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धामी कैबिनेट में लिए गए कई ऐतिहासिक फैसले

Monthly Archives: August 2026

धामी कैबिनेट में लिए गए कई ऐतिहासिक फैसले

उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधित अध्यादेश को मंजूरी

गौ पालन योजना से सामान्य वर्ग को किया जाएगा लाभान्वित, दी जाएगी सब्सिडी

जनकल्याण, रोजगार, शिक्षा, श्रमिक हित और आधारभूत विकास को नई गति

देहरादून। उत्तराखंड सरकार की कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में जनकल्याण, ग्रामीण अर्थव्यवस्था, श्रमिक कल्याण, शिक्षा, न्यायिक आधारभूत संरचना, खेल, पर्यटन, पेयजल तथा औद्योगिक विकास से जुड़े अनेक महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।

कैबिनेट के निर्णयों की जानकारी महानिदेशक सूचना एवं अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी ने प्रेस ब्रीफिंग के दौरान मीडिया को दी। उन्होंने बताया कि गो पालन योजना से सामान्य वर्ग को लाभान्वित किया जाएगा। सब्सिडी दी जाएगी। गाय और भैंस भी खरीद सकेंगे। ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए वन क्षेत्रों में पैदा होने वाली जड़ी बूटियों को देखते हुए मुख्य सचिव की अध्यक्षता में गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति में संशोधन कर सकते हैं। बताया कि उत्तराखंड मजदूरी संहिता नियमावली को कैबिनेट की मंजूरी दी गई।संगठित, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों के हितों का संरक्षण होगा। हर माह की 7 तारीख तक मजदूरी का भुगतान देना होगा। पुरुष व महिला श्रमिकों के लिए समान कार्य की समान मजदूरी होगी।

अब सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी गौ एवं भैंस खरीद पर मिलेगा अनुदान

कैबिनेट ने राज्य सेक्टर की गौ पालन योजना का दायरा बढ़ाते हुए सामान्य वर्ग के पशुपालकों को भी योजना से जोड़ने का निर्णय लिया। अब लाभार्थी गाय के साथ-साथ भैंस खरीदने का विकल्प भी चुन सकेंगे। पशु की यूनिट कॉस्ट 40 हजार रुपये से बढ़ाकर 60 हजार रुपये कर दी गई है। अनुसूचित जाति एवं जनजाति के लाभार्थियों को 90 प्रतिशत तथा सामान्य वर्ग को 60 प्रतिशत तक सब्सिडी मिलेगी। इससे प्रथम वर्ष में लगभग 2128 पशुपालकों को लाभ मिलेगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था, स्वरोजगार तथा पलायन रोकने में सहायता मिलेगी।

उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली-2026 को मंजूरी

कैबिनेट ने मजदूरी संहिता, 2019 के तहत उत्तराखण्ड मजदूरी संहिता नियमावली, 2026 लागू करने का निर्णय लिया। इसमें न्यूनतम मजदूरी, ओवरटाइम का दोगुना भुगतान, प्रत्येक माह की सात तारीख तक वेतन, डिजिटल भुगतान तथा समान कार्य के लिए महिला एवं पुरुष को समान वेतन सुनिश्चित करने जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं।

अनुसूचित जाति एवं जनजाति छात्रावासों के लिए नई संचालन नियमावली
समाज कल्याण विभाग के अधीन संचालित छात्रावासों के लिए संचालन नियमावली, 2026 लागू करने का निर्णय लिया गया। इससे अनुसूचित जाति एवं जनजाति के मेधावी छात्र-छात्राओं को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, आवास, भोजन तथा सर्वांगीण विकास की सुविधाएं सुनिश्चित होंगी।

ईको टूरिज्म को मिलेगा नया प्रोत्साहन

ईको टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए गठित उच्चाधिकार प्राप्त समिति (एचपीसी) की संरचना में संशोधन किया गया। समिति में वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को शामिल करते हुए पर्यावरण संरक्षण, जड़ी-बूटी प्रबंधन, कूड़ा नियंत्रण तथा स्थानीय समुदायों के बेहतर समन्वय को मजबूत किया जाएगा।

जीएसटी अधिनियम में संशोधन अध्यादेश को स्वीकृति

केंद्र सरकार द्वारा किए गए संशोधनों के अनुरूप उत्तराखण्ड माल एवं सेवा कर अधिनियम, 2017 में संशोधन के लिए अध्यादेश लाने का निर्णय लिया गया, जिससे राज्य की कर व्यवस्था राष्ट्रीय कानूनों के अनुरूप अद्यतन बनी रहेगी।

हल्द्वानी में हाईकोर्ट कॉम्प्लेक्स के लिए भूमि हस्तांतरण को मंजूरी

कैबिनेट ने हल्द्वानी के लामाचौड़ क्षेत्र में उपलब्ध 73 हेक्टेयर वन भूमि में से आवश्यकता अनुसार लगभग 40 हेक्टेयर भूमि उच्च न्यायालय परिसर के निर्माण हेतु हस्तांतरित करने के प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की।

राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 122 पद सृजित होंगे
उत्तराखण्ड राज्य क्रीड़ा विश्वविद्यालय, गौलापार (हल्द्वानी) के सुचारू संचालन के लिए 122 नियमित पदों के साथ आउटसोर्स व्यवस्था के माध्यम से आवश्यक तकनीकी एवं सहायक पदों की स्वीकृति दी गई। इससे खिलाड़ियों को आधुनिक खेल सुविधाएं और गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण उपलब्ध होगा।

बंगाली अनुसूचित जाति सहायता कोष संचालन समिति में संशोधन
दिनेशपुर एवं शक्तिफार्म क्षेत्र के बंगाली मूल के अनुसूचित जाति समुदाय के हितों को ध्यान में रखते हुए सहायता कोष संचालन समिति में उपाध्यक्ष एवं सदस्य पदों पर उसी समुदाय से नामांकन का निर्णय लिया गया।

सहकारी समिति नियमावली से भेदभावपूर्ण प्रावधान हटेंगे

सर्वोच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुपालन में उत्तराखण्ड सहकारी समिति नियमावली, 2004 में संशोधन कर कुष्ठ रोग से संबंधित भेदभावपूर्ण प्रावधान हटाए जाएंगे तथा उनकी जगह मानसिक अक्षमता संबंधी न्यायालय द्वारा घोषित प्रावधान को शामिल किया जाएगा।

जल जीवन मिशन की योजनाओं के लिए नया हस्तांतरण प्रोटोकॉल लागू

ग्रामीण पेयजल योजनाओं की कमीशनिंग तथा ग्राम पंचायतों एवं ग्राम जल एवं स्वच्छता समितियों को हस्तांतरण हेतु भारत सरकार के निर्धारित प्रोटोकॉल को राज्य में लागू करने का निर्णय लिया गया।

वन विकास निगम में स्केलर भर्ती होगी अधिक पारदर्शी

उत्तराखण्ड वन विकास निगम सेवा (संशोधन) विनियमावली, 2026 लागू करते हुए स्केलर पदों के लिए 100 अंकों की लिखित परीक्षा का प्रावधान किया गया, जिससे भर्ती प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और आयोग की चयन प्रणाली के अनुरूप होगी।

हरिद्वार तक गंगा एक्सप्रेसवे विस्तार का रास्ता साफ

उत्तर प्रदेश एवं उत्तराखण्ड सरकार के बीच गंगा एक्सप्रेसवे को मेरठ से हरिद्वार तक विस्तारित करने के लिए समझौता ज्ञापन किए जाने का निर्णय लिया गया। इससे धार्मिक पर्यटन, औद्योगिक निवेश, व्यापार और रोजगार को नई गति मिलेगी।

उत्तराखण्ड औद्योगिक संबंध नियमावली-2026 को मंजूरी

कैबिनेट ने औद्योगिक संबंध संहिता, 2020 के तहत उत्तराखण्ड औद्योगिक संबंध नियमावली, 2026 लागू करने का निर्णय लिया। इसमें औद्योगिक विवादों के समयबद्ध समाधान, ट्रेड यूनियनों की मान्यता, शिकायत निवारण समितियों का गठन, हड़ताल एवं तालाबंदी की स्पष्ट प्रक्रिया तथा श्रमिक री-स्किलिंग फंड जैसे महत्वपूर्ण प्रावधान शामिल किए गए हैं।

कैबिनेट के इन निर्णयों से प्रदेश में ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती, पशुपालकों की आय में वृद्धि, श्रमिकों के अधिकारों का संरक्षण, विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं, खेल एवं न्यायिक आधारभूत ढांचे का विस्तार, ईको टूरिज्म को प्रोत्साहन, पेयजल प्रबंधन में सुधार तथा औद्योगिक एवं अवसंरचनात्मक विकास को नई दिशा मिलेगी। राज्य सरकार का लक्ष्य जनकल्याण, पारदर्शी प्रशासन, रोजगार सृजन और समावेशी विकास को गति देना है।

इन फसलों पर लगी मुहर

उत्तराखंड माल एवं सेवा कर संशोधित अध्यादेश को मंजूरी।
-हाई कोर्ट नैनीताल को हल्द्वानी गौलापार में 30 हेक्टेयर जमीन मिलेगी।
-उत्तराखंड राज्य क्रीड़ा विवि हल्द्वानी के लिए 122 पदों के सृजन को मंजूरी।
-जल जीवन मिशन के तहत केंद्र की गाइडलाइंस यहां लागू। योजनाओं का हस्तांतरण हो सकेगा।
-उत्तराखंड सहकारी समिति नियमावली के तहत अब कुष्ठ रोग से पीड़ित व्यक्ति सदस्य बन सकेगा।
-गंगा एक्सप्रेस वे के मेरठ से हरिद्वार तक विस्तार के तहत यूपी से समझौता होगा।
-उत्तराखंड औद्योगिक नियमावली को मंजूरी। नियोजक और कर्मकार के संबंध बेहतर होंगे। शिकायतों का त्वरित समाधान होगा। शिकायत सामिति के सदस्य के चयन की प्रक्रिया स्पष्ट की गई है।
छंटनी किए कर्मचारियों को दोबारा मौका मिल सकेगा।
-वन विकास निगम सेवा सेवा संशोधन नियमावली को मंजूरी। स्केलर के लिए 100अंकों की परीक्षा होगी।


मतदाता सुनवाई में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, आयोग के निर्देशों का शत-प्रतिशत पालन सुनिश्चित करें- गढ़वाल आयुक्त

बीएलओ अनावश्यक दस्तावेज न मांगें, प्रत्येक सुनवाई का तत्काल बीएलओ एप और ईआरओ नेट पर करें अपडेट

देहरादून। भारत निर्वाचन आयोग एवं मुख्य निर्वाचन अधिकारी, उत्तराखण्ड के निर्देशों के अनुपालन में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के तहत गढ़वाल आयुक्त एवं रोल ऑब्जर्वर आनंद स्वरूप ने शुक्रवार को विधानसभा क्षेत्र राजपुर रोड (अ.जा.) एवं मसूरी के विभिन्न मतदेय स्थलों एवं सुनवाई शिविरों का औचक निरीक्षण कर मतदाताओं को जारी नोटिसों के निस्तारण एवं सुनवाई प्रक्रिया का गहन परीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी पात्र मतदाता को अनावश्यक रूप से परेशान न किया जाए तथा आयोग द्वारा निर्धारित प्रावधानों के अनुरूप ही सुनवाई सुनिश्चित की जाए।

