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हाईवे पर साधु का भेष बनाकर डॉक्टरों और वाहन चालकों को लूटने वाला शातिर आरोपी यमुनानगर पुलिस की गिरफ्त में

Category Archives: क्राइम

हाईवे पर साधु का भेष बनाकर डॉक्टरों और वाहन चालकों को लूटने वाला शातिर आरोपी यमुनानगर पुलिस की गिरफ्त में

यमुनानगर: हरियाणा के यमुनानगर में हाईवे पर लोगों की धार्मिक आस्था का फायदा उठाकर ठगी और स्नेचिंग करने वाले एक शातिर अपराधी को स्पेशल सेल की टीम ने गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी कोई असली साधु नहीं, बल्कि दढ़वा की डेहा बस्ती का रहने वाला अमीरचंद है। पुलिस के मुताबिक, यह आरोपी हाईवे पर साधु का भेष धारण कर खड़ा हो जाता था और पानी मांगने के बहाने आलीशान गाड़ियों को रुकवाकर स्नेचिंग की वारदातों को अंजाम देता था।

यह पूरा मामला 14 जून का है, जब पंचकूला के रहने वाले एक डॉक्टर अपनी कार से किसी निजी काम के लिए देहरादून जा रहे थे। जैसे ही वह करेड़ा खुर्द हाईवे के पास पहुंचे, उन्हें सड़क किनारे साधु के भेष में एक व्यक्ति दिखाई दिया। आरोपी ने प्यास लगने का नाटक कर डॉक्टर से पानी मांगा। डॉक्टर ने इंसानियत के नाते गाड़ी रोकी, लेकिन आरोपी ने उन्हें अपनी बातों के जाल में उलझा लिया। मौका मिलते ही आरोपी डॉक्टर के गले से सोने की चेन झपटकर हाईवे पार कर रफूचक्कर हो गया। डॉक्टर जब तक कुछ समझ पाते, आरोपी आंखों से ओझल हो चुका था।

पीड़ित डॉक्टर की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन शुरू की थी। जांच के दौरान स्पेशल सेल की टीम को गुप्त सूचना मिली कि एक संदिग्ध युवक बैंक कॉलोनी मोड़ के पास घूम रहा है। पुलिस टीम ने तुरंत जाल बिछाकर मौके से आरोपी को धर दबोचा। कड़ी पूछताछ में उसकी पहचान अमीरचंद (पुत्र तालाब नाथ) के रूप में हुई।

स्पेशल सेल के प्रभारी रमन चंदेल ने बताया कि आरोपी अमीरचंद ने डॉक्टर के साथ की गई स्नेचिंग की वारदात को कबूल कर लिया है। पुलिस ने आरोपी को स्थानीय अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि आरोपी ने साधु के भेष में अब तक हाईवे पर और कितने वाहन चालकों को अपना शिकार बनाया है और छीनी गई चेन को कहाँ ठिकाने लगाया है।


मवेशियों के लिए चारा लेकर जा रहे युवक को 12 हमलावरों ने घेरा, लाठी-डंडों और चाकुओं से गोदकर की हत्या

गाजीपुर: उत्तर प्रदेश के गाजीपुर जिले के अंतर्गत आते भांवरकोल थाना क्षेत्र के वीरपुर गांव में बुधवार सुबह दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ पुरानी रंजिश के चलते घात लगाए बैठे करीब 10 से 12 युवकों ने 20 वर्षीय अजय यादव उर्फ लंगा पर लाठी-डंडों और चाकुओं से ताबड़तोड़ हमला कर उसे मौत के घाट उतार दिया। अजय अपने परिवार का बड़ा बेटा था और घर पर रहकर पिता के साथ कृषि व पशुपालन के काम में हाथ बंटाता था। इस दुस्साहसिक वारदात के बाद से गांव में तनाव की स्थिति बनी हुई है।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, बुधवार सुबह लगभग 9:00 बजे अजय यादव हमेशा की तरह अपनी साइकिल से घर से निकला था। वह अपने डेरे पर रह रहे परिजनों के लिए खाना और मवेशियों के लिए चारा-जूठन लेकर जा रहा था। जैसे ही वह नहर से कुछ दूरी पर स्थित रामजी शर्मा के डेरे के पास पहुंचा, वहां पहले से ही हथियारों के साथ घात लगाए बैठे दर्जनों युवकों ने उसे चारों तरफ से घेर लिया। हमलावरों ने अजय पर लाठियों की बरसात कर दी और चाकू से गोद-गोद कर उसे लहूलुहान कर दिया।

अजय की चीख-पुकार सुनकर जब तक परिजन और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे, हमलावर फरार हो चुके थे। गंभीर रूप से घायल अजय को तुरंत प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) वीरपुर ले जाया गया, जहां से डॉक्टरों ने उसे सीएचसी मुहम्मदाबाद रेफर कर दिया। हालत में सुधार न होने पर उसे गाजीपुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल ले जाया गया, लेकिन वहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अजय की मौत की खबर मिलते ही मां मीरा देवी, पिता श्रीकांत यादव और बहन बबली का रो-रोकर बुरा हाल है।

पुलिस जांच में सामने आया है कि अजय यादव की कुछ युवकों के साथ पुरानी रंजिश चल रही थी। करीब एक साल पहले एक बारात में नाच देखने के दौरान आगे बैठने को लेकर अजय का कुछ लड़कों से विवाद और हाथापाई हुई थी। इसके बाद अक्टूबर 2025 में भी इसी तरह डेरे पर जाते समय नहर की पुलिया के पास उस पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसका केस भी दर्ज कराया गया था।

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए गांव में शांति व्यवस्था के लिए पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक ग्रामीण (SP RA) अतुल कुमार सोनकर और क्षेत्राधिकारी (CO) सुधाकर पांडेय ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। एसपी ग्रामीण अतुल कुमार सोनकर ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला पुरानी रंजिश का है। थानाध्यक्ष संतोष कुमार राय को आरोपियों की तुरंत गिरफ्तारी के सख्त निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि तहरीर मिलते ही विधिक कार्रवाई की जाएगी और दोषी चाहे कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो, उसे बख्शा नहीं जाएगा।


सेना में जाने का सपना संजोए इकलौते बेटे ने आधी रात को लगाया फंदा, माता-पिता का रो-रोकर बुरा हाल

हमीरपुर: हिमाचल प्रदेश के पटलांदर इलाके से एक बेहद दुखद और झकझोर देने वाली घटना सामने आई है। यहाँ 11वीं कक्षा में पढ़ने वाले एक छात्र अनि उर्फ मिठ्ठू ने आधी रात को संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटककर अपनी जीवनलीला समाप्त कर ली। अनि अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था और परिवार उसे भारतीय सेना में भर्ती कराने के सपने संजोए हुए था। इस खौफनाक कदम के बाद से पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई है।

परिजनों के अनुसार, घटना वाली रात घर का माहौल पूरी तरह सामान्य था। अनि ने अपनी मां अनिता और पिता बंटी के साथ रात के खाने में उड़द की दाल और चावल खाए थे। खाना खाते समय उसने मुस्कुराते हुए अपने पिता से कहा था कि उड़द की दाल में मक्खन डालने से स्वाद और बढ़ जाता है। पिता को अंदाज़ा भी नहीं था कि बेटे की यह मुस्कराहट और बातें उनकी आखिरी याद बन जाएंगी। आधी रात को जब मां की आंख खुली तो बेटे को फंदे से लटका देख उनकी चीख निकल गई।

अनि के पिता बंटी एक निजी नौकरी में हैं। साल 2007 में शादी के बाद उन्होंने आर्थिक परिस्थितियों को देखते हुए दूसरे बच्चे के बारे में नहीं सोचा था ताकि वे अपने इकलौते बेटे को एक बेहतर भविष्य दे सकें। बंटी का सपना था कि उनका बेटा अपने चचेरे भाई की तरह सेना की वर्दी पहनकर देश की सेवा करे। पिता और पुत्र में गहरा लगाव था; दोनों रोज सुबह-शाम सैर करते हुए घंटों पढ़ाई और भविष्य की योजनाएं बनाते थे। इस घटना ने हंसते-खेलते परिवार को कभी न भरने वाला जख्म दे दिया है।

इस दुखद घटना पर मेडिकल कॉलेज हमीरपुर के मनोचिकित्सक डॉ. संदीप कुमार ने अपनी राय साझा की है। उन्होंने कहा कि बच्चे इस तरह के आत्मघाती कदम अचानक नहीं उठाते, इसके पीछे कोई गहरा मानसिक तनाव हो सकता है। यदि बच्चों के व्यवहार में अचानक कोई बदलाव दिखे, तो अभिभावकों और शिक्षकों को तुरंत सतर्क हो जाना चाहिए। बच्चों से खुलकर बात करना और उनकी समस्याओं को समझना बेहद जरूरी है। यदि कोई बच्चा स्कूल के माहौल में सामंजस्य नहीं बैठा पा रहा है, तो काउंसलर की मदद लेनी चाहिए या जरूरत पड़ने पर स्कूल बदलने का विकल्प भी सोचना चाहिए।


जमीन विवाद में युवक ने चाची, दोस्त और 12 साल के चचेरे भाई को गोलियों से भूना, फिर खुद को भी मारी गोली

बटाला: पंजाब के पुलिस जिला बटाला के अंतर्गत आते थाना सेखवा के गांव मंडी कराल से एक रूह कंपा देने वाली खबर सामने आई है। यहाँ मंगलवार देर रात जमीन के विवाद को लेकर एक युवक ने अंधाधुंध फायरिंग कर अपनी चाची, चचेरे भाई और एक दोस्त की बेरहमी से हत्या कर दी। तीन लोगों को मौत के घाट उतारने के बाद आरोपी युवक ने खुद को भी गोली मारकर आत्महत्या कर ली। इस सामूहिक हत्याकांड के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, आरोपी मनजीत सिंह का अपने ही परिवार के साथ जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। मंगलवार देर रात यह विवाद इतना बढ़ गया कि मनजीत सिंह ने आपा खो दिया और घातक हथियार से अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। इस गोलीबारी की चपेट में आने से उसकी चाची हरदीप कौर, उसका दोस्त परगट सिंह और महज 12 साल का मासूम चचेरा भाई हर अमृत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और तीनों ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।

वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मनजीत सिंह ने घर के रसोई घर (किचन) में जाकर खुद पर भी गोली चला दी, जिससे उसकी भी मौके पर ही मौत हो गई। गांव में ताबड़तोड़ गोलियों की आवाज सुनकर हड़कंप मच गया और तुरंत इसकी सूचना स्थानीय पुलिस को दी गई।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल भारी संख्या में मौके पर पहुंचा। पुलिस ने देर रात करीब 1:30 बजे चारों शवों को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम और आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए बटाला के सिविल अस्पताल भिजवा दिया। सिविल अस्पताल में तैनात डॉक्टर कर्मबीर सिंह ने पुष्टि की है कि चारों को मृत अवस्था में ही अस्पताल लाया गया था। फिलहाल पुलिस ने मौका-ए-वारदात को सील कर दिया है और मामले की गहनता से तफ्तीश कर रही है।


जमीन विवाद में समझौता कराने गए पूर्व सरपंच के भाई की सरेआम गोली मारकर हत्या

लुधियाना: पंजाब के लुधियाना जिले के अंतर्गत आते थाना डेहलों क्षेत्र से एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ एक गांव में जमीन के पुराने विवाद में मध्यस्थता (समझौता) कराने गए 70 वर्षीय बुजुर्ग की दूसरे पक्ष ने बेरहमी से हत्या कर दी। मृतक की पहचान सविंदर सिंह उर्फ बिंदर के रूप में हुई है, जो गांव के पूर्व सरपंच के भाई थे। पुलिस ने इस मामले में हत्या समेत कई गंभीर धाराओं में केस दर्ज कर मुख्य आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।

मृतक की पत्नी परमजीत कौर द्वारा पुलिस को दी गई शिकायत के अनुसार, यह पूरी घटना 23 जून को घटित हुई। गांव में जमीन को लेकर दो पक्षों के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। सविंदर सिंह अपने परिचित केवल सिंह और उसके बेटे गोलू के साथ मौके पर पहुंचे थे। वहां केवल सिंह का अपने भाई मेघ सिंह और उसके परिवार के साथ झगड़ा हो रहा था। सविंदर सिंह एक जिम्मेदार नागरिक के तौर पर दोनों पक्षों को समझा-बुझाकर मामला शांत कराने और समझौता करवाने का प्रयास कर रहे थे।

परमजीत कौर का आरोप है कि बातचीत के दौरान ही मेघ सिंह, उसका बेटा गोलू, गोपी पंडित का बेटा और करीब चार अन्य अज्ञात लोग अचानक उग्र हो गए। इन लोगों ने जान से मारने की नीयत से घातक हथियारों के साथ सविंदर सिंह पर हमला बोल दिया। हमलावरों ने सविंदर सिंह को उठाकर बेरहमी से जमीन पर पटक दिया, जिससे वह गंभीर रूप से चोटिल हो गए। इसी बीच वहां मौजूद गोपी नामक शख्स ने पिस्तौल निकालकर सविंदर सिंह पर सीधी गोली दाग दी। गोली लगने के बाद सविंदर सिंह लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़े, जिसके बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए।

वारदात के बाद पुलिस ने सविंदर सिंह के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवा दिया है। इस मामले में पुलिस ने मेघ सिंह, गोलू, गोपी और चार अज्ञात हमलावरों के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। केस की जांच सब-इंस्पेक्टर प्रदीप सिंह को सौंपी गई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों के संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है और जल्द ही सभी दोषियों को गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।


पुरानी रंजिश बनी जानलेवा, लोनी में युवक की चाकू मारकर हत्या

गाजियाबाद/लोनी: उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद अंतर्गत लोनी के अंकुर विहार थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। यहाँ विजय विहार कॉलोनी में मंगलवार रात पुरानी रंजिश के चलते एक 24 वर्षीय युवक की चाकू से गोदकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। मृतक की पहचान जीवन गेट कॉलोनी निवासी आफताब (पुत्र शकील) के रूप में हुई है, जो पेशे से ऑटो चालक था। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए।

पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, आफताब का कुछ दिनों पहले विजय विहार कॉलोनी के रहने वाले कुछ युवकों से किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। मंगलवार रात जब आफताब किसी काम से विजय विहार कॉलोनी पहुंचा, तो वहां दूसरे पक्ष के लोग उसे मिल गए। देखते ही देखते दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हो गई और गाली-गलौज होने लगी। विवाद इस कदर बढ़ा कि आरोपियों ने तैश में आकर आफताब पर चाकू से ताबड़तोड़ कई वार कर दिए।

चीख-पुकार और शोर-शराबा सुनकर जब तक आसपास के लोग इकट्ठा होते, आरोपी मौके का फायदा उठाकर वहां से भाग निकले। स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से खून से लथपथ आफताब को तुरंत नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। आफताब की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया है और परिजनों ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी व सख्त कार्रवाई की मांग की है।

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। अंकुर विहार के एसीपी अमरदीप मौर्य ने बताया कि शुरुआती जांच में हत्या की वजह पुरानी रंजिश सामने आई है। नामजद आरोपी फिलहाल अपने घरों से फरार हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित कर संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही सभी आरोपियों को सलाखों के पीछे भेज दिया जाएगा।


आईवीएफ और सरोगेसी के नाम पर महाधोखा: बच्चा चोरी गैंग का पर्दाफाश, 16 गिरफ्तार, 7 नवजात बरामद

नई दिल्ली: नवजात बच्चों की तस्करी और खरीद-फरोख्त करने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि यह गिरोह संतान की चाह रखने वाले बेऔलाद दंपतियों को ‘आईवीएफ तकनीक’ और ‘सरोगेसी’ (किराए की कोख) का झांसा देकर ठग रहा था। गिरोह के सदस्य बकायदा 9 महीने तक इलाज के नाम पर दंपतियों से लाखों रुपये वसूलते थे और बाद में किसी गरीब परिवार से खरीदा हुआ बच्चा उन्हें सौंप देते थे।

इसी सिलसिले में दिल्ली पुलिस के स्पेशल स्टाफ ने सोमवार को उत्तराखंड के ऋषिकेश में छापेमारी कर एक और नवजात को बरामद किया और एक 32 वर्षीय महिला को गिरफ्तार किया। हैरान करने वाली बात यह है कि गिरफ्तार महिला इस बात से पूरी तरह अनजान थी कि जो बच्चा उसकी गोद में है, वह उसका नहीं बल्कि खरीदा हुआ है।

महिला ने पूछताछ में बताया कि उसकी शादी को 12 साल हो चुके थे और पति को पैरालिसिस (लकवा) था। परिवार को बच्चे की चाह थी, जिसके बाद एक रिश्तेदार के कहने पर वे मुख्य आरोपी डॉ. विवेकी से मिले। डॉक्टर ने उन्हें आईवीएफ और सरोगेसी का झांसा दिया। करीब 9 महीने तक फर्जी इलाज के नाम पर मोटी रकम ऐंठने के बाद, 4 जून को कागजी कार्रवाई का नाटक कर उन्हें यह बच्चा सौंप दिया गया।

पुलिस इस मामले में अब तक 7 नवजात बच्चों को बरामद कर चुकी है, जबकि अस्पताल की मालकिन डॉ. विवेकी समेत 16 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इससे पहले पुलिस ने रोहिणी (दिल्ली) से गरिमा जैन और उनके ससुर सतीश जैन को गिरफ्तार किया था, जिन्होंने डॉ. विवेकी से 9.30 लाख रुपये में बच्चा खरीदा था। मामले का मुख्य सूत्रधार प्रवेश जैन फिलहाल फरार है।

मध्य जिला पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, इस गिरोह के तार दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और गुजरात से जुड़े हैं। गिरोह के सदस्य राजस्थान और गुजरात के गरीब परिवारों को चंद रुपयों (10 से 15 हजार) का लालच देकर उनके नवजात बच्चे खरीद लेते थे। इसके बाद ‘प्रतिभा’ नाम की महिला और हीरा मल्टीस्पेशियलिटी अस्पताल के जरिए ऐसे बेऔलाद दंपतियों को टारगेट किया जाता था, जो कानूनी रूप से बच्चा गोद लेना चाहते थे। गिरोह इन मासूमों को 5 से 10 लाख रुपये में बेच देता था। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, यह गिरोह पिछले डेढ़ साल में करीब 30 बच्चों का सौदा कर चुका है। फिलहाल पुलिस बिहार, आगरा और दिल्ली-एनसीआर में बेचे गए अन्य बच्चों की तलाश में जुटी है।


77 वर्षीय महिला हत्याकांड का खुलासा, चोरी के इरादे से घुसे तीन आरोपी गिरफ्तार

शिमला/रोहड़ू: हिमाचल प्रदेश के जिला शिमला के रोहड़ू उपमंडल के तहत आने वाले शलाश डोगरी क्षेत्र में हुई 77 वर्षीय बुजुर्ग महिला की अंधाधुंध हत्या के मामले को शिमला पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इस जघन्य अपराध में शामिल नेपाली मूल के तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पकड़े गए तीनों आरोपी चिड़गांव और टिक्कर क्षेत्र के सेब के बगीचों में काम करते हैं।

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) शिमला, मेहर पंवर ने पत्रकारों से बातचीत में बताया कि 17 जून की सुबह पुलिस को सूचना मिली थी कि गीता देवी (77) अपने घर में मृत अवस्था में पाई गई हैं। पुलिस ने तकनीकी विश्लेषण, खुफिया सूत्रों और कड़े प्रयासों की मदद से जब संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की, तो उन्होंने अपना जुर्म कबूल कर लिया।

पूछताछ में सामने आया कि आरोपी चोरी के इरादे से बुजुर्ग महिला के घर में दाखिल हुए थे। इसी दौरान महिला की आंख खुल गई और उन्होंने आरोपियों को देख लिया। अपनी पहचान उजागर होने के डर से आरोपियों ने बुजुर्ग महिला पर डंडे से ताबड़तोड़ वार कर उन्हें मौत के घाट उतार दिया। हत्या के बाद आरोपी मौके से ₹10,000 की नकदी और सोने का एक पेंडेंट चुराकर फरार हो गए थे।

आरोपियों की हुई पहचान, सामान बरामदगी की कोशिश जारी
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल किया गया डंडा बरामद कर लिया है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान इस प्रकार हुई है:

लाल बहादुर उर्फ लालू (28 वर्ष): निवासी नेपाल, वर्तमान में टिक्कर क्षेत्र।

नवीन (19 वर्ष): निवासी नेपाल, वर्तमान में चिड़गांव क्षेत्र।

संतोष (20 वर्ष): निवासी नेपाल, वर्तमान में टिक्कर क्षेत्र।

पुलिस ने रोहड़ू थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि चोरी की गई नकदी और सोने के पेंडेंट को बरामद किया जा सके।


एसएसपी दून की कुशल रणनीति से शातिर चोर आया दून पुलिस की गिरफ्त में

01 शातिर चोर को किया गिरफ्तार।

अभियुक्त के कब्जे से घटना में चोरी किये गये मोबाइल फोन व अन्य सामान बरामद

देहरादून- दिनाँक 21-06-2026 को वादी श्री संदीप वर्मा निवासी निरजनपुर चक्की टोला कोतवाली पटेलनगर देहरादून द्वारा कोतवाली पटेलनगर देहरादून पर आकर एक लिखित तहरीर दी गयी कि किसी अज्ञात चोर द्वारा उनके घर से उनके मोबाईल फोन, नगदी व अन्य सामान चोरी कर लिया है। तहरीर के आधार पर कोतवाली पटेलनगर पर मु0अ0सं0-385/2026 धारा-305(ए) बीएनएस का अभियोग पंजीकृत किया गया।

घटना के अनावरण तथा अभियुक्त की गिरफ्तारी हेतु वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा कोतवाली पटेलनगर पर गठित पुलिस टीम को आवश्यक निर्देश दिये गये। निर्देशों के अनुपालन में पुलिस टीम द्वारा घटना स्थल तथा उसके आस-पास व आने जाने वाले रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की सहायता से संदिग्धों के सम्बन्ध में आवश्यक जानकारिंया एकत्रित करते हुए मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। साथ ही सुरागरसी पतारसी करते हुए पूर्व में इस प्रकार के अभियोगों में प्रकाश में आये अभियुक्तों की वर्तमान स्थिती का भौतिक सत्यापन किया गया। पुलिस टीम द्वारा किये जा रहे प्रयासों के परिणाम स्वरूप दिनांक 22-06-26 को कोतवाली क्षेत्रान्तर्गत सघन चैकिंग अभियान के दौरान बागडियों वाली गली निकट सब्जी मण्डी देहरादून के पास से एक अभियुक्त आकाश पुत्र राजपाल को उक्त घटना में चोरी किये गये 03 मोबाइल फोन तथा अन्य सामान के साथ गिरफ्तार किया गया। अभियुक्त द्वारा बताया गया कि वो नशे का आदी है तथा अपने नशे की आवश्यकताओं की पूर्ति के लिये उसके द्वारा उक्त चोरी की घटना को अंजाम दिया गया था।

विवरण गिरफ्तार अभियुक्त : आकाश पुत्र राजपाल निवासी मुजफ्फराबाद थाना फतेहपुर जिला स हारनपुर उ0प्र0 हाल पता: ब्रह्मपुरी चौक कोतवाली पटेलनगर देहरादून उम्र -25 वर्ष

बरामदगी:
01: घटना में चोरी किये गये अलग-अलग कम्पनियों के 03 मोबाइल फोन।

02: घटना में चोरी किया गया अन्य सामान।

पुलिस टीम
1-उ0नि0 प्रवीण पुण्डीर चौकी प्रभारी बाजार कोतवाली पटेलनगर देहरादून ।
2-अ0उ0नि0 मोहन सिंह नेगी
3-हे0का0 सुशील कुमार
4-का0 प्रवीण कुमार


मैनपुरी साइबर पुलिस की बड़ी कामयाबी: ऑनलाइन ठगी के शिकार युवक के खाते से उड़े ₹99,500 कराए वापस

मैनपुरी: उत्तर प्रदेश के मैनपुरी में साइबर थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ऑनलाइन ठगी के शिकार एक युवक की डूबी हुई पूरी रकम वापस कराने में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस की इस तत्परता के चलते पीड़ित के खाते से निकाले गए करीब एक लाख रुपये मंगलवार को सुरक्षित वापस आ गए।

प्राप्त जानकारी के अनुसार, मैनपुरी कोतवाली क्षेत्र के पुलिस लाइन के पास रहने वाले अवधेश सिंह के पास कुछ दिनों पहले एक अज्ञात नंबर से कॉल आई थी। कॉल करने वाले शातिर ठग ने उन्हें अपनी बातों के जाल में उलझा लिया और उनके बैंक खाते से जुड़ी बेहद संवेदनशील और गोपनीय जानकारी हासिल कर ली। जानकारी हाथ लगते ही ठग ने अवधेश के खाते से 99,500 रुपये की बड़ी धनराशि पार कर दी।

खाते से पैसे कटने का मैसेज मोबाइल पर आते ही पीड़ित अवधेश के होश उड़ गए। उन्होंने बिना समय गंवाए तुरंत राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन नंबर ‘1930’ पर अपनी शिकायत दर्ज कराई और साथ ही संबंधित बैंक अधिकारियों को भी इस धोखाधड़ी की सूचना दी।

शिकायत मिलते ही साइबर थाना पुलिस तुरंत एक्शन में आई और ठगों द्वारा ट्रांसफर की गई रकम को आगे जाने से रोकते हुए खाते को फ्रीज (Freeze) करा दिया। पुलिस के प्रयासों के बाद मंगलवार को अवधेश के खाते से निकाली गई पूरी की पूरी धनराशि वापस दिला दी गई, जिससे पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली है।


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