Wednesday, August 26th, 2026

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मानसून में बढ़ा ‘स्वाइन फ्लू’ का खतरा, IMA ने जारी की एडवाइजरी; बिना सलाह दवा न लेने की अपील

Monthly Archives: August 2026

मानसून में बढ़ा ‘स्वाइन फ्लू’ का खतरा, IMA ने जारी की एडवाइजरी; बिना सलाह दवा न लेने की अपील

नई दिल्ली। मानसून के दौरान इन्फ्लुएंजा ए (H1N1) यानी स्वाइन फ्लू के मामलों में बढ़ोतरी को देखते हुए भारतीय चिकित्सा संघ (IMA) ने बुधवार को सार्वजनिक स्वास्थ्य सलाह जारी की। IMA ने लोगों से फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर खुद से एंटीबायोटिक या एंटीवायरल दवाएं लेने से बचने और गंभीर लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करने की अपील की है।

IMA के मुताबिक, देश के कई हिस्सों में इस समय H1N1 संक्रमण के मामलों में मौसमी बढ़ोतरी दर्ज की जा रही है। दिल्ली में 1,770 से अधिक लैब से पुष्टि किए गए मामले सामने आने की बात कही गई है। महाराष्ट्र, कर्नाटक और पश्चिम बंगाल में भी संक्रमण के मामले रिपोर्ट हुए हैं।

IMA ने कहा कि भारतीय आयुर्विज्ञान अनुसंधान परिषद (ICMR) की निगरानी के अनुसार फिलहाल देश में फैल रहा वायरस मौसमी इन्फ्लुएंजा ए (H1N1) ही है। अभी तक किसी नए आनुवंशिक बदलाव या म्यूटेशन की जानकारी सामने नहीं आई है। संस्था ने लोगों से सतर्क रहने की अपील करते हुए कहा कि मौजूदा स्थिति में घबराने की जरूरत नहीं है।

IMA के अनुसार H1N1 संक्रमण के अधिकांश मामले हल्के होते हैं और समय के साथ ठीक हो जाते हैं। इसके सामान्य लक्षणों में अचानक तेज बुखार, ठंड लगना, सूखी खांसी, गले में खराश, बदन और मांसपेशियों में दर्द, अत्यधिक थकान, सिरदर्द और नाक बहना या बंद होना शामिल हैं। बच्चों में मतली, उल्टी और दस्त जैसे लक्षण भी दिखाई दे सकते हैं।

IMA ने स्पष्ट किया है कि H1N1 एक वायरल संक्रमण है और एंटीबायोटिक दवाएं वायरस पर प्रभावी नहीं होतीं। फ्लू के लक्षण होने पर एजिथ्रोमाइसिन, एमोक्सिसिलिन-क्लैवुलैनेट, सेफिक्सिम या अन्य एंटीबायोटिक बिना डॉक्टर की सलाह के लेने से बचना चाहिए।

संस्था के मुताबिक, अनावश्यक एंटीबायोटिक सेवन से शरीर के लाभकारी माइक्रोबायोम पर असर पड़ सकता है और एंटीमाइक्रोबियल रेजिस्टेंस (AMR) का खतरा बढ़ सकता है। एंटीबायोटिक का इस्तेमाल तभी किया जाना चाहिए, जब चिकित्सकीय जांच के बाद बैक्टीरियल संक्रमण की पुष्टि हो।

IMA ने एंटीवायरल दवा ओसेल्टामिविर को लेकर भी सावधानी बरतने की सलाह दी है। संस्था के अनुसार यह प्रिस्क्रिप्शन दवा है और इसका इस्तेमाल चिकित्सकीय स्थिति के आधार पर डॉक्टर की निगरानी में ही किया जाना चाहिए। लोगों को एंटीवायरल दवाओं का खुद से सेवन नहीं करने की सलाह दी गई है।

IMA ने सांस लेने में कठिनाई, सांस फूलना या तेजी से सांस चलना, सीने में दर्द या लगातार दबाव, होंठ या उंगलियों का नीला पड़ना जैसे लक्षणों को गंभीर चेतावनी संकेत बताया है। खांसी के साथ खून आना, अत्यधिक सुस्ती, भ्रम, असामान्य नींद, दौरे पड़ना या लगातार उल्टी होना भी तत्काल चिकित्सकीय सहायता लेने के संकेत हैं।

