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मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त एक आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

Category Archives: क्राइम

मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त एक आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

अभियुक्त के कब्जे से 01 किलो 210 ग्राम अवैध गांजा हुआ बरामद

देहरादून। दून पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए डोईवाला क्षेत्र से एक युवक को 1 किलो 210 ग्राम अवैध गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायिक प्रक्रिया के लिए अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस अब पूछताछ के आधार पर नशा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर जिलेभर में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोतवाली डोईवाला की पुलिस टीम ने लच्छीवाला फ्लाईओवर के पास चेकिंग अभियान के दौरान एक संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 1 किलो 210 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोहित करमाली उर्फ मलिंगा (20 वर्ष) निवासी केशवपुरी बस्ती, थाना डोईवाला के रूप में हुई है। मूल रूप से वह झारखंड के हजारीबाग जिले का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली डोईवाला में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया है।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह स्वयं भी नशे का आदी है। उसने यह गांजा एक स्थानीय तस्कर से कम कीमत पर खरीदा था और उसे अन्य नशा करने वालों को अधिक दाम पर बेचकर मुनाफा कमाने की योजना बना रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कुछ अन्य संदिग्ध नशा तस्करों के बारे में भी जानकारी दी है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट और चोरी जैसे मामलों सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।


लाखो की धोखाधड़ी मामले में लिप्त एक अभियुक्त को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

एसएसपी दून की सख्ती भू- माफियाओं पर पड़ रही भारी

देहरादून। देहरादून में भूमि धोखाधड़ी के मामलों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में सहसपुर पुलिस ने 65 लाख रुपये की कथित जमीन धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन बेचने के नाम पर पीड़ित से लाखों रुपये की ठगी की और रकम वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर जिलेभर में भूमि धोखाधड़ी में शामिल आरोपियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में हरबर्टपुर निवासी डॉ. शैलेन्द्र तिवारी ने सहसपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में रजनीश सैनी, प्रियाशु सैनी, हर्षवर्धन, दीपक और अन्य पर आपराधिक साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन का सौदा करने के नाम पर 65 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया गया था।

प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर सहसपुर कोतवाली में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान जुटाए गए दस्तावेजी साक्ष्यों में आरोपी दीपक की संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने उसे धर्मावाला क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपक (28 वर्ष), पुत्र मदन सिंह, निवासी वार्ड नंबर-4, आसनपुल फतेहपुर, थाना सहसपुर, देहरादून के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार सुद्धोवाला भेज दिया है।

इस कार्रवाई को चौकी प्रभारी धर्मावाला उपनिरीक्षक पंकज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अंजाम दिया। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।


कांवड़ मेले में गांजा सप्लाई करने की साजिश नाकाम; एएनटीएफ और पुलिस ने दो सगे भाइयों को किया गिरफ्तार

हरिद्वार: कांवड़ मेले के दौरान नशीले पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसते हुए नगर कोतवाली पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो सगे भाइयों को 9.8 किलोग्राम अवैध गांजे के साथ धर दबोचा। आरोपी इस खेप को कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं और अन्य लोगों को खपाने की योजना बना रहे थे।

पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात पुलिस और एएनटीएफ की टीम सरकारी बस वर्कशॉप के पास, रेलवे कॉलोनी की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर गश्त और चेकिंग कर रही थी। उसी समय टिबड़ी फाटक की ओर से मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस टीम को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने घेराबंदी कर उन्हें रोक लिया।

पूछताछ में आरोपियों की पहचान ज्वालापुर की शांति विहार कॉलोनी निवासी रोहित सैनी और उसके भाई मोहित सैनी के रूप में हुई। सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि तलाशी लेने पर रोहित के बैग से 5.160 किलोग्राम और मोहित के थैले से 4.640 किलोग्राम गांजा (कुल 9.8 किग्रा) बरामद हुआ।

आरोपियों ने कुबूला कि उन्होंने यह गांजा एक दिन पहले मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना निवासी सोयब अंसारी से बहादराबाद टोल प्लाजा के पास खरीदा था और वे इसे कांवड़ मेले के दौरान ऊंचे दामों में बेचने की तैयारी में थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और बुधवार को न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।


सार्वजनिक स्थान पर हुड़दंग करने वाले तीन लोग गिरफ्तार, दो महिलाएं भी शामिल

देहरादून:  वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग कर शांति व्यवस्था भंग करने वालों के खिलाफ दून पुलिस लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है।

इसी क्रम में थाना रायपुर पुलिस ने शक्ति विहार, चूना भट्ठा, अधोईवाला क्षेत्र में दो पक्षों के बीच हुए विवाद और मारपीट के मामले में तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं।

पुलिस के अनुसार, बुधवार को सूचना मिली कि शक्ति विहार, चूना भट्ठा, अधोईवाला में दो पक्षों के बीच कहासुनी के बाद मारपीट हो रही है। सूचना मिलते ही थाना रायपुर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच की। जांच के दौरान एक पक्ष के तीन लोगों द्वारा दूसरे पक्ष के दो व्यक्तियों के साथ मारपीट किए जाने के तथ्य सामने आए।

पुलिस ने प्राप्त तहरीर और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर कौशल्या (46 वर्ष), विशाल (28 वर्ष) और चंचला देवी (24 वर्ष), निवासी चूना भट्ठा, रायपुर को हिरासत में लेकर नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की।

पुलिस का कहना है कि मामले की निष्पक्ष एवं गहन जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।


बागेश्वर पुलिस की बड़ी कार्रवाई: सोशल मीडिया पर अभद्र टिप्पणी करने वाला भगोड़ा आरोपी गिरफ्तार

 बागेश्वर- उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में सोशल मीडिया का दुरुपयोग करने और अमर्यादित टिप्पणियां फैलाने वाले आरोपी के खिलाफ पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की है। बैजनाथ थाना क्षेत्र के पिंगलों बैंड कंधार तिराहा के पास से पुलिस और SOG की संयुक्त टीम ने मुख्य आरोपी जगदीश गोस्वामी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी पर महिलाओं के चरित्र हनन और स्थानीय विधायक के खिलाफ भ्रामक व अभद्र वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने के गंभीर आरोप हैं।

घटना के बाद से आरोपी 30 जुलाई से लगातार फरार चल रहा था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने न्यायालय से गैर-जमानती वारंट प्राप्त कर आरोपी के घर पर मुनादी भी कराई थी। SOG और पुलिस टीम ने मोबाइल लोकेशन व सर्विलांस की मदद से रानीखेत, रामनगर, बिजनौर, हरिद्वार, सहारनपुर और देहरादून तक लगातार छापेमारी की। आखिरकार मंगलवार शाम आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया।


बागेश्वर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 1.472 किलो चरस के साथ दो तस्कर गिरफ्तार

बागेश्वर: उत्तराखंड के बागेश्वर जिले में नशे के सौदागरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान में कपकोट पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम को बड़ी कामयाबी मिली है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान 1.472 किलोग्राम अवैध चरस के साथ दो शातिर तस्करों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। तस्करी में इस्तेमाल की जा रही अपाचे बाइक (UK 06 AC 4957) को भी जब्त कर लिया गया है।

घेराबंदी कर ऐसे दबोचे गए आरोपी:

मुखबिर से मिली सटीक सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पालीडुंगरा पुल के पास आर्गेनिक जैविक उत्पाद भवन के समीप बैरिकेडिंग कर चेकिंग शुरू की। इस दौरान एक संदिग्ध अपाचे मोटरसाइकिल को रोका गया। पुलिस को देखकर घबराए सवारों की जब बीईओ अजीत सिंह कर्णवाल की मौजूदगी में तलाशी ली गई, तो उनके बैग से कुल 1.472 किलो चरस (1.014 किग्रा और 0.458 किग्रा के दो अलग-अलग पैकेट) बरामद हुई।

अल्मोड़ा के द्वारहाट में होनी थी सप्लाई:

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोविंद सिंह (32) (निवासी: सुमगढ़) और राजा रावत उर्फ राज रावत (26) (निवासी: शामा मेन बाजार) के रूप में हुई है। पूछताछ में आरोपियों ने कबूला कि वे यह चरस शामा क्षेत्र के एक स्थानीय चाय वाले से लेकर द्वारहाट में बेचने जा रहे थे।

पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि नशे के इस नेटवर्क की जड़ों तक पहुंचने के लिए जांच की जा रही है और इसमें शामिल अन्य लोगों को भी बख्शा नहीं जाएगा।


न्यायालय के वारंटियों पर विकासनगर पुलिस की बड़ी कार्रवाई, चार आरोपी गिरफ्तार

विकासनगर। न्यायालय से जारी गैर-जमानती वारंटों की तामील के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत विकासनगर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे चार वारंटियों को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर कोतवाली विकासनगर पुलिस ने प्रभारी निरीक्षक के नेतृत्व में अलग-अलग टीमें गठित कर सात विभिन्न मामलों में वांछित वारंटियों की तलाश शुरू की थी। अभियान के दौरान पुलिस ने लगातार दबिश देकर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में बाबूगढ़ मंडी चौक निवासी सुनील कुमार उर्फ गुज्जर (34), अजय (28), गुरुद्वारा गली निवासी खुर्शीद अहमद (35) तथा ढकरानी निवासी इनाम (48) शामिल हैं।

जांच में सामने आया कि सुनील कुमार उर्फ गुज्जर के खिलाफ चोरी और चोरी का माल रखने से जुड़े वर्ष 2017 के दो मामलों में गैर-जमानती वारंट जारी थे। अजय के खिलाफ चोरी और आर्म्स एक्ट से संबंधित तीन मामलों में वारंट लंबित था। वहीं, खुर्शीद अहमद एनआई एक्ट की धारा 138 के मामले में वांछित था, जबकि इनाम के खिलाफ आर्म्स एक्ट के मामले में न्यायालय से जारी वारंट की तामील की गई।

पुलिस अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना करने वाले आरोपियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। फरार वारंटियों की गिरफ्तारी प्राथमिकता के आधार पर की जा रही है और किसी भी आरोपी को कानून से बचने नहीं दिया जाएगा।

इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक चन्द्रशेखर नौटियाल, उपनिरीक्षक ओमवीर सिंह, कांस्टेबल सुरेन्द्र तोमर, कांस्टेबल पवन बिष्ट, कांस्टेबल चमन चौहान और कांस्टेबल अजय सिंह शामिल रहे।


करोड़ों की जमीन हड़पने की साजिश का आरोपी सहारनपुर से गिरफ्तार, दून पुलिस की बड़ी कार्रवाई

देहरादून:  एसएसपी देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत कोतवाली पटेलनगर पुलिस ने करोड़ों रुपये की भूमि हड़पने की साजिश में शामिल एक फरार आरोपी को उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर वादी की करोड़ों की संपत्ति पर अवैध कब्जा करने की कोशिश की थी। आरोप है कि करीब 10 वर्ष पहले मृत व्यक्ति के स्थान पर किसी अन्य व्यक्ति को खड़ा कर कूटरचित अधिकार पत्र (पावर ऑफ अटॉर्नी) तैयार कराया गया और उसी के आधार पर भूमि पर स्टे लेने का प्रयास किया गया।

मामले में वादी राहुल देव निवासी टर्नर रोड, पटेलनगर ने शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके ममेरे दादा स्वर्गीय केवल कृष्ण ने वर्ष 2009 में वसीयत के माध्यम से अपनी संपत्ति उनके नाम की थी। वर्ष 2024 में संपत्ति उनके नाम दर्ज होने के बाद वर्ष 2026 में भूमि की फर्द निकलवाने पर उन्हें फर्जी दस्तावेजों के जरिए संपत्ति पर आपत्ति और स्टे की जानकारी मिली।

शिकायत के आधार पर कोतवाली पटेलनगर में 17 अप्रैल 2026 को संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान रजिस्ट्री कार्यालय, राजस्व विभाग और विभिन्न बैंकों से दस्तावेज जुटाए गए, जिनसे आरोपियों के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिले।

इस मामले की मुख्य आरोपी बबीता देवी को पुलिस पहले ही 1 जून 2026 को सहारनपुर से गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। वहीं फरार चल रहे आरोपी राजकमल (53 वर्ष) को पुलिस टीम ने 31 जुलाई 2026 को मुखबिर की सूचना पर जय कॉलोनी, सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस ने बताया कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और उनके विरुद्ध भी विधिक कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी:

राजकमल (53 वर्ष) निवासी सहारनपुर, उत्तर प्रदेश।

पूर्व में गिरफ्तार आरोपी:

बबीता देवी (52 वर्ष) निवासी गंगोह, सहारनपुर, उत्तर प्रदेश।

 


देहरादून में नशा तस्करों पर पुलिस का शिकंजा, दो आरोपी स्मैक और हथियारों के साथ गिरफ्तार

प्रेमनगर क्षेत्र में कॉलेज छात्रों को स्मैक सप्लाई करने की थी तैयारी, पुलिस ने 15.85 ग्राम स्मैक, पिस्टल और कारतूस किए बरामद

देहरादून। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जनपद में चलाए जा रहे नशा विरोधी अभियान के तहत प्रेमनगर पुलिस ने दो कथित नशा तस्करों को गिरफ्तार कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लाखों रुपये मूल्य की स्मैक, एक पिस्टल, जिंदा कारतूस और एक मोटरसाइकिल बरामद की है। दोनों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट समेत संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस के अनुसार, प्रेमनगर क्षेत्र में चेकिंग अभियान के दौरान दो संदिग्ध युवकों बालिस्टर और अनुराग चौधरी को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से कुल 15.85 ग्राम अवैध स्मैक बरामद हुई, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब 5.50 लाख रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा एक 32 बोर की पिस्टल, 6 जिंदा कारतूस, दो खाली मैगजीन और एक हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी बरामद की गई।

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे मूल रूप से उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के रहने वाले हैं और पिछले तीन-चार महीनों से देहरादून के केहरी गांव में रह रहे थे। उन्होंने स्वीकार किया कि स्मैक सहारनपुर के एक स्थानीय तस्कर से खरीदकर लाए थे और उसे प्रेमनगर व आसपास के क्षेत्रों में कॉलेजों, हॉस्टलों, पीजी और किराये के फ्लैटों में रहने वाले छात्रों को बेचने की योजना थी।

पुलिस पूछताछ में आरोपी बालिस्टर ने बरामद पिस्टल को अपना लाइसेंसी हथियार बताया। उसका कहना था कि वह इसे लोगों को डराने-धमकाने के लिए अपने साथ रखता था। पुलिस अब हथियार के लाइसेंस और उसके इस्तेमाल की भी जांच कर रही है।

दोनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली प्रेमनगर में एनडीपीएस एक्ट सहित अन्य प्रासंगिक धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब उनसे जुड़े नशा तस्करी के नेटवर्क और सप्लाई चेन की भी जांच कर रही है, ताकि इस अवैध कारोबार से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।


एम्स ऋषिकेश चोरी कांड का खुलासा, आंध्र प्रदेश का शातिर चोर गिरफ्तार, 50 लाख के गहने बरामद

अभियुक्त पूर्व में आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा एवं गुंटूर में चोरी के मामलों में जा चुका है जेल

देहरादून। एम्स ऋषिकेश के आवासीय परिसर में हुई लाखों रुपये की चोरी का देहरादून पुलिस ने खुलासा करते हुए एक अंतरराज्यीय शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से करीब 50 लाख रुपये मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण, चोरी में इस्तेमाल किया गया पेचकस, कई आधार कार्ड और अन्य सामान बरामद किया गया है। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी उत्तराखंड ही नहीं, बल्कि गुजरात में भी इसी तरह की चोरी की वारदात को अंजाम दे चुका है।

पुलिस के अनुसार, 20 जुलाई 2026 को एम्स ऋषिकेश के आवासीय परिसर में रहने वाले रविंद्र तिवारी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि अज्ञात चोर उनके बंद मकान का ताला तोड़कर सोने-चांदी के आभूषण और 60 हजार रुपये नकद चोरी कर ले गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई।

जांच के दौरान पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया, आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार प्रयासों के बाद 31 जुलाई की रात पुलिस ने काली माता मंदिर, सात मोड़, देहरादून रोड, ऋषिकेश के पास से मंडलपु शिवा अंजनेयुलू (43) निवासी गुंटूर, आंध्र प्रदेश को गिरफ्तार कर लिया।

तलाशी के दौरान आरोपी के बैग से भारी मात्रा में सोने-चांदी के आभूषण, तीन अलग-अलग आधार कार्ड, चोरी में प्रयुक्त पेचकस और अन्य सामान बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने एम्स ऋषिकेश के आवासीय परिसर में रेकी करने के बाद बंद मकान को निशाना बनाया था। उसने यह भी कबूल किया कि 27 जुलाई को गुजरात के राजकोट स्थित सिविल अस्पताल परिसर में भी इसी तरह चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने गुजरात पुलिस से संपर्क कर जानकारी का सत्यापन किया, जिसमें संबंधित मामला दर्ज होना भी सामने आया।

पुलिस के मुताबिक आरोपी बेहद शातिर अपराधी है, जो अस्पतालों में मरीज या तीमारदार बनकर घूमता था और बंद मकानों की रेकी कर चोरी करता था। पहचान छिपाने के लिए उसने अलग-अलग नामों से कई आधार कार्ड बनवा रखे थे, जिनका इस्तेमाल होटल और धर्मशालाओं में ठहरने के दौरान किया जाता था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि वह पहले आंध्र प्रदेश के विजयवाड़ा और गुंटूर में चोरी के मामलों में जेल जा चुका है।

पुलिस ने आरोपी के कब्जे से दोनों राज्यों की चोरी की घटनाओं से संबंधित बड़ी मात्रा में जेवरात बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और उसके अन्य राज्यों में आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।


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