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सुनाम की अनाज मंडी में व्यक्ति ने खुद को आग लगाकर की खुदकुशी, सुसाइड नोट से खुले कई राज

Category Archives: क्राइम

सुनाम की अनाज मंडी में व्यक्ति ने खुद को आग लगाकर की खुदकुशी, सुसाइड नोट से खुले कई राज

सुनाम (पंजाब): संगरूर जिले के सुनाम के पास चीमा कस्बे से एक बेहद दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ की अनाज मंडी में एक 58 वर्षीय व्यक्ति ने एक पीटर रेहड़े (जुगाड़ वाहन) के अंदर खुद को आग लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की भयावहता को देखते हुए पुलिस और फॉरेंसिक टीमों ने तुरंत मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है।

अंतिम संस्कार की सामग्री लेकर घर से निकला था मृतक सुनाम के डीएसपी हरविंदर सिंह खैरा ने मामले की जानकारी देते हुए बताया कि पुलिस को सुबह चीमा अनाज मंडी में एक रेहड़े में भीषण आग लगने की सूचना मिली थी। जब तक पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तब तक वाहन में सवार व्यक्ति की जिंदा जलने से मौत हो चुकी थी। मृतक की पहचान गुरुद्वारा जन्म स्थान चीमा के पास रहने वाले गुरनैब सिंह उर्फ नैब सिंह (58) के रूप में हुई है।

जांच में सामने आया कि नैब सिंह धार्मिक प्रवृत्ति के व्यक्ति थे और गुरुघर की सेवा से जुड़े थे। उन्होंने आत्महत्या की तैयारी पहले ही कर ली थी। वारदात से एक दिन पहले ही उन्होंने अपने रेहड़े में सूखी लकड़ियां इकट्ठा की थीं। सुबह तड़के वह साइकिल से घर से निकले, निहंग छावनी के पास साइकिल खड़ी की और वहां से लकड़ियों से लदा रेहड़ा लेकर अनाज मंडी पहुंचे, जहाँ सुबह करीब 4:30 से 4:45 बजे के बीच उन्होंने खुद को आग के हवाले कर दिया।

सुसाइड नोट में मिला पैसों का हिसाब-किताब पुलिस को तलाशी के दौरान मृतक के घर से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसने हर किसी को झकझोर कर रख दिया है। पत्र में गुरनैब सिंह ने लिखा कि वह अपने अंतिम संस्कार के लिए जरूरी सामग्री—जैसे लकड़ियां, तेल, डीजल, पेट्रोल और घी आदि अपने साथ ही लेकर जा रहा है। इसके साथ ही, सुसाइड नोट में उन्होंने अपने एक रिश्तेदार के साथ पैसों के लेनदेन का पूरा ब्योरा भी लिखा है, जिसे सुसाइड की मुख्य वजह माना जा रहा है।

डीएसपी खैरा के मुताबिक, आग इतनी भीषण थी कि शव बुरी तरह झुलस गया है। शिनाख्त की औपचारिकताएं पूरी करने के बाद शव को पोस्टमार्टम और डीएनए टेस्ट के लिए सिविल अस्पताल सुनाम के शवगृह में रखवा दिया गया है। पुलिस सुसाइड नोट के आधार पर लेनदेन के विवाद और मामले के सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच कर रही है।


काला जठेड़ी गैंग बनकर मांगी 3 करोड़ की रंगदारी, दिल्ली पुलिस ने दो कारोबारियों को दबोचा

नई दिल्ली: उत्तर पश्चिम जिला पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए रंगदारी के एक अनोखे मामले का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने एक कारोबारी से कुख्यात गैंगस्टर ‘काला जठेड़ी गैंग’ का नाम लेकर 3 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगने के आरोप में दो व्यवसायियों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान हरियाणा के यमुनानगर निवासी साहिल गर्ग और राजन कालरा के रूप में हुई है।

बिज़नेस विवाद में रची ‘कैलिफोर्निया’ वाली साजिश

पुलिस जांच में सामने आया कि मेडिकल उपकरणों का कारोबार करने वाले साहिल गर्ग का पीड़ित कारोबारी रोहित जैन के साथ 2.95 करोड़ रुपये का व्यावसायिक विवाद चल रहा था। अपने पैसे वसूलने के लिए साहिल ने अपने दोस्त राजन कालरा के साथ मिलकर एक खतरनाक साजिश रची। राजन का भाई अमेरिका के कैलिफोर्निया में रहता है। आरोपियों ने दिल्ली में बैठकर काला जठेड़ी गैंग के नाम से एक धमकी भरा वॉयस मैसेज तैयार किया और उसे कैलिफोर्निया भेजा। वहां से राजन के भाई ने इंटरनेशनल व्हाट्सएप नंबर के जरिए यह मैसेज पीड़ित रोहित जैन को फॉरवर्ड कर दिया, ताकि पीड़ित को लगे कि उसे सीधे विदेश में बैठे गैंगस्टर्स से धमकी मिल रही है।

डीसीपी ने दी मामले की विस्तृत जानकारी

उत्तर पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) आकांक्षा यादव ने बताया कि राणा प्रताप रोड निवासी रोहित जैन ने आदर्श नगर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि उन्हें अंतरराष्ट्रीय नंबरों से कॉल आ रहे हैं, जिसमें खुद को काला जठेड़ी गैंग का बदमाश बताते हुए साहिल गर्ग का बकाया पैसा चुकाने को कहा जा रहा है। धमकी देने वाले ने यह भी दावा किया था कि इस वसूली के लिए उसने साहिल से 50 लाख रुपये की टोकन राशि एडवांस ली है और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी दी।

लगातार लोकेशन बदल रहे थे आरोपी

शिकायत मिलने के बाद आदर्श नगर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर टेक्निकल सर्विलांस की मदद ली। पुलिस ने पाया कि धमकी के लिए एक भारतीय और एक इंटरनेशनल नंबर का इस्तेमाल हुआ था। जब पुलिस ने नामजद आरोपियों पर शिकंजा कसना शुरू किया, तो वे लगातार हरियाणा के करनाल, जगाधरी, यमुनानगर और चंडीगढ़ में अपनी लोकेशन बदल रहे थे। आखिरकार पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पहले राजन कालरा को दबोचा और फिर उसकी निशानदेही पर मुख्य साजिशकर्ता साहिल गर्ग को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।


मूलचंद मेट्रो स्टेशन के पास AATS ने 17 मामलों के वांटेड अपराधी सोनू को किया ढेर, पैर में लगी गोली

नई दिल्ली: दक्षिण-पूर्वी दिल्ली की एंटी-ऑटो थेफ्ट स्क्वॉड (AATS) टीम को बीती रात एक बड़ी कामयाबी हाथ लगी है। मूलचंद मेट्रो स्टेशन के पास, लेडी श्री राम कॉलेज के पीछे स्थित एक गली में पुलिस और एक कुख्यात अपराधी के बीच भीषण मुठभेड़ हुई। इस क्रॉस-फायरिंग में पुलिस की जवाबी कार्रवाई के दौरान अपराधी के पैर में गोली लगी है, जिससे वह घायल हो गया।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए अपराधी की पहचान सोनू के रूप में हुई है, जो गोविंदपुरी थाने का एक घोषित ‘बैड कैरेक्टर’ (कुख्यात अपराधी) है। मुठभेड़ के वक्त जब पुलिस ने उसे घेरने की कोशिश की, तो सोनू ने आत्मसमर्पण करने के बजाय पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी और मौके से भागने का प्रयास किया। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी गोलीबारी की, जिसमें सोनू घायल हो गया। उसे तुरंत नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहाँ उसकी हालत स्थिर बताई जा रही है।