बच्चों में दूध या भोजन न ले पाना, अत्यधिक सुस्ती, सांस लेते समय असामान्य आवाज आना या सीने का अंदर की ओर धंसना गंभीर लक्षण माने जाते हैं। ऐसे मामलों में बिना देरी किए अस्पताल पहुंचने की सलाह दी गई है।

संक्रमण से बचने के लिए IMA ने साबुन और पानी से कम से कम 20 सेकंड तक हाथ धोने या अल्कोहल आधारित सैनिटाइजर का इस्तेमाल करने की सलाह दी है। खांसते या छींकते समय मुंह और नाक को टिश्यू या मुड़ी हुई कोहनी से ढकने की अपील की गई है। भीड़भाड़ और बंद जगहों पर अच्छी तरह फिट मास्क पहनना भी संक्रमण का खतरा कम करने में मदद कर सकता है।

IMA ने सलाह दी है कि बुखार कम करने वाली दवाओं के बिना बुखार पूरी तरह खत्म होने के बाद कम से कम 24 घंटे तक स्कूल, कार्यस्थल और सामाजिक आयोजनों से दूरी बनाए रखें।

IMA ने स्वास्थ्यकर्मियों, गर्भवती महिलाओं, बुजुर्गों और गंभीर या पुरानी बीमारियों से जूझ रहे लोगों को हर साल मौसमी इन्फ्लुएंजा का टीका लगवाने की सलाह दी है।

यह एडवाइजरी IMA के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अनिलकुमार जे. नायक और मानद महासचिव डॉ. सरबरी दत्ता ने जारी की है। IMA AMR समिति के अध्यक्ष डॉ. नरेंद्र सैनी और समिति के संयोजक डॉ. वेंकटेश कार्तिकेयन ने भी सलाह पर हस्ताक्षर किए हैं।

IMA ने लोगों से अपील की है कि मौसमी H1N1 संक्रमण को लेकर सावधानी बरतें, बिना चिकित्सकीय सलाह दवाओं का सेवन न करें और गंभीर लक्षणों को नजरअंदाज न करें। संस्था ने कहा कि मामलों में मौसमी बढ़ोतरी के बावजूद घबराने की जरूरत नहीं है।


रक्षाबंधन पर घर जाने को लेकर विवाद, युवक की गला कटने से मौत; युवती ने भी काटा अपना गला

अंबिकापुर। गांधीनगर थाना क्षेत्र के सुभाषनगर में लिव-इन रिलेशनशिप में रह रहे एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में गला कटने से मौत हो गई। घटना के बाद उसके साथ रह रही युवती ने भी चाकू से अपना गला काट लिया। गंभीर रूप से घायल युवती को मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों के अनुसार उसकी हालत अब खतरे से बाहर है।

घटना बुधवार सुबह करीब 6:30 बजे की बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक, सुभाषनगर में दयाल मंडल के मकान में 28 वर्षीय मोहन पैकरा और 26 वर्षीय महिमा सिदार पिछले करीब दो महीने से किराए पर रह रहे थे। दोनों के बीच करीब 10 वर्षों से लिव-इन संबंध होने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि रक्षाबंधन पर मायके जाने को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ था। महिमा अपने घर जाना चाहती थी और मोहन से साथ चलने के लिए कह रही थी, जबकि मोहन उसके घर जाने के लिए तैयार नहीं था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई थी।

महिमा के मुताबिक, वह सुबह बाथरूम गई थी। वापस लौटने पर उसने मोहन को खून से लथपथ हालत में देखा। उसका गला कटा हुआ था। यह देखकर उसने शोर मचाया और कथित तौर पर खुद भी चाकू से अपना गला काट लिया।

घटना की सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची। तब तक मोहन की मौत हो चुकी थी, जबकि महिमा के गले से खून बह रहा था। पुलिस ने तत्काल उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

पुलिस ने घटनास्थल को सुरक्षित कर फोरेंसिक टीम को बुलाया। पंचनामा कार्रवाई के बाद मोहन के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। थाना प्रभारी दिलीप दुबे ने बताया कि घटना की जानकारी मृतक के स्वजन को दे दी गई है।

पुलिस के अनुसार, युवती के बयान और फोरेंसिक जांच के आधार पर घटना की वास्तविक वजह स्पष्ट होगी। फिलहाल पुलिस आत्महत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।


दहेज हत्या के मुकदमे में वांछित युवक की हत्या, यमुना में फेंका शव; दो आरोपी गिरफ्तार

प्रयागराज। दहेज हत्या के मामले में वांछित चल रहे मोनू कुशवाहा की कथित तौर पर अपहरण के बाद हत्या कर दी गई। आरोप है कि वारदात को अंजाम देने के बाद उसके शव को कौशांबी जिले में महिलाग्राम घाट के पास यमुना नदी में फेंक दिया गया। पुलिस ने मामले में मोनू के भाई के ससुर नेम सिंह और उसके भतीजे पुनीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में दोनों ने हत्या की बात कबूल करने की जानकारी सामने आई है।

पुलिस अब यमुना नदी में शव की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन चला रही है। इससे पहले 25 अगस्त को मोनू के परिजनों ने उसकी बरामदगी की मांग को लेकर थाने पहुंचकर हंगामा किया था।

पुलिस के मुताबिक, मोनू के भाई की शादी संदीपनघाट थाना क्षेत्र की एक युवती से हुई थी। कुछ समय पहले महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मायके पक्ष की शिकायत पर पुलिस ने दहेज हत्या का मुकदमा दर्ज किया था। मामले में मोनू के भाई, उसकी मां समेत तीन लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था।

इसी मुकदमे में मोनू भी वांछित चल रहा था। करीब एक सप्ताह पहले कौशांबी निवासी मोनू अचानक लापता हो गया। उसके चचेरे बहनोई ने अपहरण की आशंका जताते हुए पुलिस को शिकायत दी थी। इसके बाद पूरामुफ्ती थाने में अपहरण का मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने उसकी तलाश शुरू की।

मंगलवार रात पुलिस ने मोनू के भाई के ससुर नेम सिंह और उसके भतीजे पुनीत को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में दोनों ने बताया कि 19 अगस्त को मोनू की हत्या कर दी गई थी और उसके शव को महिलाग्राम के पास पुल से यमुना में फेंक दिया गया।

इसके बाद बुधवार को एसीपी धूमनगंज रवि गुप्ता और पूरामुफ्ती थानाध्यक्ष शांतनु सिंह पुलिस टीम के साथ महिलाग्राम घाट पहुंचे। पुलिस ने नदी में शव की तलाश के लिए सर्च ऑपरेशन शुरू कराया।

डीसीपी सिटी सागर जैन के मुताबिक, प्रारंभिक जांच में युवती के पिता नेम सिंह को हत्याकांड का मुख्य सूत्रधार बताया जा रहा है। नेम सिंह और उसके भतीजे को पकड़ा गया है। पुलिस शव की बरामदगी के साथ ही घटना में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच कर रही है।


सीएम धामी के पांच साल के कार्यकाल की उपलब्धियों पर विशेष एल्बम गीत का विमोचन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय में पंचवटी फिल्म्स प्रोडक्शन और आदर्श औद्योगिक स्वायत्त सहकारिता संस्था की ओर से तैयार किए गए विशेष एल्बम गीत का विमोचन किया। यह गीत मुख्यमंत्री के पांच वर्ष के कार्यकाल के दौरान प्रदेश में हुए विकास कार्यों और उपलब्धियों पर केंद्रित है।

मुख्यमंत्री ने एल्बम से जुड़े निर्माता, निर्देशक, गीतकार, संगीतकार, गायक और अन्य कलाकारों को इस रचनात्मक पहल के लिए बधाई दी। उन्होंने कहा कि गीत-संगीत के माध्यम से उत्तराखंड की विकास यात्रा और राज्य में आए सकारात्मक बदलावों को आम लोगों तक पहुंचाने का प्रयास प्रशंसनीय है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार उत्तराखंड के सर्वांगीण विकास को प्राथमिकता देते हुए लगातार काम कर रही है। युवाओं के लिए रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने, पर्यटन को नई गति देने तथा महिलाओं के सशक्तीकरण की दिशा में कई कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही प्रदेश की लोक संस्कृति, परंपराओं और देवभूमि की विशिष्ट पहचान को संरक्षित रखते हुए विकास योजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाया जा रहा है।

कार्यक्रम के दौरान आदर्श संस्था की अध्यक्ष आशा कोठारी ने मुख्यमंत्री को शॉल और स्मृति चिह्न भेंट कर स्वागत किया। उन्होंने मुख्यमंत्री के नेतृत्व में प्रदेश में किए गए विकास कार्यों और जनहित में लिए गए निर्णयों की सराहना की।

मुख्यमंत्री ने एल्बम के निर्माता उत्तम सिंह भंडारी, गायक विक्रम भंडारी और शिवानी नेगी तथा संगीतकार विजयपाल कलूड़ा समेत अन्य कलाकारों को सम्मानित किया।

कार्यक्रम की अध्यक्षता आशा कोठारी ने की, जबकि संचालन संस्था के सचिव हरीश कोठारी ने किया। इस अवसर पर युवा मोर्चा पछवादून के जिलाध्यक्ष विनायक नौटियाल सहित प्रदीप दुग्गल, विजय असवाल, शोभित उनियाल, गिरीश भट्ट, लक्ष्मी नारायण नवानी, आदित्य नौटियाल, सहदेव सिंह बिष्ट, सपना जवाड़ी समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।


गर्दन का दर्द समझकर न करें नजरअंदाज, लंबे स्क्रीन टाइम से बढ़ सकती है सर्वाइकल की समस्या

आज के समय में लंबे वक्त तक कंप्यूटर, लैपटॉप और मोबाइल का इस्तेमाल करने की वजह से युवाओं में गर्दन और कंधों से जुड़ी परेशानियां बढ़ रही हैं। कई लोग गर्दन में होने वाले दर्द और जकड़न को थकान या गलत तरीके से सोने का असर मानकर नजरअंदाज कर देते हैं। हालांकि, अगर दर्द बार-बार हो रहा है या लंबे समय तक बैठने के बाद गर्दन-कंधों में भारीपन महसूस होता है, तो इसके पीछे सर्वाइकल स्पाइन से जुड़ी समस्या भी हो सकती है।

सर्वाइकल की परेशानी में गर्दन में दर्द, अकड़न और भारीपन जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। कई बार यह दर्द कंधे, हाथ या सिर तक भी पहुंच जाता है। गलत पॉश्चर में लंबे समय तक बैठना, मांसपेशियों पर लगातार दबाव, तनाव और चोट इसके प्रमुख कारणों में शामिल हो सकते हैं। कुछ मामलों में रीढ़ की डिस्क या नस पर दबाव पड़ने से भी दर्द, झनझनाहट और कमजोरी जैसी समस्या हो सकती है।

लंबे समय तक स्क्रीन देखना बढ़ा रहा परेशानी

ऑफिस या घर पर लगातार कई घंटे कंप्यूटर और लैपटॉप के सामने बैठना गर्दन के लिए नुकसानदायक हो सकता है। खासकर स्क्रीन नीचे होने पर बार-बार गर्दन झुकाकर काम करने से गर्दन और कंधों की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। एक ही मुद्रा में लंबे समय तक बैठे रहने से धीरे-धीरे मांसपेशियों में खिंचाव और जकड़न बढ़ सकती है।

विशेषज्ञों के मुताबिक, कंप्यूटर स्क्रीन को लगभग आंखों के स्तर पर रखना और काम के दौरान छोटे-छोटे ब्रेक लेना जरूरी है। कुछ देर के अंतराल पर उठकर चलना और गर्दन-कंधों को आराम देना भी मददगार हो सकता है।

तनाव और चोट भी हो सकती है वजह

गर्दन में दर्द का संबंध केवल गलत पॉश्चर से नहीं होता। लगातार तनाव में रहने से शरीर की मांसपेशियों में खिंचाव बढ़ सकता है, जिसका असर गर्दन और कंधों पर दिखाई देता है। वहीं गिरने, खेल के दौरान लगी चोट या रीढ़ की किसी समस्या के बाद भी गर्दन में दर्द शुरू हो सकता है।

अगर गर्दन के दर्द के साथ हाथ में झनझनाहट, सुन्नपन या कमजोरी महसूस हो रही है, तो इसे नजरअंदाज करने के बजाय चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

रोजमर्रा की आदतों में करें बदलाव

गर्दन की परेशानी से बचने के लिए काम करते समय पीठ और गर्दन को सही स्थिति में रखना चाहिए। डेस्क और कुर्सी की ऊंचाई ऐसी होनी चाहिए कि लंबे समय तक काम करते समय शरीर पर अनावश्यक दबाव न पड़े। मोबाइल चलाते समय लगातार गर्दन झुकाकर बैठने से भी बचना चाहिए।

काम के बीच छोटे ब्रेक लेने, हल्की शारीरिक गतिविधि करने और बिना जोर लगाए गर्दन को धीरे-धीरे दाएं-बाएं घुमाने जैसे हल्के मूवमेंट किए जा सकते हैं। नियमित व्यायाम मांसपेशियों को मजबूत बनाए रखने में मदद कर सकता है। सोते समय भी गर्दन को ऐसी स्थिति में रखना चाहिए, जिससे उस पर अतिरिक्त दबाव न पड़े।

यदि गर्दन का दर्द लगातार बना हुआ है, बार-बार लौट रहा है या इसके साथ हाथ-पैर में कमजोरी, सुन्नपन या झनझनाहट जैसे लक्षण दिखाई दे रहे हैं, तो डॉक्टर या संबंधित विशेषज्ञ से जांच कराना बेहतर है।


पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की एयर स्ट्रिप पर कंटेनर में फंदे से लटका मिला ट्रक चालक का शव

सुलतानपुर। पूर्वांचल एक्सप्रेसवे की एयर स्ट्रिप पर बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक कंटेनर के अंदर ट्रक चालक का शव रस्सी के फंदे से लटका मिला। मृतक के मुंह से खून निकल रहा था और उसकी कमीज पर भी खून के निशान पाए गए। सूचना मिलते ही पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए।

मृतक की पहचान जम्मू-कश्मीर के रियासी जिले के सीला गांव निवासी 43 वर्षीय ओमप्रकाश पुत्र देवीदास के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, सुबह एयर स्ट्रिप के पास एक ट्रक खड़ा दिखाई दिया। आसपास के लोगों ने जब कंटेनर के अंदर देखा तो चालक का शव फंदे से लटका मिला। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई।

थानाध्यक्ष अखंडदेव मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। फोरेंसिक विशेषज्ञों ने घटनास्थल की जांच कर साक्ष्य जुटाए। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से मोबाइल फोन और करीब 1,500 रुपये मिले।

पुलिस ने शव को फंदे से उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। अधिकारियों का कहना है कि फिलहाल हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। थानाध्यक्ष के अनुसार, प्रारंभिक जांच में मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है।

हालांकि, मौत की वास्तविक वजह पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के अलावा मृतक के मोबाइल और अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है। परिजनों को घटना की जानकारी दे दी गई है।


जूडियो फ्रेंचाइजी के नाम पर 39.53 लाख की साइबर ठगी, बैंक खाते सप्लाई करने वाला आरोपी गिरफ्तार

 दिल्ली। जूडियो की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर 39.53 लाख रुपये की साइबर ठगी के मामले में शाहदरा साइबर थाना पुलिस ने एक आरोपी को बिहार के शेखपुरा से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहसिमपुर गांव निवासी 23 वर्षीय सोनू चौधरी के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, सोनू साइबर ठगों को बैंक खाते उपलब्ध कराने का काम करता था और अब तक 100 से अधिक खाते मुहैया कराने की बात सामने आई है।

पुलिस के अनुसार, गांधी नगर निवासी सुशांत जैन जूडियो की फ्रेंचाइजी लेने के लिए इंटरनेट पर जानकारी तलाश रहे थे। इसी दौरान वह एक ऐसी फर्जी वेबसाइट के संपर्क में आए, जो देखने में ट्रेंट-टाटा और जूडियो की आधिकारिक वेबसाइट जैसी लग रही थी। इसके बाद राजेश नाम के व्यक्ति ने खुद को कंपनी का प्रतिनिधि बताकर उनसे संपर्क किया।

आरोपितों ने फ्रेंचाइजी की प्रक्रिया, फीस और अन्य शुल्क के नाम पर पीड़ित से अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा कराई। भरोसे में आकर सुशांत जैन ने अपने और अपने पिता के खातों से कुल 39.53 लाख रुपये आरोपितों द्वारा बताए गए खातों में ट्रांसफर कर दिए।

ठगी की शिकायत मिलने के बाद साइबर शाहदरा थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने रकम के लेनदेन और जिन खातों में पैसा पहुंचा, उनकी जांच की। इसी दौरान सोनू चौधरी की भूमिका सामने आई। तकनीकी निगरानी, मोबाइल नंबरों की पड़ताल और डिजिटल फुटप्रिंट के आधार पर पुलिस ने आरोपी की पहचान की।

एसएचओ इंस्पेक्टर विजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बिहार में स्थानीय स्तर पर सत्यापन और निगरानी की। इसके बाद आरोपी को 12 अगस्त को गिरफ्तार कर लिया गया।

पूछताछ के दौरान पुलिस को पता चला कि सोनू अपने संपर्कों के माध्यम से अलग-अलग लोगों के बैंक खाते हासिल करता था और उन्हें साइबर ठगों को रकम लेकर उपलब्ध कराता था। इन खातों का इस्तेमाल ठगी की रकम जमा करने, दूसरे खातों में ट्रांसफर करने और रकम को निकालने के लिए किया जाता था।

जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी ने पश्चिम बंगाल के नदिया और उत्तर 24 परगना समेत अन्य क्षेत्रों में संपर्कों के जरिए 100 से ज्यादा बैंक खाते जुटाए थे। पुलिस ने उसके पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें बैंक खातों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्य मिले हैं।

पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों, बैंक खातों के वास्तविक लाभार्थियों और 39.53 लाख रुपये की ठगी की रकम के पूरे लेनदेन की जानकारी जुटाने में लगी है।


टपकेश्वर महादेव की शोभायात्रा में शामिल हुए सीएम धामी, प्रदेश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी बुधवार को सहारनपुर चौक से निकाली गई टपकेश्वर महादेव की भव्य शोभायात्रा में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भगवान टपकेश्वर महादेव की पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की।

मुख्यमंत्री ने टपकेश्वर महादेव मंदिर के महंत कृष्णा गिरी महाराज, महंत दिगम्बर भरत गिरी महाराज और टपकेश्वर सेवा दल के अध्यक्ष मनोज कुमार गुप्ता के साथ विधिवत पूजा-अर्चना की। इसके बाद उन्होंने शोभायात्रा का शुभारंभ किया।

इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराएं राज्य की पहचान और समृद्ध विरासत का महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। ऐसे धार्मिक आयोजन लोगों को अपनी संस्कृति और परंपराओं से जोड़ने के साथ समाज में आपसी भाईचारे, एकता और सद्भाव को भी मजबूत करते हैं।

उन्होंने शोभायात्रा के आयोजन में योगदान देने वाले संत-महात्माओं, आयोजन समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। मुख्यमंत्री ने भगवान टपकेश्वर महादेव से प्रार्थना की कि उनकी कृपा प्रदेश के सभी लोगों पर बनी रहे और उत्तराखंड विकास एवं समृद्धि की दिशा में निरंतर आगे बढ़ता रहे।

शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। भक्तों ने भगवान टपकेश्वर महादेव के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और आशीर्वाद प्राप्त किया। शोभायात्रा के दौरान धार्मिक उत्साह और श्रद्धा का माहौल देखने को मिला।


मुंगेर सदर अस्पताल में महिला डॉक्टर पर पति ने किया हमला, आंखों में स्प्रे डालने का आरोप

मुंगेर। सदर अस्पताल परिसर में बुधवार सुबह उस समय अफरातफरी मच गई, जब एक महिला चिकित्सक ने अपने पति पर मारपीट और दुर्व्यवहार का आरोप लगाया। स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. निधि का आरोप है कि उनके पति डॉ. कृष्ण गोपाल अस्पताल पहुंचे और उनके साथ मारपीट करने के बाद आंखों और चेहरे पर स्प्रे कर दिया। घटना के बाद अस्पताल के सुरक्षा कर्मियों ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया।

डॉ. निधि ने कोतवाली थाने में दिए आवेदन में बताया कि वह सदर अस्पताल में स्त्री रोग विशेषज्ञ के पद पर तैनात हैं। बुधवार सुबह उनके पति डॉ. कृष्ण गोपाल अस्पताल परिसर पहुंचे और कथित तौर पर उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि उन्होंने जूते से चेहरे और शरीर के अन्य हिस्सों पर हमला किया। इसके बाद आंखों और चेहरे पर स्प्रे कर दिया, जिससे उनकी दोनों आंखों में तेज जलन और परेशानी होने लगी।

महिला डॉक्टर के शोर मचाने पर अस्पताल में तैनात सुरक्षा गार्ड मौके पर पहुंचे। उन्होंने हस्तक्षेप कर आरोपी को पकड़ लिया और घटना की सूचना डायल 112 पर दी। कुछ ही देर में पुलिस अस्पताल पहुंची और डॉ. कृष्ण गोपाल को अपने साथ कोतवाली थाना ले गई। आरोपी पति जेएलएनएमसीएच में चिकित्सक के पद पर कार्यरत बताए जा रहे हैं।

डॉ. निधि के मुताबिक, पति-पत्नी के बीच पहले से न्यायालय में मामला चल रहा है। घटना के बाद उन्होंने अस्पताल में उपचार कराया और पति के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घटना के कारणों और आरोपों की विस्तृत जांच की जा रही है।


पढ़ाई की आड़ में हुड़दंग करने वालों पर दून पुलिस सख्त, 98 छात्रों पर कार्रवाई की संस्तुति

देहरादून। शिक्षण संस्थानों में पढ़ाई के नाम पर हुड़दंग, मारपीट, नशाखोरी और आपराधिक गतिविधियों में शामिल छात्रों के खिलाफ दून पुलिस ने सख्त रुख अपनाया है। एसएसपी देहरादून ने स्पष्ट किया है कि छात्र जीवन में अनुशासनहीनता और कानून व्यवस्था बिगाड़ने की किसी भी कोशिश को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

पुलिस की ओर से अब तक अलग-अलग शिक्षण संस्थानों में अध्ययनरत 98 छात्रों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए संबंधित संस्थानों को रिपोर्ट भेजी गई है। पुलिस की रिपोर्ट के आधार पर 84 छात्रों को निलंबित किया जा चुका है, जबकि 4 छात्रों का निष्कासन भी किया गया है।

पुलिस के मुताबिक, आपराधिक गतिविधियों, नशे के कारोबार, मारपीट और सार्वजनिक स्थानों पर हुड़दंग जैसे मामलों में संलिप्त पाए जाने वाले छात्रों के खिलाफ पहले वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इसके बाद संबंधित छात्रों के खिलाफ दर्ज मुकदमों और प्राप्त शिकायतों का विवरण शिक्षण संस्थानों के प्रशासन को भेजकर संस्थागत स्तर पर भी अनुशासनात्मक कार्रवाई की संस्तुति की जा रही है।

एसएसपी के निर्देश पर जिले के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में पढ़ने वाले बाहरी छात्रों की पृष्ठभूमि का भी सत्यापन किया जा रहा है। इसके साथ ही पुलिस उनकी गतिविधियों पर लगातार नजर बनाए हुए है, ताकि किसी भी छात्र की आपराधिक गतिविधियों में संलिप्तता या कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाली गतिविधि की समय रहते जानकारी मिल सके।

सभी थाना प्रभारियों को निर्देशित किया गया है कि अपने-अपने क्षेत्रों में शिक्षण संस्थानों के आसपास कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ छात्र-छात्राओं द्वारा नशाखोरी, मारपीट, हुड़दंग या अन्य आपराधिक गतिविधियों में शामिल होने पर तत्काल आवश्यक कानूनी कार्रवाई करें। संबंधित शिक्षण संस्थानों से भी समन्वय स्थापित कर दोषी छात्रों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई सुनिश्चित कराई जा रही है।

एसएसपी देहरादून ने छात्र-छात्राओं से अपील करते हुए कहा कि छात्र जीवन भविष्य संवारने का महत्वपूर्ण दौर है, इसे आपराधिक गतिविधियों में शामिल होकर बर्बाद न करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने या किसी आपराधिक गतिविधि में संलिप्त पाए जाने वाले किसी भी छात्र के खिलाफ कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।


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