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जलवायु परिवर्तन से पर्वतीय कृषि प्रभावित, जल संरक्षण जरूरी- सतपाल महाराज

जलवायु परिवर्तन से पर्वतीय कृषि प्रभावित, जल संरक्षण जरूरी- सतपाल महाराज

जलवायु परिवर्तन से पर्वतीय कृषि प्रभावित, जल संरक्षण जरूरी- सतपाल महाराज

सतपुली में जलागम महोत्सव आयोजित, मंत्री सतपाल महाराज ने उत्कृष्ट किसानों को किया सम्मानित

सतपुली। जलागम मंत्री मंत्री  सतपाल महाराज प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना वाटरशेड विकास घटक 2.0 के अंतर्गत आयोजित जलागम महोत्सव में शामिल हुए।
उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले किसानों व ग्राम पंचायत को सम्मानित किया।

सतपुली के नगर पंचायत मैदान में आयोजित कार्यक्रम में सतपाल  महाराज ने कहा कि वैश्विक स्तर पर हो रहे जलवायु परिवर्तन का प्रभाव उत्तराखंड के पर्यावरण पर दिखाई दे रहा है और इससे पर्वतीय कृषि भी प्रभावित हो रही है। ऐसे में जलागम क्षेत्र के आधार पर मृदा एवं जल संरक्षण गतिविधियां काफी प्रभावकारी रही हैं।

उन्होंने कहा कि जलागम महोत्सव जैसे आयोजन जन भागीदारी को बढ़ावा देने के लिए बेहद महत्वपूर्ण हैं। इसके अंतर्गत जल संरचनाओं की सफाई, प्रभात फेरी, वृक्षारोपण आदि विभिन्न गतिविधियां आयोजित की गई। उन्होंने कहा कि मानव वन्य जीव संघर्ष रोकने के लिए भी सरकार द्वारा लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

इस अवसर पर सचिव जलागम  दिलीप जावलकर ने कहा कि जलागम विभाग द्वारा पिछले कई दशकों से सूक्ष्म जलागम स्तर पर जल संरक्षण एवं संरक्षण हेतु समग्र उपचार गतिविधियां की जा रही हैं।  इसी क्रम में केंद्र सरकार द्वारा वित्त पोषित “प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना- जलागम विकास 2.0” एक महत्वपूर्ण परियोजना है। यह परियोजना वर्ष 2021-22 से प्रदेश के तीन जनपदों पिथौरागढ़, अल्मोड़ा और पौड़ी में संचालित की जा रही थी, जिसमें इसी वर्ष चम्पावत जिले के दो विकासखंडों को भी शामिल किया गया है।

अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी कहकशां नसीम ने जलागम विभाग की विभिन्न परियोजनाओं की जानकारी देते हुए कहा कि पौड़ी जिले में जलागम की सभी परियोजनाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि जलागम महोत्सव जैसे कार्यक्रमों से गांव-गांव तक जलागम विकास की जानकारी पहुंचती है और लोग पर्यावरण संरक्षण में अपना योगदान देने के प्रति जागरूक होते हैं।

इस अवसर पर डीएफओ महातिम यादव ने लोगों से लिसा वाजली बूटी के उद्योग में आगे आने की बात कही। उन्होंने कहा कि मौसम परिवर्तन से भालू की जीवन चक्र में बदलाव आया है। साथी तेंदुओं की संख्या में भी बढ़ोतरी हुई है। इस विषय को लेकर वन विभाग लगातार काम कर रहा है।

जलागम महोत्सव में 14 उत्कृष्ट कृषक, 13 उत्कृष्ट गांव, 3 उत्कृष्ट जलागम, एक उत्कृष्ट अमृत सरोवर के साथ-साथ विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाली शख्सियतों को सम्मानित किया गया। इस दौरान जलवायु अनुकूल बारानी कृषि परियोजना के विभिन्न यूनिट कार्यालय के भवन का भी शुभारंभ किया गया।

संयुक्त निदेशक डा. एके डिमरी ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों का धन्यवाद व्यक्त किया। इस दौरान  उप निदेशक डा. डीएस रावत, उप परियोजना निदेशक  अजय कुमार व भरत सिंह, नगर पंचायत अध्यक्ष जितेंद्र चौहान, जिला पंचायत सदस्य बलवंत सिंह नेगी आदि उपस्थित रहे।


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