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महिला ने गांव के छह लोगों पर लगाया मारपीट और पथराव का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

Category Archives: क्राइम

महिला ने गांव के छह लोगों पर लगाया मारपीट और पथराव का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

लखनऊ | महिगवां थाना क्षेत्र के रायपुर बाबू गांव में एक महिला पर कथित रूप से हमला करने और घर पर पथराव करने का मामला सामने आया है। पीड़िता सुभाषिनी ने गांव के करीब आधा दर्जन लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

महिला का आरोप है कि जब पुलिस उसके पहले दिए गए शिकायती पत्र की जांच के लिए गांव आई थी, उस वक्त सब कुछ शांत रहा। लेकिन जैसे ही पुलिस टीम लौटकर गई, विपक्षी पक्ष ने उस पर हमला कर दिया।

पहले डंडों से पीटा, फिर घर में घुसने पर शुरू किया पथराव

सुभाषिनी ने बताया कि पहले से विवादित मामले को लेकर उसने बुधवार को थाने में शिकायत की थी। अगले दिन सुबह करीब 11 बजे पुलिस गांव में जांच के लिए पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करवा दिया। इसी दौरान एक ग्रामीण रूपचंद ने पुलिस से शिकायत की कि सुभाषिनी के घर की छत का पानी उसकी नींव पर गिरता है। पुलिस ने इस मुद्दे पर भी दोनों पक्षों को शांत रहने की सलाह दी और गांव से रवाना हो गई।

पुलिस के रवाना होते ही, महिला के मुताबिक, विपक्षी पक्ष ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया और जब वह बचकर घर के अंदर चली गई, तो आरोपियों ने घर पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव से घर की दीवारें और खिड़कियां क्षतिग्रस्त हुईं।

पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गए आरोपी

शोर सुनकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन जब तक पुलिस दोबारा मौके पर पहुंची, आरोपी फरार हो चुके थे। महिगवां थाने के प्रभारी निरीक्षक रामकुमार गुप्ता ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है


मनीमाजरा के पास झाड़ियों में युवक का शव मिला, ओवरडोज से मौत की आशंका, परिवार ने पुलिस पर लापरवाही के लगाए आरोप

चंडीगढ़/पंचकूला- चंडीगढ़ से सटे मनीमाजरा मोटर मार्केट के पास झाड़ियों में एक युवक का शव संदिग्ध हालात में मिला है। मृतक की पहचान शिमला के संजौली निवासी 25 वर्षीय रमेश के रूप में हुई है। रमेश चार बहनों का इकलौता भाई था। घटना के बाद शव को लेकर चंडीगढ़ और पंचकूला पुलिस के बीच सीमा विवाद के चलते लगभग दो घंटे तक असमंजस की स्थिति बनी रही। अंततः मामला पंचकूला पुलिस के अंतर्गत आने पर कार्रवाई शुरू की गई।

सीमा विवाद में उलझी पुलिस, दो घंटे तक नहीं उठाया गया शव

स्थानीय लोगों की सूचना पर सबसे पहले चंडीगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन स्थान पंचकूला सीमा में होने के कारण उन्होंने कार्रवाई से इनकार कर दिया। रात करीब 10 बजे स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र पंचकूला के तहत आता है, जिसके बाद एमडीसी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-6 स्थित अस्पताल भेजा।

तेजाब, सीरिंज और ओवरडोज की आशंका

पुलिस को मौके से नशे में इस्तेमाल होने वाली सीरिंज मिली हैं। आशंका जताई जा रही है कि रमेश की मौत नशे की ओवरडोज से हुई है। शव की स्थिति खराब हो चुकी थी और शरीर से बदबू आ रही थी। पुलिस का कहना है कि असल कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

परिजनों का गंभीर आरोप: पुलिस ने नहीं की मदद

मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ इतना बताया गया कि रमेश के नाक से खून बह रहा है और वह मोटर मार्केट के पास झाड़ियों में पड़ा है। सूचना मिलने पर वे मनीमाजरा थाने पहुंचे, लेकिन थाने से कोई भी पुलिसकर्मी मौके पर नहीं गया। परिवार खुद लोगों से पूछताछ करते हुए रमेश के शव तक पहुंचे।

उनका कहना है कि पुलिस ने न तो घटना की डीडीआर दर्ज की और न ही जीरो एफआईआर लेकर जांच शुरू की, जबकि ऐसा किया जा सकता था। इसके बाद उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल किया, जिसके बाद मनीमाजरा थाने के एसएचओ मनिंदर सिंह मौके पर पहुंचे। हालांकि एसएचओ ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है।

दोस्तों से होगी पूछताछ, मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

परिवार ने बताया कि रमेश कबाड़ बेचने के काम से गाड़ी लेकर शिमला से मनीमाजरा आया था। 25 अगस्त को वह अपनी गाड़ी की मरम्मत कराने एक मैकेनिक के पास गया था, जहां उसके परिचित मन्नू और चक्सू भी मौजूद थे। दोनों संजौली निवासी हैं और कथित तौर पर चंडीगढ़ किसी काम से आए थे।

रमेश की आखिरी बार बात उसकी बड़ी बहन डॉली से 26 अगस्त की रात करीब 8 बजे हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल लगातार बजता रहा लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। बाद में पुलिस को रमेश का मोबाइल उसकी जेब में मिला, जिसकी कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।

परिजनों का आरोप है कि रमेश की हालत को लेकर मन्नू ने अपने एक दोस्त सूरज को जानकारी दी, जिसने रमेश के भांजे मनोज को बताया कि रमेश नाक से खून बहने की हालत में मोटर मार्केट की झाड़ियों में पड़ा है। हालांकि सवाल उठ रहे हैं कि तत्काल पुलिस को कॉल क्यों नहीं की गई।

रकम का हिसाब भी जांच के दायरे में

मृतक को उसके वाहन मालिक द्वारा 20 से 22 हजार रुपये दिए गए थे, जिनका अभी कोई अता-पता नहीं है। यह रकम कहां गई और किन परिस्थितियों में खर्च हुई, इस पहलू की भी जांच की जा रही है।

जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

एमडीसी थाने के एसएचओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। मृतक के दोस्तों मन्नू और चक्सू से भी पूछताछ की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रमेश की मौत कैसे हुई और वह झाड़ियों में कैसे पहुंचा।


मनीमाजरा के पास झाड़ियों में युवक का शव मिला, ओवरडोज से मौत की आशंका, परिवार ने पुलिस पर लापरवाही के लगाए आरोप

चंडीगढ़/पंचकूला- चंडीगढ़ से सटे मनीमाजरा मोटर मार्केट के पास झाड़ियों में एक युवक का शव संदिग्ध हालात में मिला है। मृतक की पहचान शिमला के संजौली निवासी 25 वर्षीय रमेश के रूप में हुई है। रमेश चार बहनों का इकलौता भाई था। घटना के बाद शव को लेकर चंडीगढ़ और पंचकूला पुलिस के बीच सीमा विवाद के चलते लगभग दो घंटे तक असमंजस की स्थिति बनी रही। अंततः मामला पंचकूला पुलिस के अंतर्गत आने पर कार्रवाई शुरू की गई।

सीमा विवाद में उलझी पुलिस, दो घंटे तक नहीं उठाया गया शव

स्थानीय लोगों की सूचना पर सबसे पहले चंडीगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन स्थान पंचकूला सीमा में होने के कारण उन्होंने कार्रवाई से इनकार कर दिया। रात करीब 10 बजे स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र पंचकूला के तहत आता है, जिसके बाद एमडीसी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-6 स्थित अस्पताल भेजा।

तेजाब, सीरिंज और ओवरडोज की आशंका

पुलिस को मौके से नशे में इस्तेमाल होने वाली सीरिंज मिली हैं। आशंका जताई जा रही है कि रमेश की मौत नशे की ओवरडोज से हुई है। शव की स्थिति खराब हो चुकी थी और शरीर से बदबू आ रही थी। पुलिस का कहना है कि असल कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

