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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारी बारिश से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की बात

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केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने भारी बारिश से प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से की बात

बचाव कार्यों की समीक्षा कर कहा– हरसंभव मदद को तैयार है केंद्र सरकार

नई दिल्ली। देश के कई हिस्सों में मूसलाधार बारिश और उससे उत्पन्न संकट के मद्देनजर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने आपदा प्रभावित राज्यों के मुख्यमंत्रियों से बात कर हालात की जानकारी ली है। उन्होंने राहत और बचाव कार्यों को लेकर केंद्र सरकार की ओर से हर संभव मदद का भरोसा दिलाया है।

देशभर में भारी बारिश और उससे उत्पन्न संकट के चलते केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने गुरुवार को गुजरात, हिमाचल प्रदेश, राजस्थान, उत्तराखंड और छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्रियों से फोन पर बातचीत की। इस दौरान उन्होंने बाढ़ और भूस्खलन से निपटने के लिए चल रहे राहत कार्यों की समीक्षा की और हरसंभव मदद का भरोसा दिया।

शाह ने एक ट्वीट में कहा, “देश के विभिन्न हिस्सों में भारी बारिश के मद्देनजर प्रभावित राज्यों से बात की है। जरूरतमंद क्षेत्रों में एनडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं और आवश्यकतानुसार और बल भी भेजे जाएंगे। केंद्र सरकार की ओर से हर जरूरी सहयोग दिया जाएगा।”


कांवड़ यात्रा पर सियासी संग्राम तेज, बयानों से गरमाया माहौल

दिग्विजय सिंह और एसटी हसन के बयानों पर भाजपा ने किया तीखा पलटवार

नई दिल्ली। कांवड़ यात्रा के साथ एक बार फिर देश की सियासत गर्मा गई है। यात्रा के दौरान कुछ घटनाओं को लेकर कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं के बयानों पर भारतीय जनता पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह ने यात्रा में ‘नफरत फैलाने’ की आशंका जताई, जबकि समाजवादी पार्टी के नेता एसटी हसन ने धार्मिक पहचान पूछे जाने की घटनाओं की तुलना ‘आतंकवाद’ से कर दी। इन बयानों को भाजपा ने हिंदू आस्था का अपमान बताया है।

दिग्विजय सिंह और एसटी हसन के बयान बने सियासत का केंद्र

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने कहा कि राज्य सरकारें अगर कांवड़ यात्रा के लिए सुविधाएं देती हैं तो यह स्वागत योग्य है, लेकिन जब इसका इस्तेमाल किसी समुदाय के खिलाफ नफरत फैलाने के लिए किया जाए तो यह चिंताजनक हो जाता है। उन्होंने कहा, “किसी भी सभ्य समाज में नफरत फैलाने की इजाजत नहीं दी जा सकती।”

वहीं, एसटी हसन ने दावा किया कि उत्तराखंड में कांवड़ यात्रा के दौरान कुछ दुकानदारों और होटल कर्मचारियों की धार्मिक पहचान पूछी जा रही है। उन्होंने इसे ‘धार्मिक आतंकवाद’ जैसा बताते हुए कहा, “धर्म पूछकर कपड़े उतरवाना या नाम पूछना, यह वैसा ही है जैसा आतंकवादी करते हैं।”

भाजपा का कड़ा पलटवार

भाजपा सांसद और प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने इन बयानों को हिंदू विरोधी मानसिकता करार दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह वही सोच है जिसमें ओसामा बिन लादेन को ‘ओसामा जी’, और हाफिज सईद को ‘हाफिज साहब’ कहा जाता है, जबकि कांवड़ यात्रा में ही इन्हें सांप्रदायिकता नजर आती है। त्रिवेदी ने यह भी कहा कि राहुल गांधी ‘डिस्मैंटलिंग ग्लोबल हिंदुत्व’ जैसी बैठकों में शामिल होते हैं और कांग्रेस की सोच उसी दिशा में जा रही है।

एसटी हसन ने राज्य सरकार पर लगाए आरोप

एसटी हसन ने उत्तराखंड सरकार पर आरोप लगाया कि वह इन घटनाओं पर आंखें मूंदे बैठी है और अप्रत्यक्ष रूप से उन्हें समर्थन दे रही है। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इन घटनाओं पर सख्त कार्रवाई की मांग की।

