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मेरठ सनसनी: 3 दिन से लापता महिला का श्मशान में मिला शव, गला दबाकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस

Category Archives: क्राइम

मेरठ सनसनी: 3 दिन से लापता महिला का श्मशान में मिला शव, गला दबाकर हत्या, जांच में जुटी पुलिस

मेरठ। परतापुर थाना क्षेत्र के पूठा गांव स्थित श्मशान घाट में गुरुवार सुबह एक महिला का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतका की पहचान लक्खीपुरा निवासी मुस्कान के रूप में हुई है, जो पिछले तीन दिनों से लापता थी। प्राथमिक जांच के अनुसार, महिला की गला दबाकर हत्या की गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और कॉल डिटेल्स के आधार पर मामले की सघन जांच कर रही है।

परिजनों और संदिग्धों से पूछताछ जारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने संदेह के आधार पर मृतका के पिता अनीस और दो भाइयों (राजन व सागर) को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इसके अलावा, पुलिस को मृतका के मोबाइल से ऐसे पांच नंबर मिले हैं जिन पर वह पिछले तीन दिनों से लगातार संपर्क में थी। पुलिस ने इन पांचों युवकों को भी हिरासत में ले लिया है, जो मेरठ के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं।

सीसीटीवी फुटेज में दिखी मृतका जांच के दौरान पुलिस को कुछ अहम सीसीटीवी फुटेज मिले हैं, जिसमें मुस्कान अकेली ही एक ई-रिक्शा में बैठकर जाती हुई दिखाई दे रही है। पुलिस को घटनास्थल से ही मृतका का मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। कॉल रिकॉर्ड्स खंगालने पर दो नंबर किसी होटल से जुड़े हुए भी पाए गए हैं, जिसकी पुलिस बारीकी से तफ्तीश कर रही है।

दुष्कर्म की पुष्टि नहीं, पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार शुरुआती चिकित्सकीय परीक्षण में डॉक्टरों ने मृतका के साथ किसी भी तरह के दुष्कर्म की बात से इनकार किया है। हालांकि, मौत के सही कारणों और पूरी स्थिति का स्पष्ट खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की तफ्तीश कर रही है और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।


दिल्ली कोर्ट का बड़ा फैसला: 14 साल के बच्चे से कुकर्म और वीडियो वायरल करने वाले दोषी को 10 साल की जेल, ₹8 लाख जुर्माना

नई दिल्ली: दिल्ली की एक विशेष अदालत ने बच्चों की सुरक्षा को लेकर एक बेहद कड़ा और संवेदनशील फैसला सुनाया है। कोर्ट ने अपने पड़ोसी 14 वर्षीय नाबालिग लड़के के साथ डिजिटल कुकर्म और यौन उत्पीड़न करने वाले एक व्यक्ति को 10 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश (ASJ) वैभव मेहता ने अपराध की क्रूरता को ध्यान में रखते हुए दोषी पर 8 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। कोर्ट ने आदेश दिया है कि जुर्माने की यह पूरी राशि पीड़ित बच्चे को उसके पुनर्वास और मुआवजे के तौर पर दी जाएगी। फैसला सुनाते हुए जज ने कहा कि इस घिनौनी हरकत ने मासूम बच्चे को गहरे शारीरिक और मानसिक आघात (Mental Trauma) में धकेल दिया है।

क्या था पूरा मामला?

यह दर्दनाक घटना नवंबर 2023 की है। दोषी मोहम्मद फरीद ने पड़ोस में रहने वाले इस बच्चे को बहला-फुसलाकर अपने घर बुलाया और उसका यौन उत्पीड़न किया। दरिंदगी यहीं नहीं रुकी, आरोपी ने इस पूरी वारदात का वीडियो भी बना लिया। इसके बाद उसने बच्चे को धमकी दी कि अगर उसने किसी को भी इस बारे में बताया, तो वह उसके पूरे परिवार को जान से मार डालेगा। इस खौफ के कारण मासूम बच्चा महीनों तक घुटता रहा और उसने किसी से कुछ नहीं कहा।

इंस्टाग्राम पर वीडियो पोस्ट होने के बाद खुला राज

घटना के करीब 10 महीने बाद, आरोपी ने उस आपत्तिजनक वीडियो को सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म इंस्टाग्राम पर पोस्ट कर दिया। वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित बच्चे ने हिम्मत जुटाई और अपने परिवार को आपबीती बताई, जिसके बाद पुलिस में मामला दर्ज कराया गया।

कोर्ट ने खारिज की बचाव पक्ष की दलीलें

ट्रायल के दौरान बचाव पक्ष (Defense) ने केस को कमजोर करने के लिए कई तर्क दिए, जिन्हें अदालत ने सिरे से खारिज कर दिया:

  • FIR में देरी पर कोर्ट का रुख: बचाव पक्ष का कहना था कि 10 महीने बाद एफआईआर दर्ज होना मामले को संदिग्ध बनाता है। इस पर कोर्ट ने कहा कि आरोपी की जान से मारने की धमकी के कारण बच्चा डरा हुआ था। इंस्टाग्राम पर वीडियो अपलोड होने के बाद उसका शिकायत दर्ज कराना पूरी तरह स्वाभाविक और तर्कसंगत है।

  • वीडियो से छेड़छाड़ का दावा फेल: डिफेंस ने दावा किया कि वीडियो एडिटेड है। लेकिन अदालत ने फॉरेंसिक एक्सपर्ट की रिपोर्ट का हवाला देते हुए साफ किया कि वीडियो पूरी तरह असली है और इसमें किसी भी तरह की छेड़छाड़ या जालसाजी नहीं हुई है।

  • पैसों के विवाद का झूठा एंगल: आरोपी ने खुद को बेकसूर बताते हुए दावा किया था कि 5 से 10 हजार रुपये के आपसी लेन-देन के विवाद के कारण उसे फंसाया जा रहा है, जिसे कोर्ट ने पूरी तरह निराधार और मनगढ़ंत माना।

पीड़ित बच्चे की अडिग गवाही बनी सजा का आधार

अदालत ने अपने फैसले में 14 वर्षीय पीड़ित की बहादुरी और उसकी गवाही को सबसे मुख्य आधार माना। जज वैभव मेहता ने विशेष रूप से रेखांकित किया कि पुलिस शिकायत से लेकर, मजिस्ट्रेट के सामने दर्ज धारा 164 के बयान और फिर कोर्ट ट्रायल के दौरान भी बच्चे का बयान पूरी तरह एक समान और अडिग रहा। कोर्ट ने कहा कि बच्चे की सच्चाई को साबित करने के लिए उसकी यह अटूट गवाही पूरी तरह पर्याप्त है।


रुड़की का युवक पाकिस्तानी गैंगस्टर नेटवर्क से जुड़ाव के आरोप में एटीएस की गिरफ्त में

रुड़की – उत्तराखंड के रुड़की निवासी मुशर्रफ को पाकिस्तानी गैंगस्टर नेटवर्क से कथित संबंधों के आरोप में यूपी एटीएस ने हिरासत में लिया है। जांच एजेंसियों के अनुसार आरोपी का संबंध सहारनपुर निवासी महकाब से जुड़ा बताया जा रहा है, जिसे पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है। मामले में कई अहम खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक, मुशर्रफ रुड़की के ढंढेरा क्षेत्र का रहने वाला है और पांचवीं कक्षा तक पढ़ाई करने के बाद मजदूरी का काम करने लगा था। उसने पहले बढ़ईगिरी सीखी और बाद में वेल्डिंग का कार्य शुरू किया। पूछताछ में उसने बताया कि उसकी मुलाकात महकाब से Ludhiana में काम के दौरान हुई थी। दोनों एक कंपनी में वेल्डिंग का काम करते थे, जहां से उनकी दोस्ती बढ़ी।

एटीएस को जांच के दौरान मुशर्रफ के मोबाइल में एक पाकिस्तानी नंबर मिला। पूछताछ में उसने दावा किया कि यह नंबर महकाब ने उसके फोन में सेव कराया था। जांच एजेंसियां अब इस नेटवर्क और उसके संपर्कों की गहराई से पड़ताल कर रही हैं।

पूछताछ में यह भी सामने आया कि मुशर्रफ हाल ही में मसूरी के कैंपटी क्षेत्र में एक ठेकेदार के पास वेल्डिंग का काम कर रहा था। वहीं, उसने एटीएस को बताया कि जालंधर रेलवे स्टेशन के पास स्थित एक अस्पताल में काम के दौरान उसके साथी के साथ मारपीट हुई थी। इस घटना के बाद गुस्से में उसने महकाब को वॉयस मैसेज भेजकर अस्पताल को बम से उड़ाने की बात कही थी।

सूत्रों के अनुसार, महकाब ने अस्पताल की लोकेशन और तस्वीर मांगी थी, जिसे मुशर्रफ ने भेज दिया। इसके बाद मामले ने गंभीर रूप ले लिया। फिलहाल यूपी एटीएस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और आने वाले दिनों में बड़े खुलासे हो सकते हैं।


जबलपुर में 75 वर्षीय वृद्धा की हत्या, कुएं में मिला बुजुर्ग महिला का शव

जबलपुर मध्य प्रदेश के जबलपुर  के रांझी थाना क्षेत्र स्थित बड़ा पत्थर इलाके में एक 75 वर्षीय महिला की हत्या से सनसनी फैल गई। मृतका का शव घर के आंगन में बने कुएं से बरामद हुआ। आशंका जताई जा रही है कि हत्या घर के भीतर की गई और बाद में शव को छिपाने के लिए कुएं में फेंक दिया गया।

पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान पुष्पा शर्मा के रूप में हुई है, जो हनुमान नगर इलाके में अकेली रहती थीं। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, जहां कुएं के पास और घर के अंदर खून के धब्बे व घसीटने के निशान मिले। घर के मुख्य दरवाजे के पास कपड़े, चादर और चप्पल भी बरामद हुईं। कमरे की दीवारों और फर्श पर खून के छींटे मिलने से साफ है कि वारदात बेहद बेरहमी से अंजाम दी गई।

जांच के दौरान पुलिस को घर से एक गगरी भी मिली, जिस पर खून के निशान पाए गए हैं। शुरुआती जांच में पुलिस को शक है कि आरोपी चोरी की नीयत से घर में घुसा था। इसी दौरान महिला की नींद खुल गई और पहचान होने के डर से आरोपी ने उन पर हमला कर दिया। हत्या के बाद आरोपी ने शव को कुएं में डालकर सबूत मिटाने की कोशिश की।

फिलहाल पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


युवक हत्या मामले में दो दोषियों को उम्रकैद, कोर्ट ने सुनाया फैसला

उन्नाव। सफीपुर क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए युवक हत्या कांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाते हुए दो आरोपियों को दोषी करार दिया है। बुधवार को मुकदमे की अंतिम सुनवाई के दौरान न्यायालय ने दोनों आरोपियों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई।

मामला उनवां गांव का है, जहां वारिस नामक व्यक्ति ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि 18 नवंबर 2021 को गांव निवासी चिरकुट और शादाब ने उसके छोटे भाई नासिर की हत्या कर दी थी। नासिर का शव घर से करीब 500 मीटर दूर एक बाग में मिला था।

पुलिस ने शिकायत के आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य जुटाकर न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। अंतिम सुनवाई में अभियोजन पक्ष की दलीलों और साक्ष्यों को आधार मानते हुए न्यायाधीश कविता मिश्रा ने दोनों आरोपियों को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।

वहीं, एक अन्य मामले में बीघापुर थाना क्षेत्र के अकबरपुर गांव निवासी त्रिलोक पांडेय को किशोरी से छेड़छाड़ के मामले में चार साल के कारावास की सजा सुनाई गई है। यह मामला वर्ष 2018 का था, जिसमें पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

इसके अलावा अजगैन थाना पुलिस द्वारा वर्ष 2021 में मादक पदार्थ के साथ पकड़े गए राजीव नगर निवासी फिरोज खान के मामले में भी अदालत ने फैसला सुनाया। न्यायालय ने आरोपी पर सात हजार रुपये का अर्थदंड लगाया है।

अदालत के इन फैसलों को लेकर इलाके में चर्चा बनी हुई है और पुलिस अधिकारियों ने इसे न्यायिक प्रक्रिया की बड़ी सफलता बताया है।


बरेली में जेबकतरा गैंग का पर्दाफाश, दो शातिर गिरफ्तार

बरेली –  बारादरी थाना पुलिस ने यक्ष एप और सीसीटीवी कैमरों की मदद से जेबकतरा गैंग का खुलासा करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। वहीं गैंग का एक अन्य साथी मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है।

मामला 31 मार्च का है, जब भुता क्षेत्र के डडिया नवाजिश अली निवासी सलीम बेग शहर किसी काम से आए थे। आरोप है कि सेटेलाइट बस स्टैंड के पास उनकी जेब काटकर 50 हजार रुपये निकाल लिए गए। पीड़ित की शिकायत पर बारादरी थाने में अज्ञात जेबकतरों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था।

घटना के खुलासे के लिए एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देश पर पुलिस टीम गठित की गई। सीओ तृतीय के नेतृत्व में पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले और यक्ष एप की मदद से संदिग्धों की पहचान की। जांच के दौरान एक संदिग्ध पर पुलिस का शक गहराया।

27 मई को मुखबिर से सूचना मिली कि मामले से जुड़े तीन संदिग्ध सेटेलाइट से कैंट जाने वाले रास्ते पर मौजूद हैं। पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए शाहजहांपुर के गिहार बस्ती निवासी रिंकू और सोनू को गिरफ्तार कर लिया। जबकि उनका साथी अरुण पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया।

पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 4150 रुपये बरामद किए हैं। पूछताछ में दोनों ने बताया कि वे टेंपो और बस स्टैंड के आसपास आने-जाने वाले लोगों, खासकर बुजुर्गों को निशाना बनाते थे। जेब काटने के बाद उनका तीसरा साथी बाइक से उन्हें मौके से फरार कर देता था। बाद में तीनों आपस में रकम का बंटवारा कर लेते थे।

फिलहाल पुलिस फरार आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और गैंग से जुड़े अन्य मामलों की भी जांच की जा रही है।


पहली पत्नी और बच्चों ने रची खूनी साजिश, चार हत्याओं के बाद स्कॉर्पियो में लगाई आग

 अजमेर जिले के बोराड़ा थाना क्षेत्र के श्रीरामपुरा गांव में सामने आए सनसनीखेज स्कॉर्पियो आगजनी कांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। शुरुआती जांच में हादसा लग रही इस घटना के पीछे चार लोगों की हत्या की साजिश सामने आई है। पुलिस के मुताबिक पूर्व सरपंच रामसिंह चौधरी, उनकी दूसरी पत्नी सुरज्ञान देवी, मां पूसी देवी और भांजी महिमा की हत्या कर शवों को स्कॉर्पियो में रखकर आग लगाई गई थी।

मामले में पुलिस ने पूर्व सरपंच की पहली पत्नी सुनीता, उसकी नाबालिग बेटी और बेटे को हिरासत में लिया है। पुलिस का दावा है कि तीनों ने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया।

जांच में सामने आया कि आरोपियों ने रात के समय घर के अंदर खेतों में इस्तेमाल होने वाले धारदार हथियार से चारों की गला रेतकर हत्या की। इसके बाद वारदात को दुर्घटना दिखाने के लिए ट्रैक्टर से डीजल निकाला गया और शवों को स्कॉर्पियो गाड़ी में डालकर घर से करीब 500 मीटर दूर ले जाया गया। वहां गाड़ी पर डीजल छिड़ककर आग लगा दी गई।

पुलिस के अनुसार घटनास्थल पर केवल नाबालिग बेटा गया था, जबकि मां और बेटी घर पर ही रहीं। आग लगाने के बाद वह वापस लौट आया और परिवार ने घटना से अनजान बनने की कोशिश की।

घटना गुरुवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे सामने आई, जब लोगों ने श्रीरामपुरा रोड पर एक स्कॉर्पियो को जलते देखा। मौके पर पहुंची पुलिस को गाड़ी पूरी तरह जली हुई मिली। तीन शव वाहन के अंदर मिले, जबकि सुरज्ञान देवी अधजली हालत में सड़क किनारे खेत में पड़ी थीं। उन्हें अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया।

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि पूर्व सरपंच दूसरी शादी के बाद पहली पत्नी और बच्चों के साथ मारपीट और प्रताड़ना करता था। आरोप है कि वह शराब के नशे में अक्सर हिंसक व्यवहार करता था। घटना से एक दिन पहले बेटी के साथ मारपीट हुई थी, जिसके बाद पहली पत्नी और बच्चों ने मिलकर हत्या की योजना बनाई।

चार लोगों की हत्या और फिर सबूत मिटाने के लिए शवों को जलाने की कोशिश से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। पुलिस फिलहाल मामले की गहन जांच कर रही है और नाबालिग आरोपी की भूमिका को लेकर कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।


कोट आत्मा राम में चली गोलियां, पार्किंग को लेकर दो पक्षों में खूनी झड़प

अमृतसर– पंजाब के अमृतसर स्थित कोट आत्मा राम इलाके में बुधवार को गाड़ी पार्किंग को लेकर शुरू हुआ विवाद अचानक हिंसक झड़प में बदल गया। दोनों पक्षों के बीच हुई फायरिंग में आम आदमी पार्टी से जुड़े जयपाल सिंह और नरेंद्र सिंह घायल हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल बन गया।

घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घटना की पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में भी कैद हो गई है, जिसकी फुटेज पुलिस ने कब्जे में ले ली है।

जानकारी के अनुसार करण और तजिंदर सिंह के बीच वाहन पार्किंग को लेकर कहासुनी हुई थी। देखते ही देखते विवाद इतना बढ़ गया कि दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए और फायरिंग शुरू हो गई। पुलिस के मुताबिक दोनों ओर से गोलियां चलने की बात सामने आई है।

घटना की सूचना मिलते ही थाना बी डिवीजन पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।

घटना के बाद दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र से आम आदमी पार्टी के विधायक डॉ. इंदरबीर सिंह निज्जर अस्पताल पहुंचे और घायलों का हालचाल जाना। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद ही विवाद की वास्तविक वजह स्पष्ट हो पाएगी।

वहीं वार्ड नंबर 47 के काउंसलर वरपाल सिंह बब्बर ने आरोप लगाया कि जयपाल सिंह पर जानलेवा हमला किया गया और उनके बेटे को भी निशाना बनाने की कोशिश की गई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोनों पक्षों के बयान दर्ज किए जा रहे हैं। फिलहाल मामले की हर एंगल से जांच जारी है।


एटीएम से एसी का आउटडोर यूनिट और कॉपर वायर चोरी करने वाली महिला गिरफ्तार

गिरफ्तार अभियुक्ता पूर्व में भी चोरी के अभियोग में जा चुकी है जेल

देहरादून। राजधानी देहरादून में बैंक के एटीएम से एयर कंडीशनर का आउटडोर यूनिट और कॉपर वायर चोरी करने वाली महिला को नगर कोतवाली पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी महिला के कब्जे से चोरी किया गया सामान भी बरामद किया गया है।

जानकारी के अनुसार, 21 मई 2026 को बैंक ऑफ इंडिया की एस्ले हॉल शाखा की वरिष्ठ शाखा प्रबंधक सुनीता शर्मा ने कोतवाली नगर में तहरीर देकर बताया था कि बैंक के बाहर लगे एटीएम से अज्ञात चोर एयर कंडीशनर का आउटडोर यूनिट और कॉपर वायर चोरी कर ले गए हैं। मामले में पुलिस ने तत्काल मुकदमा अपराध संख्या 187/26 धारा 303(2) बीएनएस के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की।

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून के निर्देश पर चलाए जा रहे “ऑपरेशन प्रहार” के तहत पुलिस टीम ने घटना स्थल का निरीक्षण कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही मुखबिर तंत्र को सक्रिय करते हुए संदिग्धों की तलाश की गई। लगातार प्रयासों के बाद 27 मई 2026 को पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कोतवाली नगर क्षेत्र से एक महिला अभियुक्ता को गिरफ्तार कर लिया।

गिरफ्तार महिला की पहचान ललिता देवी पत्नी लुटकुन साहनी निवासी आजाद कॉलोनी गोविंदगढ़ थाना कैंट, देहरादून के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी महिला के कब्जे से कैरियर कंपनी के स्प्लिट एसी का आउटडोर यूनिट और कॉपर वायर बरामद किया है, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपये बताई गई है।

पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी महिला पूर्व में भी चोरी के कई मामलों में जेल जा चुकी है। उसके खिलाफ राजपुर और कैंट थानों में चोरी और संबंधित धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है।


नागपुर-सिमडेगा पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 33 किलो से ज्यादा अफीम बरामद

सिमडेगा। महाराष्ट्र और झारखंड पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अंतरराज्यीय अफीम तस्करी के बड़े गिरोह का खुलासा हुआ है। नागपुर ग्रामीण पुलिस की नारकोटिक्स विरोधी टीम और सिमडेगा पुलिस ने मिलकर कार्रवाई करते हुए भारी मात्रा में अफीम, नकदी और तस्करी में इस्तेमाल होने वाला सामान बरामद किया है।

पुलिस के अनुसार, पूरे मामले की शुरुआत 20 मई को हुई, जब नागपुर ग्रामीण पुलिस नियमित पेट्रोलिंग कर रही थी। इसी दौरान एक ट्रक चालक को पकड़कर उसकी तलाशी ली गई, जिसमें उसके पास से करीब 237 ग्राम अफीम बरामद हुई। पूछताछ में चालक ने खुलासा किया कि उसने यह मादक पदार्थ झारखंड के सिमडेगा स्थित एक होटल से खरीदा था।

जानकारी मिलने के बाद नागपुर पुलिस की टीम आरोपी को साथ लेकर 24 मई को सिमडेगा पहुंची। यहां स्थानीय थाना पुलिस के सहयोग से संदिग्ध ठिकानों पर छापेमारी अभियान चलाया गया। जांच के दौरान होटल अंतरा के संचालक मनीष कुमार का नाम सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने उसके घर पर दबिश दी।

छापेमारी के दौरान पुलिस ने 33.767 किलोग्राम अफीम बरामद की। अधिकारियों के मुताबिक जब्त अफीम की सरकारी कीमत करीब 1.92 करोड़ रुपये आंकी गई है, जबकि अंतरराष्ट्रीय अवैध बाजार में इसकी कीमत पांच करोड़ रुपये से अधिक हो सकती है।

कार्रवाई के दौरान पुलिस को मौके से इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन, पैकिंग सामग्री, रबर बैंड और 23.35 लाख रुपये नकद भी मिले। पुलिस ने आरोपी मनीष कुमार को गिरफ्तार कर लिया है और उससे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों के बारे में पूछताछ की जा रही है।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई अंतरराज्यीय मादक पदार्थ तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता मानी जा रही है। मामले में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।


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