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300 रुपये में iPhone का लालच, छात्र ने गंवाए 2.68 लाख रुपये

Category Archives: क्राइम

300 रुपये में iPhone का लालच, छात्र ने गंवाए 2.68 लाख रुपये

उत्तर प्रदेश: जिले के घोसी कोतवाली क्षेत्र के पूनापार गांव के अहिरौली निवासी राणा प्रताप यादव के परिवार के साथ एक ऑनलाइन धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। 10वीं कक्षा में पढ़ने वाले उनके बेटे ने 300 रुपये में Apple iPhone पाने के लालच में आकर लगातार ठगी के जाल में फंसते हुए कुल 2.68 लाख रुपये गवां दिए। मामले में कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

ऐसे हुआ ऑनलाइन फ्रॉड

बताया गया कि छात्र 24 अप्रैल को इंस्टाग्राम चला रहा था, तभी एक विज्ञापन दिखा जिसमें दावा किया गया कि मात्र ₹300 में iPhone मोबाइल मिल रहा है। लालच में आकर छात्र ने विज्ञापन में दिए गए फोन नंबर पर ₹300 भेज दिए।

इसके बाद छात्र को अज्ञात नंबर से कॉल आया, जिसमें कहा गया कि मोबाइल भेजने के लिए पार्सल शुल्क लगेगा। फिर एक के बाद एक अलग-अलग बहानों से पैसे मांगे गए — कभी पार्सल टैक्स, कभी जीएसटी, कभी बीमा राशि तो कभी रजिस्ट्रेशन फीस के नाम पर। इस प्रकार 29 अप्रैल तक छात्र ने कुल ₹2,68,024 रुपये ठगों के खाते में भेज दिए।

कोई जवाब न मिलने पर दर्ज कराई शिकायत

कई दिन तक जब छात्र ने कॉल और मैसेज किए लेकिन जवाब नहीं मिला, तब परिवार को ठगी का अहसास हुआ। इसके बाद राणा प्रताप यादव ने स्थानीय पुलिस से संपर्क किया और मामला कोर्ट में ले जाया गया।

पुलिस कर रही जांच

घोसी कोतवाली प्रभारी प्रमेंद्र सिंह ने बताया कि, “ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामले में पीड़ित की तहरीर पर धोखाधड़ी का मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। जल्द ही आरोपियों का पता लगाने के लिए साइबर सेल की मदद ली जाएगी।”


ज्वालापुर में सराफा कारोबारी के घर चोरी, कीमती सामान लेकर फरार हुई दो नौकरानियां

पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, छानबीन तेज, आसपास के इलाकों में दबिश, जल्द गिरफ्तारी का दावा

हरिद्वार। ज्वालापुर कोतवाली क्षेत्र में एक सराफा कारोबारी के घर काम करने वाली नेपाली मूल की दो घरेलू नौकरानियों ने परिवार के तीन सदस्यों को नशीला पदार्थ खिलाकर बेहोश कर दिया और घर से कीमती सामान लेकर फरार हो गईं। घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

पुलिस के अनुसार, आरके एनक्लेव, आर्यनगर निवासी यशपाल मल्होत्रा के घर दोनों नौकरानियों ने यशपाल, उनकी पत्नी जीत मल्होत्रा और चार वर्षीय पोते शिवा को दोपहर का खाना परोसा। खाना खाने के बाद तीनों बेहोश हो गए। इस दौरान आरोपित महिलाएं घर से सामान चोरी कर भाग निकलीं।

शाम को होश आने पर पीड़ितों ने पुलिस को सूचना दी। वरिष्ठ उप निरीक्षक नितिन चौहान टीम के साथ मौके पर पहुंचे और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें दोनों आरोपित घर से निकलते हुए दिख रही हैं। पुलिस ने उनके खिलाफ मामला दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है और जल्द गिरफ्तारी का दावा किया है।


अभिनेत्री हुमा कुरैशी के चचेरे भाई की हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार

दिल्ली – बॉलीवुड अभिनेत्री हुमा कुरैशी के चचेरे भाई आसिफ कुरैशी की दिल्ली में हत्या कर दी गई है। यह दर्दनाक घटना निजामुद्दीन के भोगल क्षेत्र में सामने आई, जहां स्कूटी पार्किंग को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया।

पुलिस के अनुसार, सोमवार रात लगभग 10:30 बजे झगड़ा उस वक्त हुआ जब पीड़ित और आरोपियों के बीच पार्किंग को लेकर कहासुनी हो गई। यह बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपियों में से एक ने आसिफ कुरैशी पर नुकीली चीज़ (संभवत: पोकर) से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल होने के कारण उनकी मौके पर ही मौत हो गई।

मृतक की पहचान आसिफ कुरैशी, पुत्र इलियास कुरैशी के रूप में हुई है, जो जंगपुरा इलाके के निवासी थे। पुलिस ने मामले में बीएनएस की धारा 103(1)/3(5) के तहत FIR नंबर 233/25 दर्ज की है। दोनों आरोपी, जिनके नाम उज्ज्वल और गौतम बताए गए हैं, को गिरफ्तार कर लिया गया है और आगे की जांच जारी है।


दिल्ली में नकली जीवनरक्षक दवाओं का रैकेट बेनकाब, छह गिरफ्तार

नई दिल्ली – दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने एक ऐसे संगठित गिरोह का भंडाफोड़ किया है, जो जीवनरक्षक नकली दवाओं का निर्माण और वितरण कर रहा था। पुलिस ने गिरोह के सरगना राजेश मिश्रा समेत छह आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इनके कब्जे से जॉनसन एंड जॉनसन, जीएसके और एल्केम जैसी प्रतिष्ठित कंपनियों की हजारों नकली दवाएं बरामद की गई हैं।

गिरफ्तार आरोपी

गिरफ्तार लोगों की पहचान मोहम्मद आलम, मोहम्मद सलीम, परमानंद, मोहम्मद ज़ुवैर, प्रेम शंकर प्रजापति और राजेश मिश्रा के रूप में हुई है। यह रैकेट हरियाणा, उत्तर प्रदेश और हिमाचल प्रदेश में फैला हुआ था।

जांच कैसे शुरू हुई

अपराध शाखा के डीसीपी हर्ष इंदौरा ने बताया कि इंस्पेक्टर पवन कुमार की टीम को खुफिया जानकारी मिली थी। पुलिस ने 30 जुलाई को सिविल लाइंस स्थित एचपी पेट्रोल पंप के पास घेराबंदी कर मोहम्मद आलम और सलीम को नकली दवाओं से भरी वैगनआर कार के साथ गिरफ्तार किया।

फर्ज़ी दवाओं की पुष्टि

पकड़ी गई दवाओं की जांच जॉनसन एंड जॉनसन और जीएसके के कानूनी और तकनीकी प्रतिनिधियों की मदद से की गई। प्रयोगशाला परीक्षणों से भी उनकी नकली होने की पुष्टि हुई।

फेसबुक से जुड़ते थे नकली सप्लायर से

गिरोह के सदस्य अक्सर फेसबुक और अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के जरिए नकली दवा सप्लायर से संपर्क करते थे। दवाएं महराजगंज, करनाल, गोरखपुर जैसे क्षेत्रों से आती थीं।

कैसे होता था लेन-देन और डिस्ट्रीब्यूशन

  • भुगतान मोबाइल वॉलेट और बारकोड स्कैनर के जरिए होता था

  • रिटेल डिस्ट्रीब्यूशन झोलाछाप डॉक्टरों और मेडिकल स्टोरों के माध्यम से

  • परिवहन के लिए निजी वाहन और कूरियर सेवा का उपयोग

  • वित्तीय ट्रांजैक्शन रिश्तेदारों के खातों से किए जाते थे

नकली दवाओं का निर्माण यूनिट

गिरोह का मुख्य सरगना राजेश मिश्रा (गोरखपुर) है, जिसने अपने अनुभव का फायदा उठाकर जींद (हरियाणा) में परमानंद के साथ मिलकर गुप्त फैक्ट्री चलाई। यहां नकली अल्ट्रासेट, ऑगमेंटिन, पैंटॉप डीएसआर, कनकोर्ट इंजेक्शन जैसी दवाएं बनाई जाती थीं।

बरामद दवाएं और सामग्री

दवा मात्रा
अल्ट्रासेट (J&J) 9015 गोलियां
ऑगमेंटिन 625 6100 गोलियां
पैन-40 1200 गोलियां
बेटनोवेट-एन क्रीम 1166 ट्यूब्स
एमोक्सिसिलिन 25650 गोलियां
पीसीएम 5900 गोलियां
पैन डीएसआर 2700 गोलियां
कनकोर्ट इंजेक्शन (स्टेरॉयड) 74 डिब्बे
प्रोयको स्पास 12000 गोलियां

इसके अलावा:

  • 150 किलो खुली गोलियां

  • 20 किलो खुले कैप्सूल

  • फॉइल रोल्स, पैकिंग मशीनें

  • हजारों दवाओं के डिब्बे और रैपर

कानूनी कार्रवाई जारी

पुलिस ने बताया कि पूरे नेटवर्क को समाप्त करने के लिए अन्य राज्यों में भी कार्रवाई की जा रही है। यह रैकेट केवल दवाओं की जालसाजी नहीं, बल्कि जनस्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा है।


तमिलनाडु की सांसद से चेन छीनने वाला कुख्यात झपटमार गिरफ्तार, चेन बरामद

नई दिल्ली – दक्षिण जिले की वाहन चोरी निरोधक शाखा (AATS) ने बुधवार को एक बड़ी कामयाबी हासिल करते हुए चाणक्यपुरी स्थित तमिलनाडु भवन के पास तमिलनाडु की सांसद आर. सुधा से चेन छीनने के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान सोहन रावत उर्फ सोनू उर्फ बुग्गू के रूप में हुई है, जो उत्तराखंड के पौड़ी जिले के बंदरकोट गांव का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से सांसद की सोने की चेन बरामद कर ली है।

कैसे हुआ अपराध

बीते सोमवार की सुबह सांसद आर. सुधा जब तमिलनाडु भवन के पास मॉर्निंग वॉक पर निकली थीं, तभी स्कूटी सवार आरोपी ने पीछे से आकर उनकी सोने की चेन झपट ली और मौके से फरार हो गया। इस दौरान सांसद को मामूली चोटें भी आईं।

CCTV से मिली सुराग

जांच टीम ने इलाके और रिंग रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो पता चला कि आरोपी वारदात के बाद सफदरजंग अस्पताल से होते हुए आश्रम चौक, मोदी फ्लाईओवर होकर गोविंदपुरी की ओर गया था। इसी जानकारी के आधार पर टीम ने उसे पुष्पा भवन के पास बीआरटी कॉरिडोर (पूर्व) से गिरफ्तार कर लिया।

पुराना अपराधी निकला आरोपी

दक्षिण जिला के पुलिस उपायुक्त अंकित चौहान ने बताया कि आरोपी सोहन रावत पहले से 26 आपराधिक मामलों में शामिल रह चुका है, जिनमें से अधिकतर चोरी और झपटमारी से जुड़े हैं। वह इस साल अप्रैल में अंबेडकर नगर में वाहन चोरी के एक मामले में गिरफ्तार हुआ था और 27 जून को जमानत पर रिहा हुआ था।

बरामद हुई चोरी की स्कूटी और मोबाइल

पुलिस ने बताया कि आरोपी को अपराध करते समय पहनी गई पोशाक में ही गिरफ्तार किया गया। उसके कब्जे से:

  • झपटी गई सोने की चेन

  • चोरी की स्कूटी (पुल प्रहलादपुर क्षेत्र से)

  • चार चोरी के मोबाइल फोन (निजामुद्दीन क्षेत्र से)
    बरामद किए गए हैं।

पुलिस की सतर्कता से मिली कामयाबी

पुलिस की तत्परता और तकनीकी निगरानी की बदौलत आरोपी को कुछ ही दिनों में गिरफ्तार कर लिया गया। मामले में आगे की जांच जारी है।


दिल्ली में महिला की हथौड़े से हत्या, आरोपी पति फरार; CCTV में कैद हुई वारदात के बाद की तस्वीर

नई दिल्ली (नेबसराय)। दक्षिण दिल्ली के नेबसराय इलाके में मंगलवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना में 50 वर्षीय महिला किरण झा की हथौड़े से पीटकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि इस निर्मम हत्या को महिला के पति प्रमोद झा उर्फ पप्पू ने अंजाम दिया, जो वारदात के बाद फरार हो गया। वारदात के वक्त मृतका घर पर अकेली थी।