परिजनों का गंभीर आरोप: पुलिस ने नहीं की मदद

मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ इतना बताया गया कि रमेश के नाक से खून बह रहा है और वह मोटर मार्केट के पास झाड़ियों में पड़ा है। सूचना मिलने पर वे मनीमाजरा थाने पहुंचे, लेकिन थाने से कोई भी पुलिसकर्मी मौके पर नहीं गया। परिवार खुद लोगों से पूछताछ करते हुए रमेश के शव तक पहुंचे।

उनका कहना है कि पुलिस ने न तो घटना की डीडीआर दर्ज की और न ही जीरो एफआईआर लेकर जांच शुरू की, जबकि ऐसा किया जा सकता था। इसके बाद उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल किया, जिसके बाद मनीमाजरा थाने के एसएचओ मनिंदर सिंह मौके पर पहुंचे। हालांकि एसएचओ ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है।

दोस्तों से होगी पूछताछ, मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

परिवार ने बताया कि रमेश कबाड़ बेचने के काम से गाड़ी लेकर शिमला से मनीमाजरा आया था। 25 अगस्त को वह अपनी गाड़ी की मरम्मत कराने एक मैकेनिक के पास गया था, जहां उसके परिचित मन्नू और चक्सू भी मौजूद थे। दोनों संजौली निवासी हैं और कथित तौर पर चंडीगढ़ किसी काम से आए थे।

रमेश की आखिरी बार बात उसकी बड़ी बहन डॉली से 26 अगस्त की रात करीब 8 बजे हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल लगातार बजता रहा लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। बाद में पुलिस को रमेश का मोबाइल उसकी जेब में मिला, जिसकी कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।

परिजनों का आरोप है कि रमेश की हालत को लेकर मन्नू ने अपने एक दोस्त सूरज को जानकारी दी, जिसने रमेश के भांजे मनोज को बताया कि रमेश नाक से खून बहने की हालत में मोटर मार्केट की झाड़ियों में पड़ा है। हालांकि सवाल उठ रहे हैं कि तत्काल पुलिस को कॉल क्यों नहीं की गई।

रकम का हिसाब भी जांच के दायरे में

मृतक को उसके वाहन मालिक द्वारा 20 से 22 हजार रुपये दिए गए थे, जिनका अभी कोई अता-पता नहीं है। यह रकम कहां गई और किन परिस्थितियों में खर्च हुई, इस पहलू की भी जांच की जा रही है।

जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

एमडीसी थाने के एसएचओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। मृतक के दोस्तों मन्नू और चक्सू से भी पूछताछ की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रमेश की मौत कैसे हुई और वह झाड़ियों में कैसे पहुंचा।


घर के बाहर खड़े युवकों पर भीड़ ने किया हमला, एक पर तेजाब फेंकने की कोशिश

कानपुर- कानपुर के बजरिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक दर्जन से अधिक लोगों ने घर के बाहर खड़े तीन युवकों पर अचानक हमला कर दिया। इस हिंसक वारदात में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने घायलों को इलाज के लिए उर्सला अस्पताल पहुंचाया।

हमले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब आरोपियों ने एक युवक पर तेजाब डालने की कोशिश की, जिससे उसकी पीठ बुरी तरह झुलस गई। डॉक्टरों के अनुसार, तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।

इलाके में तनाव, जांच शुरू

घटना के बाद से इलाके में तनाव और डर का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हमलावरों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।


फर्जी कंपनी बनाकर लोन लेने वाले दो आरोपियों की जमानत याचिका अदालत ने की खारिज

गाजियाबाद- गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में निजी फाइनेंस कंपनी से धोखे से लाखों रुपये का ऋण लेने के मामले में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका को ठुकरा दिया है। यह फैसला प्रभारी सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार चतुर्थ की अदालत ने सुनाया।

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि इस प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों की साख को नुकसान पहुंचाती है, इसलिए ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरती जा सकती। न्यायालय ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया गंभीर साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इरादा शुरू से ही धोखाधड़ी करने का था।

कैसे रची गई थी फर्जीवाड़े की साजिश

मामले की जानकारी के अनुसार, दिल्ली निवासी सुनील कुमार सोनी और रोहन सोनी ने वर्ष 2023 में ‘रोहन मेटल प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से एक फर्जी कंपनी खड़ी कर दी। इसके बाद उन्होंने इस फर्जी कंपनी के नाम पर एक निजी फाइनेंस कंपनी से 31 लाख रुपये का लोन लेने के लिए आवेदन किया।

आवेदन के साथ दिए गए दस्तावेजों में दिखाया गया कि कंपनी इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में स्थित है। फाइनेंस कंपनी ने जरूरी कागजात देखकर 2 अगस्त 2023 को लोन पास कर दिया और किस्त के रूप में हर महीने ₹1,67,400 तय की गई।

शुरुआत में कुछ किश्तें जमा करवाई गईं, जिससे किसी को शक न हो। लेकिन बाद में आरोपी किश्त चुकाने से मुकर गए। जब फाइनेंस कंपनी ने दिए गए पते पर जाकर सत्यापन किया, तो पाया गया कि वहां कोई भी कंपनी अस्तित्व में नहीं है और पूरा पता फर्जी निकला।

पुलिस जांच के बाद गिरफ्तारी

धोखाधड़ी का पता चलने पर फाइनेंस कंपनी ने इंदिरापुरम थाने में मामला दर्ज कराया। जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों सुनील और रोहन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को दोनों ने अदालत में जमानत के लिए याचिका दाखिल की, लेकिन न्यायालय ने धोखाधड़ी की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।


हरिद्वार में करोड़ों की ज़मीन पर अवैध कब्जा- प्रवीण वाल्मीकि गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार, एक भतीजा भी शामिल

हरिद्वार- उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने हरिद्वार में करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जे की साजिश में शामिल प्रवीण वाल्मीकि गैंग के दो सदस्यों को बुधवार रात गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक प्रवीण का भतीजा भी शामिल है। जांच में सामने आया है कि सितारगंज जेल में बंद प्रवीण जेल से बाहर अपने साथियों के जरिए संगठित अपराधों को अंजाम देता रहा है।

गंगनहर थाना क्षेत्र में प्रवीण, उसके भतीजे और चार अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। एसटीएफ की इस कार्रवाई को डीजीपी दीपम सेठ के निर्देश पर चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत अंजाम दिया गया है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि यह कार्रवाई लगातार मिल रही गंभीर शिकायतों के आधार पर की गई है।

प्रवीण वाल्मीकि पूर्व में कुख्यात अपराधी सुनील राठी के गिरोह से जुड़ा रह चुका है और उस पर हत्या, रंगदारी व अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हैं। ताजा मामलों में यह बात सामने आई है कि वह हरिद्वार में ज़मीन कब्जाने और धोखाधड़ी की योजनाएं चला रहा था।

हत्या, धमकी और फर्जी दस्तावेज के जरिए कब्जा

एसटीएफ की जांच में पता चला है कि वर्ष 2018 में प्रवीण ने कृष्ण गोपाल नामक व्यक्ति की हत्या करवाई थी, जो अपने भाई श्याम बिहारी की संपत्ति की देखरेख कर रहा था। हत्या के बाद प्रवीण ने श्याम बिहारी की पत्नी रेखा को धमकाकर जमीन हड़पने की कोशिश की। जब रेखा ने विरोध किया, तो वर्ष 2019 में उसके भाई सुभाष पर जानलेवा हमला भी कराया गया।

इन घटनाओं के चलते रेखा का परिवार डर के कारण घर छोड़कर अन्यत्र चला गया। इस दौरान गैंग ने रेखा और कृष्ण गोपाल की पत्नियों के नाम से फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाकर करोड़ों की संपत्ति को बेच दिया। इस साजिश में प्रवीण का भतीजा मनीष उर्फ बॉलर (40 वर्ष) और उसका साथी पंकज अष्टवाल (30 वर्ष) शामिल थे, जिन्हें अब गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपी फरार हैं।

जेल में बनी नई साजिश: साढ़े तीन करोड़ की संपत्ति पर नजर

जांच के दौरान एक और मामला सामने आया जिसमें वर्ष 2022 में जेल में बंद प्रवीण की मुलाकात संदीप एरोन नामक व्यक्ति से हुई। एरोन की कनखल इलाके में साढ़े तीन करोड़ रुपये की संपत्ति थी। जेल से ही प्रवीण ने मनीष और संजय चांदना को इस संपत्ति पर कब्जा करने का निर्देश दिया। जनवरी 2023 में जेल से छूटने के बाद दोनों ने बिना भुगतान किए ही संपत्ति का एग्रीमेंट अपने नाम करवा लिया।

हालांकि, यह बात आशीष शर्मा नामक एक अन्य अपराधी को पता चली, जिसने सुनील राठी को इसकी जानकारी दी। राठी के हस्तक्षेप और धमकी के बाद प्रवीण को यह एग्रीमेंट रद्द करना पड़ा।


सतपुली में रिश्वत लेते ट्रेजरी अधिकारी रंगेहाथ गिरफ्तार, विजिलेंस की टीम ने देहरादून में भी मारा छापा

पौड़ी- पौड़ी जिले के सतपुली नगर पंचायत में तैनात सहायक कोषाधिकारी (सब ट्रेजरी अफसर) कौशल कुमार को विजिलेंस टीम ने गुरुवार को आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगेहाथ पकड़ लिया। वह यह रकम कूड़ा कलेक्शन का ठेका लेने वाले एक स्थानीय ठेकेदार से बकाया बिल पास कराने के एवज में मांग रहा था। गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस ने आरोपी के देहरादून स्थित आवास पर भी छापा मारकर तलाशी अभियान चलाया।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सतपुली क्षेत्र के एक ठेकेदार को नगर पंचायत के अंतर्गत घर-घर कूड़ा उठान का कार्य सौंपा गया था। इस कार्य के एवज में ठेकेदार का लगभग 10 लाख रुपये का बिल नगर पंचायत के पास लंबित था, जिसे उसने सभी औपचारिकताओं के साथ भुगतान के लिए जमा कर दिया था।

हालांकि, संबंधित ट्रेजरी अधिकारी कौशल कुमार लगातार बिल पास करने में टालमटोल कर रहा था। जब ठेकेदार ने बिल शीघ्र पास कराने की मांग की, तो अधिकारी ने बिल का एक प्रतिशत (यानी 10 हजार रुपये) रिश्वत के रूप में मांगा। बातचीत के बाद सौदा आठ हजार रुपये में तय हुआ।

ठेकेदार ने रिश्वत देने की बजाय इसकी शिकायत विजिलेंस विभाग से कर दी। विजिलेंस महानिदेशक डॉ. वी. मुरुगेशन के निर्देश पर मामले की जांच की गई, जो सही पाई गई। इसके बाद विजिलेंस की एक विशेष टीम को सतपुली भेजा गया, जिसने योजना के तहत ट्रैप लगाकर कौशल कुमार को रंगेहाथ पकड़ लिया।

गिरफ्तारी के बाद विजिलेंस टीम ने देहरादून के लोअर तुनवाला, लक्ष्मीपुरम स्थित कौशल कुमार के आवास पर भी छापेमारी की, जहां से कुछ दस्तावेज और संपत्ति से जुड़े कागजात बरामद किए गए हैं। मामले की जांच जारी है।

आरोपी को शुक्रवार को स्पेशल विजिलेंस कोर्ट में पेश किया जाएगा, जहां से आगे की कानूनी कार्रवाई होगी।


गाजियाबाद- पति पर खौलती चाय फेंकने का आरोप, पत्नी के खिलाफ मामला दर्ज

गाजियाबाद। वेव सिटी थाना क्षेत्र की एक हाईराइज सोसाइटी में पारिवारिक विवाद एक गंभीर घटना में तब्दील हो गया जब एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर जानबूझकर खौलती चाय फेंकने का आरोप लगाया। पीड़ित पति सौरभ सिंह ने पुलिस आयुक्त कार्यालय में शिकायत देकर अपनी आपबीती बताई, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है।

वेव सिटी की ओकवुड एनक्लेव सोसायटी में रहने वाले सौरभ सिंह ने बताया कि 24 अगस्त की सुबह घरेलू बात को लेकर पत्नी अंकिता सिंह से बहस हो गई थी। उनका आरोप है कि गुस्से में आकर अंकिता ने गैस पर उबल रही चाय सीधे उनके सिर और चेहरे पर डाल दी, जिससे वे बुरी तरह झुलस गए। चाय गिरने के बाद उनके सिर में सूजन आ गई और कुछ देर बाद नाक से खून बहने लगा।

