Monday, August 17th, 2026

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ई-कार एक्सपोर्ट में भारत की बड़ी छलांग, पहली तिमाही में विदेश भेजे 10,802 वाहन

Monthly Archives: August 2026

ई-कार एक्सपोर्ट में भारत की बड़ी छलांग, पहली तिमाही में विदेश भेजे 10,802 वाहन

भारत से इलेक्ट्रिक कारों का निर्यात 18 गुना बढ़ा, यूरोप बना सबसे बड़ा बाजार

नई दिल्ली। भारत का इलेक्ट्रिक वाहन उद्योग अब घरेलू बाजार के साथ-साथ विदेशी बाजार में भी तेजी से अपनी पकड़ मजबूत कर रहा है। वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही में देश से इलेक्ट्रिक कारों के निर्यात में रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इस दौरान भारत ने करीब 36.9 करोड़ डॉलर मूल्य की इलेक्ट्रिक कारें विदेश भेजीं, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले करीब 18 गुना ज्यादा है।

वाणिज्य मंत्रालय के आंकड़ों के मुताबिक, अप्रैल-जून तिमाही में भारत से कुल 10,802 इलेक्ट्रिक कारों का निर्यात हुआ। पिछले वित्त वर्ष की इसी अवधि में यह आंकड़ा महज 1,309 वाहनों का था। यूरोपीय देश भारतीय इलेक्ट्रिक कारों के लिए प्रमुख बाजार बनकर सामने आए हैं।

स्पेन सबसे बड़ा खरीदार

भारतीय इलेक्ट्रिक कारों की विदेशी मांग में स्पेन सबसे आगे रहा। पहली तिमाही में स्पेन को करीब 4,000 इलेक्ट्रिक वाहन निर्यात किए गए, जिनकी कीमत लगभग 14.64 करोड़ डॉलर रही। वहीं ब्रिटेन को 2,646 इलेक्ट्रिक वाहनों की आपूर्ति की गई।

यह आंकड़े संकेत देते हैं कि भारतीय इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता यूरोपीय बाजार में तेजी से अपनी मौजूदगी बढ़ा रहे हैं।

अघोषित विदेशी संपत्ति बताने का मौका

वहीं, सरकार ने अघोषित विदेशी संपत्ति और आय रखने वाले पात्र करदाताओं के लिए भी एक नई व्यवस्था लागू की है। आयकर विभाग की विदेशी संपत्ति प्रकटीकरण योजना 16 अगस्त 2026 से प्रभावी हो गई है।

केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) के मुताबिक, पात्र करदाता 31 दिसंबर 2026 तक ऑनलाइन माध्यम से अपनी अघोषित विदेशी संपत्ति और आय की जानकारी दे सकते हैं। इसके लिए घोषित राशि पर 30 फीसदी टैक्स और उतनी ही राशि का जुर्माना लगाया जाएगा।

60 फीसदी तक हो सकती है कुल देनदारी

योजना के तहत टैक्स और जुर्माना दोनों को मिलाकर कुल देनदारी 60 फीसदी तक पहुंच सकती है। विदेशी संपत्ति का बाजार मूल्य 31 मार्च 2026 की स्थिति के आधार पर निर्धारित किया जाएगा।

उदाहरण के तौर पर, अगर किसी व्यक्ति के पास 60 लाख रुपये की अघोषित विदेशी संपत्ति और 20 लाख रुपये की अघोषित विदेशी आय है, तो कुल घोषित राशि 80 लाख रुपये मानी जाएगी। इस पर 30 फीसदी टैक्स और 30 फीसदी जुर्माने को मिलाकर कुल 48 लाख रुपये की देनदारी बन सकती है।

किन लोगों को मिल सकता है लाभ?

