Monday, August 31st, 2026

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दीप्ति शर्मा ने रचा इतिहास, टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बनीं

Monthly Archives: August 2026

दीप्ति शर्मा ने रचा इतिहास, टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बनीं

नई दिल्ली। महिला एशिया कप 2026 में भारतीय टीम ने जीत के साथ अपने अभियान का आगाज किया। दुबई इंटरनेशनल क्रिकेट स्टेडियम में खेले गए मुकाबले में भारत ने थाईलैंड को 94 रनों से हराकर टूर्नामेंट में शानदार शुरुआत की। भारत की जीत की सबसे बड़ी नायिका गेंदबाज दीप्ति शर्मा रहीं, जिन्होंने महज 7 गेंदों में बिना कोई रन दिए तीन विकेट हासिल किए और इसी के साथ टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में एक बड़ा रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया।

टी20 इंटरनेशनल में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बनीं दीप्ति

दीप्ति शर्मा ने थाईलैंड के खिलाफ घातक गेंदबाजी करते हुए 1.1 ओवर में बिना रन दिए तीन विकेट झटके। इस प्रदर्शन के साथ ही वह महिला टी20 इंटरनेशनल क्रिकेट में सबसे ज्यादा विकेट लेने वाली गेंदबाज बन गईं। दीप्ति के नाम अब इस फॉर्मेट में 171 विकेट हो गए हैं।

उन्होंने थाईलैंड की थिपाचा पुथावोंग को पीछे छोड़ा, जिन्होंने टी20 इंटरनेशनल में 170 विकेट लिए हैं। 164 विकेट के साथ रवांडा की हेनरीट इशिम्वे इस सूची में तीसरे स्थान पर हैं।

बिना रन दिए तीन विकेट लेकर बनाया भारतीय रिकॉर्ड

दीप्ति शर्मा ने अपनी शानदार गेंदबाजी के दम पर एक और उपलब्धि हासिल की। वह टी20 इंटरनेशनल में तीन या उससे अधिक विकेट लेने के दौरान भारत की ओर से सबसे किफायती स्पेल डालने वाली गेंदबाज बन गई हैं। इससे पहले यह रिकॉर्ड रेणुका सिंह के नाम था, जिन्होंने 2022 में पांच रन देकर तीन विकेट हासिल किए थे।

शेफाली के अर्धशतक से भारत ने बनाया 159 रन

मुकाबले में पहले बल्लेबाजी करने उतरी भारतीय टीम ने शुरुआती दौर में अच्छी बल्लेबाजी की, लेकिन बाद के ओवरों में विकेट लगातार गिरते रहे। भारत ने 20 ओवर में नौ विकेट खोकर 159 रन बनाए। शेफाली वर्मा ने शानदार बल्लेबाजी करते हुए 64 रन की पारी खेली। प्रतिका रावल ने 22 और स्मृति मंधाना ने 19 रन बनाए। मंधाना रन आउट होकर पवेलियन लौटीं।

कप्तान हरमनप्रीत कौर 5 रन और भारती फुलमाली 13 रन ही बना सकीं, जबकि ऋचा घोष खाता भी नहीं खोल पाईं। दीप्ति शर्मा ने बल्ले से पांच रन का योगदान दिया।

65 रन पर ढेर हुई थाईलैंड की टीम

160 रनों के लक्ष्य का पीछा करने उतरी थाईलैंड की टीम भारतीय गेंदबाजों के सामने टिक नहीं सकी और पूरी टीम 65 रन पर ऑलआउट हो गई। दीप्ति शर्मा के अलावा नंदनी शर्मा ने भी शानदार गेंदबाजी करते हुए 18 रन देकर तीन विकेट झटके। श्री चरणी को दो विकेट मिले।

इस तरह भारतीय टीम ने गेंद और बल्ले दोनों विभागों में दमदार प्रदर्शन करते हुए मुकाबला 94 रनों से अपने नाम किया और महिला एशिया कप में जीत के साथ अभियान शुरू किया।


एकलव्य विद्यालयों के छात्रों ने किया राष्ट्रपति भवन का भ्रमण, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से की मुलाकात

देहरादून/नई दिल्ली। जनपद देहरादून के एकलव्य आदर्श आवासीय विद्यालय चकराता, मेहरावना और कालसी के छात्र-छात्राओं के लिए नई दिल्ली का तीन दिवसीय शैक्षणिक भ्रमण यादगार बन गया। 28 से 30 अगस्त 2026 तक आयोजित इस यात्रा में प्रत्येक विद्यालय से पांच-पांच विद्यार्थियों ने हिस्सा लिया।

भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों को राष्ट्रपति भवन पहुंचने और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु से मुलाकात करने का अवसर मिला। राष्ट्रपति से हुई आत्मीय बातचीत ने विद्यार्थियों के अनुभव को और खास बना दिया। इस मुलाकात से छात्रों में आत्मविश्वास बढ़ने के साथ देशसेवा और राष्ट्र के प्रति समर्पण की भावना को भी मजबूती मिली।

शैक्षणिक यात्रा के दौरान विद्यार्थियों ने नई दिल्ली के विभिन्न ऐतिहासिक, शैक्षणिक और ज्ञानवर्धक स्थलों का भी भ्रमण किया। इससे उन्हें पाठ्यपुस्तकों से इतर प्रत्यक्ष अनुभव के जरिए देश के इतिहास, संस्कृति, लोकतांत्रिक व्यवस्था और राष्ट्रीय विरासत को करीब से समझने का अवसर मिला।

जिला जनजाति कल्याण अधिकारी, देहरादून ने बताया कि इस तरह के शैक्षणिक भ्रमण विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, व्यक्तित्व निर्माण और राष्ट्रीय चेतना के विस्तार में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति भवन का भ्रमण और राष्ट्रपति से मुलाकात विद्यार्थियों के लिए गौरवपूर्ण अनुभव होने के साथ उनके भविष्य के लिए प्रेरणा का महत्वपूर्ण माध्यम भी बनेगी।


शौर्य स्थल पर मेजर सोमनाथ शर्मा की प्रतिमा लगाने की मांग, पूर्व सैनिकों ने मंत्री गणेश जोशी को सौंपा ज्ञापन

देहरादून। कुमाऊं रेजिमेंट की 4 कुमाऊं बटालियन के पूर्व सैनिक संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी से मुलाकात की। इस दौरान प्रतिनिधिमंडल ने ज्ञापन सौंपकर देहरादून के चीड़बाग स्थित शौर्य स्थल पर भारतीय सेना के प्रथम परमवीर चक्र विजेता शहीद मेजर सोमनाथ शर्मा की प्रतिमा स्थापित करने की मांग की।

पूर्व सैनिकों ने कहा कि मेजर सोमनाथ शर्मा 4 कुमाऊं के वीर सपूत थे और उन्होंने वर्ष 1947 में कश्मीर के बड़गाम में देश की रक्षा करते हुए अदम्य साहस और वीरता का परिचय दिया था। दुश्मनों से मुकाबला करते हुए उन्होंने सर्वोच्च बलिदान दिया। उनके अद्वितीय शौर्य और बलिदान के लिए उन्हें मरणोपरांत देश के प्रथम परमवीर चक्र से सम्मानित किया गया।

संगठन का कहना है कि शौर्य स्थल पर मेजर सोमनाथ शर्मा की प्रतिमा स्थापित होने से उनके बलिदान और वीरता को स्थायी सम्मान मिलेगा। साथ ही यह प्रतिमा युवाओं और आने वाली पीढ़ियों के लिए देशभक्ति, राष्ट्रसेवा और सैन्य परंपराओं की प्रेरणा का केंद्र बनेगी।

ज्ञापन में मांग की गई कि प्रतिमा स्थापना का कार्यक्रम 3 नवंबर को किया जाए, ताकि यह मेजर सोमनाथ शर्मा को परमवीर चक्र से सम्मानित किए जाने की स्मृति से भी जुड़ सके। पूर्व सैनिकों ने कहा कि 4 कुमाऊं की पलटन, नैनी, कुमाऊं रेजिमेंट के गौरवशाली परिवारों और देहरादूनवासियों के सहयोग से प्रतिमा स्थापना कार्यक्रम को भव्य रूप दिया जा सकता है।

सैनिक कल्याण मंत्री गणेश जोशी ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि मेजर सोमनाथ शर्मा के शौर्य और सर्वोच्च बलिदान को सम्मान देने से जुड़े इस प्रस्ताव पर उचित स्तर पर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि देश के वीर सैनिकों की शौर्यगाथाएं युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं और उनके सम्मान के लिए हरसंभव प्रयास किए जाएंगे।

इस अवसर पर पूर्व सैनिक सूबेदार महिपाल सिंह देवपा, सुरेश राठौर, हरिपाल सिंह कार्की, गोविंद सिंह खरकवाल सहित अन्य प्रतिनिधि मौजूद रहे।


झांसी में बुजुर्ग दंपती के शव घर में मिले, 4-5 दिन पुरानी बताई जा रही मौत

झांसी। सीपरी बाजार क्षेत्र के गोविंदपुरी में शनिवार शाम बुजुर्ग दंपती के शव उनके घर के अंदर मिलने से सनसनी फैल गई। 70 वर्षीय विश्वनाथ और उनकी 65 वर्षीय पत्नी भुवन देवी के शव एक कमरे में पड़े मिले। प्रारंभिक जांच में दोनों की मौत करीब चार से पांच दिन पहले होने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, उनकी मौत की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है।

बताया गया कि विश्वनाथ और भुवन देवी गोविंदपुरी स्थित अपने मकान में रहते थे। उनका बेटा जगपाल अपनी पत्नी और बच्चों के साथ मसीहगंज स्थित दूसरे मकान में रहता है। जगपाल के मुताबिक, वह 25 अगस्त या उससे पहले माता-पिता से मिलने आया था। उस समय दोनों स्वस्थ थे। उनके घर में निर्माण कार्य भी चल रहा था।

शनिवार शाम जगपाल दोबारा माता-पिता से मिलने पहुंचा तो घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी देर तक आवाज लगाने और दरवाजा खटखटाने के बावजूद अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। अनहोनी की आशंका में जगपाल दरवाजे के ऊपर बने रोशनदान के रास्ते घर के अंदर दाखिल हुआ। वहां कमरे में माता-पिता के शव देखकर वह स्तब्ध रह गया। इसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी।

सूचना मिलते ही सीपरी बाजार थाना प्रभारी जेपी चौबे पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सीओ सिटी रामवीर सिंह और एसपी सिटी प्रीति सिंह ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया। मोबाइल फॉरेंसिक टीम ने मौके से वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए, जबकि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया।

पुलिस अब 25 अगस्त से शनिवार के बीच हुई घटनाओं की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। घर के एक हिस्से में रहने वाला किरायेदार भी मौके पर नहीं मिला। उसका मोबाइल फोन बंद बताया जा रहा है, जिसके बाद पुलिस उसकी तलाश कर रही है। हालांकि, फिलहाल उसकी भूमिका को लेकर पुलिस ने कोई निष्कर्ष नहीं निकाला है।

इसके अलावा निर्माण कार्य में लगे मजदूरों और आसपास रहने वाले लोगों से भी पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, पोस्टमार्टम और फॉरेंसिक जांच की रिपोर्ट आने के बाद ही बुजुर्ग दंपती की मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।


मालागूंठी में दो वाहनों की जोरदार टक्कर, कार में फंसे चार लोगों को SDRF ने निकाला सुरक्षित बाहर

ऋषिकेश। मालागूंठी क्षेत्र में एक भारी वाहन और स्विफ्ट कार के बीच जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में स्विफ्ट कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें सवार चार लोग वाहन के अंदर फंस गए। सूचना मिलते ही SDRF की टीम ने मौके पर पहुंचकर सभी घायलों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।

जानकारी के अनुसार, चौकी ब्यासी को मालागूंठी क्षेत्र में सड़क दुर्घटना की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही मुख्य आरक्षी मोहन सिंह के नेतृत्व में SDRF की रेस्क्यू टीम तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना हुई। मौके पर पहुंचने पर टीम को पता चला कि भारी वाहन और स्विफ्ट कार संख्या UK12F5035 के बीच टक्कर हुई है।

टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि कार का अगला हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया था। कार में सवार तीन महिलाएं और एक पुरुष अंदर फंस गए थे। SDRF जवानों ने स्थानीय पुलिस के साथ समन्वय करते हुए रेस्क्यू अभियान शुरू किया।

रेस्क्यू टीम ने आवश्यक उपकरणों और तकनीकी दक्षता का इस्तेमाल करते हुए कड़ी मशक्कत के बाद कार में फंसे चारों लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला। हादसे में घायल सभी लोगों को तत्काल एंबुलेंस की मदद से अस्पताल भेजा गया, जहां उनका उपचार कराया जा रहा है।

SDRF और स्थानीय पुलिस की त्वरित कार्रवाई से दुर्घटना में फंसे लोगों को समय रहते बाहर निकाला जा सका और उन्हें आवश्यक चिकित्सा सहायता उपलब्ध कराई गई।


