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दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में महसूस किए गए भूकंप के तेज झटके, झज्जर रहा केंद्र

Category Archives: दिल्ली

दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा में महसूस किए गए भूकंप के तेज झटके, झज्जर रहा केंद्र

सुबह 9:04 बजे हिली धरती, रिक्टर स्केल पर 4.4 मापी गई तीव्रता

नई दिल्ली। गुरुवार सुबह दिल्ली-एनसीआर और हरियाणा के कई हिस्सों में भूकंप के तेज झटके महसूस किए गए। करीब 10 सेकंड तक धरती हिलती रही, जिससे लोग घबराकर घरों और दफ्तरों से बाहर निकल आए। भूकंप का केंद्र हरियाणा के झज्जर जिले के पास स्थित था।

राष्ट्रीय भूकंप विज्ञान केंद्र (NCS) के अनुसार, सुबह 9:04 बजे झज्जर से करीब 10 किमी उत्तर में रिक्टर स्केल पर 4.4 तीव्रता का भूकंप दर्ज किया गया। झज्जर में दो बार झटके महसूस किए गए—पहला 9:07 बजे और दूसरा 9:10 बजे।

दिल्ली, नोएडा, गाजियाबाद, गुरुग्राम, फरीदाबाद, बहादुरगढ़, भिवानी सहित NCR के कई शहरों में कंपन महसूस हुआ। स्थानीय लोगों ने बताया कि पहले झटके के बाद वे घरों से बाहर आ गए। हालांकि किसी जान-माल के नुकसान की पुष्टि नहीं हुई है।

लोगों की प्रतिक्रिया:
बहादुरगढ़ के निवासी रमेश कुमार ने बताया, “सुबह बिस्तर अचानक हिलने लगा। हम डर गए और तुरंत बाहर निकल आए।” गुरुग्राम के एक व्यक्ति ने कहा, “हम चाय पी रहे थे, तभी तेज झटका महसूस हुआ और सभी लोग घबराकर इमारत से बाहर भागे।”

दिल्ली मेट्रो पर असर:
एहतियातन SOP के तहत दिल्ली मेट्रो की ट्रेनों को 2-3 मिनट के लिए रोका गया। एक यात्री ने बताया, “ट्रेन अचानक रुकी, लेकिन झटका महसूस नहीं हुआ।”

प्रशासन व नेताओं की प्रतिक्रिया:
दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया पर सूचित किया कि भूकंप के कारण किसी भी तरह की क्षति की खबर नहीं है। दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट कर सभी की सुरक्षा की कामना की।


मुख्यमंत्री धामी ने उत्तराखंड के कराटे चैंपियन्स को किया सम्मानित

अनामिका, मैत्री व क्रियांश ने साउथ एशियन कराटे चैंपियनशिप में जीते पदक

देहरादून/ नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में राज्य के तीन होनहार कराटे चैंपियंस को सम्मानित किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मानित किए जा रहे सभी प्रतिभाशाली खिलाड़ी राज्य के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। उन्होंने कहा, इन खिलाडियों ने अपनी खेल प्रतिभा से अपने माता-पिता के साथ ही उत्तराखंड का मान भी बढ़ाया है। तीनों खिलाड़ियों अनामिका, मैत्री व क्रियांश ने 5-6 जुलाई 2025 को कोलंबो, श्रीलंका में आयोजित 9वीं साउथ एशियन कराटे चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए रजत, कांस्य व कांस्य पदक जीते है, मुख्यमंत्री ने इन खिलाडियों के उज्जवल भविष्य की कामना की तथा भविष्य के आयोजनों में सफलता के लिये शुभकामनाये भी दी।

इन खिलाड़ियों का चयन कराटे इंडिया ऑर्गेनाइजेशन द्वारा देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय कराटे चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया था। जिसमें अनामिका बिष्ट, पुत्री हरीश बिष्ट, जिला चंपावत – रजत पदक, मैत्री बलूनी, पुत्री कैलाश बलूनी, डोईवाला, जिला देहरादून – कांस्य पदक तथा क्रियांश कौशिक, पुत्र सुमंता शर्मा, जिला देहरादून – कांस्य पदक प्राप्त किया गया है।


मुख्यमंत्री ने किया ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ आउटलेट का उद्घाटन

उत्तराखण्ड की पारंपरिक धरोहर और जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी में मिला नया मंच

देहरादून/ नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली स्थित उत्तराखण्ड निवास परिसर में ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के आउटलेट का उद्घाटन किया। यह आउटलेट उत्तराखण्ड की पारंपरिक धरोहर और जैविक उत्पादों को राष्ट्रीय राजधानी में संगठित रूप में प्रस्तुत करने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। इसके माध्यम से न केवल राज्य की समृद्ध लोकसंस्कृति को देश के सामने लाया जाएगा, बल्कि स्थानीय उत्पादों को नए बाजार भी प्राप्त होंगे।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यह पहल राज्य सरकार की उस दूरदृष्टि का परिणाम है, जिसका उद्देश्य पर्वतीय अंचलों में उत्पादित प्राकृतिक और हस्तनिर्मित वस्तुओं को वैश्विक पहचान दिलाना है। यह कदम ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देगा और साथ ही स्थानीय कारीगरों व शिल्पकारों को नए अवसर प्रदान करेगा।

चारधाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए राज्य सरकार द्वारा स्थानीय उत्पादों की ब्रिकी को बढ़ावा देने हेतु 13 से अधिक प्रमुख स्थानों पर आकर्षक फ्लोर स्टैंडिंग यूनिट्स और रिटेल कार्ट्स नैनी सैनी एयरपोर्ट, पंतनगर एयरपोर्ट, देहरादून हेलीपैड, जीएमवीएन श्री केदारनाथ, बद्रीनाथ, हर्षिल, गुप्तकाशी, कौडियाला, मसूरी, परमार्थ निकेतन (ऋषिकेश), स्नो क्रेस्ट (बद्रीनाथ), एटीआई (नैनीताल) एवं सेंट्रिया मॉल जैसे तीर्थ और पर्यटक स्थलों पर स्थापित किए गए हैं। ये रिटेल कार्ट्स श्रद्धालुओं और पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र बन रहे हैं। इसके अतिरिक्त, मैरियट मसूरी, ताज देहरादून, एफआरआई व एलबीएसएनएए एवं राष्ट्रीय राजधानी स्थित दिल्ली हाट जैसे प्रतिष्ठित संस्थानों में भी रिटेल कार्ट्स की स्थापना प्रक्रिया प्रगति पर है। यह पहल न केवल स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पहचान दिला रही है, बल्कि उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और शिल्प कौशल को भी सशक्त रूप से प्रस्तुत कर रही है।

सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती राधिका झा ने बताया कि ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड ने कम समय में अपनी गुणवत्ता के बल पर विशेष पहचान बनाई है। इसके उत्पाद houseofhimalayas.com के साथ-साथ अमेज़न और ब्लिंकिट जैसे प्रमुख ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म पर भी उपलब्ध हैं। अब यह ब्रांड प्रमुख होटल श्रृंखलाओं में भी अपनी उपस्थिति दर्ज करा रहा है। उत्तराखण्ड की सांस्कृतिक और पारंपरिक पहचान को बढ़ावा देने तथा उच्च श्रेणी के पर्यटकों को स्थानीय उत्पादों से जोड़ने के उद्देश्य से ताज (ऋषिकेश, रामनगर), हयात सेंट्रिक, हयात रीजेंसी (देहरादून), मैरियट (रामनगर), वेस्टिन (नरेन्द्रनगर) और जेपी ग्रुप (मसूरी) जैसे प्रतिष्ठित होटलों के साथ रणनीतिक साझेदारी की गई है। इस पहल के तहत राज्य के विभिन्न प्रमुख होटलों में ‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ के रिटेल कार्ट्स स्थापित किए गए हैं, जो पर्यटकों को उत्तराखण्ड के विशिष्ट हस्तनिर्मित एवं जैविक उत्पादों की सीधी उपलब्धता प्रदान कर रहे हैं। यह कदम न केवल स्थानीय उत्पादकों और कारीगरों को आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में प्रोत्साहित कर रहा है, बल्कि सतत पर्यटन और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड की ओर भी एक महत्वपूर्ण पहल है।

‘हाउस ऑफ हिमालयाज’ ब्रांड की अवधारणा को पहली बार प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट 2023 के दौरान प्रस्तुत किया गया था। इस ब्रांड के अंतर्गत उत्तराखण्ड के विशिष्ट उत्पाद जैसे बुरांश का शरबत, जंगली शहद, पहाड़ी दालें, पारंपरिक मसाले, हस्तनिर्मित वस्त्र एवं अन्य जैविक सामग्री अब एक सुव्यवस्थित रूप में देश के प्रमुख शहरों तक पहुंच सकेंगी।

इस अवसर पर सचिव ग्रामीण विकास श्रीमती राधिका झा, उत्तराखण्ड के स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा आदि अधिकारीगण उपस्थित रहे।


कांग्रेस का सवाल: पीएम मोदी ट्रंप के दावे पर अब तक चुप क्यों?

ट्रंप ने फिर ली भारत-पाक संघर्ष विराम की क्रेडिट

जयराम रमेश ने उठाया विदेश नीति और संप्रभुता पर सवाल

नई दिल्ली। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने फिर से यह दावा दोहराया कि उन्होंने भारत और पाकिस्तान के बीच संभावित युद्ध को रोका था। ट्रंप ने कहा कि अगर दोनों देश लड़ाई जारी रखते, तो अमेरिका उनके साथ व्यापारिक संबंध समाप्त कर देता। उनका यह बयान ऐसे समय में आया है जब उन्होंने निकट भविष्य में भारत और पाकिस्तान के साथ बड़े व्यापारिक समझौते की घोषणा की बात कही।

ट्रंप के इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि बीते 59 दिनों में यह कम से कम 21वीं बार है जब ट्रंप ने यह दावा किया है। उन्होंने कहा कि ट्रंप के मुताबिक भारत और पाकिस्तान संघर्ष विराम पर इसलिए सहमत हुए क्योंकि उन्होंने अमेरिका के व्यापार और निवेश के दबाव को महसूस किया।

जयराम रमेश ने सवाल उठाया कि आखिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस संवेदनशील मुद्दे पर अब तक चुप क्यों हैं? उन्होंने कहा कि अगर ट्रंप का दावा सही है तो यह भारत की विदेश नीति पर गंभीर सवाल खड़े करता है।

ट्रंप ने अपने हालिया बयान में कहा, “हमने कई संघर्षों को रोका है, उनमें सबसे गंभीर भारत और पाकिस्तान के बीच का था। अगर दोनों देश जंग की ओर बढ़ते, तो शायद मामला परमाणु युद्ध तक पहुंच सकता था। हमने स्पष्ट कहा कि लड़ाई की स्थिति में अमेरिका उनके साथ कोई व्यापार नहीं करेगा।”

गौरतलब है कि ट्रंप ने इससे पहले भी कई बार यह दावा किया है कि उन्होंने भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव को कम करने में निर्णायक भूमिका निभाई थी।


सीएम धामी ने केंद्रीय कृषि मंत्री से भेंट कर राज्य में कृषि से सम्बधित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन में विशेष सहयोग का किया अनुरोध

केन्द्र सरकार की ओर से कृषि एवं बागवानी विकास की विभिन्न योजनाओं को 3800 करोड़ रुपए की दी गई सैद्धांतिक सहमति

केन्द्रीय कृषि मंत्री ने की उत्तराखण्ड सरकार द्वारा कृषि एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना

देहरादून /नई दिल्ली। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय कृषि, ग्राम्य विकास एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान से भेंट कर प्रदेश की कृषि एवं उससे जुडी विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन एवं विसतार के संबंध में चर्चा की। मुख्यमंत्री ने राज्य के पर्वतीय एवं मैदानी क्षेत्रों की कृषि एवं बागवानी आवश्यकताओं तथा किसानों की आर्थिक सुदृढ़ता हेतु राज्य सरकार द्वारा तैयार की गई प्रस्तावित योजनाओं पर भी चर्चा की। मुख्यमंत्री ने अवगत कराया कि उत्तराखण्ड सरकार ने कृषि एवं बागवानी क्षेत्र के समग्र विकास एवं किसानों को आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से लगभग 3800 करोड़ रुपये की व्यापक योजनाएं तैयार की हैं। इन योजनाओं में नवाचार, यंत्रीकरण, तकनीकी समावेशन एवं पारम्परिक कृषि को बढ़ावा देने जैसे विविध पहलुओं को शामिल किया गया है। केन्द्रीय कृषि मंत्री द्वारा राज्य की कृषि संबधि योजनाओं हेतु 3800 करोड की सैद्धांतिक सहमति प्रदान करने पर मुख्यमंत्री ने उनका आभार जताया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह सहयोग राज्य के कृषि क्षेत्र को आत्मर्निभर और आधुनिक बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम सिद्ध होगा।

मुख्यमंत्री ने केंद्रीय मंत्री को अवगत कराया कि राज्य में पर्वतीय क्षेत्रों की फसलों को जंगली जानवरों से बचाने हेतु कृषि बाड़ निर्माण के लिए 1,052.80 करोड़ रुपये की आवश्यकता चिह्नित की गई है। इसके अतिरिक्त राज्य में 10,000 फार्म मशीनरी बैंक स्थापित करने हेतु 400 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित की गई है, जिससे लघु, सीमांत किसान एवं महिलाएं लाभान्वित होंगी। पारम्परिक पोषक फसलों को बढ़ावा देने के लिए स्टेट मिलेट मिशन के अंतर्गत 134.89 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। बीज उत्पादन में आत्मनिर्भरता हेतु राज्य को सीड हब के रूप में विकसित करने के लिए 5 करोड़ रुपये की योजना भी तैयार की गई है। सेब उत्पादन को प्रोत्साहन, भंडारण और विपणन तंत्र को सुदृढ़ बनाने हेतु 1,150 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित है। नकदी फसलों जैसे कीवी के संवर्धन एवं खेती को वन्यजीवों से संरक्षित करने हेतु 894 करोड़ रुपये की आवश्यकता दर्शाई गई है। कृषि व बागवानी क्षेत्र में नवाचार और स्टार्टअप्स को बढ़ावा देने के लिए 885.10 करोड़ रुपये का निवेश प्रस्तावित है। ड्रैगन फ्रूट जैसी कम जोखिम वाली फसलों को प्रोत्साहित हेतु 42 करोड़ रुपये की योजना भी तैयार की गई है।

मुख्यमंत्री ने बताया कि खाद्य प्रसंस्करण एवं मूल्य संवर्धन के क्षेत्र में राज्य सरकार सक्रियता से कार्य कर रही है। जैविक खेती को बढ़ावा देने हेतु विश्लेषण प्रयोगशालाओं की स्थापना के लिए 36.50 करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है। भूमि अभिलेखों के आधुनिकीकरण और डिजिटल सर्वेक्षण के लिए के अंतर्गत 378.50 करोड़ रुपये की योजना प्रस्तावित की गई है। इसके साथ ही पंतनगर विश्वविद्यालय के माध्यम से युवाओं को कृषि क्षेत्र में दक्ष बनाने हेतु 14 करोड़ रुपये तथा एग्रीटूरिज्म स्कूल की स्थापना हेतु 14 करोड़ रुपये की योजना तैयार की गई है। उत्तराखंड औद्यानिकी एवं वानिकी विश्वविद्यालय, भरसार में माइक्रोबायोलॉजी प्रयोगशाला की स्थापना के लिए 16.11 करोड़ रुपये की व्यवस्था प्रस्तावित है।

इसके अतिरिक्त मुख्यमंत्री ने प्रदेश में सेब उत्पादन के दृष्टिगत उच्च गुणवत्ता की नर्सरी, कोल्ड स्टोरेज, सॉर्टिंग व ग्रेडिंग यूनिट की स्थापना, कीवी व ड्रैगन फ्रूट मिशन को बढ़ावा देने, सुपर फूड्स (मशरूम व एग्जॉटिक वेजिटेबल्स) हेतु सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना तथा पंतनगर कृषि विश्वविद्यालय में एग्रो टूरिज्म स्कूल की स्थापना के लिए भी केंद्रीय सहायता का अनुरोध केन्द्रीय मंत्री से किया।

मुख्यमंत्री के अनुरोध पर केन्द्रीय मंत्री द्वारा पर प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पी.एम.जी.एस.वाई) 1 व 2 के अवशेष कार्यों की समय सीमा बढ़ाने की सैद्धांतिक सहमति प्रदान की गई। साथ ही पी.एम.जी.एस.वाई 4 के प्रस्ताव पर भी सैद्धांतिक सहमति प्रदान करने का आश्वासन दिया। केन्द्रीय मंत्री ने उत्तराखंड सरकार द्वारा कृषि एवं ग्रामीण विकास के विभिन्न क्षेत्रों में किये जा रहे उत्कृष्ट कार्यों की सराहना की।

केंद्रीय कृषि मंत्री ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत प्रस्तावों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए आश्वस्त किया कि उत्तराखण्ड की कृषि आवश्यकताओं को प्राथमिकता के आधार पर संज्ञान में लिया जाएगा तथा राज्य के किसानों की समृद्धि हेतु हरसंभव सहयोग प्रदान किया जाएगा।

बैठक में भारत सरकार के कृषि सचिव देवेश चतुर्वेदी, भारत सरकार के ग्रामीण विकास सचिव सैलेश कुमार सिंह तथा उत्तराखंड के स्थानिक आयुक्त अजय मिश्रा उपस्थित रहे।


कांग्रेस का धामी सरकार पर तीखा हमला: करन माहरा ने गिनाई चार साल की नाकामियाँ

कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष बोले – मुख्यमंत्री खुद को बधाई दे रहे, लेकिन जनता भुगत रही है बेरोजगारी, पलायन और भ्रष्टाचार

चारधाम से लेकर भर्ती घोटाले तक, कांग्रेस ने बांटे ‘नाकामी के खिताब’

देहरादून। उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष करन माहरा ने प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में आयोजित पत्रकार वार्ता में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के चार वर्ष के कार्यकाल पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पुष्कर सिंह धामी अपने 4 वर्ष के मुख्यमंत्रित्वकाल पर अपनी पीठ थपथपाने में लगे हैं। जबकि भाजपा के ही सांसद, विधायक और पदाधिकारी सरकार की विफलताओं को लगातार उजागर कर रहे हैं। इसी क्रम में हम भी आज उनकी चार साल की नाकामियों, जन विरोधी नीतियों और देवभूमि की अस्मिता पर हुए प्रहार को कुछ विशेष खिताब समर्पित कर रहे हैं।

करन माहरा ने कहा कि राज्य में बेरोजगारी और पलायन का खिताब। राज्य में बेरोजगारी और लगातार हो रहे पलायन को देखते हुए पुष्कर सिंह धामी को यह खिताब दिया जाना चाहिए। महिला अपराधों में उत्तराखंड को अब्बल राज्य बनाने का खिताब- राज्य में पिछले चार साल में महिला अपराधों की बढती घटनाओं ने उत्तराखंड को पर्वतीय राज्यों में देश का नम्बर एक राज्य बना दिया है। चारधाम यात्रा में सर्वाधिक तीर्थ यात्रियों की मृत्यु का खिताब- चारधाम यात्रा में धामी सरकार की अव्यवस्था के चलते दर्जनों यात्रियों को अपनी जान गंवानी पड़ी है। सड़क दुर्घटनाओं में सर्वाधिक मौतों का खिताब- धामी सरकार की लापरवाही के चलते पिछले 25 वर्षों में सड़क दुर्घटनाओं में सबसे अधिक मौते पिछले 4 साल के अन्तराल में हुई हैं। अपनी ही सरकार द्वारा लागू किये गये यूसीसी के उलंघन का खिताब- यूसीसी लागू करने का श्रेय तो पुष्कर सिह धामी सरकार लेती है परन्तु उसका पहला उलंघन भी भाजपा के ही पूर्व विधायक द्वारा किया गया। महिला उत्पीड़न एवं शोषण में भाजपा नेताओं की संलिप्तता तथा सरकारी संरक्षण दिया जाना धामी सरकार की प्राथमिकता में रहा है।

केदारनाथ धाम की मर्यादा भंग करने का खिताब- आज तक के इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी भी ज्योतिर्लिंग के समानान्तर कोई मंदिर का निर्माण किया गया हो, परन्तु धामी सरकार ने हिन्दुओं की धार्मिक आस्थाओं को ठेस पहुंचाते हुए केदारनाथ मन्दिर की प्रतिकृति दिल्ली में बनाने का प्रयास किया गया। यही नहीं असली मंदिर से सोना चोरी कर उसकी जांच को भी दबाने का काम धामी सरकार ने किया।

करन माहरा ने कहा कि धामी सरकार को खनन माफिया व भू माफिया को संरक्षण देने का खिताब भी दिया जाना चाहिए। राज्य की नदियों में प्रशासन की मिलीभगत से हो रहे खनन में भाजपा नेताओं द्वारा उठाये गये सवालों के बावजूद धामी सरकार ने खनन माफिया को संरक्षण देने का काम किया। उत्तराखंड की भूमि को खुर्द-बुर्द कर भूमाफियाओं और उसमें संलिप्त अपनी पार्टी के नेताओं को बचाने का पूरा श्रेय धामी सरकार को जाता है। राज्य में इन चार सालों में लगातार हुए भर्ती घोटालों में युवाओं के भविष्य के साथ जिस प्रकार का खिलवाड किया गया वह किसी से छुपा नहीं है। राज्य में लम्बे समय से कार्यरत उपनल, आशा, आंगनबाडी कर्मियों की अनदेखी तथा पेंशन स्कीम मे कर्मचारियों का लगातार उत्पीड़न किया गया।

घटिया सड़क निर्माण सहित अन्य निर्माण कार्यों में भारी भ्रष्टाचार। मलिन बस्तियों को उजाड़ने का श्रेय भी धामी सरकार को जाता है। कांग्रेस सरकार द्वारा मलिन बस्तियों के नियमितीकरण की योजना को धता बताते हुए धामी सरकार ने कई क्षेत्रों में मलिन बस्तियों का उजाड़ने का काम किया। प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि धामी सरकार न तो नगर निकाय चुनाव समय पर करा पाई और न ही पंचायत चुनाव समय पर कराये गये। यही नहीं प्रत्येक चुनाव में सरकारी मशीनरी का दुरूपयोग किया गया तथा अनैतिक तरीके से चुनाव जीतने का प्रयास करने का खिताब भी धामी सरकार को जाता है। उन्होंने कहा कि पहली बार राज्य में धार्मिक सद्भावना को तोडने का प्रयास कर धार्मिक धुर्वीकरण कर लोगों के बीच खाई पैदा कर धर्म के नाम पर राजनैतिक रोटी सेकने का काम धामी सरकार में किया गया।

राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा व्यवस्था बदहाल हो चुकी हैं। जहां मातृशक्ति को शौचालय में प्रसव कराना पड़ रहा है वहीं विद्यार्थी विद्यालयों में शिक्षकों की कमी से जूझ रहे हैं तथा उनका भविष्य चौपट हो रहा है।

करन माहरा ने यह भी कहा कि भाजपा की महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष अनामिका शर्मा प्रकरण को दबाने का काम किया जा रहा है, यदि इस मामले की निष्पक्ष जांच की जाय तो कई सफेदपोश चेहरे बेनकाब होगे। उन्होंने यह भी कहा कि पुलिस प्रशासन द्वारा जेल में बंद महिलाओं को मोबाईल फोन जैसी सुविधायें किसके इशारे पर उपलब्ध कराई जा रही हैं। जिस प्रकार अनामिका शर्मा को सरकार और प्रशासन का सहयोग मिल रहा है तथा सरकार जांच को प्रभावित करने का काम कर रही है उससे दाल में काला नजर आ रहा है। उन्होंने कहा कि जिस प्रकार अनामिका शर्मा मामले में सच्चाई को दबाया जा रहा है उसी प्रकार अंकिता भंडारी हत्याकांड में भी सच को छुपाने का लगातार प्रयास किया गया। यह भाजपा के चाल, चरित्र और चेहरे को उजागर कर रहा है।

पत्रकार वार्ता में प्रदेश उपाध्यक्ष संगठन सूर्यकान्त धस्माना, प्रदेश महामंत्री नवीन जोशी, प्रवक्ता शीषपाल सिंह बिष्ट, सोशल मीडिया सलाहकार अमरजीत सिंह उपस्थित थे।


रक्षा लेखा विभाग की भूमिका केवल कागजी नहीं, रणनीतिक है- रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया नियंत्रक सम्मेलन 2025 का उद्घाटन

रक्षा लेखा विभाग को आधुनिक और रणनीतिक वित्तीय संस्था में बदलने की दिशा में बड़ा कदम

नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने सोमवार को राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित रक्षा लेखा विभाग (DAD) के तीन दिवसीय नियंत्रक सम्मेलन 2025 का उद्घाटन किया। इस मौके पर उन्होंने भारत की सैन्य क्षमताओं, आत्मनिर्भर रक्षा उत्पादन और वैश्विक रक्षा बाजार में बढ़ती हिस्सेदारी को रेखांकित करते हुए कहा कि “शांति का समय भ्रम हो सकता है, इसलिए रक्षा क्षेत्र को मजबूत करना अब आवश्यकता बन गया है।”

रक्षा मंत्री ने अपने संबोधन में ‘ऑपरेशन सिंदूर’ का उल्लेख करते हुए कहा कि इस अभियान ने न केवल भारत की सैन्य ताकत को दुनिया के सामने रखा, बल्कि स्वदेशी रक्षा उत्पादों की विश्वसनीयता भी प्रमाणित की। उन्होंने कहा, “दुनिया भारत की रक्षा क्षमताओं को नई दृष्टि से देख रही है। हमारे घरेलू रक्षा उपकरणों की मांग वैश्विक स्तर पर बढ़ रही है।”

उन्होंने यह भी कहा कि वर्ष 2024 में वैश्विक सैन्य खर्च 2.7 ट्रिलियन डॉलर के पार पहुंच गया है और भारत के लिए इसमें बड़ी संभावनाएं हैं। “इस बदलते सुरक्षा परिदृश्य में वित्तीय अनुशासन और रणनीतिक बजटीय प्रबंधन की भूमिका बेहद अहम है,”।

राजनाथ सिंह ने रक्षा लेखा विभाग की भूमिका को ‘सिर्फ लेखांकन’ तक सीमित न मानने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि विभाग की ईमानदारी और पारदर्शिता का असर सीधे उन सैनिकों तक पहुंचता है जो सीमाओं की रक्षा कर रहे हैं। “यह केवल वित्तीय जिम्मेदारी नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा दायित्व भी है,”।

उन्होंने बताया कि रक्षा अधिग्रहण परिषद ने पहली बार जैम पोर्टल के जरिए पूंजीगत खरीद को स्वीकृति दी है, जो पारदर्शिता और सुगमता की दिशा में एक बड़ा कदम है। साथ ही यह जानकारी दी कि विभाग व्यापक वेतन प्रणाली और केंद्रीकृत डाटाबेस विकसित करने पर भी काम कर रहा है।

सम्मेलन का उद्देश्य और थीम:
तीन दिवसीय यह सम्मेलन रक्षा लेखा विभाग को पारंपरिक लेखा प्रणाली से आगे ले जाकर आधुनिक, रणनीतिक और दक्ष रक्षा वित्तीय संस्था में परिवर्तित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इस वर्ष सम्मेलन की थीम “वित्तीय सलाह, भुगतान, ऑडिट और रक्षा वित्त एवं अर्थशास्त्र के माध्यम से लेखांकन में बदलाव” रखी गई है।

मुख्य बिंदु और सत्र:
सम्मेलन में आठ उच्चस्तरीय ‘मंथन सत्र’ आयोजित किए जाएंगे, जिनमें बजट सुधार, आंतरिक ऑडिट, मूल्य निर्धारण, संयुक्त अनुसंधान और क्षमता निर्माण जैसे विषयों पर मंथन होगा। इसमें रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता और प्रतिस्पर्धा को बढ़ावा देने के लिए IFA प्रणाली की भूमिका को भी स्पष्ट किया जाएगा।

डीएडी की वर्तमान भूमिका और भविष्य की दिशा:
वर्तमान में डीएडी ₹26.8 लाख करोड़ के रक्षा बजट का प्रबंधन कर रहा है, जिसमें से ₹1.7 लाख करोड़ पेंशन मद में निर्धारित है। विभाग देशभर में 200 से अधिक सेवा केंद्र संचालित कर रहा है और MIS आधारित प्रणाली से प्रदर्शन मूल्यांकन को बेहतर बना रहा है।

सम्मेलन के दौरान ‘सतर्क, चुस्त, अनुकूल’ जैसे नए मिशन स्टेटमेंट और स्लोगन का अनावरण भी किया जाएगा। वर्ष 2025 को “सुधार वर्ष” घोषित करते हुए इसे भारत की रक्षा वित्त प्रणाली को भविष्य के लिए सक्षम बनाने का एक निर्णायक क्षण बताया गया है।


बिहार में चुनाव से पहले (SIR) पर बवाल, विपक्ष ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया

महुआ मोइत्रा ने कहा- “आदेश से करोड़ों योग्य मतदाता वंचित हो सकते हैं”

10 जुलाई को होगी सुनवाई 

नई दिल्ली। सुप्रीम कोर्ट ने बिहार में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को चुनौती देने वाली याचिकाओं की सुनवाई के लिए 10 जुलाई को तारीख तय की है। अदालत इस प्रक्रिया की वैधता और संवैधानिक आधार का परीक्षण करेगी, जिससे चुनावी निष्पक्षता और सभी जागरूक मतदाताओं के अधिकारों की सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

याचिकाकर्ता और दायरा

राजद सांसद मनोज झा और TMC सांसद महुआ मोइत्रा ने अलग-अलग याचिकाओं में चुनाव आयोग के 24 जून के आदेश को रद्द करने की मांग की है।

एनजीओ ‘एसोसिएशन ऑफ़ डेमोक्रेटिक रिफॉर्म्स’ ने भी इसी (SIR) प्रक्रिया को संवैधानिक आधार पर चुनौती दी है।

मुख्य तर्क

मनोज झा का आरोप है कि विधानसभा चुनाव से केवल कुछ महीने पहले इस तरह का विशेष गहन पुनरीक्षण चुनावी प्रक्रियाओं में असमानता और अनियमितताओं का मार्ग प्रशस्त करता है।

महुआ मोइत्रा का कहना है कि 24 जून का आदेश “संविधान के विभिन्न प्रावधानों का उल्लंघन” करते हुए जारी हुआ और इससे “लाखों योग्य मतदाताओं” के नाम कटने का जोखिम बना सकता है, जो लोकतंत्र की मूल भावना के खिलाफ है।

निर्वाचन आयोग का उद्देश्य

आयोग ने (SIR) का लक्ष्य “अपात्र नामों को हटाकर” केवल सही और पात्र मतदाताओं को सूची में शामिल रखना बताया है।

24 जून के आदेश में बताया गया कि यह कदम “मतदाता सूची की सटीकता बढ़ाने” और “चुनाव प्रक्रिया की विश्वसनीयता सुनिश्चित करने” के लिए आवश्यक है।

अगले कदम

सर्वोच्च न्यायालय 10 जुलाई को दोनों याचिकाओं की विचार–विमर्श पूर्ण सुनवाई करेगा।

अदालत इस दौरान निर्वाचन आयोग के (SIR) निर्देशों की संवैधानिकता, चयन प्रक्रिया की पारदर्शिता और संभावित प्रभाव का व्यापक परीक्षण कर सकती है।

प्रभाव

यदि कोर्ट ने याचिकाकर्ताओं का पक्ष लिया तो पूरे देश में (SIR) के आदेशों पर अस्थायी रोक लग सकती है।

चुनाव से पहले यह विवाद मतदाता सूची की विश्वसनीयता, चुनाव आयोग के अधिकार क्षेत्र और राजनीतिक दलों के बीच तर्क–वितर्क को केंद्र में रखेगा।


करोल बाग अग्निकांड: यूपीएससी छात्र की लिफ्ट में फंसकर मौत, मदद की गुहार बेअसर

नई दिल्ली: दिल्ली के करोल बाग स्थित विशाल मेगा मार्ट में शुक्रवार शाम लगी भीषण आग में यूपीएससी की तैयारी कर रहे छात्र कुंवर धीरेंद्र विक्रम सिंह (24) की लिफ्ट में फंसकर दम घुटने से मौत हो गई। धीरेंद्र ने परिवार और दोस्तों को फोन और मैसेज कर मदद की गुहार लगाई, लेकिन रेस्क्यू में देरी के कारण उसे नहीं बचाया जा सका। उसका शव शुक्रवार रात लिफ्ट के अंदर मिला। धीरेंद्र सोनभद्र (UP) निवासी था और पिछले 6 साल से दिल्ली में रहकर पढ़ाई कर रहा था।

आग का कारण शॉर्ट सर्किट, राहत कार्य अभी जारी

करीब 400 गज की चार मंजिला इमारत में लगी आग का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। हादसे के 24 घंटे बाद भी राहत कार्य जारी है।
शनिवार दोपहर एक और जला हुआ शव दूसरी मंजिल से मिला, जिसकी पहचान नहीं हो पाई है।

आखिरी सांस तक लगाता रहा मदद की गुहार

धीरेंद्र ने फोन, मैसेज और वीडियो कॉल के जरिए भाई-बहन और दोस्तों से कहा कि वह लिफ्ट में फंसा है और सांस नहीं ले पा रहा। परिजनों का कहना है कि पुलिस को बार-बार सूचना देने के बावजूद कहा गया कि “कोई अंदर नहीं है।”बाद में मोबाइल लोकेशन ट्रेस होने पर सर्च शुरू किया गया और धीरेंद्र का शव बरामद हुआ।

दो दिन पहले ही लौटा था दिल्ली

धीरेंद्र दो दिन पहले ही घर से दिल्ली लौटा था। पढ़ाई में होनहार और आत्मनिर्भर बनने का सपना लिए आए इस छात्र की मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया। परिजनों ने लापरवाही पर सवाल उठाए हैं और न्याय की मांग की है।


भारत के प्रसिद्ध यात्रा लेखक दंपती ह्यू और कोलीन गैंटज़र को पद्म श्री सम्मान

मसूरी: भारत के प्रख्यात यात्रा लेखक दंपती ह्यू गैंटज़र और कोलीन गैंटज़र को वर्ष 2025 का पद्म श्री सम्मान प्रदान किया गया है। यह सम्मान देश की साहित्यिक, सांस्कृतिक और मीडिया क्षेत्र में उनके बहुमूल्य योगदान के लिए दिया गया है।

विशेष बात यह रही कि कोलीन गैंटज़र को यह पुरस्कार मरणोपरांत प्रदान किया गया, जबकि स्वास्थ्य कारणों से ह्यू गैंटज़र स्वयं पुरस्कार ग्रहण करने दिल्ली नहीं जा सके। इस परिस्थिति को देखते हुए उत्तराखंड सरकार के सचिव श्री शैलेश बगोली विशेष रूप से मसूरी स्थित उनके निवास पर पहुंचे और उन्हें यह सम्मान उनके घर पर ही सौंपा।

भारत की आत्मा को शब्दों में पिरोया

1950 के दशक से सक्रिय इस लेखक जोड़े ने भारत की संस्कृतिक विविधता, ऐतिहासिक विरासत, प्राकृतिक सौंदर्य, और जनजीवन को जिस संजीवता और संवेदना से प्रस्तुत किया, वह अभूतपूर्व रहा है।

इनका चर्चित कॉलम “The Gantzer’s Travelogue” देशभर के प्रमुख समाचारपत्रों में वर्षों तक प्रकाशित होता रहा, जिसमें भारत के छोटे-बड़े कोनों की दुर्लभ जानकारियाँ, अनुभव और तस्वीरें साझा की जाती थीं। इसके अलावा, दूरदर्शन पर प्रसारित उनके यात्रा वृत्तांतों ने भारत के ग्रामीण अंचलों, तीर्थ स्थलों और ऐतिहासिक स्मारकों को देशवासियों के सामने रोचक अंदाज़ में प्रस्तुत किया।

यात्रा लेखन का युगांतकारी योगदान

गैंटज़र दंपती को भारत में यात्रा लेखन की आधारशिला रखने वालों में गिना जाता है। उस दौर में जब पर्यटन पत्रकारिता सीमित थी, उन्होंने भारत को भारतीयों की नजर से देखना और दिखाना सिखाया। उनकी लेखनी में केवल पर्यटन स्थल ही नहीं, बल्कि उस स्थल की आत्मा, वहाँ के लोग, रीति-रिवाज़ और बोलियों की झलक भी होती थी, जो उन्हें विशिष्ट बनाती है।

सरकार और साहित्य जगत से सराहना
उत्तराखंड सरकार ने गैंटज़र दंपती के योगदान को न केवल राज्य बल्कि पूरे भारत की सांस्कृतिक विरासत के लिए अमूल्य बताया है। साहित्य और मीडिया जगत से जुड़ी कई हस्तियों ने भी उन्हें सम्मान दिए जाने पर प्रसन्नता जताई है।


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