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फरीदाबाद में पुलिस-हिस्ट्रीशीटर के बीच मुठभेड़, 28 मामलों का आरोपी सोनू गिरफ्तार

Category Archives: क्राइम

फरीदाबाद में पुलिस-हिस्ट्रीशीटर के बीच मुठभेड़, 28 मामलों का आरोपी सोनू गिरफ्तार

फरीदाबाद: फरीदाबाद पुलिस को आज सुबह एक बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। अपराध शाखा (क्राइम ब्रांच) सेक्टर-85 और सेंट्रल की संयुक्त टीम ने एक मुठभेड़ के बाद इलाके के कुख्यात हिस्ट्रीशीटर और वांछित अपराधी सोनू को गिरफ्तार कर लिया है। यह मुठभेड़ आज 11 जून की अल सुबह आईएमटी (IMT) से मच्छगर जाने वाले रास्ते पर हुई।

पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कई मामलों में वांछित सोनू इस इलाके से गुजरने वाला है। सूचना के आधार पर जब अपराध शाखा की टीमों ने मौके पर पहुंचकर सोनू को घेरने का प्रयास किया, तो उसने खुद को घिरा देख पुलिस टीम पर ताबड़तोड़ चार गोलियां चला दीं। पुलिस ने भी आत्मरक्षार्थ जवाबी कार्रवाई की, जिसमें एक गोली सोनू के दाहिने पैर में लगी और वह वहीं गिर गया। इसके बाद पुलिस टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया।

28 संगीन मामलों में दर्ज है नाम

पकड़ा गया आरोपी सोनू पुलिस रिकॉर्ड में एक शातिर हिस्ट्रीशीटर है। वह फरीदाबाद के थाना पल्ला क्षेत्र में घरों में चोरी की कई वारदातों में लंबे समय से वांछित चल रहा था। पुलिस के अनुसार, सोनू का आपराधिक इतिहास काफी पुराना और लंबा है। उस पर उत्तर प्रदेश के नोएडा में गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज है। इसके अलावा, हत्या के प्रयास जैसे बेहद गंभीर और संगीन अपराधों समेत उसके खिलाफ कुल 28 आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल घायल बदमाश को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया है और पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई में जुट गई है।


कनीना के चेलावास में खूनी खेल: देवर ने लाठी से पीट-पीटकर की भाभी की बेरहमी से हत्या, आरोपी पुलिस हिरासत में

कनीना (चेलावास): हरियाणा के कनीना अंतर्गत आने वाले गांव चेलावास में बुधवार शाम करीब 6:30 बजे पारिवारिक कलह ने एक खौफनाक रूप ले लिया। यहां पैसों के मामूली विवाद में एक देवर ने अपनी ही भाभी की लाठी से पीट-पीटकर कथित रूप से हत्या कर दी। वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी देवर को हिरासत में ले लिया है। इस खौफनाक वारदात के बाद से पूरे गांव में दहशत और तनाव का माहौल है।

शहर थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर राकेश कुमार ने बताया कि आरोपी की पहचान अमित के रूप में हुई है, जिस पर अपने भाई मनोज की पत्नी अंजली (मूल निवासी, उत्तर प्रदेश) की हत्या का आरोप है। ग्रामीणों के अनुसार, अमित और उसके भाई मनोज के बीच पिछले कुछ समय से पैसों के लेन-देन को लेकर विवाद चल रहा था। बुधवार शाम को भी इसी बात को लेकर परिवार में कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते हिंसक झड़प में बदल गई और अमित ने तैश में आकर अंजली पर लाठियों से ताबड़तोड़ हमला कर दिया।

पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उप नागरिक अस्पताल कनीना के शवदाह गृह में सुरक्षित रखवा दिया है। थाना प्रभारी का कहना है कि पुलिस सभी तथ्यों और साक्ष्यों की गहनता से जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।

एक हफ्ते में दूसरी वारदात से सहमा गांव

चेलावास गांव में सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर ग्रामीण बेहद डरे हुए हैं, क्योंकि महज एक सप्ताह के भीतर गांव में हत्या की यह दूसरी बड़ी घटना है। इससे पहले बीते 4 जून की रात को भी इसी गांव में जमीनी विवाद के चलते 55 वर्षीय महिला ओमपती की हत्या कर दी गई थी, जिसमें पुलिस अब तक छह आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। एक ही महीने के अंदर हुई दो हत्याओं के बाद से गांव में सन्नाटा पसरा हुआ है।


हांसी में जिम संचालक की सरेआम हत्या, 5 सेकेंड में 10 राउंड फायर कर फरार हुए बदमाश

हांसी: हरियाणा के हांसी में फव्वारा चौक के पास गुरुवार सुबह एक बेहद सनसनीखेज वारदात सामने आई है। सुबह करीब 5:30 बजे बाइक पर सवार होकर आए हेलमेटधारी हमलावरों ने एक जिम संचालक की ताबड़तोड़ गोलियां मारकर हत्या कर दी। हमलावरों ने इस खौफनाक वारदात को महज 5 सेकेंड के भीतर अंजाम दिया, जिसमें करीब 10 राउंड फायरिंग की गई। गोलियां जिम संचालक की पीठ और सिर में लगने के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। इस पूरी घटना का एक दर्दनाक वीडियो भी सामने आया है।

मृतक की पहचान कपिल के रूप में हुई है, जो मूल रूप से जींद के गांव दलम वाला का रहने वाला था और पिछले कई सालों से हांसी में जिम चला रहा था। बताया जा रहा है कि कपिल की कुछ ही दिन पहले लव मैरिज हुई थी। घटना के समय कपिल हमेशा की तरह फव्वारा चौक के पास दुकानों के रैंप पर युवक-युवतियों को सुबह की एक्सरसाइज (वार्म-अप) करवा रहा था। इसी दौरान घात लगाकर आए बदमाशों ने उन पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी के दौरान वहां एक्सरसाइज कर रही शिखा नाम की एक युवती भी छर्रे लगने से घायल हो गई, जिसे इलाज के लिए हिसार के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

वारदात की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और पूरे इलाके की नाकेबंदी कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईए (CIA) और फॉरेंसिक एक्सपर्ट्स की टीमों को भी सबूत जुटाने के लिए मौके पर बुलाया गया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज को खंगाल रही है ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पुरानी रंजिश और लव मैरिज समेत तमाम संभावित एंगल्स से मामले की गहन जांच की जा रही है। इस सरेआम हुए हत्याकांड के बाद से पूरे शहर में दहशत का माहौल है।


दिल्ली में साइबर ठगी का बड़ा खुलासा: 67 करोड़ के घोटाले में बैंक का डिप्टी मैनेजर गिरफ्तार, 159 शिकायतों से जुड़े तार

नई दिल्ली: पूर्वी दिल्ली के न्यू कोंडली इलाके में स्थित एक सहकारी (कोऑपरेटिव) बैंक के डिप्टी मैनेजर को साइबर अपराधियों की मदद करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोपी मैनेजर की पहचान पवित्र कुमार बिस्वाल के रूप में हुई है, जिसने जालसाजों से हाथ मिलाकर एक फर्जी ‘म्यूल अकाउंट’ (कमीशन पर इस्तेमाल होने वाला खाता) खुलवाया था। इस अकेले बैंक खाते के जरिए करीब 67.92 करोड़ रुपये का संदिग्ध लेन-देन किया गया। राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) पर दर्ज देश भर की 159 साइबर ठगी की शिकायतों के तार इसी खाते से जुड़े पाए गए हैं।

पूर्वी दिल्ली के पुलिस उपायुक्त (DCP) राजीव कुमार ने बताया कि साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर पवन यादव के नेतृत्व में जब इस मामले की जांच शुरू हुई, तो ‘महाकाल एंटरप्राइजेज’ के नाम से खुला यह खाता शक के दायरे में आया। यह खाता शैलेंद्र कुमार यादव नामक व्यक्ति के दस्तावेजों पर खोला गया था। हालांकि, जब पुलिस ने शैलेंद्र से पूछताछ की तो उन्होंने चौंकाने वाला खुलासा किया। शैलेंद्र ने बताया कि वह कभी बैंक गए ही नहीं और न ही उन्होंने किसी दस्तावेज पर हस्ताक्षर किए। जांच में सामने आया कि शैलेंद्र की सहमति के बिना उनके पहचान-पत्रों का दुरुपयोग किया गया था।

बैंक रिकॉर्ड की गहराई से जांच करने पर पता चला कि इस फर्जी खाते को डिप्टी मैनेजर पवित्र कुमार बिस्वाल ने मंजूरी दी थी। पुलिस की कस्टडी में पूछताछ के दौरान बिस्वाल ने कबूल किया कि उसने न तो फर्म का कोई फिजिकल वेरिफिकेशन किया था और न ही दिए गए पते की जांच की थी। पुलिस ने आरोपी मैनेजर को गिरफ्तार कर उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद कर लिए हैं और मामले की आगे की जांच जारी है।


सुलतानपुर पुलिस का बड़ा खुलासा, मोबाइल टावरों से चोरी करने वाले अंतरजनपदीय गैंग के 5 सदस्य गिरफ्तार

सुलतानपुर: सुलतानपुर पुलिस को मोबाइल टावरों से बेशकीमती उपकरण उड़ाने वाले एक बड़े अंतरजनपदीय गिरोह का पर्दाफाश करने में बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम ने मेरठ, गाजियाबाद और मुजफ्फरनगर के रहने वाले पांच शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। इस गैंग के पास से पुलिस ने 2 लाख रुपये नकद, अवैध तमंचा-कारतूस और चोरी की वारदातों में इस्तेमाल की जाने वाली एक कार बरामद की है। पुलिस कप्तान ने इस शानदार कामयाबी के लिए पुलिस टीम को 25 हजार रुपये का नकद इनाम देने की घोषणा की है।

कार का नंबर बदल-बदल कर देते थे वारदात को अंजाम

सुलतानपुर की पुलिस अधीक्षक (SP) चारु निगम ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि जिले में बीते अप्रैल और मई महीने के दौरान कई मोबाइल टावरों से कीमती डिवाइस और पैनल चोरी होने के मुकदमे दर्ज कराए गए थे। वारदातों को रोकने और खुलासे के लिए पुलिस की टीमें लगातार एक्टिव थीं। इसी कड़ी में अखंडनगर के कुंदा भैरोपुर सर्विस लेन के पास पुलिस ने एक संदिग्ध कार को घेराबंदी कर रोका। कार सवार युवकों से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो मोबाइल टावर चोरी के इस बड़े नेटवर्क का भंडाफोड़ हो गया।

दिल्ली भेजा जाता था चोरी का माल

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सरफराज मलिक (लोनी, गाजियाबाद), अंकित कुमार (ककरौली, मुजफ्फरनगर), सुहेल मलिक, आमिर मलिक और मोहम्मद अयूब (तीनों निवासी हस्तिनापुर, मेरठ) के रूप में हुई है। पूछताछ में चोरों ने कुबूल किया कि वे लखनऊ को अपना बेस बनाकर रहते थे। सुबह के वक्त वे अपनी कार का नंबर बदल-बदल कर अलग-अलग जिलों के टावरों की रेकी करते थे। मौका मिलते ही डिवाइस और पैनल चोरी कर उन्हें कार्टून में पैक करके दिल्ली भेज दिया करते थे। दिल्ली में बैठे उनके साथी सरफराज और अनस माल को ठिकाने लगाकर प्रति डिवाइस 20 से 40 हजार रुपये तक गैंग को देते थे।

दर्जनों आपराधिक मामलों में थे वांछित

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, पकड़े गए सभी आरोपी बेहद शातिर हैं और उनके खिलाफ कई जिलों में आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। सरफराज और अंकित पर अमेठी में एक-एक, जौनपुर में दो-दो तथा सुलतानपुर में चार-चार केस दर्ज हैं। वहीं सुहेल, आमिर और अयूब पर अमेठी में एक-एक, जौनपुर में दो-दो और सुलतानपुर में तीन-तीन केस दर्ज हैं। इस पूरे ऑपरेशन को एसओजी प्रभारी धीरेंद्र कुमार वर्मा, दारोगा कन्हैया कुमार पांडेय, अमित सिंह सहित पूरी टीम ने मुस्तैदी से अंजाम दिया।


12वीं की छात्रा ने की खुदकुशी: कमरे से मिला संदिग्ध मोबाइल और गर्भनिरोधक गोलियां, पिता बोले- ‘मैंने कभी फोन नहीं दिलाया’

भोपाल: पुराने शहर के बजरिया थाना क्षेत्र से एक बेहद दुखद और संदिग्ध मामला सामने आया है। यहाँ एक 17 वर्षीय किशोरी ने मंगलवार रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल से पुलिस को एक मोबाइल फोन और गर्भनिरोधक गोलियों का पत्ता बरामद हुआ है, जिसने इस पूरे मामले को बेहद पेचीदा बना दिया है। पुलिस ने इन साक्ष्यों के आधार पर जांच का दायरा बढ़ा दिया है।

भाई-बहन बाहर खेल रहे थे, तभी हुई वारदात

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतका ने हाल ही में 12वीं कक्षा की परीक्षा पास की थी। वह अपने पिता और दो छोटे भाई-बहनों के साथ रहती थी, जबकि उसकी मां साल 2017 से परिवार से अलग रह रही है। घटना के वक्त मृतका के छोटे भाई-बहन घर के बाहर खेल रहे थे। रात को जब वे वापस लौटे और काफी देर तक आवाज देने पर भी दरवाजा नहीं खुला, तो उन्होंने अपने चाचा और पिता को सूचित किया। पिता ने जब दरवाजे के एक छेद से अंदर झांका तो अनहोनी का पता चला। दरवाजा तोड़े जाने पर किशोरी फंदे से लटकी मिली, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई।

कमरे से मिला मोबाइल और दवाइयां बनीं रहस्य

मौके पर पहुंची पुलिस टीम को मृतका के कमरे से एक मोबाइल फोन और गर्भनिरोधक दवाइयों का पत्ता मिला। इस बरामदगी ने मृतका के पिता को भी हैरत में डाल दिया है। पिता का कहना है कि उन्होंने बेटी को कभी मोबाइल फोन नहीं दिलाया था, ऐसे में यह फोन किसका है और उसके पास कहाँ से आया, यह उनके लिए बड़ा रहस्य है। पिता ने कमरे में मिली दवाइयों के बारे में भी अनभिज्ञता जताई है और पुलिस से मामले की निष्पक्ष व गहन जांच की मांग की है।

सुसाइड नोट नहीं मिला, तकनीकी जांच में जुटी पुलिस

बजरिया थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस को घटनास्थल से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है, जिससे आत्महत्या के तात्कालिक कारणों का पता नहीं चल सका है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन के कॉल डिटेल्स (CDR) और तकनीकी डेटा की जांच कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और संदिग्ध मोबाइल की जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह साफ हो सकेगी।


हरिद्वार पुलिस का बड़ा खुलासा: 72 घंटे में बच्चा चोरी और मानव तस्करी गिरोह का भंडाफोड़, 6 गिरफ्तार

हरिद्वार: उत्तराखंड की हरिद्वार पुलिस और सीआईयू (CIU) टीम ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए महज 72 घंटों के भीतर अंतर्राज्यीय बच्चा चोरी और मानव तस्करी (ह्यूमन ट्रैफिकिंग) करने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने दो महिलाओं सहित गिरोह के छह शातिर सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इस ऑपरेशन के तहत कनखल क्षेत्र से अपहृत की गई तीन वर्षीय मासूम बच्ची राधिका को सकुशल बरामद कर लिया गया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि यह गिरोह बच्चों की चोरी कर उन्हें 2 से 5 लाख रुपये में निसंतान दंपतियों को बेच देता था।

मासूम राधिका के साथ एक और बच्चा बरामद

 सुबह मायापुर स्थित एसपी सिटी कार्यालय में आयोजित प्रेस वार्ता में एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने इस पूरे मामले का पर्दाफाश किया। उन्होंने बताया कि 6 जून को बैरागी कैंप निवासी विनोद सोलंकी ने अपनी तीन वर्षीय बेटी राधिका के अपहरण की रिपोर्ट कनखल कोतवाली में दर्ज कराई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तुरंत टीमों का गठन किया।

चूंकि पीड़ित परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी, इसलिए फिरौती की संभावना न के बराबर थी। पुलिस ने बच्चा चोरी और मानव तस्करी के एंगल पर काम शुरू किया। सैकड़ों सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगालने और मुखबिरों को सक्रिय करने के बाद पुलिस ने आरोपियों पर दबाव बनाया। पुलिस की घेराबंदी से घबराकर आरोपी बच्ची राधिका को दिल्ली के आनंद विहार रेलवे स्टेशन पर छोड़कर भाग निकले, जहाँ से पुलिस ने उसे सकुशल रिकवर किया।

पूछताछ में खुला नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से चोरी हुए बच्चे का राज

पकड़े गए आरोपियों से जब सख्ती से पूछताछ की गई, तो एक और चौंकाने वाला मामला सामने आया। गिरोह ने स्वीकार किया कि उन्होंने बीते 24 मई को नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से भी एक डेढ़ वर्षीय बच्चे (कार्तिक) का अपहरण किया था और उसे उत्तर प्रदेश के बदायूं में डेढ़ लाख रुपये में बेच दिया था। हरिद्वार पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए बदायूं से मासूम कार्तिक को भी सकुशल बरामद कर लिया है और इसकी सूचना दिल्ली पुलिस को दे दी है।

कॉरपोरेट स्टाइल में बंटी थी गिरोह की जिम्मेदारियां

एसएसपी भुल्लर ने बताया कि इस गिरोह में सभी सदस्यों का काम तय था। कुछ सदस्य गरीब बस्तियों और रेलवे स्टेशनों पर रेकी करके बच्चों को चुराते थे, तो कुछ उन्हें दूसरे राज्यों में ले जाकर निसंतान दंपतियों को अपना या अनाथ बताकर बेचते थे। मोहम्मद आकिल और प्रीति शर्मा नाम के आरोपी बच्चों की कीमत तय करने और डील फाइनल करने का मुख्य काम करते थे।

गिरफ्तार आरोपियों की सूची:

  1. मो. आकिल (निवासी अमरोहा/मुरादाबाद, यूपी)

  2. नसीमा (आकिल की पत्नी)

  3. जुल्फेकार (निवासी अमरोहा, यूपी)

  4. धर्मेंद्र कुमार (निवासी मुजफ्फरनगर/लक्सर, यूपी)

  5. प्रीति शर्मा (निवासी जालौन/मुजफ्फरनगर, यूपी)

  6. शिवा सिंह उर्फ गौरव (निवासी सिवान, बिहार/ज्वालापुर)


काशीपुर में STF की बड़ी कार्रवाई, कार से भारी मात्रा में अवैध हथियार और 237 कारतूस बरामद

काशीपुर। मुख्यमंत्री उत्तराखंड के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” विजन के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने अवैध हथियारों और फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में एसटीएफ और ऊधमसिंह नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने काशीपुर में बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्विफ्ट कार से भारी मात्रा में अवैध हथियार, कारतूस और फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए हैं।

एसटीएफ को गोपनीय सूचना मिली थी कि काशीपुर के कटोराताल क्षेत्र में एक स्विफ्ट कार में अवैध हथियारों का जखीरा मौजूद है। सूचना के आधार पर मंगलवार देर रात एसटीएफ और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर वाहन को कब्जे में लिया। तलाशी के दौरान कार से एक 12 बोर पम्प एक्शन गन, एक .22 बोर सेमी ऑटोमैटिक राइफल, एक .32 बोर सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल, एक .32 बोर रिवॉल्वर, 237 जिंदा कारतूस, चार मैगजीन तथा सात फर्जी शस्त्र लाइसेंस बरामद किए गए।

एसटीएफ के अनुसार बरामद हथियार, कारतूस और फर्जी लाइसेंस काशीपुर निवासी सौरभ अग्रवाल, गौरव अग्रवाल तथा दीप्ति अग्रवाल से संबंधित पाए गए हैं। मामले में काशीपुर कोतवाली में दर्ज मुकदमे के तहत अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जा रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ ने बताया कि राज्य में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन किया जा रहा है। जांच के दौरान अब तक तीन अभियोग दर्ज किए जा चुके हैं और पांच आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। साथ ही पांच अवैध हथियार और कई फर्जी लाइसेंस भी बरामद किए गए हैं।

एसएसपी एसटीएफ ने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं। ऐसे मामलों में उत्तराखंड पुलिस जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने आमजन से भी अपील की है कि फर्जी या संदिग्ध शस्त्र लाइसेंसों की सूचना तत्काल एसटीएफ को दें। सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

बरामदगी में शामिल:

01 पम्प एक्शन गन (12 बोर)
01 सेमी ऑटोमैटिक राइफल (.22 बोर)
01 सेमी ऑटोमैटिक पिस्टल (.32 बोर)
01 रिवॉल्वर (.32 बोर)
237 जिंदा कारतूस
04 मैगजीन
07 फर्जी शस्त्र लाइसेंस
01 स्विफ्ट कार (UK18P-5046)

एसटीएफ ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध शस्त्र लाइसेंस या अवैध हथियार की जानकारी मिलने पर तत्काल एसटीएफ के हेल्पलाइन नंबर 9412029536 पर संपर्क करें।


केदारनाथ में VIP दर्शन के नाम पर ठगी, खुद को IRCTC एजेंट बताने वाला आरोपी गिरफ्तार

 न्यायालय के समक्ष पेश करने के उपरान्त भेजा गया पुरसाड़ी जेल

​रुद्रप्रयाग– श्री केदारनाथ धाम यात्रा के दृष्टिगत देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं की सुरक्षा व सुगम दर्शन हेतु रुद्रप्रयाग पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है। यात्रा व्यवस्थाओं में खलल डालने तथा यात्रियों से धोखाधड़ी करने वाले तत्वों के विरुद्ध पुलिस द्वारा निरन्तर सख्त कार्यवाही की जा रही है।

​इसी क्रम में गत दिवस को चौकी केदारनाथ पर सूचना दी गई कि चिराग नाम के व्यक्ति द्वारा किसी स्थानीय व्यक्ति एवं होटल मालिक के साथ मिलकर यात्रियों को वीआईपी दर्शन कराने का झांसा दे रहा है। उक्त व्यक्ति द्वारा एक ग्रुप के 10 लोगों से 3,000-3,000 हजार रुपये (कुल 30,000 रुपये) की धोखाधड़ी की गई है। इस गंभीर शिकायत पर चौकी केदारनाथ पुलिस द्वारा तत्काल त्वरित कार्यवाही की गई। पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए अभियुक्त चिराग को श्री केदारनाथ धाम परिसर से हिरासत में लेकर उसके कब्जे से धोखाधड़ी के 5,000 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। ​पूछताछ के दौरान उसने द्वारा स्वीकार किया गया कि वह इस अवैध और धोखाधड़ी के कार्य को एक स्थानीय व्यक्ति के साथ मिलकर अंजाम दे रहा था।

इस मामले में पुलिस द्वारा त्वरित कार्यवाही करते हुए अभियुक्त के विरुद्ध कोतवाली सोनप्रयाग पर मुकदमा अपराध संख्या 26/2026, धारा 318(4), 319(2) व 317(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत पंजीकृत किया गया है। गिरफ्तार अभियुक्त को वैधानिक कार्यवाही के उपरान्त माननीय न्यायालय के समक्ष पेश किया गया, जहां से माननीय न्यायालय के आदेशानुसार अभियुक्त को न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार चमोली भेज दिया गया है। मामले में संलिप्त अन्य आरोपी के विरुद्ध विवेचनात्मक कार्यवाही जारी है।

अभियुक्त का विवरण – चिराग पुत्र चुन्नी लाल, निवासी- ग्राम बतल, पोस्ट भामला, थाना बल्दवाड़ा, जिला मंडी, हिमाचल प्रदेश।

​रुद्रप्रयाग पुलिस समस्त श्रद्धालुओं से अपील करती है कि वे केदारनाथ धाम में किसी भी अज्ञात व्यक्ति के बहकावे में न आएं और दर्शन व अन्य व्यवस्थाओं के लिए केवल आधिकारिक माध्यमों का ही उपयोग करें। यदि कोई भी व्यक्ति इस प्रकार की धोखाधड़ी का प्रयास करता है, तो तुरन्त नजदीकी पुलिस चौकी या आपातकालीन नम्बर 112 पर सूचित करें।


शिमला के सरकारी स्कूल में चोरों का अनोखा कारनामा, पहले खिचड़ी खाई फिर बर्तन लेकर फरार

शिमला: हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के सरकारी स्कूलों में चोरों के हौसले बुलंद हैं। शिमला के शिवपुरी स्थित एक सरकारी स्कूल से चोरी का एक बेहद हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहाँ चोरों ने न केवल स्कूल के भीतर घुसपैठ की, बल्कि बच्चों के मिड-डे मील (मध्याह्न भोजन) के राशन से आराम से पतीले में खिचड़ी पकाई, उसे खाया और उसके बाद स्कूल रसोई के कीमती बर्तन और अन्य सामान समेटकर फरार हो गए।

छुट्टी का फायदा उठाकर वारदात को दिया अंजाम

मिली जानकारी के अनुसार, यह घटना सरकारी अवकाश के दौरान हुई जब स्कूल परिसर पूरी तरह बंद था। चोरों ने इसी सूनेपन का फायदा उठाया। स्कूल के भीतर दाखिल होकर चोरों ने बच्चों के राशन का इस्तेमाल किया। पेट पूजा करने के बाद चोरों ने स्कूल की रसोई से तीन थालियां, दो पतीले, एक डिनर सेट, गैस बर्नर और एक कढ़ाई पर हाथ साफ कर दिया। सुबह जब स्कूल स्टाफ ड्यूटी पर पहुंचा, तब बिखरा सामान देखकर इस अजीबोगरीब चोरी का खुलासा हुआ। इसके तुरंत बाद स्कूल प्रबंधन और पुलिस को सूचित किया गया।

सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल, जांच में जुटी पुलिस

घटना की सूचना मिलते ही छोटा शिमला थाना पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन की लिखित शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब स्कूल और आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी (CCTV) फुटेज को खंगाल रही है ताकि चोरों की पहचान की जा सके।

इस घटना के बाद खलीनी स्कूल के प्रिंसिपल और क्लस्टर हेड अजय वशिष्ठ ने भी मौके का मुआयना किया और पुलिस को जरूरी जानकारी दी। स्थानीय लोगों का कहना है कि शिवपुरी क्षेत्र में चोरी की यह पहली घटना नहीं है। स्कूल में चहारदीवारी (बाउंड्री वॉल) न होने के कारण सुरक्षा में बड़ी चूक हो रही है, जिससे असामाजिक तत्वों को आसानी से अंदर आने का मौका मिल जाता है। स्थानीय निवासियों ने क्षेत्र में पुलिस की रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की है।


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