यह व्यवस्था खास तौर पर उन पात्र करदाताओं के लिए लाई गई है, जिन्होंने पहले अपनी विदेशी संपत्ति या विदेश से होने वाली आय की जानकारी आयकर विभाग को नहीं दी थी। इसके दायरे में पात्रता के अनुसार छात्र, आईटी प्रोफेशनल और नौकरीपेशा एनआरआई जैसे करदाता भी आ सकते हैं।

योजना में विदेशी संपत्ति की घोषित राशि को दोबारा आय में शामिल नहीं किया जाएगा और उस पर काला धन कानून लागू नहीं होने की बात कही गई है। संपत्ति की राशि और पात्रता के आधार पर अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की गई हैं, जिनमें 1 करोड़ रुपये और 5 करोड़ रुपये तक की संपत्तियों से जुड़ी श्रेणियां शामिल हैं।


मोबाइल देखते-देखते सिरदर्द क्यों होता है? स्क्रीन के साथ ये आदतें भी हैं जिम्मेदार

आज के डिजिटल दौर में मोबाइल, लैपटॉप और कंप्यूटर के बिना कामकाज की कल्पना करना मुश्किल है। पढ़ाई से लेकर ऑफिस के काम और मनोरंजन तक, दिन का बड़ा हिस्सा स्क्रीन के सामने गुजरता है। लगातार स्क्रीन देखने के बाद सिरदर्द या आंखों में भारीपन महसूस होना आम बात है, लेकिन इसके पीछे सिर्फ स्क्रीन ही जिम्मेदार हो, यह जरूरी नहीं है। हमारी नींद, खान-पान, पानी पीने की आदत और बैठने का तरीका भी सिरदर्द को प्रभावित कर सकता है।

सीनियर कंसल्टेंट न्यूरोलॉजिस्ट और यूनिट हेड डॉ. नेहा पंडिता के अनुसार, लंबे समय तक स्क्रीन के इस्तेमाल के साथ अगर शरीर को पर्याप्त आराम नहीं मिलता, तो सिरदर्द और मानसिक थकान जैसी परेशानियां बढ़ सकती हैं। इसलिए स्क्रीन टाइम के साथ रोजमर्रा की आदतों पर भी ध्यान देना जरूरी है।

लगातार स्क्रीन देखने से क्यों हो सकता है सिरदर्द?

लंबे समय तक मोबाइल या कंप्यूटर स्क्रीन पर लगातार नजर टिकाए रखने से आंखों पर दबाव पड़ सकता है। स्क्रीन देखते समय हम सामान्य से कम पलकें झपकाते हैं, जिससे आंखों में सूखापन, जलन और थकान महसूस हो सकती है। स्क्रीन की तेज रोशनी या ग्लेयर भी कुछ लोगों में असहजता और सिरदर्द की वजह बन सकता है।

गलत पॉश्चर भी बढ़ा सकता है परेशानी

मोबाइल को लगातार नीचे करके देखने या लैपटॉप पर झुककर काम करने की आदत गर्दन और कंधों पर अतिरिक्त दबाव डालती है। लंबे समय तक ऐसी स्थिति में रहने से मांसपेशियों में तनाव पैदा हो सकता है, जिसका असर सिरदर्द के रूप में दिखाई दे सकता है।

माइग्रेन से परेशान लोगों को ज्यादा सावधानी

जिन लोगों को माइग्रेन की शिकायत रहती है, उनके लिए तेज रोशनी और लंबे समय तक स्क्रीन देखना संभावित ट्रिगर हो सकता है। हालांकि स्क्रीन के साथ-साथ तनाव, नींद की कमी, पर्याप्त पानी न पीना और लंबे समय तक भूखे रहना भी माइग्रेन की समस्या को बढ़ा सकता है।

रात में मोबाइल चलाने से नींद पर असर

बिस्तर पर जाने के बाद लंबे समय तक फोन पर वीडियो देखना या सोशल मीडिया स्क्रॉल करना नींद के समय को कम कर सकता है। नींद पूरी न होने पर अगले दिन थकान, चिड़चिड़ापन, ध्यान लगाने में परेशानी और मानसिक सुस्ती महसूस हो सकती है। इसलिए सोने से पहले स्क्रीन से दूरी बनाना बेहतर आदत हो सकती है।

क्या ज्यादा स्क्रीन टाइम से याददाश्त कमजोर होती है?

सामान्य स्क्रीन इस्तेमाल को सीधे तौर पर दिमाग को नुकसान पहुंचने या याददाश्त कमजोर होने से जोड़ना सही नहीं माना जाता। हालांकि लगातार नोटिफिकेशन, बार-बार काम बदलना और देर रात तक स्क्रीन इस्तेमाल करने से मानसिक थकान बढ़ सकती है। ऐसे में व्यक्ति को लग सकता है कि उसकी याददाश्त कमजोर हो रही है, जबकि असल समस्या ध्यान और एकाग्रता में कमी हो सकती है।

स्क्रीन इस्तेमाल करते समय इन बातों का रखें ध्यान
लंबे समय तक लगातार स्क्रीन देखने से बचें और बीच-बीच में छोटे ब्रेक लें।
पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहें और भोजन समय पर करें।
मोबाइल या लैपटॉप इस्तेमाल करते समय गर्दन को ज्यादा झुकाने से बचें।
स्क्रीन पर पड़ने वाली तेज रोशनी और ग्लेयर को कम करने की कोशिश करें।
सोने से पहले कुछ समय फोन और दूसरी स्क्रीन से दूरी रखें।
अगर स्क्रीन देखने के बाद बार-बार सिरदर्द होता है, तो इसके पैटर्न और संभावित कारणों पर ध्यान दें।

इन लक्षणों को नजरअंदाज न करें

अगर सिरदर्द अचानक बहुत तेज हो, लगातार बढ़ रहा हो या उसके साथ कमजोरी, शरीर के किसी हिस्से में सुन्नपन, भ्रम, दौरे, बेहोशी, बोलने में परेशानी या नजर में गंभीर बदलाव जैसे लक्षण दिखाई दें, तो तुरंत चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

कुल मिलाकर, सिरदर्द को केवल स्क्रीन टाइम से जोड़ना सही नहीं होगा। स्क्रीन के साथ हमारी नींद, तनाव, खान-पान, पानी की मात्रा और बैठने का तरीका भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसलिए स्क्रीन कम करने के साथ-साथ स्वस्थ दिनचर्या बनाए रखना भी जरूरी है।

नोट: यह लेख उपलब्ध मेडिकल जानकारी और विशेषज्ञ की बताई गई बातों के आधार पर तैयार किया गया है। किसी भी गंभीर या लगातार बनी रहने वाली समस्या में डॉक्टर से सलाह लें।

(साभार)


देहरादून में आज से एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी, 14 देशों के खिलाड़ी लेंगे हिस्सा

देहरादून। एशिया की प्रतिष्ठित शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग प्रतियोगिताओं में शामिल एशियन ओपन शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग ट्रॉफी-2026 का आयोजन सोमवार से देहरादून में शुरू हो रहा है। भारत दूसरी बार इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता की मेजबानी कर रहा है। प्रतियोगिता में भारत सहित 14 एशियाई देशों के स्केटर अपनी प्रतिभा और रफ्तार का प्रदर्शन करेंगे।

प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों में खासा उत्साह है। रविवार को विभिन्न देशों से पहुंचे खिलाड़ियों ने आयोजन स्थल पर अभ्यास किया और प्रतियोगिता के लिए अपनी तैयारियों को अंतिम रूप दिया।

इस प्रतियोगिता में भारत के अलावा हांगकांग, थाईलैंड, वियतनाम, फिलीपींस, सिंगापुर, ऑस्ट्रेलिया, मंगोलिया, मलेशिया, चीनी ताइपे, इंडोनेशिया, उज्बेकिस्तान, चीन और दक्षिण कोरिया के खिलाड़ी हिस्सा ले रहे हैं।

बड़ी संख्या में अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ियों और तकनीकी अधिकारियों की मौजूदगी के कारण इसे भारत में आयोजित होने वाली प्रमुख शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग प्रतियोगिताओं में शामिल किया जा रहा है। प्रतियोगिता की मेजबानी से देहरादून की पहचान आइस स्पोर्ट्स और शॉर्ट ट्रैक स्पीड स्केटिंग के अंतरराष्ट्रीय केंद्र के तौर पर और मजबूत होने की उम्मीद है।


‘आवारापन 2’ का बॉक्स ऑफिस पर शानदार प्रदर्शन, 3 दिन में पार किया 80 करोड़ का आंकड़ा

इमरान हाशमी की फिल्म ‘आवारापन 2’ बॉक्स ऑफिस पर अच्छी शुरुआत के बाद अब तीसरे दिन थोड़ी धीमी पड़ती नजर आई है। रविवार को फिल्म की कमाई में पहले दो दिनों के मुकाबले गिरावट दर्ज की गई, हालांकि कुल कलेक्शन के मामले में फिल्म 80 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर चुकी है। इसी के साथ यह फिल्म सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ को कमाई के मामले में काफी पीछे छोड़ चुकी है।

तीसरे दिन ‘आवारापन 2’ ने कितने कमाए?

आंकड़ों के अनुसार, ‘आवारापन 2’ ने तीसरे दिन करीब 26  करोड़ रुपये का कारोबार किया। फिल्म ने पहले दिन 22 करोड़ रुपये से खाता खोला था, जबकि दूसरे दिन इसकी कमाई बढ़कर 33.75 करोड़ रुपये पहुंच गई थी।

तीन दिनों की कमाई जोड़ने पर फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन करीब 81.75 करोड़ रुपये हो गया है। अगर फिल्म की रफ्तार आने वाले दिनों में बनी रहती है, तो जल्द ही यह 100 करोड़ रुपये के क्लब में एंट्री कर सकती है।

फिल्म में इमरान हाशमी के साथ दिशा पाटनी और शबाना आजमी अहम भूमिकाओं में नजर आ रही हैं। खास बात यह है कि रिलीज के पहले ही दिन ‘आवारापन 2’ ने साल 2007 में आई पहली फिल्म ‘आवारापन’ के लाइफटाइम कलेक्शन को पीछे छोड़ दिया था। पहली फिल्म ने कुल 7.76 करोड़ रुपये का कारोबार किया था।

‘बंटवारा 1947’ से कितनी आगे निकली ‘आवारापन 2’?

इमरान हाशमी की फिल्म के साथ सिनेमाघरों में सनी देओल स्टारर ‘बंटवारा 1947’ ने भी दस्तक दी है। हालांकि कमाई के मामले में दोनों फिल्मों के बीच बड़ा अंतर देखने को मिल रहा है।

शुरुआती आंकड़ों के मुताबिक, ‘बंटवारा 1947’ ने रविवार को करीब 5.47 करोड़ रुपये कमाए। फिल्म का कुल कलेक्शन अब तक लगभग 24.72 करोड़ रुपये है। इस तरह तीन दिनों की कमाई में ‘आवारापन 2’ ने सनी देओल की फिल्म को काफी पीछे छोड़ दिया है।

‘बंटवारा 1947’ में सनी देओल के अलावा प्रीति जिंटा और शबाना आजमी अहम किरदारों में हैं। फिल्म का निर्माण आमिर खान प्रोडक्शंस ने किया है, जबकि राजकुमार संतोषी इसके निर्देशक हैं।

‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ की कमाई भी जारी

बॉक्स ऑफिस पर हॉलीवुड फिल्म ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ भी अपनी पकड़ बनाए हुए है। रविवार को रिलीज के 18वें दिन फिल्म ने करीब 6.36 करोड़ रुपये का कारोबार किया। इसके साथ ही भारत में फिल्म की कुल कमाई लगभग 463.81 करोड़ रुपये पहुंच गई है।

क्या है ‘आवारापन 2’ की कहानी?

नितिन कक्कड़ के निर्देशन में बनी ‘आवारापन 2’ की कहानी शिवम नाम के किरदार के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसे इमरान हाशमी ने निभाया है। शिवम को अपनी दिवंगत प्रेमिका की कब्र के पास एक लावारिस बच्ची मिलती है। वह उसका नाम आलिया रखता है और बाद में उसे अनाथालय में छोड़ देता है।

कहानी में नया मोड़ तब आता है जब आलिया बैंकॉक में मानव तस्करी करने वाले गिरोह के चंगुल में फंस जाती है। इसके बाद शिवम उसे बचाने के लिए थाईलैंड पहुंचता है और जोरावर व नफीसा जैसे अंडरवर्ल्ड किरदारों का सामना करता है। फिल्म साल 2007 में रिलीज हुई ‘आवारापन’ की अगली कड़ी है।

(साभार)


गंगाजल चढ़ाने के विवाद की रंजिश में युवक को मारी गोली, चार आरोपी गिरफ्तार

चरखी दादरी। गांव खेड़ी बूरा में शिवरात्रि के दौरान गंगाजल चढ़ाने को लेकर हुए विवाद ने गंभीर रूप ले लिया। पुरानी रंजिश के चलते 38 वर्षीय मंजीत पर कथित तौर पर गोली चला दी गई। सीने में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजनों ने उसे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल में भर्ती कराया है।

जानकारी के मुताबिक, शिवरात्रि के दिन डाक कांवड़ लेकर पहुंचे मंजीत और योगेश के बीच मंदिर में शिवलिंग पर पहले गंगाजल चढ़ाने को लेकर कहासुनी हुई थी। आरोप है कि इसी विवाद की रंजिश में शनिवार तड़के योगेश अपने तीन साथियों के साथ कार से पहुंचा और मंजीत तथा उसके दो साथियों पर फायरिंग कर दी।

बताया गया कि हमलावरों ने करीब तीन राउंड फायर किए, जिनमें से एक गोली मंजीत के सीने में जा लगी। घटना के बाद उसे पहले चरखी दादरी सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद रोहतक पीजीआई रेफर किया गया। बाद में परिजन उसे गुरुग्राम के मेदांता अस्पताल ले गए।

सदर थाना पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए महाबीर, योगेश उर्फ छोटू उर्फ पहलवान, विक्रम और प्रदीप उर्फ सोनू को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार योगेश और विक्रम के कब्जे से एक-एक अवैध देशी पिस्तौल व कारतूस बरामद किए गए हैं। वारदात में इस्तेमाल कार भी पुलिस ने कब्जे में ले ली है।

डीएसपी साहिल ढिल्लो के मुताबिक चारों आरोपियों को घटना के 24 घंटे के भीतर अटेला क्रशर जोन से पकड़ा गया। मुख्य आरोपी योगेश को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, जबकि अन्य तीन आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।


बिहार के अशोकधाम मंदिर में मची भगदड़, 7 श्रद्धालुओं की मौत, कई घायल

बिजली पोल गिरने के बाद करंट की अफवाह से मची अफरातफरी

लखीसराय। बिहार के लखीसराय स्थित प्रसिद्ध अशोकधाम मंदिर में सोमवार सुबह बड़ा हादसा हो गया। मंदिर के बाहरी परिसर और अशोकधाम हॉल्ट की ओर जाने वाले रास्ते पर अचानक भीड़ बेकाबू होने से भगदड़ मच गई। शुरुआती जानकारी के मुताबिक हादसे में 7 श्रद्धालुओं की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि कई लोग घायल बताए जा रहे हैं। घायलों को लखीसराय सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृतकों की संख्या बढ़ने की आशंका भी जताई जा रही है।

जानकारी के अनुसार, सोमवार सुबह करीब 6:30 से 7 बजे के बीच मंदिर में जलाभिषेक और दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी। श्रद्धालुओं की कतार अशोकधाम हॉल्ट तक पहुंच गई थी। इसी दौरान हॉल्ट के पास बिजली का एक खंभा गिर गया। इसके बाद भीड़ में खंभे में करंट दौड़ने की अफवाह फैल गई।

अफवाह के चलते श्रद्धालुओं में अचानक डर और अफरातफरी का माहौल बन गया। लोग सुरक्षित निकलने के लिए इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान भगदड़ की स्थिति पैदा हो गई और कई श्रद्धालु जमीन पर गिर पड़े। कुछ लोग भीड़ के नीचे दब गए। मौके पर चीख-पुकार मचने के बाद स्थानीय लोगों और अन्य श्रद्धालुओं ने बचाव अभियान शुरू किया।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीमें मौके पर पहुंचीं। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। प्रशासन की ओर से स्थिति को नियंत्रित करने और राहत-बचाव कार्य जारी रखने की बात कही गई है।

अब तक सामने आई मृतकों की पहचान

हादसे में जिन मृतकों की पहचान की गई है, उनमें मनमाला देवी (44), रिंकू देवी (50), हेमलता देवी (55) और ललिता देवी शामिल हैं। प्रशासन की ओर से अन्य मृतकों की पहचान की प्रक्रिया जारी है।

मुख्यमंत्री ने जताया दुख, मुआवजे का ऐलान

अशोकधाम मंदिर हादसे पर मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने गहरा दुख जताया है। उन्होंने मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। मुख्यमंत्री ने हादसे को बेहद दुखद बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। साथ ही अधिकारियों को घायलों के बेहतर और त्वरित इलाज के निर्देश दिए गए हैं।

प्रत्यक्षदर्शी ने बताया कैसे मची भगदड़

प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक मंदिर में सावन की सोमवारी के चलते सुबह से ही श्रद्धालुओं की भारी भीड़ थी। इसी बीच बिजली का पोल गिरने और करंट फैलने की बात तेजी से लोगों के बीच फैल गई। अफवाह सुनते ही श्रद्धालुओं में घबराहट फैल गई और लोग भागने लगे। इसी दौरान बैरिकेडिंग पर दबाव बढ़ा और कई लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर गए।

घायल महिला ने सुनाई आपबीती

हादसे में घायल एक महिला ने बताया कि भीड़ के पीछे से लगातार धक्का दिया जा रहा था। दबाव बढ़ने के कारण उसका संतुलन बिगड़ गया और वह जमीन पर गिरकर बेहोश हो गई। आसपास मौजूद लोगों ने उसे उठाया और पानी के छींटे देकर होश में लाने की कोशिश की। होश आने के बाद उसे हादसे की भयावहता का पता चला।

धार्मिक रूप से महत्वपूर्ण है अशोकधाम मंदिर

लखीसराय का अशोकधाम मंदिर श्री इन्द्रदमनेश्वर महादेव मंदिर के नाम से प्रसिद्ध है। मंदिर में विशाल शिवलिंग स्थापित है, जिसे स्थानीय मान्यताओं के अनुसार जमीन की खुदाई के दौरान प्राप्त किया गया था। सावन के महीने में यहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु जलाभिषेक और पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं।


काशीपुर में तेज रफ्तार वाहन ने बाइक सवार को मारी टक्कर, मौके पर मौत

ऊधम सिंह नगर (काशीपुर)। प्रतापपुर क्षेत्र में सोमवार सुबह एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि सुबह करीब आठ बजे वह बाइक से सड़क पर जा रहा था, तभी पीछे से आए तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उसे जोरदार टक्कर मार दी।

हादसे के बाद बाइक सवार गंभीर रूप से सड़क पर गिर गया और मौके पर ही उसकी मौत हो गई। घटना के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया।

मृतक की पहचान अभी नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को शिनाख्त के लिए मोर्चरी में रखवाया है और मृतक की पहचान के साथ-साथ फरार वाहन चालक की तलाश में जुटी है।


उत्तराखंड में बारिश का दौर जारी, देहरादून-टिहरी में भारी बारिश का अलर्ट

देहरादून। उत्तराखंड में मानसून एक बार फिर सक्रिय है। पहाड़ी जिलों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक बारिश का सिलसिला जारी रहने से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। देहरादून के कई निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जबकि बारिश के कारण नदी-नाले भी उफान पर हैं। पहाड़ों में भूस्खलन और मलबा आने से कई सड़कों पर यातायात बाधित हुआ है।

मौसम विभाग के अनुसार सोमवार को प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में हल्की से मध्यम बारिश के साथ गरज-चमक और बौछारें पड़ सकती हैं। देहरादून और टिहरी जिलों में भारी से बहुत भारी बारिश की आशंका को देखते हुए ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। वहीं अन्य जिलों के लिए यलो अलर्ट जारी करते हुए भारी बारिश और आकाशीय बिजली की संभावना जताई गई है।

कुमाऊं मंडल में भी बारिश ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। पिथौरागढ़ जिले में तेज बारिश के बाद कई स्थानों पर भूस्खलन हुआ। टनकपुर-तवाघाट राष्ट्रीय राजमार्ग और कैलास मानसरोवर यात्रा मार्ग पर मलबा आने से पांच घंटे से अधिक समय तक यातायात प्रभावित रहा।

