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हरदोई में लापता बीजेपी कार्यकर्ता का शव तालाब में मिला, दो पुलिस अधिकारी निलंबित

Category Archives: क्राइम

हरदोई में लापता बीजेपी कार्यकर्ता का शव तालाब में मिला, दो पुलिस अधिकारी निलंबित

हरदोई। शाहाबाद क्षेत्र में लापता बीजेपी बूथ अध्यक्ष की संदिग्ध हालात में मौत के मामले ने तूल पकड़ लिया है। मृतक का शव शुक्रवार को एक तालाब से बरामद होने के बाद पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले की जांच में लापरवाही पाए जाने पर शाहाबाद कोतवाल उमेश त्रिपाठी और मामले के जांच अधिकारी राकेश यादव को निलंबित कर दिया गया है।

पुलिस अधीक्षक  ने दोनों अधिकारियों पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करते हुए साफ किया कि लापरवाही किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

शव मिलने के बाद घटनास्थल पर पहुंचे मृतक के परिजनों और पुलिस के बीच तनावपूर्ण स्थिति बन गई थी। परिजनों ने कोतवाल के साथ कथित रूप से धक्का-मुक्की की, जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया। वीडियो में कोतवाल और परिजनों के बीच तीखी झड़प देखी जा सकती है। माना जा रहा है कि वायरल वीडियो के बाद ही पुलिस महकमे ने गंभीर रुख अपनाया।


कालकाजी मंदिर में सेवादार की पीट-पीटकर हत्या, प्रसाद को लेकर हुआ था विवाद

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली के प्रसिद्ध कालकाजी मंदिर में रविवार देर रात एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जहां प्रसाद के मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। दर्शन के लिए आए कुछ लोगों ने मंदिर के एक सेवादार की लाठियों और घूंसों से बेरहमी से पिटाई कर दी, जिससे उसकी इलाज के दौरान मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस रात करीब 11:30 बजे मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि झगड़ा ‘चुनरी प्रसाद’ को लेकर हुआ था। बहस इतनी बढ़ गई कि आरोपियों ने 35 वर्षीय योगेन्द्र सिंह पर हमला कर दिया। योगेन्द्र, मूल रूप से उत्तर प्रदेश के हरदोई जिले का निवासी था और पिछले लगभग 15 वर्षों से कालकाजी मंदिर में बतौर सेवादार कार्यरत था।

घायल अवस्था में उसे तत्काल एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना के तुरंत बाद स्थानीय लोगों ने 30 वर्षीय अतुल पांडे नामक एक आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। वह दक्षिणपुरी का निवासी है।

पुलिस का कहना है कि अन्य हमलावरों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।


स्कूल में छात्र पर हमला, आंख गंवाने का आरोप, पुलिस ने दर्ज किया मामला

खटीमा। एक निजी स्कूल में पढ़ने वाले 10वीं के छात्र पर हमले का गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें छात्र की एक आंख क्षतिग्रस्त हो गई। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने एक अन्य छात्र के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

कंजाबाग पटिया क्षेत्र की रहने वाली एक महिला ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनका बेटा स्थानीय निजी स्कूल में कक्षा 10 में पढ़ता है। 11 जुलाई 2025 को दोपहर में स्कूल से फोन आया कि उनके बेटे को चोट लगी है। स्कूल पहुंचने पर उन्होंने देखा कि उसके बाईं आंख पर पट्टी बंधी थी और खून निकल रहा था।

प्रधानाचार्य ने उन्हें बताया कि छात्र की हालत को देखते हुए उसे तुरंत हल्द्वानी के एक अस्पताल में रेफर किया गया है। परिजन तुरंत हल्द्वानी पहुंचे और इलाज करवाया, लेकिन डॉक्टरों ने बताया कि छात्र की बाईं आंख की रोशनी जा चुकी है।

महिला का आरोप है कि 29 जुलाई को उन्हें स्कूल बुलाकर सीसीटीवी फुटेज दिखाई गई, जिसमें एक छात्र उनके बेटे की आंख में पेन मारता नजर आया। उन्होंने यह भी दावा किया कि अस्पताल में समय पर और उचित इलाज नहीं मिलने के कारण उनका बेटा अब दृष्टिहीन हो गया है।

पीड़ित पक्ष का कहना है कि मामले को दबाने की कोशिश की गई और कुछ लोगों ने साजिशन सच्चाई छुपाने का प्रयास किया। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी छात्र के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


मवेशियों की हड्डियों को लेकर दो समुदायों में टकराव, 300 पर मुकदमा दर्ज

देहरादून। सेलाकुई में  देर रात मवेशियों की हड्डी से भरे एक लोडर वाहन में आगजनी और उसके बाद हुए बवाल ने पूरे क्षेत्र का माहौल तनावपूर्ण बना दिया। खाटू श्याम मंदिर के पास हुई इस घटना ने न केवल दोनों पक्षों को आमने-सामने ला खड़ा किया, बल्कि सांप्रदायिक सौहार्द बिगाड़ने की आशंका भी गहरा दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने पूर्व जिला पंचायत सदस्य समेत लगभग 300 लोगों पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

घटना के संबंध में दोनों पक्षों ने पुलिस को तहरीर देकर एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। हिंदू संगठनों से जुड़े लोगों का कहना है कि जब वे मंदिर से बाहर निकले तो उन्हें दुर्गंधयुक्त वाहन संदिग्ध अवस्था में दिखाई दिया। वाहन रोकने पर चालक ने गाड़ी चढ़ाने की कोशिश की और उसके बाद वाहन से गोवंश के अवशेष मिलने का दावा किया गया। विरोध करने पर चालक और उसके साथी गालियां देने लगे तथा अवशेष फेंककर माहौल बिगाड़ने की कोशिश की। पुलिस के हस्तक्षेप पर आरोप है कि चालक और उसके साथियों ने सबूत मिटाने की नीयत से स्वयं ही वाहन में आग लगा दी और मौके से फरार हो गए। कुछ देर बाद चालक अपने अन्य साथियों के साथ दोबारा लौट आया और बड़ी संख्या में एकत्रित भीड़ ने जमकर हंगामा किया। इसमें पूर्व जिला पंचायत सदस्य राशिद पहलवान समेत कई नामजद लोगों का भी उल्लेख किया गया है।

दूसरी ओर, वाहन स्वामी पक्ष ने एक बिल्कुल अलग कहानी पेश की है। उनका आरोप है कि वे हड्डियों की खेप को वैधानिक अनुमति लेकर सहारनपुर स्थित फैक्ट्री की ओर ले जा रहे थे। इसी दौरान खाटू श्याम मंदिर के समीप बड़ी संख्या में धार्मिक संगठनों से जुड़े लोग लाठी-डंडों और हथियारों से लैस होकर पहुंचे और वाहन को जबरन रोक लिया। विरोध करने पर उनका मोबाइल छीन लिया गया, लूटपाट की गई और वाहन को आग के हवाले कर दिया गया। इस पक्ष का कहना है कि मृत मवेशियों की हड्डियों के परिवहन के लिए जिला पंचायत कार्यालय से विधिवत अनुमति ली गई थी, बावजूद इसके उन्हें सुनियोजित तरीके से निशाना बनाया गया।

फिलहाल पुलिस ने दोनों पक्षों की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष पी.डी. भट्ट ने बताया कि मामले की तहकीकात की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं,  एसपी देहात रेनू लोहानी और सीओ रीना राठौर ने सेलाकुई थाना पहुंचकर घटना की विस्तृत जानकारी ली। पुलिस प्रशासन का कहना है कि किसी भी स्थिति में क्षेत्र की शांति और कानून व्यवस्था बिगड़ने नहीं दी जाएगी।


महिला ने गांव के छह लोगों पर लगाया मारपीट और पथराव का आरोप, पुलिस जांच में जुटी

लखनऊ | महिगवां थाना क्षेत्र के रायपुर बाबू गांव में एक महिला पर कथित रूप से हमला करने और घर पर पथराव करने का मामला सामने आया है। पीड़िता सुभाषिनी ने गांव के करीब आधा दर्जन लोगों पर गंभीर आरोप लगाते हुए थाने में शिकायत दर्ज कराई है।

महिला का आरोप है कि जब पुलिस उसके पहले दिए गए शिकायती पत्र की जांच के लिए गांव आई थी, उस वक्त सब कुछ शांत रहा। लेकिन जैसे ही पुलिस टीम लौटकर गई, विपक्षी पक्ष ने उस पर हमला कर दिया।

पहले डंडों से पीटा, फिर घर में घुसने पर शुरू किया पथराव

सुभाषिनी ने बताया कि पहले से विवादित मामले को लेकर उसने बुधवार को थाने में शिकायत की थी। अगले दिन सुबह करीब 11 बजे पुलिस गांव में जांच के लिए पहुंची और दोनों पक्षों को समझाकर मामला शांत करवा दिया। इसी दौरान एक ग्रामीण रूपचंद ने पुलिस से शिकायत की कि सुभाषिनी के घर की छत का पानी उसकी नींव पर गिरता है। पुलिस ने इस मुद्दे पर भी दोनों पक्षों को शांत रहने की सलाह दी और गांव से रवाना हो गई।

