श्रीनगर। कश्मीर में एक बड़े एमबीबीएस एडमिशन घोटाले का पर्दाफाश हुआ है, जिसमें आर्थिक अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) ने शनिवार को घाटी के छह अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई उन चार आरोपियों के खिलाफ की गई है, जिन्होंने लोगों को बांग्लादेश के मेडिकल कॉलेजों में एडमिशन दिलवाने का झांसा देकर लाखों रुपये ठगे।
क्राइम ब्रांच के प्रवक्ता ने बताया कि जांच के दौरान सामने आया कि इन आरोपियों ने कई लोगों से मेडिकल एडमिशन दिलाने के नाम पर भारी रकम वसूल की, लेकिन यह पैसा किसी भी मेडिकल कॉलेज में ट्रांसफर नहीं किया गया। इसके परिणामस्वरूप, इन लोगों को न तो एडमिशन मिला और न ही उनकी रकम वापस हुई।
आरोपियों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420 (धोखाधड़ी) और 120-बी (आपराधिक साजिश) के तहत केस दर्ज किया गया है। प्रारंभिक जांच में धोखाधड़ी के आरोप सही पाए गए हैं और अब मामले की गहन जांच की जा रही है।
आरोपी व्यक्तियों की पहचान:
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पीरजादा आबिद – बिजबेहरा का निवासी, जो वर्तमान में नटिपोरा के आज़ाद बस्ती में रहता था। वह यूरोप कंसल्टेंसी सेंटर नामक शैक्षणिक कंसल्टेंसी का मालिक था।
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सैयद वसीम – पुलवामा के करीमाबाद का निवासी, जो अब नटिपोरा में रह रहा था।
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सैयद सुहैल एजाज – कुकर्नाग के टाकिया मगम का निवासी, फिलहाल बेमिना के मुस्लिमाबाद में रहता था।
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जैगम खान – बेमिना निवासी।
प्रवक्ता ने कहा कि इन चार आरोपियों में से तीन ओवरसीज कंसल्टेंसी के संचालक थे, जो विदेशों में मेडिकल एडमिशन के नाम पर ठगी करते थे।
क्राइम ब्रांच की छापेमारी के दौरान महत्वपूर्ण दस्तावेज़ और सबूत भी बरामद किए गए हैं, जिनसे मामले का और खुलासा होने की उम्मीद है। पुलिस अब तेजी से आगे की कार्रवाई कर रही है और अन्य संभावित आरोपियों की तलाश भी जारी है।