Monday, August 24th, 2026

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छत पर सोता रहा परिवार, नीचे चोरों ने साफ किया घर; 10 लाख की संपत्ति चोरी

Monthly Archives: August 2026

छत पर सोता रहा परिवार, नीचे चोरों ने साफ किया घर; 10 लाख की संपत्ति चोरी

सरैया (मुजफ्फरपुर)। भीषण गर्मी और उमस के कारण परिवार घर की छत पर सो रहा था और इसी दौरान चोरों ने नीचे मकान में घुसकर लाखों रुपये की संपत्ति पर हाथ साफ कर दिया। घटना सरैया थाना क्षेत्र के पैगम्बरपुर गांव की है, जहां गणेश साह के घर को चोरों ने निशाना बनाया। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक चोर करीब 10 लाख रुपये के जेवर, नकदी और अन्य सामान लेकर फरार हो गए।

बताया गया कि परिवार के सभी सदस्य रात में घर की छत पर सो रहे थे। इसी का फायदा उठाकर चोर मकान के पीछे से अंदर दाखिल हुए और कमरों में रखे बक्सों व अन्य सामान की तलाशी लेने लगे। परिवार को चोरी की भनक तक नहीं लगी।

वारदात के दौरान चोरों ने घर के अंदर शराब भी पी। पुलिस को मौके से शराब पीने से संबंधित सामान मिलने की जानकारी मिली है। इसके बाद चोर कीमती सामान वाले बक्सों को घर से निकालकर करीब एक किलोमीटर दूर स्थित बांसवारी में ले गए।

बांसवारी में पहुंचने के बाद चोरों ने बक्सों के ताले तोड़ दिए और उनमें रखे जेवरात, नकदी व अन्य कीमती सामान निकाल लिया। सामान निकालने के बाद बक्सों को वहीं छोड़कर आरोपी फरार हो गए।

सुबह जब परिवार के सदस्य नीचे पहुंचे तो कमरों में सामान बिखरा देखकर उनके होश उड़ गए। बक्से गायब मिलने पर उन्होंने आसपास तलाश की, जिसके बाद बांसवारी में टूटे हुए बक्से मिले। परिजनों ने पुलिस को करीब 10 लाख रुपये की संपत्ति चोरी होने की जानकारी दी।

घटना की सूचना मिलने पर सरैया थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार और नौशाद आलम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने डॉग स्क्वायड की मदद से घर के पिछले हिस्से से लेकर बांसवारी तक जांच की और चोरों के आने-जाने के संभावित रास्तों की पड़ताल की।

थानाध्यक्ष देवेंद्र कुमार के अनुसार, घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। एफएसएल टीम को भी मौके पर बुलाया गया है। डॉग स्क्वायड से फिलहाल कोई महत्वपूर्ण सुराग नहीं मिला है। पुलिस वैज्ञानिक तरीके से जांच करते हुए आरोपितों की पहचान और गिरफ्तारी के प्रयास में जुटी है।


बार-बार थकान और सुस्ती को न समझें सामान्य, हो सकता है इस बीमारी का संकेत

सुबह उठते ही थकान, दिनभर सुस्ती, वजन में लगातार बदलाव या बिना वजह चिड़चिड़ापन—इन लक्षणों को अक्सर लोग सामान्य कमजोरी या तनाव समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। लेकिन अगर ये परेशानियां लंबे समय से बनी हुई हैं और रोजमर्रा की जिंदगी पर असर डाल रही हैं, तो इनके पीछे थायरॉइड हार्मोन का असंतुलन भी एक कारण हो सकता है।

थायरॉइड गर्दन के आगे मौजूद एक छोटी-सी ग्रंथि है, जो शरीर के मेटाबॉलिज्म, ऊर्जा के इस्तेमाल और कई महत्वपूर्ण शारीरिक प्रक्रियाओं को नियंत्रित करने में भूमिका निभाती है। जब यह ग्रंथि जरूरत से कम हार्मोन बनाती है तो हाइपोथायरॉइडिज्म, जबकि ज्यादा हार्मोन बनने की स्थिति को हाइपरथायरॉइडिज्म कहा जाता है।

हर व्यक्ति में लक्षण अलग-अलग हो सकते हैं और केवल किसी एक लक्षण के आधार पर थायरॉइड की समस्या की पुष्टि नहीं की जा सकती। फिर भी कुछ संकेत ऐसे हैं, जिन्हें लंबे समय तक नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।

लगातार थकान और शरीर में सुस्ती

पर्याप्त नींद लेने के बावजूद अगर सुबह उठने के बाद भी थकावट महसूस होती है या दिनभर ऊर्जा की कमी रहती है, तो इस पर ध्यान देना जरूरी है। हाइपोथायरॉइडिज्म में थकान और सुस्ती आम लक्षणों में शामिल हो सकते हैं।

अगर इसके साथ वजन बढ़ना, ठंड ज्यादा लगना, कब्ज, त्वचा का रूखापन या बाल झड़ने जैसी समस्याएं भी लगातार बनी हुई हैं, तो डॉक्टर से सलाह लेकर जांच कराने पर विचार किया जा सकता है।

वजन में लगातार बदलाव

बिना खानपान या व्यायाम में बड़े बदलाव के वजन बढ़ना भी थायरॉइड की गड़बड़ी से जुड़ा हो सकता है। हाइपोथायरॉइडिज्म में थायरॉइड हार्मोन कम बनने के कारण शरीर का मेटाबॉलिज्म धीमा हो सकता है, जिससे वजन बढ़ने की समस्या सामने आ सकती है।

वहीं, थायरॉइड के ज्यादा सक्रिय होने पर कुछ लोगों का वजन बिना प्रयास के कम भी हो सकता है। हालांकि वजन में बदलाव के पीछे कई अन्य कारण भी हो सकते हैं, इसलिए केवल वजन के आधार पर थायरॉइड की समस्या मान लेना सही नहीं है।

बेचैनी और चिड़चिड़ापन

मूड में बदलाव, बेचैनी या लगातार चिड़चिड़ापन भी कई बार हार्मोनल बदलावों से जुड़ा हो सकता है। हाइपरथायरॉइडिज्म में बेचैनी के साथ हाथ कांपना, दिल की धड़कन तेज होना, ज्यादा पसीना आना और नींद में परेशानी जैसी शिकायतें हो सकती हैं।

हालांकि तनाव, चिंता और नींद की कमी भी ऐसे लक्षण पैदा कर सकते हैं। इसलिए लक्षणों के समूह और उनकी अवधि को ध्यान में रखना जरूरी है।

बाल और त्वचा में बदलाव

अगर बाल पहले की तुलना में अधिक झड़ने लगे हैं, त्वचा लगातार रूखी रहती है या शरीर में सामान्य से अधिक सूखापन महसूस होता है, तो इसके कई कारण हो सकते हैं। हाइपोथायरॉइडिज्म में इस तरह के बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

यदि बालों और त्वचा से जुड़ी समस्या के साथ थकान, वजन बढ़ना, कब्ज या ठंड अधिक लगने जैसी शिकायतें भी लंबे समय से हैं, तो चिकित्सकीय सलाह लेना बेहतर है।

कब डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए?

अगर ये लक्षण कई सप्ताह से बने हुए हैं, लगातार बढ़ रहे हैं या आपकी रोजमर्रा की गतिविधियों को प्रभावित कर रहे हैं, तो डॉक्टर से सलाह लें। जरूरत पड़ने पर चिकित्सक थायरॉइड हार्मोन की जांच कराने की सलाह दे सकते हैं।

गर्दन में सूजन या गांठ, निगलने में परेशानी, सांस लेने में दिक्कत, बहुत तेज या अनियमित धड़कन जैसी समस्या होने पर जांच में देरी नहीं करनी चाहिए।

ध्यान रखें: थकान, वजन में बदलाव या बाल झड़ना अपने आप में थायरॉइड बीमारी की पुष्टि नहीं करते। सही कारण जानने के लिए चिकित्सकीय जांच और डॉक्टर की सलाह जरूरी है।

नोट: यह लेख सामान्य स्वास्थ्य जानकारी के लिए है। किसी भी बीमारी का निदान या इलाज केवल चिकित्सकीय सलाह के आधार पर ही किया जाना चाहिए।

(साभार)


आम आदमी की रसोई पर महंगाई की मार, 65 रुपये किलो तक पहुंचे प्याज के दाम

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में प्याज की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है। खुदरा बाजार में दाम बढ़ने के बाद केंद्र सरकार अब अपने बफर स्टॉक का इस्तेमाल कर कीमतों को नियंत्रित करने की तैयारी में है। इसके तहत नासिक से देश के प्रमुख शहरों तक प्याज की आपूर्ति बढ़ाई जाएगी। सरकार सोमवार से नासिक से दिल्ली, चेन्नई, कोच्चि और गुवाहाटी के लिए विशेष ‘कांदा एक्सप्रेस’ चलाने जा रही है।

शनिवार को देश में प्याज की औसत खुदरा कीमत करीब 42 रुपये प्रति किलो पहुंच गई। यह कीमत पिछले साल के मुकाबले करीब 45 प्रतिशत और पिछले महीने की तुलना में 19 प्रतिशत अधिक है। जिन इलाकों में प्याज के दाम राष्ट्रीय औसत से ज्यादा हैं, वहां सरकारी स्टॉक से आपूर्ति बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जाएगा।

दिल्ली में 65 रुपये किलो तक पहुंचा प्याज

उपभोक्ता मामलों के विभाग के आंकड़ों के मुताबिक दिल्ली में प्याज का खुदरा भाव करीब 65 रुपये प्रति किलो हो गया है। पिछले साल इसी अवधि में यह करीब 35 रुपये किलो था। चेन्नई में भी प्याज की कीमत बढ़कर लगभग 58 रुपये प्रति किलो पहुंच गई है, जबकि पिछले साल यहां यह करीब 33 रुपये किलो बिक रहा था। केरल और असम के कुछ हिस्सों में भी प्याज के दाम में तेजी देखी जा रही है।

चीनी की कीमतों में भी तेजी

प्याज के साथ-साथ चीनी की कीमतों में भी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। शनिवार को चीनी का औसत खुदरा भाव करीब 62.5 रुपये प्रति किलो रहा, जबकि एक महीने पहले इसकी कीमत लगभग 46 रुपये प्रति किलो थी। दिल्ली में चीनी करीब 65 रुपये और मुंबई में लगभग 69 रुपये प्रति किलो बिक रही है।

बफर स्टॉक से सस्ती आपूर्ति की तैयारी

सरकार का फोकस अब बाजार में पर्याप्त मात्रा में प्याज उपलब्ध कराने पर है। अधिकारियों के मुताबिक बफर स्टॉक को नियंत्रित तरीके से बाजार में उतारा जाएगा, ताकि बढ़ती कीमतों पर अंकुश लगाया जा सके। सरकार को आशंका है कि कुछ कारोबारी मांग और आपूर्ति की स्थिति का फायदा उठाकर कीमतों में कृत्रिम बढ़ोतरी कर सकते हैं।

सरकार का कहना है कि आने वाले महीनों की जरूरतों को पूरा करने के लिए सरकारी एजेंसियों और किसानों के पास पर्याप्त स्टॉक मौजूद है। इससे बाजार में आपूर्ति बनाए रखने में मदद मिलेगी।

पहले भी चलाई जा चुकी है ‘कांदा एक्सप्रेस’

प्याज की कीमतों में तेजी को नियंत्रित करने के लिए सरकार पहले भी रेल मार्ग के जरिए प्याज की आपूर्ति कर चुकी है। अक्टूबर 2024 में नासिक से दिल्ली और देश के अन्य हिस्सों तक प्याज पहुंचाने के लिए ‘कांदा एक्सप्रेस’ चलाई गई थी। अब एक बार फिर इस व्यवस्था के जरिए उन शहरों में आपूर्ति बढ़ाने की कोशिश की जा रही है, जहां प्याज महंगा बिक रहा है।

उत्पादन में गिरावट की खबरों से बढ़ी चिंता

बाजार विशेषज्ञों के मुताबिक महाराष्ट्र में खरीफ प्याज के उत्पादन में करीब 5 से 7 प्रतिशत की कमी की खबरों ने कीमतों को प्रभावित किया है। महाराष्ट्र देश के प्रमुख प्याज उत्पादक राज्यों में शामिल है, इसलिए वहां उत्पादन और आवक में बदलाव का असर देशभर के बाजार पर पड़ता है।

NAFED और NCCF ने चालू वित्त वर्ष के लिए बफर स्टॉक के तौर पर करीब 1.2 लाख टन प्याज खरीदा है। खरीद को तेज करने के लिए इन एजेंसियों ने प्याज की खरीद कीमत भी बढ़ाई है। कृषि मंत्रालय के शुरुआती अनुमान के अनुसार 2025-26 फसल वर्ष में देश का प्याज उत्पादन करीब 307 लाख टन रहने का अनुमान है, जो पिछले फसल वर्ष के लगभग बराबर है।

अब सरकार की कोशिश है कि बफर स्टॉक को बाजार में उतारकर आपूर्ति बढ़ाई जाए, ताकि प्याज की कीमतों में तेजी को जल्द नियंत्रित किया जा सके।


अमन हत्याकांड में पुलिस की बदमाशों से मुठभेड़, एक के पैर में लगी गोली

रुड़की। ढंडेरा निवासी शराब कैंटीन संचालक अमन की हत्या के मामले में पुलिस ने कार्रवाई करते हुए तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया है। शनिवार देर रात पुलिस की संदिग्ध बदमाशों से मुठभेड़ हो गई। जवाबी फायरिंग में एक आरोपित के पैर में गोली लगी, जबकि उसके दो साथी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने करीब तीन घंटे तक जंगल और आसपास के इलाके में कांबिंग करने के बाद दोनों फरार आरोपितों को भी गिरफ्तार कर लिया।

पुलिस के मुताबिक ढंडेरा निवासी 22 वर्षीय अमन शराब की कैंटीन चलाता था। बताया गया कि अमन का डिफेंस कॉलोनी निवासी सौरभ ताजपुरिया की शादीशुदा बहन से मेलजोल था। इसी बात को लेकर दोनों के बीच काफी समय से रंजिश चल रही थी। शुक्रवार रात कैंटीन पर भी अमन और सौरभ के बीच विवाद हुआ था।

आरोप है कि इसी रंजिश के चलते शुक्रवार देर रात अमन जब अपने दोस्त प्रशांत के साथ कैंटीन से घर लौट रहा था, तभी सौरभ ताजपुरिया, सौरभ उर्फ बल्ली, अर्पित सैनी और अन्य लोगों ने उसे रास्ते में घेरकर फायरिंग कर दी। गोली के छर्रे लगने से प्रशांत घायल हो गया, जबकि अमन मौके से भाग निकला।

बताया गया कि आरोपितों ने अमन का पीछा कर उसे महाराणा प्रताप कॉलेज के पास बंद गली में घेर लिया और उसकी हत्या कर दी। मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आरोपितों की तलाश शुरू कर दी थी।

शनिवार देर रात सिविल लाइंस कोतवाली पुलिस ढंडेरा में गौतम फार्म हाउस से ढंडेरा जाने वाली सड़क पर चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन संदिग्ध पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस ने करीब 500 मीटर तक पीछा करने के बाद सरिता विहार कॉलोनी में ट्यूबवेल के पास उन्हें घेर लिया।

पुलिस के अनुसार बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में एक बदमाश के पैर में गोली लगी, जबकि दो अन्य मौके से फरार हो गए। घायल बदमाश की पहचान सौरभ ताजपुरिया के रूप में हुई। उसे उपचार के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया।

घटना के बाद पुलिस की दूसरी टीम ने आसपास के जंगल और संभावित इलाकों में करीब तीन घंटे तक कांबिंग की। इसके बाद पुलिस ने दीप यादव निवासी लंढौरा और अर्पित सैनी निवासी ठसका, कोतवाली मंगलौर को गिरफ्तार कर लिया।

एसपी देहात शेखर चंद्र सुयाल ने बताया कि पूछताछ में आरोपितों ने अमन की हत्या की साजिश रचने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उनके कब्जे से तमंचा, कारतूस और बाइक बरामद की है। अधिकारियों के अनुसार हत्या के पीछे पुरानी रंजिश बताई जा रही है। मामले में शामिल अन्य आरोपितों की तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।


‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ का पोस्टर जारी, 2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में दस्तक देगी फिल्म

बॉलीवुड की चर्चित क्राइम-थ्रिलर फ्रेंचाइजी ‘दृश्यम’ अब अपने अंतिम पड़ाव पर पहुंचने जा रही है। अजय देवगन एक बार फिर विजय सलगांवकर के किरदार में नजर आएंगे। फिल्म के तीसरे और आखिरी पार्ट का नाम ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ रखा गया है। मेकर्स ने फिल्म की रिलीज डेट भी सामने ला दी है। यह फिल्म 2 अक्टूबर 2026 को सिनेमाघरों में दस्तक देगी।

अजय देवगन ने शेयर किया पहला पोस्टर

24 अगस्त को अजय देवगन ने सोशल मीडिया पर फिल्म का पहला पोस्टर जारी करते हुए ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी के अंतिम अध्याय की घोषणा की। पोस्टर पर लिखा है, ‘मेरा सच, मेरा सही, सिर्फ मेरी फैमिली है।’ यह लाइन विजय सलगांवकर के उस नजरिए को सामने रखती है, जिसमें परिवार को बचाना उसकी सबसे बड़ी प्राथमिकता है।

पोस्टर में अजय देवगन का आधा चेहरा दिखाई दे रहा है और उनकी एक आंख पर खास फोकस किया गया है। पोस्टर ने फिल्म की कहानी को लेकर दर्शकों की उत्सुकता और बढ़ा दी है।

2 अक्टूबर को सिनेमाघरों में आएगी फिल्म

फिल्म का पोस्टर साझा करते हुए अजय देवगन ने विजय सलगांवकर के नजरिए को दोहराते हुए कहा कि हर व्यक्ति चीजों को अपने अलग नजरिए से देखता है और उनके लिए परिवार सबसे ऊपर है। ‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ 2 अक्टूबर 2026 को बड़े पर्दे पर रिलीज होगी।

अजय देवगन ने फिल्म से जुड़े कलाकारों तब्बू, श्रिया सरन, रजत कपूर, जयदीप अहलावत, प्रकाश राज और अभिषेक को भी पोस्ट में टैग किया है।

अभिषेक पाठक संभालेंगे निर्देशन

‘दृश्यम: द कन्क्लूजन’ का निर्माण स्टार स्टूडियोज और पैनोरमा स्टूडियोज कर रहे हैं। फिल्म के निर्देशन की जिम्मेदारी अभिषेक पाठक के पास है। उन्होंने आमिल कीयन खान और परवेज शेख के साथ मिलकर फिल्म की कहानी लिखी है। आलोक जैन, अजीत अंधारे, कुमार मंगत पाठक और अभिषेक पाठक फिल्म के निर्माता हैं।

क्या होगी विजय सलगांवकर की नई कहानी?

‘दृश्यम’ की कहानी गोवा में रहने वाले विजय सलगांवकर और उसके परिवार के इर्द-गिर्द घूमती है। परिवार से जुड़े एक गंभीर मामले के बाद विजय पुलिस और कानून से अपने परिवार को बचाने के लिए ऐसा जाल बुनता है, जिसे समझना आसान नहीं होता।

अब तीसरे पार्ट में कहानी किस मोड़ पर पहुंचेगी और विजय के सामने कौन-सी नई चुनौती आएगी, यह फिल्म की रिलीज के बाद ही सामने आएगा। अजय देवगन के साथ तब्बू एक बार फिर IG मीरा देशमुख और श्रिया सरन नंदिनी के किरदार में वापसी करेंगी। रजत कपूर भी फ्रेंचाइजी का हिस्सा होंगे, जबकि प्रकाश राज और जयदीप अहलावत नए किरदारों में दिखाई देंगे।

फिल्म की शूटिंग पूरी हो चुकी है और फिलहाल इसका काम पोस्ट-प्रोडक्शन चरण में चल रहा है।

2015 में शुरू हुआ था ‘दृश्यम’ का सफर

हिंदी सिनेमा में ‘दृश्यम’ फ्रेंचाइजी की शुरुआत साल 2015 में हुई थी। यह फिल्म मलयालम फिल्म ‘दृश्यम’ का हिंदी रीमेक थी और रिलीज के बाद दर्शकों के बीच काफी लोकप्रिय हुई। इसके बाद 2022 में ‘दृश्यम 2’ रिलीज हुई, जिसने पहले पार्ट की कहानी को आगे बढ़ाया और बॉक्स ऑफिस पर भी मजबूत प्रदर्शन किया।

अब तीसरी फिल्म के साथ मेकर्स विजय सलगांवकर की कहानी को अंतिम निष्कर्ष तक पहुंचाने की तैयारी में हैं। ऐसे में दर्शकों के बीच सबसे बड़ा सवाल यही है कि आखिर विजय अपने परिवार को बचाने के लिए इस बार क्या चाल चलेगा और क्या कहानी का राज आखिरकार खुल पाएगा।


हापुड़ में पति को मायके बुलाकर बनाया बंधक, दो दिन तक बेरहमी से पीटने का आरोप,पत्नी समेत दो गिरफ्तार

हापुड़। कोतवाली हापुड़ नगर क्षेत्र में एक युवक को उसकी ससुराल में कथित तौर पर बंधक बनाकर दो दिनों तक बेरहमी से पीटने का मामला सामने आया है। पीड़ित के परिजनों का आरोप है कि युवक के साथ लाठी-डंडों, बेल्ट और गर्म सरियों से मारपीट की गई। बेल्ट से गला घोंटकर जान से मारने की कोशिश किए जाने का आरोप भी लगाया गया है। मामले में पुलिस ने युवक की पत्नी समेत दो महिलाओं को गिरफ्तार किया है, जबकि अन्य आरोपितों की तलाश जारी है।

सिंभावली थाना क्षेत्र के भगवानपुर गांव निवासी देवेंद्र सिंह ने कोतवाली हापुड़ नगर में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि उनके बेटे राजेश उर्फ शिवम की शादी सात दिसंबर 2020 को आदर्शनगर कॉलोनी निवासी दीपा से हुई थी।

शिकायत के अनुसार, 19 अगस्त को दीपा अपने मायके में थी और उसने राजेश को वहां बुलाया। अगले दिन सुबह राजेश अपनी ससुराल पहुंचा। आरोप है कि वहां मौजूद दीपा समेत अन्य लोगों ने उसे घर के अंदर बंधक बना लिया और मारपीट शुरू कर दी।

परिजनों का आरोप है कि बाद में कुछ अन्य लोगों को भी वहां बुलाया गया। इसके बाद राजेश के साथ लाठी-डंडों, बेल्ट और गर्म सरियों से मारपीट की गई। करीब दो दिनों तक उसे घर में कैद रखने का भी आरोप लगाया गया है।

21 अगस्त की सुबह परिवार को घटना की जानकारी मिली। बताया गया कि एक व्यक्ति ने राजेश के भाई सोहित को फोन कर उसके साथ मारपीट किए जाने की सूचना दी। इसके बाद सोहित कोतवाली पहुंचा।

इसी बीच आरोपित राजेश को इलाज कराने के बहाने वाहन से ले गए। परिजनों ने अनहोनी की आशंका जताते हुए उसकी तलाश शुरू की। प्रीत विहार स्थित एक अस्पताल में पहुंचने पर डॉक्टरों ने हालत गंभीर होने और मामला पुलिस से जुड़ा होने के कारण उपचार करने से इनकार कर दिया। बाद में पता चला कि राजेश को नोएडा के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया है। स्वजन वहां से उसे गंभीर हालत में लेकर आए।

कोतवाली प्रभारी निरीक्षक मनीष चौहान के मुताबिक, पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर दिल्ली रोड स्थित लज्जापुरी गेट के पास से राजेश की पत्नी दीपा और नामजद आरोपित प्रीति को गिरफ्तार किया है। पुलिस अन्य नामजद और फरार आरोपितों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।


अमरावती जिला महिला अस्पताल के NICU में लगी भीषण आग, तीन नवजात बच्चों की मौत

वेंटिलेटर में विस्फोट के बाद लगी आग, छह नवजात अस्पताल में भर्ती

अमरावती। अमरावती के जिला महिला अस्पताल में सोमवार तड़के उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब नवजात शिशु गहन चिकित्सा विभाग (NICU) में अचानक आग भड़क उठी। हादसे में धुएं के कारण तीन नवजात बच्चों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य शिशुओं को सुरक्षित बाहर निकालकर उपचार के लिए दूसरे अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

जानकारी के मुताबिक, घटना सोमवार सुबह करीब साढ़े तीन बजे की है। अस्पताल की तीसरी मंजिल पर स्थित NICU में एक वेंटिलेटर में अचानक विस्फोट होने के बाद आग लग गई। देखते ही देखते पूरे कक्ष में घना धुआं भर गया। आग और धुएं के बीच अस्पताल में मौजूद डॉक्टरों, नर्सिंग स्टाफ और कर्मचारियों ने तत्काल बचाव अभियान शुरू किया और अंदर भर्ती बच्चों को बाहर निकालने का प्रयास किया।

एक कक्ष में भर्ती थे 12 नवजात

अस्पताल की तीसरी मंजिल पर नवजात बच्चों के उपचार के लिए तीन गहन चिकित्सा कक्ष बनाए गए हैं। इनमें से जिस कक्ष में आग लगी, वहां हादसे के समय 12 नवजात शिशुओं का उपचार चल रहा था। आग लगने के बाद कर्मचारियों ने तेजी से बच्चों को बाहर निकालना शुरू किया, लेकिन धुआं अधिक फैलने के कारण तीन नवजातों की दम घुटने से जान चली गई।

छह बच्चों को सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल भेजा गया

बचाए गए नवजातों में से छह की हालत को देखते हुए उन्हें अमरावती के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। चिकित्सकों की निगरानी में इन बच्चों का उपचार जारी है। अस्पताल प्रशासन और मेडिकल टीम उनकी स्थिति पर लगातार नजर बनाए हुए है।

आग के कारणों की जांच शुरू होगी

प्रारंभिक जानकारी में वेंटिलेटर में तकनीकी खराबी के बाद विस्फोट होने और उससे आग भड़कने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि, आग की वास्तविक वजह अभी स्पष्ट नहीं है। दमकल कर्मियों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पा लिया। अब तकनीकी खराबी, शॉर्ट सर्किट या अन्य संभावित कारणों को लेकर जांच की जाएगी। हादसे के बाद अस्पताल की सुरक्षा व्यवस्था और अग्निशमन इंतजामों को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।


रास्ते के विवाद में युवक की हत्या, चारपाई के पाट से किया गया हमला

बस्ती। लालगंज थाना क्षेत्र के महसो ग्राम पंचायत के पूरब टोला में रास्ते को लेकर चल रहा पुराना विवाद रविवार रात खूनी संघर्ष में बदल गया। विवाद के दौरान एक पक्ष के लोगों ने युवक मनीष पांडेय पर चारपाई के पाट से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल मनीष ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। घटना के बाद गांव में तनाव और दहशत का माहौल है।

जानकारी के मुताबिक मनीष पांडेय के परिवार का गांव के ही कुछ लोगों से काफी समय से रास्ते को लेकर विवाद चल रहा था। रविवार रात इसी मुद्दे को लेकर दोनों पक्षों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर दूसरे पक्ष के लोगों ने मनीष पर चारपाई के पाट से हमला कर दिया।

हमले में मनीष गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजन उन्हें तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने हालत गंभीर देखते हुए मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। मेडिकल कॉलेज ले जाते समय रास्ते में ही उनकी मौत हो गई।

घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस की टीमें गांव से लेकर पोस्टमार्टम हाउस तक तैनात हैं, ताकि स्थिति पर नजर रखी जा सके।

पुलिस अधिकारियों के अनुसार वारदात में शामिल आरोपितों की तलाश की जा रही है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दी जा रही है। मृतक को राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष मनमोहन त्रिपाठी के बहनोई का भाई बताया जा रहा है। पुलिस मामले की जांच कर हत्या के कारणों और घटना में शामिल लोगों की भूमिका स्पष्ट करने में जुटी है।


औरंगाबाद में गोलगप्पे बेचने वाले की हत्या, चारदीवारी के अंदर मिला शव

औरंगाबाद। शहर के शाहपुर मोहल्ले में राम लखन सिंह यादव कॉलेज के पास गोलगप्पे का ठेला लगाने वाले एक व्यक्ति की हत्या का मामला सामने आया है। सोमवार सुबह उसका शव चारदीवारी से घिरी खाली जमीन में मिलने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया।

पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान झारखंड के पलामू जिले के हरिहरगंज थाना क्षेत्र के कोल्हुआ गांव निवासी फकीरा मेहता (40) के रूप में हुई है। नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है। पुलिस ने मृतक की पत्नी रेखा देवी का बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

स्थानीय लोगों और स्वजन के मुताबिक फकीरा मेहता शाहपुर मोहल्ले में ठेला लगाकर फोकचा (गोलगप्पे) बेचता था। कॉलेज के पास ही उसका ससुराल भी बताया जा रहा है। वह पोखरा मोहल्ले में अजय मेहता के मकान में किराये पर रहता था।

बताया गया कि शनिवार शाम फकीरा घर नहीं लौटा तो परिवार के लोगों ने उसकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान मोहल्ले की एक गली में उसका ठेला मिला, लेकिन फकीरा का कोई पता नहीं चला। स्वजन और स्थानीय लोगों ने देर रात तक आसपास के इलाकों में उसकी तलाश की, लेकिन सफलता नहीं मिली।

सोमवार सुबह चारदीवारी के भीतर खाली जमीन में उसका शव पड़ा मिला। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए हैं। हत्या के पीछे की वजह और इसमें शामिल लोगों का पता लगाने के लिए पुलिस स्वजन के बयान के साथ अन्य बिंदुओं पर भी जांच कर रही है।


मानसून की चुनौती के बीच चारधाम यात्रा जारी, 48 लाख पार हुआ श्रद्धालुओं का आंकड़ा

 देहरादून – मौसम की खराब परिस्थितियों और मानसून की चुनौतियों के बावजूद उत्तराखंड में चारधाम यात्रा को लेकर श्रद्धालुओं का उत्साह लगातार बना हुआ है। इस वर्ष यात्रा में अब तक 48 लाख से अधिक तीर्थयात्री बदरीनाथ, केदारनाथ, गंगोत्री, यमुनोत्री और हेमकुंड साहिब के दर्शन कर चुके हैं। इनमें सबसे अधिक श्रद्धालु बदरीनाथ धाम पहुंचे हैं।

मानसून के दौरान उच्च हिमालयी क्षेत्रों में यात्रा करना जोखिमपूर्ण माना जाता है। लगातार बारिश के कारण कई स्थानों पर भूस्खलन की स्थिति बन रही है। इसे देखते हुए प्रदेश सरकार श्रद्धालुओं से मौसम और यात्रा मार्गों की स्थिति की जानकारी लेने के बाद ही धामों की यात्रा करने की अपील कर रही है। मौसम विभाग की ओर से भी समय-समय पर बारिश को लेकर अलर्ट जारी किए जा रहे हैं।

इसके बावजूद प्रतिदिन करीब पांच से छह हजार श्रद्धालु चारधाम और हेमकुंड साहिब पहुंच रहे हैं। यात्रा को सुरक्षित और व्यवस्थित बनाए रखने के लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं व्यवस्थाओं की लगातार निगरानी कर रहे हैं।

19 अप्रैल से 22 अगस्त तक चारधाम और हेमकुंड साहिब में 48.11 लाख से अधिक श्रद्धालु दर्शन कर चुके हैं। आंकड़ों के मुताबिक बदरीनाथ धाम में 16.57 लाख, केदारनाथ में 14.66 लाख, गंगोत्री में 7.48 लाख, यमुनोत्री में 6.69 लाख और हेमकुंड साहिब में 2.71 लाख श्रद्धालु पहुंच चुके हैं।

चारधाम और हेमकुंड साहिब यात्रा के लिए सरकार ने पंजीकरण अनिवार्य किया है। पर्यटन विभाग ने इस वर्ष 6 मार्च से ऑनलाइन पंजीकरण शुरू किया था, जबकि 17 अप्रैल से ऑफलाइन पंजीकरण की सुविधा भी उपलब्ध कराई गई। 22 अगस्त तक यात्रा के लिए 61.71 लाख से अधिक तीर्थयात्रियों ने पंजीकरण कराया है।

इनमें केदारनाथ धाम के लिए करीब 20 लाख, बदरीनाथ धाम के लिए 18.43 लाख, गंगोत्री के लिए 10.62 लाख, यमुनोत्री के लिए 10.11 लाख और हेमकुंड साहिब के लिए 2.55 लाख पंजीकरण शामिल हैं।

सरकार का कहना है कि श्रद्धालुओं को सुरक्षित यात्रा के साथ सुगम दर्शन उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। हर वर्ष चारधाम यात्रा में तीर्थयात्रियों की संख्या नए रिकॉर्ड की ओर बढ़ रही है और इस बार भी श्रद्धालुओं की संख्या नया कीर्तिमान स्थापित करने की उम्मीद है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप राज्य के प्रमुख तीर्थस्थलों पर सुविधाओं और बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत किया जा रहा है।


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