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दिल्ली से ऑपरेट हो रहा था बहुस्तरीय धर्मांतरण गिरोह, सात राज्यों की युवतियाँ फँसी जाल में

Category Archives: दिल्ली

दिल्ली से ऑपरेट हो रहा था बहुस्तरीय धर्मांतरण गिरोह, सात राज्यों की युवतियाँ फँसी जाल में

बरेली : देशभर में अवैध धर्मांतरण के एक संगठित गिरोह का पर्दाफाश हुआ है, जिसने दिल्ली से लेकर झारखंड, उत्तराखंड, महाराष्ट्र, राजस्थान और उत्तर प्रदेश तक अपना जाल फैला रखा था। दिल्ली निवासी अब्दुल रहमान उर्फ महेंद्र पाल इस पूरे नेटवर्क का मास्टरमाइंड निकला है, जिसने सात राज्यों की दर्जनों युवतियों का ब्रेनवॉश कर उनका धर्मांतरण कराया।

पुलिस की पड़ताल में सामने आया कि धर्मांतरण के बाद कुछ युवतियों को गिरोह का हिस्सा बना दिया गया, जो देश के अलग-अलग कॉलेजों में पढ़ने वाली छात्राओं को इस्लाम अपनाने के लिए प्रेरित करती थीं। गिरोह के तरीकों और संपर्क स्रोतों को लेकर जांच जारी है।

10 गिरफ्तार, दिल्ली में था मुख्य अड्डा

इस गिरोह की गिरफ्त में आईं सदर क्षेत्र की दो बहनों के अपहरण मामले की जांच से इस पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। पुलिस ने अब तक कोलकाता और अन्य राज्यों से 10 लोगों को गिरफ्तार किया है, जिनमें गोवा निवासी एसबी कृष्णा उर्फ आयशा की गिरफ्तारी के बाद दिल्ली के ओल्ड मुस्तफाबाद निवासी अब्दुल रहमान का नाम सामने आया।

इसके बाद पुलिस ने रहमान को गिरफ्तार किया और फिर उसके बेटे अब्दुल्ला, अब्दुल रहीम और चेले जुनैद कुरैशी को भी दबोच लिया। तीनों को बुधवार को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

धर्मांतरण के बाद निकाह, फिर नेटवर्क में शामिल

पुलिस आयुक्त दीपक कुमार ने बताया कि अब्दुल रहमान ने कई युवतियों को पहले मानसिक रूप से प्रभावित कर दिल्ली बुलाया, फिर हॉस्टल में ठहराया जाता था। इसके बाद अपने घर बुलाकर इस्लाम की शिक्षा दी जाती थी, कलमा पढ़वाया जाता था, और अंततः निकाह करा दिया जाता था।

उत्तराखंड की दो युवतियों ने तो अब गिरोह के लिए ही काम करना शुरू कर दिया है। ये युवतियाँ कॉलेज में पढ़ने वाली अन्य युवतियों को इस्लाम के बारे में बताती हैं और जो तैयार होती हैं, उन्हें गिरोह के अन्य सदस्य संपर्क कर दिल्ली बुला लेते हैं।

मौलाना कलीम सिद्दीकी का शागिर्द निकला रहमान

अब्दुल रहमान पर जेल में उम्रकैद की सजा काट रहे मौलाना कलीम सिद्दीकी के लिए काम करने का आरोप है। कलीम के जेल जाने के बाद गिरोह की पूरी कमान रहमान ने संभाल ली थी। पुलिस का कहना है कि उसके मोबाइल फोन से कई युवतियों की जानकारियाँ और संपर्क नंबर मिले हैं।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि धर्मांतरण गतिविधियों के लिए फंडिंग अलग-अलग स्रोतों से की जाती थी। रहमान के बेटे जूतों का व्यापार दिखाकर इस अवैध काम को छुपाते थे। घर में आने वाली हर युवती का धर्मांतरण कराया जाता था।

पुलिस जुटा रही अन्य राज्यों से जानकारी

पुलिस की टीमों ने महाराष्ट्र, राजस्थान, उत्तराखंड, झारखंड, मध्य प्रदेश और दिल्ली सहित यूपी के बरेली, अलीगढ़, रायबरेली और गाजियाबाद की युवतियों और उनके परिवारों से संपर्क करना शुरू कर दिया है। अन्य मामलों में जल्द खुलासे की संभावना है।


धर्मांतरण गिरोह का भंडाफोड़: देहरादून का रूपेंद्र बना अबू रहमान, कश्मीर कनेक्शन की भी पुष्टि

देहरादून: उत्तर भारत में धर्मांतरण गिरोह की जड़ें कितनी गहरी हैं, इसका खुलासा आगरा पुलिस की कार्रवाई के बाद सामने आया है। गिरोह के 10 सदस्यों की गिरफ्तारी के बाद कई हैरान कर देने वाली जानकारियां उजागर हुई हैं। इनमें छह ऐसे लोग हैं जो मूलतः हिंदू धर्म से थे, लेकिन धर्म बदलकर अब मुस्लिम पहचान में जी रहे हैं।

धर्म बदलकर बने ‘अबू रहमान’, ‘मुस्तफा’ और ‘इब्राहिम’

गिरफ्तार किए गए लोगों में शामिल उत्तराखंड के देहरादून निवासी रूपेंद्र सिंह बघेल अब अबू रहमान बन चुका है। इसी तरह दिल्ली का मनोज अब मुस्तफा, कोलकाता का ऋतिक मोहम्मद इब्राहिम, जयपुर का पियूष अली, और आगरा की दो बहनें सोया व अमीना बन चुकी हैं।

पुलिस कमिश्नर दीपक कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि यह गिरोह केवल युवतियों को नहीं, पुरुषों को भी निशाना बना रहा है। खासकर वे लोग जो बेरोजगारी, पारिवारिक कलह या सामाजिक तिरस्कार से जूझ रहे हैं — इन्हें निशाना बना कर ब्रेनवाश किया जाता है।

“तुम्हारा भगवान कहाँ है?” — ब्रेनवॉश का तरीका

गिरोह के सदस्य हिंदू युवाओं को यह कहते हैं कि “अगर तुम्हारा भगवान होता तो तुम्हारी मदद जरूर करता।” इसके विपरीत, इस्लाम धर्म में मदद के लिए खुदा अपने बंदे भेजता है। इस तर्क के जरिए उन्हें मानसिक रूप से प्रभावित किया जाता है।

इनमें से कई युवाओं को कश्मीर भेजकर मुजाहिद बनने की ट्रेनिंग देने की योजना थी। गिरफ्तार दो बहनों ने पुलिस को बताया कि धर्मांतरण गिरोह का एक मजबूत कश्मीरी नेटवर्क भी सक्रिय है।

कश्मीरी छात्र-छात्राएं बनते हैं ‘ब्रेनवॉशिंग’ का औजार

धर्मांतरण गिरोह के सरगना अब्दुल रहमान का मुख्य हथियार है कश्मीर से आए युवा छात्र-छात्राएं। पुलिस सूत्रों के अनुसार ये लोग कॉलेजों में पढ़ाई के दौरान जानबूझकर नमाज अदा करते हैं, बहस छेड़ते हैं, जातिवाद, वर्णव्यवस्था और हिंदू धर्म की सामाजिक कुरीतियों पर सवाल उठाते हैं। धीरे-धीरे युवाओं को फुसलाकर धर्म परिवर्तन की दिशा में धकेला जाता है।

“रिवर्ट” कोड: पहचान बदलने का नया तरीका

एक अन्य अहम खुलासा यह हुआ कि धर्मांतरण करने वालों को सोशल मीडिया पर “रिवर्ट” टैग दिया जाता है, जिसका अर्थ होता है — “वापस लौटना” (Return to Islam)। इसका इस्तेमाल यह जताने के लिए किया जाता है कि उन्होंने ‘असली धर्म’ को फिर से स्वीकार किया है।

उत्तराखंड में भी गहराई तक फैला नेटवर्क

गिरफ्तार लोगों की पूछताछ में यह बात सामने आई है कि उत्तराखंड, विशेष रूप से देहरादून, हरिद्वार और ऊधमसिंहनगर में गिरोह की सक्रियता है। पिछले कुछ वर्षों में हजारों लोग, विशेषकर युवतियां, गायब बताई जा रही हैं, जिनमें से कई मामलों का धर्मांतरण से संबंध हो सकता है।

पुलिस की सख्त कार्रवाई जारी, बड़े खुलासे अभी बाकी

पुलिस का कहना है कि इस मामले में और भी बड़ी साजिश सामने आ सकती है। एसआईटी की जांच जारी है और गिरोह के आर्थिक स्रोत, प्रशिक्षण कैंप्स और वैचारिक नेटवर्क पर गहराई से जांच की जा रही है।


‘ओबीसी नेतृत्व भागीदारी न्याय सम्मेलन’ में गरजे खरगे, बोले– झूठ की राजनीति कर रही मोदी सरकार

“RSS और BJP समाज में जहर घोल रहे हैं”: कांग्रेस अध्यक्ष का आरोप

नई दिल्ली। कांग्रेस पार्टी ने शुक्रवार को दिल्ली के तालकटोरा स्टेडियम में ‘ओबीसी नेतृत्व भागीदारी न्याय सम्मेलन’ का आयोजन किया। इस मौके पर कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने पार्टी की सामाजिक न्याय नीति को आगे बढ़ाते हुए केंद्र सरकार पर तीखे हमले किए। उन्होंने ओबीसी, दलित और वंचित वर्गों के अधिकारों की पैरवी करते हुए राहुल गांधी की भूमिका को प्रमुखता से रेखांकित किया।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए खरगे ने कहा कि राहुल गांधी हमेशा पिछड़े और वंचित समुदायों के हक की लड़ाई में सबसे आगे रहे हैं। उन्होंने यह भी दावा किया कि यदि लोकसभा चुनाव में कांग्रेस को 30 सीटें और मिल जातीं, तो केंद्र में आज उनकी सरकार होती।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए खरगे ने कहा कि “प्रधानमंत्री बार-बार झूठे वादे करते हैं—चाहे वह युवाओं को नौकरी देने की बात हो, काला धन वापस लाने का दावा हो या फिर किसानों को एमएसपी की गारंटी।” उन्होंने कहा कि “जो नेता जनता से झूठ बोलता है, वह देश का भला नहीं कर सकता।”

अपने भाषण में खरगे ने भाजपा और आरएसएस की विचारधारा पर भी तीखी टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि “ये ताकतें समाज को बांटने का काम कर रही हैं और इनके जहर से बचना जरूरी है।” उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे एकजुट होकर इन ‘विभाजनकारी ताकतों’ का विरोध करें।

खरगे ने ओबीसी वर्ग के अधिकारों की बात करते हुए जातिगत जनगणना की मांग को भी दोहराया और कहा कि इस दिशा में राहुल गांधी ने सबसे पहले आवाज उठाई। “राहुल गांधी न सिर्फ समर्थन करते हैं, बल्कि हर मोर्चे पर पिछड़े वर्ग के साथ खड़े रहते हैं,”।


भाजपा ने विपक्ष पर कसा तंज—’जो लोकतंत्र लिख नहीं सकते, वे सिखाने चले हैं’

‘लोकतंत्र’ की गलत वर्तनी पर गरमाई सियासत 

नई दिल्ली। संसद परिसर में विपक्ष के विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘लोकतंत्र’ शब्द की गलत वर्तनी को लेकर सियासी तकरार तेज हो गई है। भाजपा ने इस गलती पर विपक्षी दलों को घेरते हुए कहा कि जिन्हें ‘लोकतंत्र’ लिखना नहीं आता, वे उसे बचाने की बातें कर रहे हैं।

गुरुवार को संसद भवन परिसर में विपक्षी दलों के विरोध प्रदर्शन के दौरान ‘लोकतंत्र’ की हिंदी में गलत वर्तनी वाले बैनर को लेकर भाजपा ने कांग्रेस समेत समूचे इंडिया गठबंधन पर तीखा हमला बोला। भाजपा ने तंज कसते हुए कहा कि जिन्हें यह शब्द तक सही से लिखना नहीं आता, वे लोकतंत्र का पाठ पढ़ाने की कोशिश कर रहे हैं।

यह प्रदर्शन कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा समेत विपक्षी दलों के कई नेताओं द्वारा किया गया था। प्रदर्शन का उद्देश्य बिहार में चल रहे विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान के खिलाफ विरोध जताना था, जिसे विपक्ष मताधिकार छीनने की कोशिश बता रहा है।

प्रदर्शन के दौरान विपक्षी नेता संसद के मकर द्वार की सीढ़ियों पर कतार में खड़े होकर ‘लोकतंत्र बचाओ’ और ‘वोटबंदी बंद करो’ जैसे नारे लगा रहे थे, लेकिन उनके हाथ में जो बैनर था, उसमें ‘लोकतंत्र’ की वर्तनी गलत लिखी गई थी।

भाजपा आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने ‘एक्स’ पर उस तस्वीर को पोस्ट करते हुए कटाक्ष किया, “यह लोकतंत्र है?” और तंज कसा कि जिन्हें लिखना नहीं आता, वे लोकतंत्र सिखा रहे हैं।

भाजपा प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा, “कांग्रेस न तो लोकतंत्र लिख सकती है और न ही उसे बचा सकती है। उन्हें बस परिवारवाद और आपातकाल में विश्वास है।”

इस बीच, विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ संसद के भीतर और बाहर एसआईआर के खिलाफ आक्रामक नजर आ रहा है। उनका आरोप है कि चुनाव आयोग बिहार विधानसभा चुनाव से पहले मतदाता सूची में छेड़छाड़ कर रहा है, जिससे कुछ वर्गों को मताधिकार से वंचित किया जा सके।


ग्रेटर नोएडा में युवक ने की आत्महत्या, पेड़ से लटका मिला शव

मुरैना का रहने वाला 25 वर्षीय अजय घरेलू तनाव से था परेशान

दिल्ली- बुधवार को ग्रेटर नोएडा के नॉलेज पार्क थाना क्षेत्र स्थित एक निजी कॉलेज के पास बने पार्क में एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला। मृतक की पहचान अजय (25) के रूप में हुई है, जो मध्य प्रदेश के मुरैना का निवासी था और वर्तमान में तुगलपुर क्षेत्र में रह रहा था।

प्रारंभिक जांच में यह संकेत मिला है कि अजय ने संभवतः पारिवारिक तनाव के चलते आत्मघाती कदम उठाया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और फील्ड यूनिट की सहायता से शव को नीचे उतार कर पंचनामा भरते हुए पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया।

पुलिस ने मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया है और पूरे मामले की गहराई से जांच की जा रही है। अजय कुछ समय से निजी काम के सिलसिले में ग्रेटर नोएडा में रह रहा था। परिवार से बातचीत कर आत्महत्या के पीछे की वजह जानने का प्रयास किया जा रहा है।


कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर साधा निशाना, कहा- देश को ‘फ्री ट्रेड’ नहीं बल्कि ‘फ्यूजिटिव ट्रांसफर एग्रीमेंट’ चाहिए 

जयराम रमेश बोले – भगोड़े विजय माल्या, नीरव मोदी और ललित मोदी अब भी हैं विदेश में

नई दिल्ली। भारत और ब्रिटेन के बीच ऐतिहासिक फ्री ट्रेड एग्रीमेंट (FTA) पर हस्ताक्षर से पहले ही राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। कांग्रेस ने इस समझौते को लेकर केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि देश को ‘फ्री ट्रेड’ नहीं बल्कि ‘फ्यूजिटिव ट्रांसफर एग्रीमेंट’ की ज़रूरत है, ताकि देश के आर्थिक अपराधी जैसे विजय माल्या, नीरव मोदी और ललित मोदी वापस लाए जा सकें। इसके साथ ही पार्टी ने FTA के संभावित आर्थिक प्रभावों पर भी सवाल उठाए हैं।

कांग्रेस संचार प्रमुख जयराम रमेश ने सोशल मीडिया पर टिप्पणी करते हुए केंद्र की विदेश नीति और भगोड़ों की वापसी की धीमी प्रक्रिया पर सवाल उठाए। उन्होंने लिखा, “आज लंदन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की मौजूदगी में भारत-ब्रिटेन के बीच FTA पर हस्ताक्षर होंगे, लेकिन भारत को असल में चाहिए ‘फ्यूजिटिव ट्रांसफर एग्रीमेंट’।” उन्होंने कटाक्ष किया कि “मोदी मॉडल के तीन प्रमुख भगोड़े — विजय माल्या, नीरव मोदी और ललित मोदी — अब भी घर वापसी की राह देख रहे हैं।”

घरेलू उद्योगों पर असर को लेकर चिंता
FTA से पहले कांग्रेस ने इस समझौते की पारदर्शिता और संभावित असर को लेकर सवाल खड़े किए। पार्टी का दावा है कि यह समझौता भारत के सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (MSMEs) को नुकसान पहुंचा सकता है। उन्होंने सरकार से यह स्पष्ट करने की मांग की है कि किन क्षेत्रों में व्यापारिक छूट दी गई है और इससे असल लाभ किसे होगा।

व्यापार समझौते की प्रमुख बातें
यह व्यापार समझौता ब्रेग्जिट के बाद ब्रिटेन के लिए रणनीतिक रूप से बेहद अहम माना जा रहा है। समझौते के तहत भारत के लगभग 99% निर्यात उत्पादों पर ब्रिटेन में टैरिफ समाप्त किया जाएगा। इसके बदले ब्रिटेन को व्हिस्की, कार और लक्जरी उत्पादों के लिए भारतीय बाज़ार में अधिक पहुंच मिलेगी। यह समझौता दोनों देशों के व्यापारिक संबंधों को नई दिशा देने वाला माना जा रहा है।

‘यूके-इंडिया विजन 2035’ की शुरुआत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ब्रिटेन के प्रधानमंत्री कीर स्टारमर की मौजूदगी में ‘यूके-इंडिया विजन 2035’ भी लॉन्च किया जाएगा। इस पहल के जरिए दोनों देशों के बीच रणनीतिक, आर्थिक और तकनीकी सहयोग को अगले दशक तक विस्तार देने की योजना है।

तीन वर्षों की लंबी वार्ता का परिणाम
इस FTA के मसौदे को अंतिम रूप देने में दोनों देशों के बीच तीन साल से अधिक वक्त की बातचीत लगी। समझौते के तहत भारत को ब्रिटिश बाजार में व्यापक पहुंच मिलेगी और 99% से अधिक टैक्स श्रेणियों में टैरिफ छूट मिलने की उम्मीद है, जिससे द्विपक्षीय व्यापार नई ऊंचाइयों को छू सकेगा।


अलकायदा नेटवर्क से जुड़े चार संदिग्ध युवक गिरफ्तार, नोएडा, दिल्ली और गुजरात से पकड़े गए

उत्तर प्रदेश –   देश की सुरक्षा एजेंसियों को आतंक के खिलाफ बड़ी सफलता हाथ लगी है। गुजरात एटीएस ने बीती रात नोएडा, दिल्ली और गुजरात में एक साथ ऑपरेशन चलाकर अलकायदा इन इंडियन सबकॉन्टिनेंट  से कथित रूप से जुड़े चार संदिग्धों को गिरफ्तार किया है।

गिरफ्तार युवकों की पहचान इस प्रकार हुई है:

  • मोहम्मद फैक, दिल्ली निवासी

  • मोहम्मद फरदीन, अहमदाबाद निवासी

  • सेफुल्ला कुरेशी, मोडासा (गुजरात) निवासी

  • जीशान अली, जो फिलहाल नोएडा में रह रहा था, लेकिन मूल रूप से मेरठ से जुड़ा माना जा रहा है

सूत्रों के मुताबिक, इन संदिग्धों की सोशल मीडिया गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। देश विरोधी कंटेंट और संदिग्ध ऑनलाइन संपर्कों के चलते इनकी गतिविधियों की निगरानी की जा रही थी। तकनीकी निगरानी और फील्ड इनपुट के आधार पर गुजरात एटीएस ने अलग-अलग लोकेशन से इन्हें हिरासत में लिया।

अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान कुछ अंतरराष्ट्रीय लिंक और संभावित आतंकी साजिशों के सुराग भी सामने आए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इनके संपर्कों और नेटवर्क को खंगाल रही हैं।

एटीएस डीआईजी सुनील जोशी ने पुष्टि की है कि गिरफ्तार आरोपियों का संबंध AQIS से है और इस विषय में विस्तृत जानकारी जल्द प्रेस कॉन्फ्रेंस के माध्यम से साझा की जाएगी।


भारत और इंग्लैंड के बीच टेस्ट सीरीज का चौथा मुकाबला आज से, जानिए मैच से जुडी सारी जानकारी 

नई दिल्ली। भारत और इंग्लैंड के बीच पांच मैचों की रोमांचक टेस्ट सीरीज अब निर्णायक मोड़ पर आ पहुंची है। सीरीज में 1-2 से पिछड़ रही टीम इंडिया को अब हर हाल में चौथा टेस्ट जीतना होगा, जो बुधवार से शुरू हो रहा है। लेकिन भारत की राह आसान नहीं है — प्रमुख खिलाड़ी चोट से जूझ रहे हैं और प्लेइंग इलेवन को लेकर असमंजस बना हुआ है।

चोटों से जूझती टीम इंडिया के लिए बड़ी चुनौती

भारतीय टीम फिलहाल चोट की मार से परेशान है। अर्शदीप सिंह चौथे टेस्ट से बाहर हो चुके हैं, जबकि आकाश दीप, ऋषभ पंत और नीतीश रेड्डी की फिटनेस पर सवाल बने हुए हैं। नीतीश रेड्डी तो पूरी सीरीज से बाहर हो चुके हैं। ऐसे में टीम को संतुलन बनाए रखना बड़ी चुनौती होगी।

जीत के बिना सीरीज खतरे में

भारत ने दूसरा टेस्ट जीतकर सीरीज को बराबरी पर लाया था, लेकिन तीसरे टेस्ट में मामूली लक्ष्य चूक जाने के चलते टीम पिछड़ गई। अब चौथे टेस्ट को जीतना भारत के लिए ‘करो या मरो’ जैसा बन गया है। इस मैच में हार सीरीज गंवाने का रास्ता खोल सकती है।

पंत की वापसी की उम्मीदें जगीं

प्रशंसकों के लिए राहत की खबर यह है कि ऋषभ पंत ने अभ्यास सत्र में पूरी तरह फिट नजर आए और उम्मीद है कि वह बतौर विकेटकीपर-बल्लेबाज उतर सकते हैं। हालांकि, अगर वह केवल बल्लेबाजी करते हैं, तो ध्रुव जुरेल को विकेटकीपिंग की जिम्मेदारी सौंपी जा सकती है। आकाश दीप की स्थिति अभी भी स्पष्ट नहीं है, क्योंकि अभ्यास के दौरान वह असहज दिखे और फिजियो ने उन्हें गेंदबाजी से रोका।

डेब्यू की ओर कंबोज या मौका मिलेगा प्रसिद्ध को?

अगर आकाश दीप बाहर होते हैं, तो तेज गेंदबाज अंशुल कंबोज और प्रसिद्ध कृष्णा में से किसी एक को मौका मिल सकता है। कंबोज को इंग्लैंड की परिस्थितियों का थोड़ा अनुभव है, जिससे उन्हें बढ़त मिल सकती है।

बुमराह की मौजूदगी राहत की बात

जसप्रीत बुमराह की वापसी तय मानी जा रही है। सिराज के साथ मिलकर वे गेंदबाजी आक्रमण की अगुवाई करेंगे। तीसरे पेसर के तौर पर आकाश, प्रसिद्ध या कंबोज में से किसी एक को चुना जाएगा। स्पिन विभाग में कुलदीप यादव भी एक मजबूत दावेदार हैं, लेकिन यह देखना होगा कि टीम मैनेजमेंट वाशिंगटन सुंदर और जडेजा के साथ उन्हें मौका देता है या नहीं।

नीतीश की गैरमौजूदगी में शार्दुल या नया विकल्प?

नीतीश रेड्डी की जगह शार्दुल ठाकुर को टीम में शामिल किया जा सकता है। हालांकि उनका पिछला प्रदर्शन प्रभावशाली नहीं रहा है। उन्हें गेंद और बल्ले दोनों से योगदान देना होगा, क्योंकि रेड्डी ने तीसरे टेस्ट में अहम मौकों पर विकेट लिए थे।

बैटिंग लाइनअप पर फिर से दबाव

तीसरे टेस्ट में पहली बार भारत की बल्लेबाजी लड़खड़ा गई थी। ऐसे में शुभमन गिल की कप्तानी वाली बल्लेबाजी इकाई पर फिर से जिम्मेदारी बढ़ गई है। अगर भारत को वापसी करनी है, तो टॉप ऑर्डर को बड़ी पारियां खेलनी होंगी।

मैच का वेन्यू क्या है?
मुकाबला मैनचेस्टर के ओल्ड ट्रैफर्ड स्टेडियम में खेला जाएगा।

मैच कितने बजे से शुरू होगा?
मुकाबला दोपहर 3:30 बजे से शुरू होगा। टॉस 3:00 बजे होगा।

मैच का प्रसारण कहां देखा जा सकता है?
सोनी स्पोर्ट्स नेटवर्क पर लाइव टेलीकास्ट मिलेगा:

Sony Sports 1 (English)

Sony Sports 3 (Hindi)

Sony Sports 4 (Tamil & Telugu)

लाइव स्ट्रीमिंग कहां उपलब्ध होगी?
मैच की ऑनलाइन स्ट्रीमिंग JioHotstar पर देखी जा सकती है।


वेलकम में ई-रिक्शा मालिक की चाकू मारकर हत्या, तीन नाबालिग गिरफ्तार

शराब पीने से रोका तो हुआ हमला, मृतक को पहले भी मिल चुकी थीं धमकियां

दिल्ली –  वेलकम इलाके में सोमवार रात ई-रिक्शा मालिक मुस्तकीम अहमद (39) की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। वह जनता कॉलोनी में किराया लेने गए थे, जहां कुछ युवक शराब पी रहे थे। विरोध करने पर उन पर चाकुओं से ताबड़तोड़ वार किए गए। अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।

घटना के तुरंत बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। देर रात तीन नाबालिगों को हत्या के आरोप में पकड़ लिया गया। उनके पास से वारदात में इस्तेमाल चाकू भी बरामद हुआ है।

परिजनों का कहना है कि मुस्तकीम को पहले से जान से मारने की धमकियां मिल रही थीं। कुछ महीने पहले उन्होंने इसकी शिकायत भी की थी। उन्हें शक है कि हत्या की वजह शराब पीने से मना करना नहीं, बल्कि कोई पुरानी रंजिश हो सकती है।