निरीक्षण के दौरान मुख्य विकास अधिकारी एवं उप जिला निर्वाचन अधिकारी अभिनव शाह, सहायक जिला निर्वाचन अधिकारी एनपी देवली तथा संबंधित निर्वाचन कार्मिक उपस्थित रहे। आयुक्त ने विधानसभा क्षेत्र राजपुर रोड (अ.जा.) के मतदेय स्थल संख्या-84 डीएवी इंटर कॉलेज, करनपुर, मतदेय स्थल संख्या-109 सेंट थॉमस कॉलेज क्रॉस रोड तथा विधानसभा मसूरी के अंतर्गत राजकीय इंटर कॉलेज, डोभालवाला स्थित दो मतेय स्थलों पर आयोजित सुनवाई शिविरों का निरीक्षण किया।

गढ़वाल आयुक्त ने सुनवाई के लिए पहुंचे मतदाताओं से सीधे संवाद कर यह जानकारी प्राप्त की कि बीएलओ द्वारा उनसे किस प्रकार के अभिलेख मांगे जा रहे हैं। इस दौरान बीएलओ ने अवगत कराया कि अनमैप्ड वोटर्स श्रेणी के मतदाताओं से वर्ष 2003 की निर्वाचक नामावली से संबंधित विवरण उपलब्ध कराने का अनुरोध किया जा रहा है। यदि उक्त विवरण उपलब्ध नहीं है, तो आयोग द्वारा निर्धारित 11 मान्य दस्तावेजों में से कोई भी दस्तावेज प्रस्तुत किया जा सकता है। वहीं एनोमली (विसंगति) श्रेणी के मतदाताओं से नाम अथवा संबंधी के नाम में सूक्ष्म त्रुटि होने की स्थिति में किसी एक मान्य दस्तावेज के आधार पर सुनवाई की जा रही है।

आयुक्त ने सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारी को निर्देश दिए कि सुनवाई कक्ष में आयोग द्वारा निर्धारित सभी मान्य दस्तावेजों की सूची अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए, ताकि मतदाताओं को आवश्यक जानकारी सहज रूप से उपलब्ध हो सके और उन्हें किसी प्रकार की असुविधा का सामना न करना पड़े।

उन्होंने सभी सहायक निर्वाचक रजिस्ट्रीकरण अधिकारियों, बीएलओ सुपरवाइजरों एवं बीएलओ को कड़े निर्देश देते हुए कहा कि आयोग द्वारा निर्धारित दस्तावेजों के अतिरिक्त किसी भी प्रकार की अनावश्यक मांग न की जाए तथा प्रत्येक प्रकरण की सुनवाई निर्धारित मानकों के अनुरूप समयबद्ध ढंग से पूरी की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी मतदाता के साथ अनावश्यक असुविधा या विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।

गढ़वाल आयुक्त ने एईआरओ द्वारा की जा रही सुनवाई प्रक्रिया तथा ईआरओ नेट पर अपलोड की जा रही रिपोर्ट की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि जैसे-जैसे नोटिसों की सुनवाई पूर्ण होती जाए, उसकी प्रविष्टि तत्काल बीएलओ एप एवं ईआरओ नेट पर की जाए, ताकि प्रगति का वास्तविक एवं अद्यतन विवरण उपलब्ध रहे तथा विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान की पारदर्शिता एवं प्रभावशीलता बनी रहे।


29 अगस्त से शुरू होगा खेल विश्वविद्यालय का पहला सत्र- रेखा आर्या

122 पदों पर कैबिनेट की मंजूरी के बाद खेल मंत्री ने दी जानकारी

देहरादून। उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय का पहला सत्र 29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस के अवसर पर शुरू किया जाएगा। कैबिनेट से विश्वविद्यालय में 122 पदों के सृजन पर मुहर लगने के बाद खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि देव पूजन के साथ ही इसके पहले शैक्षणिक सत्र का शुभारंभ कर दिया जाएगा।

खेल मंत्री रेखा आर्य ने प्रदेश कैबिनेट द्वारा विश्वविद्यालय के संचालन के लिए 122 नए पदों के सृजन को मिली मंजूरी पर खुशी जाहिर की। उन्होंने बताया कि धामी सरकार द्वारा स्वीकृत इन पदों पर पारदर्शी प्रक्रिया के तहत सीधी भर्ती की जाएगी, जिसके लिए जल्द ही आधिकारिक विज्ञप्ति जारी होंगी।

खेल मंत्री ने कहा कि इससे प्रदेश के युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे।
खेल मंत्री ने 29 अगस्त के दिन को राज्य के लिए ऐतिहासिक बताते हुए कहा कि यह विश्वविद्यालय उत्तराखंड की खेल संस्कृति को एक नया आयाम देगा। इस संस्थान के जरिए प्रदेश के युवाओं और सुदूर ग्रामीण क्षेत्रों की छिपी हुई खेल प्रतिभाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर की सुविधाएं, आधुनिक प्रशिक्षण और वैज्ञानिक दृष्टिकोण उपलब्ध कराया जाएगा, जिससे राज्य के खिलाड़ी वैश्विक पटल पर उत्तराखंड का नाम रोशन कर सकेंगे।


‘सम्मान सेतु’ कैंप में महिलाओं व कांवड़ यात्रियों को कानूनी किट देकर किया जागरूक

पीड़ित महिला को किसी भी समस्या के समाधान व न्याय हेतु आयोग सदैव उनके साथ; शासन-प्रशासन के समन्वय से ऑन-द-स्पॉट निस्तारण ही हमारा संकल्प” कुसुम कंडवाल

सम्मान सेतु अभियान का उद्देश्य नारी सम्मान व सामाजिक संवेदनशीलता के लिए हर नागरिक हो जागरुक

​’सम्मान सेतु’ शिविर में गूंजा कांवड़ यात्रा के दौरान नारी सम्मान व सुरक्षा का संकल्प

​ऋषिकेश। उत्तराखंड राज्य महिला आयोग द्वारा राष्ट्रीय महिला आयोग के विशेष तत्वावधान में 4 अगस्त से 8 अगस्त तक ऋषिकेश में सीमा डेंटल कॉलेज के सामने आयोजित सम्मान सेतु अभियान में अभूतपूर्व जन सहभागिता देखने को मिल रही है। संचालित इस शिविर में हजारों की संख्या में महिलाओं, कांवड़ श्रद्धालुओं व आम नागरिकों ने प्रतिभाग कर विधिक व स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ उठाया।

आज शिविर में आयोजित ​प्रेस वार्ता के दौरान उत्तराखण्ड राज्य महिला आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने कहा कि, “हमारा स्पष्ट ध्येय है कि पीड़ित महिला को किसी भी प्रकार की समस्या हो, तो उसके समाधान और न्याय के लिए महिला आयोग सदैव उनके साथ खड़ा है। महिलाएं जहां हैं, वहीं रहें; हम फोन के माध्यम से, थानों के माध्यम से तथा सरकार व प्रशासन के माध्यम से आपसी समन्वय स्थापित करके ऑन-द-स्पॉट समस्याओं का निस्तारण करने का निरंतर प्रयास कर रहे हैं। एक अभिभावक की भांति पीड़ित महिला को संरक्षण देना, टूटते परिवारों को जोड़ना और महिला आयोग के वास्तविक उद्देश्यों को धरातल पर उतारते हुए हर बहन तक सहायता पहुंचाना ही इस कैंप का मुख्य ध्येय है। यात्राएं केवल मंजिल तक नहीं पहुंचातीं, वे हमारे विचारों और संस्कारों की पहचान बनाती हैं; इस कांवड़ यात्रा को नारी सम्मान और सामाजिक संवेदनशीलता का संदेश बनाना हम सभी का दायित्व है।

​राष्ट्रीय महिला आयोग के सौजन्य से आयोजित इस शिविर की आम जनता एवं कांवड़ यात्रियों द्वारा व्यापक सराहना की गई। कैंप के दौरान महिला अधिकारों, नए आपराधिक कानूनों, पॉश एक्ट व नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर आधारित लगभग सात हज़ार दो सौ से अधिक जागरूकता किट वितरित कर महिलाओं, कांवड़ श्रद्धालुओं व स्कूली बच्चों को जागरूक किया गया। इसके साथ ही अधिवक्ताओं द्वारा आज दोपहर तक 578 लोगों को निःशुल्क कानूनी परामर्श, 26 पारिवारिक मामलों में काउंसलिंग aके जरिए समाधान, एम्स ऋषिकेश के सहयोग से 489+ लोगों का मेडिकल चेकअप तथा साइबर अपराध से जुड़े 124 मामलों का त्वरित निस्तारण किया गया।

आयोग अध्यक्ष कुसुम कंडवाल ने जानकारी देते हुए बताया कि इसके अतिरिक्त आयोग द्वारा युवाओं व महिलाओं को तकनीक से जोड़ने के लिए ‘यशोदा AI’ ट्रेनिंग प्रोग्राम तथा वन स्टॉप सेंटर कार्मिकों के प्रशिक्षण व लॉ रिव्यू पर भी विस्तार से कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा आयोग आयोग का प्रयास रहता है कि इस प्रकार के आयोजनों से समाज में जागरूकता लायी जाए तथा महिलाओं, बेटियों एवं स्थानीय नागरिकों को उनके अधिकारों के प्रति जागरूक किया जाए।


आयुक्त दीपक रावत ने किया SIR कार्यों का स्थलीय निरीक्षण

लोक निर्माण विभाग, सीआरएसटी इंटर कॉलेज, के०एल० साह ट्रस्ट नगर पालिका परिषद बा0 इ0का0 का किया निरीक्षण

अधिकारियों को दिए समयबद्ध निस्तारण और पारदर्शिता के निर्देश

नैनीताल। कुमाऊं आयुक्त दीपक रावत ने शुक्रवार को विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान के अंतर्गत नैनीताल जिला मुख्यालय स्थित तीन बूथों का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने लोक निर्माण विभाग कार्यालय, सीआरएसटी विद्यालय मल्लीताल, के०एल० साह ट्रस्ट नगर पालिका परिषद बा0 इ0का0 में संचालित SIR कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कहा कि अभियान निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार सुचारु रूप से संचालित किया जा रहा है। पूर्व में जारी नोटिसों की सुनवाई विभिन्न बूथों पर की जा रही है। नोटिसों की तामील एवं रसीदें संबंधित व्यक्तियों को उपलब्ध करा दी गई हैं या नहीं इन सभी अति आवश्यक कार्यों को समय रहते पूर्ण करने के निर्देश दिए।

आयुक्त ने स्वयं बूथ पर स्कैनिंग के माध्यम से मतदाता सूची का निरीक्षण किया, जिसमें कुछ त्रुटियाँ पाई गईं। उन्होंने बताया कि अधिकांश त्रुटियाँ मतदाताओं के नाम से संबंधित हैं। जिन मतदाताओं को नोटिस जारी किए गए हैं, उनमें निर्धारित तिथि भी अंकित की गई है। संबंधित मतदाता निर्धारित तिथि पर अपने बूथ पर उपस्थित होकर आवश्यक दस्तावेज, जैसे हाईस्कूल (10वीं) का प्रमाणपत्र, स्थायी निवास प्रमाणपत्र तथा जाति प्रमाणपत्र (यदि आवश्यक हो), प्रस्तुत कर अपने नाम से संबंधित त्रुटियों का निराकरण करा सकते हैं।

