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कांवड़ मेला 2025- पांच राज्यों के अफसरों के साथ इंटरस्टेट समन्वय बैठक सम्पन्न

Category Archives: दिल्ली

कांवड़ मेला 2025- पांच राज्यों के अफसरों के साथ इंटरस्टेट समन्वय बैठक सम्पन्न

मुख्य सचिव आनंद बर्द्धन ने दिए रियल टाइम कोऑर्डिनेशन और आधुनिक तकनीक के उपयोग के निर्देश

हरिद्वार – मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन की अध्यक्षता में आगामी कांवड़ मेले को सरल, सुखद व सुरक्षित संपन्न कराने हेतु इंटरस्टेट समन्वय समिति की बैठक सीसीआर सभागार हरिद्वार में संपन्न हुई। जिसमें उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, हरियाणा, दिल्ली तथा राजस्थान के उच्चाधिकारियों द्वारा ऑफलाइन व ऑनलाइन माध्यम से प्रतिभाग किया गया।

इस अवसर पर मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि कांवड़ मेला आस्था एवं श्रद्धा का बहुत बड़ा उत्सव है। उन्होंने कहा कि कांवड़ यात्रा सकुशल एवम् सफलता पूर्वक सम्पन्न कराने हेतु जिला प्रशासन, पुलिस एवं अन्य सम्बन्धित विभाग चाक चौबंद व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने सभी राज्यों से रियल टाइम कॉर्डिनेशन व रियल टाइम डाटा साझा किए जाने की बात भी कही। सुरक्षात्मक दृष्टि से सभी आवश्यक इनपुट्स साझा किए जाएं।

मुख्य सचिव ने कांवड़ मेले की व्यवस्थाओं में आधुनिक तकनीक का ज्यादा से ज्यादा उपयोग किए जाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि आगामी कुंभ मेले को दृष्टिगत रखते हुए सभी तैयारियों को अंजाम दिया जाए ताकि मेले के अनुभव कुंभ में भी काम आएं।

मुख्य सचिव ने कहा कि कांवड़ मेले में दौरान कानून व्यवस्था एवं यातायात व्यवस्था के लिए चाक चौबंद व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जाएं। उन्होंने आवश्यकता पड़ने पर भेल पार्किंग का भी उपयोग किए जाने के निर्देश भी जिला प्रशासन को दिए। यात्रा मार्ग पर स्थित ढाबों और होटलों में सुरक्षा मानकों का अनुपालन हो, साथ ही रेट लिस्ट अनिवार्य रूप से चस्पा की जाए।

डीजीपी दीपम सेठ ने कहा कि हर आयोजन नई चुनौतियां प्रस्तुत करता है। उन्होंने कहा कि आस्था एवम् श्रद्धा के इस मेले को सुरक्षात्मक रूप से संपन्न कराने हेतु रियल टाइम सूचनाएं साझा की जाएं, किसी भी प्रकार की अफवाह का यूनिफाइड खंडन किया जाए। अपने कार्यों में दक्षता रखने वाले कर्मी ही एक–दूसरे स्टेट भेजे जाएं। उन्होंने कहा कि कांवड़ियों एवं श्रद्धालुओं के लिए ‘क्या करें और क्या नहीं करें’ की जानकारी यात्रा मार्गों पर अनिवार्य रूप से प्रदर्शित की जाए। इंटर स्टेट कॉर्डिनेशन की अपेक्षाएं पूर्ण हों तथा मेला शांतिपूर्वक संपन्न हो।

बैठक में सचिव गृह शैलेश बगौली ने कहा कि यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की समस्या न हो, यातायात व्यवस्था सरल सुगम व सुरक्षित हो तथा श्रद्धालुओं की सहूलियतों को ध्यान में रखते हुए सभी तैयारियां सुनिश्चित की जाएं। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित तथा एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल ने कांवड़ यात्रा अवधि, विभिन्न राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं का प्रतिशत, ट्रैफिक मैनेजमेंट प्लान, सोशल मीडिया मॉनिटरिंग सहित कांवड़ यात्रा हेतु की जा रही तैयारियों का पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से विस्तार से जानकारी दी। उत्तर प्रदेश की ओर से डीआईजी अभिषेक ने यात्रा प्लान सहित चल रही तैयारियों की विस्तार से जानकारी दी।

बैठक में निर्णय लिया गया कि सुरक्षात्मक दृष्टि से सभी आवश्यक सूचनाएं तथा इनपुट्स रियल टाइम साझा किए जाएं, सोशल मीडिया की मॉनिटरिंग की जाए और अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्ती से कार्यवाही के लिंक भी साझा किया जाए। कांवड़ 10 फीट से अधिक ऊंचाई के न हों। शराब तथा मीट से संबंधित एसओपी का सख्ती से अनुपालन हो, सभी चिन्हित डीजे संचालकों को नियमानुसार नोटिस देते हुए बाउण्ड ऑफ किया जाए। उत्तराखंड द्वारा समय–समय पर हरिद्वार में पार्किंग की स्थिति से उत्तर प्रदेश को अवगत कराया जाए।

बैठक में उत्तर प्रदेश से एडीजे भानु भास्कर, सचिव गृह मोहित गुप्ता, कमिश्नर मेरठ डिवीजन ऋषिकेश भास्कर यशोद, कमिश्नर बरेली सौम्य अग्रवाल, कमिश्नर सहारनपुर एके राय, डीआईजी सहारनपुर अभिषेक सिंह, आईजी आरपीएफ पंकज गंगवार, उत्तराखंड से आईजी निलेश आनंद भरणे, एनएस नपलच्याल, डीआईजी धीरेन्द्र गुंज्याल, एसएसपी देहरादून अजय सिंह, मेलाधिकारी सोनिका, सहित पांचों राज्यों के उच्चाधिकारी उपस्थित थे।


कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर शुरू करने पर भारत-चीन में बनी सहमति

चिंगदाओ में एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक में पहुंचे राजनाथ सिंह

एससीओ बैठक में राजनाथ सिंह और चीनी रक्षा मंत्री के बीच हुई अहम बातचीत

चिंगदाओ/नई दिल्ली। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों के रक्षा मंत्रियों की बैठक में भाग लेने चीन के चिंगदाओ शहर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून के साथ द्विपक्षीय बातचीत की, जिसमें कैलाश मानसरोवर यात्रा को फिर से शुरू करने पर सहमति बनी। यह यात्रा करीब छह साल बाद दोबारा शुरू की जा रही है।

राजनाथ सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “किंगदाओ में एससीओ रक्षा मंत्रियों की बैठक के दौरान चीन के रक्षा मंत्री एडमिरल डोंग जून के साथ रचनात्मक और दूरदर्शी चर्चा हुई। लगभग छह वर्षों बाद कैलाश मानसरोवर यात्रा की पुनः शुरुआत को लेकर खुशी हुई।”

रूस और बेलारूस के रक्षा मंत्रियों से भी की मुलाकात

रक्षा मंत्री ने रूस और बेलारूस के अपने समकक्षों से भी द्विपक्षीय मुलाकात की। उन्होंने बेलारूस के रक्षा मंत्री लेफ्टिनेंट जनरल विक्टर ख्रेनिन से बातचीत की, जिसे उन्होंने “सार्थक” बताया। इससे पहले, रूस के रक्षा मंत्री आंद्रेई बेलौसोव से भी उन्होंने मुलाकात की और रक्षा सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा की।

उल्लेखनीय है कि भारत और रूस के बीच रक्षा क्षेत्र में लंबे समय से सहयोग है, जो ‘आईआरआईजीसी-एम एंड एमटीसी’ तंत्र के तहत संचालित होता है।


बादल फटे , घर ढहे और गर्मी ने झुलसाया : देश भर में कुदरत की मार

समीक्षा सिंह

इन दिनों भारत कई तरह के प्राकर्तिक आपदाओं से जूझ रहा है , कहीं बारिश और बदल फटने से तबाही मच रही है , तो कहीं गर्मी जान ले रही है। पहाड़ो से लेकर मैदानों तक हर जगह मौसम का मिजाज अचानक से बदल रहा है और अपना भयंकर रूप दिखा रहा है । ये घटनाएं न सिर्फ मौसम के बदलाव को दर्शाती है बल्कि ये बताती है की हमें अब सतर्क रहने की ज़रूरत है।

हाल ही में हिमाचल प्रदेश के कुल्लू और कांगड़ा जिलों में जबरदस्त तबाही हुई। 25 और 26 जून 2025 को कुल्लू के जीवा नाला, रहला बिहाल और शिलागढ़ इलाकों में बादल फटने से भारी बाढ़ आ गई। इस बाढ़ ने कई घरों, दुकानों, स्कूलों, सड़कों और पुलों को बर्बाद कर दिया। वहीं कांगड़ा के मणुनी खड्ड में अचानक आई बाढ़ से लगभग 20 मजदूर बह गए और 2 की मौत हो गई। कुल्लू में 3 लोग अभी भी लापता हैं। मौसम विभाग ने भारी बारिश और भूस्खलन की आशंका को देखते हुए ‘ऑरेंज अलर्ट’ जारी किया है।

उत्तराखंड में भी हालात खराब हैं। 20 जून को उत्तरकाशी के ओदटा गांव में एक घर भारी बारिश के कारण गिर गया, जिसमें एक ही परिवार के 4 लोगों की जान चली गई। राज्य में मानसून की शुरुआत के बाद से अब तक कुल 11 लोगों की मौत हो चुकी है और 7 लोग घायल हुए हैं। बागेश्वर और अल्मोड़ा जैसे इलाकों में भारी बारिश की वजह से कई सड़कें बंद हो गई हैं और लोग फंसे हुए हैं।

देश के कई हिस्से इस समय भयानक गर्मी की चपेट में हैं। अप्रैल 2025 से शुरू हुई गर्मी की लहर ने राजस्थान, दिल्ली और उत्तर प्रदेश जैसे राज्यों में हालात बिगाड़ दिए हैं। श्रीगंगानगर में तापमान 48 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है। अब तक गर्मी के कारण 450 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। साथ ही पानी की कमी और बिजली की दिक्कतों ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं।
इसके अलावा फरवरी 2025 में उत्तराखंड के माणा गांव के पास हिमस्खलन (बर्फ गिरना) की घटना भी हुई थी, जिसमें BRO (सीमा सड़क संगठन) के शिविर पर बर्फ गिरने से 8 लोगों की मौत हो गई थी। यह घटना दिखाती है कि अब मौसम में अचानक बड़ा बदलाव आ रहा है।
“देश के कई हिस्सों में प्राकृतिक आपदाओं के चलते अभी यात्रा करना टालना ही समझदारी है।” चाहे वो चार धाम यात्रा हो या लोग खुद से घुमने का विचार कर रहे हो।

इन सभी घटनाओ से ये साफ़ है की हम अपने शहरों और गांवों को मौसम की मार से बचाने के लिए मजबूत तैयारियाँ करें। लोगों को मौसम की जानकारी समय पर मिले, इसके लिए सिस्टम बेहतर बनाना होगा। साथ ही हमें यह भी समझना होगा कि ये आपदाएं जलवायु परिवर्तन (climate change) का हिस्सा हैं। अगर अब भी हम नहीं सुधरे , तो आगे नुकसान और भी बढ़ सकता है।


मुंबई में घर खरीदने के लिए अमीरों को भी चाहिए 109 साल की बचत- राहुल गांधी

शहरी हाउसिंग सिस्टम को लेकर सरकार की नीतियों पर उठाए सवाल

नई दिल्ली। कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने देश में घरों की लगातार बढ़ती कीमतों पर गहरी चिंता जताई है। उन्होंने आरोप लगाया कि अब गरीबों से सिर्फ संसाधन ही नहीं, बल्कि अपने सपने देखने का अधिकार भी छीना जा रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि जब देश के सबसे अमीर 5% लोग भी मुंबई में घर खरीदने के लिए सौ साल से ज्यादा की बचत नहीं कर पा रहे, तो गरीबों की हालत का अंदाजा लगाया जा सकता है। उन्होंने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए सवाल किया कि यह आर्थिक विकास आखिर किसके लिए हो रहा है?

राहुल गांधी ने अपने व्हाट्सएप चैनल पर एक मीडिया रिपोर्ट साझा करते हुए लिखा कि महाराष्ट्र जैसे राज्य में घर खरीदना आम लोगों के लिए असंभव होता जा रहा है। रिपोर्ट के हवाले से उन्होंने दावा किया कि मुंबई जैसे शहरों में देश के शीर्ष 5 प्रतिशत अमीर शहरी परिवारों को भी घर खरीदने के लिए अपनी आय का 30 प्रतिशत लगातार 109 वर्षों तक बचाना होगा।

उन्होंने कहा, “अगर सबसे अमीर भी 109 साल में घर नहीं खरीद सकते, तो गरीबों से उनके सपनों का अधिकार ही छीन लिया गया है। ये सिर्फ आकड़े नहीं, एक असहनीय सच्चाई हैं।”

राहुल ने कहा कि ज्यादातर मध्यमवर्गीय और गरीब परिवारों को विरासत में संपत्ति नहीं, जिम्मेदारियां मिलती हैं—बच्चों की शिक्षा, इलाज, माता-पिता की देखभाल और सिर पर एक छत की चिंता। उन्होंने कहा कि आज भी करोड़ों भारतीयों के दिलों में “एक दिन अपना घर होगा” का सपना ज़िंदा है, लेकिन जब वह सपना वास्तविकता से 109 साल दूर हो, तो यह न सिर्फ निराशाजनक है, बल्कि अन्यायपूर्ण भी।

राहुल गांधी ने तंज कसते हुए कहा, “जब अगली बार कोई आपसे जीडीपी की बात करे, तो उसे अपने घरेलू बजट की हकीकत दिखाएं—तभी पूछ पाएंगे कि ये अर्थव्यवस्था किसके लिए फल-फूल रही है।”


मतदान दिवस की वीडियो रिकॉर्डिंग साझा करे आयोग- कांग्रेस

चुनाव आयोग से पारदर्शिता की मांग, कांग्रेस ने भेजा विस्तृत पत्र

नई दिल्ली। महाराष्ट्र विधानसभा चुनावों को लेकर कांग्रेस ने एक बार फिर चुनाव आयोग से पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग की है। पार्टी ने आयोग को भेजे गए पत्र में मतदाता सूची की डिजिटल और मशीन-पठनीय प्रति तथा मतदान दिवस की वीडियो रिकॉर्डिंग साझा करने की अपील की है। यह मांग कांग्रेस नेता राहुल गांधी द्वारा उठाए गए सवालों के आधार पर की गई है, जिससे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता पर जनता का भरोसा बहाल किया जा सके।

कांग्रेस ने पत्र में स्पष्ट किया है कि महाराष्ट्र और हरियाणा की वोटर लिस्ट की डिजिटल कॉपी एक सप्ताह के भीतर उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, मतदान के दिन की पूरी वीडियो रिकॉर्डिंग भी सार्वजनिक की जाए। पार्टी का कहना है कि ये मांगें कोई नई नहीं हैं, बल्कि लंबे समय से इन पर जोर दिया जा रहा है। इससे न केवल राजनीतिक दलों को विश्वास मिलेगा बल्कि आम जनता का भरोसा भी कायम रहेगा।

कांग्रेस ने यह भी संकेत दिए हैं कि जैसे ही आयोग इन बिंदुओं पर कार्यवाही करता है, पार्टी का शीर्ष नेतृत्व आयोग से औपचारिक बैठक के लिए तैयार है। इस बैठक में पार्टी चुनावी प्रक्रिया में पाए गए कथित अनियमितताओं से जुड़े आंकड़े और विश्लेषण आयोग के समक्ष रखेगी।

गौरतलब है कि हालिया चुनावों में कांग्रेस ने बार-बार आरोप लगाए हैं कि वोटर लिस्ट में गड़बड़ियाँ, वोटिंग के दौरान पारदर्शिता की कमी और प्रशासनिक लापरवाही देखने को मिली। अब पार्टी ने इन मुद्दों को औपचारिक रूप से उठाते हुए चुनाव आयोग से खुली बातचीत का रास्ता अपनाया है।


जयराम रमेश ने केंद्र पर लगाए गंभीर आरोप, कहा- सरकार के आलोचकों को बताया जा रहा ‘नक्सली’, किसानों को ‘खालिस्तानी’

आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस-भाजपा आमने-सामने

नई दिल्ली। देश में आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी का आरोप है कि बीते 11 वर्षों से भारत एक ‘अघोषित आपातकाल’ से गुजर रहा है, जिसमें लोकतंत्र, अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता और नागरिक अधिकारों पर व्यवस्थित और खतरनाक तरीके से हमले किए जा रहे हैं।

कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने बयान में कहा कि, “सरकार के आलोचकों को निशाना बनाया जा रहा है। देश में नफरत और कट्टरता को बढ़ावा मिल रहा है। किसानों को खालिस्तानी बताया जा रहा है, जातिगत जनगणना की मांग करने वालों को शहरी नक्सली कहा जा रहा है।”