मुस्तकीम अपने परिवार के साथ न्यू जाफराबाद में रहते थे। चार दिन पहले ही उनके घर बेटे का जन्म हुआ था। पहले भी एक बेटी की दिल की बीमारी के कारण मौत हो चुकी है। अब एक और दुखद घटना ने पूरे परिवार को सदमे में डाल दिया है।

पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और अन्य पहलुओं पर भी गौर किया जा रहा है।


मुख्यमंत्री धामी ने एलिवेटेड रोड प्रोजेक्ट में तेजी लाने के दिए निर्देश

मुख्यमंत्री धामी ने लोक निर्माण विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान दिए अधिकारियों को निर्देश 

देहरादून। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को सचिवालय में लोक निर्माण विभाग की गेम चेंजर योजनाओं की समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों को निर्देश दिए कि रिस्पना और बिंदाल नदी पर चार लेन एलिवेटेड रोड निर्माण परियोजना की सभी प्रक्रियाओं में तेजी लाई जाए। आशारोड़ी से मोहकमपुर तक देहरादून रिंग रोड/बाईपास एवं यूटिलिटी डक्ट पॉलिसी पर भी तेजी से कार्य किए जाएं। मुख्यमंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण कार्यों में नवीन तकनीक का उपयोग किया जाए। जिन पुलों की स्थिति खराब हो रही है, उनके पुनर्निर्माण और मरम्मत के कार्य प्राथमिकता के आधार पर किए जाएं। भूस्खलन प्रभावित क्षेत्रों में सुरक्षित और टिकाऊ सड़कों के निर्माण के लिए जियोसिंथेटिक रिटेनिंग वॉल जैसी तकनीक का उपयोग किया जाए। सड़कों को गड्ढा मुक्त करने का अभियान लगातार चलाया जाए।

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में सड़क कनेक्टिविटी के विस्तार की दिशा में विशेष ध्यान दिया जाए। केदारखंड और मानसखंड की आपसी कनेक्टिविटी बेहतर बनाने के लिए तेजी से कार्य किए जाएं। देहरादून से हल्द्वानी, दिल्ली से हल्द्वानी और अन्य प्रमुख शहरों के लिए सड़क कनेक्टिविटी को और मजबूत बनाने के लिए बेहतर कार्ययोजना बनाई जाए। मसूरी और देहरादून के बीच यातायात के दबाव को कम करने के लिए वैकल्पिक मार्गों पर तेजी से कार्य किया जाए। सड़कों के डामरीकरण के कार्यों में तेजी लाई जाए।

सचिव, लोक निर्माण विभाग, डॉ. पंकज पाण्डेय ने जानकारी दी कि रिस्पना नदी पर 11 किलोमीटर और बिंदाल नदी पर 15 किलोमीटर लंबे चार लेन एलिवेटेड कॉरिडोर का निर्माण कार्य के प्रथम चरण की स्वीकृति के अंतर्गत फिजिबिलिटी स्टडी व हाइड्रोलॉजिकल स्टडी हो चुकी है। प्रस्तावित भू-अधिग्रहण प्लान के अनुसार मौके पर चिन्हीकरण की कार्यवाही गतिमान है। देहरादून रिंग रोड के संरेखण को अंतिम रूप दिया जा चुका है। परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और रेलवे के साथ संयुक्त निरीक्षण कर डायवर्जन प्लान भी तैयार कर लिया गया है। देहरादून-मसूरी कनेक्टिविटी परियोजना की फिजिबिलिटी रिपोर्ट तैयार हो चुकी है और जियोटेक्निकल इन्वेस्टिगेशन किया जा चुका है।

बैठक में अवस्थापना अनुश्रवण परिषद के उपाध्यक्ष विश्वास डाबर, मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन, प्रमुख सचिव आर.के. सुधांशु, आर. मीनाक्षी सुंदरम, सचिव सचिन कुर्वे, अपर सचिव आशीष चौहान, विनीत कुमार एवं संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।


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