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कॉस्मेटिक स्टोर की आड़ में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की सप्लाई करने वाला आरोपी गिरफ्तार

Category Archives: क्राइम

कॉस्मेटिक स्टोर की आड़ में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की सप्लाई करने वाला आरोपी गिरफ्तार

देहरादून/हरिद्वार। मुख्यमंत्री के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) एवं एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने हरिद्वार के कलियर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए कॉस्मेटिक स्टोर की आड़ में प्रतिबंधित नशीली दवाओं की सप्लाई करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। जांच में उसका संबंध एसटीएफ द्वारा पूर्व में बरामद किए गए 18 हजार ट्रामाडोल कैप्सूल के मामले से भी सामने आया है।

पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ के निर्देश पर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में राज्यभर में नशा तस्करों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 30 मई 2026 को एसटीएफ/एएनटीएफ की टीम ने ड्रग इंस्पेक्टर के साथ थाना कलियर क्षेत्र में कई संदिग्ध स्थानों और गोदामों पर छापेमारी की।

कार्रवाई के दौरान एहतिशाम कॉस्मेटिक जनरल स्टोर पर छापा मारकर उसके संचालक अहतशाम उल हक पुत्र शहीद, निवासी बुड्ढा हैदी, थाना पथरी (हरिद्वार) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी के कब्जे तथा उससे जुड़े अन्य संभावित ठिकानों की तलाशी में 3.9 किलोग्राम कोडीन सिरप और ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद किए गए। जांच में पता चला कि आरोपी प्रतिबंधित दवाओं को मूल कीमत से कई गुना अधिक दाम पर बेचकर अवैध लाभ कमा रहा था।

एसटीएफ के अनुसार गिरफ्तार आरोपी पहले भी एनडीपीएस अधिनियम के मामलों में जेल जा चुका है। उसके विरुद्ध वर्ष 2019 में एनडीपीएस एक्ट के तहत दो मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की भूमिका की भी जांच कर रही है।

एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने लोगों से नशे से दूर रहने और नशा तस्करी की सूचना तत्काल पुलिस या एसटीएफ/एएनटीएफ को देने की अपील की है। उन्होंने कहा कि “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।


जमीन दिलाने के नाम पर करोड़ों की ठगी, दंपती के खिलाफ केस दर्ज

देहरादून। रायवाला क्षेत्र में जमीन खरीद के नाम पर करोड़ों रुपये की कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने एक दंपती के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोप है कि रिश्तेदारी का फायदा उठाकर जमीन का सौदा कराया गया और करोड़ों रुपये लेने के बावजूद न तो पूरी जमीन का बैनामा कराया गया और न ही कब्जा दिया गया।

पुलिस को दी गई शिकायत में न्यू वसंत विहार एन्क्लेव निवासी पंकज बहल ने बताया कि उनके रिश्तेदार मनीष बजाज ने रायवाला स्थित करीब 4030 वर्गमीटर भूमि का सौदा 75 लाख रुपये प्रति बीघा की दर से कराने का भरोसा दिलाया। आरोप है कि मनीष ने खुद को पूरी भूमि का विक्रय कराने में सक्षम बताते हुए उनसे नकद और चेक के माध्यम से कुल 3 करोड़ 75 लाख रुपये ले लिए।

शिकायतकर्ता के अनुसार, इतनी बड़ी रकम लेने के बावजूद उनके नाम केवल पांच बीघा भूमि का ही विक्रय पत्र कराया गया। इतना ही नहीं, संबंधित भूमि का वास्तविक कब्जा भी उन्हें नहीं सौंपा गया। बाद में पता चला कि विवादित जमीन पर किसी तीसरे पक्ष का कब्जा है।

पीड़ित का आरोप है कि जब उन्होंने इस पर आपत्ति जताई तो मनीष बजाज और उसकी पत्नी गौरिका बजाज ने समझौते का प्रस्ताव रखा। दोनों ने नोटरी के समक्ष लिखित रूप से तय समय में पूरी रकम लौटाने का वादा किया। समझौते के अनुसार 75 लाख रुपये मार्च 2026 तक और शेष तीन करोड़ रुपये सितंबर 2026 तक लौटाने थे, लेकिन तय समय बीतने के बावजूद कोई भुगतान नहीं किया गया।

शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि रकम वापस मांगने पर आरोपितों ने झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी दी। मामले को गंभीरता से लेते हुए पुलिस ने दोनों आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


कैंट और रोडवेज पर सैलानियों को निशाना बनाने वाला शातिर चोर 15 मोबाइल संग गिरफ्तार

वाराणसी: धर्मनगरी वाराणसी के कैंट रेलवे स्टेशन और रोडवेज बस स्टैंड इलाके में आने वाले पर्यटकों व सैलानियों को अपना शिकार बनाने वाले एक शातिर अंतरजनपदीय चोर को सिगरा पुलिस ने बुधवार को मालगोदाम रोड से गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बलरामपुर जिले के हरैया निवासी मोहम्मद शमशाद के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी के 15 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 2 लाख 20 हजार रुपये आंकी जा रही है।

सिगरा इंस्पेक्टर शिवाकांत मिश्रा ने बताया कि तीन दिन पहले प्रयागराज निवासी सागर मिश्रा का मोबाइल फोन कैंट स्टेशन के सामने फ्लाईओवर के नीचे से चोरी हो गया था। इस संबंध में मुकदमा दर्ज कर पुलिस टीम लगातार जांच-पड़ताल कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि एक संदिग्ध व्यक्ति मालगोदाम रोड पर घूम रहा है। सूचना मिलते ही रोडवेज पुलिस चौकी प्रभारी विकास सिंह, उपनिरीक्षक प्रशांत कुमार बंधु और उपनिरीक्षक दुर्गा प्रसाद की टीम ने घेराबंदी कर शमशाद को दबोच लिया।

पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह भीड़भाड़ वाले इलाकों में सैलानियों के कीमती फोन उड़ाता था और बाद में अपनी मजबूरी का हवाला देकर अनजान राहगीरों को सस्ते दामों में बेच देता था। पुलिस ने बरामद 15 मोबाइल फोन में से 13 बेहद कीमती स्मार्टफोन बताए हैं। आवश्यक कानूनी और पुलिसिया कार्रवाई पूरी करने के बाद आरोपी मोहम्मद शमशाद को जेल भेज दिया गया है।


नाबालिग छात्रा का दूसरी बार दिनदहाड़े अपहरण, पुलिस पर उठे सवाल

हिलसा (नालंदा): नगर परिषद क्षेत्र से एक 14 वर्षीय नाबालिग छात्रा के दूसरी बार कथित अपहरण का मामला सामने आने के बाद इलाके में तनाव और आक्रोश का माहौल है। बुधवार को दिनदहाड़े घर से छात्रा को जबरन अगवा करने की पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। इस वारदात के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यशैली और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।

पीड़िता के पिता ने हिलसा थाने में दोबारा एफआईआर दर्ज कराई है। पिता का आरोप है कि इससे पहले 4 दिसंबर 2025 को भी ट्यूशन जाने के दौरान छात्रा का अपहरण किया गया था, जिसके संदर्भ में हिलसा थाना में कांड संख्या 832/2025 दर्ज है। आरोप है कि पहली घटना के वक्त पुलिस ने अनुसंधान में घोर लापरवाही बरती और आरोपियों पर कोई सख्त कानूनी कार्रवाई नहीं की। इसी ढीली कार्रवाई के कारण अपराधियों के हौसले बुलंद हो गए और उन्होंने दोबारा इस वारदात को अंजाम दिया।

इस घटना से पीड़िता का परिवार गहरे सदमे और खौफ में है। परिजनों ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रा की जल्द से जल्द सकुशल बरामदगी नहीं हुई, तो वे पुलिस अधीक्षक (SP) से मिलकर न्याय की गुहार लगाएंगे। इधर, मामले की गंभीरता को देखते हुए हिलसा थानाध्यक्ष अभिजीत कुमार ने बताया कि नई प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर एक टीम गठित कर सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। स्थानीय लोगों ने भी पुलिस प्रशासन से आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है।


फर्जी मदरसे के नाम पर सरकारी धन हड़पने वाला आरोपी जितेंद्र सिंह चौहान गिरफ्तार

आजमगढ़: दीदारगंज थाना पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए फर्जी और अस्तित्वहीन मदरसे के नाम पर फर्जी दस्तावेज (कूटरचित अभिलेख) तैयार कर सरकारी अनुदान का गबन करने वाले वांछित आरोपी जितेंद्र सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी जितेंद्र सिंह दीदारगंज थाना क्षेत्र के शेखवलिया गांव का निवासी है और लंबे समय से फरार चल रहा था।

मामले की पृष्ठभूमि के अनुसार, 19 फरवरी 2025 को राज्य विशेष अपराध अनुसंधान दल (SIT), मुख्यालय उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निरीक्षक केबीपी सिंह की तहरीर पर दीदारगंज थाने में धोखाधड़ी और गबन का मुकदमा दर्ज किया गया था। जांच में यह सनसनीखेज खुलासा हुआ था कि फूलपुर के पाइन्दापुर ग्राम में ‘गफ्फरुल ओलूम’ नाम का एक मदरसा कागजों पर दिखाया गया था, जो असलियत में था ही नहीं। इस अस्तित्वहीन मदरसे के नाम पर फर्जी दस्तावेज बनाकर विभिन्न शासकीय योजनाओं का लाभ उठाया गया और सरकारी बजट का बड़ा गबन किया गया।

पुलिस के मुताबिक, इस बड़े घोटाले में मदरसे के तथाकथित प्रबंधक, शिक्षक और इसे फर्जी तरीके से मान्यता देने वाले संबंधित शिक्षा विभाग के अधिकारियों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज है, जिनकी जांच की जा रही है। विवेचना के दौरान फरार चल रहे आरोपी जितेंद्र सिंह चौहान की पुलिस लगातार तलाश कर रही थी, जिसे अब दबोच लिया गया है। पुलिस आरोपी के खिलाफ आगे की विधिक कार्रवाई में जुट गई है।


मनीषा मित्तल हत्याकांड का खुलासा: सगे भाई ने ही रची थी मर्डर की साजिश, 4 गिरफ्तार

रोहतक: हिमाचल प्रदेश के शिमला में 13 जून को सरस्वती पैराडाइज स्कूल के पास हुई मनीषा मित्तल की सनसनीखेज हत्या के मामले को पुलिस ने पूरी तरह सुलझा लिया है। इस हत्याकांड का मास्टरमाइंड कोई और नहीं, बल्कि मनीषा का सगा छोटा भाई हिमांक मित्तल ही निकला। शिमला और रोहतक पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में मुख्य आरोपी हिमांक मित्तल और उसके करीबी दोस्त गोविंद को रोहतक से गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले में हत्या को अंजाम देने वाले दो शूटरों (आशीष अहलावत और दीपक) को पुलिस पहले ही दबोच चुकी है।

पुलिस जांच में जो खुलासे हुए हैं, वे बेहद चौंकाने वाले हैं। जांच के मुताबिक, भाई हिमांक और उसके दोस्त गोविंद का मनीषा के साथ संपत्ति (प्रॉपर्टी) को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। हिमांक रोहतक में बैठकर सीसीटीवी कैमरों के जरिए अपनी बहन की हर गतिविधि और लोकेशन पर नजर रख रहा था। वारदात को अंजाम देने के लिए गोविंद ने शूटरों को एक स्विफ्ट कार किराए पर लेकर दी थी और शूटर दीपक के खाते में पैसे ट्रांसफर किए थे। साजिश पूरी होने के बाद गोविंद विदेश भाग गया था, लेकिन भारत लौटते ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। गोविंद के कबूलनामे के बाद पुलिस ने मास्टरमाइंड भाई हिमांक को भी गिरफ्तार कर लिया।

दिलचस्प बात यह है कि हत्या के बाद गोविंद के खाते में साढ़े 8 लाख रुपये ट्रांसफर किए गए थे। मनीषा को पहले से ही अपनी जान का खतरा था; वह पिछले कई महीनों से सोशल मीडिया पर वीडियो डालकर आरोप लगा रही थी कि उसका भाई उसकी लोकेशन ट्रेस करवा रहा है। हत्या के बाद से ही हिमांक खुद को बेकसूर बताता रहा और बीमारी का बहाना बनाता रहा, लेकिन पुलिस की पुख्ता कड़ियों (बैंक और कॉल डिटेल्स) ने उसकी पोल खोल दी। मेडिकल चेकअप की रिपोर्ट आने के बाद आरोपी भाई को शिमला ले जाया जाएगा।


कानपुर में पुलिस मुठभेड़: महिला से लूट करने वाले तीन बदमाश गिरफ्तार, दो के पैर में लगी गोली

कानपुर: गुजैनी थाना पुलिस ने एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए महिला को उसके पति और बेटे की हत्या की धमकी देकर जेवर लूटने वाले अंतरजनपदीय गिरोह के तीन शातिर लुटेरों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार देर रात वनपुरवा-फत्तेपुर मार्ग पर हुई इस मुठभेड़ में दो बदमाशों के पैर में गोली लगी है, जिन्हें इलाज के लिए एलएलआर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं तीसरे आरोपी को पुलिस ने घेराबंदी करके दबोचा।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मोहम्मद अकरम, जावेद अख्तर उर्फ चिकना और चांदबाबू उर्फ ढल्ला (निवासी बुढ़पुर मछरिया, नौबस्ता) के रूप में हुई है। डीसीपी दक्षिण दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि इन बदमाशों ने 21 जून को रविदासपुरम निवासी बिंदन देवी को बर्रा-आठ से लौटते समय गुजैनी थाने के पास रोका था। बदमाशों ने महिला को उसके पति और बेटे की फोटो दिखाकर हत्या की धमकी दी और उसका मंगलसूत्र व नकदी लूट ली। इसके बाद शातिर अपराधी चाकू की नोक पर महिला को उसकी बाइक पर बैठाकर उसके घर ले गए और वहां रखे बाकी जेवरात भी लूट कर फरार हो गए थे।

पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और सर्विलांस के आधार पर लुटेरों की पहचान की। सोमवार रात जब पुलिस को इनके इलाके में होने की सूचना मिली, तो वनपुरवा-फत्तेपुर मार्ग पर घेराबंदी की गई। पुलिस को देखकर बदमाशों ने फायरिंग कर भागने की कोशिश की, जिस पर पुलिस की जवाबी कार्रवाई में मोहम्मद अकरम और जावेद अख्तर घायल हो गए, जबकि चांदबाबू को दौड़ाकर पकड़ा गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी बेहद शातिर हैं; जावेद पर हमीरपुर, जालौन, कासगंज सहित विभिन्न जिलों में 9 और बाकी दोनों पर 7-7 आपराधिक मामले दर्ज हैं।


मुजफ्फरपुर में एएसआई 8 हजार रुपये की रिश्वत लेते गिरफ्तार, निगरानी ब्यूरो की कार्रवाई

मुजफ्फरपुर: बिहार में भ्रष्टाचार के खिलाफ जारी जीरो टॉलरेंस नीति के तहत निगरानी अन्वेषण ब्यूरो ने मुजफ्फरपुर में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। साहेबगंज थाना क्षेत्र के राजेपुर ओपी (आउटपोस्ट) में तैनात सहायक अवर निरीक्षक (ASI) मुन्ना यादव को आठ हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया गया है। इस औचक कार्रवाई से स्थानीय पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है।

मिली जानकारी के अनुसार, एएसआई मुन्ना यादव ने एक स्थानीय व्यक्ति से किसी मामले को रफा-दफा करने और केस डायरी में मदद पहुंचाने के एवज में आठ हजार रुपये की मांग की थी। पीड़ित ने इस बात की लिखित शिकायत पटना स्थित निगरानी अन्वेषण ब्यूरो से की। ब्यूरो की टीम ने मामले का गुप्त सत्यापन कराया, जिसमें शिकायत पूरी तरह सही पाई गई। इसके बाद आरोपी को दबोचने के लिए एक विशेष धावा दल का गठन किया गया।

तय योजना के मुताबिक, बुधवार को शिकायतकर्ता जैसे ही केमिकल लगे नोट लेकर एएसआई के पास पहुंचा और रुपये सौंपे, वैसे ही पहले से तैयार निगरानी की टीम ने मुन्ना यादव को मौके पर ही धर दबोचा। गिरफ्तारी के बाद टीम आरोपी एएसआई को अपने साथ लेकर रवाना हो गई है। आवश्यक कानूनी पूछताछ और कागजी प्रक्रिया पूरी होने के बाद आरोपी को विशेष निगरानी अदालत में पेश किया जाएगा।


AIIMS रैन बसेरा के केयरटेकर ने की खुदकुशी, छत के कमरे में फंदे से लटका मिला शव

गोरखपुर: रामगढ़ताल थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले इंदिरानगर इलाके में उस समय सनसनी फैल गई, जब एम्स अस्पताल परिसर स्थित रैन बसेरा के केयरटेकर ने संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटककर अपनी जान दे दी। मृतक की पहचान शुभम शुक्ला (पुत्र जनार्दन शुक्ला) के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 और स्थानीय पुलिस फौरन मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।

मिली जानकारी के अनुसार, शुभम एम्स के रैन बसेरा में केयरटेकर था और उसका भाई भी उसी परिसर में कार्यरत है। बुधवार तड़के भोर में करीब 4 बजे शुभम अपने कमरे से निकलकर छत पर बने एक अन्य कमरे में गया था। काफी देर तक नीचे न आने पर परिजनों को चिंता हुई। सुबह करीब 5:30 बजे जब पिता जनार्दन और अन्य सदस्य छत पर पहुंचे, तो शुभम का शव नायलॉन की रस्सी के सहारे फंदे से लटकता मिला।

परिजनों ने आनन-फानन में शव को नीचे उतारा और पुलिस को सूचित किया। प्रभारी निरीक्षक सुनील राय ने बताया कि पुलिस के पहुंचने से पहले ही शव को फंदे से उतारा जा चुका था। हालांकि परिजन पोस्टमार्टम कराने के पक्ष में नहीं थे, लेकिन स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। खुदकुशी के सही कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है, पुलिस ने जांच के लिए मृतक का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है और मामले की गहराई से जांच कर रही है।


कॉस्मेटिक की आड़ में नारकोटिक ड्रग की सप्लाई करता शातिर अभियुक्त आया एसटीएफ की गिरफ्त में

पूर्व में एसटीएफ द्वारा बरामद की गयी 18000 ट्रामाडोल कैप्सूल से भी निकला कनेक्शन।*

 एसटीएफ/एएनटीएफ उत्तराखण्ड देहरादून व ड्रग टीम द्वारा प्रतिबंधित ट्रामाडोल कैप्सूल व कोडीन के साथ कॉस्मेटिक जनरल स्टोर के मालिक को किया गिरफ्तार

थाना कलियर हरिद्वार से वाणिज्य मात्रा में कोडीन दवाई बरामद कर प्राप्त की महत्वपूर्ण सफलता।

 कलियर, जनपद हरिद्वार क्षेत्र में कई संदिग्ध स्थानो/गोदामों आदि में दी गयी दबिश।

अभियुक्त पूर्व में भी नशीली दवाओं की बिक्री में जा चुका है जेल

 देहरादून – माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखण्ड के “ड्रग्स फ्री देवभूमि” अभियान के तहत पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ द्वारा निर्गत निर्देशों के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ उत्तराखण्ड द्वारा राज्य में नशे के कारोबार पर प्रभावी अंकुश लगाने हेतु एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को लगातार अभियान चलाने हेतु निर्देशित किया गया है।

इसी क्रम थाना कलियर, जनपद हरिद्वार में एसटीएफ/एएनटीएफ टीम द्वारा ड्रग इंस्पेक्टर को साथ में लेकर कई संदिग्ध स्थानो आदि पर दबिश देकर छापेमारी की कार्यवाही की गयी, इसी दौरान एहतिशाम कॉस्मेटिक जनरल स्टोर पर छापा मारा गया तो अहतशाम उल हक पुत्र शहीद निवासी बुड्ढा हैदी थाना पथरी हरिद्वार से वाणिज्य मात्रा कोडीन व ट्रामाडोल कैप्सूल बरामदए किये । एसटीएफ/ एएनटीएफ देहरादून टीम व ड्रग इंस्पेक्टर द्वारा अभियुक्त से संबंधित अन्य संभावित ठिकानो पर दबिश दी गई तो अभियुक्त के कब्जे से प्रतिबंधित कोडीन सिरप व ट्रामाडोल कैप्सूल बरामद हुई, जिन्हे अभियुक्त द्वारा मूल कीमत से कई गुना अधिक मूल्य पर बेचकर अवैध लाभ अर्जित किया जा रहा था। एस टी एफ प्रकरण में अन्य संलिप्त व्यक्तियों एवं नेटवर्क की भूमिका की भी जांच की जा रही है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ “अजय सिंह ” द्वारा आज अपने निम्न ऑफिस नंबर जारी करते हुए जनता से अपील की है कि नशे से दूर रहे। किसी भी प्रकार के लालच में आकर नशा तस्करी न करें। नशा तस्करी करने वालों के खिलाफ कार्यवाही हेतु तत्काल निकटतम पुलिस स्टेशन या एस.टी.एफ/ANTF उत्तराखंड से संपर्क करें। एसटीएफ की ड्रग्स-फ्री देवभूमि अभियान के तहत कार्यवाही जारी रहेगी। एसटीएफ से संपर्क हेतु 0135-2656202, 9412029536

गिरफ्तार अभियुक्त
अहतशाम उल हक पुत्र शहीद निवासी बुड्ढा हैदी थाना पथरी हरिद्वार*
संचालक – एहतिशाम कॉस्मेटिक जनरल स्टोर

बरामदगी
* 3.9 किलोग्राम कोडीन सिरप
* ट्रामाडोल कैप्सूल

अपराधिक इतिहास गिरफ्तार अभियुक्त
1. मु.अ.स 50/19 धारा 8/22 NDPS ACT
2. मु.अ.स. 170/19 धारा 8/22 NDPS ACT

पुलिस व ड्रग टीम

* निरीक्षक यादवेन्द्र सिंह बाजवा
* ड्रग इंस्पेक्टर हरीश सिंह जनपद हरिद्वार
* उपनिरीक्षक कमाल हसन
* उपनिरीक्षक दीपक मैठाणी
* हेड कांस्टेबल मनमोहन
* कांस्टेबल दीपक नेगी1


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