Saturday, August 22nd, 2026

Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

कटिहार में दिनदहाड़े चाकूबाजी, 20 वर्षीय युवक की मौत; बड़ा भाई घायल, आरोपी गिरफ्तार

Monthly Archives: August 2026

कटिहार में दिनदहाड़े चाकूबाजी, 20 वर्षीय युवक की मौत; बड़ा भाई घायल, आरोपी गिरफ्तार

 कटिहार। पोठिया थाना क्षेत्र के पोठिया बाजार स्थित फौजी चौक के पास शनिवार को दिनदहाड़े हुई चाकूबाजी में 20 वर्षीय युवक की मौत हो गई, जबकि उसका बड़ा भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतक की पहचान रविदास टोला वार्ड संख्या-14 निवासी गणेश रविदास के रूप में हुई है। घायल उसके भाई त्रिलोक रविदास का इलाज चल रहा है।

जानकारी के अनुसार किसी बात को लेकर गणेश और सौरव कुमार के बीच विवाद शुरू हुआ था। कुछ ही देर में कहासुनी ने हिंसक रूप ले लिया और आरोप है कि सौरव ने गणेश पर चाकू से कई वार कर दिए। बीच-बचाव करने पहुंचे उसके बड़े भाई त्रिलोक पर भी चाकू से हमला किया गया।

घटना के बाद दोनों घायलों को फलका सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने गणेश को मृत घोषित कर दिया, जबकि त्रिलोक का उपचार जारी है।

वारदात के कारण को लेकर मृतक की मां और घायल भाई के बयान अलग-अलग सामने आए हैं। मृतक की मां सुखो देवी का आरोप है कि आरोपी युवक कथित रूप से स्मैक बेचने का काम करता था और गणेश पर भी इसमें शामिल होने का दबाव बना रहा था। गणेश के इनकार करने पर आरोपी ने उस पर हमला कर दिया। बेटे को बचाने पहुंचे त्रिलोक को भी चाकू मारने का आरोप है।

वहीं, घायल त्रिलोक ने पुलिस को बताया कि विवाद खेत में कद्दू की फसल की सिंचाई को लेकर हुआ था। उसके अनुसार सौरव ने गणेश से खेत में पटवन के काम में मदद करने को कहा था। गणेश के मना करने पर दोनों में कहासुनी हुई और विवाद बढ़ने पर चाकूबाजी हो गई। इसी दौरान गणेश बीच-बचाव करने पहुंचा और आरोपी ने उस पर भी हमला कर दिया।

घटना के बाद ग्रामीणों के बीच स्मैक के लेन-देन को लेकर विवाद होने की चर्चा भी है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अलग-अलग बयानों और उपलब्ध साक्ष्यों की जांच के बाद ही वारदात की वास्तविक वजह स्पष्ट हो सकेगी।

घटना की सूचना मिलते ही पोठिया थानाध्यक्ष नवीन कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने मृतक के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल कटिहार भेज दिया।

पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी सौरव कुमार को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से घटना में इस्तेमाल किया गया चाकू भी बरामद किया गया है। पुलिस मामले की जांच के साथ घटना के पीछे की वास्तविक वजह और अन्य संभावित पहलुओं की पड़ताल कर रही है।


देवभूमि की पवित्रता और मूल स्वरूप को बनाए रखना सरकार की प्राथमिकता- मुख्यमंत्री

संत समाज का मार्गदर्शन धर्म, संस्कृति और राष्ट्र निर्माण की प्रेरणा- मुख्यमंत्री

हरिद्वार। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सप्तसरोवर रोड, भूपतवाला स्थित श्री ब्रह्म निवास आश्रम में पूज्य सतगुरु लाल दास महाराज के 51वें निर्वाण दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने सतगुरु लाल दास महाराज को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उनके आध्यात्मिक और सामाजिक योगदान को याद किया।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि सतगुरु लाल दास महाराज ने अपने जीवन में आध्यात्मिकता को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए समाज को सेवा, सत्य और भक्ति के मार्ग पर चलने की प्रेरणा दी। उन्होंने भक्ति को जन-जन तक पहुंचाने के साथ समाज को जोड़ने का काम किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी वाणी में अद्भुत शक्ति और दृष्टि में असीम करुणा थी। सतगुरु ने जीवनभर सेवा को सबसे बड़ा धर्म बताया।

उन्होंने कहा कि संतों का सानिध्य और सतगुरु की कृपा मिलना सौभाग्य की बात है। भारतीय संत समाज ने हमेशा धर्म, संस्कृति और राष्ट्र की रक्षा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। संतों के मार्गदर्शन से समाज को अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा मिलती है।

धार्मिक स्थलों के विकास पर सरकार का फोकस

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में सनातन धार्मिक संस्कृति के पुनर्जागरण का स्वर्णिम काल चल रहा है। अयोध्या में श्रीराम मंदिर, काशी कॉरिडोर और उज्जैन में महाकाल कॉरिडोर जैसे कार्यों के साथ उत्तराखंड के धार्मिक स्थलों के विकास पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में 2013 की आपदा से क्षतिग्रस्त केदारनाथ धाम का पुनर्निर्माण किया गया है। इसके साथ ही मंदिर माला मिशन के तहत प्रदेश के विभिन्न मंदिरों के पुनर्निर्माण और सौंदर्यीकरण का कार्य किया जा रहा है।

सीएम धामी ने बताया कि केदारनाथ और हेमकुंड साहिब के लिए रोपवे परियोजनाओं पर काम चल रहा है। इन परियोजनाओं के पूरा होने से दुर्गम तीर्थस्थलों तक श्रद्धालुओं की पहुंच आसान होगी और बुजुर्ग तीर्थयात्रियों को भी काफी सुविधा मिलेगी। वहीं हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, ऋषिकेश कॉरिडोर, आस्था पथ और शारदा एवं यमुना तटों के विकास से जुड़े कार्य भी आगे बढ़ाए जा रहे हैं।

देवभूमि की पहचान और पवित्रता सुरक्षित रखना जरूरी

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की देवभूमि का मूल स्वरूप, पवित्रता और सांस्कृतिक पहचान सुरक्षित रहना बेहद जरूरी है। सरकार का प्रयास है कि देश-दुनिया से आने वाले श्रद्धालुओं को स्वच्छ, सुरक्षित और आध्यात्मिक वातावरण उपलब्ध कराया जाए। उन्होंने कहा कि अवैध निर्माण और देवभूमि की संस्कृति एवं सामाजिक वातावरण को प्रभावित करने वाली गतिविधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है।

उन्होंने देहरादून में स्थापित हिंदू अध्ययन केंद्र का भी उल्लेख किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र में धर्म और संस्कृति के साथ ज्ञान-विज्ञान के क्षेत्र में अध्ययन, शोध और अनुसंधान को बढ़ावा दिया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बाबा केदार की धरती से 21वीं सदी के तीसरे दशक को उत्तराखंड का दशक बनाने का आह्वान किया था। इसी लक्ष्य के अनुरूप राज्य में धर्म, विकास, नवाचार और ज्ञान के क्षेत्रों में काम किया जा रहा है। सरकार का उद्देश्य उत्तराखंड को आत्मनिर्भर बनाने के साथ देश के अग्रणी राज्यों में शामिल करना है।

57 वर्षों से जारी है अखंड भोजन सेवा

कार्यक्रम में सतगुरु चेतनानंद भूरी वाले ने बताया कि संस्था पिछले 57 वर्षों से लगातार अखंड भोजन सेवा चला रही है और गरीब एवं जरूरतमंद लोगों की सेवा के लिए निरंतर कार्य कर रही है। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि प्रदेश में लागू किए गए कई नियम और कानून देश के लिए उदाहरण बन रहे हैं तथा राज्य विकास के पथ पर आगे बढ़ रहा है।

इस अवसर पर कैबिनेट मंत्री मदन कौशिक और आपदा प्रबंधन उपाध्यक्ष विनय रोहिल्ला ने भी विचार रखे।

कार्यक्रम में महामंडलेश्वर स्वामी ललितानंद गिरि महाराज, रुड़की की मेयर अनीता अग्रवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष आशुतोष शर्मा, राज्य मंत्री शोभाराम प्रजापति, ओमप्रकाश जमदग्नि, प्रदेश सह-मीडिया प्रभारी विकास तिवारी, आशु चौधरी, जिलाधिकारी मयूर दीक्षित, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून प्रमेंद्र डोभाल, एसपी ट्रैफिक निशा यादव, अपर जिलाधिकारी जितेंद्र कुमार, सिटी मजिस्ट्रेट हर गिरी, उप जिलाधिकारी योगेश मेहरा, एचआरडीए सचिव प्रत्यूष सिंह समेत साधु-संत और विभिन्न राज्यों से आए श्रद्धालु मौजूद रहे।


आईटी पार्क के लिए बनेगा वैज्ञानिक ड्रेनेज प्लान, डीएम ने दिए सर्वे के निर्देश

सितंबर में पूरा होगा विस्तृत सर्वेक्षण

देहरादून। सहस्रधारा मोटर मार्ग स्थित आईटी पार्क क्षेत्र में बरसात के दौरान होने वाले जलभराव से निजात दिलाने के लिए जिला प्रशासन ने कवायद तेज कर दी है। जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने शनिवार को ऋषिपर्णा सभागार में उच्चस्तरीय बैठक कर अधिकारियों को क्षेत्र का विस्तृत तकनीकी सर्वेक्षण कराने और वैज्ञानिक ड्रेनेज प्लान तैयार करने के निर्देश दिए।

बैठक में सिडकुल, लोक निर्माण विभाग, सिंचाई विभाग और अनुसंधान एवं नियोजन खंड के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ दिल्ली से वर्चुअल माध्यम से एनआईवीवी कंसल्टेंसी सर्विसेज के प्रतिनिधियों ने प्रतिभाग किया।

जिलाधिकारी ने कहा कि मानसून के दौरान देहरादून की सड़कों पर जलभराव की समस्या लगातार गंभीर होती जा रही है। इसका स्थायी समाधान केवल तत्काल पानी निकालने तक सीमित नहीं होना चाहिए, बल्कि शहर में वैज्ञानिक और सुव्यवस्थित ड्रेनेज सिस्टम विकसित करने पर जोर दिया जाना चाहिए।

उन्होंने सिंचाई विभाग के माध्यम से चयनित कंसल्टेंसी के विशेषज्ञों को आईटी पार्क क्षेत्र में जलभराव के वास्तविक कारणों का तकनीकी अध्ययन करने के निर्देश दिए। सर्वेक्षण के दौरान क्षेत्र की भौगोलिक स्थिति, प्राकृतिक जल निकासी मार्ग, बारिश के पानी के प्रवाह और मौजूदा ड्रेनेज व्यवस्था का समग्र अध्ययन किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सितंबर में आईटी पार्क क्षेत्र का विस्तृत सर्वे पूरा कराने के निर्देश दिए हैं। सर्वेक्षण के आधार पर कंसल्टेंसी द्वारा दिए जाने वाले सुझावों और प्रस्तावित समाधानों का तकनीकी परीक्षण किया जाएगा। इसके बाद प्रभावी ड्रेनेज प्लान तैयार कर शासन स्तर पर उच्चाधिकारियों के समक्ष प्रस्तुत किया जाएगा, ताकि आवश्यक स्वीकृति मिलने के बाद कार्य शुरू कराया जा सके।

डीएम ने कहा कि जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान होने से आईटी पार्क क्षेत्र में आवागमन सुगम होगा। साथ ही स्थानीय नागरिकों, कर्मचारियों और आम लोगों को बारिश के दौरान होने वाली परेशानियों से राहत मिलेगी। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ समयबद्ध तरीके से कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) केके मिश्रा, अधिशासी अभियंता भृगुनाथ द्विवेदी, एजीएम सिडकुल विनय शंकर, अधिशासी अभियंता सिंचाई ईआर पुरुषोत्तम, सहायक अभियंता पीएस रावत, नेहा सिंह समेत दिल्ली से एनआईवीवी कंसल्टेंसी सर्विसेज के पदाधिकारी मौजूद रहे।


शादी और सरकारी नौकरी का झांसा देकर नर्सिंग स्टाफ से 32 लाख की ठगी, आरोपी गिरफ्तार

अभियुक्त पूर्व में स्वास्थ विभाग में संविदा पर फार्मेसिस्ट के पद पर था नियुक्त

देहरादून। शादी और स्वास्थ्य विभाग में सरकारी नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक नर्सिंग स्टाफ से करीब 32 लाख रुपये की धोखाधड़ी करने के आरोप में नेहरू कॉलोनी थाना पुलिस ने आरोपी चारू चन्द्र जोशी को पिथौरागढ़ से गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी खुद को स्वास्थ्य विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर बताकर लोगों को नौकरी दिलाने का झांसा देता था। गिरफ्तारी के बाद उसे ट्रांजिट रिमांड पर देहरादून लाया गया है।

पुलिस के अनुसार, 17 अगस्त 2026 को पीड़िता ने थाना नेहरू कॉलोनी में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता एक निजी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के पद पर कार्यरत है। उसकी मुलाकात आरोपी चारू चन्द्र जोशी से शादी डॉट कॉम के माध्यम से हुई थी। आरोप है कि आरोपी ने खुद को स्वास्थ्य विभाग में ड्रग इंस्पेक्टर बताते हुए उच्चाधिकारियों से अच्छी पहचान होने का दावा किया। इसके बाद शादी करने और स्वास्थ्य विभाग में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर अलग-अलग तिथियों में पीड़िता से करीब 32 लाख रुपये ले लिए।

शिकायत के आधार पर थाना नेहरू कॉलोनी में मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून ने आरोपी की गिरफ्तारी के निर्देश दिए। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ पहले भी नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी के कई मुकदमे दर्ज हैं और वह पूर्व में जेल भी जा चुका है।

पुलिस टीम ने सर्विलांस और अन्य माध्यमों से आरोपी की तलाश शुरू की। जांच के दौरान पता चला कि आरोपी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा है और पिथौरागढ़ के रास्ते नेपाल भागने की फिराक में है। सूचना के आधार पर देहरादून पुलिस ने पिथौरागढ़ पुलिस से समन्वय स्थापित किया और टीम को वहां रवाना किया। पुलिस ने गोपनीय सूचना के आधार पर 21 अगस्त को पिथौरागढ़ के एंचोली क्षेत्र से आरोपी चारू चन्द्र जोशी को गिरफ्तार कर लिया।

इसके बाद आरोपी को पिथौरागढ़ की अदालत में पेश कर ट्रांजिट रिमांड हासिल किया गया और उसे देहरादून लाया गया।

पहले स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर था आरोपी

पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह वर्ष 2016 में स्वास्थ्य विभाग में संविदा पर फार्मासिस्ट के पद पर कार्यरत था। वर्ष 2022 में उसके खिलाफ नैनीताल जनपद में धोखाधड़ी और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज हुआ था, जिसमें उसे जेल जाना पड़ा। इसके बाद उसे स्वास्थ्य विभाग की नौकरी से हटा दिया गया।

पुलिस के अनुसार, जेल से बाहर आने के बाद आरोपी ने अपनी पूर्व नौकरी और स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी पहचान का फायदा उठाना शुरू किया। वह खुद को स्वास्थ्य विभाग में कार्यरत बताकर अधिकारियों से अच्छी पहचान होने का दावा करता और सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को नौकरी लगवाने का झांसा देकर उनसे मोटी रकम ऐंठता था।

पूछताछ में आरोपी ने यह भी बताया कि वर्तमान मामले में पीड़िता से प्राप्त रकम का अधिकांश हिस्सा उसने अपने खिलाफ दर्ज पुराने मुकदमों के सेटलमेंट के लिए संबंधित लोगों को दे दिया। पुलिस अब आरोपी द्वारा बताए गए तथ्यों का दस्तावेजी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सत्यापन कर रही है।

पुलिस ने स्पष्ट किया कि अब तक की जांच में आरोपी द्वारा व्यक्तिगत स्तर पर नौकरी दिलाने का झूठा भरोसा देकर धोखाधड़ी करना सामने आया है। किसी परीक्षा एजेंसी या चयन प्रक्रिया से जुड़े व्यक्तियों के साथ उसके संपर्क में होने के प्रमाण अभी तक नहीं मिले हैं।

आरोपी के खिलाफ पहले भी कई मुकदमे

पुलिस के अनुसार आरोपी चारू चन्द्र जोशी के खिलाफ नैनीताल, ऋषिकेश, काशीपुर और देहरादून में धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में पहले से मुकदमे दर्ज हैं। उसके आपराधिक इतिहास में वर्ष 2022 के कई धोखाधड़ी के मामले, दुष्कर्म का मामला और वर्ष 2024 का धोखाधड़ी का मुकदमा शामिल है। वर्तमान में नेहरू कॉलोनी थाने में भी उसके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।

गिरफ्तारी करने वाली पुलिस टीम में थानाध्यक्ष नेहरू कॉलोनी उपनिरीक्षक मनोज नौटियाल, चौकी प्रभारी जोगीवाला उपनिरीक्षक गिरीश चन्द्र बडोनी, कांस्टेबल विनोद बचकोटी, कांस्टेबल विपिन सेमवाल, एसओजी की हेड कांस्टेबल किरन और कांस्टेबल आशीष राठी शामिल रहे।


देहरादून में ATM कार्ड बदलकर ठगी करने वाला अंतरराज्यीय गिरोह पर्दाफाश, 192 कार्ड बरामद

देहरादून। एसएसपी देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे संदिग्ध और आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ अभियान में विकासनगर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने एटीएम कार्ड बदलकर लोगों के बैंक खातों से रकम निकालने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से अलग-अलग बैंकों के 192 एटीएम/डेबिट कार्ड, 12 बोर का अवैध तमंचा, दो जिंदा कारतूस, कार, बाइक और मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

पुलिस के मुताबिक 21 अगस्त को हरबर्टपुर चौक के पास चेकिंग के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध लोग स्विफ्ट कार और मोटरसाइकिल से विकासनगर क्षेत्र में घूम रहे हैं। सूचना थी कि आरोपी एटीएम कार्ड बदलकर ठगी की वारदातों को अंजाम देते हैं और इलाके में भी किसी घटना की तैयारी में हैं।

सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पोंटा रोड स्थित ढालीपुर पुल से पहले आम के बगीचे के पास चेकिंग शुरू की। इसी दौरान स्विफ्ट कार में सवार चार संदिग्धों को रोका गया। तलाशी लेने पर उनके पास से बड़ी संख्या में एटीएम कार्ड, अवैध हथियार और कारतूस बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने इन कार्डों को अलग-अलग लोगों से ठगी कर हासिल करने की बात बताई।

गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सहारनपुर निवासी जगमोहन, मुजफ्फरनगर निवासी नीटू, सहारनपुर निवासी सोनू और रुड़की निवासी आशु कुमार के रूप में हुई है।

पूछताछ में पुलिस को पता चला कि गिरोह एटीएम बूथों के आसपास ऐसे लोगों की तलाश करता था, जिन्हें पैसे निकालने में मदद की जरूरत होती थी। आरोपी बुजुर्गों, महिलाओं और सीधे-सादे लोगों को मदद का भरोसा देकर उनका एटीएम कार्ड चालाकी से बदल देते थे। इसके बाद किसी तरह पिन की जानकारी हासिल कर खातों से रकम निकाल लेते थे।

पुलिस के अनुसार वारदात के बाद आरोपी मौके से जल्दी फरार होने के लिए कार और बाइक को घटनास्थल से कुछ दूरी पर खड़ा रखते थे। गिरोह के सदस्य विकासनगर में भी इसी तरह की ठगी करने की तैयारी में थे।

पुलिस जांच में आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। आरोपी पहले हिमाचल प्रदेश, जम्मू-कश्मीर, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और असम समेत कई स्थानों पर एटीएम ठगी और धोखाधड़ी के मामलों में जेल जा चुके हैं। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क और अन्य घटनाओं में संलिप्तता की जानकारी जुटा रही है।

पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ विकासनगर कोतवाली में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। बरामदगी में 192 एटीएम/डेबिट कार्ड, एक देसी तमंचा, दो कारतूस, स्विफ्ट कार, बिना नंबर की मोटरसाइकिल, 1,200 रुपये नकद और दो मोबाइल फोन शामिल हैं।


रोजगार और शोध के लिए आधुनिक कौशल जरूरी- ऋतु खण्डूडी भूषण

लीन सिक्स सिगमा व्हाइट बेल्ट कार्यशाला में विद्यार्थियों एवं प्राध्यापकों को वितरित किए प्रमाण-पत्र

कोटद्वार। डॉ. पीतांबर दत्त बड़थ्वाल हिमालयन राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, कोटद्वार में आयोजित दो दिवसीय “AI-Enabled Future-Ready Employability, Career & Research Development, and Institutional Process Excellence through Lean Six Sigma” कार्यशाला का समापन हुआ। कार्यक्रम में विधानसभा अध्यक्ष एवं कोटद्वार विधायक ऋतु खण्डूडी भूषण ने बतौर मुख्य अतिथि प्रतिभाग किया।

कार्यशाला के दूसरे दिन प्रतिभागियों को समस्याओं की पहचान कर उन्हें प्रभावी समाधान में बदलने और संस्थागत प्रक्रियाओं को अधिक बेहतर एवं परिणाममुखी बनाने की जानकारी दी गई। इंटरनेशनल प्रोसेस एक्सीलेंस काउंसिल के रिसोर्स पर्सन दीपक द्विवेदी ने प्रतिभागियों को Lean Six Sigma, गुणवत्ता प्रबंधन, प्रक्रिया सुधार और कार्यक्षमता बढ़ाने से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर प्रशिक्षण दिया।

समापन अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्राध्यापकों और छात्र-छात्राओं को Lean Six Sigma White Belt के प्रमाण-पत्र प्रदान किए। उन्होंने कार्यशाला को विद्यार्थियों के लिए उपयोगी बताते हुए कहा कि इस तरह के प्रशिक्षण से गुणवत्ता प्रबंधन, समस्या समाधान, प्रक्रिया सुधार और आधुनिक तकनीक से जुड़े व्यावहारिक कौशल विकसित करने में मदद मिलती है।

उन्होंने कहा कि यह खुशी की बात है कि कोटद्वार के राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय के बायोटेक्नोलॉजी विभाग में एक्सीलेंस प्रोसेसिंग सेल स्थापित किया जाएगा। इससे विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक और प्रक्रिया उत्कृष्टता के क्षेत्र में सीखने तथा अपने कौशल को निखारने के बेहतर अवसर मिलेंगे।

विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि वर्तमान दौर में रोजगार और शोध के क्षेत्र में सफलता के लिए पारंपरिक शिक्षा के साथ-साथ उद्योगों की जरूरतों के अनुरूप आधुनिक कौशल भी जरूरी हैं। Lean Six Sigma जैसी प्रशिक्षण पद्धतियां विद्यार्थियों को कार्यप्रणाली समझने, कमियों की पहचान करने और बेहतर परिणाम हासिल करने में उपयोगी साबित हो सकती हैं।

महाविद्यालय के लिए कार्यशाला को एक विशेष उपलब्धि के रूप में भी देखा जा रहा है। कॉलेज के अनुसार, राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कोटद्वार भारत का पहला ऐसा महाविद्यालय बना है, जहां बायोटेक्नोलॉजी, वनस्पति विज्ञान और बीजेएमसी विभागों के अधिकांश छात्र-छात्राओं ने Lean Six Sigma White Belt प्रशिक्षण सफलतापूर्वक पूरा किया है।

कार्यशाला का आयोजन एवं संचालन महाविद्यालय के आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. आर.के. द्विवेदी ने किया। इस दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. (डॉ.) डी.एस. नेगी, प्रो. (डॉ.) ज्योति खरे, प्रो. (डॉ.) इंदु तिवारी, डॉ. मोहन कुकरेती, डॉ. संजय मदान, डॉ. सुमन सिंह समेत प्राध्यापक, विभिन्न महाविद्यालयों से आए प्रतिभागी और छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

कार्यक्रम के अंत में विधानसभा अध्यक्ष ने सभी प्रतिभागियों को प्रमाण-पत्र प्राप्त करने पर शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।


छेड़छाड़ की शिकायत पर घर में घुसकर नाबालिग पर सैनिटाइजर डालकर लगाई आग,80% झुलसी; PGI में भर्ती

मोहाली। मोहाली में एक नाबालिग लड़की को घर में घुसकर जिंदा जलाने की कोशिश का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोप है कि एक युवक अपने दो साथियों के साथ घर में घुसा और नाबालिग पर सैनिटाइजर छिड़ककर आग लगा दी। घटना में लड़की करीब 80 फीसदी झुलस गई है और उसकी हालत गंभीर बताई जा रही है। उसे इलाज के लिए पीजीआई रेफर किया गया है।

बताया जा रहा है कि आरोपी युवक नाबालिग पर बातचीत करने का दबाव बनाता था। वह कथित तौर पर कई बार उसका रास्ता रोककर छेड़छाड़ भी कर चुका था। इस संबंध में करीब एक महीने पहले लड़की के पिता ने पुलिस से शिकायत की थी। शिकायत के बाद युवक ने माफी मांगने की बात कही थी।

परिजनों के मुताबिक शुक्रवार दोपहर नाबालिग घर में अकेली थी। इसी दौरान आरोपी युवक अपने दो साथियों के साथ कथित तौर पर घर में दाखिल हुआ। आरोप है कि तीनों ने नाबालिग पर सैनिटाइजर डालकर आग लगा दी और उसे कमरे में बंद कर मौके से फरार हो गए।

लड़की की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। कमरे का दरवाजा बाहर से बंद था, जिसके बाद पड़ोसियों ने परिजनों को सूचना दी। ताला तोड़कर नाबालिग को बाहर निकाला गया। तब तक उसका शरीर करीब 80 प्रतिशत झुलस चुका था।

घायल नाबालिग को तत्काल फेज-6 स्थित सरकारी अस्पताल ले जाया गया। गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे पीजीआई रेफर कर दिया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

परिजनों की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। घटना के पीछे की पूरी वजह और आरोपियों की भूमिका की जांच की जा रही है।


‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को मिला जबरदस्त रिस्पॉन्स, 2.5 लाख विद्यार्थियों ने दिए सुझाव

युवाओं के विचारों से बनेगा विकसित उत्तराखंड, 140 श्रेष्ठ विचारों का होगा चयन

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की पहल पर शुरू किए गए ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान को प्रदेशभर के विद्यार्थियों का व्यापक समर्थन मिल रहा है। अब तक राज्य के 2.5 लाख से अधिक विद्यार्थियों ने पोर्टल पर निबंध और सुझाव जमा कर वर्ष 2040 के उत्तराखंड को लेकर अपनी सोच और विजन साझा किया है।

दरअसल, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने 10 अगस्त को प्रदेशभर के कक्षा 11वीं और 12वीं के करीब तीन लाख विद्यार्थियों से ऑनलाइन संवाद किया था। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों से पूछा था कि वे आने वाले वर्षों में उत्तराखंड को किस रूप में देखना चाहते हैं। मुख्यमंत्री के इस आह्वान के बाद सरकारी और निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों ने अभियान में उत्साहपूर्वक भागीदारी की।

अभियान के तहत विद्यार्थियों ने पर्यटन, रोजगार, सामाजिक विकास, वन एवं पर्यावरण, शिक्षा, स्वास्थ्य और तकनीक समेत आठ प्रमुख विषयों पर अपने विचार और सुझाव प्रस्तुत किए हैं। सरकार का मानना है कि विद्यार्थियों की ये प्रविष्टियां महज निबंध नहीं, बल्कि प्रदेश की नई पीढ़ी की आकांक्षाओं और भविष्य के उत्तराखंड को लेकर उनकी सोच को सामने लाने का माध्यम हैं।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा है कि विद्यार्थियों से प्राप्त अच्छे और व्यावहारिक सुझावों का स्वयं अवलोकन किया जाएगा। उपयोगी विचारों को प्रदेश की नीतियों और भविष्य की कार्ययोजनाओं में शामिल करने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।

अभियान में 140 श्रेष्ठ विचारों का चयन किया जाएगा। चयनित विद्यार्थियों को शासन के वरिष्ठ अधिकारियों और सचिवों के साथ अपने विचार साझा करने और उन पर चर्चा करने का अवसर मिलेगा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी चयनित विद्यार्थियों से सीधे संवाद कर उनके विजन और अनुभवों को सुनेंगे। इसके अलावा श्रेष्ठ विद्यार्थियों को करियर मार्गदर्शन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में सहयोग और अन्य पुरस्कार भी दिए जाएंगे।

पोर्टल पर निबंध जमा करने वाले विद्यार्थियों को डिजिटल प्रमाण पत्र भी प्रदान किया जा रहा है। अभियान में पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के साथ ही सरकारी एवं निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों की भागीदारी लगातार बढ़ रही है।

अभियान के संयोजक डॉ. राहुल अग्रवाल ने बताया कि नई पीढ़ी को राज्य की विकास प्रक्रिया और नीति निर्माण की सोच से सीधे जोड़ना इस पहल का प्रमुख उद्देश्य है। प्रदेश के विभिन्न हिस्सों से लगातार प्रविष्टियां प्राप्त हो रही हैं। निबंध जमा करने की अंतिम तिथि 24 अगस्त निर्धारित की गई है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं अभियान की नियमित समीक्षा कर रहे हैं। सरकार का उद्देश्य है कि प्रदेश की युवा पीढ़ी केवल विकास योजनाओं की लाभार्थी न रहे, बल्कि ‘विकसित उत्तराखंड’ की संकल्पना और नीति निर्माण में सक्रिय भागीदार बने।

मुख्यमंत्री धामी ने कहा कि विद्यार्थियों के विचार आज के उत्तराखंड को भी नई दिशा देने की क्षमता रखते हैं। उन्होंने कहा कि ‘मेरे सपनों का उत्तराखंड’ अभियान के माध्यम से नई पीढ़ी की सोच को समझने का प्रयास किया जा रहा है और युवाओं के अच्छे एवं व्यावहारिक सुझावों को प्रदेश के विकास में स्थान दिया जाएगा। सरकार का संकल्प है कि युवा जिस उत्तराखंड का सपना देख रहे हैं, उसे साकार करने में उन्हें भी सक्रिय सहभागी बनाया जाए।


दामाद से विवाद के बाद ससुर पर चाकू से हमला, दामाद हिरासत में

मेजरगंज (सीतामढ़ी)। मेजरगंज थाना क्षेत्र के रतनपुर गांव में शुक्रवार देर रात आपसी विवाद ने खूनी रूप ले लिया। विवाद के दौरान एक व्यक्ति पर चाकू से हमला कर दिया गया, जिससे उसकी मौत हो गई। मृतक की पहचान रतनपुर के वार्ड संख्या-15 निवासी हबीब अंसारी के रूप में हुई है। वारदात के बाद गांव में तनाव और अफरातफरी का माहौल बन गया।

स्थानीय लोगों के मुताबिक हबीब अंसारी का अपने दामाद मोहम्मद दानिश से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। दानिश बेलसंड थाना क्षेत्र के मौलानगर का रहने वाला बताया जा रहा है। शुक्रवार रात दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई और इसी दौरान दानिश ने कथित तौर पर हबीब पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल हबीब की मौत हो गई।

घटना की सूचना मिलने के बाद मेजरगंज थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने मोहम्मद दानिश को हिरासत में ले लिया और घटना की जांच शुरू कर दी। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सीतामढ़ी सदर अस्पताल भेजा गया। पोस्टमार्टम प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।

कुछ ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि घटना में दानिश के साथ गांव का एक अन्य व्यक्ति भी शामिल हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने अभी इस दावे की पुष्टि नहीं की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

मेजरगंज थानाध्यक्ष अमरेन्द्र कुमार के अनुसार, अभी मृतक के परिजनों की ओर से लिखित शिकायत नहीं मिली है। पुलिस विवाद की वजह का पता लगाने के साथ ही यह भी जांच कर रही है कि वारदात में कोई अन्य व्यक्ति शामिल था या नहीं।


दिल्ली में स्वाइन फ्लू का बढ़ता खतरा, पिछले 14 दिन में सामने आए 433 नए मामले

बुजुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी की सलाह

नई दिल्ली। राजधानी दिल्ली में मानसून के बीच स्वाइन फ्लू यानी H1N1 संक्रमण के मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। इस साल अब तक 1,777 मरीजों में H1N1 संक्रमण की पुष्टि हो चुकी है। केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा की मौजूदगी में दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने संक्रमण की स्थिति की समीक्षा की। बैठक में अस्पतालों की तैयारियों, निगरानी व्यवस्था और संभावित हॉटस्पॉट पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए गए।

स्वास्थ्य मंत्री पंकज कुमार सिंह ने कहा कि दिल्ली में मौसमी इन्फ्लूएंजा और H1N1 के मामलों पर लगातार निगरानी की जा रही है। सरकारी अस्पतालों को मरीजों के इलाज के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं रखने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही संक्रमित मरीजों के लिए अस्पतालों में अलग वार्ड तैयार किए जा रहे हैं।

14 दिन में सामने आए 433 नए मामले

स्वास्थ्य विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 6 अगस्त तक दिल्ली में H1N1 के 1,344 मामले दर्ज किए गए थे। इसके बाद महज 14 दिनों में 433 नए मामले सामने आए। 20 अगस्त को ही 114 नए मरीजों की पुष्टि हुई, जिसके बाद इस वर्ष संक्रमितों की कुल संख्या बढ़कर 1,777 हो गई है।

आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल इसी अवधि में H1N1 के केवल 229 मामले सामने आए थे। इस लिहाज से इस साल संक्रमण के मामले पिछले वर्ष की तुलना में कई गुना अधिक हैं।

मानसून में बढ़ सकता है फ्लू का असर

विशेषज्ञों के मुताबिक, मानसून के दौरान तापमान में उतार-चढ़ाव और वातावरण में नमी के कारण मौसमी इन्फ्लूएंजा के संक्रमण में वृद्धि हो सकती है। डॉक्टरों का कहना है कि स्वस्थ लोगों में फ्लू आमतौर पर ठीक हो जाता है, लेकिन बुजुर्गों, छोटे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और पहले से हृदय, फेफड़ों या मधुमेह जैसी बीमारियों से जूझ रहे लोगों में संक्रमण गंभीर रूप ले सकता है।

अस्पतालों में भी फ्लू जैसे लक्षणों वाले मरीजों की संख्या बढ़ने की जानकारी सामने आई है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस मौसम में तेज बुखार, लगातार खांसी, गले में खराश, सिरदर्द, बदन दर्द और अत्यधिक थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं।

तेज बुखार और लंबे समय तक खांसी को न करें नजरअंदाज

डॉक्टरों ने लोगों को लंबे समय तक रहने वाली खांसी और तेज बुखार को हल्के में नहीं लेने की सलाह दी है। वायु प्रदूषण के कारण फेफड़ों में होने वाली सूजन कुछ मरीजों में सांस और खांसी से जुड़ी परेशानी को और बढ़ा सकती है। ऐसे लक्षण लगातार बने रहने पर चिकित्सकीय सलाह लेना जरूरी है।

बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान

विशेषज्ञों ने संक्रमण से बचने के लिए नियमित रूप से हाथ साफ करने, बीमार होने पर घर पर आराम करने और दूसरों के बेहद करीब जाने से बचने की सलाह दी है। जरूरत और चिकित्सकीय सलाह के अनुसार फ्लू का टीकाकरण भी कराया जा सकता है। खासतौर पर बुजुर्गों, बच्चों और पहले से किसी बीमारी से जूझ रहे लोगों को लक्षण दिखाई देने पर अतिरिक्त सावधानी बरतने की सलाह दी गई है।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp