Thursday, August 20th, 2026

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जिला चिकित्सालय चंपावत में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण

Monthly Archives: August 2026

जिला चिकित्सालय चंपावत में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का लोकार्पण

चंपावत में स्वास्थ्य सुविधाओं के सुदृढ़ीकरण की दिशा में महत्वपूर्ण कदम- मुख्यमंत्री

चंपावत।  जिला चिकित्सालय चंपावत में लगभग 50 लाख रुपये की लागत से स्थापित ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट का गुरूवार को लोकार्पण किया गया। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत को आदर्श जिला बनाने के संकल्प को धरातल पर उतारने के लिए राज्य सरकार निरंतर कार्य कर रही है। स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत उनके लिए केवल एक विधानसभा क्षेत्र नहीं, बल्कि कर्मभूमि है। उन्होंने कहा कि ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की स्थापना से जिले में स्वास्थ्य सेवाओं को नई मजबूती मिलेगी। इस सुविधा के माध्यम से आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को आवश्यक जीवनरक्षक रक्त घटक समय पर उपलब्ध हो सकेंगे। चंपावत जिले में पहली बार यह सुविधा उपलब्ध हुई है। इससे पहले कुमाऊं मंडल के जिला चिकित्सालयों में यह सुविधा रुद्रपुर और पिथौरागढ़ में उपलब्ध थी।

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला चिकित्सालय चंपावत में लगभग 20 करोड़ रुपये की लागत से 50 बेड का अत्याधुनिक क्रिटिकल केयर ब्लॉक का निर्माण किया गया है। इसके साथ ही सीटी स्कैन, एमआरआई और डायलिसिस यूनिट जैसी सुविधाएं स्थापित की जा चुकी हैं। जिला चिकित्सालय में लगभग 11.71 करोड़ रुपये की लागत से लोअर ग्राउंड फ्लोर पर पार्किंग तथा प्रथम एवं द्वितीय तल पर डायग्नोस्टिक विंग और ऑपरेशन थिएटर का निर्माण किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में उत्तराखंड विकास के नए आयाम स्थापित कर रहा है। राज्य सरकार ने चंपावत को आदर्श जिला बनाने का संकल्प लिया है और इस दिशा में विभिन्न क्षेत्रों में योजनाबद्ध तरीके से कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जिले में विभिन्न मोटर मार्गों के निर्माण एवं चैड़ीकरण के कार्यों के साथ ही जाम की समस्या के समाधान के लिए आधुनिक पार्किंग सुविधाएं विकसित की जा रही हैं। चंपावत रोडवेज स्टेशन में 62 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक बहुमंजिला पार्किंग एवं शॉपिंग कॉम्प्लेक्स का निर्माण कार्य शुरू होने वाला है। मां पूर्णागिरि धाम, रीठा साहिब और पर्यटन आवास गृह में भी पार्किंग सुविधाओं का विकास किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत में भविष्य की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए मजबूत आधारभूत सुविधाओं का विकास किया जा रहा है। जिले में 66 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से आधुनिक सिटी ड्रेनेज सिस्टम विकसित किया जा रहा है। भूमिगत विद्युत लाइनों का कार्य भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इसके साथ ही 240 करोड़ रुपये से अधिक की लागत से जिले की पेयजल व्यवस्था को मजबूत किया जा रहा है। साइंस सेंटर, महिला स्पोर्ट्स कॉलेज और आधुनिक आईएसबीटी जैसी महत्वपूर्ण परियोजनाएं भी चंपावत के विकास को नई दिशा प्रदान कर रही हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि चंपावत को विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और आधारभूत सुविधाओं के क्षेत्र में उत्तराखंड का आदर्श मॉडल बनाने के लिए सरकार प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि चंपावत के विकास का कोई भी सपना अधूरा नहीं रहने दिया जाएगा और जिले के प्रत्येक गांव को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के साथ ही युवाओं के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को आधुनिक, सुलभ और जन-केंद्रित बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। जिला चिकित्सालय चंपावत में ब्लड कंपोनेंट सेपरेशन यूनिट की स्थापना से गंभीर एवं आपातकालीन परिस्थितियों में मरीजों को आवश्यक रक्त घटक स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगे। इससे मरीजों को समय पर उपचार मिलने के साथ ही उन्हें अन्य जिलों के अस्पतालों पर निर्भरता कम होगी।

इस अवसर पर सचिव स्वास्थ्य विनय शंकर पाण्डेय, दायित्वधारी सुभाष बगौली, विधायक प्रतिनिधि चंपावत प्रकाश चन्द्र तिवारी, भाजपा नेता सतीश पाण्डेय, वर्चुअल माध्यम से जिला पंचायत अध्यक्ष चंपावत आनन्द सिंह अधिकारी, चम्पावत के भाजपा जिलाध्यक्ष गोविन्द सामन्त, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद चम्पावत श्रीमती प्रेमा पाण्डेय, अध्यक्ष नगर पालिका परिषद लोहाघाट गोविन्द वर्मा, दायित्वधारी  श्याम नारायण पाण्डेय, मनोज कालाकोटी, मुकेश महराना, हेमा जोशी, किरन देवी, बलाॅक प्रमुख चम्पावत श्रीमती अंचला बोहरा, भाजपा के जिला महामंत्री मुकेश कलखुड़िया एवं अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद थे।


देहरादून में भागवत कथा के दौरान चेन चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का खुलासा, चार गिरफ्तार

देहरादून। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर दून पुलिस ने भागवत कथा और धार्मिक आयोजनों के दौरान महिलाओं के गहने चोरी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पंजाब के पटियाला से जुड़े समाना गैंग के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। आरोपितों के कब्जे से चोरी की तीन सोने की चेन, 10 हजार रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल होने वाला चेन कटर बरामद किया गया है।

पुलिस के अनुसार, 10 अगस्त को पटेलनगर कोतवाली क्षेत्र के जीएमएस रोड स्थित एक होटल में भागवत कथा का आयोजन किया गया था। इस दौरान चार महिलाओं के गले से चेन और मंगलसूत्र चोरी होने की घटनाएं सामने आई थीं। पीड़ित महिलाओं की शिकायत पर पुलिस ने तीन अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए थे।

मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी के निर्देश पर प्रभारी निरीक्षक पटेलनगर के नेतृत्व में पुलिस की अलग-अलग टीमें गठित की गईं। टीमों ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और पीड़ित महिलाओं समेत आयोजन में मौजूद अन्य लोगों से पूछताछ की। संदिग्धों के हुलिए के आधार पर पुलिस ने पहले इस तरह की घटनाओं में शामिल रहे अपराधियों की जानकारी भी जुटाई।

सोशल मीडिया से धार्मिक आयोजनों की तलाश

जांच के दौरान पुलिस को पंजाब के पटियाला से सक्रिय एक चेन चोर गिरोह के बारे में जानकारी मिली। पुलिस ने गिरोह की गतिविधियों पर नजर रखने के साथ मुखबिर तंत्र को भी सक्रिय किया।

पूछताछ में आरोपितों ने बताया कि गिरोह के सदस्य सोशल मीडिया और यूट्यूब के जरिए अलग-अलग शहरों में होने वाली भागवत कथाओं और धार्मिक आयोजनों की जानकारी जुटाते थे। इसके बाद गिरोह के सदस्य आयोजन स्थल पर पहुंचते थे। इनमें अधिकतर महिलाएं होती थीं, जो भजन-कीर्तन में शामिल होने के बहाने भीड़ में घुल-मिल जाती थीं।

मौका मिलते ही गिरोह की महिलाएं आयोजन में आई महिलाओं के गले से चेन और अन्य आभूषण चोरी कर लेती थीं। वारदात के बाद गिरोह के अन्य सदस्य आयोजन स्थल के बाहर कार में उनका इंतजार करते थे और सभी आरोपी वहां से फरार हो जाते थे।

दोबारा वारदात की फिराक में थे आरोपी

पुलिस को 19 अगस्त को सूचना मिली कि गिरोह के कुछ सदस्य दोबारा देहरादून लौटे हैं और किसी अन्य वारदात को अंजाम देने की तैयारी में हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने हरिद्वार बायपास रोड पर चेकिंग अभियान चलाया। इसी दौरान दो महिलाओं समेत चार आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया गया।

गिरफ्तार आरोपितों की पहचान पटियाला निवासी अजय सिंह, गुरुप्रीत सिंह, हरजिन्दर कौर उर्फ रानी और पूजा कौर उर्फ लाडी के रूप में हुई है।

पुलिस ने आरोपितों के पास से तीन पीली धातु की चेन, 10 हजार रुपये नकद, चेन काटने वाला कटर और वारदात में इस्तेमाल होंडा सिटी कार बरामद की है।

पुलिस अब आरोपितों के आपराधिक रिकॉर्ड और गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में जानकारी जुटा रही है। जांच में यह भी पता लगाया जा रहा है कि गिरोह ने देहरादून के अलावा अन्य शहरों में कितनी वारदातों को अंजाम दिया है।


BCI चेयरमैन के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में वकीलों का प्रदर्शन

फर्जी लॉ कॉलेज और वकीलों की सुरक्षा पर उठे सवाल

नई दिल्ली। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के चेयरमैन मनन कुमार मिश्रा के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में वकीलों का विरोध प्रदर्शन शुरू हो गया है। ऑल इंडिया यंग एडवोकेट्स एसोसिएशन के नेतृत्व में हो रहे प्रदर्शन को कॉकरोच जनता पार्टी का भी समर्थन मिलने की बात कही गई है। प्रदर्शन को देखते हुए बीसीआई कार्यालय के आसपास सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। विरोध के दौरान एनएएलएसएआर से जुड़े विवाद का मुद्दा भी सामने आया।

प्रदर्शनकारी अधिवक्ताओं ने बीसीआई नेतृत्व पर वकीलों और कानून के विद्यार्थियों से जुड़े कल्याणकारी मुद्दों की अनदेखी करने का आरोप लगाया। अधिवक्ता उमेश कुमार ने कहा कि देश में वकीलों पर हमलों और उनकी सुरक्षा से जुड़े मामले सामने आ रहे हैं, लेकिन इन घटनाओं पर बीसीआई की ओर से अपेक्षित हस्तक्षेप नहीं किया गया।

उन्होंने हाल ही में हैदराबाद में एक वरिष्ठ अधिवक्ता की मौत का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि ऐसे मामलों में बीसीआई की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी गई। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि वकीलों के कल्याण से जुड़े मुद्दों पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया जा रहा है।

स्टाइपेंड से लेकर सुरक्षा तक के मुद्दे उठाए

प्रदर्शनकारियों ने अधिवक्ताओं के लिए बेहतर कल्याण योजनाएं, एडवोकेट्स एक्ट में सुधार, युवा वकीलों के लिए स्टाइपेंड, चैंबर की सुविधा और अधिवक्ताओं की सुरक्षा जैसे मुद्दे उठाए। इसके साथ ही देश में कानून कॉलेजों की निगरानी व्यवस्था को मजबूत करने और कथित फर्जी लॉ कॉलेजों एवं फर्जी डिग्रियों पर कार्रवाई की मांग भी की गई।

अधिवक्ता उमेश कुमार ने बीसीआई के आधिकारिक पत्रों के कथित दुरुपयोग का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि बार काउंसिल को वकीलों और कानून के छात्रों से जुड़े मूलभूत मुद्दों पर अधिक सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए।

फर्जी वकीलों के दावे पर भी उठे सवाल

प्रदर्शन के दौरान देश में कथित फर्जी वकीलों की संख्या को लेकर भी दावा किया गया। उमेश कुमार ने आरोप लगाया कि कानूनी पेशे में बड़ी संख्या में ऐसे लोग मौजूद हैं, जिनकी वैधता पर सवाल उठते हैं। उन्होंने दावा किया कि करीब 35 से 40 प्रतिशत लोग फर्जी वकील हैं।

प्रदर्शनकारियों ने बीसीआई से वकीलों की सुरक्षा, युवा अधिवक्ताओं के हित और कानूनी शिक्षा की गुणवत्ता से जुड़े मुद्दों पर ठोस कदम उठाने की मांग की है।


दिल्ली में हथियार तस्करी के नेटवर्क का खुलासा, 10 अवैध हथियारों के साथ तस्कर गिरफ्तार

नई दिल्ली। दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने अंतरराज्यीय हथियार तस्करी से जुड़े एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 10 अवैध हथियार बरामद किए हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मध्य प्रदेश के बुरहानपुर जिले के नेपानगर निवासी प्रेम सिंह राठौड़ के रूप में हुई है। पुलिस अब इस नेटवर्क के अन्य सदस्यों और कथित मास्टरमाइंड की तलाश में जुटी है।

डीसीपी नारा चैतन्य के अनुसार, पुलिस को लंबे समय से दिल्ली-एनसीआर समेत राजस्थान, मध्य प्रदेश, गुजरात और उत्तर प्रदेश में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले गिरोह की जानकारी मिल रही थी। इनपुट के आधार पर स्पेशल सेल की टीम ने आरोपी की गतिविधियों पर नजर रखनी शुरू की।

पुलिस के मुताबिक, 8 अगस्त को मिली गुप्त सूचना के आधार पर टीम ने दिल्ली-गुरुग्राम हाईवे पर शंकर विहार बस स्टैंड के नजदीक कार्रवाई की और प्रेम सिंह राठौड़ को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक जिगाना पिस्टल, चार 7.65 एमएम सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और पांच कट्टे बरामद हुए।

इस मामले में स्पेशल सेल ने आर्म्स एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस अब बरामद हथियारों की सप्लाई और संभावित खरीदारों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह करीब एक साल से बुरहानपुर निवासी राहुल के लिए हथियारों की डिलीवरी कर रहा था। पुलिस के अनुसार, राहुल स्थानीय कारीगरों से अवैध हथियार तैयार करवाता था और फिर कूरियर के जरिए दिल्ली-एनसीआर सहित आसपास के राज्यों में हथियार पहुंचाए जाते थे।

जांच एजेंसियों को आशंका है कि इस नेटवर्क के जरिए हथियार अपराधियों और गैंग से जुड़े लोगों तक पहुंचाए जा रहे थे। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने अब तक कितनी खेप पहुंचाई और इस नेटवर्क से कौन-कौन लोग जुड़े हैं।

पुलिस के मुताबिक, प्रेम सिंह राठौड़ पहले अपने गांव में खेती-किसानी करता था। बाद में वह हथियार तस्करी के नेटवर्क में शामिल हो गया। स्पेशल सेल अब कथित मास्टरमाइंड राहुल समेत गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश कर रही है।

पुलिस का कहना है कि हथियारों की यह खेप समय रहते पकड़ लिए जाने से दिल्ली-एनसीआर में संभावित आपराधिक वारदातों को रोकने में मदद मिली है। मामले में आगे की जांच जारी है।


कीव पर रूसी मिसाइल हमले में छह लोगों की मौत, 33 घायल

कीव। यूक्रेन की राजधानी कीव में रूसी मिसाइल हमलों ने भारी तबाही मचाई है। रातभर कई इलाकों में धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं। स्थानीय अधिकारियों के मुताबिक, हमले में कम से कम छह लोगों की मौत हुई है, जबकि 33 लोग घायल बताए जा रहे हैं। गुरुवार सुबह तक राजधानी में हवाई हमले का अलर्ट जारी रहा।

यूक्रेन की आपातकालीन सेवाओं के अनुसार, हमले से कीव के कई हिस्से प्रभावित हुए। डार्नीत्स्की, स्वियातोशिन्स्की और सोलोमियांस्की जिलों में करीब 12 स्थानों पर नुकसान की सूचना है। प्रभावित क्षेत्रों में आवासीय इमारतों के अलावा एक चिकित्सा केंद्र और शैक्षणिक संस्थान भी शामिल हैं।

सोलोमियांस्की जिले में नौ मंजिला एक रिहायशी इमारत की ऊपरी दो मंजिलें हमले में पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। इमारत के अन्य हिस्सों में भी आग लग गई। इसके अलावा दो अन्य आवासीय इमारतों और एक स्कूल के आश्रय स्थल में लोगों के फंसे होने की सूचना मिली।

आपातकालीन बचाव दल ने मौके पर पहुंचकर राहत और बचाव अभियान चलाया। मलबे में दबे लोगों को बाहर निकाला गया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया गया।

रिपोर्टों के मुताबिक, रूस ने कीव की हवाई सुरक्षा व्यवस्था को निशाना बनाते हुए मिसाइल हमले तेज किए हैं। यूक्रेन के पास आने वाली मिसाइलों को रोकने वाली सीमित संख्या में प्रणालियां हैं। वहीं, अमेरिकी पैट्रियट एयर डिफेंस सिस्टम के लिए जरूरी मिसाइलों की उपलब्धता भी सीमित बनी हुई है।

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की ओर से यूक्रेन को पैट्रियट वायु रक्षा प्रणालियों के उत्पादन के लिए लाइसेंस देने की अनुमति दिए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन बाद में इस फैसले को बदल दिया गया।

दूसरी ओर, यूक्रेन ने भी रूस के भीतर मौजूद सैन्य ठिकानों और रणनीतिक लक्ष्यों पर लंबी दूरी के हमले तेज कर दिए हैं। यूक्रेन का उद्देश्य रूस की उन क्षमताओं को कमजोर करना है, जिनके जरिए मॉस्को यूक्रेनी शहरों पर लगातार हमले कर रहा है।

दोनों देशों के बीच हमलों में बढ़ोतरी के बीच कीव में ताजा रूसी हमले ने नागरिक इलाकों में सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ा दी है। स्थानीय प्रशासन और आपातकालीन एजेंसियां प्रभावित क्षेत्रों में राहत कार्य जारी रखे हुए हैं।


पुलिस पर फायरिंग के मामले में PLFI सुप्रीमो अमृत होरो को 3 साल की सजा, 30 हजार जुर्माना

गुमला। पुलिस टीम पर फायरिंग कर फरार होने की कोशिश करने के मामले में एडीजे-3 भूपेश कुमार की अदालत ने पीएलएफआई सुप्रीमो अमृत होरो उर्फ मेचो को तीन साल के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये का आर्थिक दंड भी लगाया है।

मामला वर्ष 2015 का है। 13 जून को कामडारा पुलिस को सूचना मिली थी कि अमृत होरो अपने कुछ साथियों के साथ थाना क्षेत्र के गरई इलाके में मौजूद है। सूचना मिलने के बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर घेराबंदी की।

पुलिस को देखते ही अमृत होरो ने कथित तौर पर फायरिंग शुरू कर दी और मौके से भागने लगा। पुलिस से बचने के दौरान वह एक कुएं में जा गिरा। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उसे बाहर निकालकर गिरफ्तार कर लिया था। घटना को लेकर कामडारा थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी।

लंबी कानूनी प्रक्रिया के बाद मामले की सुनवाई पूरी हुई और बुधवार को अदालत ने अमृत होरो को दोषी मानते हुए तीन वर्ष की सजा सुनाई। इसके साथ ही उस पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।

अमृत होरो को मई 2026 में लापुंग थाना क्षेत्र में आयोजित एक शादी समारोह के दौरान पुलिस ने गिरफ्तार किया था। उस पर 10 लाख रुपये का इनाम घोषित था। पूर्व पीएलएफआई सुप्रीमो मार्टिन केरकेट्टा के मारे जाने के बाद अगस्त 2025 में अमृत होरो के संगठन की कमान संभालने की बात सामने आई थी।

पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, अमृत होरो लंबे समय से झारखंड के विभिन्न इलाकों में सक्रिय रहा है। उसके खिलाफ हत्या, आगजनी, रंगदारी और ठेकेदारों को धमकाने जैसे कई गंभीर आरोप हैं। रांची, खूंटी, गुमला, लोहरदगा और पश्चिमी सिंहभूम जिलों के अलग-अलग थानों में उसके खिलाफ 50 से अधिक नक्सली मामले दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।

पुलिस के मुताबिक, अमृत होरो पर कारोबारियों, ईंट-भट्ठा संचालकों और निर्माण कार्य से जुड़े ठेकेदारों से लेवी वसूलने के आरोप भी रहे हैं। वर्ष 2023 में लापुंग क्षेत्र में एक व्यक्ति की हत्या और 2024 में पश्चिमी सिंहभूम में संगठन के एक कथित बागी सदस्य की हत्या के मामले में भी उसका नाम सामने आया था।

अप्रैल 2026 में खूंटी के कर्रा थाना क्षेत्र में एक रेल लाइन परियोजना की साइट पर फायरिंग और रोड रोलर में आग लगाने की घटना में भी उसके गिरोह की संलिप्तता बताई गई थी। इस मामले में ठेकेदार से 50 लाख रुपये की रंगदारी मांगने का आरोप है। पुलिस के अनुसार, लोहरदगा और पिठौरिया क्षेत्र में भी लेवी वसूली के लिए धमकी देने के मामले सामने आए थे।


डिमटा बैंड के पास NH-707A का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त, दोनों तरफ से यातायात पूरी तरह ठप

यात्रियों से वैकल्पिक मार्ग अपनाने की अपील

देहरादून। उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश के बीच सड़कें और राजमार्ग प्रभावित होने का सिलसिला जारी है। देर रात डिमटा बैंड के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-707ए का एक बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त होकर टूट गया। सड़क का हिस्सा टूटने से कैम्पटी-यमुना ब्रिज मार्ग पर दोनों तरफ से वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई है। इससे मसूरी और यमुना घाटी के बीच सफर करने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं।

सड़क टूटने की जानकारी मिलते ही कैम्पटी पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था संभाली। थानाध्यक्ष कैम्पटी योगेंद्र सिंह गुसाईं ने वाहन चालकों और यात्रियों से फिलहाल मसूरी से यमुना ब्रिज की ओर यात्रा न करने की अपील की है। वहीं यमुना घाटी से मसूरी की तरफ आने वाले वाहनों को भी इस मार्ग का इस्तेमाल नहीं करने की सलाह दी गई है।

पुलिस ने लोगों से कहा है कि जब तक प्रशासन की ओर से मार्ग खोलने को लेकर आधिकारिक सूचना जारी नहीं होती, तब तक वैकल्पिक रास्तों का इस्तेमाल करें। क्षतिग्रस्त सड़क के आसपास जाने से भी लोगों को बचने की सलाह दी गई है। मार्ग बंद होने से स्थानीय निवासियों के साथ पर्यटकों और अन्य यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।

सड़क बहाली के लिए वैकल्पिक रास्ते पर काम की तैयारी

एनएच-707ए के अधिशासी अभियंता विपुल सैनी ने बताया कि डिमटा बैंड के समीप सड़क का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हुआ है। विभागीय टीम मौके का निरीक्षण करेगी। उन्होंने बताया कि सड़क को पहाड़ की तरफ से कटिंग कर वैकल्पिक रूप से तैयार करने की संभावना पर काम किया जाएगा, ताकि यातायात को जल्द बहाल किया जा सके।

फिलहाल मार्ग की स्थिति को देखते हुए प्रशासन और पुलिस ने लोगों से अनावश्यक यात्रा से बचने, क्षतिग्रस्त हिस्से से दूर रहने और मार्ग बहाली से संबंधित आधिकारिक सूचना का इंतजार करने की अपील की है।


काशीपुर में टेंट कारोबारी हत्याकांड का खुलासा, पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर रची थी साजिश

काशीपुर। प्रतापपुर क्षेत्र में कार के अंदर खून से लथपथ मिले टेंट कारोबारी संजीव कुमार की मौत के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। जांच में सामने आया कि संजीव की हत्या किसी हादसे का नतीजा नहीं, बल्कि सुनियोजित साजिश थी। पुलिस के मुताबिक, मृतक की पत्नी निशा ने अपने प्रेमी के साथ मिलकर हत्या की योजना बनाई थी। वारदात को अंजाम देने में दुकान पर काम करने वाले दो किशोरों का इस्तेमाल किया गया।

पुलिस ने मोबाइल कॉल डिटेल, लोकेशन, सीसीटीवी फुटेज और फोरेंसिक साक्ष्यों की मदद से मामले की कड़ियां जोड़ीं। पूछताछ और जांच के दौरान पत्नी और किशोर के बीच प्रेम संबंध की बात सामने आई। पुलिस का कहना है कि पति-पत्नी के बीच लगातार विवाद होते थे, जिसके बाद संजीव को रास्ते से हटाने की साजिश रची गई।

एसएसपी अजय गणपति के अनुसार, 16 अगस्त को एक किशोर ने जन्मदिन मनाने के बहाने संजीव से रामनगर घूमने चलने की बात कही। दोनों किशोर संजीव की कार में उसके साथ रामनगर गए। वापसी के दौरान राजपुर रोड, थारी के पास कार में पीछे बैठे एक किशोर ने 12 बोर के तमंचे से संजीव की गर्दन पर सटाकर गोली चला दी।

गोली लगने के बाद कार अनियंत्रित होकर खेत में जा गिरी। वारदात के बाद दोनों किशोर मौके से फरार हो गए और संजीव को कार में ही छोड़ दिया। पुलिस के मुताबिक, इससे पहले रामनगर में भी हत्या की कोशिश की गई थी, लेकिन वह सफल नहीं हो सकी। बाद में संजीव के नशे में होने का फायदा उठाकर उसकी हत्या कर दी गई।

जांच में यह भी सामने आया कि वारदात के बाद आरोपी किशोर ने संजीव की पत्नी निशा को मैसेज भेजकर काम पूरा होने की जानकारी दी थी। पुलिस ने इसी तरह के डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच आगे बढ़ाई। निशा के बयानों और तकनीकी साक्ष्यों में अंतर मिलने के बाद पुलिस का शक गहरा गया।

17 अगस्त को कार में संजीव का शव मिलने के बाद शुरुआती जांच में गले पर चोट के निशान भी संदिग्ध पाए गए थे। इसके बाद पुलिस ने हत्या के एंगल से जांच शुरू की।

पुलिस और एसओजी की टीम ने दोनों किशोरों को मालवा फार्म पुलिया के पास से पकड़ा। उनकी निशानदेही पर 12 बोर का तमंचा, तीन खोखे, पांच जिंदा कारतूस और खून से सने कपड़े बरामद किए गए। पुलिस ने मृतक की पत्नी निशा को भी गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, अवैध संबंध करीब एक साल से चल रहे थे और इसकी जानकारी संजीव को नहीं थी। हत्या के लिए इस्तेमाल तमंचा करीब एक महीने पहले खरीदा गया था। पुलिस अब हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति की भी तलाश कर रही है।

दोनों किशोरों के शैक्षणिक दस्तावेजों की जांच में उनकी उम्र नाबालिग पाए जाने के बाद उनके खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। पुलिस मामले में अन्य संभावित आरोपितों और हथियार सप्लायर की भूमिका की भी जांच कर रही है।


‘हैवान’ का पहला गाना ‘मेरे हीरो है वो’ हुआ रिलीज

करीब 18 साल बाद अक्षय कुमार और सैफ अली खान की जोड़ी एक बार फिर बड़े पर्दे पर साथ दिखाई देने वाली है। दोनों की आगामी फिल्म ‘हैवान’ को लेकर दर्शकों में पहले से ही उत्सुकता बनी हुई है। फिल्म के टीजर के बाद अब इसका पहला गाना ‘मेरे हीरो है वो’ रिलीज कर दिया गया है, जिसे दर्शकों की ओर से अच्छी प्रतिक्रिया मिल रही है। गाने में सैफ अली खान का भावुक और अलग अंदाज देखने को मिल रहा है।

सैफ निभा रहे दृष्टिबाधित व्यक्ति का किरदार

प्रियदर्शन के निर्देशन में बनी ‘हैवान’ में अक्षय कुमार नकारात्मक भूमिका में नजर आएंगे, जबकि सैफ अली खान एक दृष्टिबाधित व्यक्ति का किरदार निभा रहे हैं। फिल्म का टीजर पहले ही जारी किया जा चुका है। हालांकि टीजर में संवाद नहीं थे, लेकिन दोनों अभिनेताओं के किरदारों की झलक ने कहानी को लेकर उत्सुकता बढ़ा दी थी।

अब गाने के रिलीज होने के बाद सैफ के किरदार को लेकर तस्वीर काफी स्पष्ट हो गई है। ‘मेरे हीरो है वो’ में वह एक छोटी बच्ची को संगीत और गायन की शिक्षा देते दिखाई दे रहे हैं। गाने की कहानी पिता और बेटी के भावनात्मक रिश्ते के इर्द-गिर्द बुनी गई है।

जावेद अख्तर ने लिखे बोल, शान की आवाज ने बांधा समां

‘मेरे हीरो है वो’ के बोल जावेद अख्तर ने लिखे हैं, जबकि संगीत प्रीतम ने तैयार किया है। शान और वानिका नायक ने अपनी आवाज से इस गीत को सजाया है। गाने की सादगी और भावनात्मक प्रस्तुति इसे फिल्म के महत्वपूर्ण हिस्सों में से एक बनाती है।

गाने में सैफ का बच्ची के साथ जुड़ाव और उसे संगीत सिखाने का अंदाज कहानी में भावनात्मक गहराई जोड़ता है। गाने के जरिए फिल्म के पारिवारिक और संवेदनशील पहलू की झलक भी सामने आती है।

सोशल मीडिया पर गाने की तारीफ

गाना रिलीज होते ही सोशल मीडिया पर दर्शकों की प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं। कई यूजर्स ने इसे भावुक और दिल छू लेने वाला बताया। कुछ लोगों ने सैफ अली खान की भूमिका और शान की गायकी की खास तौर पर तारीफ की है। दर्शकों का कहना है कि गाने को बार-बार सुनने का मन करता है।

11 सितंबर को रिलीज होगी ‘हैवान’

‘हैवान’ का निर्देशन प्रियदर्शन ने किया है और फिल्म में अक्षय कुमार तथा सैफ अली खान लंबे अंतराल के बाद स्क्रीन साझा करेंगे। फिल्म 11 सितंबर 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होने वाली है। टीजर और पहले गाने के बाद अब दर्शकों की नजर फिल्म के ट्रेलर और बाकी गानों पर टिकी है।


कर्नाटक में पिता ने दो मासूम बच्चों को नहर में धकेला, खुद पुलिस को दी सूचना

बेंगलुरु। कर्नाटक के यादगीर जिले में पारिवारिक विवाद के बीच एक पिता पर अपने ही दो बच्चों की हत्या करने का गंभीर आरोप लगा है। बताया जा रहा है कि आरोपी ने अपने बेटे और बेटी को नहर में धकेल दिया। इसके बाद उसने खुद आपातकालीन नंबर 112 पर फोन कर पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी।

सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और तलाशी अभियान शुरू किया। पुलिस ने दोनों बच्चों के शव नहर से बरामद कर लिए। पुलिस के अनुसार, मृतकों में एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं।

बच्चों का मां से ज्यादा लगाव बना वजह

पुलिस की शुरुआती पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि दोनों बच्चे अपनी मां रेणुका के काफी करीब थे, जबकि उसके साथ उनके संबंध अच्छे नहीं थे। इसी बात को लेकर उसके मन में नाराजगी थी। पुलिस इस बयान के आधार पर घटना के पीछे की वजह की जांच कर रही है।

यादगीर के पुलिस अधीक्षक पृथ्वीक शंकर के मुताबिक, पुलिस नियंत्रण कक्ष को शांताप्पा नाम के व्यक्ति का 112 पर फोन आया था। उसने बताया कि वह अपने दो बच्चों को बिगूड़ी इलाके की नहर में धकेल चुका है।

पुलिस के अनुसार, आरोपी दोपहर करीब 2:15 से 2:30 बजे के बीच अपने तीन बच्चों को मोटरसाइकिल से लेकर नहर के पास पहुंचा था। वहां उसने कथित तौर पर अपने बेटे और बेटी को पानी में धकेल दिया। इसके बाद वह अपनी छह वर्षीय बेटी को अपने साथ लेकर यादगीर चला गया।

अलग-अलग समय पर मिले दोनों बच्चों के शव

यादगीर पहुंचने के बाद आरोपी ने पुलिस को फोन कर वारदात की जानकारी दी। एसपी के मुताबिक, बेटे का शव दोपहर करीब 3:30 बजे बरामद हुआ, जबकि बेटी का शव शाम करीब 5:30 से 6 बजे के बीच मिला।

पुलिस ने आरोपी पिता को हिरासत में ले लिया है। पहले मामले में अपहरण की धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था, जबकि अब हत्या की धारा भी जोड़ी जा रही है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और आरोपी से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है।


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