आयुक्त ने बताया कि वर्ष 2003 के आधार पर जिन मतदाताओं का मैपिंग किया जा रहा है अथवा जिनका नाम सूची में दर्ज नहीं है, वे भी अपने आवश्यक दस्तावेजों के साथ उपस्थित होकर अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज कराने की प्रक्रिया पूर्ण कर सकते हैं।

आयुक्त ने आमजन से अपील करते हुए कहा कि किसी भी प्रकार की भ्रांतियों या अफवाहों पर ध्यान न दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो व्यक्ति वास्तविक एवं पात्र मतदाता है, उसका नाम किसी भी स्थिति में मतदाता सूची से नहीं हटाया जाएगा तथा उसे मतदान करने का पूरा अधिकार प्राप्त रहेगा।

इसके अतिरिक्त, एईआरओ (AERO) के बूथवार बैठने का शेड्यूल भी तैयार किया गया है। आयुक्त ने निर्देश दिए कि सभी एईआरओ निर्धारित तिथि एवं समय पर अपने-अपने बूथों पर उपस्थित रहकर मतदाताओं की समस्याओं का त्वरित एवं प्रभावी समाधान सुनिश्चित करें।

इस दौरान आयुक्त दीपक रावत ने कुमाऊं मंडल विकास निगम वाहनों के पार्किंग स्थल का भी औचक निरीक्षण किया गया

निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने कुमाऊं मंडल विकास निगम वाहन पार्किंग स्थल का कार्यों का स्थलीय निरीक्षण किया गया जिसमें उन्होंने कहा कि कुमाऊं मंडल विकास निगम द्वारा वाहन पार्किंग स्थल जिसमें 20 करोड़ की धनराशि वर्तमान तक निर्माण कार्य में लग चुके हैं जिसमें अभी तक चारों ओर से रेलिंग का कार्य पूर्ण हो चुका है इसके साथ ही 9 दुकान भी पूर्ण रूप से बन चुकी है जो की पार्किंग स्थल के समीप महत्वपूर्ण है आयुक्त ने कहा कि इसे चालू करना अति महत्वपूर्ण है,इसे शीघ्र चालू करने के निर्देश दिए गए।

निरीक्षण के दौरान अपर जिलाधिकारी विवेक राय,एसडीएम नैनीताल नवाजिश खालिक, सहायक निर्वाचन अधिकारी एच डी पांडे के साथ ही विभिन्न क्षेत्रों के सुपरवाइजर एवं बीएलओ उपस्थित रहे।


खेल महाकुंभ 2026- 01 सितंबर से सजेगा मुख्यमंत्री चौम्पियनशिप ट्रॉफी का मंच

न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होगा प्रतिभा का प्रदर्शन

जिलाधिकारी ने दिए समयबद्ध तैयारियों के निर्देश, न्याय पंचायत से राज्य स्तर तक होंगे मुकाबले

देहरादून ने पिछले वर्ष 318 पदक के साथ राज्य में हासिल किया था प्रथम स्थान

देहरादून। उत्तराखंड में युवाओं की खेल प्रतिभाओं को नई पहचान देने के उद्देश्य से आगामी 1 सितंबर से ‘खेल महाकुंभ 2026-मुख्यमंत्री चौम्पियनशिप ट्रॉफी’ का भव्य शुभारंभ होगा। न्याय पंचायत से लेकर राज्य स्तर तक आयोजित होने वाली इस प्रतियोगिता के सफल संचालन के लिए सभी जनपदों में समितियों का गठन कर तैयारियां तेज कर दी गई हैं।

इसी क्रम में शुक्रवार को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में वर्चुअल बैठक आयोजित की गई, जिसमें खेल महाकुंभ की तैयारियों की विस्तृत समीक्षा करते हुए सभी विभागों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवश्यक व्यवस्थाएं पूर्ण करने के निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि खेल केवल शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य का माध्यम नहीं, बल्कि अनुशासन, नेतृत्व, आत्मविश्वास, टीम भावना, धैर्य और संघर्षशीलता जैसे जीवन-मूल्यों के विकास का सशक्त आधार हैं। उन्होंने अधिकारियों से ‘खेल महाकुंभ-मुख्यमंत्री चैम्पियनशिप ट्रॉफी‘ का व्यापक प्रचार-प्रसार सुनिश्चित कर अधिकाधिक युवाओं को प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए प्रेरित करने को कहा।

उन्होंने निर्देश दिए कि विगत वर्षों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों की प्रगति का विश्लेषण कर उन्हें राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताओं के लिए तैयार किया जाए, ताकि मुख्यमंत्री के उत्तराखंड को ‘खेल भूमि’ बनाने के संकल्प को साकार किया जा सके।

बैठक में बताया गया कि 1 से 10 सितंबर तक न्याय पंचायत स्तर, 11 से 20 सितंबर तक विधानसभा स्तर तथा 21 से 30 सितंबर तक संसदीय क्षेत्र स्तर पर प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसके बाद 1 अक्टूबर से राज्य स्तरीय प्रतियोगिताएं संपन्न कराई जाएंगी। प्रतियोगिताओं में अंडर-14 एवं अंडर-19 आयु वर्ग के बालक एवं बालिकाएं प्रतिभाग करेंगे।

खेल महाकुंभ के लिए ‘क्यूआर कोड’ तथा ‘खेलोयूके’ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध कराई गई है। साथ ही पंचायत भवन, शिक्षण संस्थानों, नगर निकायों, ब्लॉक, तहसील, जिला मुख्यालय तथा संबंधित विभागीय कार्यालयों में ऑफलाइन आवेदन भी जमा किए जा सकेंगे।

