Wednesday, August 19th, 2026

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रेलटेल के शेयरों में 6% का उछाल, ₹290 के पार पहुंचा भाव

Monthly Archives: August 2026

रेलटेल के शेयरों में 6% का उछाल, ₹290 के पार पहुंचा भाव

रेलटेल को मिला ₹166.80 करोड़ का बड़ा वर्क ऑर्डर, शेयरों ने पकड़ी रफ्तार

नई दिल्ली। सरकारी रेलवे टेलीकॉम कंपनी रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया के शेयरों में 19 अगस्त को अचानक तेज खरीदारी देखने को मिली। कारोबार शुरू होते ही स्टॉक करीब 6 फीसदी से अधिक चढ़ गया और 297 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। कंपनी को मिले करोड़ों रुपये के नए वर्क ऑर्डर को शेयरों में आई इस तेजी की प्रमुख वजह माना जा रहा है।

रेलटेल के शेयर 282.65 रुपये पर खुले थे, जिसके बाद शुरुआती कारोबार में इनमें तेजी आई और भाव 297 रुपये के इंट्राडे हाई तक पहुंच गया। खास बात यह है कि पिछले करीब तीन महीनों से शेयर पर दबाव बना हुआ था, ऐसे में एक बड़े ऑर्डर की खबर से निवेशकों की दिलचस्पी फिर बढ़ती दिखाई दी।

EPFO से मिला 166.80 करोड़ रुपये का ऑर्डर

रेलटेल को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) से टैक्स सहित करीब 166.80 करोड़ रुपये का वर्क ऑर्डर मिला है। इस कॉन्ट्रैक्ट के तहत कंपनी को ‘इंफ्रास्ट्रक्चर-एज-ए-सर्विस’ (IaaS) उपलब्ध कराने से जुड़े मौजूदा वर्क ऑर्डर को एक साल के लिए बढ़ाया गया है। इस प्रोजेक्ट को 9 फरवरी 2027 तक पूरा किया जाना है।

इससे पहले 12 अगस्त को कंपनी को दीनदयाल पोर्ट अथॉरिटी से करीब 63 करोड़ रुपये का वर्क ऑर्डर मिलने की जानकारी सामने आई थी। लगातार मिल रहे ऑर्डर्स को कंपनी के कारोबार के लिहाज से सकारात्मक संकेत माना जा रहा है।

दो साल से शेयर पर बना हुआ है दबाव

रेलटेल के शेयरों ने बीते कुछ समय में निवेशकों को खास रिटर्न नहीं दिया है। साल 2025 में स्टॉक करीब 15 फीसदी गिरा, जबकि 2026 में अब तक इसमें 10 फीसदी से ज्यादा की कमजोरी दर्ज की गई है।

शेयर का 52 हफ्तों का उच्चतम स्तर 413.10 रुपये और निचला स्तर 244.95 रुपये रहा है। मौजूदा स्तर पर स्टॉक अपने 52-हफ्ते के हाई से करीब 32.91 फीसदी नीचे और लो से लगभग 13.15 फीसदी ऊपर कारोबार कर रहा है।

कंपनी के कारोबार में भी हुई बढ़ोतरी

जून 2026 में समाप्त तिमाही के दौरान रेलटेल का नेट प्रॉफिट सालाना आधार पर करीब 66 करोड़ रुपये रहा। वहीं कंपनी का रेवेन्यू पिछले साल की समान तिमाही के 743.8 करोड़ रुपये के मुकाबले 20.1 फीसदी बढ़कर 893.2 करोड़ रुपये पहुंच गया।

रेलटेल कॉरपोरेशन ऑफ इंडिया भारत सरकार की नवरत्न कंपनी है और रेलवे के अलावा टेलीकॉम एवं डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े क्षेत्रों में काम करती है। कंपनी ब्रॉडबैंड, वीपीएन, टेलीकॉम और मल्टीमीडिया नेटवर्क जैसी सेवाएं उपलब्ध कराती है। रेलटेल का नेटवर्क देशभर के करीब 6,000 रेलवे स्टेशनों तक फैला हुआ है और यह प्रमुख वाणिज्यिक केंद्रों को भी कवर करता है।


बॉक्स ऑफिस पर ‘आवारापन 2’ का जलवा, 100 करोड़ के पार हुई फिल्म की कमाई

इमरान हाशमी स्टारर फिल्म ‘आवारापन 2’ ने रिलीज के शुरुआती तीन दिनों में बॉक्स ऑफिस पर मजबूत प्रदर्शन किया, लेकिन इसके बाद फिल्म की रफ्तार धीमी पड़ गई है। 14 अगस्त को सिनेमाघरों में दस्तक देने वाली इस फिल्म की कमाई में चौथे दिन बड़ी गिरावट दर्ज की गई, जबकि पांचवें दिन भी कलेक्शन में खास सुधार देखने को नहीं मिला।

पांच दिनों में ऐसा रहा बॉक्स ऑफिस सफर

‘आवारापन 2’ को रिलीज के पहले दिन ही दर्शकों का अच्छा रिस्पॉन्स मिला। फिल्म ने शुक्रवार को 22 करोड़ रुपये का कारोबार किया। शनिवार को कमाई में जबरदस्त उछाल आया और कलेक्शन बढ़कर 33.75 करोड़ रुपये पहुंच गया।

रविवार को भी फिल्म ने बॉक्स ऑफिस पर पकड़ बनाए रखी और करीब 26 करोड़ रुपये कमाए। हालांकि सोमवार से फिल्म की कमाई में अचानक गिरावट देखने को मिली। चौथे दिन फिल्म का कलेक्शन घटकर 9.25 करोड़ रुपये रह गया।

पांचवें दिन फिल्म की कमाई करीब  9.75 करोड़ रुपये दर्ज की गई।

‘आवारापन 2’ ने अब तक भारतीय बॉक्स ऑफिस पर करीब 100.75 करोड़ रुपये का नेट कलेक्शन कर लिया है। वहीं फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन 116.02 करोड़ रुपये तक पहुंच चुका है। इस प्रदर्शन के साथ फिल्म इमरान हाशमी के करियर की सबसे ज्यादा कमाई करने वाली फिल्मों में शामिल हो गई है।

फिल्म के साथ सिनेमाघरों में रिलीज हुई सनी देओल की ‘बंटवारा 1947’ की कमाई इससे काफी पीछे है। पांच दिनों में फिल्म का ग्रॉस कलेक्शन करीब 35 करोड़ रुपये बताया जा रहा है।

क्या है ‘आवारापन 2’ की कहानी?

‘आवारापन 2’ की कहानी साल 2007 में रिलीज हुई फिल्म ‘आवारापन’ की कहानी को आगे बढ़ाती है। फिल्म का निर्देशन नितिन कक्कड़ ने किया है। इसमें इमरान हाशमी के साथ दिशा पटानी और शबाना आजमी अहम भूमिकाओं में नजर आती हैं।

पहली फिल्म में शिवम एक लड़की रीमा को बंधन से मुक्त कराने की कोशिश करता है। वहीं सीक्वल में कहानी एक नई चुनौती के इर्द-गिर्द घूमती है। इमरान हाशमी का किरदार आलिया नाम की एक बच्ची को मानव तस्करी के चंगुल से बचाने की कोशिश करता है। इसी मिशन के दौरान कहानी में एक्शन, इमोशन और संघर्ष देखने को मिलता है।


नौकरी करने को कहा तो बेटे ने पिता पर चाकू से किया हमला, छाती और कमर पर किए वार

फरीदाबाद। ओल्ड फरीदाबाद थाना क्षेत्र की भीम बस्ती में नौकरी करने की बात को लेकर पिता-पुत्र के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि नौकरी करने के लिए कहने से नाराज युवक ने घर में रखे सब्जी काटने वाले चाकू से अपने पिता पर हमला कर दिया। हमले में पिता की कमर और छाती पर चोटें आई हैं। घटना के बाद आरोपित जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गया।

घायल व्यक्ति की पहचान 46 वर्षीय बालकिशन के रूप में हुई है। परिजनों ने उन्हें उपचार के लिए बीके अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने हालत को देखते हुए सफदरजंग अस्पताल, दिल्ली रेफर कर दिया। पुलिस ने घायल के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आरोपित बेटे विकास उर्फ विक्की के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।

