Tuesday, October 20, 2026
7:22 AM

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

जिलाधिकारी नैनीताल की पहल पर भू-माफिया से मुक्त हुई 25 नाली भूमि

Monthly Archives: August 2026

जिलाधिकारी नैनीताल की पहल पर भू-माफिया से मुक्त हुई 25 नाली भूमि

ग्राम कौल, विकास खण्ड धारी निवासी भगतवी देवी को मिला न्याय, जिलाधिकारी का जताया आभार

 

हल्द्वानी : जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल की संवदेनशील पहल और त्वरित कार्यवाही के फलस्वरूप विकास खण्ड धारी के ग्राम कौल निवासी भगवती देवी पत्नी स्व0 दीवान राम की लगभग 25 नाली भूमि भूमाफिया के अतिक्रमण से मुक्त कराई। दरसल भगवती देवी के पैत्रिक भूमि पर भू-माफियाओं द्वारा लम्बे समय से अवैध कब्जा किया गया था। कई बार गुहार लगाने के बाद उन्हें न्याय नहीं मिला। उन्होंने उक्त मामले की समस्या के बारे में जिलाधिकारी नैनीताल ललित मोहन रयाल को अवगत कराया। जिलाधिकारी द्वारा मौके पर राजस्व टीम को स्थल पर भेजकर जांच कराई। जांच में उक्त प्रकरण में सत्यता पाई गई।

जिलाधिकारी के निर्देश पर संयुक्त टीम ने कार्यवाही करते हुए 25 नाली भूमि अतिक्रमण मुक्त कराकर कब्जा भगवती देवी को सौंपा।जिलाधिकारी ने कहा कि गरीब, असहाय और पीड़ित लोगों की भूमि पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जायेगा। उन्होंने कहा ऐसे मामलों में कठोर कार्यवाही की जायेगी ताकि आमजन को समय से न्याय मिल सके।


दून पुलिस ने 24 घंटे में किया पर्स स्नेचिंग का खुलासा, दो आरोपी गिरफ्तार

देहरादून:  एसएसपी देहरादून के निर्देशन में कोतवाली डालनवाला पुलिस ने पर्स स्नेचिंग की घटना का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से छीना गया आईफोन-12, 500 रुपये नकद तथा घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की है।

पुलिस के अनुसार 5 अगस्त को प्रेमनगर निवासी साक्षी मलवाल ने शिकायत दर्ज कराई थी कि रायपुर रोड पर कर्जन रोड तिराहे के पास स्कूटी सवार दो युवकों ने उनका पर्स झपट लिया। पर्स में आईफोन-12, 1500 रुपये नकद, चाबी, रेनकोट, चार्जर, ईयरबड्स और अन्य सामान रखा था। शिकायत के आधार पर कोतवाली डालनवाला में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई।

घटना की गंभीरता को देखते हुए गठित पुलिस टीम ने आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, संदिग्धों का सत्यापन किया और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। सूचना मिलने पर पुलिस ने परेड ग्राउंड के पास चेकिंग के दौरान आसिफ (28) और शाहिद (21) को गिरफ्तार कर लिया।

पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि वे नशे के आदी हैं और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए उन्होंने महिला का पर्स छीना था। पर्स से मोबाइल और नकदी निकालने के बाद बाकी सामान रायपुर पुल से नीचे नदी में फेंक दिया। छीनी गई 1500 रुपये की नकदी में से 1000 रुपये नशे में खर्च कर दिए थे।

पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से आईफोन-12, 500 रुपये नकद और सिल्वर रंग की स्कूटी (UK07AA7831) बरामद की है। गिरफ्तार आरोपी आसिफ पूर्व में भी चोरी के मामले में जेल जा चुका है। पुलिस दोनों आरोपियों के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।

पुलिस टीम

1- निरीक्षक नरेन्द्र सिंह गहलावत, प्रभारी कोतवाली डालनवाला, देहरादून
2- व0उ0नि0 कुलेन्द्र सिंह रावत, कोतवाली डालनवाला
3- उ0नि0 विक्की टम्टा, चौकी प्रभारी करनपुर
4- उ0नि0 बलबीर सिंह, चौकी प्रभारी नालापानी
5- अ०उ०नि० तेजपाल सिंह
6- हे0का0 चैन सिंह भण्डारी
7- का0 विजय सिंह
8- का0 अरविन्द भट्ट


उच्च शिक्षा मंत्री डाॅ. रावत ने नवनियुक्त केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से की मुलाकात

459 करोड़ से एचएनबी गढ़वाल विश्वविद्यालय में अनुसंधान संरचना होगी सुदृढ- रावत 

एनआईटी श्रीनगर के विकास और उच्च शिक्षा के विभिन्न मुद्दों पर की चर्चा

नई दिल्ली/देहरादून:  सूबे के विद्यालयी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने आज नई दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से शिष्टाचार भेंट की। मुलाकात के दौरान डाॅ. रावत ने एचएनबी गढ़वाल (केन्द्रीय) विश्वविद्यालय में 459.095 करोड़ की लागत से शैक्षणिक एवं अनुसंधान अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण सहित उच्च शिक्षा से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत चर्चा की।

मीडिया को जारी बयान में डाॅ. रावत ने बताया कि नवनियुक्त केन्द्रीय शिक्षा मंत्री प्रहलाद जोशी से हुई शिष्टाचार बैठक में कई महत्वपूर्ण विषयों पर सार्थक चर्चा हुई। इस दौरान केन्द्रीय मंत्री के साथ हेफा (उच्च शिक्षा वित्तपोषण एजेंसी) के तहत एचएनबी गढ़वाल (केन्द्रीय) विश्वविद्यालय में 459.095 करोड़ की लागत से शैक्षणिक एवं अनुसंधान अवसंरचना के सुदृढ़ीकरण को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। यह परियोजना उत्कृष्ट शैक्षणिक गतिविधियां, अनुसंधान व नवाचार को नई गति प्रदान करेगी साथ ही विश्वविद्यालय में आधुनिक सुविधाओं के विकास में अहम साबित होगी, जिसका लाभ विश्वविद्यालय में अध्ययनरत छात्र-छात्राओं व शिक्षकों के साथ ही आम जनमानस को मिलेगा।

इस अवसर पर डाॅ. रावत ने एनआईटी श्रीनगर (गढ़वाल) के नवनिर्मित परिसर के लोकार्पण हेतु आमंत्रित करते हुये समय उपलब्ध कराने का अनुरोध किया ताकि परिसर में छात्र-छात्राओं, शोधार्थियों एवं शिक्षकों को शैक्षणिक व प्रशासनिक गतिविधियों शीघ्र लाभ मिल सके। इसके अलावा डाॅ. रावत ने संस्थान के सुचारू संचालन को केन्द्रीय मंत्री से स्थाई निदेशक की शीघ्र नियुक्ति की मांग की, साथ ही उन्होंने एनआईटी परिसर में हो रहे जलभराव से केन्द्रीय मंत्री को अवगत कराया और 6 परिवारों के समुचित विस्थापन व पुनर्वास के लिये आवश्यक सहयोग करने का अग्रह किया। जिस पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक सहयोग का आश्वासन दिया।

मुलाकात के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री ने शिक्षा के क्षेत्र में राज्य की उल्लेखनीय उपलब्धियों पर डॉ. धन सिंह रावत को बधाई दी। उन्होंने कहा कि डॉ. रावत के नेतृत्व में उत्तराखंड ने ऐतिहासिक उपलब्धियां हासिल की। खासकर उन्होंने उत्तराखंड के ‘पूर्ण साक्षर राज्य’ बनने व यूनेस्को एआई फॉर एजुकेशन अवार्ड-2026 के टीचर ट्रेनिंग वर्ग में उत्तराखण्ड एससीईआरटी की परियोजना के विश्व की शीर्ष छह परियोजनाओं में शामिल होने पर खुशी जताई।


काबिना मंत्री खजानदास ने किया मन्नुगंज एवं रिस्पना का भ्रमण

देहरादून : लगातार हो रही बरसात के दौरान नदी किनारे रह रहे लोगों की सुरक्षा का जायजा लेने के लिये राजपुर रोड विधायक व काबिना मंत्री खजानदास ने मन्नुगंज, रिस्पना, मोहिनी रोड एंव अन्य नदी नालों के किनारे बसे विभिन्न क्षेत्रों का दौरा कर लोगों का हाल चाल जाना तथा स्थानीय लोगों से बातचीत कर जलस्तर बढनें की स्थिति में सतर्कता बरतने की सलाह दी तथा किसी भी आपातकाल स्थिति से निपटने के लिये आपातकाल परिचालन केंद्रों से सम्पर्क में रहने की अपील की।

