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तांबा-एल्युमीनियम की कीमतों में आई उछाल, घरेलू उपकरणों और EV की कीमतें बढ़ने के आसार

Monthly Archives: August 2026

तांबा-एल्युमीनियम की कीमतों में आई उछाल, घरेलू उपकरणों और EV की कीमतें बढ़ने के आसार

TV, AC, फ्रिज और कारें 8% तक हो सकती हैं महंगी

नई दिल्ली। त्योहारी सीजन से पहले आम उपभोक्ताओं को महंगाई का एक और झटका लग सकता है। तांबा, एल्युमीनियम, जिंक और अन्य औद्योगिक धातुओं की कीमतों में आई तेज बढ़ोतरी का असर जल्द ही टीवी, फ्रिज, एसी, वॉशिंग मशीन, स्मार्टफोन और ऑटोमोबाइल जैसे उत्पादों की कीमतों पर देखने को मिल सकता है। उद्योग जगत का अनुमान है कि कई घरेलू उपकरण 5 से 8 फीसदी तक महंगे हो सकते हैं।

वैश्विक बाजार में औद्योगिक धातुओं की कीमतों में लगातार तेजी दर्ज की जा रही है, जिसका सीधा असर भारतीय बाजार पर भी पड़ने लगा है। लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) में तांबे की कीमत तीन महीने के उच्च स्तर पर पहुंच गई है। इसके साथ ही भारत में भी तांबे का भाव बढ़कर 1304.90 रुपये प्रति किलोग्राम हो गया है, जबकि एक महीने पहले इसकी कीमत 1187.85 रुपये प्रति किलोग्राम थी। एल्युमीनियम, जिंक, टिन और अन्य धातुओं के दामों में भी उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है।

विशेषज्ञों के मुताबिक इस तेजी की सबसे बड़ी वजह कांगो द्वारा कॉपर और कोबाल्ट कंसंट्रेट के निर्यात पर लगाया गया प्रतिबंध है। इसके अलावा पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण हॉर्मुज जलडमरूमध्य से माल ढुलाई प्रभावित हो रही है, जिससे वैश्विक आपूर्ति पर दबाव बढ़ा है। वहीं, चीन और अमेरिका में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) डेटा सेंटर, इलेक्ट्रिक वाहनों और अन्य हाई-टेक उद्योगों की बढ़ती मांग ने भी तांबे समेत कई धातुओं की कीमतों को ऊपर पहुंचा दिया है।

औद्योगिक धातुओं की महंगाई का असर अब उपभोक्ता बाजार पर भी दिखाई देने की संभावना है। टीवी, रेफ्रिजरेटर, एयर कंडीशनर, वॉशिंग मशीन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के निर्माण में तांबा और एल्युमीनियम का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। वहीं, कारों और इलेक्ट्रिक वाहनों में भी इन धातुओं की अहम भूमिका होती है। ऐसे में कंपनियों की उत्पादन लागत बढ़ने से त्योहारी सीजन के दौरान इन उत्पादों की कीमतों में 5 से 8 फीसदी तक इजाफा हो सकता है।

उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि एयर कंडीशनर के कंप्रेसर और कंडेंसर, वॉशिंग मशीन की मोटर, इलेक्ट्रिक वाहनों की बैटरियों, वायरिंग सिस्टम और स्मार्टफोन जैसे इलेक्ट्रॉनिक उत्पादों में तांबे का कोई सस्ता विकल्प उपलब्ध नहीं है। ऐसे में कच्चे माल की बढ़ी लागत का बोझ कंपनियां उपभोक्ताओं पर डाल सकती हैं।

प्रमुख धातुओं की मौजूदा कीमतें (रुपये प्रति किलोग्राम):

तांबा: 1304.90 रुपये (करीब 9.85% की बढ़ोतरी)
एल्युमीनियम: 282.57 रुपये (5.08% की बढ़ोतरी)
जिंक: 329.38 रुपये (6.82% की बढ़ोतरी)
टिन: 4879.24 रुपये (10.16% की बढ़ोतरी)
लेड: 164.75 रुपये (0.82% की बढ़ोतरी)

यदि धातुओं की कीमतों में यही रुझान जारी रहा, तो आने वाले दिनों में उपभोक्ताओं को घरेलू उपकरणों से लेकर ऑटोमोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक गैजेट्स तक के लिए अधिक कीमत चुकानी पड़ सकती है।