बालकिशन ने पुलिस को बताया कि 16 अगस्त की शाम करीब चार बजे वह पत्नी पूनम और दोनों बेटों विकास उर्फ विक्की व योगेश उर्फ योगी के साथ घर पर मौजूद थे। इसी दौरान वह और उनकी पत्नी बड़े बेटे विकास को नौकरी करने के लिए समझा रहे थे।

आरोप है कि नौकरी करने की बात से विकास नाराज हो गया और माता-पिता के साथ गाली-गलौज करने लगा। जब बालकिशन ने उसे ऐसा करने से रोका तो उसने घर में रखा सब्जी काटने वाला चाकू उठा लिया और पिता पर हमला कर दिया। चाकू के वार से बालकिशन की कमर और छाती पर चोटें आईं।

हमले के दौरान बालकिशन ने शोर मचाया तो आरोपित उन्हें जान से मारने की धमकी देते हुए घर से फरार हो गया। इसके बाद उनकी पत्नी पूनम घायल अवस्था में उन्हें बीके अस्पताल लेकर पहुंचीं। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उन्हें सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया।

मेडिकल जांच में बालकिशन के शरीर पर धारदार हथियार से लगी तीन चोटों की पुष्टि हुई है। उनका सफदरजंग अस्पताल में उपचार चल रहा था।

18 अगस्त को चिकित्सकों ने बालकिशन को बयान देने के लिए फिट घोषित किया। इसके बाद पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर उनका बयान दर्ज किया। बयान और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने विकास उर्फ विक्की के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।

पुलिस का कहना है कि आरोपित की तलाश की जा रही है। मामले में घटनास्थल और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।


देहरादून में पुलिस और बदमाश के बीच हुई मुठभेड़, पैर में गोली लगने के बाद आरोपी गिरफ्तार

चेन स्नैचिंग का आरोपी मुठभेड़ के बाद दबोचा, तमंचा-कारतूस और लूटी गई चेन बरामद

देहरादून। राजधानी देहरादून में देर रात पुलिस चेकिंग के दौरान एक बदमाश ने भागने की कोशिश की और पीछा कर रही पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। बसंत विहार थाना क्षेत्र के हरबंसवाला बैरियर पर हुई इस घटना में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान आरोपी के पैर में गोली लग गई। इसके बाद पुलिस ने उसे दबोच लिया।

पुलिस के अनुसार, हरबंसवाला बैरियर पर चेकिंग के दौरान बिना नंबर प्लेट की स्कूटी सवार युवक को रोकने का इशारा किया गया। युवक रुकने के बजाय स्कूटी लेकर टी-स्टेट की तरफ भागने लगा। पुलिस टीम ने पीछा किया तो उसने फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने जवाबी कार्रवाई की, जिसमें आरोपी के पैर में गोली लगी।

घायल आरोपी की पहचान 27 वर्षीय आकाश उर्फ तमंचा, निवासी शिवाजी एन्क्लेव, जैन प्लॉट, रायपुर क्षेत्र, देहरादून के रूप में हुई है। पुलिस ने उसे तत्काल उपचार के लिए प्रेमनगर चिकित्सालय पहुंचाया, जहां से चिकित्सकों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। घटना की जानकारी मिलते ही वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने अस्पताल पहुंचकर भी आरोपी से जुड़ी जानकारी ली।

चेन स्नैचिंग के मामले में था वांछित

पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी आकाश 14 अगस्त को बसंत विहार क्षेत्र में एक वृद्ध महिला से हुई चेन स्नैचिंग की वारदात में वांछित था। इस संबंध में बसंत विहार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से .315 बोर का देशी तमंचा, एक खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद किया है।

इसके अलावा बिना नंबर प्लेट की नीले रंग की एक्टिवा स्कूटी और वृद्ध महिला से छीनी गई सोने की चेन भी पुलिस के हाथ लगी है। पुलिस के मुताबिक बरामद स्कूटी कोतवाली नगर क्षेत्र से चोरी की गई थी।

एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य

मुठभेड़ के बाद फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) की टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस अब आरोपी के आपराधिक रिकॉर्ड की जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि वह किसी अन्य आपराधिक घटना में शामिल रहा है या नहीं।


हर महीने के पहले मंगलवार को होगी समन्वय बैठक, जिलों की समस्याओं का तेजी से होगा समाधान

मुख्य सचिव ने दिए निर्देश

देहरादून। प्रदेश के जिलों से शासन स्तर पर लंबित समस्याओं के समाधान में तेजी लाने के लिए सरकार ने नई व्यवस्था लागू करने का फैसला लिया है। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने निर्देश दिए हैं कि अब हर महीने के पहले मंगलवार को शासन और जनपद स्तर के अधिकारियों के बीच समन्वय बैठक आयोजित की जाएगी। इसका उद्देश्य जिलों की समस्याओं का त्वरित निस्तारण और विभिन्न विभागों के बीच बेहतर तालमेल सुनिश्चित करना है।

वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से होने वाली इस बैठक में जिलाधिकारी अपने-अपने जिलों से जुड़े उन मामलों को शासन के सामने रखेंगे, जिनके समाधान के लिए एक से अधिक विभागों के बीच समन्वय या शासन स्तर पर निर्णय की आवश्यकता है।

बैठक से पहले विभागों को दी जाएगी जानकारी

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि जिलों द्वारा चिन्हित समस्याओं और लंबित प्रकरणों की जानकारी संबंधित विभागों को बैठक से पहले उपलब्ध करा दी जाए। इससे विभागीय अधिकारी आवश्यक दस्तावेज, तथ्यों और कार्रवाई की जानकारी के साथ बैठक में शामिल हो सकेंगे।

बैठक के दौरान संबंधित जिले और विभाग के अधिकारियों के साथ प्रत्येक मामले पर विस्तार से चर्चा की जाएगी। प्रयास रहेगा कि जिन प्रकरणों में तत्काल निर्णय संभव है, उनका निस्तारण बैठक में ही कर दिया जाए।

आमजन से जुड़े मामलों को प्राथमिकता

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि इस व्यवस्था का मुख्य उद्देश्य जिलों में सामने आने वाली समस्याओं के समाधान में होने वाली अनावश्यक देरी को खत्म करना है। साथ ही शासन और जिलों के बीच बेहतर समन्वय स्थापित कर आमजन से जुड़े मामलों का तेजी से निस्तारण सुनिश्चित करना है।

उन्होंने सभी सचिवों को निर्देश दिए कि जिलों से प्राप्त प्रकरणों पर प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई की जाए और संबंधित मामलों के समाधान में अनावश्यक देरी न हो।

बैठक में प्रमुख सचिव एल. फैनई, विशेष प्रमुख सचिव अमित सिन्हा, सचिव शैलेश बगौली, नितेश कुमार झा, दिलीप जावलकर, डॉ. पंकज कुमार पाण्डेय, डॉ. रंजीत कुमार सिन्हा, चंद्रेश कुमार यादव, डॉ. वी. षणमुगम, डॉ. आर. राजेश कुमार, विनोद कुमार सुमन, ज्योति यादव, रणवीर सिंह चौहान, धीराज सिंह गर्ब्याल, राजेंद्र कुमार सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।


मलेशिया से भारत लाए गए बंबीहा गैंग के तीन वांछित आरोपी, पंजाब पुलिस ने एयरपोर्ट पर किया गिरफ्तार

चंडीगढ़। विदेश में छिपकर पंजाब में आपराधिक गतिविधियों को संचालित करने वाले गैंगस्टरों के खिलाफ पंजाब पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस विंग की ओवरसीज फ्यूजिटिव ट्रैकिंग एंड एक्सट्रैक्शन सेल (OFTEC) ने केंद्रीय एजेंसियों के सहयोग से दविंदर बंबीहा गैंग से जुड़े तीन वांछित आरोपितों को मलेशिया से भारत लाने में सफलता हासिल की है।

भारत पहुंचने के बाद तीनों को दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर गिरफ्तार कर लिया गया। इसके बाद आरोपितों को पंजाब लाकर पूछताछ शुरू की गई है। पुलिस के मुताबिक गिरफ्तार आरोपितों की पहचान जसप्रीत सिंह उर्फ जस बेहबल, अजय सिंह और पवंदीप सिंह के रूप में हुई है।