इसके अलावा अस्कोट-कर्णप्रयाग मोटर मार्ग पर बेरीनाग और थल के बीच मलबा आने से कुछ समय के लिए आवाजाही बाधित हुई। थल-मुनस्यारी मार्ग पर ला-झेकला के पास डंपर फंसने के कारण सड़क करीब आठ घंटे तक बंद रही। इस दौरान कई वाहन रास्ते में फंसे रहे।

मौसम विभाग ने 18 से 20 अगस्त के बीच भी प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में भारी बारिश और गरज-चमक का दौर जारी रहने का अनुमान जताया है। ऐसे में पहाड़ी इलाकों में भूस्खलन और सड़क पर मलबा आने की घटनाओं का खतरा बना रहेगा। निचले क्षेत्रों में जलभराव की स्थिति भी पैदा हो सकती है। लोगों को मौसम को देखते हुए पहाड़ी मार्गों पर सफर के दौरान विशेष सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


जलकुर नदी और झील में महिला की तलाश, SDRF का सघन सर्च अभियान जारी

लामगांव:  लामगांव क्षेत्र में एक महिला के जलकुर नदी में लापता होने की सूचना के बाद SDRF द्वारा लगातार सर्च एवं रेस्क्यू अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में रविवार को उप निरीक्षक श्री सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में SDRF पोस्ट कोटी कॉलोनी की टीम लामगांव पहुंची और महिला की तलाश में जलकुर नदी एवं झील क्षेत्र में सघन सर्च अभियान चलाया। SDRF जवानों ने नाव एवं अन्य आवश्यक उपकरणों की मदद से संभावित स्थानों पर गहनता से तलाश की।

काफी प्रयासों के बावजूद महिला का कोई सुराग नहीं मिल सका। अभियान के दौरान सर्चिंग रिपोर्ट शून्य रही। SDRF टीम द्वारा महिला की तलाश के लिए अभियान लगातार जारी रखा जा रहा है।


टीएचडीसी टनल में रेस्क्यू अभियान तेज, लापता दो लोगों की तलाश जारी

चमोली:  मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशन में टीएचडीसी की निर्माणाधीन टनल में हुए हादसे के बाद लापता दो लोगों की तलाश के लिए रविवार को रेस्क्यू अभियान को और तेज कर दिया गया। जिलाधिकारी गौरव कुमार स्वयं अभियान की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं और रेस्क्यू टीमों से समन्वय करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दे रहे हैं।

एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, आईटीबीपी, पुलिस एवं जिला प्रशासन की टीमें टनल के भीतर सघन सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। पानी का स्तर कम करने के लिए पंपों से लगातार पानी बाहर निकाला जा रहा है, जिससे रेस्क्यू टीमों के लिए प्रभावित हिस्सों तक पहुंचना आसान हो सके।

टनल के भीतर फंसी मशीनों और भारी अवरोधों को हटाने का कार्य भी युद्धस्तर पर जारी है। आधुनिक उपकरणों एवं तकनीकी संसाधनों की मदद से मलबा हटाकर आगे बढ़ने का रास्ता तैयार किया जा रहा है। रेस्क्यू टीमें संभावित सभी स्थानों की बारीकी से जांच कर रही हैं और मलबे के बीच छोटी से छोटी जगह को भी सघनता से खंगाला जा रहा है।

जिलाधिकारी गौरव कुमार ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के क्रम में हादसे की मजिस्ट्रेट जांच के आदेश दिए गए हैं। जांच के माध्यम से हादसे के कारणों एवं परिस्थितियों की विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी और सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

उन्होंने बताया कि हादसे के बाद अब तक कुल 20 लोगों को टनल से बाहर निकाला गया है। इनमें 12 श्रमिकों को सकुशल बाहर निकालकर जिला चिकित्सालय में भर्ती कराया गया है, जबकि 8 लोगों की दुखद मृत्यु हुई है। टनल में फंसे दो शेष लोगों की तलाश के लिए रेस्क्यू अभियान लगातार जारी है।


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