उन्होंने कहा कि अल्पसंख्यक समुदाय डर के माहौल में जी रहा है, जबकि दलितों और अन्य वंचित वर्गों को निशाना बनाया जा रहा है। रमेश ने आरोप लगाया कि नफरती भाषण देने वाले मंत्रियों को इनाम मिल रहे हैं, और महात्मा गांधी के हत्यारों का महिमामंडन किया जा रहा है।

राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज

यह बयान उस समय आया है जब केंद्र सरकार ‘संविधान हत्या दिवस’ मना रही है। भाजपा प्रवक्ता प्रदीप भंडारी ने पलटवार करते हुए कहा कि “कांग्रेस ने आधिकारिक रूप से आपातकाल के लिए माफी नहीं मांगी। गांधी-वाड्रा परिवार को देश से माफी मांगनी चाहिए क्योंकि उन्होंने 1975 में लोकतंत्र और संविधान की हत्या की।”

विपक्ष के सुर में सुर

शिवसेना (यूबीटी) नेता संजय राउत ने इंदिरा गांधी के फैसले को संवैधानिक करार देते हुए कहा, “आपातकाल लोकतंत्र के भीतर लिया गया संवैधानिक निर्णय था। इंदिरा गांधी लोकतंत्र की रक्षक थीं।”

वहीं, सपा नेता राजेंद्र चौधरी ने कहा कि वर्तमान समय की स्थिति 1975 के आपातकाल जैसी ही है। “प्रेस पर दबाव है, सरकार विरोधी आवाजें दबाई जा रही हैं और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी हो रही है।”


दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केदारनाथ-बद्रीनाथ में किए दर्शन, देश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना

सीएम बनने के बाद पहली बार धर्मनगरी पहुंचीं रेखा गुप्ता

देहरादून।  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार सुबह उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव की आराधना की। उन्होंने मंदिर में विशेष पूजा अर्पित कर देशवासियों की समृद्धि और उन्नति की कामना की। इसके बाद वे बदरीनाथ धाम भी गईं और दर्शन कर पुण्य लाभ लिया।

इससे एक दिन पहले, रविवार को मुख्यमंत्री हरिद्वार पहुंचीं जहाँ उन्होंने अपने पति के साथ हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान किया। यह उनका मुख्यमंत्री बनने के बाद हरिद्वार का पहला दौरा था। गंगा सभा की ओर से उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि गंगा स्नान उनके लिए अत्यंत आध्यात्मिक और प्रेरणादायक अनुभव रहा।

रेखा गुप्ता ने कहा कि अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर उन्होंने मां गंगा के चरणों में आकर आभार जताया और भारत के विकास की प्रार्थना की। उन्होंने संकल्प लिया कि दिल्ली भी राष्ट्र की प्रगति में अग्रणी भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जैसे संतजन यमुना की स्वच्छता की कामना करते हैं, उसी तरह वे भी चाहती हैं कि एक दिन यमुना इतनी निर्मल हो कि उसमें स्नान संभव हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल में यमुना स्वच्छता अभियान प्रमुख प्राथमिकता रहेगा। यह बातें उन्होंने हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में ‘वात्सल्य गंगा आश्रय’ के उद्घाटन समारोह में कहीं।


दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने केदारनाथ-बद्रीनाथ में किए दर्शन, देश की खुशहाली के लिए की प्रार्थना

सीएम बनने के बाद पहली बार धर्मनगरी पहुंचीं रेखा गुप्ता

देहरादून।  दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने सोमवार सुबह उत्तराखंड के प्रसिद्ध केदारनाथ धाम पहुंचकर भगवान शिव की आराधना की। उन्होंने मंदिर में विशेष पूजा अर्पित कर देशवासियों की समृद्धि और उन्नति की कामना की। इसके बाद वे बदरीनाथ धाम भी गईं और दर्शन कर पुण्य लाभ लिया।

इससे एक दिन पहले, रविवार को मुख्यमंत्री हरिद्वार पहुंचीं जहाँ उन्होंने अपने पति के साथ हरकी पैड़ी पर गंगा स्नान किया। यह उनका मुख्यमंत्री बनने के बाद हरिद्वार का पहला दौरा था। गंगा सभा की ओर से उनका पारंपरिक स्वागत किया गया। इस मौके पर उन्होंने कहा कि गंगा स्नान उनके लिए अत्यंत आध्यात्मिक और प्रेरणादायक अनुभव रहा।

रेखा गुप्ता ने कहा कि अपनी सरकार के 100 दिन पूरे होने पर उन्होंने मां गंगा के चरणों में आकर आभार जताया और भारत के विकास की प्रार्थना की। उन्होंने संकल्प लिया कि दिल्ली भी राष्ट्र की प्रगति में अग्रणी भूमिका निभाएगी।

मुख्यमंत्री ने आगे कहा कि जैसे संतजन यमुना की स्वच्छता की कामना करते हैं, उसी तरह वे भी चाहती हैं कि एक दिन यमुना इतनी निर्मल हो कि उसमें स्नान संभव हो सके। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनके कार्यकाल में यमुना स्वच्छता अभियान प्रमुख प्राथमिकता रहेगा। यह बातें उन्होंने हरिद्वार के कनखल क्षेत्र में ‘वात्सल्य गंगा आश्रय’ के उद्घाटन समारोह में कहीं।


दिल्ली में पेड़ों की अवैध कटाई पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, DDA अधिकारियों पर जुर्माना और सख्त दिशानिर्देश जारी

सड़क निर्माण और वनरोपण से जुड़ी सभी गतिविधियों में अदालत को सूचना देना जरूरी

वृक्षारोपण को बढ़ावा देने के लिए तीन सदस्यीय समिति का गठन

नई दिल्ली।  सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली के दक्षिणी रिज क्षेत्र में सड़क चौड़ीकरण के नाम पर पेड़ों की अवैध कटाई को गंभीरता से लेते हुए डीडीए अधिकारियों पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। अदालत ने इस कार्रवाई को अवमानना की श्रेणी में रखा और स्पष्ट किया कि पर्यावरण संरक्षण के नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ ने निर्देश दिया कि भविष्य में वृक्षारोपण, निर्माण कार्य या किसी भी प्रकार के पारिस्थितिक प्रभाव वाले फैसलों में अदालत के समक्ष लंबित मामलों का उल्लेख अनिवार्य होगा। सुप्रीम कोर्ट ने डीडीए और दिल्ली सरकार को सलाह देने के लिए एक तीन सदस्यीय समिति भी गठित की है, जो हरित क्षेत्र बढ़ाने और वृक्षारोपण को प्रोत्साहित करने पर सुझाव देगी।


मुख्यमंत्री धामी आज दिल्ली दौरे पर, राज्य विकास को लेकर कर सकते हैं अहम मुलाकातें

केंद्रीय मंत्रियों से कर सकते है मुलाकात 

केंद्रीय नेतृत्व के साथ विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं पर होगी बातचीत

देहरादून। उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी सोमवार को नई दिल्ली के दौरे पर रहेंगे। इस दौरे के दौरान मुख्यमंत्री राज्य के विकास से जुड़े महत्वपूर्ण मुद्दों को लेकर केंद्रीय मंत्रियों से मुलाकात कर सकते हैं। मुख्यमंत्री धामी की केंद्रीय नेतृत्व के साथ विभिन्न योजनाओं और परियोजनाओं पर बातचीत हो सकती है, जिनका उद्देश्य राज्य में बुनियादी ढांचे, ऊर्जा, परिवहन और पर्यटन जैसे क्षेत्रों को मजबूत करना है।सीएम उन्हें चारधाम यात्रा में आने का न्योता भी देंगे। माना जा रहा है कि मुख्यमंत्री राज्य के उन मसलों को उठाने जा रहे हैं जो केंद्र सरकार में लंबित हैं। इनमें ज्यादातर अवस्थापना विकास, सड़क, रेल व हवाई कनेक्टिविटी से जुड़े प्रस्ताव हैं।

इसके अलावा शहरी विकास, जल शक्ति, वन व पर्यावरण मंत्रालय से जुड़े प्रस्तावों पर भी चर्चा हो सकती है। अवसर मिला तो सीएम राष्ट्रीय नेताओं से भेंट कर सकते हैं। राज्य सरकार के मंत्रिमंडल का विस्तार होना है तो नए प्रदेश अध्यक्ष पर भी निर्णय जल्द होने की संभावना है। सूत्र इन राजनीतिक मुद्दों पर भी चर्चा की संभावना जता रहे हैं।


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