अलीगढ़ के कृष्णा रिसोर्ट में पुलिस की छापेमारी, देह व्यापार के आरोप में 9 गिरफ्तार

अलीगढ़। आगरा रोड स्थित कृष्णा रिसोर्ट में रविवार देर रात पुलिस ने छापेमारी कर कथित देह व्यापार का भंडाफोड़ किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने रिसोर्ट संचालक समेत चार पुरुषों और पांच युवतियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार युवतियां आगरा की रहने वाली हैं।

सीओ कमलेश कुमार ने बताया कि पकड़े गए आरोपितों में रिसोर्ट संचालक विशाल वार्ष्णेय भी शामिल है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि रिसोर्ट में कथित रूप से देह व्यापार के लिए युवतियों को आगरा से बुलाया जाता था।

छापेमारी के दौरान पुलिस को रिसोर्ट से शराब की बोतलों के साथ कुछ आपत्तिजनक सामान भी मिला, जिसे जांच के लिए कब्जे में लिया गया है। पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ देह व्यापार से संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि रिसोर्ट में यह गतिविधि कितने समय से चल रही थी और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले की जांच के आधार पर आगे और कार्रवाई की जा सकती है।


सिर्फ माउथ फ्रेशनर नहीं है सौंफ, पाचन से लेकर वजन तक में हो सकती है मददगार

भारतीय खानपान में सौंफ का इस्तेमाल सदियों से होता आया है। आमतौर पर इसे खाना खाने के बाद माउथ फ्रेशनर के तौर पर खाया जाता है, लेकिन इसकी पहचान केवल स्वाद और खुशबू तक सीमित नहीं है। सौंफ में मौजूद फाइबर, एंटीऑक्सीडेंट और कई प्राकृतिक पौधीय यौगिक इसे सेहत के लिहाज से भी उपयोगी बनाते हैं।

सौंफ का इस्तेमाल खासतौर पर पाचन से जुड़ी छोटी-मोटी परेशानियों के लिए पारंपरिक रूप से किया जाता रहा है। कई लोग इसे चबाकर खाते हैं तो कुछ लोग सौंफ की चाय या पानी का सेवन करते हैं। हालांकि, यह समझना जरूरी है कि सौंफ किसी बीमारी का इलाज नहीं है, बल्कि संतुलित डाइट का एक हिस्सा हो सकती है।

पाचन तंत्र के लिए मददगार हो सकती है सौंफ

खाने के बाद सौंफ खाने की परंपरा के पीछे पाचन से जुड़ी वजह भी मानी जाती है। सौंफ में मौजूद कुछ प्राकृतिक यौगिक पाचन तंत्र की मांसपेशियों पर असर डाल सकते हैं, जिससे पेट में होने वाली हल्की ऐंठन और असहजता में राहत मिल सकती है।

गैस, पेट फूलने या भोजन के बाद भारीपन जैसी सामान्य परेशानियों में लोग पारंपरिक रूप से सौंफ का सेवन करते हैं। इसमें मौजूद फाइबर भी सामान्य पाचन प्रक्रिया के लिए उपयोगी होता है।

हालांकि, अगर कब्ज लंबे समय तक बनी रहती है, बार-बार तेज एसिडिटी होती है या पेट में लगातार दर्द रहता है, तो केवल सौंफ पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से सलाह लेना जरूरी है।

क्या वजन घटाने में भी मदद करती है?

वजन कम करने के लिए सौंफ का इस्तेमाल काफी लोकप्रिय है। सोशल मीडिया और घरेलू नुस्खों में सौंफ के पानी को वजन घटाने से जोड़कर देखा जाता है। हालांकि, सौंफ सीधे तौर पर शरीर की चर्बी कम करती है या मेटाबॉलिज्म को तेजी से बढ़ाती है, इसके पर्याप्त प्रमाण नहीं हैं।

हां, सौंफ में फाइबर मौजूद होता है और फाइबर युक्त चीजें कुछ समय तक पेट भरा हुआ महसूस कराने में मदद कर सकती हैं। इससे खाने की कुल मात्रा और कैलोरी सेवन को नियंत्रित करने में सहायता मिल सकती है।

वास्तविक वजन घटाने के लिए संतुलित भोजन, कैलोरी नियंत्रण, नियमित शारीरिक गतिविधि और पर्याप्त नींद ज्यादा महत्वपूर्ण हैं।

ब्लड शुगर को लेकर क्या कहते हैं शोध?

सौंफ में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट और अन्य पौधीय यौगिकों को लेकर वैज्ञानिक स्तर पर अध्ययन किए गए हैं। कुछ शुरुआती शोधों में ब्लड शुगर और ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से जुड़े संभावित प्रभावों पर चर्चा की गई है।

लेकिन इसका मतलब यह नहीं है कि सौंफ डायबिटीज की दवा का विकल्प है या इसके सेवन से ब्लड शुगर नियंत्रित हो जाएगा। डायबिटीज से पीड़ित लोगों को अपनी दवाएं डॉक्टर की सलाह के अनुसार ही लेनी चाहिए और खानपान में किसी भी बड़े बदलाव से पहले विशेषज्ञ की राय लेना बेहतर है।

आंखों की सेहत के लिए भी उपयोगी?

सौंफ में कई एंटीऑक्सीडेंट और पौधों से मिलने वाले यौगिक पाए जाते हैं। इनमें कुछ ऐसे कैरोटेनॉयड्स भी शामिल हैं, जो आंखों के स्वास्थ्य से जुड़े माने जाते हैं।

हालांकि, यह दावा करना सही नहीं होगा कि सौंफ खाने से आंखों की रोशनी बढ़ती है या मोतियाबिंद जैसी बीमारी रुक जाती है। आंखों को स्वस्थ रखने के लिए विटामिन और मिनरल से भरपूर संतुलित आहार, नियमित आंखों की जांच और जीवनशैली से जुड़े अन्य उपाय अधिक महत्वपूर्ण हैं।

कैसे करें सौंफ का सेवन?

सौंफ को सीमित मात्रा में भोजन के बाद चबाकर खाया जा सकता है। कुछ लोग इसे पानी में भिगोकर या हल्की हर्बल ड्रिंक के रूप में भी लेते हैं। हालांकि, किसी भी खाद्य पदार्थ को जरूरत से ज्यादा मात्रा में लेने से बचना चाहिए।

अगर आप गर्भवती हैं, किसी बीमारी की दवा ले रहे हैं या सौंफ का नियमित रूप से अधिक मात्रा में सेवन करना चाहते हैं, तो डॉक्टर या डाइटिशियन से सलाह लेना बेहतर रहेगा।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। सौंफ को किसी बीमारी के इलाज या डॉक्टर द्वारा दी गई दवा के विकल्प के रूप में नहीं लेना चाहिए।

(साभार)


व्यापारी और उद्योग प्रदेश की अर्थव्यवस्था की रीढ़, सरकार उनके हितों के प्रति संवेदनशील- मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में व्यापारियों एवं उद्योग प्रतिनिधियों के साथ किया संवाद

हल्द्वानी। राष्ट्रीय खेल दिवस कार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने हल्द्वानी में कुमाऊं मंडल के व्यापारियों और उद्योग जगत के प्रतिनिधियों के साथ संवाद किया। आईटीसी फॉर्च्यून में आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने व्यापारियों की समस्याएं और सुझाव सुने तथा उनके समाधान के लिए सरकार की ओर से हरसंभव सहयोग का भरोसा दिलाया।

बैठक में व्यापारियों ने जीएसटी प्रक्रियाओं को आसान बनाने, मंडी शुल्क, अतिक्रमण और पार्किंग की समस्या, लीज नवीनीकरण, औद्योगिक क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार, स्थानीय उत्पादों को बाजार उपलब्ध कराने और युवा उद्यमियों को प्रोत्साहन देने जैसे मुद्दे उठाए।

व्यापारियों से बोले सीएम धामी- ‘आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है’

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि व्यापारी और उद्योग जगत प्रदेश की अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम भूमिका निभाते हैं। छोटे दुकानदार से लेकर बड़े उद्यमी तक रोजगार सृजन के साथ उत्पादन और उपभोक्ताओं के बीच महत्वपूर्ण कड़ी का काम करते हैं। सरकार व्यापारियों और उद्यमियों के लिए सुरक्षित, पारदर्शी और सरल कारोबारी माहौल तैयार करने की दिशा में लगातार काम कर रही है।

उन्होंने कोरोना महामारी के दौरान किराना और रिटेल कारोबारियों की भूमिका का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि कठिन परिस्थितियों में व्यापारियों ने अपनी सुरक्षा की चिंता किए बिना लोगों तक आवश्यक वस्तुएं पहुंचाईं। उन्होंने व्यापारियों को ‘ब्रांड इंडिया’ का सच्चा राजदूत बताया।

206 से अधिक सेवाएं सिंगल विंडो पोर्टल पर

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य में ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। निवेशकों की समस्याओं के त्वरित समाधान के लिए ‘निवेश मित्र’ व्यवस्था लागू की गई है और सिंगल विंडो सिस्टम को मजबूत किया गया है। वर्तमान में 26 प्रमुख विभागों की 206 से अधिक सेवाएं ऑनलाइन उपलब्ध हैं।

उन्होंने बताया कि इन्वेस्टर्स समिट के दौरान उद्योग और व्यापार जगत से मिले सुझावों को ध्यान में रखते हुए राज्य में 30 से अधिक नीतियां तैयार की गई हैं। सरकार का उद्देश्य उद्योगों के लिए बाधा बनने के बजाय उन्हें सहयोग और सुविधाएं उपलब्ध कराना है।

29 हजार से अधिक नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित

मुख्यमंत्री के मुताबिक, पिछले कुछ वर्षों में उत्तराखंड में 29 हजार से ज्यादा नई एमएसएमई इकाइयां स्थापित हुई हैं। इन इकाइयों से करीब 1.27 लाख युवाओं को प्रत्यक्ष रोजगार मिला है। उन्होंने कहा कि उद्योगों का विस्तार होगा तो रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और इससे प्रदेश की अर्थव्यवस्था मजबूत होगी।

युवाओं को रोजगार तलाशने के बजाय रोजगार देने वाला बनाने के उद्देश्य से उत्तराखंड स्टार्टअप नीति लागू की गई है। इसके साथ ही 200 करोड़ रुपये का वेंचर फंड स्थापित किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि पर्वतीय क्षेत्रों के युवा अपने गांव में रहकर भी देश-दुनिया के बाजार के लिए कारोबार खड़ा कर सकें।

पहाड़ों में भी बढ़ेगी औद्योगिक गतिविधि

मुख्यमंत्री ने कहा कि औद्योगिक विकास को केवल मैदानी क्षेत्रों तक सीमित नहीं रखा जाएगा। चमोली, पौड़ी और अल्मोड़ा में छोटे उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए विशेष औद्योगिक पार्कों के लिए भूमि चिन्हित की गई है। वहीं, छोटे उद्यमियों को आधुनिक सुविधाएं देने के लिए हरिद्वार में फ्लैटेड फैक्ट्री विकसित की जा रही है। भविष्य में सेलाकुई और पंतनगर में भी ऐसी सुविधाएं विकसित करने की योजना है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की आर्थिक प्रगति में गांवों के उत्पाद, किसान, शिल्पकार, छोटे कारोबारी और स्थानीय उद्यमियों की भी अहम भूमिका है। ‘वन डिस्ट्रिक्ट, टू प्रोडक्ट’ जैसी योजनाओं के जरिए स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक शिल्प को बड़े बाजारों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है।

‘मेड इन उत्तराखंड’ को ग्लोबल ब्रांड बनाने पर जोर

सीएम धामी ने कहा कि सरकार चाहती है कि ‘मेड इन उत्तराखंड’ सिर्फ प्रदेश की पहचान तक सीमित न रहे, बल्कि गुणवत्ता और भरोसे के साथ राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी अलग पहचान बनाए। फार्मा, हर्बल, आयुष, इंजीनियरिंग और ऑटो-कंपोनेंट जैसे क्षेत्रों में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। हरिद्वार और ऊधमसिंह नगर प्रमुख औद्योगिक केंद्रों के रूप में विकसित हुए हैं।

मुख्यमंत्री ने व्यापारियों और उद्योग प्रतिनिधियों से प्रदेश में निवेश और कारोबार को और विस्तार देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा, “आप व्यापार बढ़ाइए, सरकार आपके साथ खड़ी है।” उन्होंने कहा कि व्यापार जगत के सहयोग से ऐसा उत्तराखंड तैयार किया जा सकता है, जहां युवाओं को रोजगार, व्यापारियों को भरोसे का माहौल और उद्यमियों को आगे बढ़ने के नए अवसर मिलें।

कार्यक्रम में सांसद नैनीताल-ऊधमसिंह नगर अजय भट्ट समेत विभिन्न जनप्रतिनिधि, व्यापार एवं उद्योग जगत के प्रतिनिधि, जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल, एसएसपी डॉ. मंजूनाथ टी.सी., मुख्य विकास अधिकारी अरविन्द कुमार पाण्डे तथा जीएसटी, उद्योग, सिडकुल और अन्य विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


चिकित्सा मंत्री सुबोध उनियाल ने किया दून मेडिकल कॉलेज में 12 बेड के कार्डियोलॉजी विंग एवं नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का लोकार्पण

हृदय रोगियों एवं गंभीर मरीजों को मिलेगी बेहतर, त्वरित और उन्नत चिकित्सा सुविधा

देहरादून- राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय, देहरादून में शनिवार को 12 बेड के नवनिर्मित कार्डियोलॉजी विंग एवं नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का लोकार्पण चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, सुबोध उनियाल की उपस्थिति में सम्पन्न हुआ। इन नई सुविधाओं के शुरू होने से हृदय रोगियों तथा गंभीर एवं आपातकालीन मरीजों को बेहतर, त्वरित और उन्नत चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण सहायता मिलेगी।

कार्यक्रम के दौरान कार्डियोलॉजी विभाग के 12 बेड के नवनिर्मित विंग का लोकार्पण किया गया। इससे हृदय रोग से संबंधित मरीजों को बेहतर, त्वरित एवं उन्नत चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराने में सहायता मिलेगी। नई सुविधा से कार्डियोलॉजी विभाग में मरीजों के उपचार की क्षमता को भी और सुदृढ़ किया जा सकेगा।

इसी क्रम में नवीन इमरजेंसी मेडिसिन वार्ड का भी उद्घाटन किया गया। इससे गंभीर एवं आपातकालीन स्थिति में अस्पताल पहुंचने वाले मरीजों के उपचार की क्षमता में वृद्धि होगी तथा उन्हें समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने में मदद मिलेगी।

सुपर स्पेशियलिटी चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक पहल

राजकीय दून मेडिकल कॉलेज एवं चिकित्सालय ने चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के क्षेत्र में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल करते हुए राज्य के प्रथम मेडिकल कॉलेज के रूप में सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने की दिशा में ऐतिहासिक कदम उठाया है। इसी क्रम में आज MCH Urology सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रम के प्रथम दो अभ्यर्थियों डॉ. विशाल सिंह एवं डॉ. इकबाल अली को प्रवेश/ज्वाइनिंग पत्र प्रदान किए गए।

चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री, सुबोध उनियाल ने कहा यह उपलब्धि सम्पूर्ण उत्तराखंड के लिए गौरव का विषय है। सुपर स्पेशियलिटी पाठ्यक्रमों के प्रारंभ होने से प्रदेश में विशेषज्ञ चिकित्सा शिक्षा को नई दिशा मिलने के साथ ही भविष्य में जटिल एवं गंभीर रोगों के उपचार के लिए राज्य में ही उच्च स्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाओं के विस्तार का मार्ग प्रशस्त होगा।

उन्होंने संस्थान की इन उपलब्धियों की सराहना करते हुए कहा कि सुपर स्पेशियलिटी शिक्षा एवं आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने संस्थान को उत्कृष्टता के नित नए आयामों तक पहुंचाने तथा मरीजों को राज्य में ही उच्च स्तरीय विशेषज्ञ चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए समन्वित एवं निरंतर प्रयासों पर बल दिया।

विभागाध्यक्ष एवं निदेशक, चिकित्सा शिक्षा प्रो. (डॉ.) आशुतोष सयाना ने संस्थान की इस महत्वपूर्ण उपलब्धि को चिकित्सा शिक्षा एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार की दिशा में किए जा रहे निरंतर प्रयासों का प्रतिफल बताया। उन्होंने कहा कि संस्थान में सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार, मरीजों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण उपचार उपलब्ध कराने, चिकित्सा शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, आधारभूत सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण तथा मानव संसाधन को मजबूत करने पर निरंतर कार्य किया जा रहा है। भविष्य में नई सुपर स्पेशियलिटी सेवाओं के विस्तार की दिशा में भी योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे।


अपराध गोष्ठी में एसएसपी के सख्त निर्देश, लापरवाही पर थाना प्रभारी और पर्यवेक्षण अधिकारी भी होंगे जिम्मेदार

आगामी चुनावों के दृष्टिगत निरोधात्मक कार्यवाही पर विशेष फोकस करते हुए समय से सभी तैयारियां पूर्ण करने के दिये निर्देश