हर साल बनता है राजनीतिक मुद्दा

हर साल सावन के महीने में आयोजित होने वाली कांवड़ यात्रा को लेकर राजनीतिक बयानबाज़ी आम बात हो गई है। जहां भाजपा और हिंदू संगठन इसे श्रद्धा और आस्था का पर्व मानते हैं, वहीं विपक्ष इसे धार्मिक ध्रुवीकरण का माध्यम बताकर आलोचना करता है। इस बार भी स्थिति कुछ अलग नहीं है।


पतंजलि के भ्रामक विज्ञापन पर दिल्ली हाईकोर्ट की रोक

डाबर च्यवनप्राश की छवि खराब करने के आरोप पर हाईकोर्ट ने लगाई रोक

नई दिल्ली — दिल्ली हाईकोर्ट ने पतंजलि आयुर्वेद को डाबर च्यवनप्राश के खिलाफ कथित अपमानजनक विज्ञापन चलाने से तत्काल प्रभाव से रोक लगा दी है। न्यायमूर्ति मिनी पुष्करणा की एकल पीठ ने डाबर की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई करते हुए अंतरिम आदेश जारी किया।

डाबर की याचिका में आरोप लगाया गया था कि पतंजलि का “स्पेशल च्यवनप्राश” विज्ञापन न सिर्फ उनके उत्पाद बल्कि सभी अन्य ब्रांड्स के च्यवनप्राश को “साधारण” और “गैर-प्रामाणिक” दिखाने का प्रयास कर रहा है। याचिकाकर्ता का कहना है कि विज्ञापन में यह दावा किया गया है कि “किसी अन्य निर्माता को च्यवनप्राश बनाने का ज्ञान नहीं है”, जो सीधे तौर पर डाबर सहित अन्य कंपनियों की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाता है।

डाबर की ओर से पेश अधिवक्ता जवाहर लाला और मेघना कुमार ने दलील दी कि पतंजलि के विज्ञापन में किए गए दावे न केवल भ्रामक हैं, बल्कि आयुर्वेदिक औषधियों को लेकर उपभोक्ताओं में गलतफहमी पैदा कर सकते हैं। अदालत ने इस मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को तय की है।

पुराने विवादों का सिलसिला
यह पहला मौका नहीं है जब पतंजलि भ्रामक विज्ञापन को लेकर अदालत के घेरे में आई हो। अगस्त 2022 में इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर आरोप लगाया था कि पतंजलि कोविड समेत अन्य बीमारियों के इलाज के झूठे दावे कर रही है।

नवंबर 2023 में सुप्रीम कोर्ट ने पतंजलि को भ्रामक प्रचार पर रोक लगाने का आदेश दिया था, लेकिन इसके बावजूद कंपनी ने विज्ञापन प्रसारण जारी रखा। फरवरी 2024 में कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए बाबा रामदेव और आचार्य बालकृष्ण को व्यक्तिगत रूप से तलब किया। मार्च-अप्रैल में अवमानना की चेतावनी के बाद अंततः 2025 में दोनों ने माफीनामा दाखिल किया, जिसके बाद मामला समाप्त हुआ।

शरबत विवाद में भी अदालत की फटकार
इससे पहले भी दिल्ली हाईकोर्ट ने बाबा रामदेव की ‘शरबत जिहाद’ संबंधी टिप्पणी पर कड़ी नाराजगी जताई थी। हमदर्द कंपनी के शरबत को लेकर की गई विवादित टिप्पणी के चलते कोर्ट ने उन्हें भविष्य में ऐसे किसी भी बयान या वीडियो से बचने का निर्देश दिया था। कोर्ट ने टिप्पणी की थी कि “रामदेव किसी के नियंत्रण में नहीं हैं और अपनी ही दुनिया में रहते हैं।”


विदेश मंत्री जयशंकर ने ऊर्जा सुरक्षा को बताया अहम मुद्दा, रूस प्रतिबंध विधेयक पर दी प्रतिक्रिया

अमेरिकी सीनेटर लिंडसे ग्राहम के प्रस्ताव पर भारत की ओर से कूटनीतिक संवाद जारी

नई दिल्ली/वॉशिंगटन। भारत के विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर इन दिनों अमेरिका दौरे पर हैं, जहां उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अमेरिका के सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा प्रस्तावित रूस प्रतिबंध विधेयक पर अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत इस विधेयक के संभावित प्रभावों को लेकर सजग है और भारतीय दूतावास इस संबंध में अमेरिकी सांसदों से लगातार संपर्क में है।

जयशंकर ने कहा कि भारत की ऊर्जा सुरक्षा एक प्राथमिक चिंता है और इस विषय पर सीनेटर ग्राहम को भारत का पक्ष स्पष्ट रूप से बताया गया है। उन्होंने कहा, “हम इस मुद्दे पर उनकी समझ बढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन फिलहाल यह देखना होगा कि विधेयक वास्तव में पास होता है या नहीं।”

भारत को क्यों है चिंता

सीनेटर लिंडसे ग्राहम द्वारा लाए जा रहे विधेयक में रूस से तेल, गैस, यूरेनियम और अन्य ऊर्जा उत्पाद खरीदने वाले देशों से आने वाले सामान पर अमेरिका में 500 प्रतिशत टैरिफ लगाने का प्रस्ताव है। यदि यह विधेयक पारित होता है, तो भारत जैसे देशों के लिए भारी आर्थिक दबाव उत्पन्न हो सकता है, जो रूस से तेल की खरीद पर काफी हद तक निर्भर हैं।

रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद से भारत ने खाड़ी देशों की तुलना में रूस से अधिक मात्रा में कच्चा तेल आयात करना शुरू किया है। ऐसे में इस प्रस्तावित विधेयक को भारत अपनी ऊर्जा नीति के लिए एक गंभीर चुनौती के रूप में देख रहा है।

राजनयिक संपर्क और संवाद जारी

डॉ. जयशंकर ने बताया कि भारतीय राजदूत और वॉशिंगटन स्थित दूतावास लगातार सीनेटर ग्राहम और अन्य अमेरिकी सांसदों के साथ संवाद बनाए हुए हैं। भारत ने अपनी चिंताओं को अमेरिका के समक्ष स्पष्ट रूप से रखा है। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि भारत परिस्थिति के अनुसार अपनी रणनीति तय करेगा, लेकिन फिलहाल संवाद और राजनयिक प्रयासों पर जोर दिया जा रहा है।


26 किमी रिस्पना – बिंदाल एलिवेटेड रोड के लिए केंद्र से अनुरोध- सीएम धामी

पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए फ्लोटिंग पापुलेशन हेतु सुविधाओं की व्यवस्था के लिए नीति आयोग से विशेष ग्रांट का आग्रह

बेहतरीन फाइनेंशियल मैनेजमेंट में उत्तराखंड छोटे राज्यों में दूसरे नंबर पर – मुख्यमंत्री

देहरादून। सीएम धामी ने कहा कि जल्द ही दिल्ली देहरादून एलिवेटेड रोड शुरू हो जाने पर राज्य में भारी संख्या में पर्यटकों की आने संभावना को देखते हुए राज्य सरकार नियोजन की चुनौती पर अभी से पूरी सक्रियता से कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शहर की ट्रैफिक समस्या और भविष्य की जरूरत को देखते हुए 26 किमी रिस्पना – बिंदाल एलिवेटेड रोड के लिए केंद्र से अनुरोध किया गया है। सीएम ने बताया कि पर्यटकों की बढ़ती संख्या को देखते हुए फ्लोटिंग पापुलेशन हेतु सुविधाओं की व्यवस्था के लिए नीति आयोग से विशेष ग्रांट का आग्रह किया गया है| मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य हर क्षेत्र में उत्कृष्टता की ओर बढ़ रहा है | हम एसडीजी इंडेक्स में पहले स्थान पर रहे। जीईपी लागू करने वाले सबसे पहले राज्य बने। यूसीसी लागू करने वाले भी सबसे पहले साहसी राज्य बने। हम अपनी 6500 एकड़ से अधिक भूमि अतिक्रमण से मुक्त करवा चुके हैं। राज्य में निरंतर विकास के नवाचार अपनाए जा रहे हैं।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मुख्यमंत्री आवास में फोटोग्राफर भूमेश भारती की कॉफी टेबल बुक “एरियल विस्टाज़ ऑफ उत्तराखंड” का विमोचन किया।

कार्यक्रम में उपस्थित छायाचित्रकारों, कला एवं प्रकृति प्रेमियों सहित उपस्थित सभी महानुभावों का स्वागत एवं अभिनंदन करते हुए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने कहा कि भूमेश भारती ने 15 वर्षों की अथक साधना, समर्पण और संवेदनशील दृष्टिकोण के साथ उत्तराखंड की प्रकृति और संस्कृति को इस अद्वितीय फोटोग्राफी संकलन द्वारा साकार रूप दिया है। भूमेश केवल एक फोटोग्राफर नहीं हैं बल्कि वे एक ऐसे कलाकार हैं, जो प्रकृति के सौंदर्य को आत्मा की गहराई से अनुभव करके अपने कैमरे के माध्यम से दुनिया के समक्ष प्रस्तुत करते हैं। मुझे पूर्ण विश्वास है कि यह कॉफी टेबल बुक जो भी देखेगा, वो न केवल उत्तराखंड की नैसर्गिक सुंदरता से अभिभूत होगा, बल्कि उसे देखने के लिए उत्तराखंड की ओर खींचा चला आएगा।

“नई पर्यटन नीति” से डेस्टिनेशन उत्तराखंड” स्थापित होगा वैश्विक पर्यटन मानचित्र -मुख्यमंत्री धामी

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी देवभूमि उत्तराखंड प्राकृतिक सौंदर्य, सांस्कृतिक विरासत और आध्यात्मिक ऊर्जा का अद्भुत संगम है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी  के नेतृत्व में हमारी सरकार राज्य में पर्यटन को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। इसी क्रम में हमने “डेस्टिनेशन उत्तराखंड” को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के उद्देश्य से “नई पर्यटन नीति” के अंतर्गत निवेशकों को आकर्षित करने हेतु अनुकूल वातावरण तैयार करने में सफलता प्राप्त की है।

राज्य में दो स्पर्चुअल जोन हो रहे तैयार- सीएम

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमारी सरकार राज्य में धार्मिक, साहसिक, ईको-टूरिज्म, वेलनेस टूरिज्म, एग्रो टूरिज्म और फिल्म पर्यटन जैसे विभिन्न क्षेत्रों को विकसित करने की दिशा में निरंतर प्रयासरत है। आज जहां एक ओर केदारखंड की भांति मानसखंड कॉरिडोर को भव्य रूप में विकसित किया जा रहा है। वहीं ऋषिकेश और हरिद्वार को योग और आध्यात्मिक केंद्रों के रूप में वैश्विक स्तर पर प्रमोट करने के उद्देश्य से योजनाबद्ध रूप से कार्य भी किया जा रहा है। इस वर्ष से हमने शीतकालीन यात्रा भी प्रारंभ की है जिसको प्रोत्साहित करने के लिए स्वयं आदरणीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पिछले दिनों हर्षिल- मुखबा के दौरे पर आए थे। हम राज्य में साहसिक पर्यटन जैसे ट्रेकिंग, रिवर राफ्टिंग, पैराग्लाइडिंग, स्कीइंग और माउंटेनियरिंग को बढ़ावा देने के लिए भी निरंतर प्रयासरत है।

उत्तराखंड बना मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट

मुख्यमंत्री ने कहा कि हमने राज्य में फिल्म शूटिंग को आसान बनाने के लिए सिंगल विंडो क्लियरेंस सिस्टम भी प्रारंभ किया है।साथ ही हम उत्तराखंड में शूटिंग करने पर फिल्म निर्माताओं को विशेष सब्सिडी और अन्य सुविधाएं भी प्रदान कर रहे हैं। हमारे इन्हीं प्रयासों का परिणाम है कि उत्तराखंड को राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कारों में मोस्ट फिल्म फ्रेंडली स्टेट के अवॉर्ड से सम्मानित भी किया गया है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज उत्तराखंड देश-विदेश के निवेशकों के लिए एक पसंदीदा पर्यटन स्थल बनता जा रहा है। हाल ही में केंद्रीय पर्यटन मंत्रालय की ओर से हमारे चार गांवों जखोल, हर्षिल, गूंजी और सूपी को “सर्वश्रेष्ठ पर्यटन ग्राम पुरस्कार” से सम्मानित किया गया है। हमारी सरकार उत्तराखंड को देश का अग्रणी राज्य बनाने के अपने “विकल्प रहित संकल्प” को पूर्ण करने हेतु पूर्ण प्रतिबद्धता के साथ निरंतर कार्य कर रही है।

कार्यक्रम में अपर सचिव मुख्यमंत्री बंशीधर तिवारी, वीसी दून विश्वविद्यालय श्रीमती सुरेखा डंगवाल, वरिष्ठ पत्रकार सतीश शर्मा, प्रदेशभर से आए फोटोजर्नलिस्ट मौजूद रहे |


बच्चा चोरी करने वाले 02 अभियुक्तों को पुलिस ने किया गिरफ्तार,09 माह की बच्ची सकुशल बरामद

श्लोक कुमार ,वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ,मथुरा ने पुलिस टीम के कार्य को कहा सराहनीय

थाना जैत , एसओजी व सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्यवाही में 02 अभियुक्त गिरफ्तार

सतीश मुखिया, मथुरा- थाना जैंत में 02 दिन पहले फुटपाथ किनारे अपनी मां संग सो रही बच्ची के अपहरण की शिकायत पर जैत पुलिस, एसओजी व सर्विलांस टीम की संयुक्त कार्यवाही में बच्चा चोरी की घटना पर कार्यवाही करते हुए अभियुक्तगण नरेश पुत्र रामवीर सिंह निवासी म0न0- 63ए/58 बी कीर्ती नगर डिफेंन्स कालोनी थाना सदर बाजार आगरा कैंन्ट आगरा उम्र 29 वर्ष और विष्णु कुमार उर्फ राजा पुत्र श्री हरदम सिंह निवासी म0न0- बी 30 डिफेंन्स कालोनी महोली रोड थाना हाइवे मथुरा वर्तमान पता-न्यू पुष्प वाटिका कालोनी चांदबारी रोड सारस चौराहा भरतपुर राजस्थान उम्र 31 वर्ष को अपहृत बच्ची (उम्र करीब 9 माह) व घटना में प्रयुक्त बुलेट मोटर साईकिल इलैक्ट्रा रंग काला रजिस्ट्रेशन नं0 UP 85 AV 6132 व दो मोबाईल फोन सहित छटीकरा फ्लाई ओवर के पास से आज गिरफ्तार कर लिया गया । रात्रि में छटीकरा वृंदावन मार्ग पर चन्द्रोदय मंदिर के पास फुटपाथ पर अपने माता पिता के साथ सो रही 09 माह की बच्ची के अपहरण के सम्बन्ध में वादिया द्वारा थाना जैत पर अज्ञात में मुकदमा पंजीकृत कराया गया था।जिस पर थाना जैत पुलिस, एसओजी व सर्विलांस टीम द्वारा लगभग 300 सीसीटीवी कैमरो की फुटेज एवं इलैक्ट्रोनिक सर्विलांस एवं मैनुअल इनपुट से अपहृत 09 माह की बच्ची को सकुशल बरामद किया गया।

दोनों ही अभियुक्तगण ने पूछताछ पर बताया कि अभियुक्त विष्णु ने अपनी रिश्तेदार महिला के कोई बच्चा न होने पर विष्णु से कोई नवजात बच्चा गोद दिलाने हेतु कहा था जिस पर अभियुक्त विष्णु द्वारा अपने साथी नरेश के साथ मिलकर थाना जैंत क्षेत्र से बच्ची का अपहरण कर अपनी रिश्तेदार महिला के पास ले जाकर बच्ची को दिया तो उसने 09 माह की बच्ची को लेने से इंकार कर दिया क्योंकि उसको नवजात शिशु की आवश्यकता थी ।

इसके बाद अभियुक्तगण द्वारा उक्त बच्ची को अपनी एक जानकार महिला के पास अपहृत बच्ची को यह कहकर छोड दिया कि यह बच्ची अनाथ है तथा तुमसे अच्छी देखभाल इसकी कोई नही कर सकता है । इस पर महिला ने बच्ची को गोद लेने के लिए कानूनी कार्यवाही हेतु कहा तो अभियुक्तगण बच्ची को उस महिला से लेकर कहीं और ले जाने की फिराक में दिल्ली की तरफ जा रहे थे जिन्हे पुलिस द्वारा अपहृत बच्ची को बरामद करते हुये गिरफ्तार कर लिया गया और अभियुक्तगण की गिरफ्तारी व बरामदगी के आधार पर थाना से आगे की विधिक कार्यवाही की जा रही है। यह अभियान पुलिस एसओजी और सर्विलांस टीम द्वारा मिलकर चलाया गया और इनको गिरफ्तार करने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अश्वनी कुमार थाना जैत,एसओजी, प्रभारी उ0नि0 राकेश कुमार यादव,सर्विलांस प्रभारी विकास शर्मा,उ0नि0 पवन कुमार, चौकी प्रभारी, नयति,उ0नि0 जय सिंह,चौकी प्रभारी आझई, उ0नि0 शिवम कुमार थाना जैत मथुरा सहित अन्य पुलिसकर्मी मौजूद रहे।


“कांग्रेस, भ्रष्टाचार और गुलामी का प्रतीक”– भाजपा सांसद निशिकांत दुबे

सांसद ने 2011 के अमेरिकी दस्तावेज के आधार पर पार्टी पर लगाए विदेशी फंडिंग के आरोप

नई दिल्ली। भारतीय जनता पार्टी के सांसद निशिकांत दुबे ने कांग्रेस पार्टी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने अमेरिका की खुफिया एजेंसी सीआईए द्वारा 2011 में सार्वजनिक किए गए एक दस्तावेज का हवाला देते हुए दावा किया कि दिवंगत कांग्रेस नेता एच.के.एल. भगत के नेतृत्व में 150 से अधिक कांग्रेस सांसदों को सोवियत रूस से फंडिंग मिली थी और उन्होंने रूस के एजेंट के तौर पर काम किया था।

दुबे ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “कांग्रेस, भ्रष्टाचार और गुलामी का प्रतीक बन चुकी है।” उन्होंने दावा किया कि उस दौर में रूस की खुफिया एजेंसियों ने भारतीय पत्रकारों और नीति-निर्माताओं पर भी प्रभाव डाला था। उन्होंने यह भी कहा कि रूस की सहायता से भारत में करीब 16,000 समाचार प्रकाशित कराए गए थे और लगभग 1100 रूसी एजेंट देश में सक्रिय थे, जो विभिन्न क्षेत्रों में प्रभाव बना रहे थे।

इसके अलावा दुबे ने यह भी आरोप लगाया कि कांग्रेस की नेता सुभद्रा जोशी ने चुनाव के दौरान जर्मन सरकार से फंडिंग ली थी और हार के बाद इंडो-जर्मन फोरम की अध्यक्ष बनीं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या यह सब देशहित में था या किसी विदेशी एजेंडे का हिस्सा? साथ ही उन्होंने कांग्रेस से जवाब मांगते हुए इस पूरे मामले की जांच की मांग की है।


पीएम मोदी ने ‘मन की बात’ में योग दिवस की वैश्विक सफलता को बताया ऐतिहासिक

प्रधानमंत्री ने विशाखापत्तनम से लेकर हिमालय तक योग की व्यापकता का किया उल्लेख

पीएम मोदी ने गिनाई सामाजिक सुरक्षा योजनाओं की उपलब्धियां

नई दिल्ली। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने ‘मन की बात’ कार्यक्रम के 123वें संस्करण में देशवासियों से संवाद करते हुए योग दिवस की वैश्विक सफलता, आपातकाल की भयावह यादें, सामाजिक सुरक्षा के बढ़ते दायरे, देशभर में चल रहे सांस्कृतिक और खेल आयोजनों की चर्चा की। इसके अलावा उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के लिए आम नागरिकों की प्रेरणादायक पहल और पूर्वोत्तर भारत की खासियतों को भी उजागर किया।

अंतरराष्ट्रीय योग दिवस की भव्य झलकियां
प्रधानमंत्री ने बताया कि इस बार योग दिवस की भव्यता देश के हर कोने और दुनिया के कई देशों में देखने को मिली। विशाखापत्तनम में तीन लाख लोगों ने एकसाथ योग किया, वहीं 2000 से अधिक आदिवासी छात्रों ने 108 मिनट तक सूर्य नमस्कार किए। हिमालय की ऊंचाइयों से लेकर नौसेना के जहाजों तक योग के प्रति समर्पण दिखा।

आपातकाल की काली छाया और लोकतंत्र की जीत
पीएम मोदी ने आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर उस दौर को याद किया जब संविधान और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता को कुचला गया। उन्होंने कहा कि लाखों लोगों ने संघर्ष कर लोकतंत्र को पुनर्जीवित किया, और वह दौर देश के इतिहास में हमेशा याद रखा जाएगा।

सामाजिक सुरक्षा में जबरदस्त विस्तार
प्रधानमंत्री ने बताया कि आज भारत के 95 करोड़ नागरिक किसी न किसी सामाजिक सुरक्षा योजना से लाभान्वित हो रहे हैं, जबकि 2015 में यह संख्या सिर्फ 25 करोड़ थी। उन्होंने इसे ‘समावेशी विकास’ की दिशा में बड़ा कदम बताया।

बोडोलैंड में खेल के माध्यम से बदलाव
असम के बोडोलैंड में आयोजित CEM Cup फुटबॉल टूर्नामेंट में 70 हजार खिलाड़ियों की भागीदारी को पीएम ने सामाजिक परिवर्तन का प्रतीक बताया। उन्होंने खिलाड़ियों को नई पीढ़ी की प्रेरणा बताया, जो अब देश के मंच पर अपनी पहचान बना रहे हैं।

पूर्वोत्तर और पर्यावरण पर विशेष फोकस
मेघालय के ‘एरी सिल्क’ को जीआई टैग मिलने को सांस्कृतिक धरोहर की मान्यता बताया गया। वहीं, ‘सिंदूर वन’ और पुणे के रमेश खरमाले जैसे लोगों के प्रयासों को पर्यावरण के लिए प्रेरणास्रोत बताया गया, जो समाज को स्वेच्छा से हरियाली की ओर मोड़ रहे हैं।

तीर्थ यात्राओं की आध्यात्मिक और सामाजिक भूमिका
प्रधानमंत्री ने धार्मिक यात्राओं को सेवा, अनुशासन और एकता का प्रतीक बताया। उन्होंने रथयात्रा जैसे आयोजनों में लगे सेवा कार्यकर्ताओं की सराहना की और उन्हें शुभकामनाएं दीं।

वैश्विक स्तर पर भारत की सांस्कृतिक पहल
भगवान बुद्ध के अवशेषों को वियतनाम भेजने की घटना को उन्होंने भारत और वियतनाम के सांस्कृतिक जुड़ाव का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि भारत की यह पहल दुनियाभर में सम्मान और विश्वास बढ़ा रही है।

डॉक्टरों और चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को सलाम
पीएम मोदी ने 1 जुलाई को मनाए जाने वाले डॉक्टर दिवस और सीए दिवस पर इन पेशों से जुड़े लोगों का आभार जताया और उन्हें समाज के मजबूत स्तंभ बताया।


संविधान बनाम मनुस्मृति विवाद के बीच शशि थरूर का बयान बना सियासी बहस का नया केंद्र

संविधान पर संघ के बयान के बीच थरूर बोले– अब बदल चुका है RSS

थरूर के बयान से पार्टी के भीतर उठे सवाल

नई दिल्ली। देश में संविधान को लेकर छिड़ी राजनीतिक बहस के बीच कांग्रेस सांसद शशि थरूर के ताज़ा बयान ने राजनीतिक हलकों में नई चर्चा को जन्म दे दिया है। थरूर ने कहा है कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) अब पहले जैसे नहीं रहे और संभवतः वे अपनी पुरानी विचारधारा से आगे बढ़ चुके हैं। यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस और विपक्षी दल लगातार आरएसएस-बीजेपी पर संविधान की मूल आत्मा से छेड़छाड़ के आरोप लगा रहे हैं।

सेक्युलर और सोशलिस्ट शब्दों को हटाने पर बवाल
हाल ही में आरएसएस के महासचिव दत्तात्रेय होसबाले ने संविधान की प्रस्तावना से ‘सेक्युलर’ और ‘सोशलिस्ट’ जैसे शब्दों को हटाने की पैरवी की थी। इस बयान के बाद राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई। कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोशल मीडिया पर निशाना साधते हुए कहा कि आरएसएस और बीजेपी ‘संविधान नहीं, मनुस्मृति चाहते हैं’ और वे बहुजन व वंचित वर्गों से उनके अधिकार छीनना चाहते हैं।

थरूर की टिप्पणी: संतुलन या विचलन?
राहुल गांधी के तीखे बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए शशि थरूर ने मीडिया से बातचीत में कहा कि राहुल गांधी एक ऐतिहासिक तथ्य की ओर इशारा कर रहे थे। थरूर ने कहा, “संविधान निर्माण के समय गोलवलकर जैसे नेताओं ने मनुस्मृति की झलक न होने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया था, लेकिन मेरा मानना है कि आरएसएस अब उस सोच से आगे निकल चुका है। हालांकि उनकी मौजूदा सोच क्या है, यह वही स्पष्ट कर सकते हैं।”

पार्टी के भीतर मतभेद की आहट
थरूर की टिप्पणी कांग्रेस के भीतर ही असहमति का कारण बन गई है। पार्टी सांसद सुखदेव भगत ने कहा कि जब आरएसएस खुद संविधान के मूल शब्दों को हटाने की बात कर रहा है, तब थरूर का रुख भ्रम पैदा करने वाला है। उन्होंने तंज भरे लहजे में कहा, “थरूर जी का सम्मान है, लेकिन यह बयान सियासी बहानेबाज़ी की तरह लगता है, जो मुद्दे को भटका सकता है।”

राजनीतिक रणनीति पर उठे सवाल
विश्लेषकों के अनुसार, थरूर ने जहां एक ओर ऐतिहासिक सच्चाई को स्वीकार किया, वहीं सीधे तौर पर आरएसएस-बीजेपी पर हमला करने से बचने की कोशिश की। कांग्रेस की आक्रामक रणनीति के बीच थरूर का यह ‘मध्यमार्गी रुख’ पार्टी के समन्वय और संदेश रणनीति पर सवाल खड़े करता है। अब निगाहें इस बात पर हैं कि कांग्रेस नेतृत्व इस आंतरिक विरोधाभास को कैसे सुलझाता है और बीजेपी इस बयान को राजनीतिक हथियार के तौर पर कैसे भुनाती है।


बिहार चुनाव से पहले NRC जैसी प्रक्रिया? ओवैसी ने चुनाव आयोग पर लगाए गंभीर आरोप

मतदाता सूची में बदलाव पर ओवैसी की चेतावनी – ‘लाखों वोटर हो सकते हैं बाहर’

नई दिल्ली/पटना – ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि आयोग बिहार में आगामी विधानसभा चुनाव से पहले गुपचुप तरीके से नेशनल रजिस्टर ऑफ सिटिजन्स (NRC) जैसी प्रक्रिया को लागू कर रहा है। ओवैसी ने इस कदम को लोकतंत्र के लिए खतरा बताते हुए दावा किया कि इससे हजारों भारतीय नागरिकों को वोट देने के अधिकार से वंचित किया जा सकता है।

ओवैसी ने सोशल मीडिया पोस्ट में लिखा कि अब मतदाता सूची में नाम दर्ज कराने के लिए नागरिकों को जन्म और जन्मस्थान से जुड़े दस्तावेज देने होंगे, साथ ही माता-पिता के जन्म की जानकारी भी देनी होगी। उन्होंने इसे गरीब और दस्तावेजविहीन लोगों के साथ “क्रूर मजाक” बताया।

उन्होंने खासतौर पर सीमांचल क्षेत्र का जिक्र करते हुए कहा कि वहां बाढ़ और गरीबी से जूझ रहे लोग अपने दस्तावेज जुटा ही नहीं सकते। ऐसे में यह प्रक्रिया उन्हें वोट के अधिकार से दूर करने जैसी है।

ओवैसी ने यह भी सवाल उठाया कि जब चुनाव नजदीक हैं तो इतनी बड़ी कवायद निष्पक्ष तरीके से कैसे हो पाएगी। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के लाल बाबू हुसैन बनाम चुनाव आयोग मामले का हवाला देते हुए कहा कि पहले से सूची में मौजूद नागरिक को उचित प्रक्रिया के बिना हटाया नहीं जा सकता।

वहीं, चुनाव आयोग की ओर से अब तक इस मुद्दे पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।


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