Drop Us An Email Any Enquiry Drop Us An Emailshailesh.lekhwar2000@gmail.com
Call Us For Consultation Call Us For Consultation +91 9818666272

जिला प्रशासन सख्त- एक ही व्यक्ति का जन औषधि केंद्र व बगल में ही मेडिकल स्टोर, दोनों के लाइसेंस निरस्त

जिला प्रशासन सख्त- एक ही व्यक्ति का जन औषधि केंद्र व बगल में ही मेडिकल स्टोर, दोनों के लाइसेंस निरस्त

जिला प्रशासन सख्त- एक ही व्यक्ति का जन औषधि केंद्र व बगल में ही मेडिकल स्टोर, दोनों के लाइसेंस निरस्त

अनियमितता की शिकायत पर डीएम ने संयुक्त मजिस्ट्रेट से करवाई जांच, दवा माफियाओं पर जिला प्रशासन का वार

देहरादून। जनता दर्शन में सामने आई शिकायत पर जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। बीते माह 4 दिसंबर 2025 को जिलाधिकारी सविन बंसल की अध्यक्षता में आयोजित जनता दर्शन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रायपुर स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र को लेकर गंभीर शिकायत दर्ज कराई गई थी। शिकायत में केंद्र पर दवाओं की अनुपलब्धता और केंद्र संचालक द्वारा पास ही निजी मेडिकल स्टोर चलाए जाने का आरोप लगाया गया था।

शिकायत के संज्ञान में आने के बाद जिलाधिकारी के निर्देश पर संयुक्त मजिस्ट्रेट राहुल कुमार और वरिष्ठ औषधि निरीक्षक की संयुक्त टीम ने मौके पर जांच की। जांच में कई गंभीर अनियमितताएं उजागर हुईं।

जांच के दौरान पाया गया कि जन औषधि केंद्र के संचालक बलवीर सिंह रावत द्वारा सीएचसी परिसर के भीतर जन औषधि केंद्र और लगभग 25 मीटर की दूरी पर ‘मै० रावत मेडिकोज’ नाम से निजी मेडिकल स्टोर का संचालन किया जा रहा था, जिससे स्पष्ट रूप से हितों के टकराव की स्थिति बनी। इसके अलावा जन औषधि केंद्र में दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए पीएमबीआई के आधिकारिक सॉफ्टवेयर का उपयोग नहीं किया जा रहा था और बिलिंग कार्य मैनुअल तरीके से किया जा रहा था।

जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि दवाओं की मांग और आपूर्ति की प्रक्रिया नियमानुसार पोर्टल के माध्यम से न होकर अनौपचारिक रूप से व्हाट्सएप के जरिए की जा रही थी। दवाओं की कमी दूर करने के लिए निर्धारित प्रक्रियाओं का पालन नहीं किया गया, जिसके चलते मरीजों को सस्ती जन औषधि दवाओं के बजाय बाहर स्थित निजी मेडिकल स्टोर से दवाएं खरीदने को मजबूर होना पड़ा। इससे निजी लाभ की स्थिति भी उजागर हुई।

इसके साथ ही स्टॉक रजिस्टर और इन्वेंट्री का रख-रखाव भी अव्यवस्थित पाया गया। लाइसेंस निर्गमन और नवीनीकरण से जुड़े दस्तावेजों में भी कई विसंगतियां मिलीं, जिनमें एक ही रेफ्रिजरेटर बिल का दोबारा उपयोग, एसी की कार्यशील स्थिति को लेकर गलत घोषणा और किरायानामा अवधि समाप्त होने के बाद अद्यतन अनुबंध अपलोड न किया जाना शामिल है।

इन सभी अनियमितताओं के आधार पर वरिष्ठ औषधि निरीक्षक ने जनहित में सीएचसी रायपुर स्थित प्रधानमंत्री जन औषधि केंद्र और निकटवर्ती निजी मेडिकल स्टोर ‘मै० रावत मेडिकोज’ के औषधि विक्रय लाइसेंस निरस्त किए जाने की संस्तुति की है।

जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि आम जनता को सस्ती और सुलभ दवाएं उपलब्ध कराना उसकी प्राथमिकता है और इस दिशा में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता पर कठोर कार्रवाई की जाएगी।


Latest News in hindi

Call Us On  Whatsapp