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ईसागढ़ रोड पर खड़ी कार में मिले युवक-युवती के खून से लथपथ शव, अंदर मिली पिस्टल, कुल्हाड़ी और कटर

Category Archives: क्राइम

ईसागढ़ रोड पर खड़ी कार में मिले युवक-युवती के खून से लथपथ शव, अंदर मिली पिस्टल, कुल्हाड़ी और कटर

अशोकनगर (मध्य प्रदेश): मध्य प्रदेश के अशोकनगर में ईसागढ़ रोड पर बुधवार देर रात एक सुनसान जगह पर खड़ी कार के अंदर युवक-युवती के शव मिलने से पूरे इलाके में हड़कंप मच गया है। महाना गांव के पास खड़ी कार की अगली सीट पर रितिक सोनी (26) और मुस्कान जैन (24) की खून से लथपथ लाशें मिली हैं। कार के अंदर से पिस्टल, कुल्हाड़ी, कटर और पिछली सीट पर जलने के निशान मिलने के बाद पुलिस हत्या और आत्महत्या, दोनों ही पहलुओं से मामले की तफ्तीश कर रही है।

परिजनों के मुताबिक, रितिक और मुस्कान बुधवार शाम को घर से निकले थे। देर रात तक जब दोनों वापस नहीं लौटे और उनके मोबाइल बंद आए, तो परेशान परिवार देहात थाने पहुंचा। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने शुरुआत में गुमशुदगी दर्ज करने में लापरवाही बरती, जिसके बाद उन्होंने खुद लोकेशन ट्रेस कराई।

लोकेशन ईसागढ़ रोड पर मिलने के बाद रात करीब 3 बजे जब पुलिस टीम मौके पर पहुंची, तो कार के अंदर दोनों के शव बरामद हुए। युवक के सिर में गोली लगने का निशान था, जबकि युवती के शरीर पर गहरी चोटें थीं।

रितिक के पिता ने बताया कि उनके बेटे का चेहरा झुलसा हुआ था और कार की पिछली सीट भी जली हुई मिली। इसके अलावा:

कार से करीब 50 फीट दूर तीन मोबाइल फोन और कुछ टोपियां बिखरी पड़ी थीं।

कार के अंदर से खून लगी कुल्हाड़ी और कटर बरामद हुआ।

पिता का आरोप है कि घटनास्थल के साक्ष्य साफ तौर पर एक सुनियोजित हत्या (Planned Murder) की ओर इशारा कर रहे हैं।

परिजनों के अनुसार, रितिक और मुस्कान दो-तीन साल पहले इंदौर की एक निजी कंपनी में साथ काम करते थे और तभी से दोनों के बीच दोस्ती थी। रितिक इंदौर में ही कार इंटीरियर का बिजनेस करता था और 15 दिन पहले अशोकनगर आया था। मुस्कान भी अशोकनगर की ही रहने वाली थी। हालांकि, दोनों के बीच प्रेम प्रसंग था या नहीं, इस पर परिवार ने अभी कुछ नहीं कहा है।

देहात थाना प्रभारी भुवनेश शर्मा ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला बेहद संदिग्ध है। कार से मिली पिस्टल, कुल्हाड़ी और कटर को फोरेंसिक जांच (FSL) के लिए भेज दिया गया है। जिला अस्पताल में दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम कराया गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह साफ हो पाएगी। फिलहाल साइबर टीम कॉल डिटेल्स और लोकेशन हिस्ट्री खंगाल रही है।


करनाल में नशे के लिए पैसों को लेकर विवाद, भाई ने सगे भाई की कर दी हत्या

करनाल (हरियाणा): करनाल के रास रेजिडेंसी इलाके में बुधवार आधी रात को नशे की लत के चलते एक दिल दहला देने वाली वारदात सामने आई है। यहां स्मैक के आदी एक युवक ने अपने ही सगे भाई से नशे के लिए पैसे मांगे। जब भाई ने पैसे देने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने गुस्से में आकर कांच की टूटी बोतल से उसके गले पर वार कर उसे मौत के घाट उतार दिया।