पुलिस के रवाना होते ही, महिला के मुताबिक, विपक्षी पक्ष ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया और जब वह बचकर घर के अंदर चली गई, तो आरोपियों ने घर पर पथराव शुरू कर दिया। पथराव से घर की दीवारें और खिड़कियां क्षतिग्रस्त हुईं।

पुलिस के पहुंचने से पहले फरार हो गए आरोपी

शोर सुनकर ग्रामीणों ने पुलिस को सूचना दी, लेकिन जब तक पुलिस दोबारा मौके पर पहुंची, आरोपी फरार हो चुके थे। महिगवां थाने के प्रभारी निरीक्षक रामकुमार गुप्ता ने बताया कि महिला की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है


मनीमाजरा के पास झाड़ियों में युवक का शव मिला, ओवरडोज से मौत की आशंका, परिवार ने पुलिस पर लापरवाही के लगाए आरोप

चंडीगढ़/पंचकूला- चंडीगढ़ से सटे मनीमाजरा मोटर मार्केट के पास झाड़ियों में एक युवक का शव संदिग्ध हालात में मिला है। मृतक की पहचान शिमला के संजौली निवासी 25 वर्षीय रमेश के रूप में हुई है। रमेश चार बहनों का इकलौता भाई था। घटना के बाद शव को लेकर चंडीगढ़ और पंचकूला पुलिस के बीच सीमा विवाद के चलते लगभग दो घंटे तक असमंजस की स्थिति बनी रही। अंततः मामला पंचकूला पुलिस के अंतर्गत आने पर कार्रवाई शुरू की गई।

सीमा विवाद में उलझी पुलिस, दो घंटे तक नहीं उठाया गया शव

स्थानीय लोगों की सूचना पर सबसे पहले चंडीगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन स्थान पंचकूला सीमा में होने के कारण उन्होंने कार्रवाई से इनकार कर दिया। रात करीब 10 बजे स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र पंचकूला के तहत आता है, जिसके बाद एमडीसी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-6 स्थित अस्पताल भेजा।

तेजाब, सीरिंज और ओवरडोज की आशंका

पुलिस को मौके से नशे में इस्तेमाल होने वाली सीरिंज मिली हैं। आशंका जताई जा रही है कि रमेश की मौत नशे की ओवरडोज से हुई है। शव की स्थिति खराब हो चुकी थी और शरीर से बदबू आ रही थी। पुलिस का कहना है कि असल कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

परिजनों का गंभीर आरोप: पुलिस ने नहीं की मदद

मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ इतना बताया गया कि रमेश के नाक से खून बह रहा है और वह मोटर मार्केट के पास झाड़ियों में पड़ा है। सूचना मिलने पर वे मनीमाजरा थाने पहुंचे, लेकिन थाने से कोई भी पुलिसकर्मी मौके पर नहीं गया। परिवार खुद लोगों से पूछताछ करते हुए रमेश के शव तक पहुंचे।

उनका कहना है कि पुलिस ने न तो घटना की डीडीआर दर्ज की और न ही जीरो एफआईआर लेकर जांच शुरू की, जबकि ऐसा किया जा सकता था। इसके बाद उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल किया, जिसके बाद मनीमाजरा थाने के एसएचओ मनिंदर सिंह मौके पर पहुंचे। हालांकि एसएचओ ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है।

दोस्तों से होगी पूछताछ, मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

परिवार ने बताया कि रमेश कबाड़ बेचने के काम से गाड़ी लेकर शिमला से मनीमाजरा आया था। 25 अगस्त को वह अपनी गाड़ी की मरम्मत कराने एक मैकेनिक के पास गया था, जहां उसके परिचित मन्नू और चक्सू भी मौजूद थे। दोनों संजौली निवासी हैं और कथित तौर पर चंडीगढ़ किसी काम से आए थे।

रमेश की आखिरी बार बात उसकी बड़ी बहन डॉली से 26 अगस्त की रात करीब 8 बजे हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल लगातार बजता रहा लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। बाद में पुलिस को रमेश का मोबाइल उसकी जेब में मिला, जिसकी कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।

परिजनों का आरोप है कि रमेश की हालत को लेकर मन्नू ने अपने एक दोस्त सूरज को जानकारी दी, जिसने रमेश के भांजे मनोज को बताया कि रमेश नाक से खून बहने की हालत में मोटर मार्केट की झाड़ियों में पड़ा है। हालांकि सवाल उठ रहे हैं कि तत्काल पुलिस को कॉल क्यों नहीं की गई।

रकम का हिसाब भी जांच के दायरे में

मृतक को उसके वाहन मालिक द्वारा 20 से 22 हजार रुपये दिए गए थे, जिनका अभी कोई अता-पता नहीं है। यह रकम कहां गई और किन परिस्थितियों में खर्च हुई, इस पहलू की भी जांच की जा रही है।

जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

एमडीसी थाने के एसएचओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। मृतक के दोस्तों मन्नू और चक्सू से भी पूछताछ की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रमेश की मौत कैसे हुई और वह झाड़ियों में कैसे पहुंचा।


मनीमाजरा के पास झाड़ियों में युवक का शव मिला, ओवरडोज से मौत की आशंका, परिवार ने पुलिस पर लापरवाही के लगाए आरोप

चंडीगढ़/पंचकूला- चंडीगढ़ से सटे मनीमाजरा मोटर मार्केट के पास झाड़ियों में एक युवक का शव संदिग्ध हालात में मिला है। मृतक की पहचान शिमला के संजौली निवासी 25 वर्षीय रमेश के रूप में हुई है। रमेश चार बहनों का इकलौता भाई था। घटना के बाद शव को लेकर चंडीगढ़ और पंचकूला पुलिस के बीच सीमा विवाद के चलते लगभग दो घंटे तक असमंजस की स्थिति बनी रही। अंततः मामला पंचकूला पुलिस के अंतर्गत आने पर कार्रवाई शुरू की गई।

सीमा विवाद में उलझी पुलिस, दो घंटे तक नहीं उठाया गया शव

स्थानीय लोगों की सूचना पर सबसे पहले चंडीगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन स्थान पंचकूला सीमा में होने के कारण उन्होंने कार्रवाई से इनकार कर दिया। रात करीब 10 बजे स्पष्ट हुआ कि क्षेत्र पंचकूला के तहत आता है, जिसके बाद एमडीसी थाना पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सेक्टर-6 स्थित अस्पताल भेजा।

तेजाब, सीरिंज और ओवरडोज की आशंका

पुलिस को मौके से नशे में इस्तेमाल होने वाली सीरिंज मिली हैं। आशंका जताई जा रही है कि रमेश की मौत नशे की ओवरडोज से हुई है। शव की स्थिति खराब हो चुकी थी और शरीर से बदबू आ रही थी। पुलिस का कहना है कि असल कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा।

परिजनों का गंभीर आरोप: पुलिस ने नहीं की मदद

मृतक के परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सिर्फ इतना बताया गया कि रमेश के नाक से खून बह रहा है और वह मोटर मार्केट के पास झाड़ियों में पड़ा है। सूचना मिलने पर वे मनीमाजरा थाने पहुंचे, लेकिन थाने से कोई भी पुलिसकर्मी मौके पर नहीं गया। परिवार खुद लोगों से पूछताछ करते हुए रमेश के शव तक पहुंचे।

उनका कहना है कि पुलिस ने न तो घटना की डीडीआर दर्ज की और न ही जीरो एफआईआर लेकर जांच शुरू की, जबकि ऐसा किया जा सकता था। इसके बाद उन्होंने पुलिस कंट्रोल रूम को कॉल किया, जिसके बाद मनीमाजरा थाने के एसएचओ मनिंदर सिंह मौके पर पहुंचे। हालांकि एसएचओ ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है।

दोस्तों से होगी पूछताछ, मौत की गुत्थी सुलझाने में जुटी पुलिस

परिवार ने बताया कि रमेश कबाड़ बेचने के काम से गाड़ी लेकर शिमला से मनीमाजरा आया था। 25 अगस्त को वह अपनी गाड़ी की मरम्मत कराने एक मैकेनिक के पास गया था, जहां उसके परिचित मन्नू और चक्सू भी मौजूद थे। दोनों संजौली निवासी हैं और कथित तौर पर चंडीगढ़ किसी काम से आए थे।

रमेश की आखिरी बार बात उसकी बड़ी बहन डॉली से 26 अगस्त की रात करीब 8 बजे हुई थी। इसके बाद उसका मोबाइल लगातार बजता रहा लेकिन किसी ने फोन नहीं उठाया। बाद में पुलिस को रमेश का मोबाइल उसकी जेब में मिला, जिसकी कॉल डिटेल खंगाली जा रही है।

परिजनों का आरोप है कि रमेश की हालत को लेकर मन्नू ने अपने एक दोस्त सूरज को जानकारी दी, जिसने रमेश के भांजे मनोज को बताया कि रमेश नाक से खून बहने की हालत में मोटर मार्केट की झाड़ियों में पड़ा है। हालांकि सवाल उठ रहे हैं कि तत्काल पुलिस को कॉल क्यों नहीं की गई।

रकम का हिसाब भी जांच के दायरे में

मृतक को उसके वाहन मालिक द्वारा 20 से 22 हजार रुपये दिए गए थे, जिनका अभी कोई अता-पता नहीं है। यह रकम कहां गई और किन परिस्थितियों में खर्च हुई, इस पहलू की भी जांच की जा रही है।

जांच जारी, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार

एमडीसी थाने के एसएचओ वीरेंद्र सिंह ने बताया कि घटना की गंभीरता को देखते हुए हर पहलू की जांच की जा रही है। मृतक के दोस्तों मन्नू और चक्सू से भी पूछताछ की जाएगी ताकि यह स्पष्ट हो सके कि रमेश की मौत कैसे हुई और वह झाड़ियों में कैसे पहुंचा।


घर के बाहर खड़े युवकों पर भीड़ ने किया हमला, एक पर तेजाब फेंकने की कोशिश

कानपुर- कानपुर के बजरिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक दर्जन से अधिक लोगों ने घर के बाहर खड़े तीन युवकों पर अचानक हमला कर दिया। इस हिंसक वारदात में तीनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने घायलों को इलाज के लिए उर्सला अस्पताल पहुंचाया।

हमले की गंभीरता तब और बढ़ गई जब आरोपियों ने एक युवक पर तेजाब डालने की कोशिश की, जिससे उसकी पीठ बुरी तरह झुलस गई। डॉक्टरों के अनुसार, तीनों की हालत गंभीर बनी हुई है और उन्हें निगरानी में रखा गया है।

इलाके में तनाव, जांच शुरू

घटना के बाद से इलाके में तनाव और डर का माहौल है। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और हमलावरों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं।


फर्जी कंपनी बनाकर लोन लेने वाले दो आरोपियों की जमानत याचिका अदालत ने की खारिज

गाजियाबाद- गाजियाबाद के इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में निजी फाइनेंस कंपनी से धोखे से लाखों रुपये का ऋण लेने के मामले में गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों को अदालत से राहत नहीं मिली है। अदालत ने उनकी जमानत याचिका को ठुकरा दिया है। यह फैसला प्रभारी सत्र न्यायाधीश अनिल कुमार चतुर्थ की अदालत ने सुनाया।

अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया कि इस प्रकार की वित्तीय धोखाधड़ी बैंकिंग और वित्तीय संस्थानों की साख को नुकसान पहुंचाती है, इसलिए ऐसे मामलों में नरमी नहीं बरती जा सकती। न्यायालय ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ प्रथम दृष्टया गंभीर साक्ष्य उपलब्ध हैं, जिससे यह स्पष्ट होता है कि इरादा शुरू से ही धोखाधड़ी करने का था।

कैसे रची गई थी फर्जीवाड़े की साजिश

मामले की जानकारी के अनुसार, दिल्ली निवासी सुनील कुमार सोनी और रोहन सोनी ने वर्ष 2023 में ‘रोहन मेटल प्राइवेट लिमिटेड’ नाम से एक फर्जी कंपनी खड़ी कर दी। इसके बाद उन्होंने इस फर्जी कंपनी के नाम पर एक निजी फाइनेंस कंपनी से 31 लाख रुपये का लोन लेने के लिए आवेदन किया।

आवेदन के साथ दिए गए दस्तावेजों में दिखाया गया कि कंपनी इंदिरापुरम थाना क्षेत्र में स्थित है। फाइनेंस कंपनी ने जरूरी कागजात देखकर 2 अगस्त 2023 को लोन पास कर दिया और किस्त के रूप में हर महीने ₹1,67,400 तय की गई।

शुरुआत में कुछ किश्तें जमा करवाई गईं, जिससे किसी को शक न हो। लेकिन बाद में आरोपी किश्त चुकाने से मुकर गए। जब फाइनेंस कंपनी ने दिए गए पते पर जाकर सत्यापन किया, तो पाया गया कि वहां कोई भी कंपनी अस्तित्व में नहीं है और पूरा पता फर्जी निकला।

पुलिस जांच के बाद गिरफ्तारी

धोखाधड़ी का पता चलने पर फाइनेंस कंपनी ने इंदिरापुरम थाने में मामला दर्ज कराया। जांच के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों सुनील और रोहन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।

गिरफ्तारी के बाद गुरुवार को दोनों ने अदालत में जमानत के लिए याचिका दाखिल की, लेकिन न्यायालय ने धोखाधड़ी की गंभीरता को देखते हुए जमानत याचिका खारिज कर दी।


हरिद्वार में करोड़ों की ज़मीन पर अवैध कब्जा- प्रवीण वाल्मीकि गैंग के दो सदस्य गिरफ्तार, एक भतीजा भी शामिल

हरिद्वार- उत्तराखंड स्पेशल टास्क फोर्स (एसटीएफ) ने हरिद्वार में करोड़ों की जमीन पर अवैध कब्जे की साजिश में शामिल प्रवीण वाल्मीकि गैंग के दो सदस्यों को बुधवार रात गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों में एक प्रवीण का भतीजा भी शामिल है। जांच में सामने आया है कि सितारगंज जेल में बंद प्रवीण जेल से बाहर अपने साथियों के जरिए संगठित अपराधों को अंजाम देता रहा है।

गंगनहर थाना क्षेत्र में प्रवीण, उसके भतीजे और चार अन्य के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की गई। एसटीएफ की इस कार्रवाई को डीजीपी दीपम सेठ के निर्देश पर चलाए जा रहे राज्यव्यापी अभियान के तहत अंजाम दिया गया है। एसएसपी नवनीत सिंह भुल्लर ने बताया कि यह कार्रवाई लगातार मिल रही गंभीर शिकायतों के आधार पर की गई है।

प्रवीण वाल्मीकि पूर्व में कुख्यात अपराधी सुनील राठी के गिरोह से जुड़ा रह चुका है और उस पर हत्या, रंगदारी व अन्य गंभीर अपराधों के कई मामले दर्ज हैं। ताजा मामलों में यह बात सामने आई है कि वह हरिद्वार में ज़मीन कब्जाने और धोखाधड़ी की योजनाएं चला रहा था।

हत्या, धमकी और फर्जी दस्तावेज के जरिए कब्जा

एसटीएफ की जांच में पता चला है कि वर्ष 2018 में प्रवीण ने कृष्ण गोपाल नामक व्यक्ति की हत्या करवाई थी, जो अपने भाई श्याम बिहारी की संपत्ति की देखरेख कर रहा था। हत्या के बाद प्रवीण ने श्याम बिहारी की पत्नी रेखा को धमकाकर जमीन हड़पने की कोशिश की। जब रेखा ने विरोध किया, तो वर्ष 2019 में उसके भाई सुभाष पर जानलेवा हमला भी कराया गया।

इन घटनाओं के चलते रेखा का परिवार डर के कारण घर छोड़कर अन्यत्र चला गया। इस दौरान गैंग ने रेखा और कृष्ण गोपाल की पत्नियों के नाम से फर्जी पावर ऑफ अटॉर्नी बनवाकर करोड़ों की संपत्ति को बेच दिया। इस साजिश में प्रवीण का भतीजा मनीष उर्फ बॉलर (40 वर्ष) और उसका साथी पंकज अष्टवाल (30 वर्ष) शामिल थे, जिन्हें अब गिरफ्तार कर लिया गया है। बाकी आरोपी फरार हैं।

जेल में बनी नई साजिश: साढ़े तीन करोड़ की संपत्ति पर नजर

जांच के दौरान एक और मामला सामने आया जिसमें वर्ष 2022 में जेल में बंद प्रवीण की मुलाकात संदीप एरोन नामक व्यक्ति से हुई। एरोन की कनखल इलाके में साढ़े तीन करोड़ रुपये की संपत्ति थी। जेल से ही प्रवीण ने मनीष और संजय चांदना को इस संपत्ति पर कब्जा करने का निर्देश दिया। जनवरी 2023 में जेल से छूटने के बाद दोनों ने बिना भुगतान किए ही संपत्ति का एग्रीमेंट अपने नाम करवा लिया।

हालांकि, यह बात आशीष शर्मा नामक एक अन्य अपराधी को पता चली, जिसने सुनील राठी को इसकी जानकारी दी। राठी के हस्तक्षेप और धमकी के बाद प्रवीण को यह एग्रीमेंट रद्द करना पड़ा।


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