पीड़ित के अनुसार, इस हमले के बाद अंकिता घर से अपने सामान और अलमारी में रखे करीब 1.44 लाख रुपये नकद लेकर चली गई। सौरभ सिंह ने 26 अगस्त को वेव सिटी थाने में लिखित शिकायत देकर पत्नी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।

एसीपी वेव सिटी, प्रियाश्री पाल ने बताया कि शिकायत की जांच के बाद महिला के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपों की गंभीरता को देखते हुए कानूनी कार्रवाई की जा रही है।


कोच्चि में दोस्ती के रिश्ते को शर्मसार करने वाली वारदात-युवक की चाकू मारकर हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार

केरल- केरल के कोच्चि के पास कलमस्सेरी इलाके में गुरुवार तड़के एक 25 वर्षीय युवक की उसके किराए के मकान के बाहर चाकू मारकर हत्या कर दी गई। इस घटना में उसके तीन पूर्व मित्र शामिल हैं, जिन्हें पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, मृतक युवक की पहचान विवेक के रूप में हुई है, जो मूल रूप से नजरक्कल का रहने वाला था और कुछ समय से सुंदरगिरी, कलमस्सेरी में किराए पर रह रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि विवेक और हमलावरों के बीच कुछ समय से आपसी विवाद चल रहा था, जो एक कार किराए पर लेने और भुगतान से जुड़ा हुआ था।

बुधवार की शाम विवेक के पास उसके दो दोस्त — सनोज और प्रसाद — मिलने आए थे। शुरुआती बातचीत शांतिपूर्ण रही, लेकिन कुछ घंटे बाद वे दोबारा लौटे, इस बार उनके साथ जॉयल भी था। तीनों ने मिलकर विवेक पर चाकू से हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।

विवेक को तुरंत एर्नाकुलम मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी ICU में मौत हो गई।

पुलिस ने हत्या के इस मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के तहत केस दर्ज किया है। पहले विवेक के पिता के बयान पर सिर्फ दो आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था, लेकिन जांच में तीसरे युवक जॉयल की संलिप्तता सामने आने पर उसे भी गिरफ्तार कर लिया गया।


ज्वेलरी ऑर्डर के बहाने 21.68 लाख का सोना लेकर फरार हुआ कारीगर

मेरठ-  सदर बाजार थाना क्षेत्र में एक ज्वेलरी व्यापारी से लाखों रुपये का सोना लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। पीड़ित सराफा कारोबारी नितिन जैन ने थाने में शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें बताया गया है कि आरोपी एक दुकानदार ने उनसे आभूषण बनाने के नाम पर 210.52 ग्राम सोना लिया और फिर वापस नहीं लौटा।

नितिन जैन की सराफा बाजार में “जोधामल नरेश चंद्र जैन” नाम से दुकान है। उनके अनुसार, 2 अगस्त को एक परिचित कारीगर उनके पास आया और कुछ ज्वेलरी ऑर्डर पर तैयार करने के लिए सोना मांगा। भरोसे में आकर नितिन जैन ने उसे 24 कैरेट का कुल 210.52 ग्राम सोना, जिसकी बाजार कीमत लगभग 21.68 लाख रुपये है, दे दिया।

कारीगर ने वादा किया था कि 12 दिनों में जेवर तैयार कर वापस कर देगा, लेकिन तय समय के बाद जब नितिन ने उससे संपर्क करने की कोशिश की तो उसका मोबाइल नंबर बंद मिला। व्यापारी ने लगातार चार दिन तक प्रयास किया लेकिन कोई जवाब नहीं मिला।

थक-हारकर उन्होंने सदर बाजार थाने में मामला दर्ज कराया। एसपी सिटी आयुष विक्रम सिंह ने बताया कि शिकायत दर्ज कर ली गई है और एक विशेष टीम को आरोपी की तलाश में लगाया गया है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


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