हैं। इसे देखते हुए वन विभाग की टीम मौके पर तैनात है। स्थानीय निवासियों ने बढ़ते मानव-वन्यजीव संघर्ष पर चिंता जताते हुए हाईवे पर नियमित गश्त और सुरक्षा के कड़े इंतजाम करने की मांग की है।


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