मंत्री ने मानसून काल के दौरान प्रशासन को हमेशा अलर्ट मोड में रहने तथा किसी भी आपातकाल स्थिति से निपटने के लिये हमेशा तैयार रहने के निर्देश दिये। मंत्री श्री दास ने जनमानस से कहा कि वे किसी प्रकार की समस्या उत्पन्न होने पर उनसे सम्पर्क करें, वे जन मानस की सेवा एवं समस्याओं के समाधान के लिये चौबीस घंटे तत्पर हैं ।

मंत्री ने स्थानीय नागरिकों से बातचीत कर नदी तट पर बने सुरक्षा पुस्तों की स्थिति, वर्षा से हुए नुकसान एवं संभावित जोखिम भरे स्थानों की जानकारी लेकर अधिकारियों को आवश्यक कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

इस अवसर पर निदेशक गढ़वाल मण्डल विशाल गुप्ता, मण्डल अध्यक्ष भाजपा पंकज शर्मा, महामंत्री भाजपा अंकुर जैन सहित अनेक स्थानीय लोग साथ रहे।


राष्ट्रीय राजमार्गों से अतिक्रमण हटाने के लिए चलेगा विशेष अभियान, डीएम गौरव कुमार ने दिए सख्त निर्देश

चमोली : जिलाधिकारी गौरव कुमार की अध्यक्षता में जिला सभागार, गोपेश्वर में जिला सड़क सुरक्षा समिति एवं हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स समिति की बैठक आयोजित की गई। बैठक में राष्ट्रीय राजमार्गों पर अतिक्रमण हटाने, सड़क सुरक्षा उपायों को प्रभावी बनाने तथा माननीय सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन की समीक्षा की गई।

बैठक में बताया गया कि जनपद में एनएच-107ए, एनएच-109, एनएच-07 (75 आरसीसी), एनएच-07 (एनएचआईडीसीएल), एनएच-109के और एनएच-107बी सहित कुल छह राष्ट्रीय राजमार्ग हैं। इन मार्गों पर अब तक 359 अतिक्रमण चिन्हित किए गए हैं, जिनमें से 92 अतिक्रमण हटाए जा चुके हैं, जबकि शेष 267 अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई नियमानुसार जारी है।

जिलाधिकारी ने संबंधित विभागों को निर्देश दिए कि सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुरूप सभी चिन्हित अतिक्रमणों को निर्धारित प्रक्रिया के तहत शीघ्र हटाया जाए। उन्होंने अतिक्रमण हटाने के लिए विशेष अभियान चलाने और सभी विभागों के बीच बेहतर समन्वय के साथ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

उन्होंने राष्ट्रीय राजमार्गों के किनारे अवैध पार्किंग पर प्रभावी रोक लगाने, हाईवे सेफ्टी टास्क फोर्स द्वारा नियमित निरीक्षण करने तथा नगर पालिका क्षेत्रों में नए अतिक्रमण नहीं होने देने के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए।

डीएम ने सभी विभागों को अपनी परिसंपत्तियों एवं सरकारी भूमि पर हुए अतिक्रमण का चिन्हीकरण कर उन्हें अतिक्रमण मुक्त कराने तथा भविष्य में किसी भी प्रकार का नया अतिक्रमण न होने देने की जिम्मेदारी तय करने के निर्देश दिए।

बैठक में सड़क सुरक्षा को मजबूत बनाने के लिए राष्ट्रीय एवं अन्य प्रमुख मार्गों पर आवश्यकता अनुसार दिशा-सूचक संकेतक, चेतावनी बोर्ड, क्रैश बैरियर, रिफ्लेक्टिव टेप एवं अन्य सुरक्षा संरचनाओं की स्थापना और अनुरक्षण समयबद्ध ढंग से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए, ताकि सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाई जा सके और यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित हो।

बैठक में अपर जिलाधिकारी विवेक प्रकाश, उपजिलाधिकारी राजकुमार पांडे, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजीव पाल, पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट सहित परिवहन विभाग, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण एवं अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।


24×7 अलर्ट मोड में रहें अधिकारी- मुख्य सचिव

मानसून-एसईओसी से मुख्य सचिव ने की विस्तृत समीक्षा

कहा-बंद सड़कों को शीघ्र खोला जाए, लोगों को न हो दिक्कत

एसईओसी से लगातार जनपदों के साथ समन्वय बनाए रखने के निर्देश

देहरादून। मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने गुरुवार को राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र पहुंचकर प्रदेश में लगातार हो रही वर्षा तथा बारिश के कारण उत्पन्न स्थिति की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जनजीवन की सुरक्षा राज्य सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी संभावित आपदा से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए सभी विभाग पूर्ण समन्वय के साथ 24×7 अलर्ट मोड पर कार्य करें।

मुख्य सचिव ने सचिव आपदा प्रबंधन एवं पुनर्वास विनोद कुमार सुमन से राज्यभर में वर्षा की स्थिति, नदियों के जलस्तर, बंद सड़कों, भूस्खलन से प्रभावित क्षेत्रों, राहत एवं बचाव कार्यों, विद्युत एवं पेयजल आपूर्ति, संचार व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सेवाओं की विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने विभिन्न जिलों में हुई वर्षा, संभावित मौसम पूर्वानुमान तथा आगामी दिनों की तैयारियों की समीक्षा करते हुए निर्देश दिए कि प्रत्येक स्थिति पर लगातार निगरानी रखी जाए और किसी भी आपात परिस्थिति में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए।

उन्होंने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र को सभी जनपदों के साथ निरंतर समन्वय बनाए रखने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान उन्होंने विभिन्न जिलाधिकारियों से दूरभाष पर वार्ता कर उनके जनपदों की स्थिति की जानकारी ली तथा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बंद सड़कों को प्राथमिकता के आधार पर शीघ्र खोला जाए तथा भूस्खलन संभावित एवं संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मशीनरी पहले से तैनात रखी जाए। जलभराव वाले क्षेत्रों में जलनिकासी की प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ पंप एवं अन्य आवश्यक उपकरण भी पर्याप्त संख्या में उपलब्ध रहें।

मुख्य सचिव ने कहा कि प्रदेश सरकार मानसून की स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है। सभी जिलाधिकारी नियमित रूप से फील्ड भ्रमण करें, संवेदनशील क्षेत्रों का स्वयं निरीक्षण करें तथा राहत एवं बचाव व्यवस्थाओं की निरंतर मॉनिटरिंग करें। बैठक के दौरान मुख्य सचिव ने चारधाम यात्रा, कांवड़ यात्रा तथा कैलाश मानसरोवर यात्रा की व्यवस्थाओं की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने चारधाम यात्रा मार्गों की स्थिति, भूस्खलन संभावित क्षेत्रों, यात्रियों की संख्या, विभिन्न धामों में उपलब्ध सुविधाओं तथा यातायात व्यवस्था की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने कहा कि चारधाम यात्रा राज्य की आस्था और अर्थव्यवस्था दोनों से जुड़ी हुई है, इसलिए यात्रियों की सुरक्षा, सुगम आवागमन, चिकित्सा सुविधाएं, पेयजल, स्वच्छता तथा यातायात प्रबंधन में किसी प्रकार की कमी नहीं होनी चाहिए।

उन्होंने निर्देश दिए कि मौसम की वास्तविक स्थिति को ध्यान में रखते हुए ही यात्रा का संचालन किया जाए। यदि अत्यधिक वर्षा अथवा मार्ग अवरुद्ध होने जैसी परिस्थितियां उत्पन्न होती हैं तो यात्रियों को सुरक्षित स्थानों पर रोककर आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा परिस्थितियां सामान्य होने के बाद ही उन्हें आगे भेजा जाए। उन्होंने सभी विभागों को निर्देश दिए कि वे आपसी समन्वय के साथ पूरी सतर्कता एवं संवेदनशीलता से कार्य करें, ताकि किसी भी आपदा की स्थिति में तत्काल और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जा सके।

बैठक में एससीईओ क्रियान्वयन डीआईजी राजकुमार नेगी, जेसीईओ दिनेश कुमार पुनेठा, ड्यूटी आफिसर कलम सिंह चैहान, भवानी राम आर्या आदि उपस्थित रहे।

पानी छोड़ने पर सीमावर्ती राज्यों को भी भेजें अलर्ट

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने नदियों के जलस्तर पर चैबीसों घंटे निगरानी बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि नदी तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को लगातार जागरूक किया जाए तथा खतरे की आशंका होने पर उन्हें समय रहते सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि डैम एवं बैराजों से पानी छोड़े जाने की स्थिति में डाउनस्ट्रीम क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को पूर्व सूचना देकर सतर्क किया जाए। साथ ही, आवश्यकता पड़ने पर सीमावर्ती राज्यों को भी समय रहते अलर्ट किया जाए, ताकि किसी भी संभावित जोखिम को न्यूनतम किया जा सके।

संचार, बिजली, पेयजल सेवाओं की त्वरित बहाली सुनिश्चित हो

मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि यदि किसी भी क्षेत्र में भारी वर्षा अथवा भूस्खलन के कारण संचार व्यवस्था बाधित होती है तो वैकल्पिक संचार प्रणाली तत्काल सक्रिय की जाए। उन्होंने सभी सैटेलाइट फोन को हर समय क्रियाशील स्थिति में रखने तथा प्रतिदिन उनके माध्यम से एसईओसी एवं डीईओसी के बीच संपर्क सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बिजली, पेयजल एवं संचार सेवाओं की बहाली सर्वोच्च प्राथमिकता पर की जाए। यदि कहीं भी ये सेवाएं प्रभावित होती हैं तो अतिरिक्त टीमें तत्काल भेजी जाएं और वैकल्पिक व्यवस्थाएं लागू कर आमजन को आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं। किसी भी परिस्थिति में नागरिकों को लंबे समय तक मूलभूत सुविधाओं से वंचित नहीं रखा जाना चाहिए।

अंतिम छोर तक समय पर पहुंचे मौसम संबंधी अलर्ट

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने निर्देश दिए कि मौसम संबंधी सभी चेतावनियां और अलर्ट अंतिम छोर पर रहने वाले व्यक्ति तक भी समय पर पहुंचना सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि समय पर सूचना ही लोगों को सुरक्षित निर्णय लेने का अवसर देती है, इसलिए सूचना प्रसारण में किसी भी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने राज्य स्तर से लेकर जनपद, ब्लॉक, तहसील और ग्राम स्तर तक सूचना प्रसारण तंत्र को और अधिक मजबूत एवं सक्रिय बनाने के निर्देश दिए, ताकि प्रत्येक नागरिक तक समयबद्ध एवं विश्वसनीय चेतावनी पहुंच सके और संभावित आपदाओं के दौरान जनहानि को न्यूनतम किया जा सके।


तीन चरणों में होगा खेल महाकुंभ, जिलाधिकारी ने की तैयारियों की समीक्षा 

न्याय पंचायत, विधानसभा एवं संसदीय स्तर पर आयोजित होंगी अंडर-14 एवं अंडर-19 बालक-बालिका वर्ग की प्रतियोगिताएं, चयनित खिलाड़ी करेंगे मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी में प्रतिभाग

पौड़ी। जिलाधिकारी स्वाति एस. भदौरिया ने कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक में सितंबर माह में प्रस्तावित खेल महाकुंभ की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए संबंधित विभागों को सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध ढंग से पूर्ण करने के निर्देश दिए। उन्होंने आयोजन को सुव्यवस्थित, पारदर्शी और सहभागितापूर्ण बनाने के लिए सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।

जिला युवा कल्याण अधिकारी पंकज तिवारी ने बताया कि खेल महाकुंभ के अंतर्गत अंडर-14 एवं अंडर-19 आयु वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ियों की प्रतियोगिताएं तीन चरणों में आयोजित की जाएंगी। उन्होंने बताया कि 1 से 10 सितंबर तक न्याय पंचायत स्तर पर स्थानीय जनप्रतिनिधि खेलकूद प्रतियोगिताएं, 11 से 20 सितंबर तक विधानसभा स्तर पर विधायक चैंपियनशिप ट्रॉफी तथा 21 से 30 सितंबर तक संसदीय स्तर पर सांसद चैंपियनशिप ट्रॉफी का आयोजन किया जाएगा। इन प्रतियोगिताओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले चयनित खिलाड़ी राज्य स्तरीय मुख्यमंत्री चैंपियनशिप ट्रॉफी में जनपद का प्रतिनिधित्व करेंगे।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को प्रतियोगिताओं का विस्तृत कार्यक्रम शीघ्र तैयार करने, सभी जनप्रतिनिधियों की सहभागिता सुनिश्चित करने तथा विद्यालयों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए। उन्होंने मुख्य शिक्षा अधिकारी को शिक्षकों एवं अन्य कार्मिकों की तैनाती समय से सुनिश्चित करने को कहा, ताकि आयोजन के दौरान किसी प्रकार की अव्यवस्था न हो।

उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक खेल स्थल का शीघ्र चयन किया जाए तथा जिन मैदानों में मरम्मत या अन्य सुधार कार्य अपेक्षित हैं, उन्हें समयबद्ध रूप से पूरा कराया जाए। खिलाड़ियों के लिए भोजन एवं जलपान की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के साथ-साथ पेयजल, विद्युत, स्वास्थ्य सेवाएं, प्राथमिक उपचार तथा अन्य सभी आवश्यक सुविधाएं पूर्व से उपलब्ध कराई जाएं।

बैठक के दौरान सभी विकासखंडों के बीओ, पीआरडी अधिकारियों एवं संबंधित अधिकारियों से संवाद कर तैयारियों की जानकारी ली गई तथा आयोजन को और बेहतर बनाने के लिए सुझाव एवं फीडबैक भी प्राप्त किए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि खेल महाकुंभ को जनभागीदारी का उत्सव बनाया जाए। इसके लिए स्थानीय जनप्रतिनिधियों, क्षेत्र पंचायत सदस्यों, ग्राम प्रधानों एवं अन्य सामाजिक प्रतिनिधियों को आयोजन से जोड़ा जाए, ताकि अधिक से अधिक बच्चों को प्रतियोगिताओं में प्रतिभाग करने का अवसर मिल सके।

बैठक के दौरान जिलाधिकारी के निर्देशन में आयोजित डिजिटल यूथ फेस्टिवल-2026 के प्रथम सप्ताह की प्रतियोगिताओं के परिणाम भी घोषित किए गए। प्रतियोगिताओं में जिले के युवाओं ने उत्साहपूर्वक प्रतिभाग करते हुए अपनी प्रतिभा का उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। ‘सूर्य नमस्कार’ प्रतियोगिता में सोनम रावत ने प्रथम, सूरजपाल सिंह ने द्वितीय तथा तनुजा रावत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वहीं ‘मेरा जनपद–मेरी पहचान’ प्रतियोगिता में वंशिका नेगी ने प्रथम, शर्मिला ने द्वितीय तथा तनुराग रावत ने तृतीय स्थान प्राप्त किया।

जिलाधिकारी ने सभी विजेताओं को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि डिजिटल यूथ फेस्टिवल का उद्देश्य युवाओं को उनकी रचनात्मकता, नवाचार, सांस्कृतिक प्रतिभा एवं स्थानीय पहचान को डिजिटल मंच के माध्यम से अभिव्यक्त करने का अवसर प्रदान करना है। उन्होंने जनपद के अधिक से अधिक युवाओं से आगामी प्रतियोगिताओं में भी बढ़-चढ़कर प्रतिभाग करने की अपील की।

इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी अशोक जोशी, मुख्य शिक्षाधिकारी अत्रेश सयाना, जिला खेल अधिकारी प्रदीप कुमार, थानाध्यक्ष जयपाल नेगी, जिला खेल समन्वयक योगंबर नेगी, डॉ अमित मेहरा सहित विभिन्न अधिकारी उपस्थित रहे।


2036 ओलंपिक संकल्प कांवड़ यात्रा को संतों का मिला आशीर्वाद

हरिद्वार। वर्ष 2036 में भारत को ओलंपिक खेलों की मेजबानी दिलाने के संकल्प के साथ 10 अगस्त को आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा से पहले कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने गुरुवार को हरिद्वार में श्री पंच दशनाम जूना अखाड़ा के राष्ट्रीय महामंत्री महंत हरि गिरि महाराज तथा अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत रवींद्र पुरी महाराज से भेंट कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया।

यह कांवड़ यात्रा 10 अगस्त को हरिद्वार की हर की पैड़ी से गंगाजल लेकर ऋषिकेश स्थित वीरभद्र महादेव मंदिर तक निकाली जाएगी। यात्रा के माध्यम से वर्ष 2036 में भारत को ओलंपिक खेलों की मेजबानी मिलने की कामना के साथ जनजागरण का संदेश दिया जाएगा।

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि यह कांवड़ यात्रा केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक नहीं, बल्कि 140 करोड़ भारतीयों के उस संकल्प का प्रतीक है, जिसमें भारत वर्ष 2036 के ओलंपिक खेलों की मेजबानी करे। उन्होंने कहा कि देवभूमि उत्तराखंड से उठने वाला यह संकल्प पूरे देश की खेल प्रतिभाओं और युवाओं की आकांक्षाओं का प्रतिनिधित्व करता है। संत समाज का आशीर्वाद इस अभियान को नई ऊर्जा और शक्ति प्रदान करेगा।

रेखा आर्या ने कहा कि जब आस्था के साथ राष्ट्रहित और खेल संस्कृति के विकास का भाव जुड़ जाता है, तब वह जनआंदोलन का रूप ले लेता है। उन्हें विश्वास है कि भगवान भोलेनाथ की कृपा और संतों के आशीर्वाद से भारत का यह सपना अवश्य साकार होगा।

इस अवसर पर संतों ने भी भारत को वर्ष 2036 में ओलंपिक की मेजबानी मिलने की कामना करते हुए रेखा आर्या को आशीर्वाद दिया और उनके संकल्प की सफलता के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने “विजयी भव, संकल्प सिद्धिरस्तु” का आशीर्वचन देते हुए कहा कि राष्ट्रहित और लोककल्याण के लिए किया गया संकल्प अवश्य पूर्ण होता है।


मुख्यमंत्री की मॉनिटरिंग में राहत एवं पुनर्निर्माण कार्य तेज, मालदेवता में आवागमन सुरक्षित

सौड़ा सरौली में सुरक्षा दीवारों का निर्माण पूर्णता की ओर, कलिंगा नहर बहाल होने से किसानों को मिली राहत

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के सतत मार्गदर्शन एवं जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान के निर्देशन में मालदेवता, सौड़ा सरौली तथा आसपास के आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, पुनर्निर्माण एवं सुरक्षा कार्य युद्धस्तर पर संचालित किए जा रहे हैं। जिला प्रशासन द्वारा क्षतिग्रस्त सड़कों के पुनर्निर्माण, सुरक्षा दीवारों के निर्माण तथा नदी तटों के संरक्षण संबंधी कार्यों में तेजी लाते हुए प्रभावित क्षेत्रों में आवागमन को सुरक्षित एवं सुचारु बनाया जा रहा है।

गत मंगलवार को हुई भारी वर्षा के कारण रायपुर विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत अनेक सड़क मार्ग एवं सुरक्षा संरचनाएं क्षतिग्रस्त हो गई थीं। स्थिति का स्वयं स्थलीय निरीक्षण करने के उपरांत जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने संबंधित विभागों को तत्काल प्रभाव से पुनर्स्थापन एवं सुरक्षा कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए थे। प्रशासन की त्वरित कार्रवाई के परिणामस्वरूप अधिकांश आवश्यक कार्य निर्धारित समय में पूर्ण कर लिए गए हैं।

जिला प्रशासन द्वारा संवेदनशील स्थलों पर निर्मित सुरक्षा उपायों की निरंतर निगरानी की जा रही है। सुरक्षा दीवारों पर लगाए गए जाल तथा अन्य सुरक्षात्मक व्यवस्थाओं का नियमित निरीक्षण किया जा रहा है, ताकि लगातार हो रही वर्षा के दौरान किसी भी प्रकार की अप्रिय घटना की संभावना को न्यूनतम किया जा सके तथा स्थानीय नागरिकों की आवाजाही निर्बाध बनी रहे।

लगातार वर्षा के कारण सोंग नदी के बढ़े जलस्तर से मालदेवता स्थित कलिंगा नहर भी क्षतिग्रस्त हो गई थी। सिंचाई विभाग ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नहर का पुनर्निर्माण पूर्ण कर लिया है, जिससे किसानों को पुनः सिंचाई हेतु पर्याप्त जल उपलब्ध होने लगा है। इसके अतिरिक्त प्रशासन द्वारा पोकलैंड एवं जेसीबी मशीनों के माध्यम से नदी का चौनलाइजेशन कार्य भी युद्धस्तर पर कराया जा रहा है। नदी के बहाव को नियंत्रित करने तथा संभावित क्षति को कम करने के उद्देश्य से संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा आपदा प्रभावित क्षेत्रों में राहत, बचाव एवं पुनर्निर्माण कार्यों की निरंतर मॉनिटरिंग की जा रही है। जिला प्रशासन भी विभिन्न विभागों के साथ प्रभावी समन्वय स्थापित करते हुए राहत एवं पुनर्वास कार्यों को सर्वाेच्च प्राथमिकता के आधार पर धरातल पर संचालित कर रहा है।

अपर जिलाधिकारी के.के. मिश्रा ने बताया कि अतिवृष्टि से क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों एवं सुरक्षा दीवारों के पुनर्निर्माण का कार्य लगभग पूर्ण हो चुका है। उन्होंने कहा कि जिलाधिकारी के निर्देशन में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) द्वारा क्षतिग्रस्त सड़क मार्गों एवं सुरक्षा दीवारों का निर्माण कराया गया है, जबकि मालदेवता क्षेत्र में लोक निर्माण विभाग द्वारा क्षतिग्रस्त स्थलों के पुनर्स्थापन का कार्य पूरा कर लिया गया है। इसके साथ ही सिंचाई विभाग द्वारा कलिंगा नहर का पुनर्निर्माण भी पूर्ण कर लिया गया है, जिससे क्षेत्र के किसानों को सिंचाई जल की समस्या से राहत मिल गई है।

जिलाधिकारी ने मानसून अवधि के दौरान सभी संवेदनशील क्षेत्रों की सतत निगरानी जारी रखने तथा जनसुरक्षा को सर्वाेच्च प्राथमिकता देते हुए आवश्यकता पड़ने पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए है।


तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए 13 वीरांगनाओं का चयन- रेखा आर्या

आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार के लिए 35 कार्यकर्तियां भी सम्मानित होंगी

8 अगस्त को देहरादून में होगा राज्य स्तरीय सम्मान समारोह

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने वित्तीय वर्ष 2025-26 के प्रतिष्ठित तीलू रौतेली राज्य स्त्री शक्ति पुरस्कार तथा राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार के लिए चयनित नामों की घोषणा कर दी है। महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास विभाग की ओर से जारी सूची के अनुसार तीलू रौतेली पुरस्कार के लिए प्रदेश के सभी 13 जनपदों से एक-एक महिला का चयन किया गया है, जबकि राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार के लिए विभिन्न जनपदों की 35 उत्कृष्ट आंगनबाड़ी कार्यकर्तियों को सम्मान के लिए चुना गया है।

दोनों पुरस्कार 8 अगस्त को देहरादून में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में मुख्यमंत्री की उपस्थिति में प्रदान किए जाएंगे।

महिला सशक्तीकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि तीलू रौतेली राज्य स्त्री शक्ति पुरस्कार उत्तराखंड की उन महिलाओं को समर्पित है जिन्होंने संघर्ष, साहस और समर्पण से समाज में नई पहचान बनाई है। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चयनित महिलाओं ने संस्कृति, खेल, वैज्ञानिक शोध, पर्यावरण संरक्षण, कृषि, स्वरोजगार, समाजसेवा, महिला सशक्तीकरण और दिव्यांगजन कल्याण जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान दिया है।

रेखा आर्या ने कहा कि सरकार का उद्देश्य ऐसी महिलाओं की उपलब्धियों को समाज के सामने लाना है ताकि उनकी प्रेरक यात्रा नई पीढ़ी और अन्य महिलाओं को आगे बढ़ने की प्रेरणा दे सके। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की वीरांगना तीलू रौतेली के नाम पर दिया जाने वाला यह सम्मान महिलाओं के साहस, नेतृत्व और आत्मनिर्भरता का प्रतीक बन चुका है।

मंत्री ने बताया कि इसी अवसर पर राज्य स्तरीय आंगनबाड़ी कार्यकर्ती पुरस्कार भी प्रदान किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्तियां मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य, पोषण, टीकाकरण, प्रारंभिक शिक्षा और महिला जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण कार्यों में सरकार की सबसे मजबूत कड़ी हैं। उनके समर्पण और उत्कृष्ट सेवाओं का सम्मान करना सरकार का दायित्व है।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp