Thursday, August 20th, 2026

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रायपुर की 16 ग्राम पंचायतों में मजबूत होगा कचरा प्रबंधन, पर्यावरण सखियों को मिला नया वाहन

Monthly Archives: August 2026

रायपुर की 16 ग्राम पंचायतों में मजबूत होगा कचरा प्रबंधन, पर्यावरण सखियों को मिला नया वाहन

देहरादून। विकासखंड रायपुर की 16 ग्राम पंचायतों में कचरा प्रबंधन व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में पहल की गई है। एसबीआई फाउंडेशन के सहयोग से वेस्ट वॉरियर्स संस्था द्वारा संचालित ‘Waste No More in Dehradun’ परियोजना के तहत पर्यावरण सखी मॉडल के जरिए गांवों में कचरा संग्रहण और प्रबंधन का काम किया जा रहा है। इसी व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए पर्यावरण सखियों को नया कचरा संग्रहण वाहन सौंपा गया।

खंड विकास कार्यालय, रायपुर में आयोजित कार्यक्रम में पर्यावरण सखियों को वाहन उपलब्ध कराया गया। इससे घर-घर से कचरा एकत्र करने के साथ उसे सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संग्रहण केंद्र तक पहुंचाने में सुविधा होगी। अधिकारियों के मुताबिक नए वाहन से पर्यावरण सखियों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और अधिक घरों तक नियमित कचरा संग्रहण सेवा पहुंचाई जा सकेगी।

कार्यक्रम के दौरान खंड विकास अधिकारी अपर्णा बहुगुणा की अध्यक्षता में बैठक भी हुई। जिला पंचायत सदस्य वीर सिंह चौहान, ब्लॉक प्रमुख सरोजनी ज्वाड़ी, एबीडीओ मोहन लाल रतूड़ी, ग्राम प्रधान धनौला सोनिया थापा और स्वजल सामुदायिक विशेषज्ञ मंजू जोशी समेत अन्य लोग मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने पर्यावरण सखियों के प्रयासों की सराहना करते हुए नए वाहन को ग्रामीण क्षेत्रों की स्वच्छता व्यवस्था के लिए अहम कदम बताया।

10 स्थानीय महिलाएं संभाल रहीं जिम्मेदारी

पर्यावरण सखी समूह में 10 स्थानीय महिलाएं शामिल हैं। ये महिलाएं घर-घर जाकर सूखा कचरा एकत्र करती हैं और उसे धनौला स्थित केंद्र तक पहुंचाती हैं। केंद्र में कचरे को 18 से 20 अलग-अलग श्रेणियों में बांटकर उसका व्यवस्थित प्रबंधन किया जाता है।

पहले पर्यावरण सखियां ई-लोडर के माध्यम से कचरा संग्रहण का काम कर रही थीं। नए वाहन के मिलने से संग्रहण और परिवहन की प्रक्रिया अधिक सुचारु होने की उम्मीद है। इससे गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को बेहतर बनाने के साथ कचरे के वैज्ञानिक प्रबंधन को भी बढ़ावा मिलेगा।

कार्यक्रम में वेस्ट वॉरियर्स की ओर से नवीन कुमार सदाना, विनोद सोलंकी और असलम खान मौजूद रहे। वहीं पर्यावरण सखियों में आरती ज्वाड़ी, बीना रावत, पूजा और शांति समेत अन्य सदस्य उपस्थित रहीं।


दिल्ली में कैब चालक हत्याकांड का खुलासा, मुख्य आरोपित समेत पांच गिरफ्तार

दिल्ली। गोविंदपुरी थाना क्षेत्र में चार दिन पहले कैब चालक राजू की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। ईएसआईसी अस्पताल के सामने बस स्टॉप के पीछे जंगलनुमा इलाके में 30 वर्षीय कैब चालक की चाकू मारकर हत्या कर दी गई थी। मामले की जांच के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपित किरण समेत पांच लोगों को हिरासत में लिया है। पकड़े गए आरोपितों में एक नाबालिग भी शामिल बताया जा रहा है।

पुलिस सूत्रों के अनुसार, जांच के दौरान मुख्य आरोपित किरण की भूमिका सामने आई। बताया जा रहा है कि वह गोविंदपुरी थाना क्षेत्र के अलग-अलग इलाकों में स्मैक समेत अन्य नशीले पदार्थों की बिक्री करता था। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से बड़ी मात्रा में नशीला सामान बरामद किए जाने का दावा किया है।

पुलिस हत्या के पीछे की वजह और वारदात में शामिल सभी आरोपितों की भूमिका की जांच कर रही है। हालांकि, अभी पुलिस की ओर से आरोपितों की गिरफ्तारी को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।


मुजफ्फरपुर में कारोबारी का अपहरण, 10 लाख की फिरौती मांगी; यूपी से छह घंटे में सकुशल बरामद

