Wednesday, October 21, 2026
9:31 AM

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

मुख्यमंत्री धामी से महानिदेशक एनसीसी ने की शिष्टाचार भेंट

Monthly Archives: August 2026

मुख्यमंत्री धामी से महानिदेशक एनसीसी ने की शिष्टाचार भेंट

उत्तराखण्ड में एनसीसी के विस्तार एवं आधुनिक आधारभूत संरचना के विकास पर हुई महत्वपूर्ण चर्चा

देहरादून। राष्ट्रीय कैडेट कोर (एनसीसी) के महानिदेशक लेफ्टिनेंट जनरल वीरेन्द्र वत्स, YSM, SM, VSM ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर उत्तराखण्ड में राष्ट्रीय कैडेट कोर के विस्तार, सीमांत एवं दुर्गम क्षेत्रों तक एनसीसी की प्रभावी पहुंच सुनिश्चित करने तथा संगठन की आधुनिक एवं सुदृढ़ आधारभूत संरचना के विकास से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा हुई।

बैठक के दौरान महानिदेशक एनसीसी ने राज्य के अधिकाधिक युवाओं को एनसीसी से जोड़ने के उद्देश्य से सीमावर्ती एवं दूरस्थ क्षेत्रों में नई एनसीसी इकाइयों के गठन एवं विस्तार की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने राज्य में आधुनिक प्रशिक्षण अवसंरचना के विकास, प्रशिक्षण सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा प्रस्तावित एनसीसी अकादमी की स्थापना सहित विभिन्न भावी योजनाओं की रूपरेखा से मुख्यमंत्री को अवगत कराया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखण्ड सरकार युवाओं के सर्वांगीण विकास, राष्ट्रभक्ति, अनुशासन, नेतृत्व क्षमता तथा सेवा-भाव को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय कैडेट कोर युवाओं में राष्ट्रीय चरित्र, नेतृत्व क्षमता, आत्मविश्वास एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना विकसित करने वाला देश का एक प्रतिष्ठित संगठन है, जिसकी राष्ट्र निर्माण में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका है।

मुख्यमंत्री ने राज्य में एनसीसी के विस्तार तथा प्रस्तावित आधारभूत संरचना विकास से संबंधित सभी पहलों के लिए राज्य सरकार की ओर से पूर्ण सहयोग का आश्वासन देते हुए कहा कि इन परियोजनाओं के प्रभावी एवं समयबद्ध क्रियान्वयन के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इन प्रयासों से राज्य के युवाओं को व्यक्तित्व विकास, नेतृत्व प्रशिक्षण एवं राष्ट्र सेवा के अधिक अवसर उपलब्ध होंगे।


मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त एक आरोपी को पुलिस ने किया गिरफ्तार

अभियुक्त के कब्जे से 01 किलो 210 ग्राम अवैध गांजा हुआ बरामद

देहरादून। दून पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए डोईवाला क्षेत्र से एक युवक को 1 किलो 210 ग्राम अवैध गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायिक प्रक्रिया के लिए अदालत में पेश किया जा रहा है। पुलिस अब पूछताछ के आधार पर नशा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुट गई है।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर जिलेभर में मादक पदार्थों की तस्करी और बिक्री में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में कोतवाली डोईवाला की पुलिस टीम ने लच्छीवाला फ्लाईओवर के पास चेकिंग अभियान के दौरान एक संदिग्ध युवक को रोककर तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से 1 किलो 210 ग्राम अवैध गांजा बरामद हुआ।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान रोहित करमाली उर्फ मलिंगा (20 वर्ष) निवासी केशवपुरी बस्ती, थाना डोईवाला के रूप में हुई है। मूल रूप से वह झारखंड के हजारीबाग जिले का रहने वाला है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली डोईवाला में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/20 के तहत मामला दर्ज किया है।

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह स्वयं भी नशे का आदी है। उसने यह गांजा एक स्थानीय तस्कर से कम कीमत पर खरीदा था और उसे अन्य नशा करने वालों को अधिक दाम पर बेचकर मुनाफा कमाने की योजना बना रहा था। पूछताछ के दौरान आरोपी ने कुछ अन्य संदिग्ध नशा तस्करों के बारे में भी जानकारी दी है, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम लगातार दबिश दे रही है।

पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट और चोरी जैसे मामलों सहित कई आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस का कहना है कि जिले में नशा तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी इसी तरह जारी रहेगा और ऐसे अपराधों में शामिल लोगों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी।


कांवड़ मेले की सुरक्षा के लिए दून पुलिस अलर्ट, ऋषिकेश में बम निरोधक दस्ते का सघन चेकिंग अभियान

किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु मिलने अथवा किसी व्यक्ति के संदिग्ध प्रतीत होने पर तत्काल इसकी सूचना पुलिस कंट्रोल रूम अथवा निकटतम चौकी को देने हेतु आमजन को किया जागरूक

ऋषिकेश। कांवड़ मेले को शांतिपूर्ण और सुरक्षित ढंग से संपन्न कराने के लिए देहरादून पुलिस लगातार सतर्कता बरत रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर मेला क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करते हुए संदिग्ध व्यक्तियों और वस्तुओं की जांच के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में ऋषिकेश में बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) ने विभिन्न संवेदनशील स्थानों पर व्यापक चेकिंग अभियान चलाया।

पुलिस के अनुसार, बम डिस्पोजल स्क्वॉड की टीम ने त्रिवेणी घाट के आरती स्थल, नाव घाट, आस्था पथ, ऋषिकेश बस अड्डा, ट्रांजिट कैंप, रेलवे स्टेशन सहित आसपास की दुकानों और बसों की गहन जांच की। अभियान के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करते हुए हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी गई।

चेकिंग के साथ-साथ पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों, दुकानदारों और श्रद्धालुओं से संवाद कर उन्हें सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया। पुलिस ने अपील की कि यदि कहीं कोई संदिग्ध व्यक्ति या लावारिस वस्तु दिखाई दे तो उसकी सूचना तुरंत नजदीकी पुलिस चौकी या पुलिस कंट्रोल रूम को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।

दून पुलिस का कहना है कि कांवड़ मेले के दौरान श्रद्धालुओं की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए पूरे मेला क्षेत्र में लगातार निगरानी एवं सघन चेकिंग अभियान जारी रहेगा।


लाखो की धोखाधड़ी मामले में लिप्त एक अभियुक्त को दून पुलिस ने किया गिरफ्तार

एसएसपी दून की सख्ती भू- माफियाओं पर पड़ रही भारी

देहरादून। देहरादून में भूमि धोखाधड़ी के मामलों पर पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में सहसपुर पुलिस ने 65 लाख रुपये की कथित जमीन धोखाधड़ी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि आरोपियों ने फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन बेचने के नाम पर पीड़ित से लाखों रुपये की ठगी की और रकम वापस मांगने पर जान से मारने की धमकी भी दी।

पुलिस के अनुसार, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) देहरादून के निर्देश पर जिलेभर में भूमि धोखाधड़ी में शामिल आरोपियों के खिलाफ अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में हरबर्टपुर निवासी डॉ. शैलेन्द्र तिवारी ने सहसपुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में रजनीश सैनी, प्रियाशु सैनी, हर्षवर्धन, दीपक और अन्य पर आपराधिक साजिश के तहत फर्जी दस्तावेज तैयार कर जमीन का सौदा करने के नाम पर 65 लाख रुपये हड़पने का आरोप लगाया गया था।

प्रारंभिक जांच में शिकायत सही पाए जाने पर सहसपुर कोतवाली में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान जुटाए गए दस्तावेजी साक्ष्यों में आरोपी दीपक की संलिप्तता सामने आने पर पुलिस ने उसे धर्मावाला क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार आरोपी की पहचान दीपक (28 वर्ष), पुत्र मदन सिंह, निवासी वार्ड नंबर-4, आसनपुल फतेहपुर, थाना सहसपुर, देहरादून के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार सुद्धोवाला भेज दिया है।

इस कार्रवाई को चौकी प्रभारी धर्मावाला उपनिरीक्षक पंकज कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने अंजाम दिया। मामले की जांच जारी है और पुलिस अन्य आरोपियों की भूमिका की भी पड़ताल कर रही है।


झारखंड छात्र आंदोलन ने बढ़ाई सरकार की मुश्किलें, छात्रों ने किया विधानसभा घेराव का ऐलान

विपक्ष भी खुलकर आया समर्थन में

झारखंड।  झारखंड में छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है और अब यह राज्य की राजनीति का बड़ा मुद्दा बन गया है। आंदोलन में बढ़ती भागीदारी और सोशल मीडिया पर मिल रहे व्यापक समर्थन के बीच हेमंत सोरेन सरकार ने पहली बार प्रदर्शनकारी छात्रों से बातचीत की पहल की है। वहीं, भारतीय जनता पार्टी ने भी आंदोलन को समर्थन देकर राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया है। छात्रों ने 7 और 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की घोषणा की है, जिससे आने वाले दिनों में टकराव की स्थिति बनने की संभावना है।

बुधवार को आंदोलन स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र जुटे रहे। बाद में प्रशासनिक अधिकारियों की टीम मौके पर पहुंची और आंदोलनकारियों के सामने वार्ता का प्रस्ताव रखा। छात्रों ने कहा कि वे आपसी चर्चा के बाद इस प्रस्ताव पर अंतिम फैसला लेंगे।

भाजपा ने दिया आंदोलन को समर्थन

नेता प्रतिपक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री बाबूलाल मरांडी भाजपा प्रतिनिधिमंडल के साथ जयपाल सिंह मुंडा स्थल पहुंचे और आंदोलनरत छात्रों के समर्थन का ऐलान किया। भाजपा ने छात्रों की मांगों को जायज बताते हुए सरकार से जल्द समाधान निकालने की मांग की।

आंदोलन में दिखने लगी अंदरूनी खींचतान

छात्र आंदोलन के भीतर मतभेद भी सामने आने लगे हैं। आंदोलन के संयोजकों में शामिल रामअवतार महतो ने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने आंदोलन का राजनीतिकरण कर दिया है। उन्होंने कोचिंग संचालक कुणाल और उनके साथियों पर आंदोलन पर नियंत्रण करने, राजनीतिक फंडिंग लेने और क्राउड फंडिंग के जरिए बड़ी रकम जुटाने जैसे आरोप लगाए। हालांकि, कुणाल ने इन आरोपों को खारिज करते हुए रामअवतार पर ही आंदोलन को कमजोर करने का आरोप लगाया।

दूसरे राज्यों में भी छात्रों का विरोध जारी

झारखंड के साथ-साथ अन्य राज्यों में भी छात्र विभिन्न मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं।

पंजाब: पेपर लीक के विरोध में युवा कांग्रेस और एबीवीपी से जुड़े छात्रों ने विधानसभा मार्च निकालने की कोशिश की। पुलिस ने उन्हें रोकने के लिए पानी की बौछारें कीं और कुछ प्रदर्शनकारियों को हिरासत में भी लिया। प्रदर्शनकारी शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस के इस्तीफे की मांग कर रहे थे।

राजस्थान: जयपुर स्थित सरकारी आनंदीलाल पोद्दार सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मूक-बधिर छात्रों ने स्कूल में खराब बुनियादी सुविधाओं के विरोध में प्रदर्शन किया। छात्रों ने गंदे शौचालय, पेयजल की कमी और जर्जर भवन जैसी समस्याएं उठाईं। विरोध के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल के प्रिंसिपल को पद से हटा दिया और व्यवस्थाओं में सुधार के निर्देश दिए।


सोया चाप खाने से पहले जान लें फायदे और नुकसान, सेहत पर कैसा पड़ता है असर?

आज के समय में सोया चाप फास्ट फूड और रेस्टोरेंट मेन्यू का लोकप्रिय हिस्सा बन चुकी है। खासकर शाकाहारी लोगों के बीच इसे प्रोटीन से भरपूर विकल्प के रूप में पसंद किया जाता है। हालांकि, यह जितनी स्वादिष्ट होती है, उतना ही जरूरी है यह समझना कि इसे किस तरह तैयार किया गया है और कितनी मात्रा में खाया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि सीमित मात्रा में और सही तरीके से बनाई गई सोया चाप फायदेमंद हो सकती है, लेकिन अत्यधिक प्रोसेस्ड या ज्यादा तेल-मसालों वाली सोया चाप सेहत पर नकारात्मक असर भी डाल सकती है।

क्या होती है सोया चाप?

सोया चाप मुख्य रूप से सोयाबीन प्रोटीन से तैयार किया जाने वाला खाद्य पदार्थ है, जिसे अक्सर शाकाहारी लोगों के लिए मीट के विकल्प के रूप में इस्तेमाल किया जाता है। सही गुणवत्ता वाली सोया चाप में प्रति 100 ग्राम लगभग 12 से 15 ग्राम प्रोटीन हो सकता है, जो शरीर की प्रोटीन जरूरत पूरी करने में मदद करता है।

सोया चाप खाने के फायदे

प्रोटीन की अच्छी मात्रा
सोया चाप शरीर को आवश्यक प्रोटीन उपलब्ध कराती है, जो मांसपेशियों के विकास और ऊतकों की मरम्मत के लिए जरूरी माना जाता है।

लंबे समय तक पेट भरा रखने में मददगार
प्रोटीन युक्त भोजन जल्दी भूख नहीं लगने देता, जिससे अनावश्यक स्नैकिंग कम हो सकती है और वजन नियंत्रित रखने में मदद मिल सकती है।

फिटनेस पसंद लोगों के लिए उपयोगी
वर्कआउट करने वाले लोगों के लिए पर्याप्त प्रोटीन जरूरी होता है। संतुलित आहार के साथ सीमित मात्रा में सोया चाप इसका एक अच्छा विकल्प बन सकती है।

किन बातों का रखें ध्यान?

अधिक तेल और मसाले बढ़ा सकते हैं जोखिम
रेस्टोरेंट या स्ट्रीट फूड में मिलने वाली सोया चाप अक्सर अधिक तेल, क्रीम और मसालों के साथ बनाई जाती है, जिससे इसकी कैलोरी और फैट काफी बढ़ जाते हैं।

प्रोसेस्ड फूड होने के कारण सावधानी जरूरी
बाजार में उपलब्ध कई प्रकार की सोया चाप अत्यधिक प्रोसेस्ड होती हैं। इनमें स्वाद और बनावट बढ़ाने के लिए अतिरिक्त सामग्री मिलाई जाती है, जो नियमित सेवन के लिए उपयुक्त नहीं मानी जाती।

कुछ लोगों को हो सकती है एलर्जी
सोया से एलर्जी या संवेदनशीलता रखने वाले लोगों में इसका सेवन गैस, पेट फूलना या पाचन संबंधी समस्याएं पैदा कर सकता है।

हेल्दी तरीके से कैसे खाएं?
घर पर कम तेल और हल्के मसालों के साथ तैयार करें।
तली हुई या ज्यादा क्रीमी सोया चाप खाने से बचें।
इसे हरी सब्जियों, सलाद और संतुलित भोजन के साथ शामिल करें।
रोजाना या बहुत अधिक मात्रा में सेवन करने से बचें।
क्या इसे डाइट में शामिल करना चाहिए?

सोया चाप पूरी तरह से नुकसानदायक नहीं है। इसका असर इस बात पर निर्भर करता है कि इसे किस तरह तैयार किया गया है और कितनी मात्रा में खाया जा रहा है। यदि इसे सीमित मात्रा में, कम तेल और संतुलित आहार के साथ खाया जाए तो यह प्रोटीन का अच्छा स्रोत बन सकती है। हालांकि, बाजार में मिलने वाली अधिकांश सोया चाप में सोयाबीन के अलावा मैदा और व्हीट ग्लूटेन जैसी सामग्री भी मिलाई जाती है, इसलिए इसे नियमित भोजन का मुख्य हिस्सा बनाने से पहले गुणवत्ता पर ध्यान देना जरूरी है।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी और उपलब्ध मेडिकल रिपोर्ट्स के आधार पर तैयार किया गया है। किसी विशेष स्वास्थ्य समस्या, एलर्जी या डाइट संबंधी निर्णय के लिए डॉक्टर या योग्य न्यूट्रिशनिस्ट की सलाह अवश्य लें।

(साभार)


एलआईसी के ओएफएस को जबरदस्त रिस्पॉन्स, सरकार को मिले 31,552 करोड़ रुपये

दो दिन में पूरी हुई एलआईसी की शेयर बिक्री

नई दिल्ली। भारतीय जीवन बीमा निगम (एलआईसी) के ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) को निवेशकों का शानदार समर्थन मिला है। सरकार ने इस प्रक्रिया के तहत ग्रीन शू ऑप्शन का भी इस्तेमाल किया, जिससे दो दिनों के भीतर शेयर बिक्री सफलतापूर्वक पूरी हो गई। इस कदम के साथ एलआईसी में सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़कर 10 प्रतिशत हो गई, जो नियामकीय तय समयसीमा से पहले ही हासिल कर ली गई। इस ओएफएस के जरिए 82 करोड़ से अधिक शेयर आवंटित किए गए, जिससे सरकार को करीब 31,552 करोड़ रुपये प्राप्त हुए।

क्या होता है ओएफएस?