प्रतियोगिताओं में खो-खो, बॉक्सिंग, जूडो, ताइक्वांडो, कराटे, तीरंदाजी, एथलेटिक्स, कबड्डी, वॉलीबॉल, टेबल टेनिस, बास्केटबॉल, बैडमिंटन और शतरंज सहित अनेक खेल शामिल किए गए हैं।

बैठक में विधायक उमेश शर्मा (काऊ) तथा ऋषिकेश नगर निगम के मेयर शंभू पासवान ने कहा कि खेल महाकुंभ राज्य के युवाओं की प्रतिभा को निखारने का प्रभावी मंच है। उन्होंने मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस पहल से प्रदेश के खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर अपनी अलग पहचान बना रहे हैं।

जिलाधिकारी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, पंचायतीराज, खेल, पेयजल, विद्युत, सूचना, पुलिस तथा पीआरडी विभागों को बेहतर समन्वय के साथ खेल महाकुंभ के सफल एवं भव्य आयोजन के निर्देश दिए।

जिला युवा कल्याण अधिकारी प्रमोद पांडेय ने बताया कि न्याय पंचायत, विधानसभा एवं संसदीय क्षेत्र स्तर पर विजेता खिलाड़ियों को प्रमाण-पत्र, पदक एवं नगद पुरस्कार प्रदान किए जाएंगे। न्याय पंचायत स्तर पर प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान के लिए क्रमशः 300, 200 और 150 रुपये, विधानसभा स्तर पर 500, 400 और 300 रुपये, जबकि संसदीय क्षेत्र स्तर पर 800, 600 और 400 रुपये की पुरस्कार राशि निर्धारित की गई है।

उन्होंने बताया कि खेल महाकुंभ में प्रतिभागियों की संख्या लगातार बढ़ रही है। वर्ष 2023-24 में 12,383, 2024-25 में 34,570 तथा 2025-26 में 53,550 खिलाड़ियों ने भाग लिया। पिछले वर्ष देहरादून ने 146 स्वर्ण, 92 रजत और 80 कांस्य सहित कुल 318 पदक जीतकर प्रदेश में प्रथम स्थान प्राप्त किया था।

बैठक में मुख्य विकास अधिकारी अभिनव शाह सहित सभी उप जिलाधिकारी, खंड विकास अधिकारी एवं जिला स्तरीय अधिकारी वर्चुअल माध्यम से उपस्थित रहे।


उत्तराखंड में ITI होंगे अपग्रेड, उद्योगों की जरूरत के मुताबिक मिलेगा कौशल प्रशिक्षण

मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कौशल विकास एवं रोजगार से संबंधित योजनाओं की समीक्षा की 

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में शुक्रवार को सचिवालय में कौशल विकास एवं रोजगार से संबंधित योजनाओं की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में कौशल विकास से संबंधित विभिन्न योजनाओं, प्रशिक्षण कार्यक्रमों, रोजगार एवं प्लेसमेंट की स्थिति तथा आगामी कार्ययोजना पर विस्तार से चर्चा की गई।

मुख्य सचिव ने कहा कि कौशल विकास कार्यक्रमों को उद्योगों की वर्तमान एवं भविष्य की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार किया जाए। साथ ही युवाओं की रुचि एवं स्थानीय रोजगार की आवश्यकताओं के अनुरूप गुणवत्तापरक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने तथा प्रशिक्षण प्राप्त युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार से जोड़ने को कहा गया।

मुख्य सचिव ने कहा कि कौशल विकास से संबंधित सभी विभाग एक प्लेटफॉर्म पर काम करें, ताकि युवाओं को सुविधा मिल सके। उन्होंने प्रदेश को स्किल हब बनाने के लिए सचिव, कौशल विकास को सेतु आयोग की राय लेते हुए तथा सभी स्टैक होल्डर को शामिल करते हुए एक डैशबोर्ड तैयार किए जाने के निर्देश दिये।

सचिव कौशल विकास एवं सेवायोजन सी. रविशंकर ने बताया कि समग्र कौशल विकास के लिए स्कूल, उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं चिकित्सा शिक्षा के सहयोग से उद्योगों के मानकों के अनुसार आईटीआई को अपग्रेड किया जाना है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में 119 आईटीआई क्रियाशील है। नब्बे आईटीआई को पोर्टल पर मैप किया जा चुका है। टाटा टेक्नोलॉजीज, आईटीआई में शॉर्ट-टर्म ट्रेनिंग कोर्स के लिए शुरू कर दिया है।

सचिव ने बताया कि युवाओं को विदेश में नौकरी पाने के लिए स्कील इण्डिया इंटरनेशनल सेंटर में वैश्विक मानकों के अनुसार प्रशिक्षण, भाषा ज्ञान और अन्य जरूरी दक्षता प्रदान करने के लिए तीन एजेंसियांे से बात की गई है। उन्होंने बताया कि रोजगार प्रयाग पोर्टल पर निजी नियोक्ताओं का भी पंजीकरण किया जा रहा है। अब तक कुल 162 नियोक्ताओं को पोर्टल पर जोड़ा जा चुका है, युवाओं को रोजगार दिया जा

बैठक में सेवायोजन विभाग के उच्चाधिकारी भी उपस्थित रहे।


देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर दर्दनाक हादसा, 250 मीटर गहरी खाई में गिरी बोलेरो, 5 की मौत

एक गंभीर घायल

टिहरी। टिहरी जिले के देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर एक दर्दनाक सड़क हादसे में पांच लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। कुंडाधार के पास बोलेरो वाहन अनियंत्रित होकर करीब 250 मीटर गहरी खाई में जा गिरा। सूचना मिलते ही पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया।

पुलिस के अनुसार, हादसा देवप्रयाग-पौड़ी मार्ग पर कुंडाधार के निकट हुआ। सूचना मिलते ही थाना देवप्रयाग पुलिस और एसडीआरएफ की टीम घटनास्थल पर पहुंची। जांच में पता चला कि UK08 BL 0387 नंबर की बोलेरो अचानक अनियंत्रित होकर करीब 250 मीटर गहरी खाई में गिर गई। वाहन में कुल छह लोग सवार थे।

हादसे में पांच लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि अरमान पुत्र अफजाल, निवासी रायपुर जीतपुर, थाना कोतवाली लक्सर (जनपद हरिद्वार) गंभीर रूप से घायल हो गया। राहत दल ने उसे खाई से सुरक्षित निकालकर उपचार के लिए बेस अस्पताल श्रीनगर भेजा।

हादसे में जान गंवाने वालों की पहचान
अफजाल पुत्र अकबर सूफी (49 वर्ष)
शब्बो पत्नी अफजाल (40 वर्ष)
अन्नाविया पुत्री अफजाल (3 वर्ष)
शादाब पुत्र अफजाल (14 वर्ष)
गुफरान पुत्र अकबर (34 वर्ष)

सभी मृतक हरिद्वार जिले के रायपुर जीतपुर गांव के निवासी थे

पुलिस ने शवों को खाई से निकालकर पोस्टमार्टम और अन्य कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अफजाल पौड़ी क्षेत्र में ठेकेदारी का कार्य करते थे। वह अपने परिवार के साथ घूमने के लिए पौड़ी जा रहे थे और वाहन स्वयं चला रहे थे।


जिलाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित हुई वन भूमि हस्तांतरण की बैठक

जिलाधिकारी ने लंबित प्रकरणों में तेजी, समयबद्ध फॉलोअप और विभागीय समन्वय सुनिश्चित करने के दिए निर्देश

बैठक में अनुपस्थिति और सूचनाओं के संकलन में लापरवाही पर लोनिवि अधीक्षण अभियंता के वेतन रोकने के निर्देश

पौड़ी। जनपद में आधारभूत विकास परियोजनाओं को गति देने के उद्देश्य से जिलाधिकारी स्वाति एस भदौरिया ने जिला कार्यालय स्थित एनआईसी कक्ष में वन भूमि हस्तांतरण से संबंधित लंबित प्रकरणों की गहन समीक्षा की। बैठक में जिला, राज्य एवं केंद्र स्तर पर विभिन्न चरणों में लंबित प्रस्तावों की विभागवार समीक्षा करते हुए संबंधित अधिकारियों को प्रत्येक स्तर पर प्रभावी पैरवी, नियमित फॉलोअप तथा समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि वन भूमि हस्तांतरण की प्रक्रिया कई चरणों और उप-चरणों से होकर गुजरती है। किसी भी स्तर पर लापरवाही या अपूर्ण प्रस्ताव विकास कार्यों में अनावश्यक विलंब का कारण बनते हैं। इसलिए सभी विभाग प्रस्ताव पूरी तैयारी, आवश्यक अभिलेखों और तकनीकी औपचारिकताओं के साथ भेजें, ताकि परिवेश पोर्टल अथवा अन्य स्तरों पर आपत्तियां न्यूनतम हों। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिए कि जिन मामलों में आपत्तियां प्राप्त हुई हैं, उनका अनुपालन प्राथमिकता के आधार पर तत्काल कराया जाए।

उन्होंने कहा कि जिन प्रस्तावों को सैद्धांतिक स्वीकृति मिल चुकी है, वहां बिना अनावश्यक विलंब के कार्य प्रारंभ किए जाएं। वहीं जो मामले जिला स्तर से ऊपर या केंद्र सरकार के स्तर पर लंबित हैं, उनका नियमित फॉलोअप किया जाए और उनकी प्रगति की सतत निगरानी रखी जाए।

जिलाधिकारी ने नोडल अधिकारी डीएफओ गढ़वाल को निर्देश दिए कि वे संबंधित प्रभागीय वनाधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर लंबित प्रकरणों के निस्तारण में तेजी लाएं। साथ ही जो मामले लंबे समय से उच्च स्तर पर लंबित हैं, उनकी जानकारी तत्काल उपलब्ध कराई जाए, ताकि आवश्यक स्तर पर प्रभावी पैरवी की जा सके।

उन्होंने निर्देश दिए कि वन संरक्षक के निरीक्षण के दौरान संबंधित खंड के लोनिवि के अधिशासी अभियंता अनिवार्य रूप से उपस्थित रहें। उन्होंने कहा कि क्षतिपूरक वृक्षारोपण की भूमि चयन हेतु वन विभाग, राजस्व विभाग एवं संबंधित कार्यदायी संस्था संयुक्त निरीक्षण करें, जिससे प्रस्तावों में तकनीकी कमियां न रहें और उनके निरस्त होने की संभावना कम हो। संयुक्त निरीक्षण की सूचना संबंधित उपजिलाधिकारी को पूर्व में उपलब्ध करायी जाए। साथ ही सभी अधिशासी अभियंता प्रभागीय वनाधिकारी कार्यालय के साथ नियमित समन्वय बनाए रखते हुए प्रकरणों की अद्यतन जानकारी समय-समय पर उपलब्ध कराना सुनिश्चित करें।

समीक्षा बैठक के दौरान लोक निर्माण विभाग के अधीक्षण अभियंता कार्यालय की बैठक में अनुपस्थिति तथा विभिन्न प्रकरणों से संबंधित सूचनाओं का समुचित संकलन प्रस्तुत न किए जाने पर जिलाधिकारी ने कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधीक्षण अभियंता को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा अग्रिम आदेशों तक उनका वेतन रोकने के निर्देश दिए।

जिलाधिकारी ने कहा कि वन भूमि हस्तांतरण के लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण जनहित से जुड़े विकास कार्यों को समय पर पूरा करने के लिए अत्यंत आवश्यक है। सभी विभाग समन्वित प्रयासों के साथ कार्य करें ताकि विकास परियोजनाएं अनावश्यक रूप से लंबित न रहें और उनका लाभ समय पर जनता तक पहुंच सके।

बैठक में संयुक्त मजिस्ट्रेट गौरी प्रभात, अधिशासी अभियंता लोक निर्माण विभाग विवेक सेमवाल, एसडीओ वन राखी जुयाल, पीएमजीएसवाई, पेयजल निगम, वन विभाग, लोक निर्माण विभाग सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी, सभी उपजिलाधिकारी एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।


बालों को लंबा, घना और चमकदार बनाना है? रोजाना खाएं ये पोषक तत्वों से भरपूर फूड्स

मानसून के दौरान बढ़ी हुई नमी और पसीने की वजह से बालों से जुड़ी समस्याएं तेजी से बढ़ जाती हैं। इस मौसम में हेयर फॉल, डैंड्रफ और बालों का बेजान होना आम बात है। ऐसे में सिर्फ महंगे शैंपू या हेयर सीरम पर निर्भर रहने के बजाय संतुलित और पौष्टिक आहार अपनाना भी जरूरी है। सही खानपान बालों को जड़ों से पोषण देकर उन्हें मजबूत, घना और चमकदार बनाए रखने में मदद कर सकता है।

बारिश के मौसम में स्कैल्प पर गंदगी, अतिरिक्त ऑयल और नमी जमा होने से बाल कमजोर होने लगते हैं। यदि शरीर को पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन, आयरन, बायोटिन, ओमेगा-3 फैटी एसिड, जिंक और विटामिन्स नहीं मिलते, तो इसका असर बालों की गुणवत्ता पर भी पड़ता है। विशेषज्ञों का मानना है कि संतुलित डाइट अपनाकर बालों का झड़ना कम किया जा सकता है और उनकी ग्रोथ को बेहतर बनाया जा सकता है।

इन फूड्स को डाइट में करें शामिल

1. अंडा
अंडा उच्च गुणवत्ता वाले प्रोटीन और बायोटिन का अच्छा स्रोत माना जाता है। यह बालों की जड़ों को मजबूती देने और नए बालों के विकास में मदद कर सकता है।

2. पालक
पालक में आयरन, फोलेट, विटामिन A और विटामिन C भरपूर मात्रा में होते हैं। ये पोषक तत्व स्कैल्प को स्वस्थ रखने और बालों को मजबूत बनाने में सहायक होते हैं।

3. बादाम और अखरोट
इन ड्राई फ्रूट्स में ओमेगा-3 फैटी एसिड, विटामिन E और जिंक पाया जाता है, जो बालों को टूटने से बचाने और उनकी प्राकृतिक चमक बनाए रखने में मदद करते हैं।

4. दही
दही में मौजूद प्रोटीन और प्रोबायोटिक्स स्कैल्प की सेहत सुधारने के साथ-साथ बालों की जड़ों को भी पोषण देते हैं।

5. फैटी फिश
सैल्मन जैसी मछलियां ओमेगा-3 फैटी एसिड से भरपूर होती हैं, जो बालों को घना, मुलायम और स्वस्थ बनाए रखने में मदद कर सकती हैं।

6. शकरकंद
शकरकंद में मौजूद बीटा-कैरोटीन शरीर में विटामिन A में बदल जाता है, जो बालों की ग्रोथ को बढ़ावा देने में अहम भूमिका निभाता है।

7. आंवला
विटामिन C से भरपूर आंवला कोलेजन बनाने में मदद करता है और बालों की जड़ों को मजबूत बनाने में उपयोगी माना जाता है।

8. फ्लैक्स सीड्स और चिया सीड्स
इन बीजों में ओमेगा-3, प्रोटीन और जिंक जैसे पोषक तत्व पाए जाते हैं, जो बालों की गुणवत्ता सुधारने में सहायक हो सकते हैं।

9. दालें
दालें प्रोटीन, आयरन और जिंक का अच्छा स्रोत हैं। नियमित सेवन से बालों को आवश्यक पोषण मिलता है और हेयर फॉल की समस्या कम हो सकती है।

10. मौसमी फल
संतरा, अमरूद, कीवी और बेरीज जैसे फल एंटीऑक्सीडेंट और विटामिन C से भरपूर होते हैं, जो बालों को फ्री-रेडिकल्स से बचाने और उन्हें स्वस्थ बनाए रखने में मदद करते हैं।

बालों की देखभाल के लिए अपनाएं ये आसान टिप्स
रोजाना पर्याप्त मात्रा में प्रोटीन युक्त भोजन लें।
दिनभर में 2 से 3 लीटर पानी जरूर पिएं।
पर्याप्त नींद लें और तनाव को नियंत्रित रखें।
स्कैल्प की नियमित सफाई करें।
जरूरत से ज्यादा केमिकल युक्त हेयर प्रोडक्ट्स और हीट स्टाइलिंग से बचें।
संतुलित आहार के साथ नियमित हेयर केयर रूटीन अपनाएं।

नोट: यह जानकारी सामान्य स्वास्थ्य संबंधी रिपोर्ट्स और विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है। यदि बालों का झड़ना लंबे समय तक जारी रहे या अत्यधिक बढ़ जाए, तो त्वचा एवं बाल रोग विशेषज्ञ (डर्मेटोलॉजिस्ट) से सलाह लेना उचित रहेगा।

(साभार)


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