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200 टन कॉपर दिलाने का झांसा देकर 25.75 लाख की ठगी, खुद को कस्टम अधिकारी बताकर बनाया शिकार

Category Archives: क्राइम

200 टन कॉपर दिलाने का झांसा देकर 25.75 लाख की ठगी, खुद को कस्टम अधिकारी बताकर बनाया शिकार

गाजियाबाद: दिल्ली-एनसीआर में शातिर ठगों के हौसले बुलंद हैं। ताजा मामला गाजियाबाद के विजयनगर थाना क्षेत्र से सामने आया है, जहाँ खुद को कस्टम विभाग का कर्मचारी बताने वाले एक जालसाज ने ऑटो रिपेयर कारोबारी से ₹25.75 लाख की मोटी रकम ठग ली। आरोपी ने पीड़ित को बेहद कम कीमत पर 200 टन कॉपर (तांबा) दिलाने का लालच देकर जाल में फंसाया था। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।

कालकाजी मंदिर में रची गई थी ठगी की बिसात

पीड़ित मीर सिंह (निवासी विजयनगर) ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि अप्रैल 2024 में वह अपने एक परिचित के साथ दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर गए थे। वहाँ उनकी मुलाकात एक अज्ञात व्यक्ति से कराई गई। उस व्यक्ति ने खुद को कस्टम विभाग का कर्मचारी बताकर मीर सिंह का भरोसा जीत लिया। आरोपी ने दावा किया कि वह विभाग के जरिए उन्हें बेहद सस्ते दामों पर 200 टन कॉपर उपलब्ध करा सकता है, लेकिन इसके लिए एडवांस ‘सुरक्षा राशि’ जमा करनी होगी।

सिक्योरिटी मनी के नाम पर ऐंठे ₹26.50 लाख

आरोपी के झांसे में आकर मीर सिंह ने उसके बैंक खाते में ₹16 लाख ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए, जबकि ₹10.50 लाख नकद (कैश) सौंप दिए। इस तरह आरोपी ने कुल ₹26.50 लाख वसूल लिए और पीड़ित को भरोसे के तौर पर एक चेक भी थमा दिया।

रकम वापस मांगने पर मिली जान से मारने की धमकी

मोटी रकम हड़पने के बाद आरोपी कॉपर की डिलीवरी देने के नाम पर लगातार तारीखें टालने लगा। जब पीड़ित ने पैसे वापस करने का दबाव बनाया, तो आरोपी ने पेटीएम के जरिए तीन किस्तों में महज ₹75 हजार वापस किए, लेकिन बाकी के ₹25.75 लाख डकार गया। मीर सिंह ने जब अपनी शेष रकम के लिए दोबारा संपर्क किया, तो आरोपी ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी।

विजयनगर थाना पुलिस के अनुसार, पीड़ित की तहरीर के आधार पर धोखाधड़ी और धमकी देने की धाराओं में केस दर्ज कर लिया गया है। पुलिस बैंक खातों और ट्रांजैक्शन डिटेल के आधार पर फर्जी कस्टम अधिकारी की तलाश में जुट गई है।


उक्रांद महानगर अध्यक्ष मोहित साह की पत्नी ने खुद को लगाई आग, शादी की 18वीं सालगिरह के दिन घर में पसरा मातम

अल्मोड़ा-  उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के महानगर अध्यक्ष मोहित साह की पत्नी लता साह (37) की सोमवार सुबह संदिग्ध परिस्थितियों में जलने से दर्दनाक मौत हो गई। घटना मॉल रोड स्थित आरसीएम शॉपिंग मॉल के पास स्थित उनके निवास की है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया है। दूसरों को मानसिक शांति का पाठ पढ़ाने वाली योग प्रशिक्षिका के इस आत्मघाती कदम से पूरा क्षेत्र स्तब्ध है।

सालगिरह के दिन खुशियां बदलीं मातम में

प्राप्त जानकारी के अनुसार, सोमवार को मोहित साह और लता साह की शादी की 18वीं सालगिरह थी। घर में उत्सव और समारोह की तैयारियां चल रही थीं। इसी बीच सुबह जब मोहित साह अपने बेटे को स्कूल छोड़ने गए थे, तभी लता ने घर में रखे पेट्रोल को खुद पर छिड़ककर आग लगा ली। पति जब घर लौटे तो अंदर का नजारा देख उनके होश उड़ गए। आनन-फानन में लता को गंभीर हालत में नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

मानसिक अवसाद की बात आई सामने

मृतका लता साह मासी डिग्री कॉलेज में एक कुशल योग प्रशिक्षिका थीं। वह छात्र-छात्राओं को मानसिक शांति, ध्यान और समग्र कल्याण के गुर सिखाती थीं। पुलिस के अनुसार, करीब 15 दिन पहले भी उन्होंने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास किया था, लेकिन तब समय रहते उनकी जान बचा ली गई थी।

पुलिस जांच जारी

कोतवाल योगेश चंद्र उपाध्याय ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है। घर के अंदर ही पेट्रोल की बोतल मौजूद थी, जिससे यह हादसा हुआ। फिलहाल इस मामले में परिजनों की तरफ से पुलिस को कोई लिखित शिकायत या तहरीर नहीं मिली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यदि कोई शिकायत प्राप्त होती है, तो मामले की गहनता से जांच की जाएगी।


भोपाल में नशीली कफ सिरप तस्करी पर STF का शिकंजा, 30 हजार का इनामी आरोपी गिरफ्तार

भोपाल: मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में नशीली कफ सिरप की अवैध तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ ने बहुचर्चित 49,920 बोतल ‘ऑनरेक्स कफ सिरप’ की बरामदगी मामले में लंबे समय से फरार चल रहे 30 हजार रुपये के इनामी मुख्य आरोपी अर्जुन मालवीय उर्फ निखिल को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए राजस्थान के जयपुर में छिपा हुआ था, लेकिन जैसे ही वह अपने एक परिचित से मिलने बैतूल पहुंचा, एसटीएफ ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया।

दिखावे की दुकान और ड्रग लाइसेंस का खेल

एसटीएफ भोपाल के पुलिस अधीक्षक राजेश सिंह भदौरिया के मुताबिक, गांधी नगर इलाके में चल रही अवैध कफ सिरप फैक्ट्री के भंडाफोड़ के बाद अर्जुन मालवीय का नाम सामने आया था। जांच में पता चला कि बागसेवनिया स्थित सुरेंद्र पैलेस में ‘अर्जुन ट्रेडर्स’ के नाम से एक ड्रग लाइसेंस लिया गया था। आरोपी इसी लाइसेंस की आड़ में कफ सिरप की खरीद-बिक्री के फर्जी दस्तावेज तैयार कर रहा था। हालांकि, जब एसटीएफ ने दुकान पर छापा मारा, तो वहां कफ सिरप की एक भी शीशी नहीं मिली। यह दुकान सिर्फ कागजी खानापूर्ति और अवैध काले कारोबार को वैध रूप देने के लिए खोली गई थी।

5 दिन की पुलिस रिमांड, स्थानीय पुलिस पर उठे सवाल

गिरफ्तारी के बाद आरोपी अर्जुन को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे 5 दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। एसटीएफ अब उससे पूरी सप्लाई चेन, वित्तीय लेन-देन और गिरोह के अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ कर रही है।

इस बड़े खुलासे के बाद गांधी नगर थाना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जिस इलाके में इतने बड़े पैमाने पर नशीली सिरप की अवैध फैक्ट्री चल रही थी, वहां की स्थानीय पुलिस को इसकी भनक तक नहीं लगी। इस लापरवाही को लेकर अब स्थानीय खुफिया तंत्र और पुलिस गश्त पर प्रश्नचिह्न लग रहे हैं।


IGI एयरपोर्ट पर 5.38 करोड़ की ड्रग्स बरामद: गीजर के अंदर सीक्रेट केबिन बनाकर छुपाया था हाइड्रोपोनिक गांजा, 2 गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली के इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय (IGI) एयरपोर्ट पर कस्टम्स की एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। अधिकारियों ने कुआलालंपुर से आए दो यात्रियों के पास से 15.38 किलोग्राम उच्च गुणवत्ता वाला हाइड्रोपोनिक गांजा (वीड) बरामद किया है। अंतर्राष्ट्रीय बाजार में जब्त की गई इस ड्रग्स की कीमत लगभग 5.38 करोड़ रुपये आंकी गई है।

गीजर के अंदर बनाया था ‘हाईटेक’ सीक्रेट केबिन

कस्टम अधिकारियों के मुताबिक, 7 जून 2026 को कुआलालंपुर से आई फ्लाइट नंबर D7-182 से दो यात्री दिल्ली पहुंचे थे। शक के आधार पर जब दोनों को ग्रीन चैनल पार करने के बाद रोका गया, तो उनके पास चेक-इन बैग के साथ दो नए गीजर मिले। सघन पूछताछ और उनके मोबाइल कम्युनिकेशन की जांच के बाद अधिकारियों का संदेह गहरा गया। जब गीजरों को एक्स-रे मशीन से स्कैन किया गया, तो उनके अंदर कुछ संदिग्ध चीजें नजर आईं।

जब कस्टम टीम ने गीजरों को कटर से कटवाकर खोला, तो उसके भीतर एक बेहद अत्याधुनिक और परिष्कृत छिपाने की व्यवस्था (सोफिस्टिकेटेड हाइडिंग मैकेनिज्म) देखकर अधिकारी भी दंग रह गए। गीजर के टैंक के अंदरूनी हिस्से में 145 वैक्यूम सील पैकेट छिपाकर रखे गए थे, जिनमें हरा पत्तेदार मादक पदार्थ (हाइड्रोपोनिक वीड) भरा हुआ था।

NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज, जांच जारी

कस्टम्स की टीम ने 5.38 करोड़ रुपये मूल्य के मादक पदार्थ को नार्कोटिक्स एक्ट के तहत जब्त कर लिया है और दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एयर इंटेलिजेंस यूनिट (AIU) अब दोनों तस्करों से कड़ाई से पूछताछ कर रही है ताकि दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों में फैले इस ड्रग्स नेटवर्क और इसके मुख्य सप्लायरों का पता लगाया जा सके।


दिल्ली यूनिवर्सिटी की असिस्टेंट प्रोफेसर हत्याकांड का खुलासा, करोड़ों की संपत्ति हड़पने के लिए रची गई थी साजिश

नई दिल्ली: दिल्ली विश्वविद्यालय की सहायक प्रोफेसर देबोस्मिता पॉल (39) की सनसनीखेज हत्या के मामले में दिल्ली पुलिस ने एक बड़े और खौफनाक नेक्सस का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में पश्चिम बंगाल से किरायेदार दंपती—राम प्रसाद दास और उसकी पत्नी बनश्री दास को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में जो खुलासे हुए हैं, वे किसी फिल्मी स्क्रिप्ट से कम नहीं हैं। आरोपियों ने महज डेढ़ महीने पहले ही प्रोफेसर की करोड़ों रुपये की संपत्ति हड़पने के लिए इस जघन्य हत्याकांड की साजिश रच ली थी।

करोड़ों की प्रॉपर्टी और खूनी नीयत

जांच के अनुसार, मुख्य आरोपी राम प्रसाद दास पिछले तीन सालों से पश्चिम बंगाल के बर्धवान में स्थित प्रोफेसर देबोस्मिता के 1200 गज के आलीशान मकान में किराये पर रह रहा था। इस प्रॉपर्टी की कीमत करोड़ों में है। कुछ समय पहले जब प्रोफेसर ने मकान खाली करने का दबाव बनाया और बात न मानने पर कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी, तो किरायेदार दंपती ने उन्हें रास्ते से हटाने का मन बना लिया।

बेटे को बनाया ढाल, उस्तरे और मूसली से किया वार

हत्या की वारदात को अंजाम देने के लिए आरोपी अपने 13 साल के मासूम बेटे को ढाल बनाकर दिल्ली लाए थे। आरोपी अपने साथ बैग में मूसली, उस्तरा और कई जोड़ी कपड़े छिपाकर लाए थे। 3 जून की रात वसुंधरा एन्क्लेव स्थित सत्यम अपार्टमेंट में आरोपियों ने प्रोफेसर पर मूसली से ताबड़तोड़ वार किए और फिर उस्तरे से कलाई की नसें काट दीं। इस पूरी खौफनाक वारदात को उनके नाबालिग बेटे के सामने अंजाम दिया गया।

सीसीटीवी और ‘मास्क’ ने खोला राज

वारदात के बाद शातिर दंपती ने पुलिस को गुमराह करने के लिए कई बार कपड़े बदले। वे कैब और ऑटो बदलकर नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पहुंचे और पूर्वा एक्सप्रेस से बंगाल फरार हो गए। हालांकि, रेलवे स्टेशन पर घबराहट में पत्नी बनश्री दास ने अपना मास्क उतार दिया, जिससे उनकी पहचान सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। दिल्ली पुलिस ने तकनीकी सर्विलांस की मदद से पीछा करते हुए आरोपियों को बंगाल के बर्धवान स्थित उनके घर से दबोच लिया।

फर्जी पुलिस ID और कीमती सामान बरामद

पुलिस ने आरोपियों के पास से मृतका का मोबाइल, 25 महंगी घड़ियां, राम प्रसाद के नाम का पश्चिम बंगाल पुलिस का फर्जी आईकार्ड और टीटी (TT) की नेमप्लेट बरामद की है। फिलहाल पुलिस इस बात की कानूनी जांच कर रही है कि वारदात में 13 वर्षीय नाबालिग बेटे की क्या भूमिका थी।


प्रेम संबंध के विवाद में 18 वर्षीय युवक की पीट-पीटकर हत्या, दोस्त गंभीर घायल

नई टिहरी (लंबगांव): उत्तराखंड के टिहरी गढ़वाल जिले के प्रतापनगर स्थित खोलगढ़ गांव में प्रेम प्रसंग के चलते एक 18 वर्षीय युवक की लाठी-डंडों से पीट-पीटकर बेरहमी से हत्या करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इस जानलेवा हमले में युवक का एक दोस्त भी गंभीर रूप से घायल हुआ है, जिसे इलाज के लिए जिला अस्पताल बौराड़ी में भर्ती कराया गया है। इस वारदात के बाद से पूरे इलाके में तनाव और भारी आक्रोश का माहौल है।

रातभर लहूलुहान हालत में पड़े रहे दोनों युवक

मृतक युवक की पहचान प्रतापनगर के देवल गांव निवासी कीर्तन के रूप में हुई है। पीड़ित पिता धनपाल लाल ने बताया कि रविवार रात करीब 11 बजे उनके बेटे कीर्तन को खोलगढ़ गांव की एक युवती के फोन से कॉल करके बुलाया गया था। आरोप है कि प्रेम प्रसंग से नाराज युवती के पिता ने अपनी बेटी के साथ मिलकर कीर्तन और उसके दोस्त दिवाकर पर लाठी-डंडों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमला इतना खौफनाक था कि दोनों युवक रातभर लहूलुहान हालत में मौके पर ही पड़े रहे।

सुबह जब स्थानीय ग्रामीणों ने उन्हें देखा तो परिजनों को सूचित किया। परिजन आनन-फानन में कीर्तन को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चौंड ले गए, जहाँ डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल दिवाकर को प्राथमिक उपचार के बाद जिला चिकित्सालय बौराड़ी रेफर कर दिया गया है।

परिजनों ने शव उठाने से किया इन्कार

घटना से गुस्साए परिजनों ने न्याय की मांग को लेकर मृतक कीर्तन का शव उठाने से साफ इन्कार कर दिया है। वर्तमान में शव को सीएचसी लंबगांव में रखा गया है। परिजनों और ग्रामीणों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि ऑनर किलिंग के इस मामले में आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त धाराओं में कार्रवाई की जाए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।


AI से तस्वीरें मॉर्फ कर युवतियों को ब्लैकमेल करने वाला साइबर ठग गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस के उत्तरी जिला की साइबर सेल थाना पुलिस ने सोशल मीडिया पर सक्रिय एक ऐसे शातिर अपराधी को गिरफ्तार किया है, जो एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) टूल्स का गलत इस्तेमाल कर लड़कियों को ब्लैकमेल करता था। आरोपी लड़कियों को बड़ी कंपनियों में नौकरी दिलाने का झांसा देकर अपने जाल में फंसाता था और फिर उनकी तस्वीरों को अश्लील बनाकर उनसे मोटी रकम वसूलता था। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सौरव के रूप में हुई है, जो भलस्वा डेरी इलाके का रहने वाला है।

वीडियो वेरिफिकेशन के बहाने लेता था स्क्रीनशॉट

डीसीपी (उत्तरी जिला) राजा बांठिया के मुताबिक, सौरव एक स्कूल ड्रॉपआउट है और फिलहाल एक प्राइवेट फाइनेंस कंपनी में काम कर रहा था। वह खुद को फाइनेंस कंपनी का बड़ा कर्मचारी बताकर सोशल मीडिया पर लड़कियों से संपर्क करता था। नौकरी का झांसा देकर वह सबसे पहले लड़कियों का भरोसा जीतता और उनका रिज्यूम मंगवा लेता था। इसके बाद वह ‘वीडियो वेरिफिकेशन’ के बहाने लड़कियों से वीडियो कॉल पर बात करता था और कॉल के दौरान चुपके से स्क्रीनशॉट ले लेता था। इन स्क्रीनशॉट को वह एआई (AI) टूल्स की मदद से अश्लील तस्वीरों में बदल (मॉर्फ्ड) देता था। बाद में इन्हीं तस्वीरों को वायरल करने की धमकी देकर जबरन वसूली करता था।

19 वर्षीय छात्रा की शिकायत पर हुआ भंडाफोड़

इस गिरोह का पर्दाफाश तब हुआ जब मल्कागंज की रहने वाली एक 19 वर्षीय छात्रा ने नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता को व्हाट्सएप पर उसकी एक मॉर्फ्ड तस्वीर भेजी गई थी और ‘लक्ष्य गर्ग’ नाम की स्नैपचैट प्रोफाइल से संपर्क कर फोटो डिलीट करने के बदले 30 हजार रुपये मांगे गए थे। डर के मारे पीड़िता के परिवार ने पैसे ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी ने दोबारा 10 हजार रुपये वसूले और पीड़िता पर उसकी अन्य सहेलियों के नंबर देने का दबाव बनाने लगा। धमकियों से परेशान होकर छात्रा ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

तकनीकी सर्विलांस से दबोचा गया आदतन अपराधी

एसीपी ऑपरेशंस विशेष दतरवाल और साइबर थाने के एसएचओ इंस्पेक्टर रोहित गहलोत की टीम ने डिजिटल साक्ष्यों और तकनीकी सर्विलांस की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की और उसे भलस्वा डेरी से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के पास से वारदात में इस्तेमाल मोबाइल, सिम कार्ड और वाई-फाई राउटर बरामद हुआ है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, आरोपी सौरव एक आदतन अपराधी है, जो साल 2022 और 2023 में भी भारत नगर और शाहदरा के साइबर थानों में जबरन वसूली, यौन उत्पीड़न और पीछा करने (स्टॉकिंग) के मामलों में जेल जा चुका है।


अवैध संबंध के शक में पत्नी के सामने फल विक्रेता पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला, आरोपी रायपुर से गिरफ्तार

बिलासपुर: छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित तिफरा बाजार चौक पर सरेराह एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक फल विक्रेता पर उसकी पत्नी के सामने ही धारदार चाकू से जानलेवा हमला किया गया। हमले के बाद बाजार में अफरा-तफरी मच गई, जिसका फायदा उठाकर आरोपी मौके से फरार हो गया था। हालांकि, सिरगिट्टी थाना पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को रायपुर से घेराबंदी कर गिरफ्तार कर लिया है।

पीठ पीछे से आकर किया वार

घायल फल विक्रेता की पहचान मनीष गोस्वामी के रूप में हुई है। मनीष की पत्नी द्वारा सिरगिट्टी थाने में दर्ज कराई गई रिपोर्ट के मुताबिक, मनीष बाजार चौक पर अपनी फल दुकान के पास खड़ा था। इसी दौरान आरोपी दुर्गेश साहू उर्फ गोलू सर्किट वहाँ पहुँचा। उसने पीछे से मनीष को दबोच लिया और उस पर धारदार चाकू से ताबड़तोड़ वार करने शुरू कर दिए। गंभीर रूप से घायल मनीष को तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ उसका इलाज जारी है।

अवैध संबंध बना हमले की वजह

पुलिस जांच और पूछताछ में यह बात सामने आई है कि यह हमला पुरानी रंजिश और अवैध संबंधों के चलते किया गया था। घायल मनीष गोस्वामी का आरोपी दुर्गेश साहू के परिवार की एक महिला के साथ कथित रूप से अवैध संबंध था और उसने उस महिला को ग्राम सैदा में रखा हुआ था। इस बात को लेकर आरोपी दुर्गेश के मन में मनीष के प्रति गहरा गुस्सा था। इसी आक्रोश के चलते उसने मनीष को रास्ते से हटाने की साजिश रची।

रायपुर से दबोचा गया आरोपी

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी दुर्गेश साहू बिलासपुर से भागकर रायपुर में छिप गया था। मुखबिर से मिली पुख्ता सूचना के आधार पर सिरगिट्टी थाने की एक विशेष टीम तुरंत रायपुर रवाना हुई और घेराबंदी कर आरोपी को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से हमले में इस्तेमाल किया गया धारदार चाकू भी बरामद कर लिया है। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।


अंतरराष्ट्रीय हथियार और हवाला नेटवर्क का भंडाफोड़,अफगान नागरिक समेत 4 गिरफ्तार; 8 पिस्तौल बरामद

अमृतसर: अमृतसर जिला शहरी पुलिस ने सीमा पार से चल रहे अवैध हथियारों की तस्करी और हवाला नेटवर्क के खिलाफ एक बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए एक अफगान नागरिक सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से आठ अत्याधुनिक (सोफिस्टिकेटेड) पिस्तौल और सात जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं।

विदेशी तस्करों से जुड़े हैं तार

पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि पकड़े गए आरोपी विदेश में बैठे एक बड़े तस्कर के सीधे संपर्क में थे। वह तस्कर भारत में छिपे हुए ‘ड्रॉप प्वाइंट्स’ (Drop Points) के जरिए हथियारों और पैसों की खेप भेजता था। पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए इन अत्याधुनिक हथियारों को पंजाब और अन्य राज्यों के आपराधिक तत्वों (क्रिमिनल गैंग्स) तक पहुँचाया जाना था, जहाँ से इन्हें आगे सप्लाई करने की योजना थी।

इस्लामाबाद और गेट हकीमां थाने में केस दर्ज

अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बताया कि इस मामले में थाना इस्लामाबाद और थाना गेट हकीमां में गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस अब इस पूरे सिंडिकेट के आगे-पीछे के संपर्कों (Forward and Backward Linkages) को खंगाल रही है। इसके साथ ही विदेश में बैठे मुख्य संचालकों और इस नेटवर्क से जुड़े स्थानीय मददगारों की पहचान की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच काफी गहनता से चल रही है। आने वाले दिनों में इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से जुड़े कुछ और बड़े चेहरों की गिरफ्तारी और भारी मात्रा में अतिरिक्त बरामदगी होने की पूरी संभावना है।


जेल अस्पताल के बाथरूम में 16 मुकदमों के आरोपी बंदी ने लगाया फंदा, परिजनों ने जेल डिप्टी पर जड़े गंभीर आरोप

फरीदाबाद: जिले की हाई-सिक्योरिटी वाली नीमका जिला जेल से एक बड़ी खबर सामने आई है। यहाँ सोमवार तड़के जेल अस्पताल के बाथरूम में एक बंदी ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान गाजीपुर निवासी 25 वर्षीय ऋतिक उर्फ रंकित भड़ाना के रूप में हुई है, जो पिछले 11 महीनों से विभिन्न आपराधिक मामलों में जेल में बंद था। इस घटना के बाद से जेल प्रशासन और सुरक्षा व्यवस्था पर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं।

जेल अस्पताल के बाथरूम में मिला शव

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मृतक ऋतिक के खिलाफ मारपीट और हत्या के प्रयास समेत करीब 16 आपराधिक मामले दर्ज थे। पिछले कुछ दिनों से तबीयत खराब होने के कारण उसे जेल परिसर के ही अस्पताल में भर्ती कराया गया था। रविवार देर रात जब ड्यूटी पर तैनात कर्मचारियों ने ऋतिक को उसके बिस्तर पर नहीं पाया, तो उसकी तलाश शुरू हुई। इस दौरान वह अस्पताल के बाथरूम में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही जेल डिप्टी साजिद खान मौके पर पहुंचे और शव को पोस्टमार्टम के लिए बादशाह खान सिविल अस्पताल भेजा गया।

परिजनों ने लगाया प्रताड़ना का आरोप

इस घटना के बाद मृतक के भाई राजेश ने जेल प्रशासन पर बेहद गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि ऋतिक को जेल के भीतर लगातार प्रताड़ित और मारपीट का शिकार बनाया जाता था, जिसके कारण वह गहरे मानसिक तनाव में था। हालांकि, जेल डिप्टी साजिद खान ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि जेल में सभी के साथ समान व्यवहार होता है और ऋतिक अपनी बीमारी व अन्य कारणों से तनाव में था। पुलिस ने मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में शव का पोस्टमार्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है।

पहले भी विवादों में रही है नीमका जेल

नीमका जेल में सुरक्षा चूक का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले इसी साल फरवरी 2026 में हाई सिक्योरिटी वार्ड में एक आतंकी आरोपी की हत्या और मार्च में कैदियों के आपसी विवाद में खौलता तेल फेंकने जैसी वारदातें सामने आ चुकी हैं। अब इस ताजा घटना के बाद जेल की निगरानी प्रणाली और प्रशासनिक कार्यप्रणाली एक बार फिर मजिस्ट्रेट जांच के दायरे में है।


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