देहरादून। पुलिस कार्यालय देहरादून में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून की अध्यक्षता में मासिक अपराध गोष्ठी आयोजित की गई। बैठक में जनपद के सभी राजपत्रित अधिकारियों और थाना प्रभारियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था, आगामी चुनाव, त्योहारों और पर्यटक सीजन को लेकर पुलिस की तैयारियों की समीक्षा की गई।

एसएसपी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि ड्यूटी में किसी भी स्तर पर लापरवाही या उदासीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। लापरवाही पाए जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के साथ थाना प्रभारी और पर्यवेक्षण अधिकारी की जवाबदेही भी तय की जाएगी।

चुनाव को लेकर अपराधियों पर कसेगा शिकंजा

आगामी चुनाव के मद्देनजर सभी थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में तैयारियां समय से पूरी करने के निर्देश दिए गए। आपराधिक और अवैध गतिविधियों में शामिल लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ गुंडा और गैंगस्टर एक्ट के तहत निरोधात्मक कार्रवाई करने को कहा गया। गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई किए गए आरोपियों के जिलाबदर की प्रक्रिया भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

संगठित अपराध में शामिल आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई करने के साथ उनकी अवैध संपत्तियों को चिन्हित कर जब्तीकरण की कार्रवाई करने को भी कहा गया।

बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई

एसएसपी ने बुजुर्गों, महिलाओं और बच्चों से जुड़ी शिकायतों को प्राथमिकता के आधार पर लेते हुए समयबद्ध कार्रवाई करने के निर्देश दिए। थानों में अपनी समस्याएं लेकर पहुंचने वाले लोगों की शिकायतों का विधि सम्मत तरीके से निस्तारण सुनिश्चित करने को कहा गया। अनावश्यक रूप से शिकायतों को लंबित रखने वाले पुलिसकर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

जघन्य अपराधों में त्वरित जांच और प्रभावी पैरवी पर जोर

जघन्य अपराधों के मामलों में तत्काल कार्रवाई करने और घटनाओं से जुड़े सभी साक्ष्यों का समय पर संकलन करने के निर्देश दिए गए। विवेचना पूरी कर समय से आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल करने तथा आरोपियों को सजा दिलाने के लिए न्यायालय में प्रभावी पैरवी सुनिश्चित करने को कहा गया।

सड़क हादसे रोकने के लिए विशेष चेकिंग

सड़क दुर्घटनाओं पर प्रभावी रोक लगाने के लिए थाना क्षेत्रों में दुर्घटना संभावित स्थानों को चिन्हित करने के निर्देश दिए गए। पुलिस को नियमित चेकिंग अभियान चलाकर रैश ड्राइविंग, खतरनाक तरीके से वाहन चलाने, ओवरस्पीडिंग, शराब पीकर वाहन चलाने और ओवरलोडिंग के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने को कहा गया।

पीक आवर्स और स्कूलों की टाइमिंग के दौरान थाना प्रभारियों को स्वयं क्षेत्र में मौजूद रहकर प्रमुख मार्गों, चौराहों और भीड़भाड़ वाले स्थानों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने के निर्देश दिए गए। चेकिंग में लापरवाही मिलने पर थाना प्रभारी के साथ संबंधित क्षेत्राधिकारी की भी जिम्मेदारी तय करने की बात कही गई।

वांछित और इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें

वांछित और इनामी अपराधियों की धरपकड़ के लिए सभी थानों में विशेष टीमें गठित करने के निर्देश दिए गए। आरोपियों की तलाश में सर्विलांस समेत अन्य तकनीकी माध्यमों का प्रभावी इस्तेमाल करने को कहा गया।

लंबे समय से लंबित विवेचनाओं की भी समीक्षा की गई। एसएसपी ने उनके लंबित रहने के कारणों की जानकारी लेते हुए जल्द निस्तारण के निर्देश दिए। अनावश्यक रूप से विवेचना लंबित रखने वाले विवेचकों के साथ संबंधित थाना प्रभारी की जिम्मेदारी तय कर विभागीय कार्रवाई की चेतावनी दी गई।

भूमि धोखाधड़ी और नशे के मामलों में गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई

बैठक में भूमि धोखाधड़ी और एनडीपीएस से जुड़े मामलों की भी समीक्षा की गई। इनमें शामिल आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए। साथ ही पिट एनडीपीएस के तहत कार्रवाई करते हुए आरोपियों की अवैध रूप से अर्जित संपत्तियों को चिन्हित कर जब्तीकरण की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को कहा गया।


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