Sunday, August 23rd, 2026

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एनईपी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विश्वविद्यालय तैयार करेंगे समयबद्ध रोडमैप

Monthly Archives: August 2026

एनईपी के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विश्वविद्यालय तैयार करेंगे समयबद्ध रोडमैप

देहरादून:  नई शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उत्तराखंड के सभी विश्वविद्यालय ठोस और समयबद्ध रोडमैप तैयार करेंगे। उच्च शिक्षा को रोजगारपरक, नवाचार आधारित और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के साथ ही पाठ्यक्रमों में उद्योग जगत की जरूरतों तथा भारतीय ज्ञान परंपरा को शामिल किया जाएगा।

आईआईटी रूड़की में आयोजित ‘उत्तराखंड एनईपी कॉन्क्लेव-2026’ में विद्यालयी शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं उच्च शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने कहा कि एनईपी-2020 के शत-प्रतिशत प्रावधानों को धरातल पर उतारने के लिए विश्वविद्यालयों को स्पष्ट कार्ययोजना बनानी होगी। उन्होंने आधुनिक लैब, इनोवेशन सेंटर, स्टार्टअप एवं इन्क्यूबेशन सेंटर विकसित करने पर जोर दिया।

डॉ. रावत ने विश्वविद्यालयों से स्थानीय एवं राष्ट्रीय उद्योगों के साथ एमओयू कर विद्यार्थियों के लिए इंटर्नशिप, इंडस्ट्री विजिट, प्रोजेक्ट वर्क, प्रशिक्षण तथा रोजगार और स्वरोजगार के अवसर बढ़ाने को कहा। उन्होंने उद्योगों की जरूरत के अनुसार पाठ्यक्रमों को अपडेट करने और छात्रों में उद्यमिता की भावना विकसित करने पर भी जोर दिया।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पर्यटन, कृषि, बागवानी, आयुष, पर्यावरण, आपदा प्रबंधन, हिमालयी पारिस्थितिकी और स्थानीय उत्पादों से जुड़े शोध एवं नवाचार को बढ़ावा दिया जाना चाहिए, ताकि इसका सीधा लाभ प्रदेश की अर्थव्यवस्था और युवाओं को मिल सके।

मंत्री ने विश्वविद्यालयों एवं महाविद्यालयों की राज्य स्तरीय रैंकिंग शुरू करने, शैक्षणिक एवं शिक्षणेत्तर के रिक्त पदों को भरने, पुरातन छात्रों का डाटा तैयार करने, छात्रावासों का सुरक्षा ऑडिट कराने तथा पेपर लीक और छात्रों के डेटा की सुरक्षा के लिए प्रभावी व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों से निरंतर संवाद बनाए रखने पर भी जोर दिया।

कॉन्क्लेव में विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपतियों एवं शिक्षाविदों ने एनईपी-2020 के क्रियान्वयन, गुणवत्ता, इंटरडिसिप्लिनरी लर्निंग, रिसर्च एवं इनोवेशन, नए इंफ्रास्ट्रक्चर मॉडल, इन्क्यूबेशन सेंटर, डिजिटल प्लेटफॉर्म, विदेशी संस्थानों के साथ शैक्षणिक सहयोग, कौशल आधारित शिक्षा और टेक-रेडी वर्कफोर्स जैसे विषयों पर प्रस्तुतिकरण दिए।

आईआईएम लखनऊ के एंटरप्राइज इनक्यूबेशन सेंटर के एचओडी बिजनेस डेवलपमेंट आदित्य प्रसाद ने उत्तराखंड में स्टार्टअप इकोसिस्टम को मजबूत करने और नए स्टार्टअप स्थापित करने को लेकर प्रस्तुति दी।

कार्यशाला में उच्च शिक्षा सचिव बीवीआरसी पुरुषोत्तम, आईआईटी रूड़की के निदेशक प्रो. केके पंत, विभिन्न विश्वविद्यालयों के कुलपति, उच्च शिक्षा विभाग के अधिकारी एवं अन्य शिक्षाविद उपस्थित रहे। कार्यशाला का संचालन आईआईटी रूड़की के डीन एकेडमिक अफेयर्स प्रो. एनके नवानी ने किया।


फार्मा कंपनी में चोरी का खुलासा, कर्मचारी ही निकला मास्टरमाइंड

सेलाकुई में दून पुलिस ने चोरी की घटना का किया खुलासा, आरोपी गिरफ्तार

देहरादून। सेलाकुई क्षेत्र स्थित एक फार्मा कंपनी में हुई चोरी की घटना का दून पुलिस ने खुलासा करते हुए कंपनी के ही एक कर्मचारी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर कंपनी से 27 किलो Cefixime औषधि पाउडर चोरी करने का आरोप है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए माल में से 2 किलो Cefixime पाउडर और उसे बेचकर प्राप्त किए गए 50 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं।

पुलिस के अनुसार, 19 अगस्त 2026 को मैसर्स ईस्ट अफ्रीकन इंडिया ओवरसीज फार्मा सिटी, सेलाकुई के वाइस प्रेसिडेंट एवं अधिकृत प्रतिनिधि जितेंदर कुमार ने थाना सेलाकुई में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि कंपनी में सीनियर एग्जीक्यूटिव के पद पर कार्यरत अनिल चौहान द्वारा कंपनी की सामग्री में से 27 किलो Cefixime औषधि पाउडर चोरी कर लिया गया है।

तहरीर के आधार पर थाना सेलाकुई में मुकदमा अपराध संख्या 119/2026, धारा 303(2) बीएनएस के तहत अभियोग दर्ज किया गया।

घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए 22 अगस्त को नामजद आरोपी अनिल चौहान (33 वर्ष) को सेलाकुई क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ और उसकी निशानदेही पर सेलाकुई स्थित एक निर्माणाधीन भवन के कमरे से थैले में रखा 2 किलो Cefixime औषधि पाउडर बरामद किया गया। साथ ही चोरी किए गए पाउडर को बेचकर कमाए गए 50 हजार रुपये भी पुलिस ने बरामद किए।

पुलिस के मुताबिक आरोपी शेष चोरी किए गए माल को भी बेचने की फिराक में था। मामले में पुलिस द्वारा आगे की कार्रवाई की जा रही है।

गिरफ्तार आरोपी:

अनिल चौहान पुत्र राजेश बाबू, निवासी मधु विहार गली नंबर-1, थाना सेलाकुई, देहरादून। मूल निवासी नौगांवा सादाबा, जिला अमरोहा, उत्तर प्रदेश। उम्र 33 वर्ष।

बरामदगी:

2 किलो Cefixime औषधि पाउडर

चोरी के माल को बेचकर प्राप्त 50 हजार रुपये नकद

पुलिस टीम:

उ0नि0 सुमेर सिंह

कां0 इरशाद


बार-बार मांसपेशियों में खिंचाव? सिर्फ थकान नहीं, यह भी हो सकता है कारण

बार-बार पैरों में ऐंठन, मांसपेशियों में खिंचाव या सामान्य काम के बाद जरूरत से ज्यादा थकान महसूस होती है तो इसे सिर्फ कमजोरी मानकर नजरअंदाज करना ठीक नहीं है। कई बार शरीर में जरूरी इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन भी ऐसे लक्षणों की वजह बन सकता है। इन्हीं महत्वपूर्ण खनिजों में पोटैशियम शामिल है, जो मांसपेशियों और नसों के सामान्य कामकाज के लिए जरूरी होता है।

हालांकि, पैरों में क्रैंप या कमजोरी होने का मतलब हर बार पोटैशियम की कमी होना नहीं है। पानी की कमी, अधिक व्यायाम, लंबे समय तक एक ही स्थिति में रहना और अन्य इलेक्ट्रोलाइट्स में असंतुलन भी ऐसी परेशानियां पैदा कर सकते हैं। इसलिए लगातार या गंभीर लक्षणों की स्थिति में सही कारण जानना जरूरी है।

शरीर के लिए क्यों जरूरी है पोटैशियम?