महिला टी20 एशिया कप 2026 का शेड्यूल जारी

जानिए कब होगा भारत और पाकिस्तान के बीच मुकाबला

नई दिल्ली। महिला टी20 एशिया कप 2026 का पूरा कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) द्वारा घोषित शेड्यूल के अनुसार टूर्नामेंट का आयोजन 28 अगस्त से 13 सितंबर तक दुबई में होगा। भारतीय टीम अपने अभियान की शुरुआत थाईलैंड के खिलाफ करेगी, जबकि क्रिकेट प्रेमियों की नजरें भारत और पाकिस्तान के बीच होने वाले हाई-वोल्टेज मुकाबले पर टिकी रहेंगी।

एशियाई क्रिकेट परिषद (ACC) ने महिला टी20 एशिया कप 2026 के मुकाबलों का कार्यक्रम घोषित कर दिया है। इस बार आठ टीमें खिताब के लिए चुनौती पेश करेंगी और सभी मुकाबले दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। भारत को ग्रुप-ए में पाकिस्तान, थाईलैंड और हांगकांग (चीन) के साथ रखा गया है, जबकि ग्रुप-बी में मौजूदा चैंपियन श्रीलंका, बांग्लादेश, इंडोनेशिया और मेजबान संयुक्त अरब अमीरात (यूएई) शामिल हैं।

भारतीय टीम अपने अभियान का आगाज 30 अगस्त को थाईलैंड के खिलाफ करेगी। इसके बाद 3 सितंबर को उसका मुकाबला हांगकांग (चीन) से होगा, जबकि बहुप्रतीक्षित भारत-पाकिस्तान मैच 5 सितंबर को खेला जाएगा। इस मुकाबले को टूर्नामेंट के सबसे बड़े आकर्षणों में से एक माना जा रहा है।

टूर्नामेंट में सभी आठ टीमों को दो समूहों में विभाजित किया गया है। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष दो टीमें सेमीफाइनल में जगह बनाएंगी। पहला सेमीफाइनल 10 सितंबर और दूसरा 11 सितंबर को खेला जाएगा, जबकि चैंपियन का फैसला 13 सितंबर को होने वाले फाइनल मुकाबले में होगा।

टूर्नामेंट का उद्घाटन मैच 28 अगस्त को थाईलैंड और हांगकांग (चीन) के बीच खेला जाएगा। मौजूदा चैंपियन श्रीलंका अपने अभियान की शुरुआत 29 अगस्त को यूएई के खिलाफ करेगा, जबकि बांग्लादेश 31 अगस्त को इंडोनेशिया से भिड़ेगा। पाकिस्तान अपनी अन्य लीग मुकाबलों में 1 सितंबर को थाईलैंड और 7 सितंबर को हांगकांग (चीन) का सामना करेगा। वहीं श्रीलंका 2 सितंबर को इंडोनेशिया और 6 सितंबर को बांग्लादेश के खिलाफ मैदान में उतरेगा।

टूर्नामेंट के सभी 15 मुकाबले, जिनमें दोनों सेमीफाइनल और फाइनल भी शामिल हैं, फ्लडलाइट्स में दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले जाएंगे। सबसे सफल टीम भारत एक बार फिर खिताब जीतकर एशियाई महिला क्रिकेट में अपना वर्चस्व बरकरार रखने के लक्ष्य के साथ मैदान में उतरेगी।


‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ का भारतीय बॉक्स ऑफिस पर धमाका, एक हफ्ते में पार किया 300 करोड़ का आंकड़ा

हॉलीवुड सुपरहीरो फिल्म ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ भारतीय बॉक्स ऑफिस पर लगातार नए कीर्तिमान बना रही है। शानदार ओपनिंग के बाद फिल्म ने वीकडेज में भी अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। पहले सप्ताह में ही इसने कमाई के मामले में कई बड़ी फिल्मों को पीछे छोड़ते हुए भारत में नया रिकॉर्ड कायम कर दिया है।

30 जुलाई को भारतीय सिनेमाघरों में रिलीज हुई ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ को दर्शकों का जबरदस्त समर्थन मिल रहा है। फिल्म ने पहले दिन 60.60 करोड़ रुपये की शानदार शुरुआत की। दूसरे दिन इसकी कमाई 49.35 करोड़ रुपये रही, जबकि शनिवार को फिल्म ने 70.25 करोड़ और रविवार को 77.75 करोड़ रुपये का कारोबार किया। महज चार दिनों में फिल्म ने 200 करोड़ रुपये का आंकड़ा पार कर लिया।

वीकेंड के बाद भी फिल्म की रफ्तार धीमी नहीं पड़ी। पहले सोमवार को इसने 23.80 करोड़ रुपये और मंगलवार को 21.75 करोड़ रुपये का कलेक्शन किया। बुधवार को फिल्म की कमाई 17 करोड़ रुपये रही। वहीं, गुरुवार को फिल्म ने 7.17 करोड़ रुपये का कारोबार कर चुकी है। अब तक भारत में फिल्म का कुल बॉक्स ऑफिस कलेक्शन 327.67 करोड़ रुपये पहुंच चुका है।

पहले सप्ताह की कमाई के साथ ‘स्पाइडर-मैन: ब्रांड न्यू डे’ ने भारत में हॉलीवुड फिल्मों के कई पुराने रिकॉर्ड तोड़ दिए हैं। फिल्म ने पहले सप्ताह में 327.67 करोड़ रुपये की कमाई कर ‘अवेंजर्स: एंडगेम’ के 260.40 करोड़ रुपये के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। इससे पहले ‘अवतार: द वे ऑफ वाटर’ पहले सप्ताह में 192.50 करोड़ रुपये का कारोबार कर चुकी थी।

वैश्विक बॉक्स ऑफिस पर भी फिल्म का प्रदर्शन शानदार बना हुआ है। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, फिल्म का वर्ल्डवाइड कलेक्शन 11,750 करोड़ रुपये के पार पहुंच चुका है। निर्देशक डेस्टिन डेनियल क्रेटन की इस फिल्म में टॉम हॉलैंड, जेंडाया, जैकब बैटलन, जॉन बर्नथल, मार्क रफ्लो और सैडी सिंक प्रमुख भूमिकाओं में नजर आए हैं।

(साभार)


उत्तराखंड में कुदरत का कहर: उफान पर गंगा और अलकनंदा, 132 सड़कें बंद, 5 जिलों में येलो अलर्ट जारी

देहरादून: उत्तराखंड में मानसून की प्रचंड बारिश ने जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त कर दिया है। मौसम विभाग ने 7 अगस्त को देहरादून, उत्तरकाशी, टिहरी, रुद्रप्रयाग और बागेश्वर जिलों में भारी बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। वहीं, मैदानी इलाकों हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर में आकाशीय बिजली गिरने की आशंका के चलते प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। बारिश के कारण राज्य के तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई है।

नदियों का रौद्र रूप, निचले इलाकों में अलर्ट पहाड़ी और मैदानी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश से प्रदेश की प्रमुख नदियां चेतावनी स्तर से ऊपर बह रही हैं। हरिद्वार और ऋषिकेश में गंगा नदी खतरे के निशान के पास पहुंच गई है, जिससे ऋषिकेश का प्रसिद्ध त्रिवेणी घाट और परमार्थ निकेतन का आरती स्थल जलमग्न हो गए हैं। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए ऋषिकेश में गंगा किनारे के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं और लाउडस्पीकर के माध्यम से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने की हिदायत दी जा रही है। इसके अलावा अलकनंदा, मंदाकिनी, काली और सरयू नदियां भी उफान पर हैं।

132 सड़कें ठप, चारधाम यात्रा प्रभावित भूस्खलन और मलबा आने से प्रदेश में 4 नेशनल हाईवे और 4 स्टेट हाईवे समेत कुल 132 सड़कें बंद हो गई हैं। गंगोत्री और यमुनोत्री हाईवे पर बार-बार मलबा गिरने से यातायात बाधित हो रहा है, जिससे यात्रियों और कांवड़ियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। लोनिवि की टीमें सड़कों को बहाल करने में जुटी हैं।

मुख्य सचिव ने दिए सख्त निर्देश हालात का जायजा लेते हुए मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र में समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि डैम और बैराजों से पानी छोड़ने से पहले निचले इलाकों और पड़ोसी राज्यों को तत्काल अलर्ट भेजा जाए। साथ ही, संवेदनशील क्षेत्रों में जिलाधिकारियों को खुद निरीक्षण करने और चारधाम यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं।


कोई भी पात्र मतदाता, मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रहे- जिलाधिकारी

जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी ने सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के पोलिंग बूथों का निरीक्षण कर एसआईआर आपत्ति निस्तारण शिविर की व्यवस्थाओं का लिया जायजा

प्रत्येक आवेदन के समयबद्ध निस्तारण के दिए निर्देश

देहरादून। जिलाधिकारी/जिला निर्वाचन अधिकारी डॉ0 आशीष चौहान ने भारत निर्वाचन आयोग द्वारा संचालित विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के अंतर्गत सहसपुर विधानसभा क्षेत्र के विभिन्न पोलिंग बूथों का स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने मतदाता सूची से संबंधित दावों एवं आपत्तियों के निस्तारण हेतु लगाए गए विशेष शिविरों की व्यवस्थाओं का गहनता से अवलोकन किया तथा संबंधित अधिकारियों को अभियान को पूरी पारदर्शिता, निष्पक्षता एवं समयबद्धता के साथ संपादित करने के निर्देश दिए।

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने बूथ लेवल अधिकारियों (बीएलओ) से प्राप्त दावों एवं आपत्तियों की स्थिति, उनके सत्यापन की प्रगति तथा अभिलेखों के रखरखाव की जानकारी प्राप्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्रत्येक प्राप्त आवेदन का नियमानुसार परीक्षण करते हुए समय सीमा के भीतर गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित किया जाए, जिससे कोई भी पात्र मतदाता मतदाता सूची में शामिल होने से वंचित न रह जाए।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान निर्वाचन प्रक्रिया की विश्वसनीयता का महत्वपूर्ण आधार है। इसलिए प्रत्येक अधिकारी पूरी जिम्मेदारी एवं गंभीरता के साथ अपने दायित्वों का निर्वहन करें। उन्होंने निर्देश दिए कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण में पूर्ण पारदर्शिता बरती जाए तथा सभी प्रक्रियाएं भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संपन्न हों।

उन्होंने बूथों पर आने वाले नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न होने देने के निर्देश देते हुए कहा कि आवश्यक प्रपत्र, अभिलेख एवं अन्य व्यवस्थाएं पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध रहें। वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगजनों एवं महिलाओं को प्राथमिकता देते हुए उनकी सुविधा का विशेष ध्यान रखा जाए। साथ ही नागरिकों को दावे एवं आपत्तियां दर्ज कराने की प्रक्रिया के संबंध में आवश्यक जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए।

जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया कि एसआईआर अभियान के दौरान प्राप्त प्रत्येक आवेदन का तथ्यात्मक एवं निष्पक्ष सत्यापन किया जाए तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अभियान की नियमित मॉनिटरिंग करने और प्रगति की दैनिक समीक्षा करते हुए लंबित प्रकरणों का शीघ्र निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए।

निरीक्षण के दौरान नगर मजिस्ट्रेट देहरादून राकेश तिवारी, निर्वाचन से जुड़े अधिकारी, सेक्टर मजिस्ट्रेट, बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) तथा अन्य संबंधित अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित र


विशिष्ट पहचान बना रही है आदि कैलाश परिक्रमा: महाराज

पर्यटन मंत्री ने किया ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (TTF) में प्रतिभाग

देहरादून/अहमदाबाद। उत्तराखण्ड साहसिक पर्यटन के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनकर उभर रहा है। आगामी 20 से 25 अक्टूबर, 2026 तक पिथौरागढ़ में आयोजित होने वाली आदि कैलाश परिक्रमा अल्ट्रा रन विश्व के कठिनतम उच्च हिमालयी आयोजनों में अपनी विशिष्ट पहचान बना रही है।

उक्त बात प्रदेश के पर्यटन, धर्मस्व, संस्कृति, सिंचाई, ग्रामीण निर्माण एवं लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने गुजरात के अहमदाबाद स्थित महात्मा मंदिर, कन्वेंशन एंड एग्जिविशन सेन्टर में ट्रैवल एंड टूरिज्म फेयर (TTF) में प्रतिभाग करते हुए कही। राज्य में पर्यटन क्षेत्र में स्थापित हो रहे नित नये आयामों से अवगत करवाते हुए उन्होंने कहा कि उत्तराखण्ड केवल एक राज्य ही नहीं, बल्कि आस्था, अध्यात्म, प्रकृति, संस्कृति और रोमांच का अद्भुत संगम है। हमारा प्रदेश ऋषियों, मुनियों और श्रद्धालुओं की साधना भूमि है।

पर्यटन मंत्री महाराज ने कहा कि हमारी सरकार का प्रयास है कि उत्तराखण्ड की पहचान केवल चारधाम यात्रा तक सीमित न रहे, बल्कि इसे एक समग्र पर्यटन गंतव्य के रूप में विकसित किया जाए। इसी दिशा में हम आध्यात्मिक पर्यटन, साहसिक पर्यटन, वेलनेस एवं योग पर्यटन, ग्रामीण पर्यटन, इको-टूरिज्म, होमस्टे पर्यटन तथा सीमा पर्यटन को नई गति प्रदान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के वाइब्रेंट विलेज कार्यक्रम के अंतर्गत मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में उत्तराखण्ड के सीमांत गांवों को पर्यटन और आजीविका के नए अवसरों से जोड़ा जा रहा है। हमारा उद्देश्य है कि पर्यटन का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुँचे और स्थानीय समुदाय पर्यटन विकास के साझेदार बनें।

महाराज ने कहा कि उत्तराखण्ड में होमस्टे क्रांति ने ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई ऊर्जा प्रदान की है। राज्य में हजारों होमस्टे पंजीकृत हो चुके हैं और लाखों पर्यटक स्थानीय परिवारों के साथ रहकर उत्तराखण्ड की संस्कृति, परंपराओं और आतिथ्य का अनुभव कर रहे हैं। इससे स्थानीय युवाओं और महिलाओं के लिए स्वरोजगार के नए अवसर सृजित हुए हैं। चारधाम यात्रा प्रबंधन में भी उत्तराखण्ड ने अनेक नवाचार किए हैं। आधार आधारित एवं ई-केवाईसी युक्त पंजीकरण व्यवस्था ने यात्रा को अधिक सुरक्षित, व्यवस्थित और पारदर्शी बनाया है। आधुनिक तकनीक के माध्यम से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएँ उपलब्ध कराई जा रही हैं।

पर्यटन मंत्री महाराज ने कहा कि गुजरात और उत्तराखण्ड का संबंध केवल भौगोलिक नहीं, बल्कि भावनात्मक और सांस्कृतिक भी है। गुजरात के श्रद्धालुओं की चारधाम के प्रति गहरी आस्था और गुजरात की उद्यमशीलता की भावना, उत्तराखण्ड के विकास की यात्रा में महत्वपूर्ण सहयोगी रही है। उन्होंने टीटीएफ में उपस्थित सभी ट्रैवल ऑपरेटर्स, टूर एजेंसियों, निवेशकों और मीडिया प्रतिनिधियों से आग्रह करता हूँ कि वे उत्तराखण्ड को केवल एक पर्यटन स्थल के रूप में नहीं, बल्कि एक सम्पूर्ण हिमालयी अनुभव के रूप में अपने ग्राहकों और दर्शकों तक पहुँचाएँ।

इस अवसर पर गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल, उपमुख्यमंत्री हर्ष संघवी,
गोवा के पर्यटन मंत्री रोहन खाउंटे सहित विभिन्न प्रदेशों के पर्यटन अधिकारी मौजूद थे।


पौड़ी में दून हैचरीज की भूमि खरीद मामले की जांच तेज, निर्माण कार्य पर तत्काल रोक

पौड़ी:  पौड़ी-देवप्रयाग राष्ट्रीय राजमार्ग से सटे ग्राम ऐराड़ी (पट्टी सितोनस्यूं-4), तहसील पौड़ी में दून हैचरीज लिमिटेड द्वारा खरीदी गई भूमि के मामले में जिला प्रशासन ने जांच शुरू कर दी है।

जिलाधिकारी स्वाति भदौरिया के निर्देश पर गठित चार सदस्यीय जांच समिति ने मौके का निरीक्षण कर आवश्यक अभिलेख और दस्तावेज जुटा लिए हैं। साथ ही जांच पूरी होने तक संबंधित भूमि पर किसी भी प्रकार के निर्माण कार्य पर तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी गई है।

जिलाधिकारी ने बताया कि जनसामान्य और सोशल मीडिया से प्राप्त तथ्यों के आधार पर 3 अगस्त को अपर जिलाधिकारी एफ.आर. चौहान की अध्यक्षता में जांच समिति का गठन किया गया। समिति में संयुक्त मजिस्ट्रेट पौड़ी, उप निबंधक पौड़ी तथा जिला विकास प्राधिकरण के प्रभारी अधिशासी अभियंता को सदस्य बनाया गया है।

जांच समिति ने स्थल का निरीक्षण कर भूमि की वर्तमान स्थिति, निर्माण गतिविधियों और राजस्व अभिलेखों का प्रारंभिक परीक्षण किया। साथ ही संबंधित विभागों से भूमि क्रय, उसके उद्देश्य, स्वीकृत अनुमतियों तथा निर्माण कार्य से जुड़े सभी आवश्यक दस्तावेज एकत्रित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जांच पूरी होने तक संबंधित स्थल पर कोई निर्माण कार्य नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी भी प्रकार की अनियमितता या नियमों के उल्लंघन की पुष्टि होती है, तो संबंधित व्यक्तियों के विरुद्ध नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।


सीएमओ डॉ. मेघना असवाल का औचक निरीक्षण, स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के दिए निर्देश

पौड़ी गढ़वाल: जनपद में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. मेघना असवाल ने गुरुवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सतपुली, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाटीसैंण, हंस फाउंडेशन चिकित्सालय सतपुली तथा ‘नई सोच’ नशा मुक्ति केंद्र का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, चिकित्सा उपकरणों और मरीजों को उपलब्ध सुविधाओं की समीक्षा कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए।

सीएचसी सतपुली में निरीक्षण के दौरान सीएमओ ने लेबर रूम को और अधिक सुदृढ़ बनाने, पेयजल व्यवस्था के लिए बोरिंग कराने तथा बाउंड्री वॉल, सुरक्षा रेलिंग और स्ट्रीट लाइट के लिए शीघ्र प्रस्ताव तैयार करने के निर्देश दिए।

हंस फाउंडेशन चिकित्सालय सतपुली में उन्होंने सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड मशीनों की कार्यप्रणाली का निरीक्षण किया तथा गर्भवती महिलाओं को प्रसव पूर्व जांच, परामर्श और अन्य स्वास्थ्य सेवाएं उच्च गुणवत्ता के साथ उपलब्ध कराने पर जोर दिया।

वहीं ‘नई सोच’ नशा मुक्ति केंद्र में लंबे समय से मनोरोग विशेषज्ञ के नियमित भ्रमण न होने को गंभीर अनियमितता मानते हुए संबंधित संस्था को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। साथ ही मनोरोग विशेषज्ञ द्वारा मरीजों के परीक्षण के जियो-टैग्ड फोटो और परीक्षण रिपोर्ट नियमित रूप से स्वास्थ्य विभाग को उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए।

प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पाटीसैंण में सीएमओ ने गर्भवती महिलाओं की सुविधा और सुरक्षित प्रसव को ध्यान में रखते हुए प्रसव कक्ष को अधिक सुविधाजनक स्थान पर स्थानांतरित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मरीजों को बेहतर, सुरक्षित और समयबद्ध उपचार उपलब्ध कराना स्वास्थ्य विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

निरीक्षण के दौरान अपर मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. विनय त्यागी, प्रभारी चिकित्साधिकारी डॉ. आशीष गुसाईं, डॉ. निकिता चौधरी, मनमोहन देवली, आशीष रावत सहित अन्य विभागीय अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।


उत्तराखंड में ड्रग्स के खिलाफ सख्ती बढ़ेगी, मुख्य सचिव ने NCORD बैठक में दिए कड़े निर्देश

देहरादून: मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में सचिवालय में राज्य स्तरीय नेशनल कोऑर्डिनेशन सेंटर फॉर ड्रग लॉ एनफोर्समेंट (NCORD) की 12वीं बैठक आयोजित हुई। बैठक में मादक पदार्थों की तस्करी पर प्रभावी अंकुश लगाने, मामलों के शीघ्र निस्तारण और जनपद स्तर पर नियमित NCORD बैठकें आयोजित करने के निर्देश दिए गए।

मुख्य सचिव ने कहा कि व्यावसायिक मात्रा में पकड़े गए मादक पदार्थों के मामलों की लगातार मॉनिटरिंग की जाए और दोषियों के खिलाफ समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने पुलिस विभाग को ड्रग्स की सप्लाई चेन तोड़ने के लिए प्रभावी रणनीति अपनाने के निर्देश दिए तथा जिलाधिकारियों और पुलिस अधीक्षकों से जनपदों की स्थिति की समीक्षा की।

बैठक में ड्रग डिटेक्शन किट्स के लिए मानक तय करने, बंद पड़े डी-एडिक्शन सेंटरों को पुनः संचालित करने और जिला अस्पतालों, मेडिकल कॉलेजों व उप जिला अस्पतालों में नशा मुक्ति केंद्रों के लिए समर्पित बेड उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही प्रदेश के अन्य क्षेत्रों में भी नए डी-एडिक्शन सेंटर स्थापित करने पर जोर देते हुए कहा गया कि फंडिंग की कमी नहीं आने दी जाएगी।

मुख्य सचिव ने निजी डी-एडिक्शन सेंटरों का निरीक्षण कर मानकों के अनुरूप उनका पंजीकरण एवं प्रमाणन अनिवार्य रूप से कराने के निर्देश भी दिए।

स्कूली बच्चों और युवाओं में नशे के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए शिक्षण संस्थानों में एंटी-ड्रग क्लब गठित करने तथा स्कूलों के 100 मीटर के दायरे में गुटखा, तंबाकू और अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री पर प्रभावी रोक सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा प्रदेश में मादक पदार्थों के उपयोग पर व्यापक सर्वे कराने पर भी बल दिया गया।

बैठक में डीजी इंटेलीजेंस अभिनव कुमार, सचिव शैलेष बगौली, आईजी डॉ. नीलेश आनंद भारणे, अपर सचिव गृह तृप्ति भट्ट, एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह सहित सभी जिलों के जिलाधिकारी एवं वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मौजूद रहे।


चारधाम यात्रा को मिलेगी नई रफ्तार, कर्णप्रयाग और सिमली में आधुनिक पार्किंग परियोजनाएं जल्द होंगी शुरू

देहरादून: चारधाम यात्रा को अधिक सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित बनाने की दिशा में उत्तराखंड सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के निर्देशों के क्रम में आवास विभाग के सचिव डॉ. आर. राजेश कुमार ने गुरुवार को कर्णप्रयाग और सिमली में प्रस्तावित आधुनिक पार्किंग परियोजनाओं की विस्तृत वित्तीय समिति (डीएफसी) की बैठक में समीक्षा की। बैठक में अधिकारियों को सभी वित्तीय, तकनीकी और प्रशासनिक औपचारिकताएं समयबद्ध ढंग से पूरी कर निर्माण कार्य शीघ्र शुरू कराने के निर्देश दिए गए।

बैठक में जिला स्तरीय विकास प्राधिकरण चमोली के अधिकारियों ने दोनों परियोजनाओं का विस्तृत प्रस्तुतीकरण दिया। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से अपर जिलाधिकारी, अधिशासी अभियंता और अन्य अधिकारी भी जुड़े। परियोजनाओं के उद्देश्य, पार्किंग क्षमता, लागत, डिजाइन और यातायात प्रबंधन पर विस्तार से चर्चा की गई।

कर्णप्रयाग पार्किंग परियोजना की अनुमानित लागत 373.75 लाख रुपये है। इसके तहत 22 चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग सुविधा विकसित की जाएगी। प्रथम तल पर आधुनिक कमर्शियल हॉल भी बनाया जाएगा, जिससे स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा और राजस्व सृजन होगा। इससे मुख्य बाजार में सड़क किनारे होने वाली अव्यवस्थित पार्किंग और जाम की समस्या में भी कमी आएगी।

वहीं, सिमली पार्किंग परियोजना की अनुमानित लागत 398.85 लाख रुपये है, जिसमें 30 चारपहिया वाहनों की पार्किंग क्षमता विकसित की जाएगी। राष्ट्रीय राजमार्ग-07 पर स्थित सिमली चारधाम यात्रा, श्री नंदा देवी राजजात यात्रा और गैरसैंण मार्ग का प्रमुख जंक्शन है। नई पार्किंग बनने से यात्रा सीजन के दौरान ट्रैफिक जाम की समस्या कम होगी और यातायात अधिक सुचारु रहेगा।

सचिव आवास डॉ. आर. राजेश कुमार ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार चारधाम यात्रा मार्गों पर आधुनिक और टिकाऊ आधारभूत सुविधाओं के विकास के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि कर्णप्रयाग और सिमली की पार्किंग परियोजनाएं केवल पार्किंग निर्माण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि बेहतर ट्रैफिक प्रबंधन, यात्रियों की सुविधा और स्थानीय आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल हैं। उन्होंने अधिकारियों को गुणवत्ता के साथ समयबद्ध निर्माण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।


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