 मृतक की पहचान 28 वर्षीय कमल शर्मा के रूप में हुई है, जो खेती-बाड़ी करता था और शादीशुदा था। पुलिस के अनुसार, कमल का भाई कपिल लंबे समय से स्मैक के नशे का आदी है और कोई काम नहीं करता था। बुधवार रात करीब 12 बजे कपिल ने कमल से नशे के लिए पैसों की मांग की। कमल के मना करने पर दोनों के बीच तीखी बहस शुरू हो गई।

इसी दौरान कपिल ने घर में रखी कांच की एक बोतल तोड़ी और उसके नुकीले हिस्से से कमल के गले पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। घटना के वक्त दोनों की मां भी घर में ही मौजूद थीं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया।

 गंभीर रूप से घायल कमल को तुरंत कल्पना चावला राजकीय मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल ले जाया गया। अत्यधिक खून बह जाने के कारण डॉक्टरों के तमाम प्रयासों के बावजूद कमल की जान नहीं बचाई जा सकी और इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।

 घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-32/33 थाना पुलिस और फोरेंसिक (FSL) की टीम मौके पर पहुंची। FSL टीम ने घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य और नमूने एकत्र किए हैं। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भिजवा दिया है।

 सेक्टर-32/33 थाना प्रभारी जगदीश कुमार ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मामला नशे के लिए पैसे न मिलने पर सगे भाई की हत्या का है। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और फरार आरोपी कपिल की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है।


गुरु रंधावा से जुड़े जिम फायरिंग केस में बड़ा खुलासा, लॉरेंस गैंग के दो और सहयोगी गिरफ्तार

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने पंजाबी सिंगर गुरु रंधावा से जुड़े एक जिम के बाहर हुई गोलीबारी के मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पश्चिमी दिल्ली में हुई एक संक्षिप्त मुठभेड़ (Encounter) के बाद लॉरेंस बिश्नोई और अनिल पंडित गैंग के दो कथित शूटरों को गिरफ्तार कर लिया है। मुठभेड़ के दौरान दोनों आरोपियों के पैर में गोली लगी है।

 पकड़े गए शूटरों की पहचान हकीकत और सागर के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, ये दोनों बीती 11 जून को पश्चिम विहार इलाके में स्थित जिम के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग करने के बाद से ही फरार चल रहे थे।

स्पेशल सेल को पुख्ता जानकारी मिली थी कि दोनों आरोपी पश्चिमी दिल्ली में किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने आने वाले हैं। आउटर रिंग रोड पर सुबह करीब 4 बजे जब पुलिस टीमों ने उन्हें रोकने की कोशिश की, तो आरोपियों ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में पुलिस ने भी गोलियां चलाईं, जो दोनों के पैरों में लगीं। पुलिस ने मौके से इनके पास से अवैध हथियार भी बरामद किए हैं।

जांच में सामने आया है कि इस फायरिंग के पीछे लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े गैंगस्टर अनिल पंडित का हाथ है, जो फिलहाल अमेरिका में बैठकर अपना नेटवर्क चला रहा है। वारदात के बाद अनिल पंडित ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट डालकर इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। पोस्ट में दावा किया गया था कि सिंगर गुरु रंधावा की बॉलीवुड अभिनेता सलमान खान से कथित नजदीकी के कारण इस जिम को निशाना बनाया गया था।

जिम पर हुई इस फायरिंग के दौरान कुल 7 राउंड गोलियां चली थीं, हालांकि राहत की बात यह रही कि कोई घायल नहीं हुआ था। मामले की जांच कर रही क्राइम ब्रांच ने इससे पहले हरियाणा के सोनीपत के रहने वाले दो अन्य आरोपियों, अरमान (19) और तुषार उर्फ ताशु (21) को बहादुरगढ़ से गिरफ्तार किया था। अब स्पेशल सेल इस बात की गहन जांच कर रही है कि इस पूरी साजिश के पीछे मुख्य मकसद और कौन-कौन से चेहरे शामिल हैं।


दिल्ली साइबर सेल का बड़ा एक्शन, निर्यातकों से ठगी करने वाले फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़

नई दिल्ली: दिल्ली पुलिस की साइबर सेल ने देश के निर्यातकों (Exporters) को निशाना बनाने वाले एक हाईटेक धोखाधड़ी गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने एक फर्जी कॉल सेंटर पर छापेमारी कर उसके मालिक प्रदीप कुमार और मुख्य आरोपी सम्मी कुमार गिरी समेत 18 लोगों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों में 14 महिलाएं और 4 पुरुष शामिल हैं।

नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर मिली लगातार शिकायतों के बाद जब पुलिस ने कड़ियां जोड़ीं, तो ‘INDIA2EXPORTS.COM’ नाम की एक फर्जी वेबसाइट का पता चला। यह गिरोह सीधे उन भारतीय व्यापारियों को निशाना बनाता था जो अपना सामान विदेशों में बेचना चाहते थे।

विश्वास जीतने के लिए आरोपी अंतरराष्ट्रीय व्हाट्सएप (WhatsApp) नंबरों का इस्तेमाल करते थे और खुद विदेशी खरीदार (Foreign Buyers) बनकर पीड़ितों से नकली चैटिंग करते थे।

निर्यातकों को बड़े विदेशी ऑर्डर और एक्सपोर्ट सर्टिफिकेट दिलाने के नाम पर यह गिरोह अलग-अलग चरणों में पैसे ऐंठता था:

पंजीकरण शुल्क: ₹5,000

सर्विस पैकेज: ₹19,780

ग्लोबल GAP व अन्य सर्टिफिकेट: ₹41,300 अतिरिक्त

जैसे ही पीड़ित यह पूरी रकम ट्रांसफर कर देते, आरोपी तुरंत अपने सभी नंबर बंद कर गायब हो जाते थे। पुलिस के अनुसार, अब तक दर्ज हुई 19 शिकायतों में यह गिरोह करीब 10,57,780 रुपये की ठगी कर चुका है।

नई दिल्ली जिले के साइबर पुलिस स्टेशन की टीम ने जब कॉल सेंटर पर छापा मारा, तो वहां से भारी मात्रा में इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद हुए। पुलिस ने मौके से 20 मोबाइल फोन, 35 सिम कार्ड, 6 लैपटॉप, 9 सीपीयू और एक डेबिट कार्ड जब्त किया है। फिलहाल बरामद डिजिटल डेटा का विश्लेषण किया जा रहा है ताकि बाकी पीड़ितों का भी पता लगाया जा सके।

दिल्ली पुलिस की चेतावनी: सभी निर्यातक किसी भी ऑनलाइन सर्विस प्रोवाइडर को पेमेंट करने से पहले उनकी साख (Credibility) की ठीक से जांच कर लें। किसी भी तरह के साइबर फ्रॉड का शिकार होने पर तुरंत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें।


किच्छा में STF की बड़ी कार्रवाई, 15.70 लाख की हेरोइन के साथ तस्कर गिरफ्तार

किच्छा- STF की एंटी नार्कोटिक्स कुमाऊं यूनिट ने नशा तस्करों के विरुद्ध बड़ी कार्यवाही करते हुए किच्छा कोतवाली क्षेत्र में किच्छा पुलिस के साथ संयुक्त कार्यवाही करते हुए एक अभियुक्त से लगभग 15.70 लाख अंतरराष्ट्रीय मूल्य की कुल 52.46 ग्राम हेरोइन बरामद की।

माननीय मुख्यमंत्री उत्तराखंड के ड्रग्स फ्री देवभूमि अभियान के तहत पुलिस महानिदेशक उत्तराखण्ड दीपम सेठ द्वारा निर्गत निर्देशो के क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एस.टी.एफ.श्री अजय सिंह द्वारा राज्य को ड्रग्स फ्री बनाने के दृष्टिगत राज्य एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (A.N.T.F.) एस.टी.एफ. को युवाओं में बढ़ती नशे की प्रवृति, राज्य में नशे का कारोबार करने वाले अपराधियों को चिन्हित कर ड्रग्स के विरूद्ध प्रभावी कार्यवाही किये जाने हेतु उत्तराखण्ड के समस्त जनपदों में कड़ी निगरानी रखने हेतु निर्देशित किया है ।  इसी क्रम में उत्तराखण्ड STF की एण्टी नारकोटिक्स टास्क फोर्स कुमायूँ टीम द्वारा तकनीकी व मैनुअल इनपुट विकसित कर सटीक कार्यवाही करते हुए कोतवाली किच्छा क्षेत्र में स्थानीय पुलिस को साथ लेकर एक अभियुक्त से कुल 52.46 ग्राम हीरोइन बरामद की जिसकी अंतरराष्ट्रीय कीमत लगभग 15.70 लाख रुपए है।

अभियुक्त ने पूछताछ में बताया कि वो बहेड़ी से सस्ते दामों में हेरोइन खरीदकर उसे लालपुर,किच्छा,रुद्रपुर क्षेत्र में ऊंची कीमत पर बेचा करता था।

STF द्वारा अभियुक्त के फारवर्ड व बैकवर्ड लिंकेज की जानकारी की जा रही है।।

गिरफ्तार अभियुक्त –

गुरमुख सिंह पुत्र सतनाम सिंह निवासी गुरू द्वारा वाली गली लाल पुर किच्छा उधम सिंह नगर
उम्र लगभग 50 साल

बरामदगी –
1- 52.46 ग्राम हेरोइन
2- एक मोटरसाइकिल UK06J5873

STF  एंटी नार्कोटिक्स टीम –
1. निरीक्षक पावन स्वरुप
2. आरक्षी वीरेंद्र चौहान
3. आरक्षी इसरार अहमद

कोतवाली किच्छा पुलिस टीम

1- SHO रवि सैनी
2- SI बसंत कुमार
3- हे काo दीपक सिंह चौहान


देहरादून में अवैध शराब तस्करी पर बड़ी कार्रवाई, स्कूटी सवार गिरफ्तार

देहरादून- आबकारी विभाग जनपदीय प्रवर्तन देहरादून टीम द्वारा अवैध शराब के विरुद्ध प्रभावी कार्यवाही करते हुए ,श्रीमती प्रेरणा बिष्ट सहायक आबकारी आयुक्त जनपदीय प्रवर्तन देहरादून एवं जयबीर सिंह आबकारी निरीक्षक प्रवर्तन दल देहरादून के नेतृत्व में  अवैध शराब की बिक्री की रोकथाम हेतु रायपुर रांझावाला वाला मार्ग अभिनन्दन वैडिंग प्वाइंट के समीप एक दुपहिया वाहन UK07 1320 को रोकने का प्रयास किया गया, रोके जाने पर स्कूटी की तलाशी लेने पर स्कूटी के पायदान पर रखे काले रंग के बैग और सफेद रंग के प्लास्टिक के कट्टटे से 24 पव्वे एमसीडी नम्बर व्हिस्की तथा 48 पव्वे रॉयल स्टैग, 48 पव्वे इपीरियल ब्लू व्हस्की तथा 72 केन beeyongh (500ml)बियर बरामद की गयी !बरामद शुदामाल व मौके में प्रयुक्त वाहन को कब्जे मे लेकर अभियुक्त सोनू S/O किसनपाल निवासी नरेंदरपुर थाना नरसाना हाल पता आयुद्ध विहार ,गढ़वाली कलोनी थाना रायपुर जिला देहरादून को गिरफ्तार कर आबकारी अधिनियम की धारा 60/72 के अंतर्गत मुकदमा पंजीकृत किया गया है


60 लाख की चोरी का खुलासा: नौकरानी, प्रेमी और सर्राफ गिरफ्तार, जेवरात बरामद

कानपुर: उत्तर प्रदेश के कानपुर अंतर्गत स्वरूप नगर इलाके में एक नामी कारोबारी के घर हुई ₹60 लाख की सनसनीखेज चोरी के मामले को पुलिस ने सुलझा लिया है। पुलिस ने इस मामले में घर की नौकरानी (किशोरी), उसके प्रेमी मोहम्मद यूनुस और चोरी का माल खरीदने वाले जौहरी (सर्राफ) मोहम्मद महताब को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से सोने के बिस्कुट, कीमती आभूषण और नकदी बरामद कर ली गई है।

डीसीपी सेंट्रल अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बुधवार को इस घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि स्वरूप नगर निवासी विकास शुक्ला, जिनका रेस्टोरेंट, स्वीट हाउस और आयुर्वेदिक दवाओं का बड़ा कारोबार है, उन्होंने अपने पालतू कुत्ते की देखभाल के लिए 16 जून को एक एजेंसी के माध्यम से एक किशोरी को ₹14,000 मासिक वेतन पर काम पर रखा था। नौकरी पर लगते ही शातिर किशोरी ने पूरे घर की रेकी की। अगले ही दिन यानी 17 जून को साफ-सफाई का बहाना बनाकर उसने घर के पिछले हिस्से का दरवाजा खुला छोड़ दिया। जैसे ही कारोबारी अपने काम पर निकले, उसने अलमारी में रखे करीब ₹60 लाख के जेवरात और नकदी पर हाथ साफ कर दिया।

वारदात को अंजाम देने के बाद किशोरी नौबस्ता निवासी अपने बॉयफ्रेंड मोहम्मद यूनुस के साथ फरार हो गई। जब वह अगले दिन काम पर नहीं आई, तो कारोबारी को शक हुआ और अलमारी चेक करने पर चोरी का पता चला। पुलिस जांच और सीसीटीवी फुटेज से सामने आया कि दोनों पिछले एक साल से संपर्क में थे और काकादेव इलाके में लिव-इन में रह रहे थे। चोरी करने के बाद दोनों ने एक टैक्सी किराए पर ली और दिल्ली, लखनऊ, अजमेर शरीफ होते हुए राजस्थान के मशहूर हिल स्टेशन माउंट आबू घूमने निकल गए। वहां दोनों ने चोरी की रकम से जमकर मौज-मस्ती की और लाखों रुपये पानी की तरह बहाए।

पुलिस लगातार दोनों के मोबाइल नंबर ट्रैक कर रही थी। माउंट आबू में रहने के दौरान यूनुस ने अपने एक दोस्त को फोन मिलाया, जिससे पुलिस को उसकी सटीक लोकेशन मिल गई। पुलिस टीम ने तुरंत दबिश देकर दोनों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में यूनुस ने कबूला कि उसने चोरी का एक सोने का ब्रेसलेट नौबस्ता के सर्राफ मोहम्मद महताब को ₹2.20 लाख में बेचा था, जिसके बाद पुलिस ने आरोपी सर्राफ को भी दबोच लिया।

पुलिस ने आरोपियों के पास से सोने का कड़ा, हार, सोने के बिस्कुट, टॉप्स और ₹24,000 नकद बरामद किए हैं, हालांकि एक हीरे की अंगूठी अभी बरामद होना बाकी है। पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ सख्त विधिक कार्रवाई करते हुए उन्हें जेल भेज दिया है।


एपीके फाइल भेजकर खाते खाली करने वाले साइबर ठग गिरफ्तार, लाखों रुपये और उपकरण बरामद

रामपुर: उत्तर प्रदेश की रामपुर पुलिस को साइबर अपराधियों के खिलाफ एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना पटवाई पुलिस ने सोहना पुल के पास चेकिंग के दौरान एक लग्जरी थार गाड़ी से तीन शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी मोबाइल फोन में खतरनाक एपीके (APK) फाइल भेजकर लोगों का डेटा और बैंक खाता हैक कर लेते थे। पुलिस ने इनके पास से ₹7.5 लाख नकद, लैपटॉप, एटीएम कार्ड और कई फर्जी दस्तावेज बरामद किए हैं।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात पटवाई थाना पुलिस को मुखबिर से गाड़ी में साइबर अपराधियों के घूमने की सूचना मिली थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए सोहना पुल पर घेराबंदी कर एक थार गाड़ी को रोका। गाड़ी में सवार आरोपियों की पहचान प्रहलाद सिंह (निवासी काशीराम नगर, मुरादाबाद), विवेक कुमार और हरविंदर सिंह (दोनों निवासी ग्राम बेनजीर, रामपुर) के रूप में हुई है।

आरोपियों की कार की तलाशी लेने पर पुलिस को ₹7,50,000 नकद, एक डेल लैपटॉप, पेटीएम स्वाइप मशीन, 6 मोबाइल फोन, विभिन्न कंपनियों की 6 फर्जी मोहरें, 4 बिल बुक, अलग-अलग बैंकों के 18 एटीएम कार्ड, 15 चेकबुक, 4 पासबुक सहित पासपोर्ट और अन्य जरूरी पहचान पत्र बरामद हुए हैं।

पूछताछ में आरोपियों ने साइबर ठगी के इस खेल का पूरा तरीका कबूला:

APK फाइल से हैकिंग: आरोपी आकर्षक बहानों और लालच भरे मैसेज के जरिए लोगों के मोबाइल पर एंड्रायड पैकेज किट (APK) फाइल भेजते थे। जैसे ही पीड़ित इसे डाउनलोड करता, उनका फोन हैक हो जाता था और आरोपी नेट बैंकिंग का एक्सेस हासिल कर लेते थे।

गरीबों के खातों का इस्तेमाल: ठगी की रकम को छिपाने के लिए ये आरोपी गरीब लोगों को पैसों का लालच देकर उनके नाम पर करंट और बिजनेस अकाउंट खुलवाते थे।

टैक्स बचाने का बहाना: खाताधारकों को शक न हो, इसके लिए आरोपी खुद को बड़ा बिजनेसमैन बताते थे और कहते थे कि वे टैक्स बचाने के लिए इन खातों का उपयोग कर रहे हैं। आरोपी फर्जी कंपनियां बनाकर और फर्जी दस्तावेज तैयार कर इन खातों को पूरी तरह अपने नियंत्रण में रखते थे। यहां तक कि वे ओटीपी (OTP) के लिए संबंधित सिम कार्ड और हस्ताक्षरित चेकबुक भी अपने पास ही रखते थे।

पटवाई थाना प्रभारी धनंजय सिंह ने बताया कि पकड़े गए तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब इस बात की गहनता से जांच कर रही है कि यह गिरोह कब से सक्रिय था और अब तक कितने करोड़ रुपये की ठगी को अंजाम दे चुका है। इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी की जा रही है।


जौनपुर के सरपतहां में 5 वर्षीय मासूम बालक के साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म,आरोपी गिरफ्तार

जौनपुर: उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले के सरपतहां थाना क्षेत्र अंतर्गत सदरुद्दीनपुर गांव से एक रूह कंपा देने वाली वारदात सामने आई है। यहाँ मंगलवार देर रात एक शादी समारोह से घर लौट रहे महज 5 साल के मासूम बच्चे को बंधक बनाकर गांव के ही एक व्यक्ति ने अप्राकृतिक दुष्कर्म (पॉक्सो एक्ट के तहत) की वारदात को अंजाम दिया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है।

जानकारी के अनुसार, गांव के रहने वाले विजय नामक व्यक्ति के घर बारात आई हुई थी। इस मांगलिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गांव का ही एक 5 वर्षीय बच्चा भी गया था। रात करीब 11 बजे तक जब बच्चा घर वापस नहीं लौटा, तो उसकी मां चिंतित होकर उसे ढूंढने निकली, लेकिन उसका कहीं पता नहीं चला। इसके कुछ देर बाद मासूम बच्चा रोते-बिलखते हुए अपने घर पहुंचा और आपबीती सुनाई।

पीड़ित बच्चे ने परिजनों को बताया कि जब वह बारात से अपने घर वापस आ रहा था, तभी रास्ते में आरोपी ने उसका मुंह बंद कर दिया और उसे जबरन पास के जंगल में ले गया। वहां आरोपी ने उसके साथ अप्राकृतिक दुष्कर्म किया। इतना ही नहीं, किसी को इस बारे में न बताने की हिदायत देते हुए आरोपी ने बच्चे को लात-घूसों से बेरहमी से पीटा भी ताकि वह खामोश रहे।

मासूम की हालत देख परिजन तुरंत उसे नजदीकी अस्पताल में उपचार के लिए ले गए, जहां उसका इलाज जारी है। बुधवार को परिजनों ने सरपतहां थाने पहुंचकर आरोपी के खिलाफ लिखित तहरीर दी। सरपतहां के थाना प्रभारी कमल किशोर राय ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर संबंधित गंभीर धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया गया है। पुलिस ने त्वरित एक्शन लेते हुए नामजद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है।


एआई से फर्जी अश्लील वीडियो बनाकर युवती को ब्लैकमेल करने वाला युवक गिरफ्तार

मेरठ: उत्तर प्रदेश के मेरठ से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के जरिए साइबर क्राइम और ब्लैकमेलिंग का एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहाँ एक युवक ने अपनी ही पुरानी सहेली की शादी तय होने पर उसे एआई जनित अश्लील (Deepfake) वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी ने पीड़िता से 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगी और रकम न मिलने पर वह वीडियो युवती के मंगेतर को फेसबुक पर भेज दिया। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को नोएडा से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, पीड़िता मेरठ के सदर बाजार थाना क्षेत्र की रहने वाली है। वह दिल्ली-एनसीआर के नोएडा में रहकर पढ़ाई कर रही थी, जहां करीब एक साल पहले उसकी मुलाकात विलास राज नाम के युवक से हुई थी। दोनों के बीच दोस्ती हो गई। हाल ही में जब युवती के परिजनों ने उसकी शादी कहीं और तय कर दी, तो विलास राज की नीयत बिगड़ गई और उसने युवती को ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया।

आरोपी विलास राज ने अत्याधुनिक एआई (AI) तकनीक का इस्तेमाल कर युवती का एक फर्जी अश्लील वीडियो तैयार किया और उसे डराकर 5 लाख रुपये मांगे। डरी-सहमी पीड़िता ने मामले को रफा-दफा करने के लिए आरोपी को 1 लाख रुपये दे भी दिए, लेकिन आरोपी बाकी के 4 लाख रुपये के लिए अड़ा रहा। जब युवती ने और पैसे देने से इनकार किया, तो आरोपी विलास राज ने वह डीपफेक वीडियो युवती के मंगेतर के फेसबुक मैसेंजर पर भेज दिया। इसके बाद पीड़िता ने परिजनों के साथ सदर बाजार थाने में मुकदमा दर्ज कराया। एसपी सिटी विनायक भोसले ने बताया कि पुलिस टीम ने जाल बिछाकर आरोपी विलास राज को नोएडा से दबोच लिया है।


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