मुजफ्फरपुर। मिठनपुरा थाना क्षेत्र के मिसकाट गली से मुर्गी दाना कारोबारी चंदन कुमार के अपहरण का मामला सामने आने के बाद पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। बदमाशों ने कारोबारी को अगवा करने के बाद उसके स्वजन से 10 लाख रुपये की फिरौती मांगी थी। सूचना मिलते ही पुलिस ने तेजी से कार्रवाई शुरू की और तकनीकी जांच के आधार पर उत्तर प्रदेश में दबिश देकर कारोबारी को करीब छह घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर लिया।

जानकारी के अनुसार, कार सवार बदमाशों ने कारोबारी को मिठनपुरा इलाके से अगवा किया था। इसके बाद उसे उत्तर प्रदेश ले जाया गया, जहां एक खंडहरनुमा मकान में बंधक बनाकर रखा गया। आरोपितों ने वीडियो कॉल के जरिए स्वजन को कारोबारी की पिटाई करते हुए दिखाई और उसकी रिहाई के बदले 10 लाख रुपये की मांग की।

घटना की जानकारी मिलने के बाद स्वजन ने पुलिस से संपर्क किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। मिठनपुरा थानेदार अजय कुमार के नेतृत्व में पुलिस ने वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई।

जांच के दौरान उत्तर प्रदेश पुलिस से भी सहयोग लिया गया। इसके बाद संदिग्ध ठिकाने पर छापेमारी कर कारोबारी को सुरक्षित मुक्त कराया गया। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

एसएसपी ने कारोबारी के सकुशल बरामद होने की पुष्टि की है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच जारी है और कार्रवाई पूरी होने के बाद अपहरण की पूरी साजिश और इसमें शामिल अन्य लोगों के बारे में विस्तृत जानकारी सामने रखी जाएगी।


सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान को लेकर बैठक, वेतन वृद्धि और स्वास्थ्य सुविधाओं पर जोर

सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर जल्द होगी भर्ती

देहरादून। उत्तराखंड में सफाई कर्मचारियों की समस्याओं के समाधान और उनकी सामाजिक-आर्थिक स्थिति में सुधार को लेकर पंचायती राज निदेशालय, आईटी पार्क में महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। उत्तराखंड सफाई कर्मचारी आयोग के उपाध्यक्ष एवं राज्यमंत्री भगवत प्रसाद मकवाना की पहल पर हुई बैठक की अध्यक्षता सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा ने की। बैठक में प्रदेशभर के सफाई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी, आयोग के सदस्य, नगर निकायों के आयुक्त और संबंधित विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।

बैठक में सफाई कर्मचारियों के रिक्त पदों पर जल्द भर्ती, नए स्थायी पदों के सृजन और समाप्त किए गए पदों को बहाल करने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया गया। आयोग के उपाध्यक्ष भगवत प्रसाद मकवाना ने कहा कि शहरी क्षेत्रों में बढ़ती आबादी और नगर निकायों के विस्तारित क्षेत्रफल को देखते हुए पर्यावरण मित्रों और पर्यवेक्षकों के पदों की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए।

उन्होंने मोहल्ला स्वच्छता समितियों और आउटसोर्स के माध्यम से कार्यरत सफाई कर्मचारियों को उपनल कर्मियों के समान वेतन देने की मांग की। साथ ही दैनिक वेतन, संविदा, नियत वेतन, अंशकालिक और तदर्थ कर्मचारियों में से विनियमितीकरण नियमावली-2025 के तहत 10 वर्ष की सेवा पूरी कर चुके कर्मचारियों को नियमित करने की मांग भी रखी गई।

ठेकेदारी प्रथा खत्म करने और कल्याण कोष की मांग

बैठक में सफाई कार्य से ठेकेदारी प्रथा समाप्त करने, मयूर विहार में वाल्मीकि छात्रावास एवं प्रशिक्षण केंद्र के लिए भूमि उपलब्ध कराने और नमस्ते योजना के तहत सीवर व सेप्टिक टैंक की सफाई में लगे कर्मचारियों का पंजीकरण कराने की मांग उठी। इसके अलावा सफाई कर्मचारियों के लिए कल्याण कोष बनाने, भूमि एवं आवास की सुविधा देने, कैशलेस उपचार उपलब्ध कराने तथा राज्य सफाई कर्मचारी आयोग के स्थायी पदों का ढांचा स्वीकृत करने की मांग भी सामने रखी गई।

वेतन वृद्धि पर शासन स्तर से कार्रवाई का आश्वासन

सचिव शहरी विकास नितेश कुमार झा ने कहा कि सफाई कर्मचारी नगर निकायों की व्यवस्था में बेहद महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि पद सृजन सहित शासन स्तर से जुड़े मामलों को उच्च स्तर पर रखा जाएगा। सफाई कर्मचारियों के वेतन बैंड को एक इंडेक्स से जोड़कर अन्य कर्मचारियों की तरह वेतन वृद्धि सुनिश्चित करने की दिशा में भी काम किया जाएगा।