पत्नी को बिहार ले जाने की जिद पर किया कत्ल

बताया जा रहा है कि आरोपी प्रमोद पिछले 10 वर्षों से पत्नी से अलग रह रहा था। हाल ही में वह बिहार से दिल्ली आया और पत्नी को जबरन अपने साथ वापस ले जाने का दबाव बना रहा था। लेकिन किरण ने साफ इंकार कर दिया। इससे बौखलाए आरोपी ने मंगलवार रात योजना बनाकर सोते समय हथौड़े से सिर पर कई वार कर हत्या कर दी।

CCTV में हत्या के बाद भागता दिखा आरोपी

वारदात की जानकारी बुधवार सुबह तब हुई, जब पड़ोसियों ने दरवाजा खुला देखा और बहू को फोन किया। मौके पर पहुंची पुलिस और क्राइम टीम ने जांच शुरू की। CCTV फुटेज में आरोपी हत्या के बाद 12:48 बजे कपड़े बदलकर भागता हुआ नजर आया। पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू कर दी है और एक टीम को बिहार भेजा गया है।

महिला करती थीं नौकरी, पति साधु के भेष में भीख मांगता था

किरण झा देवली गांव की बैंक कॉलोनी में रहती थीं और मरीजों की देखभाल का काम करती थीं। उनका पति प्रमोद झा शराब पीने का आदी था और कोई काम नहीं करता था। वह बिहार में साधु के भेष में इधर-उधर घूमकर भीख मांगकर जीवनयापन करता था। इनकी एक बेटी और एक बेटा है, बेटा दुर्गेश हाल ही में नौकरी के सिलसिले में बिहार गया हुआ था।

वारदात से पहले बेटे को इशारों में दिया था हिंसा का संकेत

हत्या से कुछ घंटे पहले प्रमोद ने अपने बेटे दुर्गेश से फोन पर झगड़ा किया था और कहा था, “एक काम बाकी है, करके निकल जाऊंगा।” बेटे को उस समय पिता के इरादों का अंदाज़ा नहीं था। वारदात के बाद वह अफसोस करता रहा कि उसने इशारा नहीं समझा। शाम होते ही वह बिहार से दिल्ली लौट आया।

बहू से कहा था– अंदर से कुंडी लगाकर सोया करो

हत्या से कुछ घंटे पहले आरोपी ने अपनी बहू को कहा था कि वह “अंदर से दरवाजा बंद करके सोया करे।” बहू को भी शक नहीं हुआ कि वह ऐसा क्यों कह रहा है। बुधवार सुबह जब उसने दरवाजा खुला देखा तो वह सास की खून से सनी लाश देखकर दहशत में आ गई।

पूरे कमरे में बिखरा था खून

घटना स्थल का दृश्य बेहद भयावह था। कमरे में चारों ओर खून फैला था और किरण का सिर बुरी तरह से फटा हुआ था। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल हथौड़ा (बिसोली) भी बरामद कर लिया है। आरोपी के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी गई है।


लाल किले में सुरक्षा जांच के दौरान सनसनी, मिले कारतूस और पकड़े गए 5 बांग्लादेशी

नई दिल्ली। स्वतंत्रता दिवस समारोह से पहले राजधानी दिल्ली के लाल किले की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। हाल ही में सुरक्षा जांच के दौरान पुलिस को लाल किले परिसर में दो पुराने कारतूस और एक सर्किट बोर्ड मिला है। इन सामग्रियों की बरामदगी के बाद पुलिस ने तत्काल एफआईआर दर्ज कर ली है और फोरेंसिक जांच शुरू कर दी गई है। प्रारंभिक जांच में संदेह है कि सर्किट बोर्ड किसी पुराने लाइटिंग कार्यक्रम में इस्तेमाल किया गया होगा, जबकि दोनों कारतूस डैमेज हालत में पाए गए हैं।

डमी बस बिना रोक-टोक घुसी, पुलिसकर्मी निलंबित

इससे पहले, स्वतंत्रता दिवस के मद्देनजर सुरक्षा जांच के दौरान एक और गंभीर लापरवाही सामने आई थी। बीते सोमवार को सुरक्षाकर्मियों से भरी एक डमी बस लाल किले में बिना किसी जांच के दाखिल हो गई, जबकि वहां तैनात पुलिसकर्मी सोते रह गए। घटना का पता चलते ही पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया।

घटना के बाद उत्तरी जिला पुलिस उपायुक्त राजा बांठिया ने तत्काल कार्रवाई करते हुए ड्यूटी पर तैनात सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया। बाद में पता चला कि यह एक मॉक ड्रिल थी, जो स्पेशल सेल द्वारा सुरक्षा व्यवस्था की जांच के लिए आयोजित की गई थी। हालांकि, इससे लाल किले की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल जरूर खड़ा हो गया है।

बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार

उक्त घटनाओं के बाद सुरक्षा को और कड़ा करते हुए पुलिस ने उसी दिन लाल किले में जबरन घुसने की कोशिश कर रहे पांच बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया। जांच में पता चला कि ये सभी अवैध रूप से भारत में रह रहे थे और इनके पास से फर्जी आधार कार्ड व अन्य दस्तावेज भी बरामद हुए। पुलिस ने इन्हें डिटेंशन सेंटर भेज दिया है और इन्हें बांग्लादेश भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

सुरक्षा समीक्षा के आदेश

इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त ने लाल किले की सुरक्षा में तैनात अधिकारियों को नई सुरक्षा योजना तैयार करने और सुरक्षा घेरे को और सख्त बनाने के निर्देश दिए हैं। स्वतंत्रता दिवस जैसे राष्ट्रीय पर्व से पहले इस तरह की घटनाएं राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए बड़ा खतरा मानी जा रही हैं।


झगड़े ने ली जान: डिलीवरी बॉय की चाकू लगने से मौत, पत्नी की हालत गंभीर

बीकानेर। शहर के कोटगेट थाना क्षेत्र में बुधवार को एक घरेलू विवाद ने भयावह रूप ले लिया, जब पति-पत्नी के बीच झगड़े के दौरान हुई चाकूबाजी में पति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पत्नी और मृतक का भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई है।

पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान कमला कॉलोनी निवासी सन्नी पंवार के रूप में हुई है। सन्नी की गर्दन पर चाकू लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। उसकी पत्नी ममता और भाई जीतू पंवार को गंभीर हालत में पीबीएम अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है।

प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सन्नी पंवार एक निजी कंपनी में डिलीवरी बॉय के रूप में काम करता था, लेकिन पिछले कुछ समय से काम पर नहीं जा रहा था और शराब की लत में पड़ गया था। इसी बात को लेकर घर में लगातार झगड़े होते रहते थे।

घटना के समय दोनों के दो बेटे, जो कॉलेज में पढ़ते हैं, घर पर मौजूद नहीं थे। उन्हें बाद में पुलिस ने सूचना देकर मौके पर बुलाया। बेटों ने बताया कि वे माता-पिता के झगड़ों से मानसिक रूप से काफी परेशान रहते थे।

पुलिस का मानना है कि यह घटना घरेलू कलह का नतीजा है। थाना प्रभारी सीआई विश्वजीत मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। उन्होंने बताया कि घायल ममता और जीतू से पूछताछ के बाद ही घटना की असली वजह साफ हो पाएगी।

फिलहाल, पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि चाकू किसके हाथ में था और हमला पहले किसने किया। आस-पास के लोगों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ की जा रही है।


मानसिक रूप से बीमार बेटी ने तवे से हमला कर पिता की हत्या की, आरोपी हिरासत में

नई दिल्ली। दिल्ली के शाहदरा जिले के मानसरोवर पार्क इलाके में बुधवार दोपहर एक सनसनीखेज़ वारदात हुई, जब मानसिक रूप से बीमार एक युवती ने अपने ही पिता की रोटी पकाने वाले तवे से पीट-पीटकर हत्या कर दी। मृतक की पहचान टेकचंद गोयल (55) के रूप में हुई है, जो परिवार के साथ उसी इलाके में रहते थे।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी बेटी अन्नू (32) मानसिक रूप से अस्वस्थ है और उसका इलाज भी चल रहा है। बुधवार को जब टेकचंद ने उसे दवाई लेने के लिए कहा तो वह अचानक उग्र हो गई और नज़दीक रखा तवा उठाकर अपने पिता पर हमला कर दिया। जब तक परिवार के अन्य सदस्य उसे रोकते, अन्नू ने पिता के सिर पर कई वार कर दिए।

परिजनों ने तुरंत टेकचंद को पास के अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही शाहदरा जिला पुलिस मौके पर पहुंची और अन्नू को हिरासत में ले लिया गया।

जिला पुलिस उपायुक्त प्रशांत गौतम के अनुसार, दोपहर लगभग 3:56 बजे घटना की जानकारी मिली थी। पुलिस ने अस्पताल में मौजूद मृतक के बेटे शिवम से पूछताछ की। शिवम ने बताया कि उनकी बहन अन्नू की मानसिक स्थिति ठीक नहीं है और उनके पिता उसे दवाई देने की कोशिश कर रहे थे। घटना के समय मां बाला देवी और शिवम की पत्नी प्रिया भी घर में मौजूद थीं।

पुलिस ने बताया कि अन्नू के मानसिक इलाज से जुड़े सभी कागज़ात मांगे गए हैं। वहीं, घर के अन्य सदस्यों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं और आसपास के पड़ोसियों और रिश्तेदारों से भी पूछताछ जारी है।

घटना ने इलाके में सनसनी फैला दी है, जबकि पुलिस मानसिक रूप से बीमार आरोपियों से जुड़े मामलों को लेकर विशेष सतर्कता बरत रही है। अन्नू की मेडिकल स्थिति को ध्यान में रखते हुए कानूनी प्रक्रिया भी उसी अनुरूप आगे बढ़ाई जाएगी।


प्रयागराज मुठभेड़ में 4 लाख का इनामी बदमाश ढेर, AK-47 से किया था पुलिस पर हमला

प्रयागराज। प्रयागराज पुलिस को गुरुवार को एक बड़ी कामयाबी मिली जब चार लाख रुपये के इनामी और अंतरराज्यीय गैंग से जुड़े शातिर बदमाश आशीष रंजन उर्फ छोटू सिंह को मुठभेड़ में मार गिराया गया। झारखंड के धनबाद स्थित जे.सी. मल्लिक रोड का रहने वाला छोटू सिंह कइयों संगीन मामलों में वांछित था और उस पर उत्तर प्रदेश पुलिस ने चार लाख रुपये का इनाम घोषित किया था।

मुठभेड़ की घटना प्रयागराज के शंकरगढ़ क्षेत्र में हुई, जहां एसटीएफ प्रयागराज यूनिट को सूचना मिली थी कि वांछित अपराधी क्षेत्र में छिपा है। जैसे ही एसटीएफ की टीम मौके पर पहुंची और उसे घेरने की कोशिश की, छोटू सिंह ने अचानक AK-47 राइफल से पुलिस पर अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी।

हालांकि, एसटीएफ टीम के सदस्य — जेपी राय, प्रभंजन और रोहित सिंह — बाल-बाल बच गए। आत्मरक्षा में एसटीएफ ने जवाबी कार्रवाई की और कुछ ही देर की मुठभेड़ में गोली लगने से छोटू सिंह गंभीर रूप से घायल हो गया।

घायल हालत में उसे शंकरगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने घटनास्थल से एक AK-47 राइफल, एक 9 एमएम पिस्टल, भारी मात्रा में कारतूस और एक बाइक बरामद की है।

कई राज्यों में दर्ज थे गंभीर मामले
मृत अपराधी छोटू सिंह झारखंड और बिहार से जुड़े कई आपराधिक मामलों में वांछित था। उसके खिलाफ लूट, हत्या, रंगदारी और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर धाराओं में केस दर्ज थे। वह एक अंतरराज्यीय गैंग से जुड़ा हुआ था और काफी समय से पुलिस को चकमा दे रहा था।

एसटीएफ अधिकारियों के मुताबिक, छोटू सिंह के खिलाफ लंबे समय से अभियान चलाया जा रहा था। प्रयागराज में उसकी मौजूदगी की सूचना मिलते ही त्वरित कार्रवाई करते हुए मुठभेड़ को अंजाम दिया गया।

इस ऑपरेशन को प्रयागराज पुलिस और एसटीएफ की बड़ी सफलता माना जा रहा है, क्योंकि इस अपराधी की गिरफ्तारी (या अब मुठभेड़ में मौत) से कई राज्यों की लंबित आपराधिक जांचों को राहत मिलेगी।


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