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Tesla Model Y भारत में लॉन्च, 15 मिनट की चार्जिंग में चलेगी 238 KM

Category Archives: दिल्ली

Tesla Model Y भारत में लॉन्च, 15 मिनट की चार्जिंग में चलेगी 238 KM

मुंबई में खुला पहला शोरूम, कीमत 60 लाख से शुरू, सितंबर से शुरू होगी डिलीवरी

नई दिल्ली। टेस्ला ने भारत में अपने पहले शोरूम की लॉन्चिंग के साथ ही इलेक्ट्रिक वाहन बाजार में धूम मचा दी है। कंपनी ने अपनी प्रीमियम इलेक्ट्रिक ‘Model Y’ को भारत में आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है, जिसकी कीमत लगभग 60 लाख रुपये (एक्स-शोरूम) तय की गई है। मुंबई के बीकेसी स्थित मैक्सिटी मॉल में टेस्ला का पहला शोरूम खुल चुका है, और डिलीवरी सितंबर 2025 से शुरू होगी।

बुकिंग हुई शुरू
टेस्ला ने अपनी वेबसाइट पर Model Y की बुकिंग शुरू कर दी है, जो फिलहाल मुंबई, दिल्ली और गुरुग्राम में उपलब्ध होगी। खास बात यह है कि जो ग्राहक फुल-सेल्फ ड्राइविंग (FSD) फीचर वाला वेरिएंट लेना चाहते हैं, उन्हें इसके लिए अतिरिक्त 6 लाख रुपये का भुगतान करना होगा।

वेरिएंट्स और परफॉर्मेंस
Tesla Model Y को भारत में दो वेरिएंट्स में उतारा गया है:

लॉन्ग रेंज RWD:
यह वेरिएंट सिंगल इलेक्ट्रिक मोटर से लैस है, जो 295 हॉर्सपावर और 420 Nm टॉर्क पैदा करता है। यह कार एक बार चार्ज करने पर 500 किमी तक चल सकती है और सिर्फ 5.6 सेकंड में 0 से 100 किमी प्रति घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है।

लॉन्ग रेंज AWD:
ड्यूल मोटर से लैस इस वेरिएंट की रेंज 622 किमी है। इसमें 384 bhp की पावर और 510 Nm का टॉर्क मिलता है। इसकी टॉप स्पीड 217 किमी प्रति घंटा है और यह मात्र 4.6 सेकंड में 0-100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है।

चार्जिंग टेक्नोलॉजी
Model Y को टेस्ला की फास्ट चार्जिंग तकनीक से लैस किया गया है। कंपनी का दावा है कि यह केवल 15 मिनट में 238 किमी की दूरी तय करने लायक चार्ज हो सकती है।

सेफ्टी फीचर्स
सभी वेरिएंट्स में लेवल-2 ADAS तकनीक दी गई है, जिसमें फॉरवर्ड कोलिजन वार्निंग, ऑटोमैटिक इमर्जेंसी ब्रेकिंग, लेन कीप असिस्ट और स्पीड लिमिट असिस्ट जैसे एडवांस फीचर्स शामिल हैं। साथ ही, कार में 6 स्टैंडर्ड एयरबैग्स भी दिए गए हैं।

डिजाइन और इंटीरियर
Tesla Model Y भारत में कुल 7 एक्सटीरियर कलर ऑप्शन और 2 इंटीरियर ट्रिम्स के साथ उपलब्ध होगी। इसमें 15.4 इंच का फ्रंट टचस्क्रीन, 8 इंच का रियर डिस्प्ले, पावर-एडजेस्टेबल सीट्स और स्टीयरिंग कॉलम, डुअल-जोन क्लाइमेट कंट्रोल, 19-इंच क्रॉसफ्लो व्हील्स, ग्लास रूफ और पावर रियर लिफ्टगेट जैसे प्रीमियम फीचर्स मिलते हैं।


पैक्ड फूड पर अब स्पष्ट पोषण जानकारी देना अनिवार्य

सुप्रीम कोर्ट ने FSSAI को फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग लागू करने का दिया निर्देश

नई दिल्ली– सुप्रीम कोर्ट ने भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) को सभी पैक्ड खाद्य उत्पादों पर फ्रंट-ऑफ-पैक न्यूट्रिशन लेबलिंग (FOP) को अनिवार्य रूप से लागू करने का निर्देश दिया है। यह फैसला उपभोक्ताओं को स्वास्थ्यवर्धक विकल्पों की जानकारी सरलता से उपलब्ध कराने और देश में तेजी से बढ़ रही मोटापे की समस्या से निपटने के प्रयास के तहत लिया गया है। इस निर्णय की जानकारी शिवसेना सांसद मिलिंद देवड़ा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर साझा की।

क्या है FSSAI और FOP लेबलिंग?
भारतीय खाद्य सुरक्षा और मानक प्राधिकरण (FSSAI) एक स्वायत्त संस्था है, जो देश में खाद्य गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों की निगरानी करती है। फ्रंट-ऑफ-पैक लेबलिंग एक ऐसी प्रणाली है, जिसमें पैक्ड खाद्य उत्पादों के सामने स्पष्ट पोषण संबंधी जानकारी दी जाती है, जैसे वसा, चीनी और नमक की मात्रा। इसका उद्देश्य उपभोक्ताओं को यह जानने में मदद करना है कि कोई उत्पाद स्वास्थ्य के लिए कितना फायदेमंद या हानिकारक है।

देवड़ा की सलाह: सिंगापुर मॉडल अपनाने पर जोर
मिलिंद देवड़ा ने FSSAI को सिंगापुर की A-to-D न्यूट्री-ग्रेड प्रणाली अपनाने की सिफारिश की है। इस प्रणाली में खाद्य उत्पादों को उनके पोषण स्तर के आधार पर A (सबसे अच्छा) से D (सबसे खराब) तक ग्रेड दिया जाता है। उनका कहना है कि इससे उपभोक्ताओं को जागरूक फैसले लेने में मदद मिलेगी और FSSAI को जल्द अनुपालन सुनिश्चित करने की दिशा में ठोस कदम मिलेगा।

स्वास्थ्य मंत्रालय की नई पहल
केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय ने देशभर में स्वस्थ खानपान की आदतों को बढ़ावा देने के लिए चीनी और तेल जागरूकता बोर्ड लगाने का प्रस्ताव भी रखा है। ये बोर्ड स्कूलों, दफ्तरों और सार्वजनिक स्थलों पर लगाए जाएंगे, जिनमें दृश्यात्मक चेतावनी के ज़रिए यह बताया जाएगा कि आम खाद्य पदार्थों में कितनी मात्रा में वसा और चीनी छिपी हो सकती है।

भारतीय पारंपरिक स्नैक्स भी निशाने पर
देवड़ा ने यह भी कहा कि भारत को केवल बहुराष्ट्रीय कंपनियों के उत्पादों तक सीमित न रहकर समोसा, जलेबी जैसे पारंपरिक भारतीय स्नैक्स के पोषण मूल्य की भी निगरानी करनी चाहिए। उन्होंने इसे स्वास्थ्य मंत्रालय की राष्ट्रीय गैर-संचारी रोग नियंत्रण कार्यक्रम की दिशा में एक आवश्यक कदम बताया, जिससे मधुमेह, उच्च रक्तचाप और मोटापे जैसी बीमारियों की रोकथाम संभव हो सकेगी।


मुख्यमंत्री धामी ने लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से की शिष्टाचार भेंट

नई दिल्ली/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को नई दिल्ली में लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से शिष्टाचार भेंट की। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने बिरला को उत्तराखंड के चारधाम का प्रसाद भेंट किया और देवभूमि उत्तराखंड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को दर्शाते हुए राज्य के विभिन्न स्थानीय उत्पाद भी उन्हें भेंट किए ।

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड राज्य चारधाम, प्राकृतिक सुंदरता एवं आध्यात्मिकता का प्रतीक है। उन्होंने लोकसभा अध्यक्ष को राज्य में चल रहे विकास कार्यों, विशेष रूप से धार्मिक पर्यटन, सड़क संपर्क, स्वास्थ्य, और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों की जानकारी भी दी।


दिल्ली सरकार का बड़ा कदम: युवाओं को मिलेगा टूरिज्म फेलोशिप का मौका

सोशल मीडिया के ज़रिए दिल्ली के पर्यटन स्थलों का प्रचार करने वाले युवाओं को मिलेगी ₹50,000 मासिक सहायता

नई दिल्ली। दिल्ली को एक वैश्विक पर्यटन हब बनाने की दिशा में सरकार ने एक नई पहल की शुरुआत की है। दिल्ली सरकार अब उन युवाओं को प्रोत्साहन राशि देगी, जो राजधानी के ऐतिहासिक स्थलों और सांस्कृतिक धरोहरों का प्रचार-प्रसार डिजिटल माध्यमों से करेंगे। इस योजना के तहत चयनित युवाओं को हर महीने ₹50,000 की आर्थिक सहायता और एक साल के इस प्रोग्राम के अंत में प्रमाण पत्र प्रदान किया जाएगा।

योजना का उद्देश्य: दिल्ली को इंटरनेशनल टूरिज्म डेस्टिनेशन बनाना
मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने एक कार्यक्रम में बताया कि सरकार “टूरिज्म एंड हेरिटेज फेलोशिप प्रोग्राम” के तहत दिल्ली को विश्व स्तरीय पर्यटन केंद्र के रूप में विकसित करना चाहती है। इसके लिए ऐसे युवाओं की तलाश की जा रही है जो सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और कंटेंट क्रिएशन के जरिए दिल्ली की विरासत को वैश्विक मंच पर प्रमोट कर सकें।

पहले चरण में 40 युवाओं का चयन
इस योजना को दिल्ली पर्यटन एवं परिवहन विकास निगम (DTTDC) के माध्यम से लागू किया जाएगा। पहले चरण में 40 युवाओं का चयन किया जाएगा। चयनित प्रतिभागियों को न केवल दिल्ली के प्रमुख पर्यटन स्थलों का प्रचार करना होगा, बल्कि वीडियो निर्माण, पर्यटन से जुड़े शोध, और इन स्थलों के संचालन जैसे कार्यों में भी सक्रिय भागीदारी करनी होगी।

योजना की पात्रता
इस कार्यक्रम में भाग लेने के लिए उम्मीदवार की आयु 35 वर्ष से कम होनी चाहिए और उसमें डिजिटल मीडिया, सोशल मीडिया और कंटेंट क्रिएशन की अच्छी समझ होनी चाहिए। योजना एक साल तक चलेगी, जिसके अंत में युवाओं को अनुभव प्रमाण पत्र भी दिया जाएगा।


मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री से की मुलाकात, राज्य विकास के अहम प्रस्तावों पर मांगा सहयोग

मुख्यमंत्री धामी ने प्रधानमंत्री को भेंट की कार्तिक स्वामी मंदिर की प्रतिकृति और आदि कैलाश यात्रा की कॉफी टेबल बुक

नई दिल्ली/देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिष्टाचार भेंट कर उत्तराखण्ड के विकास से संबंधित विभिन्न विषयों पर मार्गदर्शन प्राप्त किया। मुख्यमंत्री ने राज्य के विकास में सहयोग के लिए केंद्र सरकार का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व में उत्तराखण्ड विकसित भारत 2047 के विजन में अपनी प्रभावी भूमिका निभाने को तत्पर है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि विश्व के 27 देशों द्वारा प्रधानमंत्री  को अपने देश का सर्वोच्च नागरिक सम्मान प्रदान किए जाने से सभी भारतवासी गौरवान्वित हैं। मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को कार्तिक स्वामी मंदिर के प्रतिरूप और आदि कैलाश यात्रा पर कॉफ़ीटेबिल बुक के साथ ही उत्तराखण्ड के उत्पाद कनार ( धारचूला) का घी , लाल (पुरोला) चावल, बासमती चावल, काला जीरा, गंध रैण, जम्बू और स्थानीय शहद भेंट किये।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से केदारनाथ धाम और बदरीनाथ धाम की भांति ही हरिद्वार गंगा कॉरिडोर, ऋषिकेश गंगा कॉरिडोर और चम्पावत में शारदा कॉरिडोर के मास्टर प्लान के अनुरूप अवस्थापना विकास के लिए सीएसआर के माध्यम से वित्त पोषण के लिए संबंधित को निर्देशित करने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने उत्तराखण्ड के ऊधमसिंह नगर स्थित नेपा फार्म को सेमी कन्डक्टर हब के रूप में विकसित करने लिए सेमी कन्डक्टर उद्योग लगाए जाने, दिल्ली व मेरठ के मध्य रीजनल रैपिड ट्रान्जिट सिस्टम को हरिद्वार तक विस्तारित करने और टनकपुर-बागेश्वर व ऋषिकेश-उत्तरकाशी रेल परियोजनाओं में मार्ग निर्माण का प्रावधान भी शामिल किये जाने के लिए संबंधित मंत्रालयों को निर्देशित किये जाने का प्रधानमंत्री से आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री को उत्तराखण्ड में वर्ष 2026 में होने जा रही नंदा राजजात यात्रा की जानकारी देते हुए कहा कि इसके संचालन के लिए व्यापक रूप से पर्यावरण अनुकूल अवस्थापना सुविधाएं विकसित की जानी हैं। मुख्यमंत्री ने अगस्त 2026 में आयोजित इस पर्वतीय महाकुंभ नंदा राजजात यात्रा के लिए प्रधानमंत्री को आमंत्रित किया और साथ ही यात्रा में अवस्थापना सुविधाएं सुनिश्चित किए जाने के लिए 400 करोड की धनराशि केंद्र से उपलब्ध कराए जाने का अनुरोध भी किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्ष 2027 में हरिद्वार में दिव्य और भव्य महाकुंभ का आयोजन किया जाना है। राज्य सरकार द्वारा इसकी तैयारियां प्रारंभ कर दी गई हैं। इसके सफल आयोजन के लिए हरिद्वार में पुलों की मरम्मत, पार्किंग, विद्युत, पेयजल, शौचालय, परिवहन, श्रद्धालुओं के लिए पैदल मार्ग सहित अन्य कार्य कराए जाने हैं। मुख्यमंत्री ने इसके लिए 3500 करोड रूपए की वित्तीय सहायता दिये जाने का अनुरोध किया। मुख्यमंत्री ने ऋषिकेश और हरिद्वार शहरों में एचटी व एलटी विद्युत लाईनों को भूमिगत करने के साथ ही विद्युत प्रणाली को स्वचालित करने के लिए उत्तराखण्ड सरकार द्वारा भेजी गई 1015 करोड की डीपीआर को आरडीएसएस योजना के अंतर्गत स्वीकृत किये जाने के लिए संबंधित को निर्देशित करने का भी अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि ऋषिकेश के निकट स्थित अनोखी धरोहर चौरासी कुटिया को अपने पुराने रूप में लाने के लिए राज्य सरकार प्रयासरत है। इसके लिए अपेक्षित धनराशि की व्यवस्था भी कर ली गई है। मुख्यमंत्री ने चौरासी कुटिया के प्रस्ताव का अनुमोदन राष्ट्रीय वन्यजीव बोर्ड से कराए जाने का आग्रह किया।

मुख्यमंत्री ने कहा कि हिम आधारित नदियों को वर्षा आधारित नदियों से जोङने के लिए प्रथम चरण में पिण्डर-कोसी लिंक परियोजना का प्रारम्भिक प्रस्ताव तैयार किया गया है। ग्लेशियर आधारित पिंडर नदी के पानी को वर्षा आधारित कोसी, गगास, गोमती व गरूङ नदियों में मिलाया जाये तो बागेश्वर, अल्मोङा व नैनीताल जिलों के 625 गांवों की लगभग 2 लाख जनसंख्या पेयजल व सिंचाई से लाभान्वित होगी। साथ ही गरूङ, कौसानी, द्वाराहाट, रानीखेत और अल्मोङा नगरों की लगभग सवा लाख आबादी के लिए पेयजल आपूर्ति बेहतर हो सकेगी। मुख्यमंत्री ने इस परियोजना को भारत सरकार की विशेष योजना के अंतर्गत लिये जाने का अनुरोध किया।

मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से कैबिनेट सचिव, भारत सरकार की अध्यक्षता में गठित समिति की संस्तुतियों के क्रम में कुल 596 मेगावाट क्षमता की पांच जल विद्युत परियोजनाओं के विकास की अनुमति प्रदान किये जाने का भी आग्रह किया।

प्रधानमंत्री ने मुख्यमंत्री से चारधाम यात्रा, आदि कैलाश यात्रा, नंदा राजजात यात्रा, हरिद्वार में होने जा रहे कुम्भ के साथ ही प्रदेश में जल जीवन मिशन के बारे में विस्तार से जानकारी ली।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को उत्तराखण्ड के विकास के लिए केंद्र सरकार से हर सम्भव सहयोग के प्रति आश्वस्त किया।


भारत में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में पाकिस्तानी खिलाड़ियों पर नहीं लगेगा प्रतिबंध- खेल मंत्री मनसुख मांडविया

कहा– बहुपक्षीय टूर्नामेंटों में सभी देशों को मिलेगा समान व्यवहार

मानसून सत्र में पेश होगा राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक

नई दिल्ली। देश में खेल प्रशासन को अधिक पारदर्शी और जवाबदेह बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए केंद्र सरकार जल्द ही ‘राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक’ को संसद में पेश करेगी। खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने सोमवार को बताया कि यह बहुप्रतीक्षित विधेयक संसद के आगामी मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। साथ ही उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत में आयोजित बहुपक्षीय खेल प्रतियोगिताओं में पाकिस्तान के खिलाड़ियों की भागीदारी पर कोई प्रतिबंध नहीं रहेगा।

खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने जानकारी दी है कि राष्ट्रीय खेल शासन विधेयक को 21 जुलाई से शुरू हो रहे संसद के मानसून सत्र में पेश किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह विधेयक देश के खेल प्रशासकों की जवाबदेही तय करने और खेलों के संचालन में सुशासन लाने की दिशा में अहम साबित होगा।

विधेयक के तहत एक नियामक बोर्ड का गठन किया जाएगा, जो राष्ट्रीय खेल महासंघों (NSFs) को मान्यता देने और उन्हें फंडिंग प्रदान करने का कार्य करेगा। यह बोर्ड इस बात पर नज़र रखेगा कि खेल संगठन वित्तीय, प्रशासनिक और नैतिक मानकों का पालन कर रहे हैं या नहीं।

इसके अलावा, मसौदे में आचार संहिता आयोग और विवाद निवारण आयोग जैसे स्वतंत्र निकायों की स्थापना का भी प्रस्ताव है। हालांकि, भारतीय ओलंपिक संघ (IOA) ने इस विधेयक का विरोध किया है। IOA का तर्क है कि नियामक बोर्ड की स्थापना उसकी भूमिका को कमजोर कर सकती है।

इस दौरान मांडविया ने पाकिस्तान के खिलाड़ियों को भारत में अंतरराष्ट्रीय टूर्नामेंटों में भाग लेने की अनुमति देने पर भी बयान दिया। उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इसमें कोई आपत्ति नहीं है, चाहे वह क्रिकेट हो या हॉकी।

पाकिस्तान की भागीदारी के संभावित टूर्नामेंटों में राजगीर (बिहार) में एशिया कप हॉकी टूर्नामेंट (27 अगस्त – 7 सितंबर) और तमिलनाडु में एफआईएच जूनियर वर्ल्ड कप (28 नवंबर – 10 दिसंबर) शामिल हैं। मांडविया ने कहा कि भारत वीजा देने को तैयार है, लेकिन अब फैसला पाकिस्तान सरकार को लेना है।


‘MASALA डील’ पर कांग्रेस का वार, भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को बताया खतरा

जयराम रमेश बोले- ट्रंप सरकार की शर्तें एकतरफा और खतरनाक

नई दिल्ली – भारत और अमेरिका के बीच प्रस्तावित व्यापार समझौते को लेकर राजनीतिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता जयराम रमेश ने इस संभावित डील को लेकर गंभीर आपत्तियां जताईं हैं। उन्होंने कहा कि यह ‘MASALA डील’ दरअसल “Mutually Agreed Settlements Achieved through Leveraged Arm-twisting” का संक्षिप्त रूप है — यानी दबाव डालकर समझौते कराना।

उन्होंने कहा कि इस तरह के समझौतों से भारत जैसे विकासशील देशों के आत्मनिर्भर क्षेत्रों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। रमेश ने ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इंस्टीट्यूट (GTRI) की रिपोर्ट का हवाला देते हुए कहा कि अमेरिका एकतरफा लाभ के लिए कई देशों पर व्यापारिक रियायतों का दबाव बना रहा है।

GTRI की चेतावनी:
थिंक टैंक GTRI ने भी भारत को आगाह किया है कि अमेरिका के साथ किसी भी व्यापार समझौते को जल्दबाजी में नहीं करना चाहिए। रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका इस समय 90 से अधिक देशों से व्यापार रियायतें मांग रहा है, जिनमें से कई ने खुलकर विरोध जताया है।

सरकार पर विपक्ष का हमला:
जयराम रमेश ने सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि अमेरिका की व्यापारिक नीतियाँ राजनीतिक और मनमानी हैं। उन्होंने कहा कि डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों में भारत को मजबूर किया जा रहा है कि वह अमेरिकी उत्पादों को खरीदे, जबकि बदले में भारत को कोई वास्तविक छूट नहीं मिल रही है।

‘मसाला डील’ बनाम ‘मसाला बॉन्ड’:
रमेश ने तंज कसते हुए कहा, “पहले मसाला बॉन्ड हुआ करते थे, अब सरकार मसाला डील में उलझ रही है।” उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विदेशी दबाव में फैसले कर रही है, जिससे भारत के कोर सेक्टर — विशेष रूप से कृषि और छोटे उद्योगों — को खतरा है।

दूसरे देश भी कर चुके हैं इनकार:
GTRI रिपोर्ट के मुताबिक, यूरोपीय यूनियन, मैक्सिको, जापान, दक्षिण कोरिया और ऑस्ट्रेलिया जैसे देश अमेरिका की कठोर व्यापार शर्तों को पहले ही खारिज कर चुके हैं। इसके बावजूद अमेरिका इन देशों पर भारी टैरिफ की धमकी दे रहा है, लेकिन वे अपने आर्थिक हितों से समझौता नहीं कर रहे।


राज्यसभा के लिए राष्ट्रपति ने नामित किए चार प्रतिष्ठित चेहरे, पीएम मोदी ने दी बधाई

चारों नामित व्यक्तित्वों के योगदान को बताया अनुकरणीय और प्रेरणास्रोत

नई दिल्ली। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राज्यसभा के लिए चार प्रतिष्ठित व्यक्तियों को मनोनीत किया, जिनमें पूर्व विदेश सचिव हर्षवर्धन श्रृंगला, वरिष्ठ वकील उज्ज्वल निकम, केरल के समाजसेवी सी. सदानंदन मास्टर और इतिहासकार मीनाक्षी जैन शामिल हैं। इन नामों की घोषणा गृह मंत्रालय द्वारा जारी अधिसूचना में की गई।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चारों नामित सदस्यों को शुभकामनाएं देते हुए उन्हें अपने-अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाला बताया। उन्होंने कहा कि ये नामांकन न केवल व्यक्तिगत सम्मान हैं, बल्कि भारत के समृद्ध लोकतंत्र में विविध अनुभव और दृष्टिकोण को शामिल करने का प्रतीक भी हैं।

चारों नामित सदस्यों पर पीएम मोदी की प्रतिक्रियाएं:

उज्ज्वल निकम – प्रधानमंत्री मोदी ने उन्हें एक प्रखर विधिवेत्ता बताया जो कानून और संविधान के प्रति पूरी निष्ठा रखते हैं। 26/11 जैसे मामलों में उनके योगदान को याद करते हुए उन्होंने कहा, “न्याय की प्राप्ति में उनकी भूमिका अनुकरणीय रही है।”

हर्षवर्धन श्रृंगला – पीएम मोदी ने उन्हें एक श्रेष्ठ कूटनीतिज्ञ और रणनीतिक सोच वाला व्यक्तित्व बताया। उन्होंने कहा कि विदेश नीति में श्रृंगला का अनुभव राज्यसभा को वैश्विक मुद्दों पर नई दृष्टि देगा।

सी. सदानंदन मास्टर – प्रधानमंत्री ने उनके जीवन को साहस, सेवा और शिक्षा का प्रतीक बताया। दोनों पैर खोने के बावजूद समाजसेवा का मार्ग न छोड़ना, उन्हें असाधारण बनाता है।

मीनाक्षी जैन – पीएम मोदी ने उन्हें गंभीर शोधकर्ता और इतिहासविद के रूप में सम्मानित किया और कहा कि उनका राज्यसभा में होना भारत की शैक्षणिक और बौद्धिक संपदा को मजबूती देगा।

संविधान के अनुच्छेद 80 के तहत हुआ नामांकन
राष्ट्रपति मुर्मू ने यह नामांकन संविधान के अनुच्छेद 80(1)(क) के खंड (3) के तहत किया है, जिसके अंतर्गत विशिष्ट क्षेत्रों में अनुभव रखने वाले व्यक्तियों को राज्यसभा में मनोनीत किया जाता है। ये नामांकन पूर्व सदस्यों की सेवानिवृत्ति के बाद रिक्त हुई सीटों के स्थान पर किए गए हैं।


सरकार हादसे की हर बारीकी से जांच कर रही है- नागरिक उड्डयन मंत्री

अहमदाबाद विमान हादसे पर AAIB की प्रारंभिक रिपोर्ट जारी

हादसे के एक महीने बाद सामने आई जांच रिपोर्ट

नई दिल्ली। 12 जून को अहमदाबाद में हुए भीषण विमान हादसे ने पूरे देश को स्तब्ध कर दिया। इस त्रासदी में 260 लोगों की जान चली गई, जिनमें 229 यात्री, 12 क्रू सदस्य और 19 जमीन पर मौजूद नागरिक शामिल थे। एक महीने बाद अब इस हादसे की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट एयरक्राफ्ट एक्सीडेंट इन्वेस्टिगेशन ब्यूरो (AAIB) ने जारी की है। रिपोर्ट सामने आते ही केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू समेत कई प्रमुख नेताओं ने इस पर अपनी प्रतिक्रिया दी है।

रिपोर्ट पर क्या बोले उड्डयन मंत्री?
केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि यह केवल प्रारंभिक रिपोर्ट है, अंतिम नहीं। उन्होंने स्पष्ट किया कि एएआईबी एक स्वतंत्र जांच एजेंसी है और वह अपनी रिपोर्ट पर पूरी तरह से स्वतंत्र रूप से काम कर रही है। मंत्रालय फिलहाल इस रिपोर्ट में सामने आई जानकारियों का गहराई से विश्लेषण कर रहा है, लेकिन अंतिम निष्कर्ष AAIB की फाइनल रिपोर्ट के बाद ही निकाला जाएगा।

सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता
नायडू ने भारत की एविएशन इंडस्ट्री की सराहना करते हुए कहा कि देश के पास विश्वस्तरीय पायलट और क्रू हैं, जो हर परिस्थिति में बेहतरीन कार्य करते हैं। उन्होंने भरोसा दिलाया कि सरकार इस हादसे की हर बारीकी से जांच कर रही है और अंतिम रिपोर्ट के आधार पर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। उन्होंने कहा कि उड़ान सुरक्षा सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है।

राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल की प्रतिक्रिया
नागरिक उड्डयन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने भी कहा कि यह रिपोर्ट केवल एक प्रारंभिक कदम है। फाइनल रिपोर्ट आने तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुँचना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा कि मंत्रालय रिपोर्ट तैयार करने की प्रक्रिया में कोई हस्तक्षेप नहीं करता और पूरी पारदर्शिता से जांच हो रही है।

शाहनवाज हुसैन ने क्या कहा?
भाजपा नेता और पूर्व मंत्री शाहनवाज हुसैन ने AAIB की इस रिपोर्ट को ‘चौंकाने वाला’ बताया। उन्होंने कहा कि प्रारंभिक निष्कर्षों से यह स्पष्ट होता है कि विमान के इंजन को ईंधन की आपूर्ति बाधित हो रही थी, जो बेहद गंभीर मसला है। उन्होंने व्यापक और बहु-स्तरीय जांच की मांग की है ताकि ऐसी घटनाएं भविष्य में न दोहराई जाएं।


देशभर में रोजगार मेले का आयोजन, पीएम मोदी ने बांटे 51 हजार से अधिक नियुक्ति पत्र

राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भागीदारी अहम- पीएम मोदी

नई दिल्ली। शनिवार को देश के 47 शहरों में आयोजित रोजगार मेले के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 51,000 से अधिक युवाओं को नियुक्ति पत्र सौंपे। वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से युवाओं को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता पारदर्शी और ईमानदार भर्ती प्रक्रिया है। उन्होंने दोहराया, “बिना पर्ची, बिना खर्ची” का मंत्र आज की सरकारी भर्तियों की पहचान बन गया है।

प्रधानमंत्री ने कहा कि अब तक लाखों युवाओं को रोजगार मेलों के माध्यम से नौकरी मिल चुकी है, जो आज राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं।

“युवा बढ़ाएंगे देश की विकास गति”
पीएम मोदी ने कहा कि आज नियुक्त हुए युवा आने वाले समय में रक्षा, विकास, वित्तीय समावेशन और औद्योगिक प्रगति जैसे विभिन्न क्षेत्रों में देश को नई दिशा देंगे। उन्होंने भरोसा जताया कि ये युवा भारत को आत्मनिर्भर और विकसित राष्ट्र बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।

“राष्ट्र सेवा ही सबसे बड़ा कर्तव्य”
प्रधानमंत्री ने कहा कि विभाग अलग हो सकते हैं, लेकिन सभी की मंज़िल एक ही है – देश की सेवा। उन्होंने यह भी रेखांकित किया कि रोजगार मेलों ने यह विश्वास मज़बूत किया है कि आज सरकारी नौकरी केवल योग्यता के दम पर मिल सकती है।


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