उन्होंने सभी नगर आयुक्तों को निर्देश दिए कि आउटसोर्स कर्मचारियों को निर्धारित मानकों के अनुसार वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। साथ ही सफाई कार्य में लगे कर्मचारियों को आवश्यक सुरक्षा उपकरण उपलब्ध कराने और जहां भी उपकरणों की कमी हो, वहां तत्काल कार्रवाई करने के निर्देश दिए।

ईएसआई, पीएफ और स्वास्थ्य जांच की सुविधा होगी सुनिश्चित

सचिव ने प्रत्येक सफाई कर्मचारी को ईएसआई और पीएफ का लाभ दिलाने के लिए तत्काल समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सफाई कर्मचारियों को भूमि और आवास उपलब्ध कराने के विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है। निजी भूमि रखने वाले सफाई कर्मचारियों को प्रधानमंत्री आवास योजना में प्राथमिकता देने और भवन निर्माण के माध्यम से आवास उपलब्ध कराने की संभावनाएं भी देखी जाएंगी।

नगर निकायों के आयुक्तों को सभी सफाई कर्मचारियों के गोल्डन कार्ड बनाने के लिए अगले तीन माह में विशेष शिविर लगाने के निर्देश दिए गए। प्रत्येक कर्मचारी का साल में कम से कम एक बार संपूर्ण स्वास्थ्य परीक्षण कराने और बीमारी सामने आने पर समयबद्ध उपचार सुनिश्चित करने को कहा गया। सचिव ने यह भी कहा कि सफाई कर्मचारियों के लिए जल्द ही कल्याण कोष स्थापित किया जाएगा।

बैठक में विभिन्न सफाई कर्मचारी संगठनों के अध्यक्ष और महामंत्रियों ने कर्मचारियों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को अधिकारियों के सामने रखा। अधिकारियों ने सभी मुद्दों पर चर्चा करते हुए आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

बैठक में निदेशक शहरी विकास विनोद गिरी गोस्वामी, मुख्य नगर आयुक्त देहरादून आलोक पांडेय, मुख्य नगर आयुक्त हरिद्वार नंदन कुमार, निदेशक पंचायती राज निधि यादव, प्रभारी सचिव सफाई कर्मचारी आयोग विनोद कौर समेत प्रदेश के 12 सफाई कर्मचारी संगठनों के पदाधिकारी और आयोग के सदस्य मौजूद रहे।


वन, वन्यजीव और समुदायों की रक्षा को अपने करियर की सफलता का पैमाना बनाएं- उपराष्ट्रपति

देहरादून में IFS प्रशिक्षुओं को उपराष्ट्रपति का संदेश, बोले- ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना से करें सेवा

देहरादून। उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने देहरादून स्थित इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वन अकादमी (आईजीएनएफए) में भारतीय वन सेवा (IFS) के 2025-27 बैच के परिवीक्षार्थियों और प्रशिक्षण ले रहे रॉयल भूटान वन सेवा के अधिकारियों को संबोधित किया। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से पर्यावरण संरक्षण, विकास और जनहित के बीच संतुलन बनाते हुए देश के सतत भविष्य के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।

उपराष्ट्रपति ने प्रशिक्षु अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विकसित भारत@2047 की दिशा में आगे बढ़ते हुए आने वाले दशकों में इन्हीं अधिकारियों के कंधों पर देश के वनों, वन्यजीवों, जैव विविधता और प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण एवं प्रबंधन की अहम जिम्मेदारी होगी। उन्होंने कहा कि भारत की पारिस्थितिक सुरक्षा मजबूत करने और वर्ष 2070 तक नेट-जीरो उत्सर्जन का लक्ष्य हासिल करने में भारतीय वन सेवा की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है।

विकास और संरक्षण साथ-साथ चल सकते हैं

सी. पी. राधाकृष्णन ने कहा कि विकास और पर्यावरण संरक्षण को एक-दूसरे का विरोधी नहीं माना जाना चाहिए। दोनों के बीच संतुलन कायम करते हुए पारिस्थितिक सुरक्षा, स्थानीय लोगों की आजीविका, वर्तमान जरूरतों और आने वाली पीढ़ियों के हितों को ध्यान में रखना जरूरी है।

उन्होंने अधिकारियों से व्यक्तिगत उपलब्धियों के बजाय टीम की सफलता पर ध्यान देने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि निरंतर सामूहिक प्रयास ही मजबूत संस्थानों और राष्ट्रों की नींव तैयार करते हैं। उपराष्ट्रपति ने जंगलों और प्राकृतिक पारिस्थितिकी तंत्र के साथ पीढ़ियों से सामंजस्य बनाकर रहने वाले स्थानीय समुदायों के पारंपरिक ज्ञान को भी सम्मान देने की जरूरत बताई।

‘सत्यनिष्ठा से कोई समझौता नहीं’

लोक सेवा में ईमानदारी और सत्यनिष्ठा को सर्वोच्च महत्व देते हुए उपराष्ट्रपति ने कहा कि सत्यनिष्ठा से किसी भी परिस्थिति में समझौता नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कठिन परिस्थितियों में संविधान, कानून, वैज्ञानिक दृष्टिकोण और व्यापक जनहित को निर्णय का आधार बनाने की अपील की।

उन्होंने अधिकारियों को स्थानीय परिस्थितियों के अनुसार प्रभावी और बेहतर कार्यप्रणालियों को अपनाने के लिए भी प्रेरित किया।

वन प्रबंधन में तकनीक को अपनाने पर जोर

उपराष्ट्रपति ने कहा कि आधुनिक तकनीक वानिकी क्षेत्र को नई दिशा दे रही है। उन्होंने नई पीढ़ी के वन अधिकारियों से रिमोट सेंसिंग, जीआईएस, ड्रोन, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा आधारित प्रणालियों का इस्तेमाल क्षेत्रीय अनुभव, विवेकपूर्ण निर्णय क्षमता और जनसंवेदनशीलता के साथ करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि भारत के सतत भविष्य के लिए आधुनिक वैज्ञानिक वानिकी और देश के पारंपरिक एवं सभ्यतागत ज्ञान को एक-दूसरे का पूरक बनाना होगा।

वन सेवाओं में महिलाओं की भागीदारी बढ़ना सकारात्मक बदलाव

उपराष्ट्रपति ने वन सेवाओं में महिलाओं की बढ़ती भागीदारी को भी महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि मौजूदा बैच में करीब 17 प्रतिशत महिलाएं हैं, जो सकारात्मक बदलाव और नारी शक्ति की बढ़ती भूमिका को दर्शाता है।

उन्होंने प्रशिक्षु अधिकारियों से कहा कि वे अपने करियर की सफलता का आकलन केवल पद और जिम्मेदारियों से न करें। उनकी वास्तविक उपलब्धि इस बात से तय होनी चाहिए कि उन्होंने कितने जंगलों को पुनर्जीवित किया, कितने वन्यजीवों का संरक्षण किया, कितने समुदायों का विश्वास जीता और आने वाली पीढ़ियों के लिए कैसी विरासत छोड़ी।

उपराष्ट्रपति ने अधिकारियों से राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान करते हुए कहा कि “राष्ट्र प्रथम” की भावना के साथ काम करना ही लोक सेवा का मूल उद्देश्य होना चाहिए।

कार्यक्रम में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेवानिवृत्त), मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, आईजीएनएफए के निदेशक डॉ. राजेंद्र प्रसाद, कोर्स निदेशक श्रीमती अजीता लोंगजाम समेत अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे।


एमडीडीए की ऑनलाइन मानचित्र प्रणाली होगी और अधिक पारदर्शी

ऑटो रिजेक्ट और डुप्लीकेट पत्रावलियों का होगा समाधान, समय-सीमा से पहले अधिकारियों को मिलेगा अलर्ट

देहरादून। मसूरी-देहरादून विकास प्राधिकरण (एमडीडीए) में ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली को अधिक प्रभावी, पारदर्शी और सुरक्षित बनाने को लेकर महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए हैं। प्राधिकरण में ऑनलाइन मानचित्र पत्रावलियों के निस्तारण, तकनीकी खामियों, डिजिटल डाटा की सुरक्षा और वित्तीय मॉड्यूल को लेकर आयोजित बैठक में उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि तकनीकी समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए और आवेदकों को अनावश्यक परेशानी न हो। साथ ही लंबित पत्रावलियों का समयबद्ध निस्तारण सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया गया।

399 पत्रावलियों को दोबारा प्रस्तुत कराने के निर्देश
बैठक में सामने आया कि एमडीडीए में ऑनलाइन प्राप्त मानचित्र संबंधी कुल 399 पत्रावलियां निर्धारित समय-सीमा पूरी होने के बाद सिस्टम में उत्पन्न तकनीकी त्रुटि के कारण स्वतः Auto Reject अथवा Deemed Approved हो गई थीं। उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने निर्देश दिए कि ऐसी सभी पत्रावलियों को वर्तमान स्थिति में निरस्त करते हुए संबंधित आवेदकों से उन्हें दोबारा Resubmit कराया जाए। इसके बाद प्रत्येक प्रकरण की नियमानुसार ऑनलाइन प्रक्रिया के तहत कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि तकनीकी कारणों से किसी आवेदक को परेशानी नहीं होनी चाहिए। व्यवस्था ऐसी हो कि मानचित्र स्वीकृति की प्रक्रिया निर्धारित समय-सीमा में पारदर्शी तरीके से पूरी हो सके।