पोटैशियम शरीर में इलेक्ट्रोलाइट के रूप में काम करता है और कई जरूरी प्रक्रियाओं में भूमिका निभाता है। यह नसों के सामान्य कामकाज, मांसपेशियों के संकुचन और शरीर में तरल पदार्थ के संतुलन को बनाए रखने में मदद करता है। हृदय की सामान्य धड़कन के लिए भी शरीर में इलेक्ट्रोलाइट्स का संतुलन महत्वपूर्ण होता है।

पोटैशियम का स्तर बहुत कम या बहुत अधिक होना दोनों ही स्थितियां स्वास्थ्य के लिए परेशानी पैदा कर सकती हैं। इसलिए बिना जांच के पोटैशियम सप्लीमेंट लेना उचित नहीं माना जाता।

बार-बार क्रैंप हो तो सावधान

पोटैशियम का स्तर कम होने पर कुछ लोगों को मांसपेशियों में कमजोरी, खिंचाव या ऐंठन की शिकायत हो सकती है। खासकर यदि ये समस्या बार-बार होती है या इसके साथ मांसपेशियों में कमजोरी भी महसूस होती है, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

हालांकि क्रैंप के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं। अत्यधिक व्यायाम, शरीर में पानी की कमी, लंबे समय तक खड़े रहना या बैठना और दूसरे इलेक्ट्रोलाइट्स का असंतुलन भी इसकी वजह बन सकता है।

हर समय थकान भी हो सकती है संकेत

पोटैशियम की गंभीर कमी की स्थिति में मांसपेशियों की कमजोरी और थकान जैसे लक्षण दिखाई दे सकते हैं। ऐसे में रोजमर्रा के सामान्य काम भी पहले की तुलना में अधिक मुश्किल लग सकते हैं।

लेकिन लगातार थकान के पीछे नींद की कमी, तनाव, पोषण की कमी या अन्य स्वास्थ्य संबंधी कारण भी हो सकते हैं। यदि कमजोरी लंबे समय तक बनी रहती है या धीरे-धीरे बढ़ रही है तो चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

ज्यादा पसीना आने पर रखें खास ध्यान

गर्मी में लंबे समय तक रहने या ज्यादा शारीरिक मेहनत करने से शरीर से पानी और इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी हो सकती है। अत्यधिक पसीना आने के साथ कमजोरी, चक्कर या मांसपेशियों में ऐंठन हो तो शरीर के तरल और इलेक्ट्रोलाइट संतुलन पर ध्यान देना जरूरी है।

सामान्य परिस्थितियों में संतुलित आहार और पर्याप्त तरल पदार्थ शरीर की जरूरतों को पूरा करने में मदद करते हैं। लेकिन लगातार या गंभीर लक्षण होने पर केवल घरेलू उपायों पर निर्भर रहने के बजाय डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।

जांच के बाद ही लें सप्लीमेंट

यदि डॉक्टर को पोटैशियम की कमी का संदेह होता है तो रक्त जांच के जरिए शरीर में इसके स्तर की जांच की जा सकती है। कमी पाए जाने पर डॉक्टर खान-पान में बदलाव या जरूरत के अनुसार सप्लीमेंट की सलाह दे सकते हैं।

केले समेत कई खाद्य पदार्थों में पोटैशियम पाया जाता है, लेकिन केवल किसी एक खाद्य पदार्थ को खाने या खुद से पोटैशियम की गोलियां लेने से पहले विशेषज्ञ की सलाह लेना जरूरी है। खासकर किडनी से जुड़ी समस्या वाले लोगों में पोटैशियम सप्लीमेंट का इस्तेमाल बिना चिकित्सकीय सलाह के नहीं करना चाहिए।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर आधारित है। लगातार ऐंठन, कमजोरी, चक्कर या अन्य परेशानियां होने पर चिकित्सक से सलाह लें। केवल इन लक्षणों के आधार पर पोटैशियम की कमी की पुष्टि नहीं की जा सकती।

(साभार)


दो आरोपियों को जिला बदर करने के आदेश, दो के नोटिस निरस्त

नैनीताल: जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल ललित मोहन रयाल की न्यायालय में गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत हुई सुनवाई में आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त दो आरोपियों को जिला बदर करने के आदेश पारित किए गए हैं। वहीं, दो अन्य मामलों में परिस्थितियों को देखते हुए आरोपियों के विरुद्ध जारी नोटिस निरस्त कर दिए गए।

जिला बदर किए गए आरोपियों में पलविंदर सिंह उर्फ रवि उर्फ हैप्पी पुत्र दिलबाग सिंह, निवासी हिम्मतपुर ब्लॉक, थाना रामपुर शामिल है। उसके विरुद्ध शस्त्र अधिनियम, एनडीपीएस एक्ट तथा धारा 307/120बी बीएनएस सहित कई आपराधिक मामले दर्ज हैं।

दूसरा आरोपी प्रमोद सागर उर्फ पप्पू उर्फ पीके पुत्र पूरनचंद सागर, निवासी नाथूपुर पाडली, थाना मुखानी है। उसके विरुद्ध एनडीपीएस एक्ट एवं आईपीसी की धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। न्यायालय ने दोनों के आपराधिक रिकॉर्ड एवं गतिविधियों को देखते हुए गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत उन्हें जिला बदर करने के आदेश दिए हैं।

वहीं, नवीन सिंह पुत्र चंदन सिंह, निवासी थाना मुक्तेश्वर, को किसी अन्य प्रकरण में पूर्व में ही जिला बदर किया जा चुका है। वर्तमान मामले में पुनः कार्रवाई का कोई औचित्य नहीं पाए जाने पर उसके विरुद्ध जारी नोटिस निरस्त कर दिया गया।

इसी प्रकार अमन सिद्दीकी पुत्र आफताब सिद्दीकी, निवासी गफूर बस्ती, थाना बनभूलपुरा, गैंगस्टर एक्ट के तहत पहले से जेल में निरुद्ध है। परिस्थितियों को देखते हुए उसके विरुद्ध जारी नोटिस भी न्यायालय द्वारा निरस्त कर दिया गया।


12 दिन बाद धौलीगंगा नदी किनारे मिला लापता चालक हवलदार पंकज रुधौला का शव

ज्योतिर्मठ। 10 अगस्त 2026 को ज्योतिर्मठ तहसील क्षेत्र के ग्राम लोंग सेगड़ी के समीप तमक नाले में अतिवृष्टि के कारण आए तेज पानी और मलबे की चपेट में आकर लापता हुए सीमा सड़क संगठन की 123 इकाई में तैनात चालक हवलदार पंकज रुधौला का शव 12 दिन बाद बरामद कर लिया गया।

घटना की सूचना मिलते ही चमोली पुलिस, जिला प्रशासन, एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, सीमा सड़क संगठन एवं गढ़वाल राइफल्स की टीमों ने युद्धस्तर पर सर्च एवं रेस्क्यू अभियान शुरू किया था। तमक नाले सहित आसपास के संभावित क्षेत्रों और नदी किनारे लगातार सघन खोजबीन की गई।

सर्च अभियान में सर्च एंड रेस्क्यू डॉग स्क्वॉड, एनडीआरएफ एवं एसडीआरएफ की विशेष टीमें भी शामिल रहीं। दुर्गम क्षेत्रों में संभावित स्थानों की निगरानी और तलाश के लिए ड्रोन की मदद भी ली गई। तेज बहाव, मलबे और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों के बावजूद रेस्क्यू टीमें लगातार अभियान में जुटी रहीं।

लगातार 12 दिनों तक चले सघन सर्च अभियान के बाद शनिवार को धौलीगंगा नदी के किनारे भलागांव के समीप पंकज रुधौला का शव बरामद हुआ। शव बरामद होने के बाद पुलिस द्वारा आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।


प्रेमनगर में सड़क पर मारपीट और हुड़दंग, लाइसेंसी पिस्टल दिखाने वाले समेत तीन गिरफ्तार

देहरादून:  प्रेमनगर क्षेत्र में सड़क पर गाड़ी हटाने को लेकर हुए विवाद में मारपीट और हुड़दंग करने वाले तीन आरोपियों को दून पुलिस ने गिरफ्तार किया है। घटना के दौरान एक आरोपी द्वारा लाइसेंसी पिस्टल दिखाकर दूसरे पक्ष को डराने का प्रयास किया गया। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लाइसेंसी पिस्टल, पांच जिंदा कारतूस, डंडा और घटना में प्रयुक्त फॉर्च्यूनर कार बरामद की है।

पुलिस के मुताबिक, 21 अगस्त की रात कंट्रोल रूम के माध्यम से सूचना मिली थी कि प्रेमनगर स्थित नेक्स्ट हॉस्टल के पास कुछ लोग आपस में मारपीट कर हुड़दंग कर रहे हैं। सूचना पर प्रेमनगर पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली।

फुटेज में सड़क पर बस और फॉर्च्यूनर कार खड़ी दिखाई दी। दोनों वाहनों के पास दो व्यक्तियों के बीच विवाद चल रहा था। एक व्यक्ति के हाथ में डंडा और दूसरे के हाथ में पिस्टल दिखाई दी।

पुलिस ने जांच के बाद झाझरा निवासी गौरव को हिरासत में लिया। पूछताछ में सामने आया कि वह एक निजी शिक्षण संस्थान की बस चलाता है। उसके मुताबिक, नेक्स्ट हॉस्टल के पास फॉर्च्यूनर चालक द्वारा सड़क पर वाहन खड़ा करने को लेकर विवाद शुरू हुआ था। विवाद बढ़ने पर उसने वाहन से डंडा निकालकर फॉर्च्यूनर चालक पर वार कर दिया। इसके बाद फॉर्च्यूनर चालक के साथी मौके पर पहुंचे और पिस्टल दिखाकर उसे धमकाने तथा मारपीट करने का आरोप है।

गौरव से पूछताछ के आधार पर पुलिस ने नीरज राजपूत और मनीष नेगी की पहचान की। दोनों के ग्राफिक एरा अस्पताल में उपचार के लिए पहुंचने की जानकारी मिलने पर पुलिस टीम ने अस्पताल परिसर से दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने नीरज राजपूत के नाम पर दर्ज लाइसेंसी 32 बोर पिस्टल और पांच जिंदा कारतूस बरामद किए।

पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ कोतवाली प्रेमनगर में मुकदमा दर्ज किया है। आरोपियों पर सार्वजनिक स्थान पर मारपीट और हुड़दंग कर शांति व्यवस्था भंग करने, घातक हथियार का प्रदर्शन करने तथा लाइसेंसी पिस्टल के दुरुपयोग के आरोप में कार्रवाई की गई है।

गिरफ्तार आरोपी

गौरव, निवासी चंदन की पुलिया, वार्ड नंबर 9, प्रेमनगर, देहरादून।

मनीष नेगी, निवासी मांडूवाला, प्रेमनगर, देहरादून।

नीरज राजपूत, निवासी भाऊवाला, थाना सेलाकुई।

बरामदगी

लाइसेंसी 32 बोर पिस्टल

पांच जिंदा कारतूस

घटना में प्रयुक्त डंडा

फॉर्च्यूनर कार संख्या UK07HF-0102

पुलिस टीम

1- व०उ०नि० मुकेश थलेड़ी, कोतवाली प्रेमनगर
2- उ०नि० अमित शर्मा, चौकी प्रभारी झाझरा
3- उ०नि० जैनेन्द्र राणा चौकी प्रभारी बिधौली
4- उ०नि० जितेंद्र कुमार
5- उ०नि० नौशाद अंसारी
6- का०  संदीप
7- का० अनीस
8- का० संजय
9- का० जगजोत


नकली दवाओं के कारोबार के मुख्य सरगना को एसटीएफ ने किया गिरफ्तार

बिजनौर से गिरफ्तारी, कोटद्वार की नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स कंपनी से भी जुड़ा रहा है आरोपी

