Friday, August 21st, 2026

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पंचकूला में छह साल पुराने हत्या मामले में दोषी को उम्रकैद, छह हजार रुपये जुर्माना

Monthly Archives: August 2026

पंचकूला में छह साल पुराने हत्या मामले में दोषी को उम्रकैद, छह हजार रुपये जुर्माना

पंचकूला। रॉड और पत्थरों से हमला कर एक व्यक्ति की हत्या करने के करीब छह साल पुराने मामले में जिला अदालत ने दोषी प्रवेश चौरसिया को उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने उस पर छह हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। दोषी गिरफ्तारी के बाद से अंबाला जेल में बंद है।

मामला चंडीमंदिर स्थित केके स्टोन क्रशर के पास का है। यहां रहने वाले 60 वर्षीय विष्णुनाथ चावला की हत्या की गई थी। विष्णुनाथ मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गोरखपुर के रहने वाले थे और करीब 15 वर्षों से पंचकूला में रहकर मजदूरी करते थे। वह पेट्रोल पंप के पास एक टिन के कमरे में रहते थे।

मामले में शिकायतकर्ता और क्रशर के मुंशी उमाकांत ने पुलिस को बताया था कि आरोपी प्रवेश चौरसिया अक्सर विष्णुनाथ के पास आता-जाता था। दोनों के बीच जान-पहचान थी और वे साथ बैठकर शराब भी पीते थे। तीन जून 2020 की शाम उमाकांत ने प्रवेश को विष्णुनाथ के साथ देखा था।

अगली सुबह जब उमाकांत क्रशर से विष्णुनाथ के कमरे की ओर गया तो वहां दरवाजे के आसपास और बाहर खून बिखरा हुआ मिला। कमरे में विष्णुनाथ मौजूद नहीं थे। आसपास तलाश करने पर करीब 50 फीट दूर झाड़ियों में उनका शव अर्धनग्न अवस्था में मिला।

शव के सिर पर गंभीर चोट के निशान थे और चेहरा बुरी तरह क्षतिग्रस्त था। घटनास्थल से खून से सने कुछ पत्थर भी बरामद हुए। कमरे में मांस की हड्डियां, शराब और बीयर की खाली बोतलें भी मिली थीं।

उमाकांत ने पुलिस को दी शिकायत में आरोप लगाया था कि प्रवेश चौरसिया ने रॉड और पत्थरों से हमला कर विष्णुनाथ की हत्या की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज किया और चार जून 2020 को प्रवेश चौरसिया को गिरफ्तार कर लिया था।

अदालत में चली सुनवाई के बाद अब दोषी को उम्रकैद की सजा सुनाई गई है। साथ ही उस पर छह हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है।


मुक्तसर में किराए के मकान से पुरुष और महिला के शव बरामद, जांच में जुटी पुलिस

 मुक्तसर। थांदेवाला रोड स्थित नामदेव नगर की गली नंबर चार में वीरवार शाम उस समय हड़कंप मच गया, जब एक किराए के मकान के एक कमरे से पुरुष और महिला के शव मिले। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर मामले की जांच शुरू कर दी है।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान 47 वर्षीय जसविंदर सिंह पुत्र गिरधारी लाल, निवासी गांव बाम के रूप में हुई है। वह पिछले करीब पांच-छह वर्षों से इस मकान में किराए पर रह रहा था। कमरे से बरामद महिला की पहचान 40 वर्षीय सुखप्रीत कौर निवासी तपाखेड़ा के रूप में हुई है।

पुलिस ने कमरे का दरवाजा खोलकर जांच की तो जसविंदर सिंह का शव छत वाले पंखे से लटका हुआ मिला, जबकि सुखप्रीत कौर का शव पास रखी चारपाई पर पड़ा था। एक ही कमरे से दोनों के शव मिलने के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कई पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है।

घटना की सूचना के बाद फोरेंसिक टीम को भी मौके पर बुलाया गया। टीम ने कमरे से फिंगरप्रिंट, जैविक नमूने समेत अन्य जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि महिला वहां कब से मौजूद थी और दोनों के बीच किस तरह का संबंध था।

थाना सिटी प्रभारी रविंदर कौर के मुताबिक प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सुखप्रीत कौर की शादी जसविंदर सिंह के गांव में हुई थी और वह दवा लेने के लिए गांव से आई थी। फिलहाल महिला के परिजन इस मामले में कोई टिप्पणी नहीं कर रहे हैं।

पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए सरकारी अस्पताल भेज दिया है। थाना प्रभारी के अनुसार फिलहाल भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 174 के तहत कार्रवाई की जा रही है। पोस्टमार्टम और चिकित्सकीय जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों और मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


ओला-उबर टैक्सी चलाने की आड़ में बाइक चोरी, नोएडा पुलिस ने गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार

नोएडा। सेक्टर-39 थाना पुलिस ने एनसीआर में दोपहिया वाहन चोरी करने वाले एक गिरोह का खुलासा करते हुए चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से दिल्ली, नोएडा, गुरुग्राम और चंडीगढ़ से चोरी की गई 12 बाइक, एक वैगनआर कार और दो चाकू बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना दीपांशु है।

पुलिस ने बताया कि आरोपितों को बृहस्पतिवार को स्टेलर पार्क के पास से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान मैनपुरी के नेका मऊ गांव निवासी रवि प्रताप, प्रशांत सिंह, दीपांशु और सकत गांव निवासी विमल शाक्य के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सभी आरोपित आठवीं कक्षा तक पढ़े हैं।

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि वे ओला-उबर के लिए टैक्सी चलाते थे। टैक्सी चलाने के दौरान वे अलग-अलग इलाकों में घूमते थे और इसी की आड़ में दोपहिया वाहनों को चोरी करने का मौका तलाशते थे। चोरी की गई बाइकों को करीब आठ से 10 हजार रुपये में बेच दिया जाता था।

पुलिस के मुताबिक गिरोह का सरगना दीपांशु बताया गया है, जबकि बरामद वैगनआर कार विमल शाक्य के नाम से जुड़ी है। आरोपित चोरी के दौरान किसी के पकड़ने या विरोध करने पर डराने-धमकाने के लिए चाकू अपने पास रखते थे।

पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और चोरी के वाहनों को खरीदने वालों के बारे में जानकारी जुटा रही है। बरामद 12 बाइक किन-किन स्थानों से चोरी की गई थीं, इसका सत्यापन भी किया जा रहा है।


मुजफ्फरपुर में मां पर ढाई साल के बेटे को जहर देकर मारने का आरोप, पुलिस ने किया गिरफ्तार

रामपुर हरि (मुजफ्फरपुर)। रामपुरहरि थाना क्षेत्र के टेंगराहां उत्तर टोला गांव में एक ढाई साल के बच्चे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। बच्चे के दादा ने अपनी बहू पर बिस्किट में जहरीला पदार्थ मिलाकर मासूम को खिलाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपित महिला को गिरफ्तार कर लिया है।

मृतक बच्चे की पहचान आर्यन के रूप में हुई है। उसके दादा कैलाश राम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि गुरुवार दोपहर करीब डेढ़ बजे घर के बड़े सदस्य काम के सिलसिले में बाहर गए थे। इसी दौरान आरती कुमारी बच्चे को लेकर घर से करीब 200 मीटर दूर एक गाछी में चली गई।

आरोप है कि वहां महिला ने बिस्किट में जहरीला पदार्थ मिलाकर बच्चे को खिला दिया। कुछ देर बाद मासूम की तबीयत बिगड़ गई। महिला के रोने की आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक बच्चे की मौत हो चुकी थी।

परिजनों के अनुसार आरती कुमारी की शादी करीब सात वर्ष पहले अखिलेश राम से हुई थी। अखिलेश पंजाब में मजदूरी करता है। बताया गया है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होता था। महिला करीब 15 दिन पहले मायके गई थी और बुधवार को ही ससुराल वापस लौटी थी। पुलिस इस पारिवारिक विवाद के पहलू की भी जांच कर रही है।

सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जांच कराई। थानाध्यक्ष अंजलि कुमारी के अनुसार मौके से एक जहर की शीशी और बिस्किट का पैकेट बरामद किया गया है। एफएसएल टीम ने भी घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं।

पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए एसकेएमसीएच भेज दिया है। मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट करने के लिए विसरा सुरक्षित रखा गया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम, एफएसएल जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।


एसडीआरएफ ने शक्ति नहर से लापता युवक का शव किया बरामद

देहरादून। शक्ति नहर में कार गिरने के बाद लापता हुए युवक की तलाश आखिरकार पूरी हो गई। एसडीआरएफ और जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने शुक्रवार, 21 अगस्त को ढालीपुर इंटेक के पास सर्च ऑपरेशन के दौरान रजत पुंडीर का शव बरामद कर लिया। शव को आवश्यक कार्रवाई के लिए जिला पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है।

18 अगस्त को नहर में गिरी थी कार

जानकारी के अनुसार, 18 अगस्त को शक्ति नहर में एक कार गिरने और उसमें सवार व्यक्ति के लापता होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही एसडीआरएफ और जिला पुलिस की टीम ने संयुक्त रूप से रेस्क्यू और सर्च ऑपरेशन शुरू किया।

दो दिन बाद बरामद हुआ दुर्घटनाग्रस्त वाहन

अपर उप निरीक्षक सुरेश तोमर के नेतृत्व में एसडीआरएफ टीम ने शक्ति नहर के अलग-अलग संभावित स्थानों पर सघन तलाशी अभियान चलाया। लगातार प्रयास के बाद 20 अगस्त की शाम करीब सात बजे दुर्घटनाग्रस्त कार को नहर से बरामद कर लिया गया। हालांकि, वाहन में सवार रजत पुंडीर का कोई सुराग नहीं मिल पाया था।

ढालीपुर इंटेक के पास मिला शव

कार मिलने के बाद भी एसडीआरएफ की टीम ने रजत पुंडीर की तलाश में सर्च ऑपरेशन जारी रखा। शुक्रवार को ढालीपुर इंटेक के समीप तलाशी के दौरान टीम को लापता युवक का शव बरामद हुआ। इसके बाद शव को जिला पुलिस के हवाले कर दिया गया।

एसडीआरएफ और जिला पुलिस की टीमों ने कई संभावित स्थानों पर लगातार सर्चिंग अभियान चलाया। संयुक्त प्रयास और बेहतर समन्वय के बाद लापता युवक की तलाश पूरी हो सकी।


राखी के कारोबार से आत्मनिर्भर बन रहीं देहरादून की महिलाएं

मालदेवता में सास-बहू की जोड़ी ने राखी कारोबार से मचाई धूम

देहरादून। रक्षाबंधन से पहले देहरादून के ग्रामीण इलाकों में महिलाओं के हुनर को बाजार मिल रहा है। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (एनआरएलएम) से जुड़ी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं इन दिनों हाथ से तैयार की गई आकर्षक राखियों को बाजार में उतार रही हैं। रायपुर, सहसपुर और डोईवाला की महिलाएं राखी निर्माण को रोजगार का माध्यम बनाकर अपनी आय बढ़ाने के साथ आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर आगे बढ़ रही हैं।

मालदेवता की सास-बहू ने राखी कारोबार में बनाई पहचान

रायपुर विकासखंड के मालदेवता क्षेत्र की लीला रावत और उनकी बहू अलका रावत ने मिलकर राखी कारोबार को नई पहचान दी है। दोनों आशा किरण स्वयं सहायता समूह से जुड़ी हैं और नई दिशा महिला क्लस्टर लेवल फेडरेशन के तहत काम कर रही हैं। इस साल उन्होंने दो हजार से ज्यादा राखियां तैयार करने का लक्ष्य रखा है, जिसमें करीब 1,500 राखियां अब तक बन चुकी हैं।

पिछले साल 1200 राखियों से कमाया 25 हजार रुपये मुनाफा

लीला और अलका ने बताया कि पिछले साल प्रशासन की मदद से उन्हें राखियों के लिए बेहतर बाजार मिला। उन्होंने करीब 1,200 राखियां तैयार कर बाजार में बेचीं, जिससे लगभग 25 हजार रुपये का मुनाफा हुआ। कारोबार से मिले प्रोत्साहन के बाद इस बार दोनों ने उत्पादन बढ़ाने का फैसला किया है।

प्राइवेट नौकरी छोड़ शुरू किया खुद का काम

अलका रावत ने पिछले साल निजी नौकरी छोड़कर अपनी सास के साथ स्वरोजगार शुरू किया। दोनों ने मालदेवता में ‘विनी वंडर्स क्रिएशन’ नाम से दुकान शुरू की है। यहां राखियों के अलावा दूसरे हस्तनिर्मित और स्थानीय उत्पाद भी तैयार कर बेचे जाते हैं। अलका के मुताबिक, स्वयं सहायता समूह से जुड़ने के बाद उन्हें कारोबार बढ़ाने और सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के बेहतर अवसर मिले हैं।

सोशल मीडिया से भी मिल रहे ऑर्डर

महिलाओं ने अपने कारोबार को डिजिटल प्लेटफॉर्म से भी जोड़ लिया है। ‘विनी वंडर्स क्रिएशन’ के इंस्टाग्राम पेज के जरिए ग्राहकों से राखियों के ऑर्डर मिल रहे हैं। ऑनलाइन ऑर्डर मिलने से उनके उत्पादों की पहुंच स्थानीय बाजार से बाहर भी बढ़ रही है।

ऊन से क्रोशिया तक, कई डिजाइनों में राखियां

समूह की महिलाएं ऊन, क्रोशिया, मौली, रिबन समेत अलग-अलग सामग्री का इस्तेमाल कर राखियां तैयार कर रही हैं। पारंपरिक डिजाइनों के साथ भैया दूज, महाकाल, रुद्राक्ष और नजरबट्टू जैसे आकर्षक डिजाइन भी ग्राहकों के लिए तैयार किए जा रहे हैं। राखियों की डिजाइनिंग से लेकर पैकेजिंग और प्रचार-प्रसार तक का काम महिलाएं खुद संभाल रही हैं।

सहसपुर और डोईवाला की महिलाएं भी आगे

रायपुर के अलावा सहसपुर और डोईवाला विकासखंड में भी स्वयं सहायता समूहों की महिलाएं बड़े स्तर पर राखियां बना रही हैं। डोईवाला की गायत्री क्लस्टर लेवल फेडरेशन से जुड़े वैभव लक्ष्मी और पहाड़ी भुली ग्राम संगठनों की करीब 100 महिलाएं राखियां तैयार कर रही हैं। इनकी बिक्री रायवाला और श्यामपुर के बाजारों में स्टॉल लगाकर की जा रही है।

सहसपुर विकासखंड के सक्षम क्लस्टर से जुड़ी महिलाएं भी राखियां तैयार कर रही हैं। उनके उत्पादों को ब्लॉक स्तर पर प्रदर्शित करने के साथ सेलाकुई, सहसपुर और विकासनगर के बाजारों में भी बिक्री के लिए उपलब्ध कराया जा रहा है।

देहरादून के प्रमुख मॉल में लगेंगे राखी स्टॉल

मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह ने बताया कि महिलाओं को उनके उत्पादों के लिए बेहतर बाजार उपलब्ध कराने की दिशा में प्रशासन लगातार काम कर रहा है। रक्षाबंधन के अवसर पर देहरादून के तीन से चार प्रमुख मॉल में स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं के राखी स्टॉल लगाए जाएंगे। उन्होंने लोगों से अपील की कि स्थानीय महिलाओं द्वारा तैयार हस्तनिर्मित राखियों और अन्य उत्पादों की खरीदारी कर उनके स्वरोजगार को बढ़ावा दें।

24 से 27 अगस्त तक सचिवालय में भी बिक्री

सहायक परियोजना निदेशक अनीता पंवार के अनुसार मुख्यमंत्री सशक्त बहना योजना के तहत 24 से 27 अगस्त तक उत्तराखंड सचिवालय में पांच स्टॉल लगाए जाएंगे। इन स्टॉलों पर एनआरएलएम से जुड़ी महिलाएं राखियों के साथ पहाड़ी और अन्य स्थानीय उत्पादों की प्रदर्शनी व बिक्री करेंगी।

राखी निर्माण के जरिए देहरादून की ग्रामीण महिलाएं अब पारंपरिक हुनर को कारोबार में बदल रही हैं। मालदेवता की लीला और अलका की सास-बहू की जोड़ी से लेकर जिले के अलग-अलग क्षेत्रों की स्वयं सहायता समूह की महिलाएं स्थानीय उत्पादों को बाजार से जोड़कर आत्मनिर्भरता की नई कहानी लिख रही हैं।


रुद्रप्रयाग में गैस उपभोक्ताओं को मिली राहत, ई-केवाईसी के लिए 23 अगस्त तक बढ़ी तारीख

13,551 गैस उपभोक्ताओं की ई-केवाईसी बाकी

रुद्रप्रयाग। गैस उपभोक्ताओं के लिए राहत की खबर है। रुद्रप्रयाग जिले में गैस कनेक्शन की ई-केवाईसी पूरी करने की अंतिम तारीख अब 23 अगस्त कर दी गई है। जिले में करीब 95,500 गैस कनेक्शन हैं, जिनमें से अधिकांश उपभोक्ता अपना सत्यापन करा चुके हैं। हालांकि अभी भी 13,551 कनेक्शन ऐसे हैं, जिनकी ई-केवाईसी पूरी होना बाकी है। विभाग ने सभी लंबित कनेक्शनों का सत्यापन तय समय के भीतर कराने के निर्देश दिए हैं।

20 गैस एजेंसियों को शत-प्रतिशत ई-केवाईसी के निर्देश

पूर्ति अधिकारी के.एस. कोहली के मुताबिक जिले में 20 गैस एजेंसियों के जरिए उपभोक्ताओं को गैस की आपूर्ति की जा रही है। सभी एजेंसियों को 23 अगस्त तक लंबित ई-केवाईसी पूरी कराने को कहा गया है। उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए जरूरत पड़ने पर गांवों और अन्य स्थानों पर विशेष शिविर भी लगाए जा सकते हैं।

बाहर रहने वाले उपभोक्ताओं के लिए भी व्यवस्था

विभाग के अनुसार जिले के कई गैस कनेक्शन ऐसे हैं, जिनके उपभोक्ता रोजगार के कारण दूसरे राज्यों या विदेशों में रह रहे हैं। ऐसे मामलों में परिवार के किसी सदस्य के नाम कनेक्शन ट्रांसफर कराया जा सकता है, ताकि आगे गैस रिफिल लेने में परेशानी न हो।

मृतक उपभोक्ताओं के कनेक्शन का भी होगा निस्तारण

विभाग ने मृतक उपभोक्ताओं के नाम दर्ज गैस कनेक्शनों का भी सत्यापन कराने के निर्देश दिए हैं। ऐसे कनेक्शनों को नियमानुसार परिवार के पात्र सदस्य के नाम स्थानांतरित करने या कनेक्शन सरेंडर करने की प्रक्रिया पूरी की जाएगी।

ई-केवाईसी नहीं कराई तो रिफिल में आ सकती है दिक्कत

अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि निर्धारित समयसीमा के भीतर ई-केवाईसी नहीं कराने पर भविष्य में गैस सिलेंडर की रिफिल लेने में परेशानी हो सकती है। ग्रामीण क्षेत्रों में लंबे समय तक रिफिल नहीं कराने वाले कनेक्शनों का दोबारा सत्यापन भी करना पड़ सकता है। विभाग ने सभी लंबित उपभोक्ताओं से 23 अगस्त से पहले ई-केवाईसी पूरी कराने की अपील की है।


चनपटिया में युवक का पेड़ से लटका मिला शव, मां ने पड़ोसियों पर हत्या का लगाया आरोप,जांच में जुटी पुलिस

बेतिया । चनपटिया थाना क्षेत्र के घोघा तिवारी टोला में शुक्रवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक युवक का शव घर से करीब 100 मीटर दूर पेड़ से लटका मिला। शव मिलने की सूचना पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।

बताया जा रहा है कि युवक गुरुवार शाम घोघा चौक से मोबाइल लाने की बात कहकर घर से निकला था। काफी देर तक उसके वापस नहीं लौटने पर परिवार के लोगों को चिंता हुई। परिजनों ने आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन रात तक उसका कोई पता नहीं चल सका।

शुक्रवार सुबह घर से कुछ दूरी पर पेड़ से युवक का शव लटका दिखाई दिया। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। युवक की मां ने जमीन विवाद का हवाला देते हुए पड़ोस के कुछ लोगों पर बेटे की हत्या करने और बाद में शव को पेड़ से लटकाने का आरोप लगाया है।

मामले की सूचना मिलने पर पुलिस टीम के साथ फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम भी घटनास्थल पर पहुंची। टीम ने मौके से जरूरी साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस फिलहाल हत्या और आत्महत्या, दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।

थानाध्यक्ष के अनुसार, शव का पोस्टमार्टम कराया जा रहा है और एफएसएल रिपोर्ट का भी इंतजार है। पोस्टमार्टम और वैज्ञानिक जांच के बाद ही मौत की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

इकलौते बेटे की मौत से मां का रो-रोकर बुरा हाल है। वहीं बहन भी घटना के बाद से सदमे में है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ करने के साथ युवक के घर से निकलने के बाद की गतिविधियों की भी जानकारी जुटा रही है।


संभल में 100 करोड़ से अधिक के फर्जी बीमा घोटाले का पर्दाफाश, 74 आरोपित गिरफ्तार

बहजोई । संभल पुलिस ने फर्जी बीमा क्लेम के जरिए करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अब तक 74 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि गिरोह मरणासन्न और मृत लोगों के नाम पर बीमा कराता था और बाद में फर्जी दस्तावेज व मृत्यु प्रमाणपत्र तैयार कर हादसे के नाम पर बीमा कंपनियों से करोड़ों रुपये का क्लेम हासिल करता था।

इस पूरे मामले की शुरुआत 17 जनवरी 2025 को रजपुरा क्षेत्र में चेकिंग के दौरान ओंकारेश्वर मिश्रा की गिरफ्तारी से हुई थी। उसके कब्जे से 11 लाख रुपये से अधिक की नकदी और कई महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए गए थे। इसके बाद पुलिस ने जांच का दायरा बढ़ाया तो फर्जी बीमा क्लेम के बड़े नेटवर्क का खुलासा होता चला गया।

जांच में ऐसे मामलों का भी पता चला, जिनमें 51 लाख और 95 लाख रुपये तक के बीमा क्लेम हासिल करने के लिए हत्या को हादसे का रूप देने की साजिश रची गई थी। पुलिस को इस नेटवर्क के तार करीब 12 राज्यों तक जुड़े मिले। जांच के दौरान बैंककर्मियों, बीमा कंपनियों, आशा कार्यकर्ताओं, जनसेवा केंद्र संचालकों, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े लोगों, पंचायत सचिवों, ग्राम प्रधानों और ग्राम स्तर के अन्य कर्मचारियों की संभावित भूमिका भी सामने आई।

अप्रैल 2025 तक इस मामले में 14 मुकदमे दर्ज कर 26 आरोपितों को चिह्नित किया गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई तेज करते हुए कई राज्यों में दबिश दी। वाराणसी और नोएडा समेत विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर गिरोह से जुड़े लोगों को पकड़ा गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए इसकी जानकारी प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को देने की प्रक्रिया भी शुरू की गई।

पुलिस के मुताबिक जांच के दौरान ठगी की रकम 100 करोड़ रुपये से अधिक होने का अनुमान सामने आया। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई के निर्देशन और एएसपी अनुकृति शर्मा के नेतृत्व में जांच को आगे बढ़ाया गया। अगस्त 2025 तक 68 आरोपित गिरफ्तार किए जा चुके थे, जबकि मई 2026 तक गिरफ्तारियों की संख्या बढ़कर 74 हो गई।

गिरोह के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए करीब 11 करोड़ 89 लाख 51 हजार रुपये की संपत्ति भी कुर्क की गई। इसके अलावा पुलिस ने 58 बीमा कंपनियों के साथ समन्वय कर भविष्य में इस तरह के फर्जीवाड़े को रोकने के लिए मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) तैयार करने पर भी काम किया।

बीमा फर्जीवाड़े के इस बड़े नेटवर्क का खुलासा करने और प्रभावी कार्रवाई के लिए एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई को मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सेवा पुलिस पदक के लिए चुना गया है।


कंघी करते ही गुच्छों में निकल रहे बाल? जानें हेयर फॉल के पीछे छिपे बड़े कारण

बालों का झड़ना सामान्य तौर पर हर किसी में कुछ हद तक होता है, लेकिन जब हेयर फॉल अचानक बढ़ जाए तो इसे सिर्फ मौसम, शैंपू या हेयर केयर रूटीन से जोड़ना ठीक नहीं है। तनाव से लेकर हार्मोनल बदलाव और पोषण की कमी तक कई वजहें बालों के तेजी से गिरने के पीछे हो सकती हैं। कुछ मामलों में लगातार हेयर फॉल किसी स्वास्थ्य समस्या का संकेत भी हो सकता है। ऐसे में समस्या के कारण को समझना और जरूरत पड़ने पर विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है।

तेजी से बाल झड़ने के पीछे क्या कारण हो सकते हैं?

1. थायरॉइड में गड़बड़ी
थायरॉइड हार्मोन का असंतुलन शरीर के कई कार्यों को प्रभावित करता है और इसका असर बालों पर भी पड़ सकता है। इससे बाल कमजोर और पतले होने के साथ सामान्य से ज्यादा गिर सकते हैं। यदि हेयर फॉल के साथ लगातार थकान, कमजोरी या वजन में असामान्य बदलाव हो रहा है, तो चिकित्सकीय जांच कराना बेहतर है।

2. डाइट में पोषक तत्वों की कमी
बालों की मजबूती के लिए शरीर को पर्याप्त प्रोटीन, आयरन, जिंक और अन्य पोषक तत्वों की जरूरत होती है। लंबे समय तक पोषण की कमी रहने या बहुत कम कैलोरी वाली डाइट लेने से बालों का झड़ना बढ़ सकता है। भोजन में दालें, अंडे, डेयरी उत्पाद, हरी सब्जियां, फल, मेवे और साबुत अनाज जैसे पौष्टिक खाद्य पदार्थ शामिल करना फायदेमंद हो सकता है।

3. तनाव और मानसिक दबाव
लंबे समय तक तनाव में रहने से शरीर के सामान्य चक्र पर असर पड़ सकता है और कुछ लोगों में इसके बाद अचानक हेयर फॉल बढ़ जाता है। गंभीर बीमारी, ऑपरेशन या शरीर पर पड़े किसी बड़े तनाव के बाद भी कुछ समय के लिए बाल ज्यादा गिर सकते हैं। कारण दूर होने के बाद कई मामलों में बालों की ग्रोथ धीरे-धीरे सामान्य हो सकती है।

4. एलोपेसिया एरियाटा
यदि सिर की त्वचा पर अचानक गोल या अंडाकार आकार के खाली हिस्से दिखाई देने लगें, तो यह एलोपेसिया एरियाटा की वजह से हो सकता है। यह एक ऐसी स्थिति है जिसमें शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली बालों के फॉलिकल्स को प्रभावित कर सकती है। ऐसे लक्षण नजर आने पर त्वचा विशेषज्ञ से जांच कराना जरूरी है।

5. हार्मोन में बदलाव
गर्भावस्था, डिलीवरी, मेनोपॉज या अन्य हार्मोनल बदलावों के दौरान भी बालों के झड़ने की समस्या बढ़ सकती है। खासतौर पर महिलाओं में हार्मोन से जुड़ी कुछ स्थितियों के कारण बाल पतले होने या हेयर फॉल की शिकायत हो सकती है।

6. आनुवंशिक समस्या
कई लोगों में हेयर फॉल का संबंध आनुवंशिकता से भी होता है। पुरुषों में अक्सर हेयरलाइन पीछे जाने या सिर के ऊपरी हिस्से के बाल कम होने की समस्या दिखाई देती है। वहीं महिलाओं में सिर के बीच वाले हिस्से से बाल धीरे-धीरे पतले हो सकते हैं।

इन संकेतों को दिखे तो डॉक्टर से लें सलाह

अगर बाल अचानक बहुत ज्यादा गिरने लगें, कंघी या नहाते समय गुच्छों में बाल निकलें या सिर पर गोल-गोल खाली पैच बनने लगें, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। भौंहों या पलकों के बाल भी गिर रहे हों, या स्कैल्प पर खुजली, लालिमा, जलन और पपड़ी के साथ हेयर फॉल हो रहा हो, तो डर्मेटोलॉजिस्ट से संपर्क करना बेहतर है।

हेयर फॉल का कारण जाने बिना खुद से दवा या सप्लीमेंट लेना उचित नहीं है। सही कारण की पहचान के बाद ही डॉक्टर उचित उपचार की सलाह दे सकते हैं।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी के लिए है। लगातार या असामान्य हेयर फॉल की स्थिति में योग्य चिकित्सक या त्वचा विशेषज्ञ से परामर्श लें।

(साभार)


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