डुप्लीकेट फाइलों पर लगेगी रोक
ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रणाली में एक ही आवेदन के सापेक्ष दोहरी अथवा Duplicate Files स्वतः जनरेट होने का मामला भी बैठक में सामने आया। इस पर उपाध्यक्ष ने संबंधित अधिकारियों को तकनीकी खामी का परीक्षण कर प्रभावित पत्रावलियों को शीघ्र Rectify करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सिस्टम में ऐसी व्यवस्था विकसित की जाए, जिससे भविष्य में एक ही आवेदन के सापेक्ष डुप्लीकेट पत्रावली तैयार न हो। इसके लिए आवश्यक तकनीकी सुधार प्राथमिकता से किए जाएं।

समय-सीमा से पहले मिलेगा अलर्ट
मानचित्र पत्रावलियों के निस्तारण की निर्धारित समय-सीमा को देखते हुए अधिकारियों और कर्मचारियों को समय रहते सूचना उपलब्ध कराने की व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए गए। इसके तहत ऑनलाइन प्रणाली में Pop-up, Notification और Alert की सुविधा विकसित की जाएगी। इससे संबंधित अधिकारी को समय-सीमा पूरी होने से पहले लंबित पत्रावली की जानकारी मिल सकेगी और उसके निस्तारण के लिए पर्याप्त समय उपलब्ध रहेगा। इससे पत्रावलियों के स्वतः Auto Reject अथवा Deemed Approved होने की स्थिति को भी प्रभावी ढंग से रोका जा सकेगा।

एमडीडीए का होगा अपना Dedicated Server
बैठक में प्राधिकरण के डिजिटल डाटा की सुरक्षा को भी प्रमुखता से उठाया गया। उपाध्यक्ष ने एमडीडीए के महत्वपूर्ण डाटा को साइबर हमलों और तकनीकी जोखिमों से सुरक्षित रखने के लिए Dedicated Server विकसित करने के निर्देश दिए। साथ ही सुरक्षित बैकअप व्यवस्था तैयार करने पर भी जोर दिया गया। इसके अलावा प्राधिकरण के लिए AI आधारित एप्लिकेशन/सिस्टम विकसित करने के निर्देश दिए गए। इसमें एमडीडीए से संबंधित आवश्यक डाटा और अभिलेख एकीकृत रूप से उपलब्ध होंगे। एक ही सर्च के माध्यम से संबंधित जानकारी शीघ्र प्राप्त की जा सकेगी, जिससे अधिकारियों के कामकाज में तेजी आएगी और रिकॉर्ड प्रबंधन अधिक प्रभावी होगा।

वित्तीय प्रविष्टियों का प्रतिदिन होगा Reconciliation
बैठक में एमडीडीए के Finance Module की भी समीक्षा की गई। उपाध्यक्ष ने निर्देश दिए कि प्रतिदिन की सभी वित्तीय प्रविष्टियों और पत्रावलियों का Reconciliation उसी दिन अनिवार्य रूप से पूरा किया जाए। किसी भी वित्तीय प्रकरण को अगले दिन के लिए लंबित न रखा जाए। इसके साथ ही प्राधिकरण की लंबित Balance Sheets को प्राथमिकता के आधार पर तैयार और अद्यतन करने के निर्देश दिए गए। उपाध्यक्ष ने कहा कि डिजिटल व्यवस्था को मजबूत करने के साथ वित्तीय कार्यप्रणाली में भी पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित की जानी चाहिए।

व्यवस्था होगी पारदर्शी – बंशीधर तिवारी
उपाध्यक्ष बंशीधर तिवारी ने कहा कि एमडीडीए में ऑनलाइन मानचित्र स्वीकृति प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना प्राधिकरण की प्राथमिकता है। तकनीकी खामी के कारण किसी आवेदक को अनावश्यक परेशानी नहीं होनी चाहिए। 399 प्रभावित पत्रावलियों को नियमानुसार दोबारा प्रस्तुत कराने के निर्देश दिए गए हैं। डुप्लीकेट फाइलों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाएगा। समय-सीमा से पहले अधिकारियों को अलर्ट की सुविधा दी जाएगी। साथ ही डिजिटल डाटा की सुरक्षा के लिए Dedicated Server और AI आधारित सिस्टम विकसित किया जाएगा। वित्तीय कार्यों में भी प्रतिदिन Reconciliation और लंबित Balance Sheets को अपडेट करने के निर्देश दिए गए हैं।

समयबद्ध निस्तारण पर जोर- मोहन सिंह बर्निया
सचिव मोहन सिंह बर्निया ने कहा कि ऑनलाइन मानचित्र प्रणाली को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए तकनीकी कमियों को चिन्हित कर उनका समाधान किया जा रहा है। अधिकारियों को निर्धारित समय-सीमा में पत्रावलियों का निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। डाटा सुरक्षा, वित्तीय पारदर्शिता और डिजिटल सेवाओं को मजबूत करने पर भी विशेष फोकस किया जा रहा है।


सोमेश्वर में जन मिलन कार्यक्रम, कई ग्रामीणों ने थामा भाजपा का दामन

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने की विकास योजनाओं की घोषणा, राम कथा व आयुष भंडारे में लिया भाग

सोमेश्वर। कैबिनेट मंत्री और सोमेश्वर विधायक रेखा आर्या ने बुधवार को स्याहीदेवी मंडल के नौला, सल्ला रौतेला और बड़गल भट्ट गांवों का दौरा कर ग्रामीणों से संवाद किया। जन मिलन कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने क्षेत्र की विभिन्न समस्याएं और विकास कार्यों से जुड़ी मांगें मंत्री के सामने रखीं। रेखा आर्या ने कई मांगों पर विधायक निधि से धनराशि उपलब्ध कराने की घोषणा की।

मंत्री ने प्राथमिक विद्यालय में रेलिंग निर्माण, पेयजल लाइन बिछाने, सार्वजनिक स्थानों पर टीन शेड लगाने के साथ ही भंडार कक्ष और पेयजल टैंक निर्माण के लिए धनराशि जारी करने की बात कही। उन्होंने अधिकारियों और संबंधित प्रतिनिधियों को विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ आगे बढ़ाने के निर्देश भी दिए।

दूरस्थ गांवों तक पहुंच रही सुविधाएं

कार्यक्रम में रेखा आर्या ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं से पर्वतीय क्षेत्रों के दूरस्थ गांवों में मूलभूत सुविधाओं का विस्तार हो रहा है। उन्होंने कहा कि सड़क, पेयजल, शिक्षा और अन्य जरूरी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सरकार लगातार काम कर रही है।

उन्होंने दावा किया कि सरकार की योजनाओं का लाभ लोगों तक पहुंच रहा है और विकास कार्यों को धरातल पर उतारा जा रहा है। इस दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्यों, उप प्रधानों और ग्रामीणों समेत कई लोगों ने भाजपा की सदस्यता भी ग्रहण की।

राम कथा में शामिल हुईं मंत्री

जन मिलन कार्यक्रमों के बाद कैबिनेट मंत्री नैडी स्थित पिप्लेश्वर महादेव मंदिर पहुंचीं। यहां आयोजित श्री राम कथा ज्ञान यज्ञ में उन्होंने पूजा-अर्चना की और कथा व्यास आचार्य मोहन राम के श्रीमुख से संगीतमय राम कथा का श्रवण किया।

इसके बाद मंदिर परिसर में आयोजित आयुष भंडारे में मंत्री ने श्रद्धालुओं के साथ बैठकर प्रसाद ग्रहण किया। कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीणों ने हिस्सा लिया।

कई जनप्रतिनिधियों ने ली भाजपा की सदस्यता

कार्यक्रम के दौरान क्षेत्र पंचायत सदस्य सुनीता देवी और नरेंद्र कुमार, उप प्रधान चंद्रा तथा बड़गल भट्ट के ग्राम प्रधान नवीन चंद्र भट्ट सहित कई ग्रामीणों ने भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। इनके अलावा गोपाल राम, प्रेम राम, भास्कर मेहरा, निकिता आर्या, हरीश जलाल, देवी मेहरा, पान सिंह मेहरा समेत कई ग्रामीण पार्टी में शामिल हुए।

इस मौके पर मंडल अध्यक्ष गणेश जलाल, विधायक प्रतिनिधि भुवन जोशी, ग्राम प्रधान किरण टम्टा, विपिन पाठक, हरीश बिष्ट, पूरन सिंह नेगी, भूपेंद्र सिंह, नरेंद्र बिष्ट, बीएल आर्य, राजू रावत, दिनेश वर्मा और मंदिर समिति अध्यक्ष भवन चंद्र समेत पार्टी कार्यकर्ता एवं स्थानीय लोग मौजूद रहे।


अंकिता भंडारी हत्याकांड में आरोपियों को फिर झटका, सभी की जमानत याचिकाएं खारिज

प्रदेश सरकार की मजबूत पैरवी के चलते दोषियों को नहीं मिली राहत, न्याय सुनिश्चित करने के लिए सरकार पूरी मजबूती से खड़ी

देहरादून। अंकिता भंडारी हत्याकांड में आरोपियों को एक बार फिर अदालत से राहत नहीं मिली है। न्यायालय ने सभी आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दी हैं। प्रदेश सरकार ने इसे अभियोजन की मजबूत पैरवी का परिणाम बताते हुए कहा कि अंकिता को न्याय दिलाने और दोषियों को कानून के तहत सजा सुनिश्चित करने की दिशा में सरकार की कार्रवाई लगातार जारी है।

सरकार की ओर से जारी बयान में कहा गया कि मामले की शुरुआत से ही आरोपियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए गए। घटना सामने आने के बाद आरोपियों को 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर जेल भेजा गया और मामले की जांच के लिए विशेष जांच दल (एसआईटी) का गठन किया गया। आरोपियों पर गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई।

मजबूत जांच और चार्जशीट पर जोर

जांच के दौरान करीब 500 पन्नों की चार्जशीट दाखिल की गई, जिसमें करीब 100 गवाहों के बयान और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्यों को शामिल किया गया। सरकार का दावा है कि अभियोजन पक्ष ने न्यायालय में लगातार प्रभावी पैरवी की, जिसके चलते आरोपियों की जमानत अर्जियां खारिज होती रहीं और वे सुनवाई के दौरान जेल में रहे।

इसी मामले में अदालत ने दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। सरकार ने इसे जांच और अभियोजन की प्रक्रिया का परिणाम बताया है।

परिवार की मांगों के अनुसार लिए गए फैसले

सरकार के अनुसार, पूरे मामले में अंकिता के माता-पिता और परिवार की मांगों को प्राथमिकता दी गई। परिजनों की मांग के अनुसार सरकारी अधिवक्ताओं में तीन बार बदलाव किया गया। वहीं, परिवार की ओर से सीबीआई जांच की मांग किए जाने पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने इस मांग को स्वीकार करते हुए मामले की सीबीआई जांच के आदेश दिए।

परिवार को आर्थिक सहायता के तौर पर 25 लाख रुपये दिए गए। इसके अलावा अंकिता के भाई और पिता को रोजगार भी उपलब्ध कराया गया।

‘वीआईपी’ मामले पर सरकार ने कांग्रेस पर साधा निशाना

सरकार ने बयान में अंकिता हत्याकांड से जुड़े कथित ‘वीआईपी’ प्रकरण को लेकर कांग्रेस और अन्य संगठनों पर भी निशाना साधा। सरकार का कहना है कि यदि किसी के पास इस संबंध में ठोस तथ्य या साक्ष्य हैं तो उन्हें जांच एजेंसियों अथवा न्यायालय के सामने प्रस्तुत किया जाना चाहिए।

बयान में आरोप लगाया गया कि बिना ठोस प्रमाण के सार्वजनिक मंचों पर आरोप लगाकर मामले को राजनीतिक मुद्दा बनाना उचित नहीं है। सरकार ने कहा कि ऐसे संवेदनशील मामले में न्यायिक प्रक्रिया और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर ही आगे बढ़ना चाहिए।

सरकार ने गिनाईं अपनी कार्रवाई

प्रदेश सरकार ने कहा कि अंकिता भंडारी मामले में कार्रवाई केवल आश्वासनों तक सीमित नहीं रही। गिरफ्तारी, एसआईटी जांच, चार्जशीट, गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई, अभियोजन की पैरवी, परिवार की मांग पर अधिवक्ता बदलने, आर्थिक सहायता और रोजगार देने जैसे कदम उठाए गए।

सरकार ने दोहराया कि अपराधी कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे कानून के दायरे में लाकर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। अंकिता भंडारी मामले में भी सरकार ने परिवार के साथ खड़े रहने और न्यायिक प्रक्रिया में हरसंभव सहयोग जारी रखने की बात कही है।


एसजीआरआरयू के दीक्षारंभ का भव्य समापन, रेन डांस पर जमकर थिरके छात्र-छात्राएं

‘शिक्षा के साथ संस्कार और सेवा जरूरी’, महंत देवेंद्र दास ने नवप्रवेशी छात्रों को दिया संदेश

देहरादून। श्री गुरु राम राय विश्वविद्यालय (एसजीआरआरयू) में नवप्रवेशी विद्यार्थियों के स्वागत के लिए आयोजित तीन दिवसीय ‘ज्ञानयात्रा-दीक्षारंभ’ कार्यक्रम का बुधवार को रंगारंग अंदाज में समापन हुआ। 17 से 19 अगस्त तक चले आयोजन में देशभर से पहुंचे विद्यार्थियों को विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सांस्कृतिक और सहशैक्षणिक गतिविधियों से रूबरू कराया गया। अंतिम दिन श्री गुरु राम राय हैलीपैड ग्राउंड पर डीजे, रेन डांस और मनोरंजन से जुड़ी गतिविधियों ने विद्यार्थियों में खासा उत्साह भर दिया।

सुबह से ही हैलीपैड ग्राउंड पर विद्यार्थियों की चहल-पहल शुरू हो गई थी। हरियाली और प्राकृतिक वातावरण के बीच आयोजित कार्यक्रम में हजारों छात्र-छात्राओं ने जमकर मस्ती की। डीजे की तेज धुनों पर युवाओं ने नृत्य किया और रेन डांस का भी खूब आनंद लिया। संगीत, पानी की फुहारों और युवाओं के उत्साह से पूरा परिसर उत्सव के रंग में रंगा नजर आया।

शिक्षा के साथ संस्कार और सेवा पर जोर

विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट महंत देवेंद्र दास महाराज ने नवप्रवेशी विद्यार्थियों को नए शैक्षणिक सफर के लिए शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि शिक्षा का वास्तविक उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों के व्यक्तित्व और चरित्र का निर्माण करना भी है। उन्होंने छात्रों से अनुशासन, संस्कार और समाज सेवा की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाने का आह्वान किया।

कार्यक्रम का शुभारंभ कुलपति प्रो. (डॉ.) के. प्रतापन और कुलसचिव डॉ. लोकेश गंभीर ने संयुक्त रूप से किया। कुलपति ने कहा कि विश्वविद्यालय में प्रवेश विद्यार्थियों के जीवन के नए अध्याय की शुरुआत है। उन्होंने छात्रों से अपने लक्ष्यों के प्रति प्रतिबद्ध रहते हुए समाज और राष्ट्र के विकास में योगदान देने की अपील की।

डीजे और रेन डांस बना आकर्षण

समापन समारोह में डीजे साजी की प्रस्तुति ने माहौल को और जोशीला बना दिया। लोकप्रिय गीतों और हाई-वोल्टेज बीट्स पर छात्र-छात्राएं देर तक झूमते रहे। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण रेन डांस रहा। पानी की फुहारों के बीच संगीत पर विद्यार्थियों ने जमकर डांस किया और इस पल को यादगार बनाया।

हैलीपैड ग्राउंड की प्राकृतिक खूबसूरती, सजावट और बड़ी संख्या में विद्यार्थियों की मौजूदगी ने कार्यक्रम की भव्यता बढ़ा दी।

मानसिक स्वास्थ्य और तनाव प्रबंधन पर भी चर्चा

कार्यक्रम के दौरान श्री महंत इन्दिरेश अस्पताल के मनोरोग विभागाध्यक्ष एवं प्रोफेसर डॉ. शोभित गर्ग ने विद्यार्थियों को पढ़ाई के दौरान तनाव और मानसिक दबाव से निपटने के उपाय बताए। उन्होंने छात्रों को तनाव प्रबंधन से जुड़े व्यावहारिक सुझाव दिए।

विद्यार्थियों को श्री गुरु राम राय एजुकेशन मिशन और विश्वविद्यालय की शैक्षणिक यात्रा एवं उपलब्धियों से संबंधित वीडियो प्रस्तुति के माध्यम से संस्थान की गतिविधियों की जानकारी भी दी गई।

सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां

दीक्षारंभ कार्यक्रम में बॉलीवुड के साथ गढ़वाली, पंजाबी, भोजपुरी और नेपाली गीत-संगीत की प्रस्तुतियां भी हुईं। विद्यार्थियों ने विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। डॉ. जी. गणराजन ने विश्वविद्यालय के प्रेसीडेंट श्रीमहंत देवेंद्र दास जी महाराज का संदेश पढ़कर सुनाया, जबकि डॉ. कंचन नेगी ने प्रेरणादायक व्याख्यान दिया।

कार्यक्रम का समापन संयोजिका प्रोफेसर डॉ. मालविका कांडपाल के धन्यवाद ज्ञापन और राष्ट्रगान के साथ हुआ। इस दौरान विश्वविद्यालय के पदाधिकारी, विभिन्न स्कूलों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।


सीतामढ़ी में 330 किलो गांजा बरामद, पुलिस ने एक तस्कर को किया गिरफ्तार

सीतामढ़ी। रीगा थाना क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए 330 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने इस मामले में एक कथित तस्कर को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई संग्रामफंदह गांव के वार्ड नंबर 15 में की गई। मौके से एक कार भी जब्त की गई है।

पुलिस के मुताबिक, गुप्त सूचना मिली थी कि इलाके में गांजे की बड़ी खेप पहुंची है। इसके बाद रीगा थाना पुलिस ने टीम बनाकर बताए गए स्थान पर छापेमारी की। तलाशी के दौरान भारी मात्रा में गांजा बरामद हुआ और मौके से जयनारायण महतो को पकड़ लिया गया।

प्रारंभिक जांच में पुलिस को जानकारी मिली है कि बरामद गांजा नेपाल से लाया गया था। इसे हाजीपुर समेत अन्य स्थानों पर भेजे जाने की तैयारी थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस खेप को नेपाल से कौन लेकर आया था और इसके आगे किन लोगों तक पहुंचाया जाना था।

गिरफ्तार जयनारायण महतो संग्रामफंदह गांव का रहने वाला बताया गया है। पुलिस के अनुसार, उसके खिलाफ कन्हौली थाने में गांजा तस्करी से संबंधित पहले से मामला दर्ज है। वह पूर्व के मामले में जेल भी जा चुका है।

पुलिस का कहना है कि जेल से बाहर आने के बाद उसके दोबारा तस्करी में शामिल होने की जानकारी मिली थी। इसी आधार पर पुलिस उसकी गतिविधियों पर नजर रख रही थी।

गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपित से पूछताछ कर रही है। जांच टीम यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गांजे की खेप में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसे किन स्थानों पर पहुंचाया जाना था। पुलिस ने जब्त गांजे और वाहन को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।


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