17 संगीन मामलों में था वांछित

पुलिस के अनुसार, सोनू पर चोरी, डकैती और लूटपाट जैसे कुल 17 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से दिल्ली पुलिस की गिरफ्त से फरार चल रहा था। पुलिस ने मुठभेड़ स्थल से अवैध हथियार और कारतूस भी बरामद किए हैं। अधिकारियों का मानना है कि सोनू की गिरफ्तारी से इलाके में चोरी और झपटमारी की वारदातों पर लगाम लगेगी। फिलहाल पुलिस अस्पताल में उसकी सेहत सुधरने का इंतजार कर रही है, ताकि पूछताछ के जरिए उसके पूरे नेटवर्क और अन्य साथियों का पता लगाया जा सके। मामले की आगे की तफ्तीश जारी है।


दिल्ली यूनिवर्सिटी का छात्र निकला ड्रग्स सप्लायर, 20 लाख का हाइड्रोपोनिक गांजा बरामद

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की उत्तर पश्चिम जिला एंटी नारकोटिक्स सेल ने दिल्ली विश्वविद्यालय (DU) के भीतर चल रहे एक बड़े ड्रग्स नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने सत्यवती कॉलेज के स्नातक (Graduation) अंतिम वर्ष के एक छात्र को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से अंतरराष्ट्रीय बाजार में ₹20 लाख की कीमत का 195 ग्राम ‘हाइड्रोपोनिक गांजा’ बरामद हुआ है। आरोपी छात्र की पहचान मूल रूप से केरल के रहने वाले जसीम सियादुल फरसान एम पी (22) के रूप में हुई है।

विजय नगर के पार्क के पास से हुई गिरफ्तारी

उत्तर पश्चिम जिला पुलिस उपायुक्त (DCP) आकांक्षा यादव ने बताया कि इलाके में नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के दौरान पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के मुताबिक विजय नगर डबल स्टोरी स्थित एक पार्क के पास महंगी और हाईटेक ड्रग्स की डील होने वाली थी। इंस्पेक्टर सोमिल शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम ने तुरंत जाल बिछाया और मौके से आरोपी छात्र जसीम को दबोच लिया, जो इसी इलाके में किराए पर कमरा लेकर रह रहा था।

ऐशो-आराम और शॉर्टकट से अमीर बनने की चाहत

पुलिस पूछताछ में आरोपी छात्र ने कबूल किया कि वह सत्यवती कॉलेज में 8वें सेमेस्टर (अंतिम वर्ष) का छात्र है। महंगे शौक पूरे करने, ऐशो-आराम की जिंदगी जीने और जल्द पैसा कमाने के चक्कर में वह कुछ महीने पहले ही एक बड़े ड्रग्स सिंडिकेट के संपर्क में आया था। वह इस गैंग के लिए मुख्य रूप से ‘डिलीवरी बॉय’ का काम कर रहा था।

कैंपस के छात्रों को बनाता था निशाना

जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि आरोपी छात्र दिल्ली विश्वविद्यालय के विभिन्न कॉलेजों, विशेषकर सत्यवती कॉलेज के छात्रों को इस प्रतिबंधित मादक पदार्थ (हाइड्रोपोनिक वीड) की सप्लाई करता था। आरोपी गैंग के मुख्य सरगना से ड्रग्स की खेप लेता था और फिर उसे ऊंचे दामों पर स्टूडेंट्स को बेच देता था। पुलिस ने इस संबंध में मॉडल टाउन थाने में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।

मुख्य सप्लायर की तलाश जारी

डीसीपी आकांक्षा यादव ने बताया कि पुलिस अब उस मुख्य सरगना और सप्लायर की पहचान करने में जुटी है जो केरल के इस छात्र को गांजे की यह महंगी खेप पहुंचाता था। पुलिस का मानना है कि मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी के बाद ही दिल्ली यूनिवर्सिटी कैंपस और उसके आसपास सक्रिय पूरे ड्रग सिंडिकेट का पूरी तरह से पर्दाफाश हो पाएगा।


जमीन विवाद में वृद्ध महिला की हत्या मामले में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, तीन और आरोपी गिरफ्तार

कनीना (नारनौल): हरियाणा के नारनौल अंतर्गत कनीना उपमंडल के गांव चेलावास में हुए सनसनीखेज ओमपति हत्याकांड में पुलिस ने अपनी कार्रवाई तेज कर दी है। जमीन विवाद की रंजिश में एक बुजुर्ग महिला की बेरहमी से हत्या करने के मामले में कनीना थाना पुलिस ने तीन और मुख्य आरोपियों को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान ऋतुराज (निवासी बुडौली, रेवाड़ी) तथा विनोद और संदीप (निवासी चेलावास) के रूप में हुई है। इस मामले में अब तक कुल छह गिरफ्तारियां हो चुकी हैं।

रेवाड़ी रेलवे स्टेशन और बुडौली से हुई गिरफ्तारी

पुलिस प्रवक्ता के मुताबिक, गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी करते हुए आरोपी संदीप को रेवाड़ी रेलवे स्टेशन से भागते समय दबोचा गया, जबकि ऋतुराज और विनोद को बुडौली से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से संदीप और ऋतुराज को गहन पूछताछ के लिए पुलिस रिमांड पर लिया गया है, वहीं विनोद को न्यायिक हिरासत (जेल) में भेज दिया गया है।

घातक हथियारों से लैस होकर घर में घुसे थे आरोपी

जांच में सामने आया है कि चेलावास गांव के इस परिवार में लंबे समय से जमीन को लेकर खूनी विवाद चला आ रहा था। इसी रंजिश के चलते बृहस्पतिवार की देर रात आरोपियों ने कुल्हाड़ी, फरसा, बरछी और लाठियों जैसे जानलेवा हथियारों से लैस होकर ओमपति के घर पर धावा बोल दिया था। आरोपियों ने घर के अंदर घुसकर बुजुर्ग महिला पर ताबड़तोड़ वार किए, जिससे वह खून से लथपथ होकर कमरे में गिर गईं।

जेठ ने बयां किया खौफनाक मंजर, ‘डायल-112’ ने बचाई जान

मृतका के जेठ सुरेंद्र ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि रात करीब 12 बजे ओमपति के बेटे जयभगवान ने फोन कर घर पर हमले की सूचना दी थी। जब सुरेंद्र मौके पर पहुंचे, तो घर के बाहर कविता और बिमला लाठियां लेकर पहरा दे रही थीं और अंदर से चीख-पुकार मच रही थी। थोड़ी देर बाद जब दरवाजा खुला, तो आरोपी लखीराम हाथ में फरसा और विनोद व संदीप बरछी लहराते हुए बाहर निकले। आरोपियों ने सुरेंद्र पर भी हमला करना चाहा, लेकिन उन्होंने भागकर अपनी जान बचाई और तुरंत ‘डायल-112’ को सूचित किया।

इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम

सूचना मिलते ही कनीना शहर थाना पुलिस महज कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंची और गंभीर रूप से घायल ओमपति को नागरिक अस्पताल कनीना पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी नाजुक हालत को देखते हुए उन्हें पीजीआईएमएस (PGIMS) रोहतक रेफर किया गया, लेकिन रास्ते में ही महिला ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत कुल 7 लोगों पर मामला दर्ज किया है और फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।


नाबालिग को अगवा कर पांच युवकों ने किया सामूहिक दुष्कर्म, अश्लील वीडियो बनाकर कर रहे थे ब्लैकमेल

तावड़ू –  तावड़ू सदर थाना क्षेत्र से एक बेहद हैरान और विचलित करने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की को अगवा कर पांच आरोपियों द्वारा सामूहिक दुष्कर्म (गैंगरेप) करने और उसकी अश्लील वीडियो-फोटो बनाकर ब्लैकमेल करने का संगीन अपराध हुआ है। पीड़िता के पिता की शिकायत पर नूंह महिला थाना पुलिस ने पॉक्सो (POCSO) एक्ट और अन्य गंभीर धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है।

किराने की दुकान चलाने वाले ने रची साजिश

पीड़िता के पिता द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, 6 जून की सुबह करीब 5 बजे जब वह उठे तो उनकी नाबालिग बेटी घर से गायब थी। काफी खोजबीन करने के बाद उन्होंने देखा कि एक बाइक सवार दंपति उनकी बेटी को घर के पास छोड़कर फरार हो गया। जब डरी-सहमी बेटी से पूछताछ की गई, तो उसने अपने साथ हुई इस भयानक आपबीती का खुलासा किया।

पीड़िता ने बताया कि उनके घर के पास पहले किराने की दुकान चलाने वाले शौकीन नाम के युवक ने उसकी कुछ तस्वीरें और वीडियो हासिल कर लिए थे। इन्हीं फोटो-वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी देकर वह लगातार पीड़िता को ब्लैकमेल कर रहा था। आरोपी शौकीन ने अपने साथी हसीन, अजरू, अरमान और साद के साथ मिलकर पहले भी पीड़िता के साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया था।

जंगल में ले जाकर वारदात को दिया अंजाम

ब्लैकमेलिंग का यह सिलसिला यहीं नहीं रुका। 5 और 6 जून की दरमियानी रात को आरोपियों ने फिर से पीड़िता को डरा-धमकाकर अगवा किया और उसे गांव बावला के जंगलों में ले गए। वहां पांचों आरोपियों ने उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया और दोबारा अश्लील वीडियो बनाकर किसी को भी बताने पर जान से मारने व वीडियो वायरल करने की धमकी दी।

एक आरोपी नाबालिग, पुलिस की छापेमारी जारी

नूंह महिला थाना पुलिस ने पिता की तहरीर पर आरोपी साद, अजरू, हसीन, शौकीन और अरमान के खिलाफ नामजद मुकदमा दर्ज कर लिया है। महिला थाना प्रभारी मंजू ने बताया कि आरोपियों की धरपकड़ के लिए पुलिस की टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं। उन्होंने यह भी खुलासा किया कि इस घिनौने अपराध में शामिल आरोपियों में से एक आरोपी नाबालिग (कानूनी रूप से किशोर) है। पुलिस अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।


फरीदाबाद में फर्जी आयुर्वेदिक दवा यूनिट का खुलासा, बिना लाइसेंस चल रहा था कारोबार

फरीदाबाद:  फरीदाबाद के नवीन नगर स्थित दीपावली एंक्लेव में चल रहे एक अवैध दवा कारखाने का भंडाफोड़ हुआ है। केंद्रीय आयुष विभाग (CDSCO), आयुष विभाग हरियाणा और स्थानीय क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने एक गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की। मौके से भारी मात्रा में अवैध आयुर्वेदिक दवाएं, पैकिंग सामग्री, संदिग्ध पाउडर, खाली कैप्सूल, बोतलें और दवाओं के फर्जी लेबल बरामद किए गए हैं।

ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत कार्रवाई

शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह वर्कशॉप बिना किसी वैध लाइसेंस और अनुमति के धड़ल्ले से आयुर्वेदिक दवाओं की पैकिंग और बिक्री कर रही थी, जो ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के प्रावधानों का खुला उल्लंघन है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पूरी वर्कशॉप को तुरंत प्रभाव से सील कर दिया गया है और इसके संचालकों के खिलाफ कानूनी मुकदमा दर्ज कर लिया गया है।

बोरों में भरा मिला पाउडर, ‘एसएस हर्बल’ की सील बरामद

संयुक्त टीम जब दीपावली एंक्लेव की गली नंबर-7 स्थित दो मंजिला भवन में निरीक्षण के लिए पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर दंग रह गई। इमारत में बड़े पैमाने पर दवा बनाने का खेल चल रहा था। बरामद की गई कुछ पैकिंग सामग्री पर ‘एसएस हर्बल’ (SS Herbal) की सील लगी हुई थी। इसके अलावा कई बोरों में संदिग्ध रासायनिक पाउडर और खाली कैप्सूल मिले। जांच में पता चला कि इस पाउडर को खाली कैप्सूलों में भरकर ऊंचे दामों पर बाजार में खपाया जाता था।

पिता-पुत्र चला रहे थे अवैध सिंडिकेट

क्राइम ब्रांच के अनुसार, इस अवैध वर्कशॉप को देशबंधु और उनका बेटा संदीप कुमार मिलकर चला रहे थे। पुलिस ने फर्म के प्रतिनिधि जितेंद्र कुमार को पहले ही हिरासत में ले लिया था, जिससे पूछताछ के बाद इस पूरी अवैध फैक्ट्री का राज खुला। आयुष विभाग की टीम ने मौके से बरामद दवाओं और पाउडर के 12 अलग-अलग सैंपल लिए हैं, जिन्हें परीक्षण और विश्लेषण के लिए लैब भेजा गया है। फिलहाल पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुटी है।


युवती से बातचीत बनी जानलेवा, चाकू से हमले में 22 वर्षीय युवक की मौत

 सिरसा : इलाके के वार्ड 29 में एक युवती से बातचीत को लेकर शुरू हुआ विवाद एक युवक की जान पर भारी पड़ गया। संजय कॉलोनी निवासी 22 वर्षीय संदीप कुमार पर सोमवार की रात दो युवकों ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। पेट, पीठ और हाथ पर गंभीर चोटें आने के कारण मंगलवार सुबह इलाज के दौरान संदीप ने दम तोड़ दिया। मृतक एक क्रोकरी की दुकान पर काम करता था और अपने परिवार का इकलौता चिराग था।

अस्पताल में मरने से पहले रिकॉर्ड हुआ ‘डाइंग डिक्लेरेशन’ वीडियो

संदीप के परिजनों ने एक बड़ा दावा करते हुए बताया कि अस्पताल में जब संदीप जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहा था, तब उसने हमलावरों के नाम उजागर किए थे। परिजनों ने इसका एक वीडियो भी रिकॉर्ड किया है, जिसमें संदीप एक युवती का नाम लेते हुए उसके भाई पर हमले का आरोप लगा रहा है। पुलिस के लिए यह वीडियो अब जांच का सबसे अहम और निर्णायक हिस्सा बन चुका है। इसके अलावा पुलिस को दोनों के बीच हुई वॉट्सएप चैट भी मिली है।

योजना बनाकर रात में फोन करके बुलाया

परिजनों का आरोप है कि संदीप को सोमवार रात करीब 10 बजे एक सोची-समझी साजिश के तहत फोन करके दुर्गा माता मंदिर चौक के पास बुलाया गया था। वहां पहले से घात लगाए बैठे दो युवकों ने उस पर हथियारों से हमला कर दिया और उसे लहूलुहान हालत में छोड़कर फरार हो गए। इससे पहले कुछ दिन पूर्व युवती के परिजन संदीप के घर भी आए थे और उसे समझाने की कोशिश की थी, जिसके बाद मामला शांत लग रहा था।

एसएचओ का बयान: साक्ष्यों के आधार पर होगी सख्त कार्रवाई

सिटी थाना के एसएचओ बलराज सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में युवाओं के बीच आपसी विवाद की बात पुख्ता हुई है। परिजनों के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। पुलिस अब मृतक के मोबाइल चैट, परिजनों द्वारा सौंपे गए वीडियो और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर तकनीकी साक्ष्यों को जोड़कर आगे की कार्रवाई कर रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीमें दबिश दे रही हैं।


सूरज हत्याकांड में STF की बड़ी कार्रवाई, दो आरोपी गिरफ्तार; मुख्य आरोपी साहिल अब भी फरार

हांसी-  हरियाणा के हांसी में हुए बहुचर्चित सूरज जैन हत्याकांड में पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। एसटीएफ हिसार की टीम, सीआईए (CIA) और थाना सदर की संयुक्त टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए वारदात में शामिल दो आरोपियों को धर दबोचा है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान दुर्गा कॉलोनी निवासी गौरव उर्फ गोचू और रवि उर्फ गोलू के रूप में हुई है। पुलिस दोनों आरोपियों को आज मंगलवार को अदालत में पेश कर रिमांड पर लेगी।

चार राज्यों में काटी फरारी, मूढ़ाल में छोड़ी स्कॉर्पियो

एसपी विनोद कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि आरोपियों को सोमवार को नरवाना से गिरफ्तार किया गया है। हत्या की वारदात को अंजाम देने के बाद से ही दोनों आरोपी पुलिस से बचने के लिए राजस्थान, दिल्ली, भिवानी और हरियाणा के कई शहरों में ठिकाने बदल-बदल कर छिप रहे थे। शुरुआती तफ्तीश में सामने आया है कि हत्या के बाद सभी आरोपी मूढ़ाल में अपनी स्कॉर्पियो गाड़ी छोड़कर अलग-अलग दिशाओं में फरार हो गए थे, जिनमें से ये दोनों एक साथ भाग रहे थे।

कत्ल से पहले साथ पी थी शराब, ‘एक्स-गर्लफ्रेंड’ बनी वजह

पुलिस जांच के मुताबिक, 30 मई की रात करीब पौने नौ बजे हिसार रोड स्थित एनएच 10 मॉल के जॉकी शोरूम के मैनेजर सूरज जैन की चाकू गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई थी। कत्ल की मुख्य वजह प्रेम प्रसंग से जुड़ी है। मुख्य आरोपी साहिल बामल की पूर्व प्रेमिका (Ex-Girlfriend) मृतक सूरज जैन के संपर्क में थी, जिससे खफा होकर साहिल ने अपने 4-5 दोस्तों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। वारदात से ठीक पहले इन सभी ने एक साथ बैठकर शराब भी पी थी।

मुख्य आरोपी पर 5 हजार का इनाम, एक आरोपी का क्रिमिनल रिकॉर्ड

पकड़े गए आरोपियों में से गौरव उर्फ गोचू के खिलाफ पहले भी हिसार के सिविल लाइन थाने में हत्या के प्रयास (धारा 307) और आर्म्स एक्ट के दो मामले दर्ज हैं। मामले का मुख्य आरोपी साहिल बामल अभी भी फरार है, जिस पर पुलिस ने 5,000 रुपये का इनाम घोषित किया है। सीआईए और थाना सदर हांसी की टीमें बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही हैं।


अमृतसर में संयुक्त ऑपरेशन की बड़ी कामयाबी, सीमा पार नेटवर्क से जुड़े दो आरोपी गिरफ्तार

अमृतसर: अमृतसर ग्रामीण पुलिस ने केंद्रीय एजेंसी के साथ संयुक्त अभियान चलाते हुए सीमा पार संचालित नेटवर्क से जुड़े दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान आरोपियों के कब्जे से दो हैंड ग्रेनेड बरामद किए गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां इस बरामदगी को पंजाब में कानून-व्यवस्था और शांति भंग करने की संभावित साजिश से जोड़कर देख रही हैं।

प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपी विदेश में बैठे हैंडलर्स के लगातार संपर्क में थे और उनके निर्देशों के अनुसार गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे। जांच एजेंसियों को आशंका है कि इनका उद्देश्य राज्य में दहशत फैलाना और अस्थिरता पैदा करना था।

संयुक्त ऑपरेशन के बाद बरामद विस्फोटक सामग्री को कब्जे में लेकर फोरेंसिक जांच के लिए भेज दिया गया है। साथ ही आरोपियों से पूछताछ कर उनके संपर्कों, नेटवर्क और संभावित सहयोगियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है।

मामले में थाना घरिंडा में संबंधित कानूनी धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर ली गई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इनके तार कहां तक जुड़े हुए हैं।

पंजाब के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) गौरव यादव ने कहा कि पंजाब पुलिस राज्य में सक्रिय आतंकी मॉड्यूल और संगठित अपराध के नेटवर्क को पूरी तरह समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में शांति, कानून-व्यवस्था और आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए ऐसी कार्रवाई आगे भी लगातार जारी रहेगी।


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