Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

क्या वजन घटाने के लिए खाना कम कर देना काफी है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

क्या वजन घटाने के लिए खाना कम कर देना काफी है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

क्या वजन घटाने के लिए खाना कम कर देना काफी है, आइये जानते हैं क्या कहते हैं स्वास्थ्य विशेषज्ञ

आज की बदलती जीवनशैली में मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य चुनौती बनता जा रहा है। यह समस्या अब केवल उम्रदराज़ लोगों तक सीमित नहीं रही, बल्कि बच्चे, युवा और कामकाजी वर्ग भी तेजी से इसकी चपेट में आ रहा है। मोटापा न सिर्फ शारीरिक बनावट को प्रभावित करता है, बल्कि हृदय रोग, मधुमेह, उच्च रक्तचाप जैसी कई गंभीर बीमारियों का खतरा भी बढ़ा देता है।

वजन घटाने के लिए लोग अक्सर बिना सही जानकारी के कठोर डाइट, जरूरत से ज्यादा व्यायाम या गलत उपाय अपनाने लगते हैं, जिससे लाभ की जगह नुकसान होने की आशंका बढ़ जाती है। विशेषज्ञों का कहना है कि मोटापे को लेकर समाज में कई तरह की गलतफहमियां फैली हुई हैं, जिन पर आंख बंद कर भरोसा करना सेहत के लिए खतरनाक हो सकता है।

यदि सही जानकारी के साथ संतुलित आहार और स्वस्थ जीवनशैली को अपनाया जाए, तो मोटापे से बचाव संभव है। आइए जानते हैं मोटापे से जुड़ी कुछ आम मिथक और उनके पीछे का सच।

मिथ: मोटापा केवल जंक फूड खाने से होता है

यह मानना पूरी तरह सही नहीं है। असंतुलित आहार मोटापे का एक कारण जरूर है, लेकिन यह अकेला कारण नहीं है। आनुवांशिक कारण, शारीरिक गतिविधियों की कमी, नींद पूरी न होना, मानसिक तनाव और लंबे समय तक स्क्रीन के सामने बैठना भी मोटापे के जोखिम को बढ़ाते हैं। अध्ययनों में पाया गया है कि जो लोग घंटों मोबाइल, लैपटॉप या टीवी का उपयोग करते हैं, उनमें शारीरिक निष्क्रियता बढ़ जाती है, जिससे वजन तेजी से बढ़ने लगता है।

मिथ: वजन घटाने के लिए खाना कम कर देना ही काफी है

मोटापा कम करने के लिए केवल खाना छोड़ देना या बहुत कम खाना समाधान नहीं है। शरीर को सही मात्रा में पोषक तत्वों की आवश्यकता होती है। विशेषज्ञों के अनुसार संतुलित आहार के साथ नियमित शारीरिक गतिविधि सबसे प्रभावी उपाय है।
दिन में कम से कम 30 मिनट टहलना, योग या हल्का व्यायाम करना और पौष्टिक भोजन लेना वजन नियंत्रित रखने में मदद करता है।

मिथ: मोटापे से ग्रस्त हर व्यक्ति को डायबिटीज हो जाती है

मोटापा टाइप-2 डायबिटीज का एक जोखिम कारक जरूर है, लेकिन यह जरूरी नहीं कि हर मोटे व्यक्ति को मधुमेह हो ही जाए। कई लोग मोटापे के बावजूद स्वस्थ रहते हैं, जबकि कुछ सामान्य वजन वाले लोगों को भी डायबिटीज हो सकती है। स्वस्थ खानपान, नियमित व्यायाम और सक्रिय जीवनशैली अपनाकर मोटापा और डायबिटीज दोनों के खतरे को कम किया जा सकता है।

मिथ: अगर परिवार में मोटापा है तो आपको भी होगा

आनुवांशिकता का प्रभाव जरूर पड़ता है, लेकिन यह तय नहीं करता कि आपको मोटापा होगा ही। विशेषज्ञों का कहना है कि जिन लोगों के परिवार में मोटापे का इतिहास रहा है, उन्हें अपने आहार और दिनचर्या को लेकर अधिक सतर्क रहने की जरूरत होती है। सही आदतें अपनाकर मोटापे के जोखिम को काफी हद तक कम किया जा सकता है।

नोट: यह लेख विभिन्न मेडिकल रिपोर्ट्स और स्वास्थ्य विशेषज्ञों की सलाह पर आधारित है।
(किसी भी बदलाव से पहले डॉक्टर की सलाह अवश्य लें।)

(साभार )


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp