Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

शक्तिमान से लेकर रामायण तक, एक से बढ़कर एक कहानियाँ जिसने दूरदर्शन को बनाया ख़ास

Tag Archives: humlog

शक्तिमान से लेकर रामायण तक, एक से बढ़कर एक कहानियाँ जिसने दूरदर्शन को बनाया ख़ास

66 Years of Doordarshan: दूरदर्शन से जुड़ी हुई यादे कितनी पुरानी हो सकती है, 80’s-90’s का वो समय जब छत पर एंटीना हुआ करता और एक उसे ख़राब मौसम के बाद ठीक करने जाता। अब वो सब तो देखने को नहीं मिलता क्योंकि वो समय अब यादों में रह गया हैं। आज दूरदर्शन 66 साल पूरे कर चूका हैं जोकि अपने आप में एक गौरव का विषय हैं। रामायण महाभारत से लेकर ॐ नमः शिवाय का वो स्वर आज भी कई घरों में सुनाई देता होगा पर सबके मोबाइल फ़ोन में।

दूरदर्शन की स्थापना कब हुई? 

दूरदर्शन (डीडी) भारत का सार्वजनिक सेवा टेलीविजन प्रसारक है, जिसकी स्थापना 15 सितम्बर, 1959 में सरकार द्वारा की गई थी। इसका नाम दो हिंदी शब्दों ‘दूर’ और ‘दर्शन’ से मिलकर बना है, जिसका अर्थ है “दूर की झलक”। दूरदर्शन का संचालन और प्रबंधन प्रसार भारती द्वारा किया जाता है, जो सूचना एवं प्रसारण मंत्रालय के अधीन एक ऑटोनोमस आर्गेनाईजेशन है। अपनी स्थापना के बाद लंबे समय तक यह भारत का एकमात्र टेलीविजन चैनल रहा और लगभग 30 वर्षों तक दर्शकों को समाचार, शिक्षा, खेल, सांस्कृतिक और मनोरंजन से जुड़े कार्यक्रम उपलब्ध कराता रहा। 1980 और 1990 के दशक में दूरदर्शन अपनी लोकप्रियता के चरम पर था और उस समय यह भारतीय घर-घर का अहम हिस्सा बन चुका था। वर्तमान में यह अपने 35 से अधिक राष्ट्रीय और क्षेत्रीय उपग्रह चैनलों के माध्यम से देशभर में प्रसारण करता है और सार्वजनिक सेवा प्रसारण के क्षेत्र में अब भी अपनी अहम भूमिका निभा रहा है।

कौन कौन से सीरियल जिन्होंने छोड़ी एक गहरी छाप

चन्द्रमुखी जिसका फूल आज भी महकता हैं, चंद्रकांता की कहानी जो आज भी सदियों पुरानी हैं, जो कहूंगा सच कहूंगा का पत्थर पर लिखा हुआ वो नाम आज भी है, मैं बनूंगी एयर होस्टेस की वो उड़ाने हर घर में आज भी है जिंदा, ब्योमकेश बक्शी का वो जासूसी अंदाज, हम लोग एक मिडिल क्लास फैमिली के संघर्षो की कहानी, गली गली सिम के वो आनोखे करैक्टर, यहाँ के हम सिकंदर के वो प्रेरणा देते यूथ, सुपर हीरो शक्तिमान की वो सीख, रविवार की वो रंगोली जिसके गीत सुनने के लिए सभी इंतज़ार किया करते थे।

सभी एक से बढ़कर एक सीरियल जो हमेशा हम सभी के दिलों में जिंदा रहेंगे, वैसे तो दूरदर्शन आज भी हैं पर वो पुराने धारावाहिकों की यादें उन्हें आज भी एक खूबसूरत युग बनाता हैं।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp