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उज्जैन में अंधे कत्ल का खुलासा, चाचा ने फावड़े से की भतीजे की हत्या

Category Archives: क्राइम

उज्जैन में अंधे कत्ल का खुलासा, चाचा ने फावड़े से की भतीजे की हत्या

उज्जैन –  मुरलीपुरा क्षेत्र में मजदूर युवक की हत्या के मामले में महाकाल थाना पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा करते हुए मृतक के चाचा को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने पूछताछ में फावड़े से हमला कर अपने भतीजे की हत्या करने की बात कबूल कर ली है।

पुलिस के मुताबिक, मुरलीपुरा इलाके में खून से लथपथ एक युवक का शव मिलने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची थी। जांच में मृतक की पहचान 35 वर्षीय मुकेश नायक के रूप में हुई, जो मजदूरी और भूसा भरने का काम करता था। अविवाहित मुकेश इलाके में अकेला रहता था।

मृतक के सिर और शरीर पर धारदार हथियार जैसे फावड़े से किए गए हमले के गंभीर निशान मिले थे, जिसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू की। थाना महाकाल में अज्ञात आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 103(1) के तहत केस दर्ज किया गया।

जांच के दौरान पुलिस को घटनास्थल के आसपास कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं मिला। साथ ही यह भी सामने आया कि आरोपी मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं करता था, जिससे जांच और चुनौतीपूर्ण हो गई। पुलिस ने इलाके के लोगों से पूछताछ की तो पता चला कि मृतक का चाचा मनोहर नायक घटना के बाद से गायब है।

संदेह के आधार पर पुलिस ने मनोहर नायक को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी ने बताया कि खाना खाने के दौरान उसका अपने भतीजे मुकेश से विवाद हो गया था। उस समय वह शराब के नशे में था। गुस्से में उसने पास में रखे लोहे के फावड़े से मुकेश के सिर पर कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात के बाद आरोपी फरार हो गया था।

पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।


अमृतसर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 14 किलो ड्रग्स के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

अमृतसर – जिला शहरी पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय ड्रग तस्करी नेटवर्क के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 10 किलो आईस (मेथामफेटामाइन) और 4 किलो हेरोइन बरामद की है। बरामद नशे की खेप की अंतरराष्ट्रीय बाजार में करोड़ों रुपये कीमत आंकी जा रही है।

पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि शुरुआती जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार आरोपी दुबई और आबू धाबी में सक्रिय एक बड़े ड्रग तस्कर के संपर्क में थे। आरोपी उसके निर्देश पर पंजाब और दिल्ली समेत कई इलाकों में नशे की सप्लाई का नेटवर्क चला रहे थे।

जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार आरोपियों में से एक हाल ही में दुबई से लौटा था, जहां उसे आईस और हेरोइन की तस्करी से जुड़ी गतिविधियों का प्रशिक्षण दिया गया था। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पंजाब के माझा और दोआबा क्षेत्रों में ड्रग सप्लाई चेन को मजबूत करने में लगे हुए थे।

बरामद की गई खेप को आगे विभिन्न जिलों में सप्लाई किया जाना था। मामले में थाना छेहरटा में एनडीपीएस एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब इस नेटवर्क के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाल रही है ताकि गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों और राज्यों व विदेशों तक फैले नेटवर्क का पता लगाया जा सके।

पुलिस का कहना है कि नशा तस्करी के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े अपराधियों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है।


ऑनलाइन निवेश के नाम पर करोड़ों की ठगी, दिल्ली पुलिस ने 8 साइबर ठग दबोचे

 नई दिल्ली- दिल्ली पुलिस की साइबर टीम ने ऑनलाइन निवेश के नाम पर लोगों से करोड़ों रुपये की ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। दक्षिण-पश्चिम जिले के साइबर पुलिस स्टेशन ने कार्रवाई करते हुए इस मामले में 8 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि गिरफ्तार आरोपियों में कई उच्च शिक्षित युवक शामिल हैं, जिनके पास बी.टेक, एमबीए और साइबर सिक्योरिटी जैसी डिग्रियां हैं।

पुलिस जांच के अनुसार, आरोपी फर्जी ऑनलाइन स्टॉक निवेश प्लेटफॉर्म बनाकर लोगों को ज्यादा मुनाफे का लालच देते थे। इसी तरीके से एक शिकायतकर्ता से करीब 24 लाख रुपये की ठगी की गई। जांच में पता चला कि बीते 14 दिनों में इस गिरोह से जुड़े बैंक खातों में 4.5 करोड़ रुपये के लेन-देन से संबंधित 60 से अधिक शिकायतें सामने आई हैं।

पुलिस को जांच के दौरान इस नेटवर्क के तार कंबोडिया से जुड़े होने की जानकारी भी मिली है। इसके बाद दिल्ली, हरियाणा, पंजाब और मध्य प्रदेश में कई जगहों पर छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 8 मोबाइल फोन, बैंकिंग दस्तावेज और अन्य डिजिटल साक्ष्य बरामद किए हैं।

गिरफ्तार आरोपियों में मोहाली निवासी हरमनजोत सिंह और कैसर मसूदी, पानीपत का अभिषेक, दिल्ली के जाफराबाद निवासी मो. जाहिद और आमिर मलिक, जबकि मध्य प्रदेश के जबलपुर और रीवा से अमरजीत अहिरवार, आलोक शर्मा और अनंत पांडे शामिल हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और विदेशी कनेक्शन की जांच में जुटी है।


घर में सो रहे युवक पर हथौड़े से हमला, इलाज के दौरान मौत

प्रेम विवाह की रंजिश का आरोप

मुंगेर। बिहार के मुंगेर जिले से एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। हवेली खड़गपुर थाना क्षेत्र के दरियापुर गांव में घर में सो रहे एक युवक की बेरहमी से हत्या कर दी गई। हमलावरों ने युवक पर हथौड़े और धारदार हथियार से हमला किया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद पूरे गांव में भय और तनाव का माहौल बना हुआ है। परिजनों ने इस हत्या के पीछे प्रेम विवाह की रंजिश होने की आशंका जताई है।

मृतक की पहचान कपिलदेव बिंद के बेटे नीतीश कुमार के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि नीतीश अपने भाइयों के साथ मेलों में चाट-चाउमीन की दुकान लगाकर परिवार का खर्च चलाता था। सोमवार रात वह चंदवली स्थान में लगे यज्ञ मेले से दुकान बंद कर घर लौटा था और घर के नए बने हिस्से में सो गया था। उसका भाई मनीष दूसरे कमरे में मौजूद था।

सुबह करीब चार बजे परिवार के लोगों को घर के आसपास कुछ संदिग्ध गतिविधियां दिखाई दीं। शक होने पर जब कमरे में जाकर देखा गया तो नीतीश खून से लथपथ हालत में बिस्तर पर पड़ा मिला। उसके सिर और शरीर पर कई गंभीर चोटों के निशान थे। आनन-फानन में परिजन उसे इलाज के लिए हवेली खड़गपुर स्वास्थ्य केंद्र ले गए, जहां से बेहतर इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल रेफर किया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

परिजनों का आरोप है कि यह हत्या प्रेम विवाह की रंजिश में की गई है। मृतक के चचेरे भाई तुलसी कुमार के अनुसार, नीतीश के छोटे भाई रविनंदन ने हाल ही में गांव की एक युवती से प्रेम विवाह किया था। इस शादी से युवती का परिवार नाराज था और लगातार धमकियां दे रहा था। परिजनों का कहना है कि हमलावर असल में रविनंदन को निशाना बनाना चाहते थे, लेकिन पहचान की गलती में नीतीश की हत्या कर दी गई।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि मामले के हर पहलू की जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


नोएडा की कंपनी में करोड़ों की क्रिप्टो ठगी का आरोप, साइबर थाने में केस दर्ज

नोएडा- नोएडा सेक्टर-62 स्थित एक कंपनी के संचालक ने अपने कारोबारी साझेदार समेत कई लोगों पर करोड़ों रुपये की क्रिप्टो करेंसी और बिटकॉइन की धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। मामले में साइबर थाने में प्राथमिकी दर्ज कर पुलिस जांच में जुट गई है।

दिल्ली के विवेक विहार निवासी प्रतीक गौरी ने शिकायत में बताया कि उनकी मुलाकात वर्ष 2021 में प्रतीक द्विवेदी से हुई थी। इसके बाद दोनों ने तुर्क और कैकोस द्वीप समूह में फाइवआयर टेक्नोलॉजी नाम से फॉरेन एक्सचेंज कंपनी शुरू की। कंपनी का एक कार्यालय नोएडा सेक्टर-62 में भी संचालित किया जा रहा था, जहां दोनों निदेशक के रूप में कार्य कर रहे थे।

शिकायत के अनुसार कंपनी ने ‘सिंपल एग्रीमेंट फॉर फ्यूचर टोकन्स’ मॉडल के तहत करीब 2 करोड़ 10 लाख अमेरिकी डॉलर जुटाए थे। निवेश और कंपनी की रकम को सुरक्षित रखने के लिए कई डिजिटल वॉलेट बनाए गए थे, जिनमें बिटकॉइन, यूएसडीटी और अन्य क्रिप्टो संपत्तियां रखी गई थीं। इन वॉलेट्स की पहुंच दोनों निदेशकों के पास संयुक्त रूप से थी।

आरोप है कि अगस्त 2025 के बाद प्रतीक द्विवेदी ने कुछ अन्य लोगों के साथ मिलकर साजिश रची और वर्चुअल वॉलेट की गोपनीय जानकारी हासिल कर डिजिटल संपत्तियों को बिना अनुमति ट्रांसफर कर दिया। शिकायतकर्ता का दावा है कि दुबई में एक बैठक के दौरान सुरक्षा के नाम पर मोबाइल फोन अलग रखवा लिए गए थे, इसी दौरान वॉलेट के पिन और पासवर्ड तक पहुंच बनाई गई।

पुलिस का कहना है कि मामले की जांच साइबर विशेषज्ञों की मदद से की जा रही है और डिजिटल ट्रांजैक्शन की पड़ताल की जा रही है। विशेषज्ञों ने निवेशकों को सलाह दी है कि वे अपने क्रिप्टो वॉलेट की जानकारी सुरक्षित रखें और टू-फैक्टर ऑथेंटिकेशन जैसी सुरक्षा सुविधाओं का उपयोग करें।


केशव चौक पर हत्या से सनसनी, बदले की भावना को लेकर परिवार का बड़ा दावा

 नई दिल्ली- उत्तर-पूर्वी दिल्ली के वेलकम थाना क्षेत्र स्थित केशव चौक के पास एक युवक की हत्या का मामला सामने आया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम मौके पर पहुंच गई और जांच शुरू कर दी गई। इलाके में वारदात के बाद तनाव का माहौल बना हुआ है।

प्रारंभिक जांच के दौरान मृतक के परिजनों ने हत्या के पीछे पुरानी रंजिश और बदले की भावना होने की आशंका जताई है। मृतक के पिता ने कहा कि परिवार पहले से ही गहरे आक्रोश में था और उन्हें शक है कि इसी दुश्मनी के चलते वारदात को अंजाम दिया गया।

वहीं, मृतक की मां ने भी भावुक होते हुए कहा कि परिवार लंबे समय से न्याय की मांग कर रहा था और इस घटना ने उनके दर्द को और बढ़ा दिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश में जुटी हुई है।

फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का दावा किया गया है।


घरेलू विवाद में पति बना हैवान, महिला पर चाकू से किया जानलेवा हमला

हनुमानगढ़ शहर की भट्टा कॉलोनी में घरेलू विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जहां एक महिला पर उसके पति द्वारा चाकू से जानलेवा हमला किए जाने का मामला सामने आया है। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई, जिसके बाद इलाके में हड़कंप मच गया।

जानकारी के अनुसार परमजीत कौर और उसके पति परमजीत सिंह के बीच किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर पति ने गुस्से में आकर महिला पर चाकू से ताबड़तोड़ वार कर दिए। हमले के दौरान महिला की पीठ में चाकू गहराई तक धंस गया, जिससे उसकी हालत बेहद गंभीर हो गई।

घटना के बाद परिजन और स्थानीय लोग तुरंत घायल महिला को अस्पताल लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद उसे गंभीर हालत में बीकानेर के पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया, जहां ट्रॉमा सेंटर में डॉक्टरों की टीम ने तत्काल ऑपरेशन कर शरीर में फंसा चाकू बाहर निकाला।

डॉक्टरों के मुताबिक महिला के शरीर पर कई अन्य चोटों के निशान भी मिले हैं। फिलहाल उसे अस्पताल में निगरानी में रखा गया है और उसकी हालत गंभीर बनी हुई है।

घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में घरेलू विवाद को हमले की मुख्य वजह माना जा रहा है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी जुटा रही है।


बवानीखेड़ा तहसील में विजिलेंस का छापा, पटवारी और वकील रिश्वत लेते गिरफ्तार

भिवानी- भिवानी जिले के बवानीखेड़ा तहसील कार्यालय में विजिलेंस विभाग ने रिश्वतखोरी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए एक पटवारी और एक वकील को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के बाद तहसील कार्यालय में हड़कंप मच गया और कर्मचारियों के बीच चर्चा का माहौल बन गया।

जानकारी के अनुसार परवीन नामक व्यक्ति ने विजिलेंस विभाग को शिकायत देकर आरोप लगाया था कि खेवट तकसीम के काम के बदले नरेंद्र पटवारी द्वारा एक लाख रुपये की रिश्वत मांगी जा रही है। शिकायत में यह भी कहा गया कि रकम वकील भूपेंद्र के माध्यम से ली जानी थी।

शिकायत मिलने के बाद विजिलेंस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से कार्रवाई की। इंस्पेक्टर जगजीत के नेतृत्व में टीम ने जिला मत्स्य अधिकारी एवं ड्यूटी मजिस्ट्रेट सुरेंद्र सिंह की मौजूदगी में तहसील कार्यालय में छापा मारा। इस दौरान पटवारी नरेंद्र और वकील भूपेंद्र को कथित रिश्वत लेते हुए मौके पर ही पकड़ लिया गया।

विजिलेंस विभाग ने आरोपियों के कब्जे से रिश्वत की रकम भी बरामद कर ली है। दोनों के खिलाफ भ्रष्टाचार निरोधक अधिनियम के तहत केस दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी गई है।

अधिकारियों का कहना है कि सरकारी दफ्तरों में भ्रष्टाचार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और रिश्वत लेने वालों को किसी भी हालत में बख्शा नहीं जाएगा।


गोहाना में पिता पर बेटे की हत्या की कोशिश का आरोप, मां ने बचाई मासूम की जान

जींद- हरियाणा के गोहाना से इंसानियत को झकझोर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक पिता पर अपने ही सात वर्षीय बेटे की जान लेने की कोशिश का आरोप लगा है। पीड़ित महिला ने अपने पति के खिलाफ गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस और बाल कल्याण समिति से कार्रवाई की मांग की है।

महिला हसीना ने एसपी जींद को दी शिकायत में बताया कि उसका पति अकबर अक्सर उसके और बच्चों के साथ मारपीट करता था। आरोप है कि 15 मई की रात छोटा बेटा खाने के लिए कुछ मांग रहा था, तभी आरोपी पिता गुस्से में आ गया और बच्चे की बेरहमी से पिटाई शुरू कर दी।

शिकायत के मुताबिक आरोपी ने बच्चे को जमीन पर लिटाकर उसके ऊपर बैठ गया और उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया, जिससे बच्चे का दम घुटने लगा। मां ने किसी तरह बेटे को छुड़ाया। इस दौरान घर में मौजूद अन्य बच्चों ने घटना का वीडियो भी बना लिया।

घटना के बाद बच्चे की तबीयत बिगड़ गई, जिसके बाद महिला अपने मायके जींद पहुंची और बेटे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों का कहना है कि बच्चा ठीक से खाना नहीं खा पा रहा और लगातार उल्टियां हो रही हैं।

महिला का आरोप है कि अगले दिन आरोपी जींद पहुंच गया और परिवार को जान से मारने की धमकी देने लगा। डर के चलते डायल 112 पर सूचना दी गई, लेकिन पुलिस द्वारा आरोपी को बिना कार्रवाई छोड़ देने का आरोप भी लगाया गया है। अब पीड़िता ने एसपी से आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर सख्त कार्रवाई की मांग की है।


क्राइम ब्रांच के गुप्त ऑपरेशन में हनीट्रैप गिरोह का भंडाफोड़, कई आरोपी गिरफ्तार

निजी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कारोबारी से मांगी मोटी रकम

इंदौर। मध्य प्रदेश के इंदौर में एक बड़े शराब कारोबारी को ब्लैकमेल कर करोड़ों रुपये की उगाही करने के मामले ने सनसनी फैला दी है। क्राइम ब्रांच ने इस हाई-प्रोफाइल मामले में तेजी से कार्रवाई करते हुए एक महिला समेत कई लोगों को हिरासत में लिया है। आरोप है कि कारोबारी को निजी फोटो और वीडियो वायरल करने की धमकी देकर भारी रकम मांगी जा रही थी। जांच में एक पुलिसकर्मी की संदिग्ध भूमिका भी सामने आई है, जिसके बाद पूरे मामले ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस अब इस गिरोह के नेटवर्क और अन्य संभावित मामलों की गहन जांच कर रही है।

पुराने परिचय से शुरू हुआ ब्लैकमेल का खेल

पुलिस अधिकारियों के अनुसार इंदौर के बाणगंगा क्षेत्र में रहने वाले शराब कारोबारी ने शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनकी पहचान द्वारकापुरी निवासी अलका दीक्षित से पहले से थी। अलका पर पहले भी कई आपराधिक मामले दर्ज बताए जा रहे हैं। कारोबारी का आरोप है कि इसी परिचय के जरिए उन्हें एक बड़े निवेशक बताने वाले लाखन चौधरी से मिलवाया गया, जिसने प्रॉपर्टी कारोबार में साझेदारी का प्रस्ताव रखा।

साझेदारी ठुकराने पर बढ़ा दबाव

कारोबारी के मुताबिक जब उन्होंने व्यापार में हिस्सेदारी देने से इनकार कर दिया, तो उन पर लगातार दबाव बनाया जाने लगा। आरोप है कि बाद में उन्हें निजी फोटो और वीडियो सार्वजनिक करने की धमकी दी गई। शिकायत में यह भी कहा गया कि कुछ दिन पहले आरोपियों ने सुपर कॉरिडोर क्षेत्र में कारोबारी के साथ मारपीट की और बड़ी रकम की मांग करते हुए जान से मारने की धमकी दी।

क्राइम ब्रांच ने चलाया गुप्त अभियान

मामले को गंभीर मानते हुए पुलिस कमिश्नर के निर्देश पर क्राइम ब्रांच ने विशेष ऑपरेशन शुरू किया। वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी में कई टीमों का गठन कर अलग-अलग स्थानों पर एक साथ दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान अलका दीक्षित, उसके बेटे जयदीप और लाखन चौधरी को हिरासत में लिया गया। इसके बाद मामले की कथित मुख्य सूत्रधार श्वेता विजय जैन को भी भोपाल से पकड़कर इंदौर लाया गया।

पुलिसकर्मी की भूमिका से जांच में आया नया मोड़

जांच के दौरान इंटेलिजेंस शाखा में तैनात एक हेड कॉन्स्टेबल की भूमिका भी संदिग्ध पाई गई। पुलिस को तकनीकी जांच और मोबाइल चैट से ऐसे संकेत मिले हैं कि वह आरोपियों के संपर्क में था। इसके बाद पुलिस ने संबंधित पुलिसकर्मी को हिरासत में लेकर उसके मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त कर लिए हैं।

कई और लोगों के फंसने की आशंका

पुलिस को शक है कि यह गिरोह लंबे समय से प्रभावशाली और संपन्न लोगों को निशाना बनाकर ब्लैकमेलिंग का नेटवर्क चला रहा था। शुरुआती जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी के खिलाफ पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल सभी आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है और इसमें और कौन-कौन शामिल हो सकते हैं।


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