देहरादून:  नकली दवाओं के निर्माण, बिक्री और ऑनलाइन आपूर्ति करने वाले संगठित गिरोह के खिलाफ उत्तराखंड एसटीएफ की कार्रवाई लगातार जारी है। एसटीएफ ने गिरोह के मुख्य सरगना विशद कुमार को उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के चांदपुर से गिरफ्तार किया है।

एसटीएफ के अनुसार, आरोपी विशद कुमार पुत्र भीम सिंह, निवासी गली नंबर-1, चांदपुर, जनपद बिजनौर, नकली दवाओं के निर्माण और सप्लाई से जुड़े गिरोह का मुख्य संचालक बताया गया है। इससे पहले मामले में जतिन निवासी संभल और गौरव त्यागी निवासी देहरादून को गिरफ्तार किया जा चुका है।

जांच के दौरान सामने आया कि गिरोह प्रतिष्ठित फार्मा कंपनियों की जीवनरक्षक दवाओं की हूबहू नकल तैयार कर उन्हें ऑनलाइन माध्यम से बाजार में बेचता था। मामले में एसटीएफ ने सीसीपीएस देहरादून में विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी।

कोटद्वार की कंपनी पर भी कार्रवाई

एसटीएफ के मुताबिक, 23 मई 2026 को सिडकुल सिगड्डी, कोटद्वार स्थित मैसर्स नैक्टर हर्ब्स एंड ड्रग्स में नकली दवाओं के निर्माण की सूचना पर संबंधित विभागों के साथ संयुक्त कार्रवाई की गई थी। मौके से करीब 3 किलोग्राम कम्प्रेस्ड टैबलेट और टैबलेट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले 34 पंच उपकरण बरामद किए गए थे। इसके बाद फैक्ट्री को नियमानुसार सीज कर दिया गया।

एसटीएफ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी पूर्व में इसी कंपनी का मालिक रहा है। कंपनी पर वर्ष 2021 में कोरोना काल के दौरान नकली रेमडेसिविर के निर्माण के आरोप सामने आए थे। वर्ष 2024 में तेलंगाना पुलिस द्वारा कंपनी के संबंध में कार्रवाई और सैंपलिंग किए जाने की जानकारी भी सामने आई थी। कंपनी का औषधि निर्माण लाइसेंस भी निरस्त किया जा चुका है।

आमजन से एसटीएफ की अपील

एसटीएफ ने लोगों से अपील की है कि दवाएं केवल अधिकृत और लाइसेंसधारी मेडिकल स्टोर से ही खरीदें। नकली दवाओं, अवैध औषधि निर्माण या बिना वैध लाइसेंस संचालित फैक्ट्री की जानकारी तत्काल पुलिस अथवा एसटीएफ को दें।


डीएम ने विकास कार्यों की समीक्षा कर अधिकारियों को दिए कड़े निर्देश

नैनीताल : जिले में विकास कार्यों की प्रगति, बजट खर्च और जन शिकायतों के निस्तारण को लेकर जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल ने शनिवार को विकास भवन सभागार, भीमताल में अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने अधिकारियों को 31 अक्टूबर तक आवंटित धनराशि का शत-प्रतिशत सदुपयोग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।

बैठक में मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, मुख्यमंत्री घोषणाओं, जिला योजना, राज्य एवं केंद्र पोषित योजनाओं, बीस सूत्रीय कार्यक्रम, मानसून व्यवस्थाओं और सड़कों की स्थिति की समीक्षा की गई।

जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री हेल्पलाइन में प्राप्त शिकायतों को अनावश्यक रूप से लंबित रखना बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अधिकारियों को शिकायतों का समयबद्ध निस्तारण करने के साथ शिकायतकर्ता से दूरभाष पर वार्ता कर उसे निस्तारण की जानकारी देने के निर्देश दिए गए। लापरवाही मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी भी दी गई।

मुख्यमंत्री घोषणाओं की समीक्षा में सामने आया कि जिले में कुल 237 घोषणाओं में से 227 पूर्ण हो चुकी हैं, जबकि 16 घोषणाएं विलोपित हैं और 94 पर कार्यवाही गतिमान है। लोक निर्माण विभाग, सिंचाई, पेयजल, युवा कल्याण और नलकूप विभाग में लंबित घोषणाओं पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए उन्हें शीघ्र पूरा करने के निर्देश दिए।

बारिश के बाद चलेगा सड़कों को गड्ढामुक्त करने का अभियान

मानसून के दौरान क्षतिग्रस्त सड़कों को लेकर जिलाधिकारी ने सभी निर्माण एजेंसियों को अपने-अपने सर्विस एरिया की सड़कों का नियमित रखरखाव करने और प्राथमिकता के आधार पर गड्ढों को भरने के निर्देश दिए। उन्होंने ग्रामीण सड़कों को भी गड्ढामुक्त करने की कार्ययोजना अभी से तैयार करने को कहा। मानसून के बाद विशेष अभियान चलाकर व्यस्त विलेज रोड और ओडीआर मार्गों को प्राथमिकता से दुरुस्त करने के निर्देश दिए गए।

कम बजट खर्च पर अधिकारियों से मांगा स्पष्टीकरण

जिला योजना की समीक्षा के दौरान समाज कल्याण, वन, उरेडा, सहकारिता, बाल विकास, प्राथमिक शिक्षा, लघु सिंचाई और राजकीय सिंचाई विभागों द्वारा अपेक्षाकृत कम धनराशि खर्च किए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताई। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने और स्पष्टीकरण लेने के निर्देश दिए।

भेषज एवं रेशम विभाग के सक्षम अधिकारी बैठक में अनुपस्थित पाए गए। जिलाधिकारी ने उनके खिलाफ आवश्यक कार्रवाई करते हुए शासन को संस्तुति पत्र भेजने के निर्देश दिए।

पेयजल और सिंचाई व्यवस्थाओं पर विशेष जोर

जिलाधिकारी ने सिंचाई विभाग को मानसून के बाद किसानों की जरूरत को देखते हुए सभी गूलों और नहरों की मरम्मत समय से पूरी करने के निर्देश दिए। जल संस्थान एवं पेयजल विभाग को प्रत्येक पेयजल स्रोत और टैंक की नियमित सफाई तथा टैंकों में क्लोरीनेशन सुनिश्चित करने को कहा। क्लोरीनेशन की तिथि टैंकों पर अनिवार्य रूप से अंकित करने के निर्देश भी दिए गए।

जिला पंचायत की धीमी प्रगति और कम धनराशि खर्च होने पर अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत का स्पष्टीकरण लेने तथा नैनीताल में स्थायी अपर मुख्य अधिकारी की तैनाती के लिए शासन को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए।

बड़ी परियोजनाओं की भी हुई समीक्षा

जिलाधिकारी ने विधायक एवं सांसद निधि से संबंधित कार्यों की धीमी प्रगति पर ग्राम्य विकास विभाग को संबंधित कार्यदायी संस्थाओं के साथ समन्वय कर तेजी लाने के निर्देश दिए। सहकारिता विभाग द्वारा पिछले तीन वर्षों में कराए गए कार्यों का फील्ड सत्यापन कराने के लिए कमेटी गठित करने के निर्देश भी दिए गए।

बैठक में 20 करोड़ रुपये से अधिक लागत वाली निर्माणाधीन परियोजनाओं की भी समीक्षा हुई। इनमें मानसखंड मंदिर माला, कालाआगर पंपिंग योजना, इंदिरानगर नाले का ट्रीटमेंट एवं सीवरेज कार्य, हल्द्वानी-काठगोदाम पेयजल योजना, बलियानाला ट्रीटमेंट, विभिन्न स्थानों पर पार्किंग निर्माण, रोडवेज बस अड्डा तथा हल्द्वानी में यूयूएसडीए के कार्य शामिल रहे। जिलाधिकारी ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्धारित समयसीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य पूरा करने के निर्देश दिए।

बैठक में पुलिस अधीक्षक जगदीश चन्द्र, अपर जिलाधिकारी शौरभ असवाल, सचिव जिला विकास प्राधिकरण मनीष कुमार, जिला विकास अधिकारी संतोष पंत, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी मुकेश नेगी सहित जनपद के विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।


सीएचसी कांडा में व्यवस्थाओं का जायजा, डीएम ने दिए सख्त सुधार के निर्देश

बागेश्वर। जिलाधिकारी अपूर्वा पाण्डे ने शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कांडा का निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और अस्पताल की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने आपातकालीन कक्ष, पंजीकरण कक्ष, दवा वितरण कक्ष, औषधि भंडार, कोल्ड चेन कक्ष, एक्स-रे, अल्ट्रासाउंड, प्रसव कक्ष, शौचालय और पेयजल व्यवस्था का निरीक्षण किया।

प्रसव सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए जिलाधिकारी ने प्रेग्नेंसी टेबल सहित आवश्यक उपकरणों की मांग तत्काल भेजने के निर्देश दिए। औषधि भंडार के निरीक्षण के दौरान उन्होंने स्टॉक रजिस्टर की जांच की और दवाइयों का भौतिक सत्यापन किया। उन्होंने रजिस्टर का नियमित और सही ढंग से संधारण करने के साथ अस्पताल में किसी भी दवा के एक्सपायर न होने देने के निर्देश दिए।

मरीजों को स्वच्छ और बेहतर वातावरण उपलब्ध कराने के लिए उन्होंने बेडशीट बदलने में कलर कोडिंग सिस्टम का पालन करने को कहा। अस्पताल में साफ-सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं पाए जाने पर जिलाधिकारी ने नाराजगी जताते हुए तत्काल सुधार के निर्देश दिए। साथ ही बायोमेडिकल वेस्ट के उचित निस्तारण के लिए एक सप्ताह के भीतर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा।

आपातकालीन वार्ड में ड्यूटी रजिस्टर व्यवस्थित रखने तथा इस्तेमाल किए गए इंजेक्शन और सीरिंज का निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार सुरक्षित निस्तारण सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए गए।

जिलाधिकारी ने कहा कि मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके साथ ही अस्पताल में स्वच्छता, दवा प्रबंधन, सुरक्षा और संक्रमण नियंत्रण मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया जाए।


कानपुर में नशे के लिए वाहन चोरी करने वाला गिरफ्तार, खंडहर स्कूल से 6 बाइक-स्कूटी बरामद

कानपुर। फजलगंज थाना पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी नशे का आदी है और नशे की जरूरत पूरी करने के लिए बाइक व स्कूटी चोरी कर उन्हें कम कीमत में बेच देता था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने एक बंद पड़े प्राथमिक विद्यालय के खंडहर से छह चोरी के दोपहिया वाहन बरामद किए हैं।

डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव के अनुसार, शुक्रवार देर रात फजलगंज क्षेत्र में पुलिस वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक संदिग्ध बाइक सवार को रोककर पूछताछ की गई। जांच में उसकी पहचान मौदहा के विवार थाना क्षेत्र के उमरी गांव निवासी छोटू बाघमार उर्फ अर्जुन उर्फ राजू के रूप में हुई।

पुलिस पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि वह नशे का आदी है। नशे के लिए पैसों की जरूरत पड़ने पर वह दोपहिया वाहन चोरी करता था और बाद में उन्हें सस्ते दामों पर बेच देता था। पुलिस के मुताबिक आरोपी काफी समय से चोरी किए गए वाहनों को एक खंडहरनुमा बंद स्कूल में छिपाकर रख रहा था।

आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छह बाइक और स्कूटी बरामद की हैं। बरामद वाहनों के संबंध में पुलिस जानकारी जुटा रही है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ये वाहन किन इलाकों से चोरी किए गए थे।

पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ पहले से करीब 10 आपराधिक मामले दर्ज हैं। इनमें एनडीपीएस एक्ट और आबकारी अधिनियम से जुड़े मामले भी शामिल हैं। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर उसके वाहन चोरी के नेटवर्क और पूर्व की वारदातों के बारे में जानकारी जुटा रही है।

पुलिस ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद आरोपी को जेल भेज दिया है।


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