पुलिस जांच के अनुसार तीनों आरोपितों के खिलाफ हत्या, रंगदारी और विस्फोटक से जुड़े कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। लुधियाना में हैंड ग्रेनेड से धमाके की साजिश से जुड़े मामले में भी पुलिस को उनकी तलाश थी। जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपितों के तार पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई से जुड़े संदिग्ध नेटवर्क तक पहुंचते हैं।

पुलिस के अनुसार तीनों के खिलाफ दो दर्जन से अधिक मामलों में कार्रवाई या केस दर्ज होने की जानकारी है। विदेश भागने के बाद वे मलेशिया में छिपकर रह रहे थे और कथित तौर पर वहीं से पंजाब में अपने आपराधिक नेटवर्क से संपर्क बनाए हुए थे।

भारत वापस लाए जाने के बाद पंजाब पुलिस अब आरोपितों से विस्तृत पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि विदेश में रहने के दौरान आरोपित किन लोगों के संपर्क में थे और पंजाब में उनके नेटवर्क को कौन संचालित कर रहा था।

इसके अलावा हत्या और रंगदारी की वारदातों में उनकी भूमिका, हथियार व विस्फोटक की व्यवस्था तथा पाकिस्तान स्थित संदिग्ध तत्वों से संपर्क की भी जांच की जाएगी।

पंजाब पुलिस महानिदेशक कार्यालय के अनुसार, OFTEC की टीम विदेशों में छिपे वांछित अपराधियों को लगातार ट्रैक कर रही है। केंद्रीय एजेंसियों के साथ समन्वय कर मलेशिया में मौजूद इन आरोपितों की पहचान की गई और कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद उन्हें भारत लाया गया।

पुलिस ने कहा कि विदेशों में छिपकर आपराधिक गतिविधियां संचालित करने वाले आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी। फरार गैंगस्टरों को तलाश कर भारत लाने और उनके नेटवर्क को ध्वस्त करने के लिए एजेंसियां लगातार काम कर रही हैं।


केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं पर सरकार की पैनी नजर, प्रभारी सचिव डॉ. आर. राजेश ने की वर्चुअल समीक्षा

देहरादून। केदारनाथ धाम यात्रा को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए राज्य सरकार लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के तहत प्रभारी सचिव आवास एवं राज्य संपत्ति विभाग डॉ. आर. राजेश कुमार ने  रुद्रप्रयाग जिले में संचालित केदारनाथ यात्रा व्यवस्थाओं की वर्चुअल समीक्षा की।

समीक्षा के दौरान उन्होंने जिलाधिकारी रुद्रप्रयाग से यात्रा मार्ग, प्रमुख पड़ावों, श्रद्धालुओं को मिल रही सुविधाओं और मौजूदा व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इस दौरान यात्रा के दौरान सामने आ रही चुनौतियों और उनके समाधान को लेकर भी अधिकारियों को जरूरी दिशा-निर्देश दिए गए।

यात्रा मार्ग पर व्यवस्थाएं सामान्य

जिलाधिकारी ने बताया कि फिलहाल केदारनाथ यात्रा सुचारु रूप से चल रही है। यात्रा मार्ग और प्रमुख पड़ावों पर श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। जिले में पेयजल और बिजली आपूर्ति को लेकर भी कोई बड़ी समस्या नहीं है। संबंधित विभाग लगातार व्यवस्थाओं की निगरानी कर रहे हैं।

प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि यात्रा मार्ग से लेकर केदारनाथ धाम तक सभी व्यवस्थाएं लगातार दुरुस्त रखी जाएं। यात्रियों से जुड़ी किसी भी छोटी समस्या को गंभीरता से लेते हुए उसका जल्द समाधान किया जाए।

विशेषज्ञ डॉक्टरों की कमी दूर करने पर जोर

बैठक में स्वास्थ्य सेवाओं की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने बताया कि यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी महसूस हो रही है। इसके लिए अतिरिक्त विशेषज्ञ डॉक्टरों की तैनाती का अनुरोध किया गया है।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के निर्देश देते हुए कहा कि देश के अलग-अलग हिस्सों और विदेशों से भी श्रद्धालु केदारनाथ पहुंच रहे हैं। ऐसे में किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए चिकित्सा व्यवस्था पूरी तरह तैयार रहनी चाहिए। यात्रा मार्ग पर स्वास्थ्य सेवाओं की नियमित निगरानी करने के भी निर्देश दिए गए।

घोड़ा-खच्चरों के स्वास्थ्य पर भी नजर

समीक्षा में यात्रा मार्ग पर घोड़ा-खच्चरों की व्यवस्थाओं और पशु कल्याण से जुड़े प्रबंधों पर भी चर्चा हुई। प्रभारी सचिव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि घोड़ा-खच्चरों और अन्य पशुओं के साथ मानवीय व्यवहार किया जाए और निर्धारित नियमों का पालन सुनिश्चित हो।

उन्होंने पशुओं के स्वास्थ्य की नियमित जांच, जरूरत पड़ने पर चिकित्सा सुविधा और उनके संचालन की व्यवस्था पर विशेष ध्यान देने को कहा।

सभी विभागों को समन्वय से काम करने के निर्देश

प्रभारी सचिव ने साफ-सफाई, पेयजल, बिजली, स्वास्थ्य, यातायात और सुरक्षा सहित सभी व्यवस्थाओं को प्रभावी बनाए रखने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि केदारनाथ यात्रा राज्य के लिए महत्वपूर्ण धार्मिक यात्रा है और श्रद्धालुओं की सुविधा एवं सुरक्षा सरकार की प्राथमिकता है।

उन्होंने जिलाधिकारी सहित सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय से काम करने और यात्रा के दौरान सामने आने वाली किसी भी समस्या का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। साथ ही व्यवस्थाओं की लगातार समीक्षा कर आवश्यकता के अनुसार सुधार करने को कहा।

डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के दिशा-निर्देशों के अनुसार केदारनाथ यात्रा को सुरक्षित और सुगम बनाना सरकार की प्राथमिकता है। यात्रियों को किसी भी स्तर पर परेशानी न हो, इसके लिए सभी विभाग सक्रियता से काम करें। उन्होंने विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी को दूर करने के साथ ही यात्रा मार्ग पर मूलभूत सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्था की निरंतर निगरानी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


सीमाद्वार जलभराव पर डीएम सख्त, 24 घंटे में सफाई और डिवाटरिंग के निर्देश

देहरादून। बारिश के बाद सीमाद्वार और आसपास के क्षेत्रों में जलभराव की समस्या को जिला प्रशासन ने गंभीरता से लिया है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने आईटीबीपी रोड और सीमाद्वार क्षेत्र का औचक निरीक्षण कर जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। उन्होंने स्थानीय लोगों से बातचीत कर उनकी समस्याएं जानीं और अधिकारियों को तत्काल राहत के साथ स्थायी समाधान की दिशा में तेजी से काम करने के निर्देश दिए।

डीएम ने नगर निगम को 24 घंटे के भीतर सड़क किनारे नालियों में जमा मलबा और कूड़ा हटाने के निर्देश दिए। साथ ही डिवाटरिंग पंप के जरिए जमा पानी की निकासी सुनिश्चित करने को कहा। लोक निर्माण विभाग को भी सड़क पर यातायात सुचारू रखने के लिए आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि जब तक जलभराव की समस्या का तत्काल समाधान नहीं हो जाता, तब तक पटवारी सीमाद्वार क्षेत्र में ही रहकर स्थिति की निगरानी करेंगे। डिवाटरिंग कार्यों की नियमित मॉनिटरिंग के साथ स्थानीय स्तर पर सामने आने वाली समस्याओं का भी तुरंत निस्तारण किया जाएगा। जलभराव से राहत के लिए मौके पर ही आवश्यक बजट की स्वीकृति भी दी गई।

स्थायी समाधान के लिए बनेगी डीपीआर

डीएम ने लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को सीमाद्वार क्षेत्र की जलनिकासी व्यवस्था का विस्तृत सर्वे करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान के लिए ड्रेनेज सिस्टम की डीपीआर तैयार की जाए। अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया गया कि योजना केवल कागजों तक सीमित न रहे, बल्कि उसका समयबद्ध तरीके से धरातल पर क्रियान्वयन भी सुनिश्चित किया जाए।

जिलाधिकारी ने कहा कि बरसात के दौरान लोगों को आवागमन में परेशानी न हो, इसके लिए जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने अधिकारियों को चेतावनी दी कि जनसमस्याओं के निस्तारण में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

न्यूकैंट रोड पर अवैध पार्किंग और अतिक्रमण पर कार्रवाई

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने न्यूकैंट रोड पर यातायात व्यवस्था का भी जायजा लिया। सेंट्रियो मॉल क्षेत्र में सड़क के दोनों ओर अवैध रूप से खड़े दोपहिया और चौपहिया वाहनों को देखकर उन्होंने नाराजगी जताई। डीएम के निर्देश पर पुलिस ने मौके पर अवैध रूप से पार्क वाहनों के चालान किए।

सड़क किनारे संचालित अवैध फड़-फेरी और अस्थायी दुकानों को हटाने के भी निर्देश दिए गए। इसके अलावा सड़क पर स्पष्ट नो-पार्किंग संकेतक लगाने को कहा गया, ताकि यातायात व्यवस्था प्रभावित न हो।

लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता को न्यूकैंट रोड के चौड़ीकरण के लिए विस्तृत सर्वे कराने के निर्देश दिए गए। डीएम ने कहा कि सड़क चौड़ीकरण में बाधा बन रही पुलिस चेकपोस्ट और अन्य संरचनाओं को आवश्यकतानुसार शिफ्ट करने की कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों को आपसी समन्वय से अभियान चलाकर अतिक्रमण और अवैध पार्किंग के खिलाफ कार्रवाई करने तथा यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान उप जिलाधिकारी सदर अपूर्वा सिंह, अधीक्षण अभियंता लोनिवि ओपी सिंह, तहसीलदार सुरेंद्र देव समेत पुलिस, नगर निगम और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


20 अगस्त को चमोली में क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ आयोजित करेगा पी.आई.बी देहरादून

ग्रामीण क्षेत्रों तक केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी पहुंचाने पर होगा संवाद

कार्यशाला का उद्देश्य स्थानीय मीडिया और सरकार के बीच एक प्रभावी सेतु बनाए रखना है ताकि सरकारी योजनाओं की सही एवं प्रामाणिक जानकारी अंतिम छोर पर बैठे नागरिकों तक पहुंच सके

 इस वार्तालाप कार्यशाला में केंद्र सरकार द्वारा महिला, किसान सशक्तिकरण, युवा शक्ति, स्वास्थ्य सेवा एवं जीआई टैग पर चलाई जा रही योजनाओं पर विशेष फोकस रहेगा

 जिला पंचायत सभागार, गोपेश्वर, चमोली में आयोजित होगा ‘वार्तालाप’ कार्यक्रम

देहरादून – गुरुवार, 20 अगस्त 2026 को सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय, भारत सरकार के अंतर्गत पत्र सूचना कार्यालय (पी.आई.बी), देहरादून द्वारा चमोली जिले के गोपेश्वर में ग्रामीण एवं सीमावर्ती क्षेत्रों के प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक एवं डिजिटल मीडिया कर्मियों के लिए एक दिवसीय क्षेत्रीय मीडिया कार्यशाला ‘वार्तालाप’ का आयोजन किया जाएगा।

‘वार्तालाप’ पत्र सूचना कार्यालय का एक प्रमुख संवाद कार्यक्रम है, जिसका उद्देश्य दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत मीडिया कर्मियों को केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं, नीतियों एवं उपलब्धियों की प्रमाणिक और तथ्यपरक जानकारी उपलब्ध कराना है। कार्यशाला स्थानीय मीडिया और सरकार के बीच एक प्रभावी सेतु के रूप में कार्य करती है, ताकि सरकारी योजनाओं की सही एवं प्रामाणिक जानकारी अंतिम छोर पर बैठे नागरिकों तक पहुंच सके।

केंद्र सरकार की जनसेवा, सुशासन और गरीब कल्याण के गौरवशाली 12 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस विशेष ‘वार्तालाप’ कार्यक्रम में पिछले एक दशक से अधिक समय में देश के बुनियादी ढांचे एवं सामाजिक-आर्थिक क्षेत्र में हुए सकारात्मक बदलावों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।

पीआईबी देहरादून के सहायक निदेशक श्री संजीव सुंद्रियाल ने बताया कि इस कार्यशाला का मुख्य उद्देश्य सरकार के सूचना तंत्र और स्थानीय मीडिया जगत के बीच एक बेहतर और जीवंत संवाद स्थापित करना है ताकि केंद्र सरकार की जन-कल्याणकारी नीतियों को समाज के अंतिम छोर तक प्रभावी ढंग से पहुँचाया जा सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के सभी जिलों में इस तरह की कार्यशालाएं समय समय पर आयोजित की जाती रहेंगी, जिससे कि पत्रकारों को केंद्र सरकार द्वारा चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं की प्रगति और उससे होने वाले लाभ के विषय में सटीक जानकारी मिल सके।

इस वार्तालाप कार्यशाला में केंद्र सरकार द्वारा महिला, किसान सशक्तिकरण, युवा शक्ति, स्वास्थ्य सेवा एवं जीआई टैग, वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट पर चलाई जा रही योजनाओं पर विशेष फोकस रहेगा। इस कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञ, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी तथा अनुभवी पत्रकार प्रतिभाग करेंगे, जो विकासात्मक पत्रकारिता की भूमिका को रेखांकित करते हुए अपने बहुमूल्य विचार साझा करेंगे।

कार्यशाला में देश के विकास के चार प्रमुख स्तंभों—गरीब/वंचित, किसान, युवा और महिला सशक्तिकरण—पर विशेष रूप से चर्चा होगी। इसके अंतर्गत ई-20 ईंधन, प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना, स्वयं सहायता समूह, प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना, आयुष्मान भारत योजना-प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना, राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन, नशा मुक्त भारत अभियान, जीआई टैग तथा वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं एवं पहलों की जानकारी दी जाएगी।

कार्यशाला में स्थानीय मीडिया कर्मियों को संबंधित विभागों के विषय-विशेषज्ञों एवं अधिकारियों के साथ संवाद का अवसर भी मिलेगा, जिससे वे योजनाओं की कार्यप्रणाली और उनके स्थानीय स्तर पर प्रभाव को बेहतर ढंग से समझ सकेंगे।


ऋषिकेश: अवैध निर्माण पर एमडीडीए की सख्ती, बिना मानचित्र निर्माण को किया सील

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) की ओर से अवैध निर्माण एवं अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। प्राधिकरण उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी के निर्देशों के क्रम में एमडीडीए की टीम ने ऋषिकेश क्षेत्र में बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माण के विरुद्ध कार्रवाई करते हुए उसे सील कर दिया। सरला अग्रवाल, निवासी मनीराम मार्ग, गली नंबर-10, ऋषिकेश, जनपद देहरादून द्वारा बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण किया जा रहा था। प्रकरण का संज्ञान लेते हुए प्राधिकरण की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की गई और निर्माण स्थल को सील कर दिया गया। एमडीडीए ने स्पष्ट किया कि क्षेत्र में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य स्वीकृत मानचित्र और निर्धारित नियमों के अनुरूप ही किया जाना चाहिए। बिना अनुमति निर्माण अथवा अनधिकृत प्लाटिंग पाए जाने पर संबंधित के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। प्राधिकरण की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में निर्माण गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं।

नियमों का पालन नहीं करने वालों पर होगी कार्रवाई – बंशीधर तिवारी
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण के क्षेत्र में अवैध निर्माण और अनधिकृत प्लाटिंग के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। किसी भी व्यक्ति को बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करने की अनुमति नहीं दी जाएगी। ऋषिकेश में बिना स्वीकृत मानचित्र के किए जा रहे निर्माण को सील किया गया है। प्राधिकरण की टीमें नियमित रूप से क्षेत्र में निर्माण गतिविधियों की निगरानी कर रही हैं। आमजन से भी अपील है कि निर्माण शुरू करने से पहले मानचित्र स्वीकृत कराएं और प्राधिकरण के नियमों का पालन करें। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।

बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करना नियमों का उल्लंघन – मोहन सिंह बर्निया
प्राधिकरण क्षेत्र में अनधिकृत निर्माण और प्लाटिंग के मामलों में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। बिना स्वीकृत मानचित्र के निर्माण करना नियमों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही नहीं बरती जाएगी। आमजन स्वीकृत मानचित्र के अनुरूप ही निर्माण कार्य करें।


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