Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

शरीर में क्यों बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल का लेवल? आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

शरीर में क्यों बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल का लेवल? आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

शरीर में क्यों बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल का लेवल? आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

कोलेस्ट्रॉल शब्द से हम सभी भली-भांति परिचित हैं। कोलेस्ट्रॉल का नाम सुनते ही हृदय रोगों का ख्याल आ जाता है। स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं सभी लोगों को ब्लड प्रेशर, ब्लड शुगर के साथ कोलेस्ट्रॉल के स्तर को भी कंट्रोल में रखना चाहिए।

वैसे तो कोलेस्ट्रॉल शरीर के लिए आवश्यक वसा (लिपिड) है, जो कोशिकाओं की संरचना, हार्मोन और पाचन के लिए जरूरी होता है, लेकिन जब इसका स्तर सामान्य से अधिक हो जाता है, तो यह गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं का कारण बन सकता है।

विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के अनुसार, दुनियाभर में हर साल लगभग 40% हृदय रोगों के मामले हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से होते हैं। हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति सिर्फ हृदय रोग ही नहीं शरीर को कई अन्य प्रकार से भी प्रभावित करने वाली मानी जाती है, इसलिए इसे कंट्रोल में रखने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना जरूरी है।

क्यों बढ़ता है कोलेस्ट्रॉल का लेवल?

स्वास्थ्य विशेषज्ञ कहते हैं, हमारी कई गड़बड़ आदतें कोलेस्ट्रॉल सहित संपूर्ण स्वास्थ्य को प्रभावित करने वाली हो सकती है।

असंतुलित आहार (फास्ट फूड, तली-भुनी चीजें), शारीरिक गतिविधियों की कमी, मोटापा, धूम्रपान-शराब का सेवन, तनाव की समस्या के साथ कुछ अनुवांशिक कारण कोलेस्ट्रॉल को बढ़ाने वाले हो सकते हैं। इस बारे में जानना और इससे बचाव करते रहना बहुत जरूरी है।

अब आइए जानते हैं कि हाई कोलेस्ट्रॉल यानी कोलेस्ट्रॉल का अक्सर बढ़ा रहना हमारी सेहत को किस प्रकार से प्रभावित करने वाला हो सकता है?

हृदय रोग का जोखिम

हाई कोलेस्ट्रॉल की स्थिति का सबसे ज्यादा नुकसान हृदय स्वास्थ्य पर देखा जाता रहा है। विशेषतौर पर अगर शरीर में बैड कोलेस्ट्रॉल का स्तर लगातार बढ़ा हुआ रहता है तो ये रक्त धमनियों में जमकर ब्लॉकेज बनाता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है।

अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के अनुसार 70% हार्ट अटैक के मामलों में कोलेस्ट्रॉल का असंतुलन देखा जाता रहा है। कोलेस्ट्रॉल के साथ-साथ अगर ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखा जाए तो हृदय रोगों के खतरे को काफी कम किया जा सकता है।

ब्रेन स्ट्रोक का खतरा

हाई कोलेस्ट्रॉल के दुष्प्रभाव सिर्फ हृदय रोगों तक ही सीमित नहीं हैं, इसके कारण स्ट्रोक का भी जोखिम हो सकता है। कोलेस्ट्रॉल मस्तिष्क तक जाने वाली कुछ धमनियों को भी संकीर्ण कर देता है। अगर मस्तिष्क तक रक्त ले जाने वाली कोई वाहिका पूरी तरह से अवरुद्ध हो जाती है तो इसके कारण मस्तिष्क तक रक्त का प्रवाह बाधित हो जाता है, जिससे स्ट्रोक हो सकता है।

हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण होने वाली इन समस्याओं को भी जानिए

कोलेस्ट्रॉल बढ़ने के कारण शरीर पर और भी कई तरह के दुष्प्रभाव हो सकते हैं।
हाई कोलेस्ट्रॉल से रक्त वाहिकाएं कठोर हो जाती हैं, जिससे हाई ब्लड प्रेशर की समस्या बढ़ सकती है।
इंटरनेशनल डायबिटीज फेडरेशन के अनुसार, डायबिटीज के मरीजों में 60% को हाई कोलेस्ट्रॉल की समस्या होती है, जिससे डायबिटीज की जटिलताएं काफी बढ़ जाती हैं।
कोलेस्ट्रॉल का स्तर बढ़ना फैटी लिवर की वजह बनता है।
हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण नपुंसकता बढ़ने का भी जोखिम देखा जाता रहा है।
लंबे समय में, कोलेस्ट्रॉल का स्तर अधिक रहने के कारण जननांग की छोटी रक्त वाहिकाओं के संकुचित होने का भी खतरा हो सकता है इससे इरेक्शन प्राप्त करने में भी कठिनाई होती है।

(साभार)


Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp