Friday, August 21st, 2026

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अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर

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अस्पताल की व्यवस्थाओं में सुधार और मरीजों को बेहतर सुविधाएं देने पर जोर

कोटद्वार:  विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने शुक्रवार को चंद्र मोहन सिंह नेगी राजकीय बेस चिकित्सालय, कोटद्वार में चिकित्सा प्रबंधन समिति की बैठक लेकर अस्पताल की व्यवस्थाओं एवं आवश्यकताओं की विस्तृत समीक्षा की।

बैठक में बिजली आपूर्ति, साफ-सफाई, सुरक्षा व्यवस्था, लैब टेक्नीशियन सहित आवश्यक मानव संसाधन तथा अन्य बुनियादी व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा की गई। विधानसभा अध्यक्ष ने मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल की व्यवस्थाओं को और अधिक प्रभावी एवं व्यवस्थित बनाने के निर्देश दिए।

इस दौरान चिकित्सालय में विभिन्न सेवाओं के लिए लिए जाने वाले शुल्क से प्राप्त धनराशि के उपयोग, भुगतान एवं अन्य वित्तीय व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। उन्होंने उपलब्ध संसाधनों का पारदर्शी एवं उचित उपयोग सुनिश्चित करने तथा मरीजों को किसी भी प्रकार की असुविधा न होने देने पर विशेष जोर दिया।

बैठक में जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति एस. भदौरिया ऑनलाइन माध्यम से जुड़ीं और चिकित्सालय से संबंधित विभिन्न विषयों पर चर्चा में सहभागिता की।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि चंद्र मोहन सिंह नेगी राजकीय बेस चिकित्सालय कोटद्वार क्षेत्र की महत्वपूर्ण स्वास्थ्य संस्था है। यहां आने वाले मरीजों को बेहतर उपचार, स्वच्छ वातावरण और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। चिकित्सालय की व्यवस्थाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।

बैठक में अपर जिलाधिकारी फिंचाराम चौहान, उपजिलाधिकारी कोटद्वार संदीप कुमार, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक विजय सिंह, मुख्य प्रशासनिक अधिकारी सुनील कुमार भंडारी, कोष अधिकारी भुवनेश चंद्र, गणेश गौड़, विधायक प्रतिनिधि जितेंद्र नेगी, प्रमोद केष्टवाल, रजत भट्ट सहित अन्य लोग उपस्थित रहे।


एसआईआर अभियान को पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से पूरा करने के निर्देश

बागेश्वर। मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध ढंग से संपन्न कराने के लिए शुक्रवार को जिलाधिकारी एवं जिला निर्वाचन अधिकारी अपूर्वा पाण्डे की अध्यक्षता में मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों के साथ समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में एसआईआर की प्रगति के साथ ही दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई की स्थिति की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे। प्राप्त दावे एवं आपत्तियों का नियमानुसार निष्पक्ष एवं समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने राजनीतिक दलों के प्रतिनिधियों से अपील की कि यदि किसी पात्र व्यक्ति का नाम मतदाता सूची में शामिल होने से छूट गया है, तो इसकी जानकारी संबंधित एईआरओ के संज्ञान में लाएं।

उन्होंने बीएलए को भी प्रतिदिन सुनवाई के दौरान उपस्थित रहने के निर्देश दिए, ताकि एसआईआर की पूरी प्रक्रिया पारदर्शी, निष्पक्ष एवं विश्वासपूर्ण वातावरण में संपादित हो सके।

अपर जिलाधिकारी एनएस नबियाल ने बताया कि निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जनपद की दोनों विधानसभा क्षेत्रों में 31 अगस्त 2026 तक दावे एवं आपत्तियों की सुनवाई की जा रही है। जनपद में जारी 42,426 नोटिसों के सापेक्ष 29,384 नोटिसों पर सुनवाई पूर्ण कर ली गई है। शेष नोटिसों पर निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार सुनवाई की कार्रवाई जारी है।


खुर्जा में LLB छात्र पर रॉड और फरसे से हमला, सात नामजद के खिलाफ मुकदमा

खुर्जा (बुलंदशहर)। खुर्जा के मुरारीनगर इलाके में एलएलबी के अंतिम वर्ष के छात्र पर कुछ लोगों ने लोहे की रॉड और फरसे से हमला कर दिया। हमले में छात्र के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें आईं और वह मौके पर ही बेहोश हो गया। घायल को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मामले में पुलिस ने सात नामजद आरोपितों समेत अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है।

मुरारीनगर निवासी अनिल शर्मा के अनुसार, गुरुवार रात वह अपने दोस्तों अंकुर चौधरी और यशविंदर के साथ गली में सीढ़ियों पर बैठे थे। इसी दौरान करीब साढ़े आठ बजे दो कारें वहां आकर रुकीं। आरोप है कि कारों से उतरे लोगों ने अंकुर के साथ मारपीट शुरू कर दी और रॉड व फरसे से उस पर हमला किया।

अनिल और यशविंदर ने बीच-बचाव करने की कोशिश की तो आरोपितों ने उन्हें भी धमकाया और जान से मारने की धमकी दी। हमले में अंकुर के सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें लगीं, जिसके बाद वह बेहोश होकर गिर पड़ा। घटना के बाद आरोपित मौके से फरार हो गए।

घायल छात्र को उपचार के लिए कैलाश अस्पताल ले जाया गया। सूचना पर पुलिस भी अस्पताल पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई।

सीओ शोभित कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर गांव बगराई निवासी निशांत, सौरभ, कृष्णा, भूपेंद्र चौधरी, लाखन तथा झमका निवासी करन और प्रशांत के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


अमरोहा में पांच दिन से लापता तीन साल की बच्ची का तालाब में मिला शव, गले पर निशान

अमरोहा। ढकिया चमन गांव में पांच दिन से लापता तीन वर्षीय बच्ची का शव शुक्रवार सुबह घर से करीब 800 मीटर दूर एक तालाब में मिला। शव घास में फंसा हुआ था। बच्ची की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

गांव निवासी मोहम्मद रजा की तीन साल की बेटी अमायरा सोमवार सुबह घर के सामने से अचानक लापता हो गई थी। परिवार और ग्रामीणों ने आसपास के इलाकों में उसकी काफी तलाश की, लेकिन बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल पाया था। पुलिस भी उसकी तलाश में जुटी हुई थी।

शुक्रवार सुबह करीब नौ बजे तालाब के पास रहने वाली किशोरी सोनम को वहां से दुर्गंध महसूस हुई। उसने पास में मौजूद ऑटो चालक रियाज को इसकी जानकारी दी। रियाज ने डंडे की मदद से तालाब में घास हटाई तो पानी में बच्ची की टांग दिखाई दी। इसके बाद लोगों ने मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकाला।

पानी में कई दिनों तक पड़े रहने के कारण बच्ची का शव फूल चुका था। उसके गले पर भी निशान बताए जा रहे हैं। शव मिलने की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच शुरू की।

जिस समय बच्ची का शव मिला, उस दौरान पुलिस गांव के अन्य घरों में तलाशी अभियान की तैयारी कर रही थी। बच्ची के परिजनों और ग्रामीणों ने हत्या की आशंका जताते हुए मामले की गहन जांच की मांग की है।

एसपी लखन सिंह यादव ने बताया कि बच्ची की मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।


श्रीनगर में 3 करोड़ की लागत से बनेगी अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी, छात्रों को मिलेंगी आधुनिक सुविधाएं

श्रीनगर में निर्माणाधीन ई-लाइब्रेरी का मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने किया निरीक्षण

पौड़ी। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं और विद्यार्थियों के लिए श्रीनगर क्षेत्र में अध्ययन की आधुनिक सुविधा जल्द उपलब्ध होने वाली है। करीब तीन करोड़ रुपये की लागत से निर्माणाधीन अत्याधुनिक ई-लाइब्रेरी का शुक्रवार को शिक्षा मंत्री एवं स्थानीय विधायक डॉ. धन सिंह रावत ने निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति का जायजा लेते हुए प्रस्तावित सुविधाओं की जानकारी ली।

निरीक्षण के दौरान कैबिनेट मंत्री ने कार्यदायी संस्था पेयजल निर्माण निगम के अधिकारियों को भवन निर्माण में गुणवत्ता के मानकों का पूरी तरह पालन करने और काम को निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ई-लाइब्रेरी विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए आधुनिक संसाधन और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार की जा रही है।

ई-लर्निंग और अध्ययन कक्ष की होगी सुविधा

ई-लाइब्रेरी में विद्यार्थियों के लिए विभिन्न विषयों की पुस्तकें, ई-लर्निंग की सुविधा और पर्याप्त अध्ययन कक्ष उपलब्ध कराए जाएंगे। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं के लिए विशेष रूप से अनुकूल अध्ययन माहौल विकसित किया जाएगा। यहां छात्र शांत और व्यवस्थित वातावरण में नियमित पढ़ाई कर सकेंगे।

दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए भी सुगम होगा भवन

ई-लाइब्रेरी के निर्माण में दिव्यांग विद्यार्थियों की सुविधा का भी ध्यान रखा जा रहा है। भवन में रैंप समेत आवश्यक सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि दिव्यांग छात्र भी आसानी से अध्ययन केंद्र का इस्तेमाल कर सकें।

श्रीनगर के साथ कीर्तिनगर-चौरास के छात्रों को भी लाभ

डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि यह ई-लाइब्रेरी केवल श्रीनगर तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि कीर्तिनगर और चौरास क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए भी महत्वपूर्ण अध्ययन केंद्र के रूप में काम करेगी। प्रतियोगी परीक्षाओं के अलावा उच्च शिक्षा से जुड़े अध्ययन के लिए भी छात्र यहां सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे। इससे क्षेत्र के हजारों विद्यार्थियों को फायदा मिलने की उम्मीद है।

खंड शिक्षा अधिकारी खिर्सू अश्वनी रावत ने बताया कि क्षेत्र में ई-लाइब्रेरी का निर्माण विद्यार्थियों के लिए उपयोगी पहल है। खासकर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं को इससे बेहतर अध्ययन सुविधा मिलेगी। उन्होंने बताया कि श्रीनगर के साथ कोटद्वार में भी इसी तरह की ई-लाइब्रेरी का निर्माण कराया जा रहा है।


कुणाल खेमू की ‘वाइब’ का टीजर जारी, स्पाई मिशन में दिखेगा कॉमेडी और एक्शन का तड़का

कुणाल खेमू एक बार फिर अपने अलग अंदाज से दर्शकों का मनोरंजन करने के लिए तैयार हैं। उनकी अपकमिंग फिल्म ‘वाइब’ का टीजर शुक्रवार को जारी कर दिया गया है। टीजर में एक्शन, कॉमेडी और जासूसी की दुनिया का दिलचस्प मिश्रण देखने को मिल रहा है। खास बात यह है कि फिल्म बॉलीवुड की स्पाई फिल्मों के गंभीर अंदाज को मजेदार तरीके से पेश करती नजर आ रही है।

प्रीति जिंटा निभा रही हैं खुफिया अधिकारी का किरदार

टीजर में प्रीति जिंटा एक खुफिया एजेंसी की अधिकारी के रूप में दिखाई देती हैं। एजेंसी को देश में संभावित आतंकी हमले की जानकारी मिलती है। इसके बाद मिशन को अंजाम देने के लिए हार्दिक और बग्स नाम के दो युवाओं को चुना जाता है।

हार्दिक का किरदार कुणाल खेमू निभा रहे हैं, जबकि बग्स के रोल में स्पर्श श्रीवास्तव नजर आते हैं। दोनों को एजेंट बनने की ट्रेनिंग दी जाती है। जहां स्पर्श का किरदार गंभीर नजर आता है, वहीं कुणाल का किरदार लापरवाह और मजाकिया अंदाज में दिखाई देता है।

स्पाई फिल्मों की दुनिया पर मजेदार अंदाज

‘वाइब’ के टीजर में बॉलीवुड की चर्चित स्पाई फिल्मों की शैली को कॉमेडी के साथ पेश करने की कोशिश की गई है। फिल्म में आम जिंदगी जीने वाले युवाओं को अचानक एक बड़े और गंभीर मिशन का हिस्सा बनते दिखाया गया है। एक्शन सीक्वेंस के साथ कई ऐसे दृश्य भी हैं, जो दर्शकों को हंसाने का काम करते हैं।

टीजर में कुणाल खेमू, प्रीति जिंटा और स्पर्श श्रीवास्तव के अलावा भोजपुरी अभिनेता निरहुआ और यशपाल शर्मा की भी झलक देखने को मिलती है। फिल्म से डेब्यू करने जा रहीं वंशिका धीर की भूमिका को लेकर फिलहाल टीजर में ज्यादा जानकारी सामने नहीं आई है।

कुणाल खेमू ने संभाली निर्देशन की कमान

‘वाइब’ की कहानी लिखने के साथ इसका निर्देशन भी कुणाल खेमू ने किया है। फिल्म का निर्माण कुणाल खेमू और चिराग निहलानी मिलकर ड्रोगो फिल्म्स के बैनर तले कर रहे हैं। फिल्म में स्पाई थ्रिलर के साथ कॉमेडी और एक्शन का मिश्रण देखने को मिलेगा।

इस दिन सिनेमाघरों में आएगी फिल्म

मेकर्स ने ‘वाइब’ की रिलीज डेट भी घोषित कर दी है। यह फिल्म 18 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी। टीजर के बाद अब दर्शकों की नजर फिल्म के ट्रेलर और इसके किरदारों के बीच की केमिस्ट्री पर है।


पौड़ी में सीता सर्किट के विकास की तैयारी तेज, पहले चरण के लिए 78 लाख रुपये मंजूर

पौड़ी। उत्तराखंड सरकार की मुख्यमंत्री घोषणा के तहत जिले में सीता सर्किट के समग्र विकास की प्रक्रिया तेज हो गई है। इसी क्रम में जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने शुक्रवार को संबंधित विभागों, कार्यदायी संस्था, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय हितधारकों के साथ बैठक कर सर्किट से जुड़े धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास की कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की।

बैठक में सितोनस्यूं पट्टी के विदाकुटी मंदिर, फलस्वाड़ी सीता माता मंदिर, वाल्मीकि मंदिर और देवल स्थित लक्ष्मण मंदिर समेत अन्य प्रमुख स्थलों के विकास पर मंथन किया गया। सीता सर्किट के प्रथम चरण के लिए 78 लाख रुपये की स्वीकृति मिल चुकी है। इस राशि से धार्मिक स्थलों के विकास के साथ श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी।

स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी ने कहा कि सीता सर्किट का विकास पौड़ी की धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।

प्रथम चरण के तहत मंदिर परिसरों में रामायण से जुड़े प्रसंगों पर आधारित म्यूरल, वॉल म्यूरल और स्कल्पचर लगाए जाएंगे। इसके अलावा दिशा-सूचक साइनेज, वाटर एटीएम, मंदिरों की मरम्मत, रंग-रोगन और अन्य आवश्यक यात्री सुविधाओं का विकास किया जाएगा। देवल स्थित लक्ष्मण मंदिर में पहले चरण में साइनेज लगाए जाएंगे, जबकि पार्किंग की व्यवस्था दूसरे चरण में प्रस्तावित है।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सभी धार्मिक स्थलों से जुड़ी पौराणिक और ऐतिहासिक जानकारियों को प्रमाणिक एवं आकर्षक तरीके से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने कहा कि मंदिर परिसरों का विकास वहां के प्राकृतिक और आध्यात्मिक वातावरण को ध्यान में रखते हुए किया जाना चाहिए। अनावश्यक निर्माण और अत्यधिक सजावट से बचते हुए श्रद्धालुओं के लिए उपयोगी सुविधाओं को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए गए।

उन्होंने मंदिरों की वास्तविक तस्वीरों के आधार पर डिजाइन तैयार करने, परिक्रमा पथ विकसित करने और परिसर को खुला, स्वच्छ एवं व्यवस्थित रखने पर जोर दिया। सोलर पैनल भी इस तरह लगाने को कहा गया कि मंदिर परिसर की सुंदरता प्रभावित न हो।

साइट प्लान में अपेक्षित थ्री-डी डिजाइन और वॉक-थ्रू उपलब्ध नहीं होने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने बेहतर डिजाइन के लिए एक से अधिक आर्किटेक्ट से थ्री-डी डिजाइन और वॉक-थ्रू तैयार कराने तथा उनमें से बेहतर विकल्प का चयन कर आगे की कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

बैठक में फलस्वाड़ी सीता माता मंदिर से जुड़े भूमि मामलों की भी समीक्षा हुई। भूसमाधि स्थल के लिए भूमि दान करने पर सहमति बनने की जानकारी दी गई, जबकि धर्मशाला के लिए भूमि उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी है। मंदिर के बाईं ओर म्यूरल के लिए भूमि उपलब्ध कराने पर भी सहमति बनी। वहीं, कोटसाड़ा स्थित वाल्मीकि मंदिर के साइट प्लान की समीक्षा करते हुए संयुक्त मजिस्ट्रेट को मौके पर जाकर भूमि की स्थिति स्पष्ट करने और आवश्यक रिपोर्ट उपलब्ध कराने को कहा गया।

जिलाधिकारी ने संबंधित मंदिरों की भूमि का सर्वे कर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश भी दिए। अधिकारियों को मानचित्र लेकर गांवों में मौके पर जाकर भूमि का सत्यापन करने और साइट प्लान में उसकी स्थिति स्पष्ट करते हुए सोमवार तक रिपोर्ट प्रस्तुत करने को कहा गया।

दूसरे चरण के लिए भी विस्तृत कार्ययोजना तैयार की जाएगी। इसमें फलस्वाड़ी सीता माता मंदिर तक संपर्क मार्ग, सड़क निर्माण के लिए आवश्यक मुआवजा, देवल स्थित लक्ष्मण मंदिर में पार्किंग, सीता माता मंदिर में धर्मशाला और विभिन्न मंदिर परिसरों के लिए आवश्यक भूमि समेत अन्य आधारभूत सुविधाओं को शामिल किया जाएगा। जिलाधिकारी ने भूमि संबंधी सहमति और मुआवजे के आकलन से जुड़े मामलों को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में संबंधित गांवों के ग्राम प्रधानों और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी सुझाव लिए गए। इस दौरान जिला पर्यटन विकास अधिकारी कमल किशोर जोशी, एचएनबी गढ़वाल केंद्रीय विश्वविद्यालय से डॉ. सर्वेश उनियाल, जीएमवीएन के अरुण चमोली सहित संबंधित अधिकारी और स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।


युवा सिर्फ रोजगार पाने वाले नहीं, देने वाले भी बनें- रेखा आर्या

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने युवा संवाद कार्यक्रम में युवाओं से किया सीधा संवाद

अल्मोड़ा। सोमेश्वर विधानसभा क्षेत्र के मजखाली मंडल में आयोजित युवा संवाद कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने युवाओं से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश सरकार युवाओं को शिक्षा, रोजगार, खेल और स्वरोजगार के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है। सरकार का लक्ष्य है कि युवाओं को उनकी प्रतिभा और क्षमता के अनुरूप बेहतर अवसर मिलें, ताकि वे आत्मनिर्भर बनने के साथ प्रदेश के विकास में भी योगदान दे सकें।

युवाओं को अधिकारों के साथ कर्तव्यों की भी जानकारी हो

रेखा आर्या ने कहा कि युवा देश की सबसे बड़ी ताकत हैं और भारत का भविष्य युवाओं के हाथों में है। उन्होंने कहा कि भारत तेजी से वैश्विक स्तर पर अपनी मजबूत पहचान बना रहा है और आने वाले समय में देश की भूमिका और महत्वपूर्ण होगी। ऐसे में युवाओं की जिम्मेदारी भी बढ़ जाती है।

उन्होंने युवाओं से अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने के साथ समाज और राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों को भी पूरी जिम्मेदारी से निभाने की अपील की।

रोजगार मांगने के बजाय रोजगार देने पर जोर

कैबिनेट मंत्री ने कहा कि लोकतंत्र में अधिकार और कर्तव्य एक-दूसरे से जुड़े हैं। युवाओं को न केवल अपने अधिकारों की जानकारी होनी चाहिए, बल्कि उन्हें समाज और देश के प्रति अपनी जिम्मेदारियों को भी समझना होगा।

उन्होंने युवाओं से स्वरोजगार और उद्यमिता की दिशा में आगे बढ़ने का आह्वान करते हुए कहा कि युवा सिर्फ नौकरी तलाशने तक सीमित न रहें, बल्कि खुद रोजगार खड़ा कर दूसरे लोगों के लिए भी अवसर पैदा करें।

युवा शक्ति को केंद्र में रखकर आगे बढ़ रहा देश

रेखा आर्या ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार युवा शक्ति को विकास की मुख्य धुरी मानकर काम कर रही है। उत्तराखंड में भी युवाओं के सर्वांगीण विकास के लिए विभिन्न योजनाओं और कार्यक्रमों के जरिए अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि देश का भविष्य उज्ज्वल है और भारत आने वाले समय में नई ऊंचाइयों तक पहुंचेगा। उन्होंने युवाओं से राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने और अपनी ऊर्जा व प्रतिभा का सकारात्मक दिशा में उपयोग करने का आह्वान किया।

कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष महेश नयाल, मंडल अध्यक्ष दीपक बौरा, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, गोपाल खोलिया, राज अधिकारी, दीपक रावत, मिथिलेश वर्मा, मंटू वर्मा, कैलाश बिष्ट, दिनेश वर्मा, राजू रावत, गणेश रौतेला और नवीन अधिकारी सहित अन्य लोग मौजूद रहे।


मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल- 2026 में सीएम धामी ने किया लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों का सम्मान

देहरादून के 13 गांव में खोला जाएगा स्वयं सहायता समूहों के उत्पाद विपणण के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र

देहरादून। उत्तराखंड में ग्रामीण उद्यमिता और स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने की दिशा में सरकार ने एक और कदम आगे बढ़ाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने शुक्रवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय स्थित मुख्य सेवक सदन में ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना’ के तहत चौपाल-2026 का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने देहरादून के आईटी पार्क स्थित 13 गांव में प्रदेश के सभी 13 जिलों के स्वयं सहायता समूहों के उत्पादों की बिक्री के लिए राज्य स्तरीय विपणन केंद्र स्थापित करने की घोषणा की।

13 हजार से अधिक उद्यमियों को मिला सहयोग

मुख्यमंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री उद्यमशाला योजना के माध्यम से अब तक प्रदेश में 13 हजार से अधिक उद्यमियों को सहायता दी जा चुकी है। वहीं, 8 हजार से ज्यादा महिला उद्यमियों और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को उद्यमिता एवं आजीविका के अवसरों से जोड़ा गया है। योजना के तहत ग्रामीण उद्यमियों को कारोबार शुरू करने और उसे आगे बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण, आर्थिक सहायता, तकनीकी मार्गदर्शन और बाजार उपलब्ध कराने में मदद दी जा रही है।

रोजगार मांगने वाले नहीं, रोजगार देने वाले बनें युवा

कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड के गांव अब विकास में भागीदार बनने के साथ आत्मनिर्भर प्रदेश के निर्माण में भी अहम भूमिका निभा रहे हैं। युवाओं और मातृशक्ति के हुनर को सही दिशा और बाजार उपलब्ध कराने की जरूरत है। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश का युवा रोजगार तलाशने वाला नहीं, बल्कि दूसरों को रोजगार देने वाला बने। साथ ही किसानों और महिलाओं की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया जाए।

5 लाख से अधिक महिलाएं SHG से जुड़ीं

मुख्यमंत्री ने बताया कि राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत प्रदेश में 5 लाख से अधिक ग्रामीण महिलाओं को 70 हजार से ज्यादा स्वयं सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका है। इनमें 3 लाख से अधिक महिलाएं लखपति दीदी बनने में सफल रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश की महिलाएं पहाड़ी मसालों, मंडुवा, झंगोरा, दाल, शहद, अचार, जैम, हस्तशिल्प, ऊनी उत्पाद और स्थानीय कला को कारोबार का रूप दे रही हैं।

‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ से स्थानीय उत्पादों को मिलेगा बाजार

मुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार उत्तराखंड के ग्रामीण उत्पादों को देश के बड़े बाजारों तक पहुंचाने के लिए काम कर रही है। इसी उद्देश्य से ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ नामक अंब्रेला ब्रांड तैयार किया गया है। सरकार का प्रयास है कि उत्तराखंड का कोई उत्पाद खरीदने पर लोगों को उसमें पहाड़ की मेहनत, संस्कृति, परंपरा और मिट्टी की पहचान महसूस हो।

इसके लिए ग्रामीण हाट, विपणन केंद्र, कलेक्शन सेंटर और एग्री सर्विस सेंटर जैसी व्यवस्थाओं को मजबूत किया जा रहा है, ताकि किसानों और ग्रामीण उद्यमियों को अपने उत्पादों का बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल सके।

ग्रामीण उद्यमिता से पलायन रोकने पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि ग्रामीण उद्यमिता को बढ़ावा देने का एक प्रमुख उद्देश्य प्रदेश से पलायन को रोकना भी है। सरकार चाहती है कि युवाओं को रोजगार के लिए अपने गांव छोड़ने की मजबूरी न हो। उन्होंने कहा कि गांव मजबूत होंगे तो उत्तराखंड भी मजबूत होगा।

इसी दिशा में ग्रामोत्थान परियोजना (रीप) के माध्यम से अति-निर्धन ग्रामीण परिवारों को आजीविका से जोड़ने और गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ाने का काम किया जा रहा है।

सभी 13 जिलों में आयोजित होंगी उद्यमशाला चौपाल

मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के सभी 13 जिलों में ‘मुख्यमंत्री उद्यमशाला चौपाल’ आयोजित की जा रही हैं। इनका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को सरकारी योजनाओं की जानकारी देना और उन्हें योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित करना है। इसके साथ ही योजना की जानकारी गांव-गांव तक पहुंचाने के लिए प्रचार वैन भी संचालित की जा रही हैं।

लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों का सम्मान

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने लखपति दीदियों और महिला उद्यमियों को सम्मानित किया। इसके अलावा उत्तराखंड राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन की पुस्तक और वार्षिक रिपोर्ट का विमोचन किया गया। एकीकृत कृषि क्लस्टर आधारभूत प्रशिक्षण एवं मॉड्यूल, शिशु एवं लघु बाल आहार मॉड्यूल तथा महिलाओं और बच्चों में एनीमिया की रोकथाम एवं प्रबंधन संबंधी मॉड्यूल का भी लोकार्पण किया गया।

कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री भरत चौधरी, गणेश जोशी, खजान दास, राज्यसभा सांसद नरेश बंसल, विधायक उमेश शर्मा काऊ, विधायक सविता कपूर, सचिव ग्राम्य विकास धीराज गर्ब्याल समेत संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।


बलिया में आभूषण कारोबारी से लूट का खुलासा, छह गिरफ्तार; तीन आरोपितों की तलाश जारी

बलिया। नरही थाना क्षेत्र में आभूषण कारोबारी से हुई लूट की वारदात का पुलिस ने छह दिन बाद खुलासा कर दिया। सर्विलांस, स्वाट और नरही पुलिस की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपितों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 86,400 रुपये नकद, दो मोटरसाइकिल, आठ मोबाइल फोन, दो जोड़ी पायल, दो नाक की कील, एक तमंचा, .315 बोर के दो कारतूस और दो चाकू बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक वारदात में कुल नौ लोग शामिल थे। इनमें से तीन अभी फरार हैं और उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। जांच के दौरान बिहार निवासी आभूषण कारोबारी लड्डू सेठ उर्फ चंद्र प्रकाश वर्मा की भूमिका भी सामने आई है। पुलिस का आरोप है कि उसने कथित तौर पर लूट की साजिश में मदद करते हुए आरोपितों को दुकान और आने-जाने के रास्ते की जानकारी दी थी। पुलिस इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के जरिए इस भूमिका की पुष्टि कर रही है।

पुलिस के अनुसार 15 अगस्त की शाम उजियार निवासी आभूषण कारोबारी आशीष वर्मा दुकान बंद कर अपने बेटे के साथ मोटरसाइकिल से घर लौट रहे थे। भरौली-गाजीपुर मार्ग पर करीब साढ़े सात बजे दो मोटरसाइकिलों से पहुंचे बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। कारोबारी के पास मौजूद बैग में आभूषण और नकदी थी, जिसे बदमाश छीनकर फरार हो गए। मामले में 16 अगस्त को नरही थाने में अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था।

पुलिस की जांच में सामने आया कि आरोपितों ने वारदात से पहले 13 अगस्त को कारोबारी की दुकान और उसके घर जाने वाले रास्ते की रेकी की थी। पुलिस के अनुसार विकास प्रधान, राजू चौरसिया, कृष्ण कुमार उर्फ धनु यादव और अमन महतो दो मोटरसाइकिलों से मौके पर पहुंचे और बैग छीनने की वारदात को अंजाम दिया। वहीं अन्य आरोपितों पर रेकी और मुखबिरी में सहयोग करने का आरोप है।

पुलिस अधीक्षक ओमवीर सिंह के निर्देश पर सर्विलांस और स्वाट टीम ने घटनास्थल से लेकर कारोबारी की दुकान और घर तक के रास्ते में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसके साथ ही डंप डाटा और वीटीएस डाटा का भी विश्लेषण किया गया। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने नौ संदिग्धों को चिह्नित किया और उनकी गतिविधियों पर नजर रखी।

इसी क्रम में 20 अगस्त की रात करीब 9:05 बजे बघौना मोड़ के पास घेराबंदी कर दो मोटरसाइकिलों पर सवार चार आरोपितों को पकड़ा गया। पूछताछ के बाद दो अन्य आरोपितों को भी गिरफ्तार किया गया।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार राजू चौरसिया के खिलाफ पहले से हत्या के प्रयास, डकैती की तैयारी और लूट से जुड़े मामले दर्ज हैं। वहीं मदन कुमार वर्मा के खिलाफ बिहार में बैंक लूट समेत कई आपराधिक मामले बताए गए हैं। अन्य आरोपितों के खिलाफ भी चोरी, हत्या और शस्त्र अधिनियम से जुड़े मामलों की जानकारी पुलिस को मिली है। इनका आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।

पुलिस ने गिरफ्तारी, बरामदगी और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों के आधार पर मुकदमे में बीएनएस की धारा 61(2) क और 317(2) की बढ़ोतरी की है। फरार तीन आरोपितों की गिरफ्तारी के साथ पुलिस लूट की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक ने मामले का खुलासा करने वाली टीम को 25 हजार रुपये का नकद पुरस्कार देने की घोषणा की है।


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