ऑफर फॉर सेल (ओएफएस) एक ऐसी प्रक्रिया है, जिसके जरिए किसी सूचीबद्ध कंपनी के मौजूदा बड़े शेयरधारक स्टॉक एक्सचेंज के माध्यम से अपनी हिस्सेदारी का कुछ हिस्सा बेच सकते हैं। एलआईसी के मामले में यह बिक्री भारत सरकार द्वारा की गई है। इसमें कंपनी ने कोई नए शेयर जारी नहीं किए हैं, इसलिए इस सौदे से मिलने वाली पूरी राशि सरकार के खाते में जाएगी, जबकि एलआईसी की शेयर पूंजी में कोई बदलाव नहीं होगा।

सार्वजनिक हिस्सेदारी बढ़ाने का उद्देश्य

इससे पहले एलआईसी में सरकार की हिस्सेदारी 96.5 प्रतिशत थी और आम निवेशकों के पास केवल 3.5 प्रतिशत शेयर थे। ओएफएस के जरिए सरकार ने अपनी हिस्सेदारी घटाकर सार्वजनिक निवेशकों की भागीदारी बढ़ाई है। भारतीय प्रतिभूति एवं विनिमय बोर्ड (सेबी) ने एलआईसी को 16 मई 2027 तक कम से कम 10 प्रतिशत सार्वजनिक शेयरहोल्डिंग सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया था, जिसे कंपनी ने तय समय से पहले ही पूरा कर लिया।

शेयर कीमतों पर क्यों पड़ा असर?

सरकार ने ओएफएस के लिए 382 रुपये प्रति शेयर का फ्लोर प्राइस तय किया, जो घोषणा से पहले एलआईसी के बंद भाव 428.50 रुपये से लगभग 10.9 प्रतिशत कम था। कम कीमत पर शेयर उपलब्ध होने की वजह से निवेशकों का रुझान ओएफएस की ओर बढ़ा और खुले बाजार में खरीदारी धीमी पड़ गई। इसके अलावा, बाजार में शेयरों की उपलब्धता बढ़ने से कीमतों पर भी अल्पकालिक दबाव देखने को मिला।

वित्तीय प्रदर्शन रहा मजबूत

एलआईसी ने वित्त वर्ष 2025-26 में अपने परिचालन प्रदर्शन में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है। कंपनी के नए व्यवसाय का मूल्य (वीएनबी) 41.6 प्रतिशत बढ़कर 14,179 करोड़ रुपये पहुंच गया, जबकि वीएनबी मार्जिन 17.6 प्रतिशत से बढ़कर 21.2 प्रतिशत हो गया। वहीं कंपनी का शुद्ध लाभ 19.3 प्रतिशत की वृद्धि के साथ 57,419 करोड़ रुपये रहा, जो उसके मजबूत वित्तीय प्रदर्शन का संकेत है।

 


कांवड़ मेले में गांजा सप्लाई करने की साजिश नाकाम; एएनटीएफ और पुलिस ने दो सगे भाइयों को किया गिरफ्तार

हरिद्वार: कांवड़ मेले के दौरान नशीले पदार्थों की तस्करी पर नकेल कसते हुए नगर कोतवाली पुलिस और एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की संयुक्त टीम ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने चेकिंग के दौरान दो सगे भाइयों को 9.8 किलोग्राम अवैध गांजे के साथ धर दबोचा। आरोपी इस खेप को कांवड़ मेले में श्रद्धालुओं और अन्य लोगों को खपाने की योजना बना रहे थे।

पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात पुलिस और एएनटीएफ की टीम सरकारी बस वर्कशॉप के पास, रेलवे कॉलोनी की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर गश्त और चेकिंग कर रही थी। उसी समय टिबड़ी फाटक की ओर से मोटरसाइकिल पर दो संदिग्ध युवक आते दिखाई दिए। पुलिस टीम को देखकर दोनों ने बाइक मोड़कर भागने का प्रयास किया, लेकिन मुस्तैद जवानों ने घेराबंदी कर उन्हें रोक लिया।

पूछताछ में आरोपियों की पहचान ज्वालापुर की शांति विहार कॉलोनी निवासी रोहित सैनी और उसके भाई मोहित सैनी के रूप में हुई। सीओ सिटी शिशुपाल सिंह नेगी ने बताया कि तलाशी लेने पर रोहित के बैग से 5.160 किलोग्राम और मोहित के थैले से 4.640 किलोग्राम गांजा (कुल 9.8 किग्रा) बरामद हुआ।

आरोपियों ने कुबूला कि उन्होंने यह गांजा एक दिन पहले मुजफ्फरनगर के बुढ़ाना निवासी सोयब अंसारी से बहादराबाद टोल प्लाजा के पास खरीदा था और वे इसे कांवड़ मेले के दौरान ऊंचे दामों में बेचने की तैयारी में थे। पुलिस ने दोनों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है और बुधवार को न्यायालय में पेश करने के बाद उन्हें जेल भेज दिया गया।


रियलिटी शो ‘लॉकअप: सच या सजा’ सीजन 2 की विनर बनीं श्रेया कालरा

ट्रॉफी के साथ जीते 1 करोड़ रुपये

रियलिटी शो ‘लॉकअप: सच या सजा’ सीजन 2 का सफर अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंच गया है। लंबे इंतजार के बाद शो को नया विजेता मिल गया है। ग्रैंड फिनाले में कड़ी टक्कर के बाद श्रेया कालरा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ट्रॉफी अपने नाम कर ली, जबकि शिवांगी जोशी रनर-अप रहीं।

काफी समय से चर्चा में रहे रियलिटी शो ‘लॉकअप: सच या सजा’ सीजन 2 के ग्रैंड फिनाले में दर्शकों को रोमांच से भरपूर मुकाबला देखने को मिला। फाइनल में श्रेया कालरा और शिवांगी जोशी के बीच कड़ी टक्कर रही, लेकिन आखिरकार होस्ट रितेश देशमुख ने श्रेया कालरा को इस सीजन का विजेता घोषित किया। फिनाले एपिसोड के प्रसारित होते ही सोशल मीडिया पर विजेता से जुड़े वीडियो और क्लिप्स तेजी से वायरल होने लगे।

विजेता बनने के साथ ही श्रेया कालरा को शो की ट्रॉफी के अलावा एक करोड़ रुपये की इनामी राशि भी दी गई। पूरे सीजन में उन्होंने अपने खेल, रणनीति और प्रदर्शन से दर्शकों का ध्यान आकर्षित किया। रिपोर्ट्स के अनुसार, श्रेया ने बेहद करीबी मुकाबले में शिवांगी जोशी को महज सात वोटों के अंतर से हराया।

इस सीजन के टॉप-5 फाइनलिस्ट में राम कपूर, शिवांगी जोशी, श्रेया कालरा, योगेश रावत और आकांक्षा चमोला शामिल थे। पूरे सीजन में कंटेस्टेंट्स के बीच जबरदस्त टास्क, रणनीति, विवाद और ट्विस्ट देखने को मिले, जिसने दर्शकों का भरपूर मनोरंजन किया। ग्रैंड फिनाले के साथ ही शो के दूसरे सीजन का समापन हो गया।

(साभार)


वैश्विक संस्कृत अनुसंधान में भारत-नेपाल पहल का उत्तराखंड ने किया नेतृत्व

देहरादून/नई दिल्ली। प्रदेश के संस्कृत शिक्षा सचिव दीपक कुमार ने नई दिल्ली स्थित नेपाल दूतावास में नेपाल के कार्यवाहक राजदूत महामहिम डॉ. सुरेन्द्र थापा से शिष्टाचार भेंट की। इस दौरान संस्कृत के बढ़ते वैश्विक महत्व को रेखांकित करते हुए भारत और नेपाल के मध्य गहन शैक्षणिक सहयोग की आवश्यकता पर बल दिया गया, ताकि संस्कृत के क्षेत्र में अनुसंधान, विद्वत्ता तथा शैक्षिक अवसरों को नई गति प्रदान की जा सके।

सचिव, संस्कृत शिक्षा ने बताया कि इस दौरान नेपाल के कार्यवाहक राजदूत डॉ. सुरेन्द्र थापा ने संस्कृत के संवर्धन हेतु किए जा रहे प्रयासों की सराहना करते हुए नेपाल की संस्कृत विद्वत्ता और साहित्यिक परंपरा अत्यंत समृद्ध रही है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि दोनों देशों के मध्य शैक्षणिक सहयोग शिक्षण पद्धतियों के आदान-प्रदान तथा भारतीय संस्कृत विद्वानों के सतत मार्गदर्शन से नेपाल में संस्कृत शिक्षा एवं अनुसंधान को नई गति मिलेगी तथा इसे वैश्विक स्तर पर और अधिक प्रतिष्ठा प्राप्त होगी।

भेंट के दौरान सचिव दीपक कुमार ने नेपाल के राजदूत को अवगत कराया कि उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेनि) गुरमीत सिंह सदैव इस बात पर विश्वास रखते हैं कि संस्कृत सीखना अत्यंत सरल है। उन्होंने युवाओं के बीच संस्कृत एवं कृत्रिम बुद्धिमत्ता के समन्वय के महत्व पर भी विशेष बल दिया है, जिससे संस्कृत के शुद्ध उच्चारण को सभी के लिए सहज बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि उत्तराखंड संस्कृत को वैश्विक स्तर पर लोकप्रिय बनाने में अग्रणी भूमिका निभाए।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, संस्कृत साहित्य के संरक्षण एवं संवर्धन के प्रति सदैव समर्पित रहे हैं। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य के सभी 13 जनपदों में 13 संस्कृत ग्रामों की स्थापना की गई है। 28 अगस्त 2026 को संस्कृत दिवस के अवसर पर संस्कृत ग्राम, उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय, उत्तराखंड संस्कृत संस्थानम् तथा राज्यभर के विभिन्न गुरुकुल संगोष्ठियों, व्याख्यानों, सांस्कृतिक कार्यक्रमों, कार्यशालाओं एवं जन-जागरूकता अभियानों के माध्यम से आधुनिक समाज में संस्कृत की शाश्वत प्रासंगिकता का व्यापक प्रचार-प्रसार करेंगे।

नेपाल द्वारा जून 2025 में आयोजित 19 वें विश्व संस्कृत सम्मेलन में विश्वभर के प्रतिष्ठित संस्कृत विद्वानों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं एवं संस्कृत प्रेमियों ने सहभागिता की। इस सम्मेलन ने, संस्कृत अध्ययन के क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को नई दिशा और नई ऊर्जा प्रदान की। दीपक कुमार ने कहा कि उत्तराखंड संस्कृत विश्वविद्यालय एवं नेपाल संस्कृत विश्वविद्यालय के मध्य होने वाला समझौता ज्ञापन शैक्षणिक आदान-प्रदान, संयुक्त अनुसंधान, शिक्षक एवं छात्र सहयोग तथा संस्कृत अध्ययन के संवर्धन के लिए नए अवसर प्रदान करेगा। उन्होंने कहा कि भारत और नेपाल का संबंध संस्कृत, सनातन परंपराओं, दर्शन, साहित्य तथा समृद्ध सांस्कृतिक विरासत पर आधारित एक अद्वितीय सभ्यतागत संबंध है। सदियों से संस्कृत दोनों देशों के लोगों को एक साझा बौद्धिक एवं आध्यात्मिक आधार प्रदान करती रही है।

इस अवसर पर दिल्ली विश्वविद्यालय के हिन्दू कॉलेज के संस्कृत विभाग के सहायक आचार्य एवं वरिष्ठ संस्कृत पत्रकार डॉ. सुनील जोशी भी उपस्थित रहे। बैठक में दोनों देशों के युवा शोधार्थियों एवं विद्वानों को संयुक्त शोध परियोजनाओं, शैक्षणिक आदान-प्रदान तथा संयुक्त प्रकाशनों के लिए प्रोत्साहित करने पर भी विस्तार से चर्चा हुई. जिससे भारत-नेपाल के सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक संबंधों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जा सके।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp