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धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश: मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान दिल्ली से गिरफ्तार, गोवा की आयशा करती थी फंडिंग

Category Archives: दिल्ली

धर्मांतरण गिरोह का पर्दाफाश: मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान दिल्ली से गिरफ्तार, गोवा की आयशा करती थी फंडिंग

आगरा/दिल्ली। उत्तर प्रदेश पुलिस ने धर्मांतरण के बड़े गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान को दिल्ली के मुस्तफाबाद इलाके से गिरफ्तार किया है। रहमान, जो पहले महेंद्र पाल जादौन के नाम से जाना जाता था, अब कलीम सिद्दीकी के नेटवर्क को संभाल रहा था और कनाडा स्थित दाऊद अहमद के संपर्क में भी था। गिरोह से जुड़ी गोवा निवासी एसबी कृष्णा उर्फ आयशा को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है, जो गिरोह के लिए फंडिंग का काम करती थी।

कैसे शुरू हुआ धर्मांतरण का सिलसिला

एमएससी डाटा साइंस की छात्रा एसबी कृष्णा वर्ष 2020 में पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई के दौरान कश्मीरी छात्राओं के संपर्क में आई। वहीं उसका ब्रेनवॉश किया गया और वह धर्मांतरण के लिए कश्मीर तक गई। हालांकि वहां से लौटने पर परिवार ने केस दर्ज कराया और कुछ समय तक उसका गिरोह से संपर्क टूट गया।

लेकिन छह महीने बाद वह कोलकाता चली गई और धर्म परिवर्तन कर आयशा बन गई। इसके बाद वह गिरोह में सक्रिय हो गई और अब्दुल रहमान से फंड लेकर धर्मांतरण के लिए लोगों को आर्थिक मदद देने लगी। आयशा ने व्हाट्सएप ग्रुप बनाकर नेटवर्क फैलाया और कई राज्यों में संपर्क बनाए रखा।

प्यार में धर्म बदला, फिर पीएफआई से जुड़ा

जयपुर से गिरफ्तार पियूष पंवार उर्फ मोहम्मद अली वर्ष 2021 में टोंक की एक युवती के संपर्क में आया और उसके प्यार में इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया। बाद में वह कलीम सिद्दीकी के संपर्क में आया और पीएफआई से जुड़ गया। वह कोलकाता में दीनी तालीम ले रहा था और आयशा से फंड लेकर धर्मांतरण में सहयोग कर रहा था।

इंस्टाग्राम से जोड़ता था बहनों को

रीथ बनिक उर्फ मोहम्मद इब्राहिम ने ही आगरा की दो सगी बहनों को कोलकाता भेजने की व्यवस्था की थी। वह इंस्टाग्राम पर संपर्क में था और उन्हें धार्मिक साहित्य डाक के माध्यम से भेजता था।

दिल्ली से मास्टरमाइंड अब्दुल रहमान गिरफ्तार

आगरा पुलिस ने मुस्तफाबाद, दिल्ली में दबिश देकर अब्दुल रहमान को गिरफ्तार किया। वह धर्मांतरण के लिए फंडिंग और साहित्य वितरण का संचालन करता था। उसके घर से हरियाणा के रोहतक की एक युवती भी मिली, जिसकी गुमशुदगी रिपोर्ट दर्ज थी। मौके से धार्मिक साहित्य, प्रेरणादायक पुस्तकें और गिरोह से जुड़े नामों की सूची भी बरामद हुई है।

अब्दुल रहमान का अतीत

मूल रूप से फिरोजाबाद निवासी महेंद्र पाल जादौन ने पहले ईसाई धर्म और फिर 1990 में इस्लाम धर्म अपना लिया। वह दिल्ली में मजदूरी करता था और वहीं उसकी मुलाकात कलीम सिद्दीकी से हुई। उसने उसके लिए काम करना शुरू किया और धर्मांतरण में सक्रिय हो गया। लोग उसे आज “अब्दुल रहमान उर्फ चचा” के नाम से जानते हैं। उसके घर से भारी मात्रा में जाकिर नाइक और कलीम सिद्दीकी की पुस्तकें भी मिली हैं।

कलीम सिद्दीकी को पहले ही मिल चुकी है उम्रकैद

यूपी एटीएस ने 2021 में कलीम सिद्दीकी को सामूहिक धर्मांतरण के मामले में गिरफ्तार किया था। उस पर विदेशी फंडिंग से भारत में धर्म परिवर्तन कराने का आरोप था। न्यायालय ने उसे आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। अब्दुल रहमान इसी नेटवर्क का संचालन कर रहा था।

पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने बताया कि अब्दुल रहमान से गिरोह की आतंकी फंडिंग, विदेशी संपर्क, और संगठनों से जुड़ाव की जांच की जा रही है। पुलिस ने गिरोह से जुड़े 10 आरोपियों को 10 दिन की रिमांड पर लिया है और पूछताछ जारी है।


उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने दिया इस्तीफा, स्वास्थ्य को बताया कारण

देश में पहली बार किसी कार्यरत उपराष्ट्रपति ने कार्यकाल के बीच में छोड़ा पद , राष्ट्रपति को सौंपा इस्तीफा

नई दिल्ली। भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने अपने पद से अचानक इस्तीफा देकर राजनीतिक हलकों में खलबली मचा दी है। उन्होंने यह निर्णय स्वास्थ्य कारणों के चलते लिया है। यह देश के संवैधानिक इतिहास में पहला मौका है जब किसी कार्यरत उपराष्ट्रपति ने अपने कार्यकाल के बीच में स्वेच्छा से इस्तीफा दिया है। उनके इस कदम के बाद राजनीतिक दलों और आम जनता में आश्चर्य और चिंता दोनों दिखाई दे रहे हैं।

स्वास्थ्य कारणों से इस्तीफा, राष्ट्रपति को सौंपा पत्र
धनखड़ ने राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु को अपना इस्तीफा सौंपते हुए लिखा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के कारण वे अपने कर्तव्यों का निर्वहन पूरी क्षमता से नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने लिखा, “देश के प्रति मेरी निष्ठा और चिकित्सकीय सलाह को ध्यान में रखते हुए मैंने यह कठिन निर्णय लिया है।”
ध्यान देने योग्य बात यह है कि उनका कार्यकाल अभी दो साल से अधिक बचा हुआ था।

हालिया स्वास्थ्य घटनाएँ बनीं वजह
धनखड़ की तबीयत को लेकर पिछले कुछ महीनों से चिंताएँ बनी हुई थीं। जून 2025 में कुमाऊं विश्वविद्यालय, नैनीताल के एक समारोह में अचानक अस्वस्थ होने के बाद उन्हें राजभवन में प्राथमिक उपचार दिया गया था। जुलाई की शुरुआत में फिर सीने में दर्द की शिकायत पर उन्हें एम्स, दिल्ली में भर्ती कराया गया। चिकित्सकों ने उन्हें पूर्ण आराम की सलाह दी थी।

सामान्य जीवन से संवैधानिक शिखर तक
राजस्थान के झुंझुनू जिले के किठाना गांव में जन्मे धनखड़ ने सैनिक स्कूल और राजस्थान विश्वविद्यालय से शिक्षा प्राप्त की। वरिष्ठ अधिवक्ता के रूप में नाम कमाने के बाद उन्होंने 1989 में झुंझुनू से सांसद बनकर राजनीति में प्रवेश किया। बीजेपी में शामिल होने के बाद 2019 में वे पश्चिम बंगाल के राज्यपाल बनाए गए, जहां उनका कार्यकाल ममता बनर्जी सरकार के साथ कई बार टकरावों के लिए चर्चित रहा। 2022 में एनडीए के उम्मीदवार के तौर पर उपराष्ट्रपति निर्वाचित होकर उन्होंने मार्गरेट अल्वा को हराया।


मानसून सत्र के पहले दिन संसद में हंगामा, राहुल गांधी ने सरकार पर लगाया पक्षपात का आरोप

संसद के बाहर बोले राहुल गांधी- “प्रधानमंत्री सदन से चले गए, हमें बोलने की अनुमति नहीं मिली”

नई दिल्ली। संसद के मानसून सत्र की शुरुआत सोमवार को भारी हंगामे और विपक्ष के तीखे विरोध के साथ हुई। कांग्रेस नेता एवं लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर पक्षपात का आरोप लगाते हुए कहा कि उन्हें सदन में बोलने का मौका नहीं दिया गया।

सत्र की कार्यवाही स्थगित होने के बाद संसद भवन के बाहर मीडिया से बातचीत करते हुए राहुल गांधी ने कहा, “मैं विपक्ष का नेता हूं, मेरा काम है मुद्दे उठाना। लेकिन सरकार के मंत्री तो बोल सकते हैं, हमें बोलने की इजाजत नहीं दी जा रही। ये मेरा संवैधानिक अधिकार है, लेकिन बार-बार बाधित किया जा रहा है।”

सरकार पर “नया तरीका” अपनाने का आरोप
राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी निशाना साधते हुए कहा कि “प्रधानमंत्री सदन में मौजूद नहीं रहे। अगर सरकार की ओर से चर्चा की अनुमति दी जाती, तो हम भी अपनी बात रखते। लेकिन सरकार एक नया तरीका अपना रही है, जिसमें विपक्ष को बोलने से रोका जा रहा है।”

‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा की मांग को लेकर विपक्ष का जोरदार विरोध
लोकसभा की कार्यवाही के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ पर चर्चा की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस ऑपरेशन के तहत भारतीय सशस्त्र बलों ने हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में आतंकी हमले के जवाब में सख्त कार्रवाई की थी।

लोकसभा अध्यक्ष ने नियमों की दी दुहाई
हंगामे के बीच लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने कहा कि सदन को नियमों के अनुसार ही चलाया जाएगा। उन्होंने कहा, “प्रश्नकाल के बाद सभी को अपने मुद्दे उठाने का अवसर मिलेगा, लेकिन तख्तियां दिखाना और नारेबाजी स्वीकार्य नहीं है। अगर सदस्य विधिवत नोटिस देंगे, तो हर सांसद को पर्याप्त समय दिया जाएगा।”


INDIA गठबंधन से AAP का अलगाव, कांग्रेस का तीखा पलटवार

नई दिल्ली: आम आदमी पार्टी (AAP) ने शुक्रवार को विपक्षी दलों के INDIA गठबंधन से औपचारिक रूप से अलग होने का ऐलान कर राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। पार्टी ने स्पष्ट किया कि वह अब इस गठबंधन का हिस्सा नहीं है और कांग्रेस की भूमिका पर सीधा सवाल खड़ा किया है।

AAP दिल्ली अध्यक्ष सौरभ भारद्वाज ने बयान में कहा, “हमारा सभी विपक्षी दलों से समन्वय है, चाहे वह तृणमूल कांग्रेस हो या समाजवादी पार्टी। लेकिन हम अब कांग्रेस के नेतृत्व वाले INDIA गठबंधन का हिस्सा नहीं हैं।” उन्होंने हेमंत सोरेन और एमके स्टालिन की पार्टियों के साथ अच्छे संबंधों का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर नेतृत्व को लेकर निशाना साधा।

AAP की इस घोषणा पर कांग्रेस ने भी तीखा पलटवार किया है। कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने AAP की मंशा पर सवाल खड़े करते हुए कहा, “हमने पहले ही संदेह जताया था कि AAP की नीयत गठबंधन को लेकर स्पष्ट नहीं है। वे केवल राजनीतिक सुविधा के लिए INDIA गठबंधन में शामिल हुए थे। उनका असली मकसद सत्ता भोगना है और वे वही करते हैं जो भाजपा चाहती है।”

संदीप दीक्षित ने AAP पर ‘लक्ष्मी जी की सेवा’ करने और नैतिक राजनीति से भटकने का आरोप भी लगाया। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी विपक्ष की एकजुटता के बजाय सिर्फ व्यक्तिगत और राजनीतिक लाभ के लिए काम कर रही है।

AAP और कांग्रेस के बीच लंबे समय से चला आ रहा तनाव अब खुलकर सामने आ गया है, जिससे आगामी चुनावी समीकरणों पर भी असर पड़ सकता है।


गोचर जमीनों पर चारे की जगह उगी रंग बिरंगी बिल्डिंगे, गौमाता सड़कों पर भटकने को मजबूर……

गोधन भटकने को हुआ मजबूर,जिम्मेदार मौन..?

कूड़ा कचरे में मुंह मारकर मिटा रहा अपनी भूख

सतीश मुखिया

मथुरा: भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा और ब्रज किसी भी पहचान का मोहताज नहीं है। ब्रज की संस्कृति और भारतीय इतिहास में गायों का विशेष महत्व है। हम सभी जानते हैं कि भगवान श्री कृष्ण ने बाल रूप में बृज के 84 कोष क्षेत्र में कैसे बाल्यपन में अपनी लीलाए की। भारतीय धर्म ग्रंथो और हिंदू धर्म में भी गाय का विशेष महत्व बताया गया है और बिना गोधन के भारतीय संस्कृति की परिकल्पना करना बहुत ही मुश्किल है। जब वर्ष 1947 में देश आजाद हुआ तो गोधन के लिए सरकार के द्वारा गोचर जमीने छोड़ी गई जिससे इन जमीनों पर गोधन के लिए चारा उगाने और उनके रखरखाव के लिए इस्तेमाल किया जाना था लेकिन आज आजादी के 75 वर्ष बाद इन गोचारण ,गोचर जमीनों पर अस्तित्व का संकट मंडरा रहा है और यह अपने आप को बचाने के लिए जूझ रही है। मथुरा धार्मिक नगरी है और यहां साल भर श्रद्धालुओं व पर्यटकों का आवागमन बना रहता है।

दिल्ली के नजदीक होने और आवागमन की सुलभ सुविधा उपलब्ध होने के कारण यह क्षेत्र विकास की ओर अग्रसर है। जिस कारण श्रद्धालु भगवान श्री कृष्ण की नगरी मथुरा और ब्रज में अपना एक आशियाना बनाना चाहता है जिसका फायदा उठाया भूमि के क्रय विक्रय करने वाले बिल्डरों और भू माफियाओं ने, वर्ष 2017 में नगर पालिका से नगर निगम मथुरा वृंदावन बनने के बाद और शहरी क्षेत्र में 18 से 20 पंचायत के शामिल होने के बाद मथुरा शहर का क्षेत्रफल काफी मात्रा में बढ़ गया जिससे इसके आसपास के क्षेत्र में कच्ची कॉलोनी का विकास होने लगा। इन लोगों के द्वारा श्रद्धालुओं को जिले भर में जहां-तहां खाली पड़ी गोचर जमीन और अन्य नजूल की जमीनों को राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ मिली भगत करके खुर्द बुर्ध करना शुरू कर दिया। जबकि इन जमीनों का ना तो मूल रूप में परिवर्तन किया जा सकता है अगर करना है तो यह कार्य जिले के जिलाधिकारी द्वारा ही किया जा सकता है। जिन जमीनों पर गोधन के लिए चार उगाया जाना था उन जमीनों पर बड़ी-बड़ी बिल्डिंग, अस्पताल और विद्यालय का निर्माण हो चुका है लेकिन उत्तर प्रदेश सरकार के राजस्व विभाग में आज भी यह जमीने खसरा खतौनियों में गोचर जमीन के रूप में दर्ज हैं लेकिन वर्तमान में इनका भौतिक रूप बदल चुका है और शहर के अंदर इन जमीनों को खोजने बहुत मुश्किल काम है।

यह काम केवल भू माफियाओं द्वारा नहीं किया गया इसको संपन्न कराने में नेता नगरी और कार्यपालिका के कुछ कट्टर ईमानदार कर्मचारी अप्रत्यक्ष रूप से इसमें शामिल है जो की मिठाई रूपी सेवा लेने के उपरांत इन जमीनों को खुर्द बुर्ध करने में अपनी मुख्य भूमिका निभा रहे हैं जब कोई जागरूक नागरिक इनके गलत कार्यों की विभाग में शिकायत करता है तब यह लोग उसका फोन नंबर और नाम इन लोगों को बता देते हैं और उसके बाद उसको विभिन्न तरीकों से प्रताड़ित करवाते हैं। अब सवाल यह उठता है कि जिस गोधन के लिए इन जमीनों की व्यवस्था की गई थी वह यहां वहां गलियों में भटकते हुए कूड़ा कचरा व अपशिष्ट में अपना मुंह मारती हुई दिखाई पड़ती है और उनके बछड़े,बछिया गंदगी में से अपना भोजन प्राप्त करते हुए दिखाई पड़ते हैं, क्या यह हिंदू धर्म और संस्कृति का पतन नहीं है कि जिस गाय की हम पूजा करते है वह गोधन अपना पेट भरने के लिए यहां वहां कचरे में अपना मुंह मारती हुई घूम रही है। अभी 2 दिन पहले मथुरा को स्वच्छ भारत अभियान के तहत स्वच्छता को लेकर देश में 11वां स्थान प्राप्त हुआ है लेकिन हकीकत क्या है यह सब आप, हम और बृजवासी अच्छी तरह से जानते हैं।एक तरफ केंद्र सरकार और उत्तर प्रदेश सरकार सबका साथ, सबका विकास का वादा करते हैं लेकिन हमारे हिंदू धर्म की धुरी गोधन आज विचलित, व्यथित और भूख से तड़प रही हैं और अपना जीवन यापन करने के लिए संघर्ष कर रही है।

सरकार और धार्मिक ट्रस्टों द्वारा मथुरा वृंदावन में विभिन्न गौशालाएं संचालित की जा रही है लेकिन यह गौशालाएं किस तरह से कार्य कर रही है उसकी निगरानी की आवश्यकता है की इन गायों के लिए कार्य करने वाली गौशालाएं और धार्मिक टेस्ट दिनों दिन तरक्की कर रहे हैं लेकिन गए आज भी सड़कों पर भटकती हुई दिखाई पड़ती है।उनके लिए केंद्र सरकार द्वारा व्यवस्था की गई गोचर जमीनों पर हरे भरे चारे की जगह बड़ी-ऊंची रंग बिरंगी बिल्डिंग उग चुकी है, क्या शासन प्रशासन को यह दिखाई नहीं देता या जानबूझकर अपनी आंखों पर पट्टी बांधे हुए हैं। देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सावन के महीने में शिव भक्तों का वर्णन के लिए विशेष व्यवस्थाएं कर रहे हैं क्या वह इन गोचर जमीनों पर हुए कब्जे को इन भू माफिया से मुक्त कराएंगे या वह भी सिस्टम के आगे आत्म समर्पण कर देंगे।


जयराम रमेश का केंद्र सरकार पर तीखा हमला, कहा- पीएम मोदी ट्रंप के दावे पर चुप क्यों?

ट्रंप के दावे पर मचा बवाल, कांग्रेस ने  पीएम मोदी से माँगा जवाब

नई दिल्ली। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक हालिया बयान ने भारतीय राजनीति में हलचल मचा दी है। ट्रंप ने दावा किया कि उनके हस्तक्षेप के चलते ही भारत और पाकिस्तान के बीच संघर्षविराम संभव हो सका। इसके जवाब में कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि पीएम मोदी ने व्यापारिक हितों के लिए देश के सम्मान से समझौता किया है।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले ट्रंप का यह बयान कई सवाल खड़े करता है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा, “यह 24वीं बार है जब ट्रंप यह कह रहे हैं कि उन्होंने भारत-पाक युद्ध रोका और मोदी सरकार अब भी चुप है।”

कांग्रेस ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर एक पोस्ट में लिखा, “ट्रंप कह रहे हैं कि भारत-पाक के बीच लड़ाई में पांच जेट मार गिराए गए। उन्होंने दावा किया कि उन्होंने व्यापार समझौता रोकने की धमकी दी, तभी दोनों देश युद्धविराम पर राजी हुए। मगर प्रधानमंत्री मोदी की चुप्पी यह सवाल उठाती है कि क्या भारत ने वाकई व्यापार के बदले राष्ट्रीय स्वाभिमान को गिरवी रख दिया?”

जयराम रमेश ने कहा, “राष्ट्रपति ट्रंप लगातार दो बातें दोहरा रहे हैं — पहला कि उन्होंने युद्ध रुकवाया और दूसरा कि व्यापार सौदे के बिना भारत-पाक को पीछे हटना पड़ा। अब यह संसद और देश का अधिकार है कि पीएम मोदी स्पष्ट करें कि ट्रंप के दावों में कितनी सच्चाई है।”

ट्रंप ने क्या कहा?

एक रैली में ट्रंप ने दावा किया, “हमने कई बड़े युद्ध रोके। भारत और पाकिस्तान के बीच तो हालात बहुत खराब हो रहे थे। मुझे लगता है वहां पांच फाइटर जेट भी मार गिराए गए थे। ये दोनों परमाणु संपन्न देश हैं, जो एक-दूसरे पर हमले कर रहे थे। हम चाहते थे कि यह युद्ध रुके और इसके लिए हमने व्यापारिक दबाव का इस्तेमाल किया।”

ट्रंप ने इसके साथ ही BRICS जैसे संगठनों पर भी निशाना साधा और धमकी दी कि इन देशों से आयात पर वह 10% टैरिफ लगाने पर विचार कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह समूह चाहे जो भी करे, वह ज्यादा समय तक नहीं टिक पाएगा।


देहरादून में ‘अन्वेषा 2.0’ क्विज प्रतियोगिता का भव्य आयोजन

देहरादून—राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (NSO), क्षेत्र संकार्य प्रभाग, क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून द्वारा “राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण की 75वीं वर्षगांठ” के उपलक्ष्य में देहरादून स्थित The Institute of Engineers (India) के ऑडिटोरियम में एक राष्ट्रव्यापी क्विज प्रतियोगिता “ANVESHA 2.0 – Nationwide Quiz Contest on Official Statistics” का आयोजन किया गया।

कार्यक्रम का शुभारंभ उप महानिदेशक केदार नाथ वर्मा ने प्रतिभागियों और अतिथियों का स्वागत कर NSO की भूमिका और कार्य प्रणाली पर प्रकाश डालते हुए किया। उन्होंने राष्ट्रीय प्रतिदर्श सर्वेक्षण की 75वीं वर्षगांठ की बधाई दी।

विशिष्ट अतिथि श्रीमती सुनीता भास्कर, अपर महानिदेशक (मुख्यालय, नई दिल्ली) ने देश के विकास में सांख्यिकी आंकड़ों की भूमिका, उपयोगिता और NSO द्वारा संचालित सर्वेक्षणों की विस्तृत जानकारी दी। अन्य विशिष्ट अतिथियों में सुशील कुमार (निदेशक, अर्थ एवं संख्या निदेशालय, देहरादून), एन.के. यादव (चेयरमैन, IEI देहरादून), और रोशन कुमार (उप महानिदेशक, NSO, मुख्यालय) ने भी सांख्यिकी और डेटा विश्लेषण के महत्व पर अपने विचार साझा किए।

मुख्य अतिथि प्रो. ओंकार सिंह, कुलपति, वीर माधो सिंह भंडारी उत्तराखण्ड तकनीकी विश्वविद्यालय ने अपने संबोधन में कहा कि “नीति निर्धारण और देश के सतत विकास के लिए सटीक आंकड़ों का होना अत्यंत आवश्यक है। ऐसी प्रतियोगिताएं छात्रों में सांख्यिकी जागरूकता को बढ़ावा देती हैं।”

इसके पश्चात अपर महानिदेशक सुनीता भास्कर द्वारा क्विज प्रतियोगिता की औपचारिक शुरुआत बजर बजाकर की गई।

प्रतियोगिता के नतीजे:

32 विश्वविद्यालयों/कॉलेजों की 64 प्रतिभागियों वाली 32 टीमों ने भाग लिया।

  • प्रथम पुरस्कार:  सौरभ केन्तूरा एवं रूपेश यादव (स्वामी राम हिमालयन विश्वविद्यालय) — ₹10,000 नकद व स्मृति चिन्ह

  • द्वितीय पुरस्कार: कुमारी वृदा भाटिया एवं ओंस खण्डूरी (ग्राफिक एरा डीम्ड यूनिवर्सिटी) — ₹6,000 नकद व स्मृति चिन्ह

  • तृतीय पुरस्कार: साहिल चौहान एवं मनीष झा — ₹4,000 नकद व स्मृति चिन्ह

कार्यक्रम के अंत में उप निदेशक नीतेश कुमार मिश्रा ने सभी विजेताओं, प्रतिभागियों और उपस्थित अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम की सफलता पर प्रसन्नता जताई।

कार्यक्रम में राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय, क्षेत्र संकार्य प्रभाग क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून के सभी अधिकारी तथा कर्मचारी गण सक्रिय रूप से उपस्थित रहे।


अनुराग ढांडा ने नीतीश सरकार पर साधा निशाना, कहा– 20 साल की सत्ता के बाद भी बिहार विकास से कोसों दूर

125 यूनिट मुफ्त बिजली की घोषणा पर AAP का वार

AAP नेता अनुराग ढांडा बोले — पार्टी की एंट्री से बदली राज्य की राजनीति की दिशा

नई दिल्ली। बिहार में आम आदमी पार्टी की सक्रियता के बीच मुख्यमंत्री नीतीश कुमार द्वारा पहली बार 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा को लेकर सियासी बयानबाजी तेज हो गई है। आम आदमी पार्टी के वरिष्ठ नेता और राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी अनुराग ढांडा ने इस फैसले को ‘केजरीवाल मॉडल’ की लोकप्रियता का असर बताया है। उन्होंने कहा कि बिहार में अब चुनाव बुनियादी मुद्दों पर लड़ा जाएगा।

आम आदमी पार्टी के नेता अनुराग ढांडा ने कहा कि जैसे ही पार्टी ने बिहार विधानसभा चुनाव लड़ने की घोषणा की, पूरे प्रदेश में कार्यकर्ताओं ने जनसंपर्क अभियान चलाकर जनता की बुनियादी जरूरतों को प्रमुखता से उठाया। इसके बाद ही मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने राज्य के 1.67 करोड़ उपभोक्ताओं को 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली देने की घोषणा की। ढांडा का दावा है कि यह बदलाव आम आदमी पार्टी के बढ़ते जनाधार और असर का नतीजा है।

उन्होंने कहा कि अरविंद केजरीवाल ने देश की राजनीति को नई दिशा दी है, जहां मुफ्त बिजली, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं जनता की प्राथमिकता बन गई हैं। अब बिहार में भी केजरीवाल मॉडल की झलक दिखने लगी है।

नीतीश सरकार पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि 20 वर्षों के शासन के बावजूद बिहार की कानून-व्यवस्था दयनीय है और राज्य आज भी विकास की दौड़ में पिछड़ा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सीएम नीतीश पूरी तरह भाजपा के नियंत्रण में हैं और ‘सुशासन बाबू’ की छवि अब कमजोर पड़ चुकी है।

ढांडा ने कहा कि बिहार में आम आदमी पार्टी जनता के मूलभूत अधिकारों को चुनावी मुद्दा बनाएगी और एक मजबूत विकल्प के रूप में सामने आएगी। पार्टी शिक्षा, स्वास्थ्य और बिजली जैसे मुद्दों पर चुनाव लड़ेगी और ‘केजरीवाल मॉडल’ को जन-जन तक पहुंचाएगी।


देशभर में स्वच्छता की मिसाल बना इंदौर, लगातार आठवीं बार मिली नंबर-1 रैंकिंग

4500 से अधिक शहरों के बीच हुए सर्वेक्षण में इंदौर का प्रदर्शन रहा शानदार

नई दिल्ली। केंद्र सरकार द्वारा आयोजित स्वच्छता सर्वेक्षण 2024-25 के नतीजों में इंदौर ने एक बार फिर इतिहास रच दिया है। इस बार भी इंदौर को देश का सबसे स्वच्छ शहर घोषित किया गया, जो कि लगातार आठवीं बार इस खिताब पर कब्जा जमाने वाला पहला शहर बन गया है। गुजरात का सूरत दूसरे स्थान पर रहा। इस उपलब्धि ने इंदौर को सुपर लीग श्रेणी में भी शीर्ष पर पहुंचा दिया है।

सुपर लीग में 23 शहरों की टक्कर, इंदौर फिर सबसे आगे
स्वच्छ सर्वेक्षण की सुपर लीग में उन 23 शहरों को शामिल किया गया था, जो पिछले वर्षों में पहले, दूसरे या तीसरे स्थान पर रह चुके हैं। इंदौर ने इस श्रेणी में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन करते हुए स्वच्छता की कसौटी पर बाकी सभी शहरों को पीछे छोड़ दिया।

राष्ट्रपति ने विजेताओं को किया सम्मानित
गुरुवार को नई दिल्ली स्थित विज्ञान भवन में आयोजित सम्मान समारोह में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने स्वच्छता पुरस्कार प्रदान किए। कार्यक्रम की अध्यक्षता केंद्रीय आवास एवं शहरी मामलों के मंत्री मनोहर लाल ने की। इस अवसर पर कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

4,500 से अधिक शहरों की हुई परख
सरकार द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, इस बार के स्वच्छ सर्वेक्षण में देशभर के 4,500 से अधिक शहरों का मूल्यांकन किया गया। स्वच्छता, ठोस अपशिष्ट प्रबंधन, नागरिक भागीदारी और सेवा वितरण जैसे 10 प्रमुख मापदंडों और 54 सूचकों के आधार पर यह सर्वे किया गया। यह सर्वेक्षण न केवल सफाई की स्थिति को दर्शाता है, बल्कि शहरी जीवन की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए नागरिकों की सक्रिय भूमिका को भी उजागर करता है।


ड्रोन हमलों में क्रांतिकारी बदलाव, भारत को चाहिए अपना काउंटर-यूएएस सिस्टम- सीडीएस अनिल चौहान

मानेकशॉ सेंटर में रक्षा स्वदेशीकरण पर खास प्रदर्शनी

नई दिल्ली। सीडीएस जनरल अनिल चौहान ने बुधवार को स्पष्ट किया कि 10 मई को ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के दौरान पाकिस्तान की ओर से ड्रोन और हथियारबंद तकनीकों का प्रयोग किया गया, लेकिन भारतीय सुरक्षा बलों की तत्परता के चलते कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। इस ऑपरेशन ने ड्रोन हमलों से निपटने में स्वदेशी तकनीकों की अहमियत को रेखांकित किया।

चीफ ऑफ डिफेंस स्टाफ (सीडीएस) जनरल अनिल चौहान ने मानेकशॉ सेंटर में आयोजित एक वर्कशॉप और प्रदर्शनी के दौरान कहा कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ ने यह साबित कर दिया है कि भारत को अपनी सुरक्षा के लिए विदेशी तकनीक पर निर्भर रहने की बजाय स्वदेशी समाधान विकसित करने होंगे। उन्होंने बताया कि 10 मई को हुए इस ऑपरेशन में पाकिस्तान ने निहत्थे ड्रोन और गोला-बारूद का इस्तेमाल किया, लेकिन इनमें से ज्यादातर को भारतीय सुरक्षा बलों ने सफलतापूर्वक निष्क्रिय कर दिया। कुछ ड्रोन सही हालत में जब्त भी किए गए।

जनरल चौहान ने कहा, “इस तरह के हमले दिखाते हैं कि अब समय आ गया है कि हम काउंटर-यूएएस (Counter-UAS) तकनीकों को अपने दम पर विकसित करें। यह हमारी सुरक्षा नीति का हिस्सा होना चाहिए।”

ड्रोन की भूमिका पर उन्होंने कहा कि युद्ध के परिदृश्य में ड्रोन अब एक क्रांतिकारी उपकरण बन चुके हैं। उन्होंने कहा, “ड्रोन का विकास तकनीकी रूप से भले ही क्रमिक हो, लेकिन युद्धक्षेत्र में इनका इस्तेमाल बेहद क्रांतिकारी रहा है। हमारी सेनाएं अब तेजी से इन्हें रणनीतिक अभियानों में शामिल कर रही हैं।”

प्रदर्शनी का उद्देश्य:
मानेकशॉ सेंटर में आयोजित यह प्रदर्शनी और वर्कशॉप इंटीग्रेटेड डिफेंस स्टाफ मुख्यालय और सेंटर फॉर जॉइंट वॉरफेयर स्टडीज (CENJOWS) के संयुक्त प्रयास से आयोजित की गई। इसका मकसद रक्षा क्षेत्र में आयातित तकनीकों की जगह स्वदेशी विकल्पों को बढ़ावा देना है।

इस पहल से न सिर्फ भारत की रणनीतिक आत्मनिर्भरता बढ़ेगी, बल्कि घरेलू रक्षा उद्योगों को अनुसंधान और निर्माण में नई ऊर्जा भी मिलेगी। यह कदम ‘मेक इन इंडिया’ और ‘आत्मनिर्भर भारत’ अभियानों को भी मजबूती प्रदान करेगा।


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