Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

“फ्लोरल हीलिंग” थीम पर होगा वसंतोत्सव, फूलों के जरिए स्वास्थ्य और प्रकृति का संदेश

“फ्लोरल हीलिंग” थीम पर होगा वसंतोत्सव, फूलों के जरिए स्वास्थ्य और प्रकृति का संदेश

“फ्लोरल हीलिंग” थीम पर होगा वसंतोत्सव, फूलों के जरिए स्वास्थ्य और प्रकृति का संदेश

लोक भवन में 27 फरवरी से 1 मार्च तक चलेगा ‘वसंतोत्सव’

देहरादून। देहरादून में बसंत ऋतु के स्वागत के लिए इस बार भी रंग-बिरंगा ‘वसंतोत्सव’ आयोजित होने जा रहा है। लोक भवन में 27 फरवरी से 1 मार्च तक चलने वाले इस उत्सव की थीम “फ्लोरल हीलिंग” रखी गई है, जिसका उद्देश्य फूलों के जरिए प्रकृति, स्वास्थ्य और मानसिक सुकून के महत्व को उजागर करना है। यह आयोजन न केवल पर्यटन को बढ़ावा देता है, बल्कि स्थानीय उत्पादों और किसानों को भी एक मजबूत मंच प्रदान करता है।

इस संबंध में गुरमीत सिंह ने बताया कि वसंतोत्सव अब देहरादून की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान बन चुका है। उन्होंने कहा कि यह उत्सव पुष्प पर्यटन के साथ-साथ स्थानीय पर्यटन को भी नई दिशा देता है। 27 फरवरी को सुबह 11 बजे उद्घाटन के बाद पहले दिन दोपहर 1 बजे से शाम 6 बजे तक और बाकी दिनों में सुबह 9 बजे से शाम 6 बजे तक आम लोगों के लिए प्रवेश निशुल्क रहेगा।

उत्सव में इस बार कुल 15 प्रमुख प्रतियोगिताएं और 55 उपश्रेणियां शामिल होंगी, जिनमें कट फ्लावर, पॉटेड प्लांट और हैंगिंग गार्डन जैसी आकर्षक श्रेणियां होंगी। विजेताओं को कुल 165 पुरस्कार दिए जाएंगे। खास बात यह है कि दिव्यांग बच्चों के लिए पेंटिंग प्रतियोगिता भी आयोजित की जाएगी, वहीं पहली बार हाइड्रोपोनिक तकनीक पर आधारित प्रतियोगिता को भी शामिल किया गया है।

तकनीक का इस्तेमाल भी इस बार वसंतोत्सव की खास पहचान होगा। उत्तराखंड तकनीकी विश्वविद्यालय और आईटीडीए मिलकर एक विशेष ऐप के जरिए आगंतुकों की संख्या और उनकी भावनात्मक प्रतिक्रिया (इमोशनल मैपिंग) का अध्ययन करेंगे। इसके अलावा एनआईईपीवीडी के छात्र रिदमिक योगा का लाइव प्रदर्शन भी करेंगे।

कार्यक्रम में फूड कोर्ट में मिलेट्स आधारित व्यंजन, आर्ट गैलरी, डाक टिकट प्रदर्शनी और कई सांस्कृतिक गतिविधियां भी आकर्षण का केंद्र रहेंगी। साथ ही उत्कृष्ट कार्य करने वाले तीन किसानों और तीन महिला किसानों को ‘गवर्नर अवॉर्ड’ से सम्मानित किया जाएगा।

कुल मिलाकर, वसंतोत्सव न केवल फूलों की खूबसूरती का उत्सव है, बल्कि यह प्रकृति, नवाचार, कृषि और संस्कृति के संगम का भी एक खास अवसर बनकर उभर रहा है।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp